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  • कम बजट में चाहिए बॉलीवुड जैसी लोकेशन, इन 5 जगहों पर बनेगी शानदार रील

    कम बजट में चाहिए बॉलीवुड जैसी लोकेशन, इन 5 जगहों पर बनेगी शानदार रील

    नई दिल्ली । आज के दौर में घूमना सिर्फ मन की शांति के लिए नहीं, बल्कि सोशल मीडिया फीड को शानदार बनाने के लिए भी होता है. खासकर Gen-Z मुसाफिरों के लिए अब वही जगह हॉट डेस्टिनेशन है, जो ‘रील-रेडी’ हो. यानी वहां के नजारे, कैफे और गलियां ऐसी हों जिन्हें देखते ही इंस्टाग्राम पर लाइक्स और कमेंट्स की बौछार हो जाए. अगर आप भी किसी ऐसी ही ट्रिप की तलाश में हैं जहां कम बजट में आपको बॉलीवुड फिल्म जैसा बैकग्राउंड मिल जाए, तो यह लिस्ट आपके लिए है. जहां की तस्वीरें आपके दोस्तों को आपसे जलने पर मजबूर कर देंगी.

    समंदर, रंगीन गलियां और सुकून वाली वाइब्स

    अगर आप समंदर के शौकीन हैं और अपनी रील में वाइब्स चाहते हैं, तो गोवा की फोंटेनहास गलियां आपका इंतजार कर रही हैं. पुर्तगाली वास्तुकला से सजी ये पीली और नीली दीवारें आपको भारत में रहकर यूरोप का अहसास कराती हैं. यहां के बीच-साइड कैफे और सूर्यास्त के नजारे आपके फीड को रंगीन बना देते हैं. थोड़ा और शांति की तलाश है, तो पुदुचेरी (पॉन्डिचेरी) का व्हाइट टाउन किसी स्वप्नलोक से कम नहीं है. फ्रांसीसी विरासत को समेटे यहां के पीले घर और सुंदर बुटीक कैफे रील बनाने के लिए सबसे एस्थेटिक बैकग्राउंड देते हैं. वहीं केरल के एलेप्पी में पानी पर तैरते हाउसबोट्स और नारियल के पेड़ों के बीच से गुजरती नाव की तस्वीरें आपके इंस्टाग्राम को एक अलग ही लेवल पर ले जाती हैं.

    बर्फ, बादल और एडवेंचर का इंस्टाग्राम पैकेज

    पहाड़ों के शौकीनों के लिए मनाली की सोलंग वैली और अटल टनल के पास जमी बर्फ किसी जादुई कंटेंट से कम नहीं है. यहां की स्लो-मोशन रील्स सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल होती हैं. अगर आप थोड़ा और एडवेंचर चाहते हैं, तो लद्दाख की पैंगोंग झील का नीला पानी और वहां का सन्नाटा आपकी तस्वीरों में जान फूंक देता है. दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत का मेघालय कुदरत की अनूठी इंजीनियरिंग पेश करता है. यहां के लिविंग रूट ब्रिज और डाउकी नदी का कांच जैसा साफ पानी ऐसा बैकग्राउंड प्रदान करता है जिसे देखकर लोग यकीन नहीं कर पाएंगे कि यह जगह भारत में ही है. इसी कड़ी में ऋषिकेश का नाम भी आता है, जहां लक्ष्मण झूला और गंगा की आरती के साथ-साथ बंजी जंपिंग और राफ्टिंग के रोमांचक वीडियो आपके रील गेम को मजबूत करते हैं.

    शाही किलों की भव्यता और विरासत का प्राचीन जादू

    संस्कृति और विरासत को पसंद करने वाले युवाओं के लिए जयपुर यानी ‘पिंक सिटी’ सबसे बड़ा अड्डा है. यहां का पत्रिका गेट अपनी रंग-बिरंगी मेहराबों के कारण इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में से एक बन चुका है. इसके साथ ही आमेर किले और हवा महल की वास्तुकला आपकी रील्स में शाही राजपूताना टच जोड़ती है. वहीं अगर आप कुछ रहस्यमयी और प्राचीन तलाश रहे हैं, तो हम्पी के खंडहर और वहां का पथरीला परिदृश्य एक अद्भुत सिनेमैटिक फील देता है. यूनेस्को की यह विश्व धरोहर स्थल इतिहास और फोटोग्राफी का अनोखा संगम है. अंत में, वाराणसी के घाटों पर सुबह की नाव की सवारी और शाम को होने वाली दिव्य गंगा आरती ऐसे सांस्कृतिक दृश्य पेश करती है जो न सिर्फ रील-रेडी हैं, बल्कि भारत की रूह को भी खूबसूरती से दर्शाते हैं.

  • अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार बन सकती हैं महाराष्ट्र की डिप्टी CM, नेताओं ने की अहम मुलाकात

    अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार बन सकती हैं महाराष्ट्र की डिप्टी CM, नेताओं ने की अहम मुलाकात

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद राजनीतिक हलकों में सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं। इस सिलसिले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने सुनेत्रा पवार से अहम मुलाकात की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम महाराष्ट्र की राजनीति में संतुलन बनाए रखने और पार्टी के समन्वय को कायम रखने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है।

    सुनेत्रा पवार के लिए डिप्टी सीएम पद पर विचार

    सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम पद का प्रस्ताव दिया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि वह अपने दिवंगत पति अजित पवार की सीट से आगामी चुनाव में हिस्सा लें। इसके साथ ही खबर है कि प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का अध्यक्ष बनाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय और आगे की चर्चा के लिए वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे। वहीं, इस बैठक में एनसीपी (एसपी) के विलय और संगठनात्मक मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है।

    हादसा जिसने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया

    गौरतलब है कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान बुधवार को बारामती में क्रैश हो गया, जिसमें उनके साथ कुल पांच लोगों की जान चली गई। हादसे में विमान में मौजूद एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर भी मारे गए। अजित पवार पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए रैलियों को संबोधित करने जा रहे थे।

    सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए विमान का लैंडिंग के दौरान कंट्रोल गड़बड़ हो गया। चश्मदीदों ने बताया कि विमान लड़खड़ाया और पल भर में क्रैश का शिकार हो गया। क्रैश के बाद विमान आग के गोले में बदल गया और पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल परिवार को शोक में डुबो दिया, बल्कि राज्य की राजनीति में भी भूचाल ला दिया।

    राजनीति में संतुलन और पार्टी नेतृत्व की चुनौती

    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस दुखद हादसे के बाद एनसीपी और अन्य सहयोगी दलों के लिए संतुलन बनाए रखना और नेतृत्व संरचना को मजबूत करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे में सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना राजनीतिक स्थिरता और पार्टी की भावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

  • CG News: रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर धर्मांतरण का खुलासा, चंगाई सभा की आड़ में चल रहा था खेल

    CG News: रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर धर्मांतरण का खुलासा, चंगाई सभा की आड़ में चल रहा था खेल



    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कथित धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया है। गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंगाई सभा की आड़ में ईसाई मतांतरण कराने के आरोप में सरगुजा पुलिस ने सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो (66) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अंबिकापुर के नमनाकला स्थित उनके निवास पर बीते कई महीनों से प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी।

    हर रविवार जुटती थी भीड़, बिना अनुमति हो रहा था आयोजन
    पुलिस जांच में सामने आया है कि ओमेगा टोप्पो के घर में हर रविवार बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। इन सभाओं के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। एक रजिस्टर भी बरामद किया गया है, जिसमें सभा में शामिल होने वालों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज थे।

    हिंदुवादी संगठनों के विरोध के बाद हुआ खुलासा
    25 जनवरी (रविवार) को चंगाई सभा की सूचना मिलने पर हिंदुवादी संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। उस समय घर के बाहर कई वाहन खड़े थे और भीतर करीब 50 से 60 लोग कथित प्रार्थना सभा में शामिल थे।

    संगठनों का आरोप है कि सभा के दौरान

    हिंदू धर्म के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं

    लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा था

    कम से कम 4–5 लोगों का मतांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था

    इसके बाद मामले की सूचना गांधीनगर थाना पुलिस को दी गई।

    पुलिस को रोका गया, रजिस्टर किया गया जब्त
    सूचना पर गांधीनगर पुलिस टीम नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंची। आरोप है कि आयोजकों ने पुलिस को सभा स्थल के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया।
    ओमेगा टोप्पो ने पुलिस से पहचान पत्र और जांच आदेश की प्रति मांगी, जबकि अन्य लोगों ने कहा कि प्रार्थना समाप्त होने के बाद ही बातचीत की जाएगी।हालांकि पुलिस ने मौके से सभा में शामिल लोगों का रजिस्टर जब्त कर लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चंगाई सभा लंबे समय से नियमित रूप से आयोजित की जा रही थी।

    इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
    हिंदुवादी संगठन से जुड़े रोशन तिवारी की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 और 299
    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5 (क)के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

    थाने से लौटने के बाद हुई गिरफ्तारी
    पुलिस के अनुसार पूछताछ के लिए थाने बुलाए जाने के बाद ओमेगा टोप्पो बिना सूचना दिए लौट गई थीं। इसके बाद गांधीनगर पुलिस ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
    थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और चंगाई सभा से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

  • अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबले से तय होगी सेमीफाइनल की तस्वीर

    अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबले से तय होगी सेमीफाइनल की तस्वीर


    नई दिल्ली। अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और ग्रुप-2 में भारत व पाकिस्तान के बीच होने वाला महामुकाबला पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकता है। इस ग्रुप में सेमीफाइनल की दौड़ फिलहाल तीन टीमोंभारत, इंग्लैंड और पाकिस्तानके बीच सिमटी हुई है।

    भारत बनाम पाकिस्तान: करो या मरो की जंग
    भारत और पाकिस्तान की अंडर-19 टीमें रविवार, 1 फरवरी को बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच पिछली भिड़ंत एशिया कप 2025 के फाइनल में हुई थी, जहां पाकिस्तान ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में भारतीय टीम के पास बदला लेने का मौका होगा, जबकि पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है।
    ग्रुप-1 से ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने चारों मुकाबले जीत लिए हैं और 8 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।
    वेस्टइंडीज: 4 अंक (कमजोर नेट रन रेट)
    अफगानिस्तान: 4 अंक, नेट रन रेट +1.020
    श्रीलंका: 4 अंक, नेट रन रेट -0.181

    अगर अफगानिस्तान अपने आखिरी मैच में आयरलैंड को हरा देता है, तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।ग्रुप-2 में न्यूज़ीलैंड, जिम्बाब्वे और बांग्लादेश पहले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुके हैं।

    भारत: 3 मैच, 3 जीत – 6 अंक (NRR +3.337)
    इंग्लैंड: 3 मैच, 3 जीत – 6 अंक (NRR +1.989)
    पाकिस्तान: 3 मैच, 2 जीत – 4 अंक (NRR +1.484)
    नेट रन रेट के मामले में भारत इस ग्रुप में सबसे मजबूत स्थिति में है।

    सेमीफाइनल के संभावित परिदृश्य
    अगर भारत पाकिस्तान को हरा देता है
    पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर
    भारत सीधे सेमीफाइनल में इंग्लैंड का परिणाम अप्रासंगिक

    अगर इंग्लैंड न्यूजीलैंड को हरा देता है
    इंग्लैंड 8 अंकों के साथ सेमीफाइनल मेंपाकिस्तान को भारत के खिलाफ बड़ी जीत चाहिएभारत का बेहतर नेट रन रेट पाकिस्तान की राह बेहद मुश्किल बना देगा अगर न्यूजीलैंड इंग्लैंड को हरा देता है
    भारत, इंग्लैंड और पाकिस्तानतीनों के 6-6 अंक हो सकते हैंऐसे में नेट रन रेट निर्णायक भूमिका निभाएगा

    नजरें टिकीं महामुकाबले पर
    भारत-पाकिस्तान का यह मुकाबला सिर्फ अंक तालिका नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर साफ कर देगा। एशिया की इस पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता में रोमांच अपने चरम पर होगा और हर गेंद सेमीफाइनल की कहानी लिखेगी।क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला किसी फाइनल से कम नहीं होगा।

  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन विवाद हाई कोर्ट तक पहुँचा, अधिकारियों के निलंबन और CBI जांच की मांग

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन विवाद हाई कोर्ट तक पहुँचा, अधिकारियों के निलंबन और CBI जांच की मांग

    नई दिल्ली। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और माघ मेला प्रशासन के बीच उत्पन्न विवाद अब इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। याचिका में 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के दिन घटित घटना की CBI जांच कराने की मांग की गई है। यह मामला धार्मिक भावनाओं, प्रशासनिक हस्तक्षेप और नाबालिगों के अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।

    अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष लेटर पिटीशन दाखिल की है। याचिकाकर्ता का दावा है कि माघ मेला सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र उत्सव है, जिसमें मौनी अमावस्या का संगम स्नान सर्वोच्च धार्मिक महत्व रखता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जब अपने शिष्यों के साथ पालकी में सवार होकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे, तब मेला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जबरन पालकी से उतार दिया और पैदल स्नान करने का निर्देश दिया।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि स्वामीजी के साथ चल रहे 11 से 14 वर्ष आयु के नाबालिग बटुकों को हिरासत में लिया गया, उनके साथ कथित मारपीट की गई और उनकी शिखा (चोटी) पकड़कर घसीटा गया। याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन) एक्ट का उल्लंघन करता है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

    याचिका में यह भी उल्लेख है कि बटुकों की शिखा खींचना सनातन धर्म की धार्मिक भावनाओं का अपमान है। मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पद और शंकराचार्य नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि याचिकाकर्ता का कहना है कि शंकराचार्य की नियुक्ति की मान्य धार्मिक प्रक्रिया अखाड़ों और काशी विद्वत परिषद के माध्यम से होती है। प्रशासन को इस प्रक्रिया या पद की वैधता पर प्रश्न उठाने का अधिकार नहीं है।

    अधिवक्ता ने कोर्ट से मांग की है कि मामले की तुरंत CBI जांच करवाई जाए, मेला और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन किया जाए, और नाबालिग बटुकों के साथ मारपीट करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।

    धार्मिक अधिकारों और नाबालिग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह याचिका हाई कोर्ट में विचाराधीन है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि प्रशासनिक हस्तक्षेप ने न केवल धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई, बल्कि छोटे बच्चों के अधिकारों का भी उल्लंघन किया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता, प्रशासनिक दखल और बाल सुरक्षा का संगम है और इसका निर्णय पूरे धार्मिक और प्रशासनिक तंत्र के लिए एक मिसाल साबित हो सकता है। कोर्ट से उम्मीद जताई जा रही है कि CBI जांच और अधिकारियों के निलंबन के निर्देश जल्द जारी होंगे।

  • भारत रंग महोत्सव में चमकेगा पंकज त्रिपाठी का नाटक 'लैलाज'; अभिनेता ने इसे 'एक सपना सच होने जैसा' कहा

    भारत रंग महोत्सव में चमकेगा पंकज त्रिपाठी का नाटक 'लैलाज'; अभिनेता ने इसे 'एक सपना सच होने जैसा' कहा

    नई दिल्ली । भारतीय रंगमंच की दुनिया में भारत रंग महोत्सव का नाम सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ लिया जाता है। यह महोत्सव नाट्य कलाकारों के लिए केवल एक मंच नहीं, बल्कि उनके सपनों का प्रतीक है। हर साल यहां देश-विदेश के चुनिंदा नाटकों का प्रदर्शन किया जाता है और इस मंच पर किसी नाटक का चयन होना किसी भी कलाकार के लिए गर्व और खुशी का पल होता है। इस साल अभिनेता पंकज त्रिपाठी का नाटक ‘लाइलाज’ 25वें भारत रंग महोत्सव में प्रस्तुत किया जाएगा।

    पंकज त्रिपाठी के लिए विशेष और भावुक पल

    पंकज ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का खास पल बताया और कहा, “भारत रंग महोत्सव भारतीय थिएटर की आत्मा जैसा है। यहां अपने नाटक का चयन होना मुझे अपनी जड़ों से दोबारा जोड़ देता है। थिएटर ही वह जगह है, जहां से मैंने अभिनय की असली सीख ली और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) ने मुझे अनुशासन, सच्चाई और कला के प्रति सम्मान सिखाया।”

    ‘लाइलाज’: मेहनत, विश्वास और परिवार का संगम

    ‘लाइलाज’ को पंकज और उनकी पत्नी मृदुला त्रिपाठी ने अपने थिएटर बैनर ‘रूपकथा रंगमंच’ के तहत तैयार किया। पंकज ने कहा, “अपने नए थिएटर मंच की पहली प्रस्तुति को इतना बड़ा और सम्मानित मंच मिलना मेरे लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। यह भले ही एक साधारण कहानी हो, लेकिन इसके पीछे कई कलाकारों और तकनीकी टीम की कड़ी मेहनत और थिएटर के प्रति गहरा विश्वास छिपा है।”

    दस साल बाद थिएटर में वापसी और बेटी का पहला कदम

    ‘लाइलाज’ को लेखक और निर्देशक फैज मोहम्मद खान द्वारा लिखा और निर्देशित किया गया है। पंकज के लिए यह नाटक इसलिए भी खास है क्योंकि इसके जरिए वह करीब दस साल बाद थिएटर मंच पर वापसी कर रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि उनकी बेटी आशी भी पहली बार थिएटर मंच पर कदम रख रही हैं। पंकज ने कहा, “बेटी के साथ मंच साझा करना मेरे जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। मैं इसे सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि थिएटर को एक सच्ची भेंट मानता हूं।”

    मृदुला त्रिपाठी की खुशी और थिएटर की ताकत

    मृदुला ने कहा, “जब मैंने रूपकथा रंगमंच की शुरुआत की थी, मेरा मकसद बड़े मंच की तलाश नहीं, बल्कि ईमानदारी और सच्चे भाव से कहानियां कहना था। भारत रंग महोत्सव जैसे मंच पर ‘लाइलाज’ का चुना जाना बेहद संतोषजनक और हौसला बढ़ाने वाला है।” उन्होंने अपनी बेटी के पहले कदम को लेकर कहा, “यह हमारे लिए बेहद भावुक पल है। मैं दर्शकों, महोत्सव और उन सभी कलाकारों का आभार व्यक्त करती हूं, जो आज भी थिएटर की ताकत पर विश्वास रखते हैं। थिएटर आज भी लोगों को जोड़ने, भावनाओं को छूने और समाज को आईना दिखाने की ताकत रखता है।

  • ‘द बंगाल फाइल्स’ की चुनौतीपूर्ण जर्नी: विवेक अग्निहोत्री बोले- सच दिखाना आज भी सबसे बड़ी लड़ाई

    ‘द बंगाल फाइल्स’ की चुनौतीपूर्ण जर्नी: विवेक अग्निहोत्री बोले- सच दिखाना आज भी सबसे बड़ी लड़ाई

    नई दिल्ली । निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री, जो संवेदनशील और गंभीर सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी नई फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ की कठिन मेकिंग जर्नी और विरोधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सच दिखाना आज भी सबसे बड़ी लड़ाई है और इस फिल्म की रिलीज़ ने इसे स्पष्ट कर दिया।

    संकटों के बीच फिल्म की शूटिंग पूरी की गई

    विवेक ने बताया कि साल 2025 उनके लिए संघर्ष का साल रहा। फिल्म बनाना पहले से ही चुनौतीपूर्ण था, लेकिन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले प्रोडक्शन डिजाइनर रजत पोद्दार का अचानक निधन टीम के लिए बड़ा झटका था। उन्होंने कहा, “रजत पोद्दार के नाम पर हमने विजन पूरा किया। भव्य सेट तैयार किए गए और फिल्म की शूटिंग पूरी की गई। टीम ने हिम्मत नहीं हारी।”

    विरोध और धमकियों के बीच रिलीज़

    ‘द बंगाल फाइल्स’ उनकी ‘फाइल्स’ ट्रायोलॉजी की तीसरी कड़ी है, जो 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे, नोआखाली दंगों और विभाजन के दौरान हुए हिंदू नरसंहार की कहानी दिखाती है। फिल्म को लेकर पहले ही विरोध शुरू हो गया। विवेक ने बताया कि कोलकाता में हमले, धमकियां और राज्य में अनऑफिशियल बैन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “सीबीएफसी ने प्रमाणन दे दिया था, लेकिन राज्य में रिलीज नहीं हो पाई। थिएटर मालिकों पर दबाव डाला गया, और देश की सबसे बड़ी एग्जीबिशन चेन भी बंगाल में इसे नहीं दिखा पाई।”

    सत्य की खोज और लोकतंत्र की चुनौती

    विवेक ने कहा कि फिल्म हिम्मत, सत्य की खोज और चुनौतियों का सामना करने की कहानी है। उन्होंने आलोचना करते हुए बताया कि कुछ संस्थाएं, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए बनाई गई हैं, इस मामले में नाकाम रहीं। “मैं इसे सरकार की हार मानता हूं। यह फिल्ममेकर्स के लिए सबक है कि कितनी भी बड़ी ताकत हो, कुछ शक्तियां सबको पीछे धकेल देती हैं।”

    नई पीढ़ी और बदलाव की उम्मीद

    विवेक ने अपनी किताब ‘अर्बन नक्सल’ का जिक्र करते हुए कहा, “मैं अपनी किताब और लेख के जरिए हमेशा इन ताकतों के खिलाफ आवाज उठाता रहा, लेकिन इस घटना ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। सवाल उठता है कि नई पीढ़ी इससे कैसे लड़ेगी और भारत का भविष्य क्या होगा?” उन्होंने खुशी व्यक्त की कि तमाम चुनौतियों के बावजूद फिल्म रिलीज हुई और जहां भी दिखी, वहां दर्शकों के दिल में बदलाव आया। लोग समझ पाए कि केवल इतिहास ही नहीं, वर्तमान का सत्य भी दबाया जा रहा है।

    विवेक अग्निहोत्री की यह प्रतिक्रिया यह संदेश देती है कि सच को उजागर करना और उसकी रक्षा करना, चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों, आज भी हर नागरिक और फिल्ममेकर का महत्वपूर्ण कर्तव्य है।

  • छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन के नाम पर साइबर ठगी, एपीके फाइल से खाते हुए खाली

    छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन के नाम पर साइबर ठगी, एपीके फाइल से खाते हुए खाली


    रायपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों ने बिजली उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर ठगी का नया तरीका अपनाया है। नए बिजली कनेक्शन के डिमांड भुगतान के नाम पर व्हाट्सएप के जरिए एपीके फाइल भेजकर मोबाइल फोन हैक किए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं के बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं। इस खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने उपभोक्ताओं के लिए एडवाइजरी जारी की है और सतर्क रहने की अपील की है।

    कंपनी के कार्यपालक निदेशक वीके साय ने बताया कि ठग उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप पर संदिग्ध फाइल भेजते हैं और उसे डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता फाइल डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाता है और खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा कभी भी कोई एपीके फाइल नहीं भेजी जाती और न ही उपभोक्ताओं से इसे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।

    CSPDCL ने उपभोक्ताओं को चेताया है कि वे हमेशा अधिकारिक चैनलों से ही भुगतान करें। कंपनी किसी भी 10 अंकों के निजी मोबाइल नंबर से भुगतान लिंक नहीं भेजती। केवल CSPDCL-एस आईडी से आधिकारिक संदेश ही मान्य होते हैं। भुगतान केवल MOR बिजली एप, ATP केंद्र, आधिकारिक वेबसाइट या बिजली कार्यालय में ही करना चाहिए।

    उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें या नजदीकी वितरण केंद्र को सूचना दें। कंपनी ने चेतावनी दी है कि फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड करने पर मोबाइल हैक होने के साथ-साथ बैंक खाते से पैसे भी चोरी हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग लगातार नई तकनीक अपनाकर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। बिजली कनेक्शन और बिल भुगतान जैसे सामान्य मामलों में भी उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी भी अज्ञात लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।

    CSPDCL ने यह भी बताया कि इस तरह के मामलों में विभाग सक्रिय रूप से निगरानी रख रहा है और साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहा है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वितरण केंद्र या टोल फ्री नंबर पर दें।

    इस चेतावनी के बावजूद कई उपभोक्ता अब भी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल और बैंक सुरक्षा के लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (Two-Factor Authentication), मजबूत पासवर्ड और एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल जरूरी है। बिजली उपभोक्ताओं को अपने मोबाइल और बैंक खातों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना ही सबसे प्रभावी तरीका है।

    इस एडवाइजरी से स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन के नाम पर होने वाली साइबर ठगी गंभीर रूप ले चुकी है और उपभोक्ताओं को अपनी सावधानी बढ़ाने की आवश्यकता है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • फरहान अख्तर Don 3 छोड़ Jee Le Zaraa पर फोकस, आलिया, कैटरीना और प्रियंका तैयार, 2026 में फ्लोरिंग की संभावना

    फरहान अख्तर Don 3 छोड़ Jee Le Zaraa पर फोकस, आलिया, कैटरीना और प्रियंका तैयार, 2026 में फ्लोरिंग की संभावना


    मुंबई।
    बॉलीवुड के बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट Don 3 से रणवीर सिंह के बाहर होने के बाद फरहान अख्तर ने अपनी पूरी ऊर्जा अपनी अगली फिल्म Jee Le Zaraa पर लगाने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, 

    फरहान ने दिसंबर 2025 में माना था कि तीनों अभिनेत्रियों की डेट्स को कॉर्डिनेट करना इस फिल्म के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। फिल्म मूल रूप से 2021 में बनने वाली थी, लेकिन विभिन्न कारणों और कलाकारों की उपलब्धता के मुद्दों के कारण इसे कई बार स्थगित किया गया। अब टीम ने इसे फिर से जीवित करने का निर्णय लिया है और अगर तीनों एक्ट्रेस की डेट्स मेल खाती हैं, तो फिल्म 2026 की दूसरी छमाही में फ्लोर पर जा सकती है।

    एक सूत्र ने बताया कि “Jee Le Zaraa हमेशा फरहान अख्तर के लिए एक खास प्रोजेक्ट रही है। Don 3 की लंबी और जटिल प्रक्रिया के कारण इस बार उन्होंने इसे प्राथमिकता दी है। अब सही समय और सही टीम के साथ बातचीत फिर से शुरू हो गई है।” इस फिल्म का अंदाज़ एक ट्रैवल-रोमांस ड्रामा का होगा जिसमें तीनों हीरोइनों के किरदारों की कहानी दर्शकों को बांधे रखेगी।

    Don 3 से जुड़े विवादों और उलझनों के कारण फरहान ने यह निर्णय लिया कि वह इस प्रोजेक्ट से कुछ समय के लिए दूरी बनाएँ और Jee Le Zaraa पर ध्यान दें। Don 3 में पहले रावण की नायिका और विरोधी भूमिका वाले कलाकार भी प्रोजेक्ट छोड़ चुके हैं, जिससे इसकी प्रक्रिया और भी जटिल हो गई थी। वहीं, रणवीर सिंह पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप भी लगे थे, लेकिन ऑनलाइन ट्रोलिंग और विवाद के बाद उन्हें सार्वजनिक तौर पर राहत मिल गई।

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    फिल्म उद्योग में यह खबर उत्साह का कारण बनी हुई है क्योंकि Jee Le Zaraa पांच साल से चर्चित प्रोजेक्ट रहा है। फरहान ने फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली है और टीम की कोशिश है कि तीनों अभिनेत्रियाँ अपने शेड्यूल के हिसाब से डेट्स तय करें। इस फिल्म का निर्माण भारतीय सिनेमा में रोमांस और यात्रा शैली की एक नई मिसाल बनने की उम्मीद है।

    बॉलीवुड फैंस अब फरहान अख्तर की Jee Le Zaraa के लिए उत्सुक हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि फिल्म जल्द ही फ्लोर पर जाए। यह प्रोजेक्ट पांच साल की देरी के बाद अब पुनर्जीवित हो रहा है और दर्शकों के लिए यह एक मजेदार और रोमांचक पल साबित होने वाला है। इस फिल्म से फरहान अख्तर की अलग शैली, तीन सुपरस्टार अभिनेत्रियों की ऑन-स्क्रीन कैमिस्ट्री और यात्रा आधारित रोमांस का नया अनुभव देखने को मिलेगा।

  • वैश्विक तनाव से सोने-चांदी की कीमतों में उछाल वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सोना-चांदी की ओर खींचा

    वैश्विक तनाव से सोने-चांदी की कीमतों में उछाल वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सोना-चांदी की ओर खींचा

    नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग पर सीधा असर पड़ा। गुरुवार को कीमती धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। केंद्रीय बैंकों द्वारा खरीदारी और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी सोना-चांदी की कीमतों में तेजी को बढ़ावा दिया। निवेशकों का भरोसा इन सुरक्षित संपत्तियों पर और मजबूत हो गया है।

    एमसीएक्स पर सोना-चांदी की तेजी

    एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना दोपहर 12:02 बजे 6.98 प्रतिशत यानी 11,575 रुपए बढ़कर 1,77,490 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 23,633 रुपए यानी 6.13 प्रतिशत चढ़कर 4,08,999 रुपए प्रति किलो हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 60 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है, जिसका मुख्य कारण सप्लाई की कमी बताया गया है।

    अमेरिकी फैसलों का प्रभाव

    कीमती धातुओं में यह तेज उछाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के उस फैसले के बाद आया, जिसमें ब्याज दरों को बिना बदलाव के बनाए रखने का ऐलान किया गया। इसके अलावा अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई और ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी बाजार में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव 300 डॉलर बढ़कर 5,588.71 डॉलर प्रति औंस के पार चले गए।

    विशेषज्ञों का नजरिया

    विशेषज्ञों के अनुसार पहले 5,600 डॉलर के आसपास जो स्तर रुकावट माना जाता था, अब वही मजबूत सपोर्ट बन गया है। अमेरिका और सहयोगी देशों के बीच बढ़ता टैरिफ तनाव और शटडाउन की आशंका ने भी सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ा दी है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती, बढ़ता अमेरिकी कर्ज और डॉलर की कमजोरी लंबे समय में सोने-चांदी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

    फेडरल रिजर्व की ओर से लंबे समय तक कम ब्याज दरों के संकेत मिलने से बाजार में तरलता बनी रहेगी। ऐसे में अगर कीमतों में थोड़ी गिरावट आती है, तो निवेशक उसे खरीदारी का अवसर मानेंगे। निवेशक और व्यापारी इसे सुरक्षित निवेश के लिए उपयुक्त समय मान रहे हैं और सोने-चांदी में तेजी के रुझान को बरकरार देख रहे हैं।

    वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को सोना-चांदी का सहारा लेने पर मजबूर किया है। चांदी की कीमत 4 लाख रुपए के पार पहुंच गई है, जबकि सोने ने 1.77 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का स्तर पार कर लिया। विशेषज्ञ मानते हैं कि वैश्विक तनाव और आर्थिक परिस्थितियां लंबे समय तक कीमती धातुओं के लिए तेजी बनाए रख सकती हैं।