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  • बालाघाट में भीषण सड़क हादसा: क्रेटा और बाइक की सीधी भिड़ंत, बिजली विभाग के दो कर्मियों की मौके पर मौत

    बालाघाट में भीषण सड़क हादसा: क्रेटा और बाइक की सीधी भिड़ंत, बिजली विभाग के दो कर्मियों की मौके पर मौत


    बालाघाट/किरनापुर। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। किरनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम परसवाड़ा में देव नदी के पुल के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार और बाइक के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में दो युवकों की जान चली गई। मृतक बिजली विभाग में संविदा/ठेकेदारी पर कार्यरत थे और ड्यूटी पर जा रहे थे।

    आमने-सामने की टक्कर से फैला सन्नाटा प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेखलाल पंद्रे 28 वर्ष, निवासी बोरबन जामडीमेटा और संजय पुसाम 29 वर्ष, निवासी साकरीटोला रोजाना की तरह अपनी बाइक पर सवार होकर वारासिवनी तहसील मुख्यालय काम के लिए जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही वे देव नदी पुल के समीप पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार क्रेटा कार क्रमांक MP 50 C 7714 ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे के मुख्य बिंदु

    मृतक रेखलाल पंद्रे और संजय पुसाम। घटनास्थल ग्राम परसवाड़ा, देव नदी पुल के पास, किरनापुर। वाहन बाइक और क्रेटा कार की आमने-सामने भिड़ंत।पेशा दोनों युवक बिजली विभाग में ठेकेदारी का कार्य करते थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही किरनापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों और बिजली विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर है।

  • प्रेम बाईसा की मौत:सनातनी साध्वी को परेशान करने की साजिश, BJP विधायक का CBI जांच का समर्थन, राजनीति और आस्था दोनों में उठे सवाल

    प्रेम बाईसा की मौत:सनातनी साध्वी को परेशान करने की साजिश, BJP विधायक का CBI जांच का समर्थन, राजनीति और आस्था दोनों में उठे सवाल


    नई दिल्ली। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल मचा दी है। अब इस मामले में बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने भी सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया है और कहा है कि भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह मांग जायज़ है।

    बालमुकुंद आचार्य का बयान
    जयपुर की हवा महल सीट से बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि वे आज ही राज्य के गृह राज्य मंत्री को पत्र सौंपेंगे और जांच की मांग को औपचारिक रूप देंगे।

    बालमुकुंद आचार्य ने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले साध्वी के वीडियो और ब्लैकमेलिंग के मामले को भी इस जांच से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह पता लगाना जरूरी है कि सनातनी साध्वी को परेशान करने के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।

    हालांकि  उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में राजस्थान पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। लेकिन अगर परिवार और भक्त संतुष्ट नहीं हैं, तो सीबीआई जांच पर विचार किया जाना चाहिए।

    राज्य के गृह राज्य मंत्री का बयान
    राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जोधपुर में कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा सनातन धर्म की प्रचारक थीं। उनकी मौत के बारे में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं।
    परिवार का कहना है कि गलत इंजेक्शन लगाया गया, जबकि अस्पताल का दावा है कि वह मृत अवस्था में लाई गईं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएँ तेज हैं।

    उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं की जांच कर रही है और ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ किया जाएगा।
    उन्होंने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष, स्पष्ट और बिना किसी दबाव के होगी। परिवार की सहमति से पोस्टमार्टम भी किया गया है, लेकिन रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं आई है।

    मामले की संवेदनशीलता
    साध्वी प्रेम बाईसा के भक्तों की आस्था उनके प्रति होना स्वाभाविक है। ऐसे में इस मामले में स्पष्टता और निष्पक्षता की मांग बढ़ रही हैपुलिस जांच के बाद ही इस मामले का असली सच सामने आएगा।

  • ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति

    ये हमारे हनुमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बनेगी विशेष समिति


    भोपाल । मध्य प्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मचारियों के हितों में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए उन्हें ‘सरकार का हनुमान’ बताया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले इन कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति के उचित अवसर प्रदान किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 की संविदा नीति के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार संविदा कर्मचारियों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जा रहा है।

    समिति का होगा गठन, मजदूर संघ भी होगा शामिल

    नियमितीकरण की प्रक्रिया और अन्य सेवा शर्तों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है समिति के सदस्य: इसमें सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। कार्य यह समिति संविदा कर्मचारियों से जुड़े सभी तकनीकी विषयों और नीतिगत बाधाओं पर विचार कर अपनी रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    2023 की नीति का होगा पालन

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 2023 में बनाई गई संविदा नीति के लाभ प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक पहुँचने चाहिए। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारा है, इसलिए उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।

  • मुरैना में जहर कारोबार: रिफाइंड और केमिकल से बन रहा था सिंथेटिक दूध, नामचीन डेयरी को हो रही थी सप्लाई

    मुरैना में जहर कारोबार: रिफाइंड और केमिकल से बन रहा था सिंथेटिक दूध, नामचीन डेयरी को हो रही थी सप्लाई


    मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। जिला मुख्यालय से सटे जगतपुर गांव में प्रशासन ने एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी है जहां रिफाइंड ऑयल और घातक आरएम केमिकल मिलाकर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह जहरीला दूध मुरैना की मशहूर हाकिम डेयरी को सप्लाई किया जा रहा था।

    ऐसे तैयार होता था सफेद जहर

    खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता और अनिल परिहार ने गुरुवार सुबह जब अशोक कुशवाह के घर छापा मारा तो वहां का नजारा भयावह था। मिलावट का खेल आरोपी हर रोज पशुपालकों से 300 लीटर असली दूध खरीदता था और उसमें अपने घर पर तैयार 60 लीटर सिंथेटिक दूध मिला देता था। सामग्री दूध की चिकनाहट बढ़ाने के लिए रिफाइंड ऑयल और उसे गाढ़ा करने के लिए आरएम केमिकल का उपयोग किया जा रहा था।सप्लाई चैन जांच में सामने आया कि यह 400 लीटर मिलावटी दूध ₹50 प्रति लीटर के भाव से शहर की हाकिम डेयरी पर बेचा जा रहा था। विभाग ने मौके से दूध केमिकल और ऑयल के 5 सैंपल लेकर भोपाल लैब भेजे हैं।

    लड्डू केक और जीरा भी निकले अमानक

    मुरैना में केवल दूध ही नहीं बल्कि आम जरूरत की अन्य चीजें भी जांच में फेल पाई गई हैं। भोपाल लैब से आई हालिया रिपोर्ट में 7 प्रमुख संस्थानों के सैंपल फेल हुए हैं राधेश्याम मिष्ठान जौरा बेसन के लड्डू अमानक। लक्ष्य इंटरप्राजेज अंबाह मिल्क केक में मिलावट।कामेश अग्रवाल मुरैना जीरा जांच में फेल। सोनू इंडस्ट्रीज बानमोर रिफाइंड ऑयल मिलावटी। यादव मसाला सेंटर लाल मिर्च पाउडर अशुद्ध।

    मिलावटखोरों पर सवा करोड़ का हंटर

    प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना ठोका है। अपर कलेक्टर अश्विनी रावत के न्यायालय ने 2020 से 2024 के बीच के 32 लंबित मामलों में फैसला सुनाते हुए दोषियों पर 1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अलग-अलग डेयरी और दुकान संचालकों पर 2 लाख से लेकर 9 लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया गया है। सभी दोषियों को 3 फरवरी को न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए गए हैं।

  • नरसिंहपुर सड़क हादसा: गाय से टकराकर उछली तेज रफ्तार बाइक, दो भाइयों की दर्दनाक मौत

    नरसिंहपुर सड़क हादसा: गाय से टकराकर उछली तेज रफ्तार बाइक, दो भाइयों की दर्दनाक मौत


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें दो युवकों की जान चली गई। तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत धूपखेड़ा और रमपुरा तिराहे के बीच एक पुल के पास तेज रफ्तार बाइक के गाय से टकराने के कारण यह दुर्घटना हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों भाई सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    मुर्गे लेकर लौट रहे थे घर मृतकों की पहचान रायसेन जिले के सिलवानी निवासी छोटे खान उर्फ इरफान 28 वर्ष और उनके रिश्ते के भाई नसीम खान 30 वर्ष के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों भाई शुक्रवार को ग्राम गुटौरी स्थित एक पोल्ट्री फार्म से बाइक के दोनों ओर पिंजरों में मुर्गे लादकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। दोपहर के समय जब वे एनएच-45 पर पुल के समीप पहुंचे, तभी अचानक एक गाय सड़क पर आ गई।

    टक्कर के बाद मची चीख-पुकार तेज रफ्तार बाइक और गाय के बीच हुई इस सीधी भिड़ंत में गाय की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बाइक पर लदे मुर्गे सड़क पर बिखर गए, जिन्हें लूटने की होड़ भी वहां मौजूद कुछ लोगों में देखी गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए तेंदूखेड़ा अस्पताल ले जाया गया।

    इलाज के दौरान तोड़ा दम घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल नरसिंहपुर रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने छोटे खान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल नसीम खान को परिजन बेहतर इलाज के लिए भोपाल ले गए थे लेकिन वहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने छोटे खान के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इस घटना के बाद जैथारी गांव में मातम पसरा हुआ है।

  • करवट लेता मौसम: दिल्ली में बारिश और एमपी में धूल भरी आंधी का अलर्ट, जानें अगले 4 दिनों का हाल

    करवट लेता मौसम: दिल्ली में बारिश और एमपी में धूल भरी आंधी का अलर्ट, जानें अगले 4 दिनों का हाल

    नई दिल्ली/भोपाल। उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक बार फिर चौंकाने वाले बदलाव के लिए तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए लगातार दो ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू होने वाला है।

    दिल्ली-NCR: 31 जनवरी से बरसेंगे बादल

    राजधानी दिल्ली में शनिवार, 31 जनवरी से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। सुबह की शुरुआत मध्यम से घने कोहरे के साथ होगी, लेकिन शाम होते-होते बादलों की आवाजाही और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 31 जनवरी की रात और 1 फरवरी को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे ठिठुरन एक बार फिर बढ़ जाएगी।

    मध्य प्रदेश: भोपाल में आंधी और बूंदाबांदी की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में भी बादलों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। राजधानी भोपाल में शनिवार और रविवार को धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। तापमान की बात करें तो भोपाल में न्यूनतम पारा 10°C से 11°C के बीच बना हुआ है। यहां आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी सर्दी का अहसास कराएगी।

    पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में भीगेगा राजस्थान-पंजाब

    31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी और बारिश का अनुमान है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों जैसे राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे फरवरी की शुरुआत भी ठंडी रहने वाली है।

    सावधानी की सलाह: मौसम में अचानक आ रहे इस बदलाव और ठंडी हवाओं के चलते स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। फरवरी के शुरुआती दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान आज

    दिल्ली: 10°C

    लखनऊ: 9°C

    पटना: 14°C

    भोपाल: 10°C

    जयपुर: 12°C

    संक्षिप्त विवरण: उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते 31 जनवरी से दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश से फरवरी की शुरुआत में ठंड और बढ़ेगी।

    टैग्स: आज का मौसम 2026, दिल्ली बारिश अलर्ट, भोपाल मौसम अपडेट, पश्चिमी विक्षोभ, IMD वेदर रिपोर्ट, उत्तर भारत में कोहरा, ठंडी हवाएं, राजस्थान बारिश समाचार

  • सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने की मांग तेज, NCP नेताओं की CM फडणवीस से मुलाकात

    सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाने की मांग तेज, NCP नेताओं की CM फडणवीस से मुलाकात


    मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके पद, विभागों और एनसीपी की भविष्य की दिशा को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। पार्टी के भीतर यह मांग उठने लगी है कि उपमुख्यमंत्री का पद अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को सौंपा जाए।

    इन्हीं मुद्दों को लेकर शुक्रवार को एनसीपी के वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके आधिकारिक निवास वर्षा बंगले पहुंचे। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे शामिल थे। यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली, जिसमें विभागों के बंटवारे और राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा हुई।

    पोर्टफोलियो और नेतृत्व को लेकर मंथन

    अजित पवार के पास सरकार में वित्त, आबकारी और खेल जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी थी, साथ ही वे उपमुख्यमंत्री भी थे। अब पार्टी के भीतर इस बात पर गहन विचार चल रहा है कि इन विभागों की जिम्मेदारी किसे दी जाए और एनसीपी की राष्ट्रीय कमान किसके हाथ में होगी। पार्टी सूत्रों का दावा है कि एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर जो बातचीत अजित पवार कर रहे थे, उस पर अंतिम निर्णय शरद पवार ही लेंगे।

    प्रफुल्ल पटेल का बयान: जल्द हो फैसला

    मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से कहा कि पार्टी ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लेने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, “अजित पवार के विभागों और एनसीपी से जुड़े फैसलों को लेकर अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। मौजूदा हालात में कार्यकर्ताओं और जनता की भावनाओं को देखते हुए देरी ठीक नहीं है।”

    NCP में टूट और मौजूदा राजनीतिक समीकरण

    शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जुलाई 2023 में दो हिस्सों में बंट गई थी, जब अजित पवार महायुति सरकार में शामिल हुए थे। उस समय उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने पर भी अजित पवार उसी पद पर बने रहे। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच कानूनी संघर्ष हुआ, जिसमें अजित पवार के गुट को मूल एनसीपी नाम और ‘एनालॉग अलार्म घड़ी’ चुनाव चिह्न मिला। फिलहाल अजित पवार का गुट सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एसपी विपक्षी महा विकास अघाड़ी में शामिल है।

    आगे क्या?

    अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, विभागों का बंटवारा किस दिशा में होता है और एनसीपी के दोनों गुटों के भविष्य को लेकर शरद पवार क्या फैसला लेते हैं। आने वाले दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अहम साबित हो सकते हैं।

  • यूनुस की भविष्यवाणी पड़ी उलटी, कहा था भारतीय कंपनियां बांग्लादेश आएंगी, अब खुद की मिलों पर गहराया संकट

    यूनुस की भविष्यवाणी पड़ी उलटी, कहा था भारतीय कंपनियां बांग्लादेश आएंगी, अब खुद की मिलों पर गहराया संकट


    नई दिल्ली। भारत को लेकर बांग्लादेश में हालिया घटनाक्रम लगातार सुर्खियों में है। इसी बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस की एक पुरानी टिप्पणी फिर चर्चा में आ गई है। वर्ष 2025 में यूनुस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को लेकर उत्साहित नजर आए थे। तब उन्होंने दावा किया था कि ऊंचे टैरिफ और ज्यादा लागत के चलते भारतीय उद्योग, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर, भारत छोड़कर बांग्लादेश में निवेश करेंगे।

    अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन को दिए एक इंटरव्यू में यूनुस ने कहा था कि अमेरिका के भारी टैरिफ के कारण भारतीय कंपनियां भारत में उत्पादन करना छोड़ेंगी और बांग्लादेश में फैक्ट्रियां लगाएंगी, क्योंकि वहां लागत कम है और टैरिफ भी अपेक्षाकृत कम हैं। हालांकि मौजूदा हालात उनकी इस भविष्यवाणी से बिल्कुल उलट दिखाई दे रहे हैं।

    खुद का टेक्सटाइल सेक्टर संकट में

    जनवरी 2026 के अंत तक बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग गंभीर संकट में फंस गया है। जहां एक ओर भारत पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर बयानबाजी की जा रही थी, वहीं दूसरी ओर देश की घरेलू टेक्सटाइल मिलें बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बांग्लादेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन BTMA ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से देशभर की टेक्सटाइल मिलें अनिश्चितकाल के लिए बंद की जाएंगी।

    BTMA अध्यक्ष शौकत अजीज रसेल के अनुसार मिल मालिक बैंक कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। उद्योग की पूंजी 50 प्रतिशत से अधिक घट चुकी है और कई यूनिट पहले ही ताले लगा चुकी हैं। उद्योग का आरोप है कि भारत से आयातित सस्ते सूत ने स्थानीय बाजार को नुकसान पहुंचाया है। करीब 12 हजार करोड़ टका का तैयार माल गोदामों में बिना बिके पड़ा है। वहीं गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के चलते उत्पादन क्षमता भी 50 प्रतिशत तक गिर गई है। संगठन ने सरकार से 10 से 30 काउंट के सूत पर ड्यूटी-फ्री आयात सुविधा खत्म करने और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

    भारत–EU समझौता बढ़ाएगा दबाव

    भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। यह समझौता बांग्लादेश के गारमेंट निर्यात के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अभी LDC श्रेणी में होने के कारण बांग्लादेश को EU बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलती है, जबकि भारत को करीब 12 प्रतिशत शुल्क देना पड़ता है।

    समझौता लागू होने के बाद भारत को भी शून्य टैरिफ का लाभ मिलेगा। भारत के पास कपास और सूत जैसे कच्चे माल की मजबूत उपलब्धता है, जिससे उसके उत्पाद सस्ते और बेहतर गुणवत्ता वाले हो सकते हैं। वहीं बांग्लादेश 2026-27 तक LDC सूची से बाहर हो जाएगा, जिससे उसका ड्यूटी-फ्री लाभ समाप्त हो जाएगा। ऐसे में यूरोपीय बाजार में भारत से प्रतिस्पर्धा करना उसके लिए बेहद कठिन होगा। फिलहाल EU में हर तीसरा व्यक्ति बांग्लादेशी डेनिम पहनता है, लेकिन इस डील के बाद भारत इस बाजार का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में कर सकता है।

    कुल मिलाकर, जहां मोहम्मद यूनुस भारतीय कंपनियों के बांग्लादेश आने की उम्मीद जता रहे थे, वहीं जमीनी सच्चाई यह है कि बांग्लादेश का अपना टेक्सटाइल आधार और बैकवर्ड लिंकेज तेजी से कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।

  • क्यूबा पर ट्रंप का कड़ा वार, तेल सप्लाई करने वालों पर अमेरिकी ने की टैरिफ की तैयारी

    क्यूबा पर ट्रंप का कड़ा वार, तेल सप्लाई करने वालों पर अमेरिकी ने की टैरिफ की तैयारी


    नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा को निशाने पर लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को उन्होंने एक ऐसे आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत क्यूबा को तेल देने वाले देशों से अमेरिका आने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाया जा सकता है। इस फैसले को क्यूबा पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इससे पहले से जूझ रहे क्यूबा के ऊर्जा संकट की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
    क्या है ट्रंप की मंशा?
    सूत्रों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन का यह कदम सीधे तौर पर मेक्सिको को चेतावनी देने जैसा है। क्यूबा को लंबे समय से तेल सप्लाई करने वाला मेक्सिको अब अमेरिका की सख्त निगरानी में है। माना जा रहा है कि यह आदेश उन देशों पर दबाव बनाने के लिए है, जो क्यूबा के साथ ऊर्जा व्यापार जारी रखे हुए हैं।

    मेक्सिको-क्यूबा संबंधों पर असर की आशंका

    ट्रंप के फैसले के बाद अटकलें तेज हैं कि अमेरिकी दबाव के चलते मेक्सिको क्यूबा को तेल आपूर्ति में कटौती कर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों में तनाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    क्यूबा में और गहराएगा संकट?

    अमेरिका के प्रतिबंधों के चलते क्यूबा पहले ही गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट से गुजर रहा है और उसे विदेशी सहयोग पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अब तक वह मेक्सिको, वेनेजुएला और रूस जैसे देशों से तेल मंगाता रहा है। इससे पहले ट्रंप यह भी साफ कर चुके हैं कि वेनेजुएला का तेल अब क्यूबा नहीं पहुंचेगा। ऐसे में नए अमेरिकी आदेश ने क्यूबा की सरकार के सामने चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।

    मेक्सिको से क्यूबा को कितनी तेल सप्लाई होती है?

    मेक्सिको की सरकारी तेल कंपनी पेमेक्स  के मुताबिक, जनवरी से सितंबर 2025 के बीच क्यूबा को रोजाना करीब 20 हजार बैरल तेल की आपूर्ति की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह सप्लाई प्रभावित होती है, तो क्यूबा को बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है।

  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, वहीं सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते 31 जनवरी, 1 फरवरी और 2 फरवरी को राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे ठंड का असर और तेज़ होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश हो रही है। इस सिस्टम के कारण 241 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि बारिश का सिस्टम गुजरने के बाद दिन और रात दोनों समय ठंड और बढ़ सकती है।

    शुक्रवार सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में कोहरे का असर देखने को मिला। भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 से अधिक जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी और सिंगरौली में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। इससे पहले कोहरे का असर बना रहेगा। 31 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश के आसार हैं। 1 फरवरी को नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश हो सकती है। वहीं 2 फरवरी को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित 40 से अधिक जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

    ओलावृष्टि और बारिश थमने के बाद प्रदेश में कोहरा और सर्दी का असर और बढ़ गया है। गुरुवार सुबह कई जिलों में 10 बजे तक धूप नहीं निकल सकी। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। ग्वालियर और दतिया में कोहरा सबसे अधिक घना रहा। उज्जैन, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, खजुराहो, सतना, धार, गुना, रायसेन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी और उमरिया में भी दृश्यता कम रही।

    रात के तापमान की बात करें तो मंदसौर में पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा स्थान रहा। हालांकि रात की कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है, लेकिन दिन में ठिठुरन बनी हुई है। गुरुवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। दतिया में 20.3, भोपाल में 20.4, श्योपुर में 20.6, नौगांव में 20.7, रतलाम और रीवा में 21.2, गुना में 21.8, खजुराहो और टीकमगढ़ में 22, इंदौर में 22.2, दमोह में 22.4, सतना में 22.7, सागर में 22.8, उज्जैन में 23, धार में 23.2 और जबलपुर में 23.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।