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  • प्रियंका चोपड़ा–महेश बाबू की पहली फिल्म ‘वाराणसी’ की रिलीज डेट अनाउंस, एसएस राजामौली ने जारी किया भव्य पोस्टर

    प्रियंका चोपड़ा–महेश बाबू की पहली फिल्म ‘वाराणसी’ की रिलीज डेट अनाउंस, एसएस राजामौली ने जारी किया भव्य पोस्टर


    नई दिल्ली । बाहुबली और आरआरआर जैसी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले मशहूर निर्देशक एसएस राजामौली एक बार फिर दर्शकों को भव्य सिनेमाई अनुभव देने के लिए तैयार हैं। उनकी अपकमिंग फिल्म वाराणसी की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान हो चुका है। राजामौली ने सोशल मीडिया पर फिल्म का दमदार पोस्टर शेयर करते हुए लिखा Varanasi 7 अप्रैल, 2027। इसके साथ ही फिल्म को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है।

    फिल्म वाराणसी को लेकर सबसे बड़ी चर्चा इसकी स्टारकास्ट को लेकर है। इस फिल्म के जरिए पहली बार ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा और साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। दोनों की यह फ्रेश और पैन इंडिया जोड़ी दर्शकों के बीच पहले ही जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर चुकी है। वहीं, जब किसी प्रोजेक्ट से एसएस राजामौली का नाम जुड़ता है, तो उससे उम्मीदें अपने आप ही कई गुना बढ़ जाती हैं।

    7 अप्रैल 2027 की रिलीज डेट को भी खास रणनीति के तहत चुना गया है। फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, इस तारीख को उगादी और गुड़ी पड़वा का पर्व है। इसके बाद 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती और 15 अप्रैल को राम नवमी की छुट्टी पड़ेगी। लगातार त्योहारों और छुट्टियों के चलते फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर लंबा और मजबूत ओपनिंग वीक मिलने की पूरी संभावना है, जो इसकी कमाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

    वाराणसी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का एक बड़ा कारण इसका टीजर भी है, जो पहले ही रिलीज किया जा चुका है। 3 मिनट 40 सेकंड के इस टीजर ने अपनी भव्य विजुअल्स और रहस्यमयी कहानी से लोगों का ध्यान खींचा है। टीजर की शुरुआत 512 ईस्वी की वाराणसी से होती है, जहां प्राचीन सभ्यता और आध्यात्मिक माहौल की झलक देखने को मिलती है। इसके बाद एक एस्टेरॉइड के धरती से टकराने का दृश्य कहानी को अलग ही दिशा देता है।

    टीजर में अंटार्कटिका और अफ्रीका के जंगलों के दृश्य यह संकेत देते हैं कि फिल्म की कहानी ग्लोबल स्तर पर फैली हुई है। इसके बाद कहानी लंका नगरम पहुंचती है, जहां हनुमान जी, प्रभु श्रीराम और वानर सेना का रावण से युद्ध दिखाया गया है। पौराणिक और आधुनिक तत्वों का यह संगम फिल्म को और भी खास बनाता है।

    टीजर का सबसे प्रभावशाली दृश्य वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर देखने को मिलता है, जहां महेश बाबू बैल पर सवार होकर त्रिशूल लिए नजर आते हैं। यह सीन न सिर्फ विजुअली भव्य है, बल्कि उनके किरदार की शक्ति और गंभीरता को भी दर्शाता है। प्रियंका चोपड़ा की झलक भले ही सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है।

    कुल मिलाकर, वाराणसी एक फिल्म नहीं बल्कि एक मेगा सिनेमाई इवेंट के रूप में सामने आ रही है। अब दर्शकों को 7 अप्रैल 2027 का बेसब्री से इंतजार है, जब एसएस राजामौली एक बार फिर बड़े पर्दे पर इतिहास रचने उतरेंगे।
    बाहुबली और आरआरआर जैसी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले मशहूर निर्देशक एसएस राजामौली एक बार फिर दर्शकों को भव्य सिनेमाई अनुभव देने के लिए तैयार हैं। उनकी अपकमिंग फिल्म वाराणसी की रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान हो चुका है। राजामौली ने सोशल मीडिया पर फिल्म का दमदार पोस्टर शेयर करते हुए लिखा Varanasi 7 अप्रैल, 2027। इसके साथ ही फिल्म को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है।

    फिल्म वाराणसी को लेकर सबसे बड़ी चर्चा इसकी स्टारकास्ट को लेकर है। इस फिल्म के जरिए पहली बार ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा और साउथ सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। दोनों की यह फ्रेश और पैन इंडिया जोड़ी दर्शकों के बीच पहले ही जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर चुकी है। वहीं, जब किसी प्रोजेक्ट से एसएस राजामौली का नाम जुड़ता है, तो उससे उम्मीदें अपने आप ही कई गुना बढ़ जाती हैं।

    7 अप्रैल 2027 की रिलीज डेट को भी खास रणनीति के तहत चुना गया है। फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक, इस तारीख को उगादी और गुड़ी पड़वा का पर्व है। इसके बाद 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती और 15 अप्रैल को राम नवमी की छुट्टी पड़ेगी। लगातार त्योहारों और छुट्टियों के चलते फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर लंबा और मजबूत ओपनिंग वीक मिलने की पूरी संभावना है, जो इसकी कमाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

    वाराणसी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का एक बड़ा कारण इसका टीजर भी है, जो पहले ही रिलीज किया जा चुका है। 3 मिनट 40 सेकंड के इस टीजर ने अपनी भव्य विजुअल्स और रहस्यमयी कहानी से लोगों का ध्यान खींचा है। टीजर की शुरुआत 512 ईस्वी की वाराणसी से होती है, जहां प्राचीन सभ्यता और आध्यात्मिक माहौल की झलक देखने को मिलती है। इसके बाद एक एस्टेरॉइड के धरती से टकराने का दृश्य कहानी को अलग ही दिशा देता है।

    टीजर में अंटार्कटिका और अफ्रीका के जंगलों के दृश्य यह संकेत देते हैं कि फिल्म की कहानी ग्लोबल स्तर पर फैली हुई है। इसके बाद कहानी लंका नगरम पहुंचती है, जहां हनुमान जी, प्रभु श्रीराम और वानर सेना का रावण से युद्ध दिखाया गया है। पौराणिक और आधुनिक तत्वों का यह संगम फिल्म को और भी खास बनाता है।

    टीजर का सबसे प्रभावशाली दृश्य वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर देखने को मिलता है, जहां महेश बाबू बैल पर सवार होकर त्रिशूल लिए नजर आते हैं। यह सीन न सिर्फ विजुअली भव्य है, बल्कि उनके किरदार की शक्ति और गंभीरता को भी दर्शाता है। प्रियंका चोपड़ा की झलक भले ही सीमित है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है।

    कुल मिलाकर, वाराणसी एक फिल्म नहीं बल्कि एक मेगा सिनेमाई इवेंट के रूप में सामने आ रही है। अब दर्शकों को 7 अप्रैल 2027 का बेसब्री से इंतजार है, जब एसएस राजामौली एक बार फिर बड़े पर्दे पर इतिहास रचने उतरेंगे।

  • दुआओं के भरोसे हरमनप्रीत कौर की MI, WPL 2026 में अब भी जिंदा है प्लेऑफ की उम्मीद

    दुआओं के भरोसे हरमनप्रीत कौर की MI, WPL 2026 में अब भी जिंदा है प्लेऑफ की उम्मीद


    नई दिल्ली । डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस का WPL 2026 का सफर उम्मीद और निराशा के बीच झूलता नजर आ रहा है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली MI को इस सीजन 8 मैचों में से 5 में हार का सामना करना पड़ा है। हाल ही में WPL 2026 के 19वें मुकाबले में गुजरात जाएंट्स के खिलाफ मिली हार ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं, लेकिन इसके बावजूद मुंबई इंडियंस अभी पूरी तरह से प्लेऑफ की दौड़ से बाहर नहीं हुई है।

    लीग स्टेज के सभी मुकाबले खेल चुकी मुंबई इंडियंस के खाते में फिलहाल 6 अंक हैं और वह पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर बनी हुई है। हालांकि अब MI के हाथ में कुछ भी नहीं बचा है। उनका प्लेऑफ में पहुंचना पूरी तरह से दिल्ली कैपिटल्स और यूपी वॉरियर्स के बीच खेले जाने वाले आखिरी लीग मुकाबले के नतीजे पर निर्भर करता है। यही वजह है कि आज मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी और फैंस, दोनों की निगाहें DC vs UPW मैच पर टिकी रहेंगी।

    मुंबई इंडियंस ने इस सीजन 8 में से सिर्फ 3 मैच जीते हैं जबकि 5 मुकाबलों में उन्हें हार झेलनी पड़ी। लगातार हार के चलते टीम का आत्मविश्वास जरूर डगमगाया है, लेकिन गणित अभी भी उनके पक्ष में है। MI के खिलाड़ी यही दुआ करेंगे कि लीग के आखिरी मैच में यूपी वॉरियर्स, दिल्ली कैपिटल्स को मात देने में कामयाब रहे।

    असल में पूरा समीकरण पॉइंट्स टेबल और नेट रन रेट पर टिका हुआ है। इस वक्त दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस दोनों के खाते में 6-6 अंक हैं, जबकि यूपी वॉरियर्स 4 अंकों के साथ सबसे निचले पायदान पर है। अगर यूपी वॉरियर्स आखिरी मैच में दिल्ली कैपिटल्स को हरा देती है, तो दिल्ली, मुंबई और यूपी तीनों टीमों के 6-6 अंक हो जाएंगे।

    ऐसी स्थिति में नेट रन रेट निर्णायक साबित होगा और यहीं मुंबई इंडियंस को सबसे बड़ा फायदा मिलता नजर आ रहा है। MI का नेट रन रेट +0.059 है, जो दिल्ली कैपिटल्स 0.164 और यूपी वॉरियर्स 1.146 से काफी बेहतर है। इस आधार पर मुंबई इंडियंस प्लेऑफ का टिकट हासिल कर सकती है। यानी MI की उम्मीदें अब अपने प्रदर्शन से ज्यादा किस्मत और दुआओं पर टिकी हुई हैं।

    वहीं WPL 2026 के प्लेऑफ की तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 में से 6 मैच जीतकर सीधे फाइनल में पहुंच चुकी है। इसके अलावा गुजरात जाएंट्स ने भी प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर लिया है और वह एलिमिनेटर मुकाबला खेलेगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि एलिमिनेटर में गुजरात का सामना किस टीम से होगा और क्या मुंबई इंडियंस आखिरी मौके का फायदा उठाकर प्लेऑफ में जगह बना पाएगी।

  • स्वच्छता के दावे पर संसद की चोट इंदौर का दूषित पानी बना राष्ट्रीय मुद्दा

    स्वच्छता के दावे पर संसद की चोट इंदौर का दूषित पानी बना राष्ट्रीय मुद्दा


    नई दिल्ली। देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर की छवि पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल पीने से हुई मौतों का मामला अब केवल स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहा बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का विषय बन चुका है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ सैयद नासिर हुसैन ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाकर केंद्र सरकार से सीधे जवाब मांगे हैं। इससे इंदौर की जल आपूर्ति व्यवस्था और स्वच्छता मॉडल पर नई बहस शुरू हो गई है।

    राज्यसभा में पूछे गए प्रश्नों में यह स्पष्ट रूप से जानना चाहा गया है कि किन परिस्थितियों में शहर की सीवरेज और जल वितरण प्रणाली विफल हुई और कैसे दूषित सीवरेज का पानी पीने योग्य जल लाइनों में मिल गया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या केंद्र सरकार को जनवरी 2026 में भागीरथपुरा में हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की जानकारी है। इन सवालों के जवाब जल शक्ति मंत्री द्वारा 2 फरवरी 2026 को राज्यसभा में दिए जाएंगे।

    इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर दौरे के दौरान इस पूरे प्रकरण को संसद में उठाने की घोषणा की थी। वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी साफ कर दिया है कि 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को पूरी ताकत के साथ उठाया जाएगा। कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है कि सरकार को संसद और विधानसभा दोनों मंचों पर घेरकर जवाबदेह बनाया जाए।राज्यसभा में सवाल सूचीबद्ध होते ही इंदौर नगर निगम और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। जल शक्ति मंत्रालय ने बिंदुवार जानकारी मांगी है जिसके चलते नगर निगम को सभी रिपोर्ट और तथ्य सरकार को भेजने पड़े हैं। यह प्रश्न राज्यसभा प्रश्न संख्या एस 1137 के तहत दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जवाबों में किसी भी तरह की चूक इंदौर की स्वच्छ शहर की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है।

    यह मामला पहले से ही मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में विचाराधीन है जहां नगर निगम और प्रशासन को कड़ी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। अब संसद में मामला पहुंचने के बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह प्रकरण केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोलता है।

    कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि विधानसभा में यह पूछा जाएगा कि दूषित पानी से हुई मौतों की जिम्मेदारी किसकी है और अब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कांग्रेस का दावा है कि यह मुद्दा सरकार की कार्यशैली और जवाबदेही की असल तस्वीर जनता के सामने लाएगा।

  • इस साल 5 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव….. असम से बंगाल तक विपक्षी गठबंधन तक अकेले घेरेगी BJP

    इस साल 5 राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव….. असम से बंगाल तक विपक्षी गठबंधन तक अकेले घेरेगी BJP


    नई दिल्ली।
    इस साल होने वाले पांच विधानसभाओं के चुनावों (Five Legislative Assemblies Elections) के लिए भाजपा (BJP) के अधिकांश हमलों के निशाने पर कांग्रेस ही रहेगी, भले ही उसका मुकाबला विपक्ष के किसी भी दल के साथ क्यू न हो। दरअसल, भाजपा का मानना है कि देशभर में उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस (Congress) है और वही विपक्ष के गठबंधन (Opposition Alliance) की धुरी भी। इन चुनावों में असम में भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से है, जबकि केरल में उसे कांग्रेस और वामपंथी दलों के गठबंधनों से जूझना है। तमिलनाडु में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का अहम हिस्सा है। केवल पश्चिम बंगाल ही ऐसा है, जहां भाजपा व तृणमूल कांग्रेस में सीधा संघर्ष है।

    भाजपा के चुनाव रणनीतिकारों का मानना है कि विपक्ष के केंद्र में कांग्रेस है इसलिए भाजपा का निशाना भी कांग्रेस ही रहेगी। वैसे भी बीते 75 वर्षों में अधिकांश समय कांग्रेस के सत्ता में रहने से भाजपा को उस पर हमला करने के लिए काफी मुद्दे रहते हैं। पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को देखें तो भाजपा कांग्रेस को हराकर ही केंद्र व अधिकांश राज्यों में सत्ता में है और भाजपा का बड़ा समर्थक वर्ग भी वही है, जो कभी कांग्रेस का हुआ करता था। ऐसे में बड़े स्तर पर उसके लिए चुनौती भी कांग्रेस ही बन सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक रणनीति के अनुसार भाजपा के केंद्रीय चुनाव प्रचारक सभी जगहों पर कांग्रेस को केंद्र में रखकर हमलावर रहेंगे। राज्य के नेता स्थानीय समीकरणों के अनुसार राज्य के विरोधी खेमे पर निशाना साध रहे हैं। गठबंधन की राजनीति में भाजपा अपने सहयोगी दलों की रणनीति का भी अनुसरण कर अपना ऐजेंडा भी उसी तरह से आगे बढ़ाएगी। चूंकि भाजपा राष्ट्रीय दल है इसलिए वह कई मुद्दों पर क्षेत्रीय दलों के स्तर पर नहीं जा सकती है।

  • BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?

    BJP सांसद मनोज तिवारी, अभिनेता गोविंदा समेत 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज… जानें क्या है मामला?


    जमशेदपुर।
    करोड़ों की ठगी करने वाली गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्रालि कंपनी के खिलाफ शुक्रवार को जमशेदपुर में गबन का एक और मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में शिकायतवाद के आधार पर यह मामला साकची थाने में फिल्म अभिनेता सह सांसद मनोज तिवारी, सिने स्टार गोविंदा, चंकी पांडे और शक्ति कपूर समेत कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह के साथ जमशेदपुर शाखा प्रबंधक शिव नारायण पात्रो के खिलाफ दर्ज किया गया।

    साकची थानेदार के अनुसार, मामला बर्मामाइंस निवासी जसपाल सिंह की ओर से दर्ज शिकायतवाद का है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने मैक्सीजोन कंपनी में आठ लाख रुपये निवेश किए थे। कंपनी की ओर से उन्हें हर माह 15 प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया गया था, लेकिन न तो तय समय पर ब्याज दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। कोर्ट के आदेश पर साकची थाने में केस दर्ज किया गया है। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    अभिनेताओं पर क्या लगा आरोप

    वादी के अनुसार, निवेश कराने से पहले उन्हें कंपनी से जुड़े फिल्म अभिनेताओं के विज्ञापन और प्रचार सामग्री दिखाई गई। इन प्रचार के जरिए भरोसा दिलाया गया कि नामी फिल्म कलाकार कंपनी के लिए काम और प्रचार करते हैं, जिससे कंपनी पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जमशेदपुर शाखा के प्रबंधक शिव नारायण पात्रो ने कहा था कि कंपनी को फिल्म अभिनेताओं का समर्थन है। इस भरोसे में आकार जसपाल सिंह ने बड़ी रकम निवेश कर दी। बाद में जब पैसे और ब्याज मांगे तो टालमटोल किया जाने लगा। शिकायतवाद पर सुनवाई के बाद अदालत ने साकची थाने को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।


    करोड़ों की ठगी में निदेशक और पत्नी हो चुके हैं गिरफ्तार

    गाजियाबाद की मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड ने हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी की है। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं। उन्हें पिछले साल पुलिस ने कोडरमा स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया था। अभी दोनों जेल में हैं।

  • MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?

    MP : उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिन्दुओं की एंट्री पर लगे प्रतिबंध…. जानें क्यों उठी ऐसी मांग ?


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में गैर हिन्दुओं के प्रवेश को लेकर हिन्दू जागरण मंच (Hindu Jagran Manch) और मंदिर पुजारी ने प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। यह मांग उत्तराखंड (Uttarakhand) के गंगोत्री धाम (Gangotri Dham) में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद उठी है जिसमे देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग की जा रही है। इस पूरे मामले में हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारी का कहना है कि पिछले साल 25 के करीब गैर हिन्दू महाकाल मंदिर सहित आसपास से पकड़े गए थे। जो यहां घूमने आए थे। वंही महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी का कहना है कि गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए। उस पर रोक तब लगे जब वह घूमने की मंशा से आया हो।


    इन मंदिरों में भी प्रतिबंध की मांग

    माहेश्वरी ने दावा किया कि साल 2025 में हिंदू जागरण मंच ने महाकाल मंदिर परिसर से एक दर्जन से अधिक युवकों को पकड़ा है, जो लड़कियों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील रहा है, ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। इसी तरह काल भैरव, मंगलनाथ और सांदीपनि आश्रम जैसे शहर के प्रमुख मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    देश के उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की खबर सामने आने के बाद देश के बारह ज्योतिर्लिंग में भी इस तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसकी शुरुआत उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से होती नजर आ रही है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा और उससे जुड़े मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग के बीच अब उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी इसी तरह की मांग उठने लगी है। महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा और हिंदू जागरण मंच ने केंद्र और राज्य सरकार से महाकाल मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

    महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महेश शर्मा ने कहा कि यदि कोई गैर-हिंदू सनातन धर्म में आस्था रखता है तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए, लेकिन यदि कोई व्यक्ति केवल घूमने-फिरने या गलत मंशा के साथ मंदिर में प्रवेश करता है और इससे सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

    हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने कहा कि यह व्यवस्था केवल महाकाल मंदिर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग में लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग घर वापसी कर चुके हैं, उन्हें छोड़कर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।

  • देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ

    देश में आज फिर करवट लेगा मौसम… इन राज्यों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ


    नई दिल्ली।
    देश में एक बार फिर मौसम करवट (Weather change) लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तर भारत (North India) में तीन पश्चिमी विक्षोभों (Western disturbances) का प्रभाव रहेगा। इसके चलते 31 जनवरी और 1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश (Rain) होगी। बर्फबारी होने की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में छिटपुट से भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ और तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चल सकती हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 1-2 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की-मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    सुबह के समय पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घना कोहरा बना रहेगा, जो दृश्यता प्रभावित करेगा। न्यूनतम तापमान में अगले कुछ दिनों में 3-5 डिग्री की वृद्धि संभव है, लेकिन ठंड बनी रहेगी। 2 से 3 फरवरी तक मौसम की गतिविधि थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी कम होगी, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम साफ होने लगेगा। पूर्वी और दक्षिणी भारत (जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल) में मुख्य रूप से शुष्क मौसम रहेगा, केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है।


    इन राज्यों में बारिश होने के आसार

    गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 2 फरवरी तक हल्की बारिश हो सकती है। कोहरा अब कम होगा और तापमान में स्थिरता आएगी। 4 फरवरी को मौसम सामान्य रहेगा। अधिकांश राज्यों में आसमान साफ होगा और बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की ठंड बनी रहेगी। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में मौसम सामान्य रहेगा, कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। 5 फरवरी से तीसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिससे 5 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पंजाब-हरियाणा में फिर से हल्की-मध्यम बारिश/बर्फबारी शुरू हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में छिटपुट बारिश संभव है।

  • इस मुस्लिम देश के पूर्व राष्ट्रपति ने किया भगवान तिरुपति बालाजी का पूजन…हाथ जोड़कर पैदल ही पहुंचे मंदिर

    इस मुस्लिम देश के पूर्व राष्ट्रपति ने किया भगवान तिरुपति बालाजी का पूजन…हाथ जोड़कर पैदल ही पहुंचे मंदिर


    बेंगलुरु।
    इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो (Former Indonesian President Joko Widodo) ने गुरुवार को तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (Lord Venkateswara Swamy Temple at Tirumala) में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो भी वायरल हो रहा है। वह मंदिर परिसर में हाथ जोड़कर पैदल ही दर्शन के लिए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने विडोडो का स्वागत किया और बाद में उन्हें मंदिर में दर्शन के लिए ले गए।

    एक अधिकारी ने बताया, ‘‘इंडोनेशिया के सातवें राष्ट्रपति (विडोडो) ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और उनका स्वागत टीटीडी के अधिकारियों ने किया।’’ दर्शन के बाद टीटीडी के अधिकारियों ने उन्हें रेशमी वस्त्र और प्रसाद भेंट किया तथा रंगनायकुला मंडपम में भगवान वेंकटेश्वर की एक तस्वीर प्रदान की।

    कभी बौद्ध और हिंदू राजाओं का था शासन
    बता दें कि इंडोनेशिया सबसे बड़ा मुस्लिम राष्ट्र है, इसके बावजूद यहां हिंदू संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है। इसे मुनियों का देश कहा जाता है। यहां की आबादी करीब 27 करोड़ है जिनमें से 90 करोड़ मुस्लिम हैं। यहां कभी हिंदू और बौद्ध राजाओं का राज हुआ करता था। ऐसे में आज भी इंडोनेशिया में कई प्रसिद्ध हिंदू मंदिर हैं। इसके अलावा यहां रामायण की भी मान्यता है।

    यहां 8वीं सदी में मुस्लिम व्यापारी पहुंचे थे। इसके बाद धीरे-धीरे यहां इस्लाम का प्रचार होने लगा। कछ शासकों ने इस्लाम अपनाया तो घराने ही इस्लामिक हो गए। जो मुस्लिम व्यापारी यहां आते थे वे यहां की स्थानीय महिलाओं से शादी करते थे। ऐसे में धर्मांतरण का एक बड़ा दौर यहां चला। इसी वजह से हिंदू और बौद्ध राजाओं वाला देश एक मुस्लिम राष्ट्र बन गया।

  • बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल

    बिहार के दरभंगा में 15 दिनों में 10 हजार कौवों की मौत, बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हाई अलर्ट… शहर में दहशत का माहौल


    दरभंगा।
    बिहार (Bihar) बर्ड फ्लू (Bird flu) पांव पसार रहा है। दरभंगा शहर (Darbhanga city) में पिछले 15 दिनों में हजारों कौवों (Thousands Crows) की मौत हो गई है। डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग की ओर से कराई गई जांच में इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। आम लोगों से सतर्क रहने और किसी आशंका पर प्रशासन को सूचित करने की अपील डीएम ने की है। स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के जिलो को अलर्ट किया है।

    मरे हुए नगर निगम की ओर से जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खोदकर वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया। इसमें कबीर सेवा संस्थान ने भी सहयोग किया। इस दौरान स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग की टीम भी मौजूद रही। बताया गया है कि मरे हुए कौवों की संख्या करीब 10 हजार है। मौके पर पहुंचे वार्ड पार्षद नफीसुल हक रिंकू और नवीन सिन्हा ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है। दरभंगा जिले के कई इलाकों से मुर्गों और मुर्गियों की मौत होने की सूचना मिल रही है। विभागीय टीम सैंपल लेकर जांच कर रही है।

    जिला प्रशासन ने लोगों से फिलहाल चिकेन और अंडा खाने से परहेज करने की अपील की गई है। साथ ही किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने को कहा गया है। कबीर सेवा संस्थान के संरक्षक और वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा ने कहा कि एक किलोमीटर के दायरे में सभी पॉल्ट्री फार्म व बिक्री केंद्र की निगरानी सहित पक्षियों को रखने वाले पॉल्ट्री फार्म की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोलकाता और भोपाल में कराई गई जांच की रिपोर्ट गुरुवार की देर रात आई है। इसमें इन कौवों की मौत का कारण बर्ड फ्लू बताया गया है। कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने की खबर से जिले में हड़कंप मच गया है।

    जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। डीएम कौशल कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी मृत पक्षी को हाथ न लगाएं। उधर, डीएम कौशल कुमार ने गुरुवार को जिला पशुपालन अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि शहर के वार्ड 31 में मृत कौवों के नमूने की जांच में एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। अत: नगर आयुक्त व वन प्रमंडल से समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्र में बचाव सं संबधित काम कराएं। साथ ही पूरे जिले में इसकी निगरानी सुनिश्चित अकराएं।

  • जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग

    जल्द झारखंड के पर्यटन का प्रचार करते नजर आएंगे एमएस धोनी… ब्रांड एंबेसडर बनाने की तैयारी में विभाग


    रांची।
    भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (Mahendra Singh Dhoni) को झारखंड सरकार (Jharkhand Government) पर्यटन के क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर (Brand Ambassador) बनाने की तैयारी में है। पर्यटन विभाग के इस प्रस्ताव की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द ही राज्य सरकार इसकी अधिसूचना जारी कर सकती है।

    सूत्रों के अनुसार, राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐसा फैसला लिया गया है। पर्यटन को लेकर धौनी जल्द ही जागरूक करते नजर आ सकते हैं। बता दें कि बीते साल मंत्री सुदिव्य और धौनी में शिष्टाचार मुलाकात के बाद से ही ब्रांड एंबेसडर बनाने की चर्चा होने लगी थी।

    हाल ही में हुई थी CM हेमंत सोरेन से अचानक मुलाकात

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली रवाना हुईं। उनके साथ गुरुवार शाम विधायक कल्पना सोरेन भी गईं हैं। एयरपोर्ट तक मुख्यमंत्री भी गए। इस बीच मुख्यमंत्री की भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी से मुलाकात हुई। हेमंत ने एक्स पर मुलाकात की तस्वीर अपलोड कर लिखा ‘माही से अचानक मिलना हुआ।’