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  • किचन से आ रही थी तेज बदबू, सीमेंट के नीचे छिपा था राज; मां की हत्या के बाद शव दफनाकर फरार हुआ बेटा!

    किचन से आ रही थी तेज बदबू, सीमेंट के नीचे छिपा था राज; मां की हत्या के बाद शव दफनाकर फरार हुआ बेटा!

    नई दिल्ली । ओडिशा के पुरी से सामने आया एक खौफनाक हत्याकांड लोगों को हैरान कर रहा है। यहां एक व्यक्ति पर अपनी बुजुर्ग मां की हत्या करने के बाद उसके शव को किराए के मकान की रसोई के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप है। इतना ही नहीं शव को छिपाने के लिए उसके ऊपर सीमेंट की चुनाई भी करा दी गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब मकान मालिक को किचन से लगातार बदबू आने लगी और महिला कई दिनों से दिखाई नहीं दी। बेटे के अचानक घर से गायब होने के बाद शक और गहरा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की तो रसोई के फर्श का एक हिस्सा बाकी जगहों की तुलना में नया और सीमेंट से ढका हुआ मिला।

    घटना पुरी शहर के कुंभारापाड़ा इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक मां और बेटा करीब दो महीने से इस किराए के मकान में रह रहे थे। पड़ोसियों के अनुसार कुछ दिनों से बुजुर्ग महिला दिखाई नहीं दे रही थी। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य बात माना लेकिन जब उसका बेटा भी अचानक घर छोड़कर चला गया और रसोई से तेज दुर्गंध आने लगी तो मकान मालिक को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर साइंटिफिक टीम को बुलाया। जांच के दौरान किचन के उस हिस्से को तोड़ने का फैसला लिया गया जिस पर नया सीमेंट लगा हुआ था। सीमेंट की परत हटाई गई तो पुलिस के सामने जो दृश्य आया उसने सभी को हैरान कर दिया। फर्श के नीचे महिला का सड़ा गला शव दफन मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल महिला की आधिकारिक पहचान और उसकी मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होने की उम्मीद है।

    पुलिस को आशंका है कि महिला के बेटे ने ही हत्या की वारदात को अंजाम दिया और फिर शव को घर के अंदर छिपाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। घटना के बाद से बेटा फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या आखिर किस वजह से की गई और क्या इसके पीछे कोई पारिवारिक विवाद या अन्य कारण था।

    मकान मालकिन मनोरमा साहू के मुताबिक मां और बेटा करीब दो महीने से यहां रह रहे थे। महिला को पिछले कई दिनों से नहीं देखा गया था जबकि बेटा भी अचानक मकान छोड़कर चला गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बेटा जगन्नाथ भजनों से जुड़े एक स्टूडियो में काम करता था और महिला भीख मांगकर अपना गुजारा करती थी। पड़ोसियों ने मां और बेटे के बीच किसी बड़े विवाद की जानकारी होने से इनकार किया है। यही वजह है कि घर के अंदर शव मिलने की घटना ने आसपास के लोगों को और भी चौंका दिया।

    पुरी के एसपी प्रतीक सिंह के मुताबिक मामले की जांच के लिए पुलिस टीम बनाई गई है। घटनास्थल से फोरेंसिक सैंपल भी जुटाए गए हैं। पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह जानने के साथ फरार बेटे की तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि मां बेटे ने मकान किराए पर लेते समय कौन से दस्तावेज दिए थे और क्या उनकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी मकान मालिक के पास मौजूद है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन जिस तरह से रसोई के फर्श के नीचे शव को दफनाकर उसके ऊपर सीमेंट की परत चढ़ाई गई उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बदबू नहीं आती तो शायद यह खौफनाक राज लंबे समय तक दबा रह जाता।

  • कर्नाटक में ऑनलाइन बिक रहा था जहरीला धतूरा, Amazon, Instamart और BigBasket के फूड लाइसेंस निलंबित

    कर्नाटक में ऑनलाइन बिक रहा था जहरीला धतूरा, Amazon, Instamart और BigBasket के फूड लाइसेंस निलंबित

    नई दिल्ली ।कर्नाटक में जहरीले धतूरा फल और बीज की ऑनलाइन बिक्री के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने Amazon, Instamart और BigBasket से जुड़े फूड लाइसेंस को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धतूरा के फल और बीज को मानव इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराए जाने की शिकायतों और जांच के बाद की गई।

    धतूरा एक जहरीला पौधा माना जाता है और इसके फल तथा बीज का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी वजह से खाद्य पदार्थों की श्रेणी में इसकी बिक्री और वितरण को लेकर विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई। जांच के दौरान अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धतूरा के फल और बीज बिक्री के लिए प्रदर्शित पाए गए।

    जांच में कुछ ऐसे पैकेट भी सामने आए जिन पर फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज था। विभाग के अनुसार, धतूरा जैसे जहरीले उत्पादों को खाद्य पदार्थ के रूप में स्टोर करना, बेचना या वितरित करना स्वीकार्य नहीं है। जांच के दौरान ऐसे उत्पादों के गोदामों में रखे होने की जानकारी भी सामने आई, जिससे खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को विभाग के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। कंपनियों से ऑनलाइन बिक्री, उत्पादों की उपलब्धता और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज मांगे गए।

    Amazon की ओर से इस मामले में अपना जवाब दाखिल नहीं किया गया। वहीं Instamart ने अपने स्तर पर की गई कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। BigBasket ने बताया कि उसने धतूरा के फलों की ऑनलाइन बिक्री रोक दी है। कंपनी की ओर से भविष्य में ऐसे उत्पादों की लेबलिंग को स्पष्ट करने की बात भी कही गई।

    BigBasket ने यह भी कहा कि ऐसे उत्पादों पर मानव उपभोग के लिए नहीं होने की स्पष्ट चेतावनी दी जाएगी। हालांकि, नियामक विभाग ने कंपनियों की ओर से दिए गए जवाब और स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना। विभाग का कहना है कि जहरीले उत्पादों को खाद्य पदार्थ के तौर पर उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से स्वीकार्य नहीं है।

    कार्रवाई के तहत Amazon, Instamart और BigBasket के संबंधित फूड लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। लाइसेंस की बहाली आगे की सुनवाई और कंपनियों की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद ही हो सकेगी। इस दौरान कंपनियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का पालन करना होगा।

    विभाग ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से धतूरा के फल और बीज की उन सभी लिस्टिंग और विज्ञापनों को तत्काल हटाने या निलंबित करने का निर्देश दिया है, जिनमें इन्हें खाद्य पदार्थ या मानव उपभोग के लिए उपलब्ध बताया गया हो। साथ ही धतूरा उत्पादों की आपूर्ति करने वाले संबंधित विक्रेताओं और सप्लायरों के लाइसेंस तथा रजिस्ट्रेशन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    इस कार्रवाई से ऑनलाइन खाद्य बिक्री में उत्पादों की जांच, सही लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जिम्मेदारी एक बार फिर सामने आई है। विभाग की सख्ती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहरीले या मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पदार्थ खाद्य उत्पादों के रूप में उपभोक्ताओं तक न पहुंचें।

  • IND vs SL: भारत के 503 रन के जवाब में श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा, तीसरे दिन मुकाबला जल्दी खत्म होने की बढ़ी संभावना

    IND vs SL: भारत के 503 रन के जवाब में श्रीलंका पर फॉलोऑन का खतरा, तीसरे दिन मुकाबला जल्दी खत्म होने की बढ़ी संभावना


    नई दिल्ली ।
    भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। भारत ने पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के नुकसान के बाद घोषित की और इसके जवाब में श्रीलंका ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट खोकर केवल आठ रन बनाए। इस स्थिति ने मेजबान टीम के सामने फॉलोऑन बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

    भारत की पहली पारी में ध्रुव जुरेल सबसे बड़े आकर्षण रहे। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 115 रन बनाए और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुरेल ने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और पारी को संभालने के साथ ही जरूरत पड़ने पर आक्रामक शॉट भी लगाए। यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक रहा।

    जुरेल को दूसरे छोर पर ऋषभ पंत का अच्छा साथ मिला। पंत ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 63 रन बनाए और भारतीय पारी को गति प्रदान की। दोनों बल्लेबाजों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। इससे पहले देवदत्त पडिक्कल ने भी शतक लगाकर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया था।

    भारतीय बल्लेबाजी में कई खिलाड़ियों ने योगदान दिया, जिसके चलते टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही। कप्तान शुभमन गिल ने भी उपयोगी पारी खेली। भारत ने अपनी स्थिति को देखते हुए 503 रन पर पारी घोषित करने का फैसला किया, ताकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर पर्याप्त समय के साथ दबाव बनाया जा सके।

    श्रीलंका की पहली पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। भारत की ओर से तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और स्पिनर मानव सुथार ने शुरुआती झटके दिए। श्रीलंका ने केवल आठ रन के स्कोर तक अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। खराब रोशनी और बारिश के कारण खेल प्रभावित होने के बाद दिन का खेल समाप्त हुआ, लेकिन भारत ने इतने कम स्कोर पर ही श्रीलंका को दोहरा झटका दे दिया था।

    अब तीसरे दिन श्रीलंका के सामने सबसे बड़ी चुनौती फॉलोऑन से बचने की होगी। टेस्ट क्रिकेट के नियमों के अनुसार पांच दिन के मुकाबले में पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल करने वाली टीम विपक्षी टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला सकती है। भारत ने 503 रन बनाए हैं, इसलिए श्रीलंका को फॉलोऑन से बचने के लिए कम से कम 304 रन तक पहुंचना होगा।

    इस लिहाज से श्रीलंका को अभी लंबा रास्ता तय करना है। टीम के आठ रन पर दो विकेट गिर चुके हैं और भारत के पास 495 रन की विशाल बढ़त मौजूद है। यदि भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में कुछ और विकेट हासिल कर लेते हैं, तो श्रीलंका पर पारी से हार का खतरा और बढ़ सकता है।

    श्रीलंका के लिए चुनौती इसलिए भी कठिन है क्योंकि टीम अपने कुछ प्रमुख बल्लेबाजों की अनुपस्थिति से जूझ रही है। ऐसे में नए और अपेक्षाकृत कम अनुभवी बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित आक्रमण का सामना करते हुए लंबे समय तक क्रीज पर टिकना होगा।

    भारत की कोशिश अब श्रीलंका की पहली पारी को जल्द समेटकर बड़ी बढ़त हासिल करने की होगी। अगर भारतीय गेंदबाज लगातार विकेट निकालते हैं, तो मैच तीसरे दिन ही निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में मौसम और पिच की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए श्रीलंका के लिए वापसी की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा सकती।

  • India Hockey Team: अर्जेंटीना ने दूसरे राउंड में हराया, भारतीय टीम अब सातवें स्थान के लिए बेल्जियम से भिड़ेगी

    India Hockey Team: अर्जेंटीना ने दूसरे राउंड में हराया, भारतीय टीम अब सातवें स्थान के लिए बेल्जियम से भिड़ेगी

    नई दिल्ली ।भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 विश्व कप में खिताब जीतने का सपना अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 की हार के साथ समाप्त हो गया। दूसरे राउंड के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम को सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए जीत की जरूरत थी, लेकिन अर्जेंटीना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारत ने अंतिम चरण में वापसी की कोशिश की, लेकिन शुरुआती नुकसान की भरपाई नहीं कर सका।

    मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम के लिए अच्छी नहीं रही। अर्जेंटीना ने शुरुआती मिनटों में ही गोल करके भारत पर दबाव बना दिया। भारतीय खिलाड़ियों को अपनी रक्षापंक्ति संभालने और गेंद पर नियंत्रण बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने लगातार हमले किए और भारतीय सर्किल में कई बार प्रवेश करते हुए गोल करने के अवसर बनाए।

    अर्जेंटीना ने इसके बाद अपनी बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम को लगातार दो गोल का नुकसान झेलना पड़ा, जिससे मुकाबले में वापसी की चुनौती बढ़ गई। भारत ने जवाबी हमलों के जरिए दबाव बनाने का प्रयास किया और सुखजीत सिंह ने गोल कर टीम की उम्मीदों को कुछ हद तक जीवित रखा। हालांकि अर्जेंटीना ने अपनी आक्रामक रणनीति में कोई बड़ी कमी नहीं आने दी।

    दूसरे और तीसरे क्वार्टर में भी अर्जेंटीना का दबदबा बना रहा। भारतीय डिफेंस को लगातार हमलों का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने पेनल्टी कॉर्नर और तेज आक्रमण का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए भारतीय गोलपोस्ट पर खतरा बनाए रखा। टॉमस डोमेन ने भी गोल कर अर्जेंटीना की बढ़त को मजबूत किया और भारत के लिए मुकाबला और कठिन हो गया।

    अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। सुखजीत सिंह ने अपना दूसरा गोल किया, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर भारत के स्कोर को तीन तक पहुंचाया। इन गोलों के बाद भारतीय टीम ने दबाव बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना की बढ़त इतनी मजबूत थी कि मुकाबले का परिणाम बदलना संभव नहीं हो सका।

    अर्जेंटीना की ओर से जोआक्विन टोस्कानी ने दो गोल किए, जबकि निकोलस डेला टोरे और टॉमस डोमेन ने भी टीम के लिए महत्वपूर्ण गोल दागे। अर्जेंटीना ने पूरे मुकाबले में आक्रमण और रक्षात्मक संयोजन के बीच बेहतर संतुलन बनाए रखा। भारत को कई मौकों पर गोल करने के अवसर मिले, लेकिन उन्हें निर्णायक परिणाम में बदलने में टीम सफल नहीं रही।

    इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद पूरी तरह समाप्त हो गई। दूसरे राउंड में भारतीय टीम के लिए मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और लगातार हार ने उसकी स्थिति कमजोर कर दी। अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए करो या मरो जैसा था, लेकिन टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी।

    विश्व कप में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद भारतीय टीम के सामने अब टूर्नामेंट का समापन बेहतर स्थिति में करने की चुनौती है। भारत सातवें और आठवें स्थान के लिए मुकाबला खेलेगा, जहां उसका सामना बेल्जियम से होना है। टीम की कोशिश इस मुकाबले में जीत दर्ज कर विश्व कप अभियान का सकारात्मक अंत करने की होगी।

  • शतक पूरा होते ही जुरेल ने किया पिता-दादा को सलाम, ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू के पीछे छिपी है भावुक कहानी

    शतक पूरा होते ही जुरेल ने किया पिता-दादा को सलाम, ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू के पीछे छिपी है भावुक कहानी


    नई दिल्ली ।
    श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए नाबाद 115 रन की पारी खेली। जुरेल का यह टेस्ट करियर का दूसरा शतक रहा। हालांकि उनकी इस शानदार पारी से ज्यादा चर्चा उस अंदाज की हो रही है जिसमें उन्होंने अपना शतक पूरा करने के बाद जश्न मनाया। शतक पूरा होते ही जुरेल ने पहले सलाम किया और फिर अपने बाइसेप्स पर बने जय जवान जय किसान टैटू को दिखाया। उनका यह सेलिब्रेशन सिर्फ मैदान पर खुशी जाहिर करने का तरीका नहीं था बल्कि अपने परिवार की जड़ों को सम्मान देने का भावुक पल भी था।

    जुरेल ने खुद बताया कि उनके इस खास टैटू और सलाम के पीछे उनके पिता और दादा की कहानी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उनके दादा किसान थे जबकि उनके पिता सेना में रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपनी जिंदगी की इन दोनों महत्वपूर्ण जड़ों को जय जवान जय किसान के रूप में अपने शरीर पर हमेशा के लिए दर्ज कराया है। जुरेल के मुताबिक शतक के बाद किया गया सलाम उनके पिता और दादा के लिए था। उनके इस खुलासे के बाद उनका सेलिब्रेशन और भी खास बन गया।

    मैच में जुरेल ने बेहद धैर्य और समझदारी के साथ बल्लेबाजी की। वह 99 रन तक काफी सहज नजर आए लेकिन जैसे ही शतक के करीब पहुंचे श्रीलंकाई गेंदबाजों ने दबाव बढ़ा दिया। 99 के स्कोर पर असीथा फर्नांडो ने अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी की और फील्डिंग भी काफी सख्त कर दी गई। जुरेल ने एक गेंद पर सीधा शॉट खेला और उन्हें लगा कि गेंद फील्डर से पहले गैप में निकल जाएगी। लेकिन जब उन्होंने फील्डर को तेजी से गेंद की तरफ आते देखा तो उन्हें अंदाजा हो गया कि एक रन के लिए उन्हें पूरी ताकत लगानी होगी। जुरेल ने दौड़ लगाई और डाइव लगाकर अपना शतक पूरा कर लिया।

    इस पारी के दौरान जुरेल को ऋषभ पंत का भी शानदार साथ मिला। दोनों ने मिलकर 112 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। पंत ने अपने आक्रामक अंदाज में 63 रन बनाए जबकि जुरेल ने परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी करते हुए पारी को मजबूती दी। जुरेल ने माना कि पंत जैसे अनुभवी खिलाड़ी से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलता है। बल्लेबाजी के दौरान वह अलग अलग परिस्थितियों को लेकर पंत से सलाह भी लेते रहे।

    जुरेल ने यह भी साफ किया कि वह पंत की तरह बल्लेबाजी करने की कोशिश नहीं करते। उनके मुताबिक हर खिलाड़ी का अपना स्वाभाविक अंदाज होता है और टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती भी इसी में है कि खिलाड़ी अपनी शैली के मुताबिक खेलता है। जुरेल ने अपनी बल्लेबाजी में यह समझने पर जोर दिया कि किस गेंदबाज के खिलाफ आक्रमण करना है और किसके स्पेल को संभलकर खेलना है।

    दिन के अंत में पंत के दाएं कंधे में परेशानी के कारण जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाली। जुरेल ने बताया कि टीम पंत की फिटनेस पर नजर रख रही है और उम्मीद है कि वह जल्द पूरी तरह फिट हो जाएंगे। इस बीच मोहम्मद सिराज ने भी जुरेल की पारी में अहम भूमिका निभाई। सिराज ने 29 गेंदों तक जुरेल का साथ दिया और उन्हें शतक पूरा करने का मौका दिया।

    भारतीय टीम ने दूसरे दिन 503 रन पर 9 विकेट के स्कोर पर पारी घोषित की। इसके बाद श्रीलंका की पारी लड़खड़ा गई और दिन का खेल खत्म होने तक उसके दो विकेट महज 8 रन पर गिर चुके थे। लेकिन इस पूरे दिन की सबसे यादगार तस्वीर ध्रुव जुरेल के शतक और उसके बाद किया गया वह सलाम रहा जिसने क्रिकेट के मैदान पर एक बेटे और पोते की ओर से अपने परिवार की जड़ों को सम्मान देने की खूबसूरत कहानी लिख दी।

  • मराठी नहीं आई तो 20 हजार जुर्माना!’ अफवाह से सड़क पर उतरे ऑटो-टैक्सी ड्राइवर, फडणवीस बोले- ऐसा कोई मकसद नहीं

    मराठी नहीं आई तो 20 हजार जुर्माना!’ अफवाह से सड़क पर उतरे ऑटो-टैक्सी ड्राइवर, फडणवीस बोले- ऐसा कोई मकसद नहीं


    नई दिल्ली ।
    महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के विरोध प्रदर्शन तक पहुंच गया है। राज्य सरकार के मराठी भाषा से जुड़े फैसले को लेकर सोमवार को मुंबई और आसपास के कई इलाकों में ड्राइवरों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान ड्राइवरों के बीच भारी जुर्माने और लाइसेंस रद्द होने जैसी खबरें तेजी से फैलने लगीं। मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ड्राइवरों को मराठी भाषा का विशेषज्ञ बनाना नहीं है बल्कि उन्हें इतनी मराठी सिखाना है जिससे वे यात्रियों से सामान्य बातचीत कर सकें।

    मुंबई के कांदिवली मलाड वेस्ट दहिसर अंधेरी और आसपास के कई इलाकों में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के विरोध की खबर सामने आई। कुछ जगहों पर प्रदर्शन कर रहे ड्राइवरों ने दूसरे ड्राइवरों को यात्रियों को ले जाने से रोकने की कोशिश भी की। इससे सुबह के व्यस्त समय में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विरोध के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैल गया कि अगर किसी ड्राइवर को कामकाजी मराठी नहीं आती है तो उस पर 5 हजार से 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

    इसी अफवाह ने ड्राइवरों की चिंता बढ़ा दी। अधिकारियों के मुताबिक ड्राइवरों के बीच भ्रामक जानकारी फैलने के कारण स्थिति बिगड़ी। बोरीवली RTO के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी माना कि इस मुद्दे को लेकर गलत जानकारी प्रसारित हुई थी। इसके बाद सरकार को स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत महसूस हुई।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार का मकसद किसी ड्राइवर को मराठी का एक्सपर्ट बनाना नहीं है। उन्हें सिर्फ इतनी मराठी आनी चाहिए जिससे वह यात्रियों से बातचीत कर सकें और रोजमर्रा के काम में भाषा का इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए पहले ही पर्याप्त समय दिया गया है और अगर उन्हें अतिरिक्त समय की जरूरत होगी तो सरकार उस पर भी विचार कर सकती है।

    फडणवीस ने यह भी कहा कि किसी भी ड्राइवर का लाइसेंस केवल इस वजह से तुरंत रद्द नहीं किया गया है। उनका कहना था कि भाषा सीखने के मामले में सरकार का जोर समझ विकसित करने पर है न कि अनावश्यक सख्ती पर। यानी सरकार चाहती है कि दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र में आकर काम करने वाले ड्राइवर भी स्थानीय यात्रियों से बुनियादी स्तर पर मराठी में संवाद कर सकें।

    वहीं परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने नियमों को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि अगर कोई RTO अधिकारी निर्धारित समय से पहले ड्राइवर पर जुर्माना लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सरकार की ओर से भाषा सीखने के लिए तय समयसीमा को लेकर आगे की प्रक्रिया भी बताई गई है। मंत्री के मुताबिक निर्धारित अवधि में कामचलाऊ मराठी नहीं सीखने वाले ड्राइवरों को अतिरिक्त समय दिया जा सकता है और नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे विवाद के बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम भी सरकार से ड्राइवरों पर तत्काल जुर्माना न लगाने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि कुछ ड्राइवरों को नोटिस अवधि पूरी होने से पहले ही भारी जुर्माने का डर दिखाया जा रहा है। अब मुख्यमंत्री की सफाई के बाद सरकार की कोशिश यही है कि भाषा सीखने के फैसले को लेकर फैली अफवाहों पर विराम लगे और ड्राइवरों को नियमों की वास्तविक स्थिति समझाई जा सके।

  • ‘धुरंधर’ के बाद अब असुरों के गुरु बनेंगे अक्षय खन्ना, ‘महाकाली’ का टीजर देखकर फैंस हुए हैरान; 2027 में होगा बड़ा मुकाबला

    ‘धुरंधर’ के बाद अब असुरों के गुरु बनेंगे अक्षय खन्ना, ‘महाकाली’ का टीजर देखकर फैंस हुए हैरान; 2027 में होगा बड़ा मुकाबला


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय खन्ना एक बार फिर अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज से दर्शकों को चौंकाने की तैयारी में हैं। फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार से चर्चा बटोरने के बाद अब अक्षय खन्ना पौराणिक फिल्म महाकाली में असुरों के गुरु शुक्राचार्य की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म की पहली झलक सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। टीजर में अक्षय खन्ना का अंदाज इतना प्रभावशाली नजर आ रहा है कि फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई दर्शकों ने टीजर देखने के बाद इसे रोंगटे खड़े कर देने वाला बताया है।

    महाकाली का निर्देशन पूजा अपर्णा कोल्लुरू कर रही हैं। फिल्म की कहानी पौराणिक कथाओं से प्रेरित है और इसमें देवताओं तथा असुरों के बीच संघर्ष को एक बड़े सिनेमाई अंदाज में पेश किया जाएगा। अक्षय खन्ना फिल्म में शुक्राचार्य का किरदार निभा रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शुक्राचार्य असुरों के गुरु और बेहद विद्वान तथा शक्तिशाली आचार्य माने जाते हैं। टीजर में उनके किरदार को रहस्यमय और प्रभावशाली रूप में दिखाया गया है।

    टीजर की शुरुआत एक बच्चे के रोने की आवाज से होती है। इसके बाद अक्षय खन्ना की दमदार आवाज सुनाई देती है। शुक्राचार्य के रूप में वह देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन और अमृत वितरण पर सवाल उठाते नजर आते हैं। उनके संवादों में असुरों के साथ हुए कथित अन्याय और उनके अधिकारों को लेकर आक्रोश दिखाई देता है। जैसे जैसे टीजर आगे बढ़ता है अक्षय खन्ना का लुक सामने आता है और उनके किरदार की ताकत की झलक दर्शकों को दिखाई जाती है। उनका गेटअप और संवाद अदायगी फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा देती है।

    फिल्म में महाकाली की भूमिका अभिनेत्री भूमि शेट्टी निभा रही हैं। टीजर के आखिर में उनके किरदार की भी झलक देखने को मिलती है। भूमि इससे पहले कन्नड़ और तेलुगू टेलीविजन प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी हैं और बिग बॉस कन्नड़ का भी हिस्सा रह चुकी हैं। अब महाकाली के जरिए वह बड़े पर्दे पर एक अलग तरह की भूमिका में नजर आने वाली हैं।

    टीजर रिलीज होने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अक्षय खन्ना के लुक और उनकी आवाज की तारीफ की है। कुछ दर्शकों ने कहा कि अक्षय खन्ना लगातार अलग अलग किरदारों में खुद को साबित कर रहे हैं। वहीं भूमि शेट्टी की झलक ने भी लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। फिल्म के भव्य विजुअल्स और पौराणिक विषय ने दर्शकों के बीच अभी से माहौल बना दिया है।

    मेकर्स के मुताबिक महाकाली को 8 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म हिंदी के साथ तमिल तेलुगू मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज होगी। खास बात यह है कि बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला गोविंदा के बेटे यशवर्धन की डेब्यू फिल्म हीरो की हिरोइन से होने वाला है। ऐसे में जनवरी 2027 में दर्शकों को एक तरफ पौराणिक और भव्य कहानी देखने को मिलेगी तो दूसरी तरफ बॉलीवुड में एक नए चेहरे की शुरुआत भी होगी। अभी फिल्म की रिलीज में समय है लेकिन अक्षय खन्ना के शुक्राचार्य अवतार ने इसकी चर्चा जरूर तेज कर दी है।

  • शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    नई दिल्ली । शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बॉलीवुड की उन जोड़ियों में शामिल हैं जिन्हें दर्शकों ने पर्दे पर खूब पसंद किया। दोनों ने मोहब्बतें, देवदास और जोश जैसी फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने खूब सुर्खियां बटोरीं। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब दोनों के बीच फिल्मों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान खींचा। हैरानी की बात यह थी कि ऐश्वर्या राय को शाहरुख खान की करीब पांच फिल्मों से बाहर कर दिया गया था। बाद में खुद शाहरुख खान ने इस फैसले को लेकर माना था कि उन्हें इसका अफसोस है।

    इस कहानी का सबसे चर्चित हिस्सा साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म चलते चलते से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म के लिए ऐश्वर्या राय को पहली पसंद माना जा रहा था और वह फिल्म में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाली थीं। लेकिन शूटिंग के दौरान परिस्थितियां बदल गईं और ऐश्वर्या की जगह रानी मुखर्जी को फिल्म में शामिल किया गया। फिल्म में शाहरुख और रानी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और चलते चलते बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

    ऐश्वर्या को फिल्म से हटाए जाने की वजह के तौर पर उस समय सलमान खान से जुड़े विवाद का जिक्र सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार सलमान और ऐश्वर्या के रिश्ते में चल रहे तनाव का असर शूटिंग के माहौल पर भी पड़ा था। बताया गया कि सलमान के सेट पर आने और वहां पैदा हुए विवाद के कारण शूटिंग प्रभावित हुई। ऐसे में फिल्म के निर्माताओं के सामने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की चुनौती थी। बाद में ऐश्वर्या और सलमान दोनों ने शाहरुख से माफी भी मांगी थी लेकिन फिल्म की स्थिति को देखते हुए फैसला बदलना संभव नहीं हुआ।

    हालांकि यह मामला सिर्फ चलते चलते तक सीमित नहीं रहा। ऐश्वर्या राय ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि ऐसी कई फिल्में थीं जिनमें वह शाहरुख खान के साथ काम करने वाली थीं लेकिन अचानक उन्हें उन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। इनमें वीर जारा और कल हो ना हो जैसी फिल्मों के नाम भी सामने आए। ऐश्वर्या ने माना था कि जब बिना किसी स्पष्ट वजह के कोई फिल्म हाथ से निकल जाए तो कलाकार के लिए यह स्वाभाविक रूप से दुख पहुंचाने वाला होता है। उनके मुताबिक ऐसी परिस्थितियों में इंसान खुद से सवाल करने लगता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

    दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय बाद शाहरुख खान ने भी इस फैसले को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया था कि ऐश्वर्या को फिल्मों से हटाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था और उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक निर्माता के तौर पर कई बार फैसले अकेले नहीं लिए जाते। उनके साथ पूरी टीम और दूसरे प्रोडक्शन पार्टनर्स भी जुड़े होते हैं और फिल्म को तय समय में पूरा करने की जिम्मेदारी होती है।

    शाहरुख ने ऐश्वर्या की प्रोफेशनलिज्म की भी तारीफ की थी। उन्होंने माना कि वह उनकी पसंदीदा को-स्टार्स में से एक रही हैं और उनके साथ काम करने का अनुभव अच्छा रहा है। उनके मुताबिक उस समय लिया गया फैसला व्यक्तिगत से ज्यादा पेशेवर परिस्थितियों से जुड़ा था।

    बाद के वर्षों में शाहरुख और ऐश्वर्या ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखा। दोनों की दोस्ती और फिल्मों में साथ काम करने की यादें आज भी बॉलीवुड के चर्चित किस्सों में शामिल हैं। यह कहानी यह भी दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार बड़े सितारों के बावजूद किसी प्रोजेक्ट से जुड़ा अंतिम फैसला सिर्फ एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता। परिस्थिति, निर्माता, समय और फिल्म की जरूरतें भी अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं शाहरुख का बाद में अपनी गलती स्वीकार करना इस पुराने विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू माना जाता है।

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    Shah Rukh Khan, Aishwarya Rai, Bollywood News, Chalte Chalte, Bollywood Controversy

  • बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने

    बारिश और बदलते मौसम में तेजी से झड़ रहे हैं बाल तो आज से करें ये काम बाल बनेंगे मजबूत और घने


    नई दिल्ली। बालों को खूबसूरत और मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। बालों की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतों पर ध्यान देना भी काफी महत्वपूर्ण है। बदलते मौसम खासकर बारिश के दिनों में बालों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। नमी और पसीने के कारण स्कैल्प चिपचिपा हो सकता है और डैंड्रफ जैसी समस्या परेशान कर सकती है। इसके अलावा तनाव खराब खानपान नींद की कमी और बालों पर ज्यादा केमिकल इस्तेमाल करने से भी बाल कमजोर होकर टूटने लग सकते हैं। ऐसे में बालों की जड़ों से लेकर उनकी लंबाई तक सही देखभाल करना जरूरी है।

    बालों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले स्कैल्प की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। पसीना और गंदगी लंबे समय तक स्कैल्प पर जमा रहने से बालों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अपनी स्कैल्प की जरूरत के अनुसार किसी हल्के शैंपू से बालों को साफ करें। बहुत ज्यादा शैंपू करने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। अगर स्कैल्प बहुत तैलीय है या डैंड्रफ की समस्या लगातार बनी हुई है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

    बालों में तेल लगाने की परंपरा काफी पुरानी है और सही तरीके से किया जाए तो इससे स्कैल्प की मालिश करने में मदद मिल सकती है। नारियल या अन्य उपयुक्त हेयर ऑयल से हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश की जा सकती है। हालांकि तेल लगाने के बाद उसे बहुत लंबे समय तक छोड़ना जरूरी नहीं है। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार तेल लगाने की आदत बनाना बेहतर है। बहुत ज्यादा तेल लगाने या जोर से मसाज करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर अनावश्यक खिंचाव पड़ सकता है।

    बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने के तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए। गीले बाल अपेक्षाकृत कमजोर होते हैं और उन्हें जोर से रगड़ने या खींचने से टूटने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बालों को मुलायम तौलिए से धीरे से सुखाना चाहिए। गीले बालों में बहुत जोर से कंघी करने के बजाय उन्हें थोड़ा सूखने देना बेहतर माना जाता है। बाल सुलझाने के लिए चौड़े दांत वाली कंघी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बालों की मजबूती के लिए खानपान भी बेहद महत्वपूर्ण है। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स शामिल होने चाहिए। दालें अंडे दूध दही हरी सब्जियां फल और मेवे जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण को समझना जरूरी है।

    हेयर ड्रायर स्ट्रेटनर कर्लर और बहुत ज्यादा गर्मी वाले उपकरणों का लगातार इस्तेमाल बालों को रूखा और कमजोर कर सकता है। इसी तरह बार बार हेयर कलर या केमिकल ट्रीटमेंट कराने से भी बालों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जहां तक संभव हो बालों को अत्यधिक गर्मी और अनावश्यक केमिकल ट्रीटमेंट से बचाना चाहिए।

    अगर बाल लगातार झड़ रहे हों स्कैल्प में खुजली या घाव हो डैंड्रफ बहुत ज्यादा हो या बालों में अचानक असामान्य बदलाव दिखाई दे तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। सही खानपान नियमित सफाई पर्याप्त नींद और बालों के प्रति थोड़ी सावधानी अपनाकर उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।

  • 32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट

    32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट


    नई दिल्ली । 
    सलमान खान बॉलीवुड के उन सितारों में गिने जाते हैं जिनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। सलमान की फिल्मों में कहानी के साथ उनके गाने भी लंबे समय तक लोगों की जुबान पर रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय उनकी एक बेहद लोकप्रिय फिल्म से उनके ऊपर फिल्माए गए दो गाने हटा दिए गए थे। खास बात यह रही कि फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शकों ने इसे इतना पसंद किया कि मेकर्स को अपना फैसला बदलना पड़ा और दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल करना पड़ा। यह फिल्म थी साल 1994 में रिलीज हुई सूरज बड़जात्या की ब्लॉकबस्टर फिल्म हम आपके हैं कौन।

    इस फिल्म में सलमान खान के साथ माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। फिल्म की कहानी पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं के इर्द गिर्द बुनी गई थी और रिलीज के बाद इसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। हालांकि सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले फिल्म को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आई थी। फिल्म की लंबाई काफी ज्यादा थी और इसमें कई गाने भी शामिल थे। ऐसे में इंडस्ट्री और क्रिटिक्स की ओर से यह सुझाव दिया गया कि फिल्म को थोड़ा छोटा किया जाना चाहिए, ताकि दर्शकों को यह लंबी न लगे।

    बताया जाता है कि इसी फीडबैक को ध्यान में रखते हुए निर्देशक सूरज बड़जात्या ने फिल्म से दो गाने हटा दिए थे। दोनों गाने सलमान खान के किरदार से जुड़े हुए थे। उस समय मेकर्स को लगा कि गानों को हटाने से फिल्म की लंबाई कम होगी और इसकी गति बेहतर हो जाएगी। लेकिन फिल्म जब 5 अगस्त 1994 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो कहानी ही बदल गई।

    दर्शकों ने फिल्म को इतना पसंद किया कि इसकी लोकप्रियता ने मेकर्स को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया। फिल्म के गानों को लेकर भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। इसके बाद हटाए गए दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों गानों को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी।

    पहला गाना था चॉकलेट लाइम जूस। यह गाना फिल्म के सबसे यादगार गीतों में शामिल हो गया। इसे देव कोहली ने लिखा था और लता मंगेशकर की आवाज ने इस गाने को खास पहचान दी। बच्चों और परिवार के बीच लोकप्रिय इस गीत ने फिल्म के हल्के फुल्के और पारिवारिक माहौल को और खूबसूरत बना दिया।

    दूसरा गाना था मुझसे जुदा होकर। इस गीत को भी लता मंगेशकर ने गाया था जबकि पुरुष आवाज एसपी बालासुब्रह्मण्यम की थी। फिल्म की भावनात्मक कहानी के साथ इस गीत ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। यही वजह रही कि दोनों गानों को हटाने का फैसला ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका।

    हम आपके हैं कौन की सफलता ने यह भी साबित किया कि कई बार दर्शकों की पसंद किसी फिल्म के अंतिम रूप को बदलने की ताकत रखती है। फिल्म के गाने इसकी पहचान का अहम हिस्सा बन चुके थे और उन्हें हटाना मेकर्स के लिए भारी पड़ सकता था। रिलीज के बाद मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स ने इस बात को साबित कर दिया।

    आज भी हम आपके हैं कौन को सलमान खान और माधुरी दीक्षित के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म के संवाद, किरदार और खास तौर पर इसके गाने कई दशक बाद भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं। चॉकलेट लाइम जूस और मुझसे जुदा होकर भी ऐसे ही गीत हैं जिन्हें सुनते ही लोगों को 90 के दशक की इस सुपरहिट फिल्म की याद आ जाती है।