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  • Silver Price Crash: अचानक चांदी में बड़ी गिरावट… खुलते ही ₹24000 रुपये सस्ती, सोना भी धड़ाम

    Silver Price Crash: अचानक चांदी में बड़ी गिरावट… खुलते ही ₹24000 रुपये सस्ती, सोना भी धड़ाम

    नई दिल्ली  सोना-चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। लगातार तूफानी तेजी के बाद इन कीमती धातुओं के भाव खुलते ही क्रैश हो गए। सबसे ज्यादा झटका चांदी को लगा, जहां MCX पर चांदी का वायदा भाव करीब 24,000 रुपये तक टूट गया। वहीं सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई और यह खुलते ही लगभग 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया। इस अचानक गिरावट से निवेशकों में हलचल तेज हो गई है।

    चांदी में रिकॉर्ड एकदिनी गिरावट
    चांदी की कीमतों में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। बीते कारोबारी दिन गुरुवार को MCX पर चांदी रॉकेट की रफ्तार से चढ़ते हुए इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई थी और 3,99,893 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। लेकिन शुक्रवार को बाजार खुलते ही तस्वीर बदल गई। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 23,993 रुपये टूटकर 3,75,900 रुपये प्रति किलो पर आ गया।

    लाइफटाइम हाई से 44 हजार की टूट
    गुरुवार को चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलो का नया लाइफटाइम हाई बनाया था। इस स्तर से तुलना करें तो सिर्फ एक ही दिन में चांदी करीब 44,148 रुपये तक सस्ती हो गई। इतनी बड़ी एकदिनी गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    📉 सोने में भी बड़ा झटका
    चांदी के बाद सोने की कीमतों में भी शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर गोल्ड रेट क्रैश करता नजर आया। गुरुवार को सोना जबरदस्त तेजी के साथ नया ऑलटाइम हाई छूने के बाद 1,83,962 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन शुक्रवार को 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला गोल्ड खुलते ही 8,862 रुपये टूटकर 1,75,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

    गोल्ड लाइफटाइम हाई से करीब 18 हजार नीचे
    गुरुवार को ही सोने ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया लाइफटाइम हाई बनाया था। इस स्तर के मुकाबले शुक्रवार को सोने की कीमतों में करीब 17,996 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इतनी तेज एकदिनी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

    सोना-चांदी में गिरावट के पीछे क्या है वजह?
    एमसीएक्स से लेकर ग्लोबल बाजारों तक सोना-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के पीछे कई अहम वजहें सामने आ रही हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमती धातुओं के तेजी से नए हाई लेवल पर पहुंचते ही बाजार में जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते कीमतों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली।

    ग्लोबल संकेतों का भी असर
    वैश्विक स्तर पर भले ही तनाव का माहौल बना हुआ हो, लेकिन टैरिफ अटैक के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत की दिशा में कदम बढ़ाना भी बाजार पर असर डालता दिखा है। भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेत मिलने से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी पर दबाव बढ़ा और दाम फिसलते चले गए।

  • रेलवे ने तत्काल बुकिंग के नियमों में किया बदलाव… कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ी

    रेलवे ने तत्काल बुकिंग के नियमों में किया बदलाव… कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ी


    नई दिल्ली।
    भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने तत्काल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया (Tatkal Ticket Booking Process) को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए अपनी तकनीक और नियमों को पूरी तरह अपडेट कर दिया है। पिछले कई वर्षों से यात्रियों की शिकायत थी कि बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही सेकंड में टिकट खत्म हो जाते हैं। रेलवे का दावा है कि नए सिस्टम (New Systems) से अब वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

    नए नियमों के तहत अब केवल पूरी तरह सत्यापित IRCTC अकाउंट से ही तत्काल टिकट बुक किए जा सकेंगे। अब यात्रियों को अपना IRCTC अकाउंट आधार कार्ड से लिंक करना होगा। बिना वेरिफिकेशन वाले या अधूरे प्रोफाइल वाले अकाउंट्स को तत्काल विंडो के दौरान ब्लॉक कर दिया जाएगा। बुकिंग के समय यात्री को वही पहचान विवरण देना होगा जो उसके आधार या सरकारी आईडी से जुड़ा है। इससे फर्जी नामों से टिकट बुक करने और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।

    रेलवे ने इस बार तकनीक के मोर्चे पर भी बड़े बदलाव किए हैं। बुकिंग के शुरुआती मिनटों में ऑटो-फिल टूल्स और स्क्रिप्ट्स को रोकने के लिए ‘सोफिस्टिकेटेड टेक्निकल फिल्टर्स’ लगाए गए हैं। इससे अब सॉफ्टवेयर के जरिए पलक झपकते ही टिकट उड़ा लेना मुमकिन नहीं होगा। यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत पेमेंट फेल होने की रहती थी। नए सिस्टम में पेमेंट गेटवे को और अधिक फास्ट और सुरक्षित बनाया गया है, जिससे आखिरी स्टेप पर टिकट कैंसिल होने का डर कम होगा।

    तत्काल विंडो खुलते ही शुरुआती समय में एजेंटों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उनके लिए नए प्रतिबंध और ट्रैकिंग टूल्स लागू किए गए हैं ताकि आम जनता को प्राथमिकता मिल सके।


    यात्रियों के लिए क्या बदला?

    रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यदि आपका प्रोफाइल पहले से अपडेटेड और आधार से लिंक है, तो आपको कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना पिछले वर्षों के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे बुकिंग समय से पहले अपना इंटरनेट कनेक्शन और प्रोफाइल की स्थिति जांच लें।

    2026 के ये नए नियम रेलवे बुकिंग में पारदर्शिता बहाल करने और सिस्टम पर लोगों का भरोसा फिर से जगाने की एक कोशिश है। तकनीकी सुधार और अनिवार्य पहचान सत्यापन के माध्यम से रेलवे ने दलालों और सॉफ्टवेयर के अवैध इस्तेमाल पर सीधा हमला किया है।

  • साई पल्लवी को लेकर बड़ी खबर: “कल्कि 2898 एडी 2” में दीपिका की जगह लेने की संभावना!

    साई पल्लवी को लेकर बड़ी खबर: “कल्कि 2898 एडी 2” में दीपिका की जगह लेने की संभावना!


    नई दिल्ली। फिल्म “कल्कि 2898 एडी” (2024) की बड़ी हिट के बाद अब उसके दूसरे पार्ट में बड़े बदलाव की खबरें आ रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार रामायण की एक्ट्रेस साई पल्लवी को दीपिका पादुकोण की जगह लेने के लिए कास्ट किया जा सकता है। इस खबर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और साई पल्लवी के फैंस काफी उत्साहित हैं।

    क्या सच में साई पल्लवी दीपिका की जगह लेंगी?
    एनडीटीवी तेलुगु की रिपोर्ट के अनुसार, कल्कि 2898 एडी 2 के प्रोड्यूसर्स साई पल्लवी को कास्ट करने की योजना बना रहे हैं।
    लेकिन अभी फिल्म मेकर्स की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं आई है।

    सोशल मीडिया पर क्या कहा जा रहा है?
    सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है और यूजर्स के रिएक्शन भी मिल रहे हैं:

    एक यूजर: “क्या कल्कि 2 की शूटिंग पूरी हो गई है?”

    एक ने लिखा: “साई पल्लवी की जगह सान्या मल्होत्रा को कास्ट करना चाहिए।”

    एक और ने कहा: “साई पल्लवी को कल्कि 2 में देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं।”

    “कल्कि 2898 एडी” की सफलता और रेटिंग
    कल्कि 2898 एडी (2024) नाग अश्विन की एक साइंस फिक्शन फिल्म थी और यह बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट रही थी।
    फिल्म में प्रमुख कलाकार:

    अमिताभ बच्चन

    प्रभास

    कमल हासन

    दिशा पाटनी

    कीर्ति सुरेश

    और दीपिका पादुकोण

    IMDb रेटिंग: 7/10
    देखने के लिए: Prime Video और Netflix

    साई पल्लवी की अगली बड़ी भूमिका: रामायण में माता सीता
    साई पल्लवी जल्द ही रणबीर कपूर की “रामायण” में माता सीता के किरदार में नजर आएंगी।
    इस फिल्म में रणबीर कपूर, अरुण गोविल, रवि दुबे, सनी देओल और यश जैसे सितारे भी शामिल हैं।और खबर है कि रामायण का कुल बजट 4000 करोड़ तक हो सकता है!

  • Survey : 45 फीसदी भारतीयों ने मोदी सरकार से की अमेरिका पर टैरिफ लगाने की अपील

    Survey : 45 फीसदी भारतीयों ने मोदी सरकार से की अमेरिका पर टैरिफ लगाने की अपील


    नई दिल्ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) में जल्द ही बड़ी ट्रेड डील (Big Trade Deal) होने के आसार हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (Indian Foreign Minister S. Jaishankar) की आगामी अमेरिका यात्रा के दौरान डील पर बड़ा फैसला आ सकता है। इसी बीच एक सर्वे से पता चला है कि भारतीय चाहते हैं कि भारत सरकार टैरिफ का जवाब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) को टैरिफ से ही दे।

    एक सर्वे के अनुसार, उत्तर देने वाले करीब 45 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार से जवाबी टैरिफ लगाने की अपील की है। सर्वे से पता चला है कि सिर्फ 6 प्रतिशत ही मानते हैं कि भारत सरकार को ट्रंप की मांगों को स्वीकार कर लेना चाहिए। जबकि, 34 फीसद उत्तरदाता जीएसटी में कमी और ऐसे ही उपाय करने के पक्ष में हैं।


    भारत और ईयू में हुई बड़ी डील

    भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एफटीए पर वार्ता के समापन की घोषणा की थी। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया जा रहा है। इस समझौते के तहत भारत के 93 प्रतिशत निर्यात को 27 देशों वाले यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि यूरोपीय संघ से लग्जरी कारों और वाइन का आयात सस्ता हो जाएगा।

    करीब दो दशक तक चली बातचीत के बाद हुए इस समझौते से भारत और यूरोपीय संघ के बीच लगभग दो अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और यूरोपीय संघ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक इकाई है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि यूरोपीय संघ (EU) के साथ किया गया मुक्त व्यापार समझौता (FTA) महत्वाकांक्षी भारत के लिए है और इससे देश के विनिर्माताओं के लिए नए बाजार खुलेंगे। उन्होंने उद्योग जगत से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।

  • MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?

    MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?


    रायसेन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन जिले (Raisen district) के एक गांव में मलेशिया के वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण रेडियो-सोंडे (Atmospheric Data Collection Instrument Radio-Sonde) के गिरने से कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। इस मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर बेगमगंज क्षेत्र के ग्राम मरखंडी के एक रिहायशी इलाके में बुधवार शाम आसमान से यह रेडियो-सोंडे गिरा, जिसे संदिग्ध यंत्र समझकर और किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।

    बेगमगंज की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) सोनल गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यंत्र को जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह कोई विस्फोटक नहीं बल्कि मौसम विज्ञान में इस्तेमाल होने वाला रेडियो-सोंडे उपकरण है। गुप्ता ने बताया इस उपकरण पर स्पष्ट रूप से मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग लिखा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि यह मलेशिया मूल का है।

    पुलिस का मानना है कि ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम के कारण यह हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंचा है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी उपकरण को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारी ने बताया कि यंत्र के गिरने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वे घबराहट में अपने घर छोड़कर इधर-उधर दूर खेतों की ओर भागने लगे।

    रेडियो-सोंडे वायुमंडलीय डेटा संग्रह का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों का उपयोग किया जाता है, जो पृथ्वी की सतह से करीब 15-20 किलोमीटर ऊपर वायुमंडलीय दाब, तापमान, हवा की दिशा और गति को रिकॉर्ड कर रेडियो संकेतों के माध्यम से डेटा प्रेषित करता है। पुलिस के मुताबिक इस प्रकार के गुब्बारे अक्सर ‘प्रस्थान बिंदु’ से सैकड़ों किलोमीटर दूर गिरते हैं और इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।

  • MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा

    MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा


    इंदौर।
    अगर आप भी किसी ऐसे व्यक्ति, परिवार या संस्था को जानते हैं, जिनके यहां पर नहाते समय गर्म पानी करने के लिए गैस गीजर का उपयोग किया जाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore City) में एक माह के भीतर दो ऐसे दर्दनाक मामले सामने आए हैं, जिनमें बाथरूम (Bathroom) बंद करके नहा रहे दो युवकों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों और परिजनों को मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक- Heart attack) लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर कर दिया।


    हार्ट अटैक से नहीं इस वजह से हुई थी मौत

    पीएम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों युवकों की मौत गैस गीजर से निकली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई थी। दोनों मृतकों की उम्र करीब 20 साल थी और उन्हें किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी भी नहीं थी। जानकारी के अनुसार, एक युवक अपने दोस्त के घर पर रह रहा था, जबकि दूसरा अपने परिवार के साथ रहता था। घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में शवों का पोस्टमार्टम किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह और सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकित पी.जैन ने बताया कि मौत का स्पष्ट कारण गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस थी।


    कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से सांस नहीं फूलती

    विशेषज्ञों के मुताबिक, जब बंद जगह में गैस गीजर चलाया जाता है और वहां ताजी हवा नहीं आने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैस बनने लगती है, जो बेहद खतरनाक होती है। डॉक्टरों ने बताया कि यह गैस न तो दिखाई देती है और न ही इसकी कोई गंध होती है। यहां तक कि इसे ले रहे व्यक्ति को सांस फूलने या घबराहट का अहसास भी नहीं होता। ऐसे में कुछ ही मिनटों में वह बेहोश हो जाता है और समय पर मदद न मिलने पर उसकी मौत हो सकती है। पोस्टमार्टम के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई मौत में शव पर पिंक हाइपोस्टेसिस और शरीर के अंगों का गुलाबी रंग दिखाई देता है।


    वेंटिलेशन की कमी बनी मौत की वजह

    विशेषज्ञों का कहना है कि बंद बाथरूम में गैस गीजर का उपयोग और वेंटिलेशन (हवा आने-जाने) की कमी ऐसे हादसों का मुख्य कारण है। इससे पहले भी इंदौर में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। करीब छह माह पहले 24 वर्षीय युवती की मौत भी गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण हुई थी। जागरूकता की कमी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।


    इन सावधानियों का जरूर करें पालन

    – गैस गीजर को बाथरूम या बंद कमरे में न लगवाएं। इसे बालकनी, छत या खुले स्थान पर लगाएं।
    – यदि बाथरूम में गैस गीजर लगा हो तो नहाते समय दरवाजा या खिड़की खुली रखें।
    – केवल उच्च गुणवत्ता और भारतीय मानक प्रमाणित गैस गीजर का ही उपयोग करें।
    – गीजर लगवाते समय यह सुनिश्चित करें कि तकनीशियन द्वारा उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई हो।

  • WPL 2026: RCB ने फाइनल में किया कब्जा, यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से हराकर लीग स्टेज में 6वीं जीत

    WPL 2026: RCB ने फाइनल में किया कब्जा, यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से हराकर लीग स्टेज में 6वीं जीत


    बेंगलुरु। 2026 स्मृति मंधाना की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से हराकर WPL 2026 के लीग स्टेज में अपना 6वां मैच जीत लिया और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    मैच का सार (RCB vs UP Warriors)
    यूपी वॉरियर्स की पारी
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूपी वॉरियर्स 143/8 पर ही सिमट गई।

    दीप्ति शर्मा ने शानदार अर्धशतक जड़ा (55 रन)

    मेग लैनिंग ने 41 रन बनाकर संघर्ष किया

    बाकी बल्लेबाजों ने कोई बड़ी साझेदारी नहीं की

    RCB की तरफ से नादिन डी क्लर्क ने 4 ओवर में 22 रन देकर 4 विकेट झटके और यूपी की पारी को दबाव में रखा।

    RCB का लक्ष्य आसान
    144 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB की ओपनिंग जोड़ी ने ही मैच का परिणाम तय कर दिया।

    ग्रेस हैरिस: 37 गेंदों पर 75 रन

    स्मृति मंधाना: 27 गेंदों पर 54 रन*

    दोनों ने 108 रन की धमाकेदार साझेदारी की और RCB ने 9.1 ओवर में जीत दर्ज की।

    WPL 2026 प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक
    RCB के फाइनल में पहुंचने के बाद बाकी 2 प्लेऑफ सीटों के लिए 4 टीमों की जंग जारी है।

    टीम अंक स्थिति
    गुजरात जाएंट्स 8 2nd पायदान
    मुंबई इंडियंस 6 3rd पायदान
    दिल्ली कैपिटल्स 6 4th पायदान
    यूपी वॉरियर्स 4 5th
    अभी तक कोई टीम टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है, लेकिन प्लेऑफ की तस्वीर अगले 2 मैचों में साफ हो जाएगी।

    अगले 2 मुकाबले होंगे निर्णायक
    यह 2 मैच प्लेऑफ की आख़िरी तस्वीर तय करेंगे:

    गुजरात जाएंट्स vs मुंबई इंडियंस

    दिल्ली कैपिटल्स vs यूपी वॉरियर्स

    इन दोनों मैचों के नतीजे ही तय करेंगे कि कौन-सी दो टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी।

    अब फाइनल में RCB का नाम पक्का, बाकी का फैसला अगले मैचों में
    RCB ने WPL 2026 में अपनी ताकत दिखा दी है, अब देखना यह है कि कौनसी टीमें उनके साथ प्लेऑफ में पहुंचती हैं।

  • मौसम के बदलते मिजाज के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक…MP समेत इन राज्यों में 3 दिन बारिश का अलर्ट

    मौसम के बदलते मिजाज के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक…MP समेत इन राज्यों में 3 दिन बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (New western disturbance) के प्रभाव की चेतावनी जारी की है, जो 30 जनवरी की रात से प्रभावी हो सकता है। इसके अलावा, 2 फरवरी से एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके कारण 31 जनवरी से 3 फरवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (Western Himalayan Region) में छिटपुट से भारी बारिश/बर्फबारी हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऐसा ही मौसम रहेगा। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में 1-2 फरवरी को गरज-चमक, बिजली के साथ बारिश/बर्फबारी हो सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी से 3 फरवरी तक छिटपुट हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मध्य प्रदेश में 1-2 फरवरी, छत्तीसगढ़ में 2 फरवरी को हल्की बारिश संभव है। उत्तराखंड में 30 जनवरी को पाला पड़ने की स्थिति बनी रह सकती है।

    न्यूनतम तापमान में बदलाव की भविष्यवाणी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों में 3-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और फिर दो दिनों में 2-4 डिग्री की गिरावट संभावित है। मध्य भारत में अगले 24 घंटों में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर दो दिनों में गिरावट और उसके बाद स्थिरता रहेगी। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों में 2-4 डिग्री की बढ़ोतरी और गुजरात में अगले दो दिनों में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी, फिर तीन दिनों में गिरावट और बाद में फिर बढ़ोतरी का अनुमान है। देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा।


    घने कोहरे की मार से अभी राहत नहीं

    घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी भी जारी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक सुबह-रात के समय घना कोहरा रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 फरवरी तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। 30-31 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में शीतलहर चल सकती है। मछुआरों को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी (दक्षिण तमिलनाडु, पश्चिमी श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र) और अरब सागर (गुजरात तट के पास) में न जाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सर्दी फिर से जोर पकड़ सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

  • नागालैंड की जुको घाटी में भीषण आग…3 दिन में मणिपुर की सर्वोच्च चोटी माउंट ईसो तक पहुंची

    नागालैंड की जुको घाटी में भीषण आग…3 दिन में मणिपुर की सर्वोच्च चोटी माउंट ईसो तक पहुंची


    काहिमा।
    नागालैंड (Nagaland) की ज़ुको घाटी (Dzuko Valley) में पिछले तीन दिनों से लगी भीषण जंगल की आग (Massive forest fire.) अब मणिपुर (Manipur) की सबसे ऊंची चोटी माउंट ईसो (Highest peak Mount Iso) तक फैल गई है, जिससे इस जैव-विविधता संपन्न क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। सॉन्ग-सॉन्ग यूथ एंड स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (SSYSO) के स्वयंसेवक और आसपास के गांवों के निवासी आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके में आग की तीव्रता प्रयासों पर भारी पड़ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवा स्वयंसेवकों के लगातार प्रयासों के बावजूद आग तेजी से आगे बढ़ रही है।

    राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। हालांकि, कई स्थानीय नेताओं ने मणिपुर के राज्यपाल से अपील की है कि आग पर काबू पाने के लिए तत्काल विशेषज्ञ टीमों को तैनात किया जाए। SSYSO के एक सदस्य ने कहा, “स्थिति भयावह है। हमें उचित संसाधनों और उपकरणों के साथ सरकारी हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है। हमारे सीमित साधन आग से निपटने के लिए बहुत पर्याप्त नहीं है।” पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आग पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो यह मणिपुर के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुँचा सकती है और पूरे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ सकती है।


    2020 और 2021 में भी लगी थी भीषण आग

    यह पहली बार नहीं है जब ज़ुको घाटी और माउंट ईसो क्षेत्र को ऐसी तबाही का सामना करना पड़ा है। दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच भी एक भीषण आग ने इस क्षेत्र की वनस्पतियों के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उस समय तेज हवाओं ने आग बुझाने के प्रयासों में काफी बाधा डाली थी। मणिपुर के सेनापति जिले और नागालैंड के कोहिमा जिले की सीमा पर 2,452 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ज़ुको घाटी अपनी अनूठी जैव-विविधता के लिए जानी जाती है, जिसमें दुर्लभ ‘ज़ुको लिली’ भी शामिल है। यह क्षेत्र पूर्वोत्तर हिमालय में एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक गलियारे के रूप में भी काम करता है।


    2024 में मणिपुर में लगभग 17.8 हजार हेक्टेयर वन नष्ट

    आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, मणिपुर हाल के वर्षों में भारत के सबसे अधिक आग की चपेट में आने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है। अप्रैल 2025 की शुरुआत में, राज्य में मात्र सात दिनों के भीतर जंगल की आग की 1,424 घटनाएं दर्ज की गईं, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद देश में तीसरे स्थान पर थीं। अकेले 2024 में, मणिपुर ने लगभग 17.8 हजार हेक्टेयर प्राकृतिक वन खो दिए, जिससे वातावरण में अनुमानित 91 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन हुआ।


    90 प्रतिशत जंगल की आग मानवीय कारणों से

    विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 90 प्रतिशत जंगल की आग मानवीय कारणों से लगती है, जो अक्सर वन क्षेत्रों के किनारे रहने वाले समुदायों द्वारा भूमि साफ करने जैसे उद्देश्यों के लिए लगाई जाती है। पारंपरिक ‘झूम खेती’ ने भी इस समस्या को बढ़ाया है। इस पहाड़ी इलाके के दुर्गम होने और तेज हवाओं के कारण आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण है। स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को हवाई सहायता के साथ तैनात करने की अपील की है। चूंकि प्रभावित क्षेत्र मणिपुर-नागालैंड सीमा पर स्थित है, इसलिए स्थानीय समुदायों ने इस बात पर जोर दिया है कि आग को नियंत्रित करने के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच समन्वित कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

  • सलमान खान को प्रोड्यूसर ने बताया ‘चिड़ियाघर का टाइगर’, बोले- अब पहले जैसे आक्रामक नहीं रहे

    सलमान खान को प्रोड्यूसर ने बताया ‘चिड़ियाघर का टाइगर’, बोले- अब पहले जैसे आक्रामक नहीं रहे

    नई दिल्ली |   फिल्म प्रोड्यूसर शैलेंद्र सिंह ने सलमान खान संग अपनी दोस्ती को याद किया। उन्होंने कहा कि वो और सलमान बहुत पुराने दोस्त हैं। इस बातचीत के दौरान शैलेंद्र ने कहा कि सलमान जंगल में जन्म टाइगर थे, लेकिन अब वो जू वाले टाइगर हो गए हैं।

    सलमान खान इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक हैं। लंबे वक्त से वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। उनके बहुत से प्रोड्यूसर्स, एक्टर्स और डायरेक्टर्स के साथ दोस्ती है। कुछ दोस्त उनके जीवन में ऐसे रहे जो उन्हें तब से जानते हैं जब सलमान खान फेमस नहीं थे। उनके एक ऐसे ही दोस्त रहे हैं शैलेंद्र सिंह। शैलेंद्र सिंह एक सफल प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने हाल ही में सलमान खान संग अपनी दोस्ती को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि सलमान खान और उनका तीन साल तक हर सोमवार को पार्टी करने का ट्रेडिशन था। उन्होंने कहा कि सलमान एक जंगल में जन्मे टाइगर थे, लेकिन अब वो जू (चिड़ियाघर) के टाइगर हो गए हैं। शैलेंद्र सलमान के अच्छे दोस्त रहे हैं, लेकिन आज की डेट में वो सलमान संग दोस्त नहीं हैं।

    कौन थीं सलमान खान की पहली गर्लफ्रेंड?
    सिद्धार्थ कनन के साथ खास बातचीत में शैलेंद्र ने कहा कि सलमान खान के साथ उनकी दोस्ती तब से जब सलमान खान इतने प्रसिद्ध भी नहीं हुए थे। शैलेंद्र ने कहा, “सलमान और मैं कफ परेड से एक-दूसरे को जानते हैं, जहां मैं पहले रहता था। वह वहां अपनी पहली गर्लफ्रेंड, शाहीन जाफरी से मिलने आया करता था।”

    शैलेंद्र ने सलमान खान को बताया टाइगर
    सफलता के साथ सलमान खान कैसे बदले हैं शैलेंद्र ने इस बारे में भी बात की। शैलेंद्र ने कहा, “सलमान एक टाइगर हैं, लेकिन अब वो शांत हो चुके हैं। वह जंगल में पैदा हुए टाइगर थे, अब वो जू के टाइगर हो गए हैं। सफलता आपको सतर्क, यहां तक ​​कि भयभीत भी बना देती है। तब लोग आपको घेर लेते हैं, लगातार आपको बताते हैं कि आप बॉस हैं और बाकी सब गलत हैं।”

    सलमान खान और शैलेंद्र का था खास ट्रेडिशन
    सलमान जब अपने करियर के चरम पर थे, दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। शैंलेंद्र ने बताया, “तीन साल तक, सलमान और मेरा एक ट्रे़डिशन था। हर सोमवार की रात, हम साथ में बांद्रा में पार्टी करते थे।”