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  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, वहीं सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते 31 जनवरी, 1 फरवरी और 2 फरवरी को राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे ठंड का असर और तेज़ होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश हो रही है। इस सिस्टम के कारण 241 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि बारिश का सिस्टम गुजरने के बाद दिन और रात दोनों समय ठंड और बढ़ सकती है।

    शुक्रवार सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में कोहरे का असर देखने को मिला। भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 से अधिक जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी और सिंगरौली में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। इससे पहले कोहरे का असर बना रहेगा। 31 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश के आसार हैं। 1 फरवरी को नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश हो सकती है। वहीं 2 फरवरी को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित 40 से अधिक जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

    ओलावृष्टि और बारिश थमने के बाद प्रदेश में कोहरा और सर्दी का असर और बढ़ गया है। गुरुवार सुबह कई जिलों में 10 बजे तक धूप नहीं निकल सकी। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। ग्वालियर और दतिया में कोहरा सबसे अधिक घना रहा। उज्जैन, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, खजुराहो, सतना, धार, गुना, रायसेन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी और उमरिया में भी दृश्यता कम रही।

    रात के तापमान की बात करें तो मंदसौर में पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा स्थान रहा। हालांकि रात की कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है, लेकिन दिन में ठिठुरन बनी हुई है। गुरुवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। दतिया में 20.3, भोपाल में 20.4, श्योपुर में 20.6, नौगांव में 20.7, रतलाम और रीवा में 21.2, गुना में 21.8, खजुराहो और टीकमगढ़ में 22, इंदौर में 22.2, दमोह में 22.4, सतना में 22.7, सागर में 22.8, उज्जैन में 23, धार में 23.2 और जबलपुर में 23.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी को दी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, सत्य और अहिंसा का संदेश याद किया


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और एकता के माध्यम से समाज और मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बताया कि गांधी जी ने अपने सरल जीवन और आदर्शों से लोगों को सामाजिक न्याय, समानता और नैतिकता का महत्व समझाया। उनके संदेश आज भी हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें यह सिखाया कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा से नहीं, बल्कि सत्य और अहिंसा के मार्ग से संभव है। उनके विचार और कृतित्व न केवल स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणादायक रहे, बल्कि समाज में सामूहिक भलाई और मानवता के मूल्य स्थापित करने में भी मार्गदर्शन करते हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे गांधी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और उनके सिद्धांतों के अनुसार समाज और राष्ट्र की सेवा करें। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमें अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार और जिम्मेदार रहने का संदेश देता है।

    महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री द्वारा दी गई श्रद्धांजलि में उनकी विचारधारा और जीवन दर्शन की महत्ता को प्रमुखता दी गई। डॉ. यादव ने कहा कि गांधी जी की अहिंसा, सत्य और सेवा की भावना आज भी देश में समाजिक और नैतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने और उन्हें उनके जीवन और संदेशों से प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को गांधी जी के विचारों और उनके नैतिक मूल्यों के महत्व से परिचित कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में इन्हें लागू कर सकें।

  • रानी मुखर्जी ने खोला बेटी अदीरा का बॉलीवुड भविष्य, कहा- फिलहाल ताइक्वांडो सीख रही हैं

    रानी मुखर्जी ने खोला बेटी अदीरा का बॉलीवुड भविष्य, कहा- फिलहाल ताइक्वांडो सीख रही हैं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित और दमदार अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने हाल ही में अपनी बेटी अदीरा की परवरिश और उनके भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए। रानी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मर्दानी 3’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उन्होंने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ एक विशेष सत्र में बातचीत की और आईएएनएस से बात करते हुए मां और बेटी के रिश्ते पर अपने नजरिए को साझा किया।

    सत्र के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने रानी से पूछा कि क्या वह चाहती हैं कि उनकी बेटी अदीरा बड़ी होकर अभिनेत्री बने और फिल्मों में कदम रखें। इस सवाल के जवाब में रानी ने सहज और स्पष्ट अंदाज में कहा कि फिलहाल उनकी बेटी ताइक्वांडो सीख रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य यह है कि अदीरा शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी बने।रानी ने कहा कि ताइक्वांडो सीखने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और अदीरा खुद को पहले से अधिक सशक्त महसूस कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में अदीरा जो भी रास्ता चुनेंगी-चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हो या किसी अन्य क्षेत्र से-वह हमेशा उनका समर्थन करेंगी। रानी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अपनी बेटी की खुशी और सशक्तता हैन कि केवल पेशेवर सफलता।

    आईएएनएस से बातचीत में रानी ने जीवन में खुश रहने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खुश रहने वाला इंसान अपने आसपास के लोगों को भी खुश रख सकता है। रानी ने यह भी कहा कि एक मांबेटी और बहन होने के नाते उन्हें यह अनुभव हुआ है कि जीवन में आत्मविश्वास और संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी दृष्टिकोण को वे अपनी बेटी अदीरा को भी सिखा रही हैं।

    रानी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि आज के समय में लड़कियों का मजबूतआत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होना बेहद जरूरी है। समाज में बदलाव तभी संभव हैजब महिलाएं खुद पर भरोसा करना सीखें। उन्होंने बताया कि अपने माता-पिता और परिवार की भूमिका के महत्व के साथ-साथलड़कियों को यह भी सिखाना आवश्यक है कि अपनी खुशीआत्मसम्मान और आत्मविश्वास से कभी समझौता न करें।रानी मुखर्जी का मानना है कि माता-पिता का समर्थन बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैलेकिन बच्चों की खुशी और उनके व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता देना ही सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदीरा अभी अपनी पढ़ाई और ताइक्वांडो पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और फिल्मों में आने का निर्णय भविष्य में उनकी खुद की इच्छा और रुचि पर निर्भर करेगा।

    सार मेंरानी मुखर्जी की यह टिप्पणी न केवल एक मां के नजरिए को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि आज की युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती कितना जरूरी है। उन्होंने अपनी बेटी के लिए यही संदेश दिया कि जीवन में किसी भी क्षेत्र में कदम रखेंलेकिन हमेशा खुश रहें और अपने आत्मसम्मान का सम्मान करें।

  • मंत्रालय स्थित पटेल पार्क में 2 फरवरी को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन

    मंत्रालय स्थित पटेल पार्क में 2 फरवरी को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन


    भोपाल ।मध्य प्रदेश के मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में 2 फरवरी, 2026 को राष्ट्रगीत वन्देमातरम और राष्ट्रगान “जन-गण-मन” का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10:15 बजे शुरू होगा। यह आयोजन माह के प्रथम कार्य दिवस पर प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी किया जा रहा है।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश जारी किए हैं। बताया गया है कि 1 फरवरी को शासकीय अवकाश होने के कारण यह कार्यक्रम अगले दिन आयोजित किया जा रहा है, ताकि सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी इसमें भाग ले सकें।

    प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर मंत्रालय में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है। इसका उद्देश्य न केवल देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है, बल्कि सरकारी कार्यस्थलों में एकजुटता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी बढ़ावा देना है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे समय पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम में भाग लें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाएं।

    वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित होने वाले इस आयोजन में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और अन्य उपस्थित लोग राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के माध्यम से देशभक्ति का संदेश फैलाएंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी और कार्यक्रम का पालन पूरी गंभीरता से किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों से अपेक्षा है कि वे अनुशासन बनाए रखें और राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान के महत्व को ध्यान में रखते हुए श्रद्धा और सम्मान के साथ इसमें भाग लें।

    इस तरह, मंत्रालय द्वारा आयोजित यह आयोजन देशभक्ति की भावना को प्रबल करने, अधिकारियों और कर्मचारियों में राष्ट्रीय सम्मान और अनुशासन बढ़ाने और राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के महत्व को युवा अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

  • मंत्रालय में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन, महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण

    मंत्रालय में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन, महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण


    भोपाल ।  30 जनवरी 2026 को मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस और वीर शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने मंत्रालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखा। इस मौन सभा के माध्यम से देश के उन सभी वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया गया, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की स्वतंत्रता और अखंडता सुनिश्चित की।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि सचिव श्री एम. रघुराज, श्री मनीष सिंह सहित मंत्रालय के वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यर्पण किया और उनकी शिक्षाओं तथा अहिंसा और सत्य के मार्ग को याद किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल शहीदों की स्मृति को सम्मानित करना था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उनके बलिदान और देशभक्ति से प्रेरित करना बताया गया। मुख्य सचिव श्री जैन ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी और अन्य शहीदों के आदर्श आज भी समाज और प्रशासनिक कार्यों में मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि दो मिनट का मौन रखना एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जो हमें अपने कर्तव्यों और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाता है।

    इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और यह संकल्प लिया कि वे अपने कार्य क्षेत्र में देश की सेवा और नागरिक कल्याण को सर्वोपरि रखेंगे। माल्यर्पण और मौन धारण का यह आयोजन मंत्रालय में शांति और श्रद्धा का वातावरण बनाए रखने में सफल रहा।

    इस प्रकार, 30 जनवरी के अवसर पर मंत्रालय ने महात्मा गांधी और वीर शहीदों को याद कर उनके योगदान को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने न केवल पुष्प अर्पित किए, बल्कि महात्मा गांधी और शहीदों के आदर्शों को अपने कार्य और जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।

  • Senior Women Kabaddi Nationals: रेलवे और हरियाणा की जीत, सेमीफाइनल लाइन-अप तय

    Senior Women Kabaddi Nationals: रेलवे और हरियाणा की जीत, सेमीफाइनल लाइन-अप तय

    नई दिल्ली। गत चैंपियन भारतीय रेलवे ने क्वार्टरफाइनल-1 में अपने अनुभव और गहराई का शानदार नमूना पेश किया। रेलवे ने महाराष्ट्र को 58-23 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में कदम रखा। रेलवे की ओर से साक्षी ने 10 पॉइंट्स के साथ शानदार प्रदर्शन किया, जबकि पूजा ने 9 पॉइंट्स जोड़कर टीम की बढ़त को मजबूत किया। डिफेंस में सोनाली शिंगटे और मंदिरा संपत कोमकर ने अहम टैकल पॉइंट्स लेकर महाराष्ट्र को पूरे मैच में दबाव में रखा।

    हरियाणा का तूफानी खेल, मध्य प्रदेश को रौंदा

    दूसरे क्वार्टरफाइनल में हरियाणा ने टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक दिखाया। हरियाणा ने मध्य प्रदेश को 63-16 से हराकर एकतरफा मुकाबला खेला।
    राज रानी ने 17 पॉइंट्स के साथ मैच पर पूरी तरह कब्जा जमाया। उनके अलावा रुचि (11 पॉइंट्स) और निकिता (10 पॉइंट्स) ने भी शानदार सहयोग दिया। हरियाणा की आक्रामक रेडिंग और मजबूत डिफेंस ने विपक्ष को संभलने का मौका ही नहीं दिया।

    रोमांचक मुकाबले में तमिलनाडु की जीत

    क्वार्टरफाइनल का सबसे करीबी और रोमांचक मुकाबला तमिलनाडु और चंडीगढ़ के बीच देखने को मिला। तमिलनाडु ने कांटे की टक्कर में चंडीगढ़ को 39-37 से हराया।
    तमिलनाडु की कार्थिका आर ने 15 पॉइंट्स के साथ एक बार फिर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। सूजी एम ने 9 पॉइंट्स जोड़कर उनका अच्छा साथ दिया। चंडीगढ़ की ओर से अंजलि (10 पॉइंट्स) और मोनिका रानी (7 पॉइंट्स) ने संघर्ष जारी रखा, लेकिन निर्णायक पलों में तमिलनाडु की सूझबूझ भारी पड़ी।

    हिमाचल प्रदेश ने दिखाई मजबूती, पंजाब बाहर

    चौथे क्वार्टरफाइनल में हिमाचल प्रदेश ने पंजाब को 48-25 से हराकर सेमीफाइनल लाइन-अप पूरा किया। हिमाचल की पुष्पा ने 16 पॉइंट्स के साथ शानदार खेल दिखाया, जबकि ज्योति ने 12 पॉइंट्स जोड़कर टीम को लगातार बढ़त दिलाई। पंजाब की ओर से सिमरन कंबोज ने 17 पॉइंट्स के साथ संघर्ष किया, लेकिन टीम जीत से दूर रही।

    सेमीफाइनल से पहले बढ़ा रोमांच

    चार मजबूत टीमों के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही टूर्नामेंट अपने निर्णायक मोड़ पर आ गया है। रेलवे, हरियाणा, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश के बीच होने वाले सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कौन-सी टीम खिताब की दौड़ में अंतिम बाज़ी मारती है।

  • राज्यपाल श्री पटेल ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, शहीद दिवस पर रखी दो मिनट की मौन सभा

    राज्यपाल श्री पटेल ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, शहीद दिवस पर रखी दो मिनट की मौन सभा


    भोपाल । राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने दो मिनट का मौन रखकर देशभक्त शहीदों को भी याद किया। कार्यक्रम में लोकायुक्त जस्टिस श्री सतेंद्र कुमार सिंह और राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

    राज्यपाल ने महात्मा गांधी के चित्र पर फूल अर्पित करते हुए उनके आदर्शों और अहिंसा के मार्ग का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता का जीवन हमें सत्य, अहिंसा और सेवा की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को याद किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

    लोकभवन में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारियों ने भी महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान शांति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके राष्ट्रहित में किए गए योगदान को याद किया।

    राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा देशवासियों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज और प्रशासनिक कार्यों में मार्गदर्शन का काम करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि शहीद दिवस पर दो मिनट का मौन रखने से हम अपने देश के उन सभी वीरों को सम्मानित करते हैं जिन्होंने स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

    लोकायुक्त जस्टिस सतेंद्र कुमार सिंह ने भी महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनका जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी उपस्थित कर्मचारियों के साथ मिलकर शहीदों और राष्ट्रपिता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इस अवसर पर राज्यपाल कार्यालय में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने न केवल पुष्पांजलि अर्पित की, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों पर चर्चा भी की और उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। राज्यपाल श्री पटेल ने अंत में कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमें हमारे इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इन आदर्शों से प्रेरित हों।

  • Budget Impact on Markets: जानिए पिछले 15 बार शेयर बाजार ने किस दिशा में किया रेस्पॉन्ड

    Budget Impact on Markets: जानिए पिछले 15 बार शेयर बाजार ने किस दिशा में किया रेस्पॉन्ड

    नई दिल्ली  हर साल आम बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार की चाल निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल बन जाती है। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, कैपेक्स और सेक्टरल घोषणाओं का सीधा असर बाजार पर पड़ता है। इसी को देखते हुए एसबीआई सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट में पिछले 15 बजट के बाद बाजार के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

    एक हफ्ते बाद सेंसेक्स का ट्रैक रिकॉर्ड

    रिपोर्ट के मुताबिक, बजट पेश होने के एक हफ्ते बाद सेंसेक्स ने 15 में से 11 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है। इस अवधि में औसतन 2.10 प्रतिशत का मुनाफा निवेशकों को मिला।
    हालांकि, चार बार सेंसेक्स नुकसान में भी रहा, जहां औसत गिरावट 2.05 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे साफ है कि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार का पलड़ा अक्सर सकारात्मक ही रहा है।

    तीन महीने में सेंसेक्स का प्रदर्शन

    अगर थोड़ा लंबा नजरिया अपनाया जाए तो तस्वीर और साफ हो जाती है। बजट के तीन महीने बाद सेंसेक्स ने 15 में से 9 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है। इस दौरान औसत मुनाफा 6.77 प्रतिशत रहा।
    वहीं, छह बार बाजार ने नकारात्मक रिटर्न दिया, जिसमें औसत नुकसान 5.28 प्रतिशत दर्ज हुआ।

    निफ्टी भी रहा मजबूत

    निफ्टी के आंकड़े भी लगभग इसी कहानी को दोहराते हैं। बजट के एक हफ्ते बाद निफ्टी ने 15 में से 12 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है। इस दौरान औसत रिटर्न 2.04 प्रतिशत रहा।
    तीन बार निफ्टी गिरावट में रहा, जहां औसत नुकसान 2.65 प्रतिशत रहा।

    तीन महीने बाद निफ्टी का ट्रेंड

    तीन महीने की अवधि में निफ्टी ने 15 में से 9 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है। इस दौरान औसत मुनाफा 7.40 प्रतिशत रहा। वहीं, छह बार नकारात्मक रिटर्न में औसत नुकसान 5.46 प्रतिशत देखा गया।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा उतार-चढ़ाव

    लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में ज्यादा वोलैटिलिटी दिखी है।
    बजट के एक हफ्ते बाद निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने 15 में से 11 बार सकारात्मक रिटर्न दिया। मिडकैप का औसत रिटर्न 3.1 प्रतिशत और स्मॉलकैप का 3.3 प्रतिशत रहा।
    तीन महीने बाद मिडकैप ने 10 बार सकारात्मक रिटर्न (औसत 8.67%) दिया, जबकि स्मॉलकैप में केवल 7 बार तेजी दिखी, हालांकि इसका औसत रिटर्न 14.54 प्रतिशत रहा, जो जोखिम के साथ ज्यादा मुनाफे की संभावना दिखाता है।

    निवेशकों के लिए क्या संकेत

    कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि बजट के बाद बाजार ने ज्यादातर मौकों पर निवेशकों को फायदा पहुंचाया है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक बजट के बाद आने वाले उतार-चढ़ाव को अवसर के रूप में देख सकते हैं, जबकि ट्रेडर्स को जोखिम प्रबंधन पर खास ध्यान देना चाहिए।

  • अदाणी समूह को अंतरराष्ट्रीय भरोसा: जापान की रेटिंग एजेंसी ने तीन प्रमुख कंपनियों को दी मजबूत क्रेडिट रेटिंग

    अदाणी समूह को अंतरराष्ट्रीय भरोसा: जापान की रेटिंग एजेंसी ने तीन प्रमुख कंपनियों को दी मजबूत क्रेडिट रेटिंग

    नई दिल्ली जापान की प्रतिष्ठित क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Japan Credit Rating Agency (JCR) ने अदाणी समूह की तीन प्रमुख कंपनियों अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड (APSEZ), अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL)को स्टेबल आउटलुक के साथ दीर्घकालिक फॉरेन करेंसी क्रेडिट रेटिंग प्रदान की है। यह रेटिंग न केवल अदाणी समूह की वित्तीय मजबूती को दर्शाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच उसके प्रति बढ़ते भरोसे का भी संकेत है।

    किस कंपनी को कितनी रेटिंग

    रतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल करती है। वहीं, अदाणी ग्रीन एनर्जी और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस दोनों को BBB+ (स्टेबल) रेटिंग मिजेसीआरए ने अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड (APSEZ) को A- (स्टेबल) रेटिंग दी है, जो इसे देश की संप्रभु रेटिंग से ऊपर रखने वाली चुनिंदा भाली है। खास बात यह है कि ये रेटिंग्स भारत की सॉवेरन क्रेडिट रेटिंग (BBB+) के बराबर हैं।

    ग्रुप CFO ने क्या कहा

    अदाणी समूह के ग्रुप सीएफओ जुगेशिंदर सिंह ने इन रेटिंग्स को समूह के लिए अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह रेटिंग्स अनुशासित वित्तीय प्रबंधन, मजबूत बैलेंस शीट और विविध बुनियादी ढांचा पोर्टफोलियो में विश्वस्तरीय निष्पादन को दर्शाती हैं।
    उन्होंने आगे कहा कि यह वैश्विक ऋणदाताओं, संस्थागत निवेशकों और पूंजी बाजारों के उस भरोसे की पुष्टि है, जो अदाणी समूह की दीर्घकालिक रणनीति और सतत विकास मॉडल में दिखाई देता है।

    अदाणी पोर्ट्स की खास उपलब्धि

    जेसीआरए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अदाणी पोर्ट्स की मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल, विविध परिसंपत्ति आधार और स्थिर नकदी प्रवाह इसे अन्य कंपनियों से अलग बनाते हैं। एजेंसी के अनुसार, कंपनी की बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताएं, लगातार मजबूत मुनाफा और विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन इसे भारत की विदेशी मुद्रा सॉवेरन रेटिंग से ऊपर स्थान दिलाते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय मानकों से बढ़ता तालमेल

    यह रेटिंग भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के लिए एक अहम संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उन शुरुआती उदाहरणों में से एक है, जहां जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म को इस स्तर पर आंका है। इससे वैश्विक रेटिंग एजेंसियों के साथ अदाणी समूह के बढ़ते तालमेल और अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट मानकों पर उसकी मजबूत पकड़ स्पष्ट होती है।

    निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत

    कुल मिलाकर, जेसीआरए की यह रेटिंग अदाणी समूह की वित्तीय स्थिरता, दीर्घकालिक विकास क्षमता और भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माण में उसकी अग्रणी भूमिका को मजबूती देती है। यह आने वाले समय में विदेशी निवेश और वैश्विक फंडिंग के नए रास्ते भी खोल सकती है।

  • Surajkund Mela 2026: सूरजकुंड मेला जाने का सबसे आसान तरीका क्या है? जानें मेट्रो और बस से कैसे पहुंचें

    Surajkund Mela 2026: सूरजकुंड मेला जाने का सबसे आसान तरीका क्या है? जानें मेट्रो और बस से कैसे पहुंचें

    नई दिल्ली  Surajkund Mela 2026: हरियाणा के फरीदाबाद में लगने वाला सूरजकुंड मेला इस बार 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा. बता दें कि साल 2026 में यह 39वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला लगने वाला है. इस साल मेले में मेघालय और उत्तर प्रदेश को थीम स्टेट बनाया गया है. वहीं, मिस्र (Egypt) को पार्टनर कंट्री घोषित किया गया है. फूड कोर्ट में 100 से ज्यादा फूड स्टॉल लगाए जाएंगे. ऐसे में अगर आप भी मेले में जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां जानें कि आप मेट्रो, बस या अपनी गाड़ी से कैसे पहुंच सकते हैं. कौन सा रूट आपके लिए सबसे सही रहेगा और मेले तक पहुंचने के लिए आपको कितना किराया देना होगा.

    बस से सूरजकुंड मेला कैसे पहुंचें?
    मेले के दौरान प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए खास बस सेवा शुरू की है. सूरजकुंड मेले तक पहुंचने के लिए आपको बल्लभगढ़ से बस मिलेगी. 31 जनवरी से रोज सुबह 7 बजे से बसें मिलनी शुरू हो जाएंगी. सबसे अच्छी बात यह है कि बसें हर 30 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी, शनिवार और रविवार के दिन हर 15 मिनट में मेले के लिए बस उपलब्ध रहेंगी. यानी आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

    बस का किराया भी काफी सस्ता रखा गया है.
    बल्लभगढ़ से सूरजकुंड- सिर्फ 25 रुपये
    बदरपुर से सूरजकुंड- मात्र 20 रुपये
    बड़खल मेट्रो स्टेशन से- 10 रुपये
    ऐसे में कम खर्च में आरामदायक सफर चाहने वालों के लिए बस सबसे बढ़िया विकल्प है.

    मेट्रो से सूरजकुंड मेला कैसे पहुंचें?
    वहीं, अगर आप मेट्रो से जाना चाहते हैं, तो बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन (वायलेट लाइन) सूरजकुंड मेले के सबसे नजदीक है. स्टेशन से बाहर निकलते ही आपको ऑटो, ई-रिक्शा और बस आसानी से मिल जाएगी, जो सीधे मेले तक पहुंचा देती हैं. दिल्ली और आसपास के इलाकों से आने वालों के लिए मेट्रो काफी सुविधाजनक रहती है.

    अपनी गाड़ी या कैब से कैसे पहुंचें सूरजकुंड मेला?
    जो लोग अपनी कार या बाइक से जाना चाहते हैं, उनके लिए सड़क मार्ग भी अच्छा है. मेले के पास पार्किंग की व्यवस्था रहती है, हालांकि भीड़ ज्यादा होने पर थोड़ा समय लग सकता है. आप चाहें तो कैब या टैक्सी भी बुक कर सकते हैं.

    एयरपोर्ट से सूरजकुंड मेला कैसे जाएं?
    अगर आप इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे आ रहे हैं, तो पहले नई दिल्ली की ओर आना होगा. एयरपोर्ट से सूरजकुंड की दूरी करीब 30 किलोमीटर है, जिसे आप कैब या मेट्रो के जरिए आसानी से तय कर सकते हैं.