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  • दुर्गेश यादव की मौत के बाद परिजनों ने हाईवे पर लगाया जाम, पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा

    दुर्गेश यादव की मौत के बाद परिजनों ने हाईवे पर लगाया जाम, पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा


    शिवपुरी जिले:
    के बदरवास में सड़क हादसे में 23 वर्षीय युवक दुर्गेश यादव की मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए परिजनों ने सिल्वर पार्क के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि हादसे में शामिल वाहन और उसके चालक की पहचान की जाए तथा चालक का नाम एफआईआर में शामिल किया जाए। जाम के कारण हाईवे पर करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    जानकारी के अनुसार, घुरवार निवासी दुर्गेश यादव गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बाइक से मंडी जा रहा था। वह अपने पिता को खाना देने के लिए घर से निकला था। घुरवार और बदरवास के बीच चंपालाल कुशवाह के घर के पास एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दुर्गेश गंभीर रूप से घायल हो गया।

    हादसे की जानकारी मिलने पर दुर्गेश का छोटा भाई विकेश मौके पर पहुंचा। वह घायल दुर्गेश को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से परिवार में शोक छा गया। हादसे में शामिल वाहन और चालक की पहचान नहीं होने के कारण परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन दुर्गेश का शव लेकर हाईवे पर पहुंचे। उन्होंने सिल्वर पार्क के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि सड़क हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन और उसके चालक की पहचान की जानी चाहिए। साथ ही, चालक का नाम एफआईआर में दर्ज किया जाए, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई हो सके।

    हाईवे पर चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उन्हें मामले की जांच का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि दो दिन के भीतर जांच पूरी कर हादसे में शामिल वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चालक की पहचान होने पर उसका नाम एफआईआर में जोड़ा जाएगा।

    पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन जाम खोलने के लिए राजी हो गए। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका। करीब आधे घंटे तक चले इस चक्काजाम के दौरान परिजन वाहन चालक की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

    फिलहाल मामले में अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करना पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती है। परिजनों को दो दिन के भीतर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। अब पुलिस की जांच के आधार पर हादसे में शामिल वाहन और चालक के संबंध में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से सदमे में मिलाप जावेरी, दोस्त को अंतिम विदाई देते समय छलके आंसू.

    फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से सदमे में मिलाप जावेरी, दोस्त को अंतिम विदाई देते समय छलके आंसू.

    नई दिल्ली । फिल्ममेकर संजय गुप्ता के अचानक निधन की खबर से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। 31 अक्टूबर को उनके निधन की जानकारी सामने आने के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इस बीच उनके करीबी दोस्त और निर्देशक मिलाप जावेरी भी उन्हें अंतिम विदाई देने उनके घर पहुंचे। दोस्त को खोने के गम में मिलाप काफी भावुक नजर आए। घर के बाहर पहुंचने के दौरान उनके आंसू छलक पड़े और वह खुद को संभाल नहीं सके।

    संजय गुप्ता के निधन की खबर ने मिलाप जावेरी को गहरा सदमा पहुंचाया है। दोनों के बीच करीबी दोस्ती थी। संजय के घर पहुंचने पर मिलाप के चेहरे पर दुख साफ दिखाई दिया। अपने दोस्त को अंतिम विदाई देने पहुंचे निर्देशक इस दौरान काफी भावुक नजर आए। उनका यह भावुक पल दोनों के बीच के गहरे रिश्ते को दर्शाता है।

    जानकारी के मुताबिक, 57 वर्षीय संजय गुप्ता का निधन 31 अक्टूबर को हुआ। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि मुंबई स्थित उनके घर में गिरने के कारण उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। इस घटना के बाद उनके निधन की खबर सामने आई, जिससे फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को गहरा झटका लगा।

    ‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से मिली पहचान

    संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में अपनी एक्शन और क्राइम आधारित फिल्मों के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने निर्देशन के जरिए बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई थी। उनकी फिल्मों में अपराध की दुनिया, दमदार एक्शन और घटनाओं पर आधारित कहानियों को प्रमुखता से दिखाया जाता था।

    निर्देशक के रूप में उन्होंने ‘आतिश’, ‘कांटे’, ‘जिंदा’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग शैली विकसित की। उनकी फिल्मों में एक्शन और क्राइम की कहानियों को पेश करने का अंदाज दर्शकों के बीच चर्चा में रहा।

    फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
    संजय गुप्ता के निधन के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों और फिल्मी दुनिया के अन्य लोगों की ओर से भी उन्हें याद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके निधन पर दुख जताते हुए श्रद्धांजलि दी है।

    मिलाप जावेरी का भावुक होकर उनके घर पहुंचना भी इस दुखद घटना के बीच चर्चा में है। संजय गुप्ता और मिलाप जावेरी के बीच दोस्ती का रिश्ता था। ऐसे में उनके निधन की खबर मिलाप के लिए व्यक्तिगत क्षति बन गई। हिंदी सिनेमा में संजय गुप्ता ने एक्शन और क्राइम फिल्मों के जरिए अपनी पहचान बनाई थी। उनके निर्देशन में बनी कई फिल्में उनके फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उनके अचानक निधन से फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे निर्देशक को खो दिया है, जिन्होंने अपनी अलग शैली से दर्शकों के बीच जगह बनाई थी।

  • राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी ने सरदार पटेल को किया नमन, एकता नगर को दी 400 करोड़ रुपये की सौगात

    राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी ने सरदार पटेल को किया नमन, एकता नगर को दी 400 करोड़ रुपये की सौगात

    नई दिल्ली । देश के पहले गृहमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर (केवड़िया) में मुख्य राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम के साथ ही प्रधानमंत्री ने एकता नगर के विकास को गति देने के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी योजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। विकास योजनाओं में स्मार्ट परिवहन संपर्क व्यवस्था, हरित ऊर्जा से जुड़ी पहल, पर्यटकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए नए वॉकवे और सुरक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण शामिल है। इसके अलावा स्थानीय जनजातीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने से जुड़ी योजनाएं भी इन परियोजनाओं का हिस्सा हैं।

    प्रधानमंत्री ने एकता नगर के विकास और उसकी भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यह स्थान अब केवल एक स्मारक तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता और पर्यावरण के अनुकूल विकास के वैश्विक मॉडल के रूप में आगे बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी और सुविधाओं को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

    विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ने एकता नगर में तैयार किए गए रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद जैव विविधता, दुर्लभ वनस्पतियों और विभिन्न पौधों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें इन हरित क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में बताया।

    नर्मदा नदी के साधु बेट द्वीप पर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित स्मारक है। इसकी मुख्य प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर यानी 597 फीट है। आधार सहित इसकी कुल ऊंचाई लगभग 240 मीटर बताई जाती है। यह अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दोगुनी ऊंची है। प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वी. सुतार ने इस प्रतिमा को डिजाइन किया था, जबकि इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने किया। निर्माण कार्य 33 महीने में पूरा किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल की 143वीं जयंती के अवसर पर इस स्मारक को राष्ट्र को समर्पित किया था।

    राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान भव्य परेड का भी आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री ने परेड की सलामी ली। इसमें सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और गुजरात पुलिस के जवानों ने हिस्सा लिया। सुरक्षा बलों के दस्तों ने अनुशासन और शौर्य का प्रदर्शन किया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक नृत्यों और डेयरडेविल्स जवानों के हैरतअंगेज करतबों ने समारोह को विशेष बनाया। कार्यक्रम के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।

    समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने 562 से अधिक देसी रियासतों का विलय कर भारत को एकजुट करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री ने इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए देश के 140 करोड़ नागरिकों से संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करने का संकल्प दोहराने की अपील की।

  • ISRO ने लॉन्च किया NVS-03 सैटेलाइट, NavIC से सेना की नेविगेशन क्षमता होगी मजबूत, 1500 किलोमीटर तक बढ़ेगी पहुंच

    ISRO ने लॉन्च किया NVS-03 सैटेलाइट, NavIC से सेना की नेविगेशन क्षमता होगी मजबूत, 1500 किलोमीटर तक बढ़ेगी पहुंच


    नई दिल्ली ।भारत ने अंतरिक्ष और स्वदेशी नेविगेशन तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर की देर रात GSLV-F18 रॉकेट के जरिए अगली पीढ़ी के नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 का सफल प्रक्षेपण किया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से यह मिशन पूरा किया गया। इस प्रक्षेपण से भारत के स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम NavIC को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसका लाभ नागरिक सेवाओं के साथ रक्षा और रणनीतिक गतिविधियों में भी मिल सकता है।

    NVS-03 को भारत की भौगोलिक सीमा से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे तक फैले NavIC के कवरेज क्षेत्र में नेविगेशन सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस प्रणाली के जरिए सशस्त्र बलों को रणनीतिक अभियानों के दौरान स्थान और दिशा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा सड़क, हवाई और समुद्री परिवहन सहित कई नागरिक क्षेत्रों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

    ISRO के अनुसार, GSLV-F18 रॉकेट की यह 20वीं उड़ान थी। प्रक्षेपण के लगभग 18 मिनट 40 सेकंड बाद रॉकेट ने 2,232 किलोग्राम वजनी NVS-03 सैटेलाइट को निर्धारित जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थापित कर दिया। हालांकि, सैटेलाइट को पूरी तरह सक्रिय होने से पहले अपनी निर्धारित परिचालन कक्षा तक पहुंचने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफल प्रक्षेपण पर ISRO के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NavIC को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के समर्पण और उनकी तकनीकी क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयास देश को लगातार गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मिशन महत्वपूर्ण तकनीकों में भारत की आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाते हैं।

    NVS-03 दूसरी पीढ़ी के नेविगेशन सैटेलाइट समूह का तीसरा उपग्रह है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में स्वदेशी एटॉमिक क्लॉक शामिल है। सैटेलाइट में भारत में विकसित एटॉमिक क्लॉक के साथ आयातित एटॉमिक क्लॉक भी लगाई गई हैं। नेविगेशन प्रणाली में सटीक समय की गणना बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसी के आधार पर उपग्रहों से मिलने वाले संकेतों के जरिए किसी स्थान की स्थिति निर्धारित की जाती है।

    इस सैटेलाइट में L1 फ्रीक्वेंसी का नया सिग्नल भी शामिल किया गया है। इससे पहले NavIC में L5 और S-बैंड सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता था। L1 सिग्नल जुड़ने से इस प्रणाली की अनुकूलता अधिक उपकरणों और नेविगेशन रिसीवर के साथ बढ़ेगी। इससे आम नागरिकों के लिए मोबाइल और अन्य नेविगेशन सेवाओं में भी इसका उपयोग आसान हो सकता है।

    NavIC का पूरा नाम Navigation with Indian Constellation है। इसे ISRO ने भारत की स्वतंत्र क्षेत्रीय नेविगेशन जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया है। अमेरिका के GPS, रूस के GLONASS, यूरोप के Galileo और चीन के BeiDou की तरह यह भी लोकेशन, नेविगेशन और टाइमिंग सेवाएं उपलब्ध कराता है। इसकी दो प्रमुख सेवाएं हैं। Standard Positioning Service आम नागरिकों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए है, जबकि Restricted Service अधिकृत रणनीतिक और रक्षा उपयोगकर्ताओं के लिए एन्क्रिप्टेड सेवा प्रदान करती है।

    भारत को अपने स्वतंत्र नेविगेशन सिस्टम की जरूरत 1999 के कारगिल युद्ध के अनुभव के बाद विशेष रूप से महसूस हुई थी। उस समय दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सटीक लोकेशन और सैन्य गतिविधियों की जानकारी के लिए आधुनिक नेविगेशन तकनीक की आवश्यकता सामने आई। विदेशी GPS सेवाओं पर निर्भरता ने भी स्वतंत्र प्रणाली विकसित करने के रणनीतिक महत्व को उजागर किया। इसी दिशा में Indian Regional Navigation Satellite System परियोजना शुरू हुई, जिसे बाद में NavIC नाम दिया गया।

    NVS-03 का प्रक्षेपण जनवरी 2025 में NVS-02 मिशन के अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद भी महत्वपूर्ण है। NVS-02 को ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया गया था, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वह निर्धारित परिचालन कक्षा तक नहीं पहुंच सका। जांच में ऑर्बिट बढ़ाने वाले इंजन की ऑक्सीडाइजर लाइन के पायरो वाल्व तक जरूरी ड्राइव सिग्नल नहीं पहुंचने की बात सामने आई थी। इसके बाद भविष्य के मिशनों में सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने की सिफारिशें की गई थीं।

    NVS-03 अब अपनी निर्धारित जियोसिंक्रोनस कक्षा तक पहुंचने के लिए ऑनबोर्ड प्रोपल्शन सिस्टम की मदद से ऑर्बिट मैन्यूवर करेगा। इसके बाद उपकरणों और नेविगेशन संकेतों की जांच होगी। इन प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही इसकी नियमित सेवाएं शुरू हो सकेंगी। दूसरी पीढ़ी के इस कार्यक्रम में NVS-01 और NVS-02 के बाद NVS-03 को शामिल किया गया है। आगे NVS-04 और NVS-05 के प्रक्षेपण की भी योजना है। इन उपग्रहों के जरिए भारत NavIC की क्षमता, विश्वसनीयता और सेवाओं की निरंतरता को और मजबूत करना चाहता है।

  • राहुल गांधी ने रामलीला मैदान की महारैली का रूट मैप किया साझा, व्यापारियों ने उठाई रद्द करने की मांग

    राहुल गांधी ने रामलीला मैदान की महारैली का रूट मैप किया साझा, व्यापारियों ने उठाई रद्द करने की मांग

    नई दिल्ली ।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित करने जा रहा है। इस रैली से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसका रूट मैप साझा करते हुए लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर रैली का रास्ता बताते हुए देशभर के लोगों से दिल्ली पहुंचने का आग्रह किया।

    राहुल गांधी ने 31 अक्टूबर को रैली का नक्शा साझा करते हुए लिखा, ‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं।’ उनके द्वारा साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार, रैली का मार्ग कनॉट प्लेस से शुरू होकर मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक पहुंचेगा। इंडिया गठबंधन की इस रैली में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस आयोजन को लेकर दिल्ली में तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। शुक्रवार को हुई बारिश के कारण रामलीला मैदान में पानी भर गया था, जिससे आयोजन की तैयारियों को लेकर अतिरिक्त काम करना पड़ा। हालांकि, शनिवार को मैदान में पानी निकालने और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम किया गया। आयोजकों की ओर से मैदान को रैली के लिए तैयार करने की प्रक्रिया जारी रही।

    महारैली को लेकर जहां विपक्षी गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता जुटने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने इस आयोजन के समय पर सवाल उठाए हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने राहुल गांधी से एक बार फिर रैली रद्द करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि दीपावली के प्रमुख कारोबारी समय में बड़े आयोजन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के कारण बाजारों में व्यापार प्रभावित हो सकता है।

    सीटीआई ने अपनी अपील में राहुल गांधी के ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ वाले संदेश का उल्लेख किया। संगठन का कहना है कि दिल्ली के व्यापारियों की दुकानें भी ग्राहकों के साथ आपसी विश्वास, प्रेम और सहयोग के आधार पर चलती हैं। ऐसे में दीपावली के व्यस्त कारोबारी मौसम में बाजारों और दुकानों का कारोबार प्रभावित नहीं होना चाहिए।

    सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मोहब्बत की दुकान का संदेश देते रहे हैं, लेकिन दिल्ली में रैली के आयोजन से पुरानी व्यापारिक दुकानों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। उनके मुताबिक, चांदनी चौक और आसपास के बाजारों में कई दुकानें पीढ़ियों से कारोबार कर रही हैं। इन बाजारों का व्यापार केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका भी इससे जुड़ी हुई है।

    बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक की परांठे वाली दुकानें, खारी बावली के मसालों का कारोबार, सदर बाजार की चूड़ी और बिंदी की दुकानें तथा चांदनी चौक के लहंगे के बाजार की अपनी अलग पहचान है। इसी तरह दरियागंज में एसी का कारोबार, चावड़ी बाजार में सैनिटरी सामान की दुकानें और करोल बाग की मशहूर कुल्फी की दुकानें भी दिल्ली के व्यापारिक बाजारों का हिस्सा हैं।

    उन्होंने कहा कि इन दुकानों से जुड़े प्रत्येक कारोबार पर करीब 10 से 20 लोगों के परिवारों की आजीविका निर्भर करती है। ऐसे में दीपावली जैसे बड़े त्योहार के ठीक पहले व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आने से दुकानदारों और उनसे जुड़े लोगों को नुकसान हो सकता है। व्यापारियों की चिंता है कि रैली के कारण बाजारों तक ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई तो त्योहार के दौरान होने वाली बिक्री पर असर पड़ सकता है।

    सीटीआई ने राहुल गांधी से अपील की है कि वे व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए महारैली आयोजित करने के फैसले पर दोबारा विचार करें। संगठन का कहना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ उन व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, जिनके लिए दीपावली का समय पूरे साल के कारोबार में महत्वपूर्ण होता है।

    फिलहाल 1 नवंबर को होने वाली महारैली को लेकर राजनीतिक तैयारियों के साथ व्यापारिक संगठनों की आपत्तियां भी सामने आ रही हैं। एक तरफ राहुल गांधी ने रैली में अधिक से अधिक लोगों के शामिल होने का आह्वान किया है, वहीं दूसरी तरफ व्यापारियों ने त्योहार के मौसम में बाजारों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। अब इस आयोजन के दौरान रैली के मार्ग और आसपास के बाजारों में कारोबार की स्थिति पर भी नजर रहेगी।

  • FATF ने पाकिस्तान पर नहीं की सख्ती, आतंकी फंडिंग के मामलों की जांच अब 2030 तक टली..

    FATF ने पाकिस्तान पर नहीं की सख्ती, आतंकी फंडिंग के मामलों की जांच अब 2030 तक टली..

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन शोधन और आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण पर निगरानी रखने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की पाकिस्तान को लेकर अपनाई गई प्रक्रिया चर्चा में है। पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों की ओर से डिजिटल माध्यमों से कथित तौर पर धन जुटाए जाने के आरोपों के बावजूद संस्था ने फिलहाल कोई नई कार्रवाई नहीं की है। इसके बजाय पाकिस्तान से जुड़े मूल्यांकन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया के तहत संबंधित समूह को 31 मार्च 2029 तक अपना मूल्यांकन पूरा कर रिपोर्ट जमा करनी है। इसके बाद वर्ष 2030 में होने वाली पूर्ण बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी और आगे के कदमों पर फैसला लिया जा सकता है।

    पेरिस में आयोजित चार दिवसीय पूर्ण बैठक के दौरान पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई। इसमें पाकिस्तान में सक्रिय वैश्विक आतंकी संगठनों की डिजिटल माध्यमों से होने वाली फंडिंग का मुद्दा भी उठाया गया। हालांकि, इन आरोपों के बावजूद तत्काल किसी नई कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई। मूल्यांकन और समीक्षा की मौजूदा प्रक्रिया को जारी रखने का फैसला किया गया है। इस समयसीमा के कारण पाकिस्तान के खिलाफ किसी संभावित नए कदम पर निर्णय आने में अभी कई वर्ष लग सकते हैं।

    पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की ऑनलाइन फंडिंग को लेकर पहले भी गंभीर आरोप सामने आ चुके हैं। पिछले वर्ष सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ऑनलाइन माध्यमों से पाकिस्तान में 391 करोड़ रुपये का चंदा जुटाया था। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल संगठन की गतिविधियों और उसके ठिकानों के पुनर्निर्माण में किया गया।

    इसी मामले में दावा किया गया कि जैश-ए-मोहम्मद ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ध्वस्त हुए अपने मुख्यालय का दोबारा निर्माण कराया है। बताया गया कि चंदे और पाकिस्तान सरकार से मिलने वाली कथित मदद के जरिए यह काम पूरा किया गया। हालांकि, इन आरोपों और दावों को लेकर अलग-अलग स्तर पर आधिकारिक पुष्टि तथा स्वतंत्र जांच के निष्कर्षों का विवरण सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

    FATF के प्रमुख गिल्स थॉम्पसन ने पाकिस्तान की निगरानी और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उनके अनुसार, अक्टूबर 2022 में पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से पाकिस्तान के साथ एशिया-पैसिफिक ग्रुप (APG) के माध्यम से बातचीत और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।

    ग्रे लिस्ट से बाहर होने के बाद भी पाकिस्तान को वित्तीय निगरानी से पूरी तरह मुक्त नहीं माना जा सकता। FATF की व्यवस्था के तहत सदस्य देशों और संबंधित समूहों के माध्यम से वित्तीय पारदर्शिता, धन शोधन रोकने और आतंकवादी वित्तपोषण पर नियंत्रण से जुड़े मानकों का आकलन किया जाता है। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत पाकिस्तान की स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

    अब 31 मार्च 2029 तक मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर जमा करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद 2030 की पूर्ण बैठक में इस रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। ऐसे में पाकिस्तान से जुड़े मामलों में FATF की अगली महत्वपूर्ण कार्रवाई का समय मूल्यांकन के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा। फिलहाल इस प्रक्रिया के पूरा होने तक पाकिस्तान को लेकर निगरानी और समीक्षा जारी रहेगी।

  • हरियाणा के 60 साल पूरे होने पर सोनीपत में वैश्विक विचारों का नया मंच तैयार करेगी जिंदल यूनिवर्सिटी

    हरियाणा के 60 साल पूरे होने पर सोनीपत में वैश्विक विचारों का नया मंच तैयार करेगी जिंदल यूनिवर्सिटी

    नई दिल्ली ।हरियाणा के गठन की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्य में शिक्षा, नवाचार और वैश्विक विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की घोषणा की गई है। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी जनवरी 2027 में अपने पहले वर्ल्ड आइडियाज फोरम का आयोजन करेगी। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 23 से 25 जनवरी 2027 तक सोनीपत स्थित विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा। इसका विषय ‘वियर द वर्ल्ड आइडिया मीट’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले विचारों और दृष्टिकोणों को एक मंच पर लाना है।

    इस सम्मेलन में सार्वजनिक जीवन, विश्वविद्यालयों, उद्योग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और नागरिक समाज से जुड़े प्रमुख लोगों के शामिल होने की योजना है। आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे और वर्तमान समय की प्रमुख चुनौतियों के समाधान पर चर्चा करेंगे। इसे वार्षिक वैश्विक सम्मेलन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि प्रत्येक वर्ष नए विषयों और विचारों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संवाद को आगे बढ़ाया जा सके।

    हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था। राज्य के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह पहल उसकी विकास यात्रा को भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य हरियाणा को शिक्षा, शोध, रचनात्मकता और अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संवाद के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान देना है। इसके साथ ही सोनीपत को वैश्विक स्तर पर विचारों और ज्ञान के आदान-प्रदान के प्रमुख स्थान के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।

    विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति एवं संरक्षक नवीन जिंदल ने कहा कि हरियाणा की छह दशक की यात्रा उसके लोगों की उद्यमशीलता, दृढ़ संकल्प और आकांक्षाओं को दर्शाती है। कृषि, उद्योग और खेल के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियां उसे शिक्षा, नवाचार और ज्ञान के वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ने का आधार प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे भी यही सोच थी कि हरियाणा में विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान विकसित हों और उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ाव मजबूत हो।

    उन्होंने बताया कि वर्ल्ड आइडियाज फोरम के माध्यम से दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख आवाजों को सोनीपत तक लाने और युवाओं को भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विमर्श का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जाएगा।

    फोरम के पहले संस्करण में शासन व्यवस्था, आर्थिक विकास, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सतत विकास, संस्कृति और मानव कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा तकनीकी बदलावों के प्रभाव, सार्वजनिक संस्थाओं की मजबूती, रोजगार और अवसरों के विस्तार तथा आने वाली पीढ़ियों की तैयारी जैसे मुद्दे भी विचार-विमर्श का हिस्सा बनेंगे।

    कार्यक्रम में मुख्य भाषण, नेतृत्व संवाद, सार्वजनिक व्याख्यान, साहित्यिक चर्चाएं, पुस्तक विमोचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित करने की योजना है। इसके साथ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी, छात्र वाद-विवाद, नीति आधारित सिमुलेशन तथा कला, संगीत, रंगमंच और डिजाइन से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ विद्यार्थियों और युवा प्रतिभाओं की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा।

    विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रोफेसर सी. राज कुमार के अनुसार, इस मंच का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां लोग स्वतंत्र रूप से विचार रख सकें, एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझें और अलग-अलग विषयों के बीच संवाद स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज और भविष्य से जुड़े सवालों पर सार्थक चर्चा के अवसर भी उपलब्ध कराने चाहिए।

    फोरम को दीर्घकालिक संस्थागत पहल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके तहत वर्ल्ड आइडियाज लेक्चर, वर्ल्ड आइडियाज अवॉर्ड, वर्ल्ड आइडियाज बुक प्राइज और ग्लोबल यंग आइडियाज फेलोशिप जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं। इसके अलावा इंडिया आइडियाज लेक्चर, फ्यूचर लीडर्स डायलॉग और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज राउंडटेबल के माध्यम से सार्वजनिक नेतृत्व, उच्च शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को जोड़ने की योजना है।

    इस पहल के तहत वर्ल्ड आइडियाज डिक्लेरेशन, ग्लोबल फ्यूचर्स रिपोर्ट और वर्ल्ड आइडियाज इंडेक्स भी प्रस्तावित हैं। इनके जरिए सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं को व्यापक सार्वजनिक विमर्श और भविष्य की साझेदारियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    जनवरी 2027 में होने वाला पहला सम्मेलन हरियाणा की 60वीं वर्षगांठ और वर्ष 2047 तक भारत के विकास लक्ष्यों के बीच भविष्य की दिशा पर चर्चा का अवसर बनेगा। आयोजन से सोनीपत में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक संपर्क बढ़ने तथा नई संस्थागत साझेदारियों के अवसर बनने की उम्मीद है।

  • पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए आप की पहली सूची जारी, 40 उम्मीदवारों को टिकट; धूरी से लड़ेंगे भगवंत मान

    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए आप की पहली सूची जारी, 40 उम्मीदवारों को टिकट; धूरी से लड़ेंगे भगवंत मान

    नई दिल्ली । पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी ने इस सूची में 40 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। सबसे प्रमुख नाम पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का है, जिन्हें धूरी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है। पार्टी की ओर से जारी सूची में माझा, दोआबा और मालवा क्षेत्रों की विभिन्न विधानसभा सीटों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही कई महिला उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया है।

    आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज कुमार गुप्ता की ओर से 31 अक्टूबर को उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। इसमें प्रत्याशियों के नाम के साथ उनके विधानसभा क्षेत्र और निर्वाचन क्षेत्र की संख्या का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर चुनावी तैयारियों की दिशा में कदम बढ़ाया है।

    माझा और दोआबा क्षेत्र में इन उम्मीदवारों को टिकट
    पार्टी की पहली सूची के अनुसार, बटाला विधानसभा सीट से अमनशेर सिंह (शेरी कलसी), अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल और अमृतसर दक्षिण से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को उम्मीदवार बनाया गया है। तरनतारन सीट से हरमीत सिंह संधू और खेमकरण से सरवन सिंह धुन चुनाव लड़ेंगे।

    दोआबा क्षेत्र में नकोदर सीट से इंदरजीत कौर मान, करतारपुर से बलकार सिंह, दसूया से करमबीर सिंह घुम्मन और उर्मर से जसवीर सिंह राजा गिल को टिकट दिया गया है। होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा जिंपा, चब्बेवाल से ईशांक कुमार चब्बेवाल, गढ़शंकर से जय किशन सिंह रौड़ी और बलाचौर से संतोष कटारिया को प्रत्याशी घोषित किया गया है।

    रूपनगर और लुधियाना की सीटों पर भी नाम तय
    रूपनगर विधानसभा सीट से दिनेश चड्ढा और एसएएस नगर से कुलवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। फतेहगढ़ साहिब से लखबीर सिंह राय, अमलोह से गुरिंदर सिंह गैरी वड़िंग और समराला से जगतार सिंह दयालपुरा चुनाव मैदान में होंगे।

    लुधियाना क्षेत्र की कई सीटों पर भी पार्टी ने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। लुधियाना पूर्वी से दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला, आत्म नगर से कुलवंत सिंह सिद्धू और लुधियाना केंद्रीय से अशोक प्रशार पप्पी को टिकट दिया गया है। लुधियाना पश्चिम से संजीव अरोड़ा, लुधियाना उत्तर से चौधरी मदन लाल बग्गा और पायल से मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को उम्मीदवार बनाया गया है।

    मालवा क्षेत्र में भी उम्मीदवारों की घोषणा
    मालवा क्षेत्र की सीटों पर निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर, बाघा पुराना से अमृतपाल सिंह सुखानंद और मोगा से अमनदीप कौर अरोड़ा को प्रत्याशी घोषित किया गया है। धर्मकोट से देविंदर जीत सिंह लाडी ढोस, जलालाबाद से जगदीप कंबोज गोल्डी और फाजिल्का से नरिंदरपाल सिंह सावना को टिकट मिला है।

    इसके अलावा मुक्तसर से जगदीप सिंह काका बराड़, कोटकपूरा से कुलतार सिंह संधवां और जैतो से अमोलक सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। तलवंडी साबो से बलजिंदर कौर, सरदूलगढ़ से गुरप्रीत सिंह बनावाली, भदौड़ से लभ सिंह उगोके और मेहल कलां से कुलवंत सिंह पंडोरी को चुनाव मैदान में उतारा गया है।

    धूरी से भगवंत मान, पटियाला से अजीतपाल सिंह को टिकट
    सूची में अमरगढ़ विधानसभा सीट से जसवंत सिंह गज्जन माजरा को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं धूरी से मुख्यमंत्री भगवंत मान चुनाव लड़ेंगे। पटियाला विधानसभा सीट से अजीतपाल सिंह को टिकट दिया गया है। सूची में इंदरजीत कौर मान, संतोष कटारिया, डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और बलजिंदर कौर सहित महिला उम्मीदवारों को भी जगह दी गई है।

    इस तरह आम आदमी पार्टी ने पंजाब की 40 विधानसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी से उम्मीदवार बनाए जाने के साथ पार्टी ने अपनी पहली सूची में विभिन्न क्षेत्रों और विधानसभा सीटों को प्रतिनिधित्व दिया है।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का मॉक महाभियोग आज, 21 विपक्षी दलों के नेता होंगे शामिल

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का मॉक महाभियोग आज, 21 विपक्षी दलों के नेता होंगे शामिल


    नई दिल्ली ।
    मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन शनिवार को मॉक महाभियोग आयोजित करने जा रहा है। इस कार्यक्रम में विपक्ष के करीब 21 राजनीतिक दलों के नेता शामिल होंगे। आयोजन दोपहर 3:30 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर किया जाएगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस कार्यक्रम को चुनाव प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की एकजुटता दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    दरअसल, INDIA गठबंधन का मॉक महाभियोग कार्यक्रम पहले शुक्रवार को आयोजित किया जाना था, लेकिन दिल्ली में भारी बारिश के कारण इसे टालना पड़ा। अब इसे शनिवार दोपहर 3:30 बजे आयोजित करने का फैसला लिया गया है। इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और विभिन्न वामपंथी दलों के नेता हिस्सा लेंगे। राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और SIR प्रक्रिया से प्रभावित लोगों के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। विपक्ष इस आयोजन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहता है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसके बाद अलग-अलग विपक्षी दलों के प्रतिनिधि निर्धारित समय के भीतर अपनी बात रखेंगे। आयोजन में करीब 30 नेताओं के संबोधन की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम को संसद की कार्यवाही की तर्ज पर संचालित करने की तैयारी है। इसमें प्रस्ताव पेश करने, नेताओं के भाषण और चर्चा के लिए एक निश्चित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हालांकि, यह पूरी कवायद प्रतीकात्मक होगी। इसे वास्तविक संवैधानिक महाभियोग की प्रक्रिया नहीं माना जाएगा।

    इस आयोजन से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को वोट चोरी के आरोपों पर संसद में बहस करने की चुनौती दी है। लखनऊ में भाजपा की राज्य कार्यसमिति की बैठक के दौरान शाह ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद अंपायर को दोष देने के बजाय मेहनत करनी चाहिए। शाह की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और SIR को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।

    मॉक महाभियोग के बाद INDIA गठबंधन अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली भी आयोजित करेगा। इस रैली में मुख्य रूप से वोट चोरी के आरोपों और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का मुद्दा उठाया जाएगा। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में हैं। मॉक महाभियोग और प्रस्तावित रैली को गठबंधन के साझा अभियान के दो महत्वपूर्ण हिस्सों के तौर पर देखा जा रहा है। इसके जरिए विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखने और इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे।

  • पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर, एयर इंडिया ने सऊदी अरब के तीन शहरों की उड़ानें 14 नवंबर तक रोकीं

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात का असर हवाई सेवाओं पर पड़ने लगा है। सऊदी अरब आने-जाने वाले यात्रियों को अब अपनी यात्रा की योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सऊदी अरब के तीन प्रमुख शहरों के लिए अपनी उड़ानें 14 नवंबर 2026 तक निलंबित कर दी हैं। इस फैसले से जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, इंडिगो और अकासा एयर ने भी सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पहले भी इन शहरों के लिए उड़ानों पर रोक लगाई थी। उस समय रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक, जबकि जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित की गई थीं। अब क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए इस अवधि को बढ़ाकर 14 नवंबर 2026 कर दिया गया है। एयरलाइंस का यह निर्णय यात्रियों और विमान संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए टिकट की तारीख बदलने और पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जिनके टिकट 30 अक्टूबर 2026 या उससे पहले जारी हुए हैं और जिनकी यात्रा की तारीख 14 नवंबर 2026 तक निर्धारित थी। ऐसे यात्री एक बार बिना अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं। नई यात्रा 29 नवंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। हालांकि, मुफ्त रीबुकिंग की सुविधा सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

    जो यात्री अपनी यात्रा नहीं करना चाहते, वे टिकट रद्द कर पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। एयर इंडिया के यात्री सऊदी अरब में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन से आने-जाने के लिए टिकट की वैकल्पिक व्यवस्था करा सकते हैं। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों को सऊदी अरब या बहरीन में एयरलाइन के किसी भी चालू स्टेशन के लिए रीबुकिंग का विकल्प दिया गया है। प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए दोनों कंपनियों ने संपर्क केंद्र और शहरों में टिकट बुकिंग कार्यालयों की सुविधा उपलब्ध कराई है।

    सऊदी अरब में हाल के हमलों के बाद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं। 21 अक्टूबर को दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और शायबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई थी। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। शायबाह तेल क्षेत्र में हुए हमले में भी एक भारतीय नागरिक घायल हुआ था। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में नागरिक और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

    उड़ानों पर रोक लगाने वाली कंपनियों में इंडिगो भी शामिल है। कंपनी ने जेद्दा, दम्माम और मदीना आने-जाने वाली अपनी उड़ानें 14 नवंबर तक रद्द की हैं। दूसरी ओर, अकासा एयर ने रियाद के लिए अपनी उड़ानों पर 30 नवंबर तक और जेद्दा के लिए 10 नवंबर तक रोक लगाने का फैसला किया है। इस तरह अलग-अलग एयरलाइंस की उड़ानों के निलंबन की अवधि अलग-अलग रखी गई है।

    प्रभावित यात्री टिकट में बदलाव या रिफंड से संबंधित जानकारी के लिए एयर इंडिया के संपर्क नंबर +91 11 69329333 और +91 11 69329999 पर संपर्क कर सकते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए +91 124 6935600 नंबर उपलब्ध कराया गया है।

    यात्रियों को सलाह दी गई है कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। टिकट बदलने या रद्द कराने से पहले संबंधित एयरलाइन की निर्धारित शर्तों और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेना भी जरूरी है। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बीच उड़ानों के संचालन में आगे भी बदलाव हो सकते हैं।