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  • अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026 में बनाई बड़ी उपलब्धि, नवीकरणीय ऊर्जा में 5 गीगावाट से अधिक की वृद्धि

    अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026 में बनाई बड़ी उपलब्धि, नवीकरणीय ऊर्जा में 5 गीगावाट से अधिक की वृद्धि


    नई दिल्ली।अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने वित्त वर्ष 2025–26 में 5 गीगावाट (5,051 मेगावाट) से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़कर अपनी कुल परिचालन क्षमता 19.3 गीगावाट तक पहुंचा दी है। चीन को छोड़कर यह किसी भी कंपनी द्वारा एक साल में की गई सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड क्षमता वृद्धि मानी जा रही है।

    नई क्षमता का विवरण

    नई जोड़ी गई क्षमता में 3.4 गीगावाट सौर ऊर्जा, 0.7 गीगावाट पवन ऊर्जा और 1 गीगावाट पवन-सौर हाइब्रिड क्षमता शामिल है। कंपनी के अनुसार, यह हर साल लगभग 1 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगी। कुल 19.3 गीगावाट क्षमता सालाना 3.6 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन ऑफसेट करने में सक्षम है।

    एजीईएल का लक्ष्य और वैश्विक महत्व


    एजीईएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि 5 गीगावाट से अधिक नई क्षमता जोड़ना भारत के रिन्यूएबल ऊर्जा सेक्टर के लिए अहम मोड़ है। इससे भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा में अग्रणी देश के रूप में पहचान मिलेगी और लो-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ने में मदद मिलेगी। यह उपलब्धि 2030 तक 50 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम है।

    खावड़ा प्रोजेक्ट: दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल ऊर्जा केंद्र


    ज्यादातर नई क्षमता गुजरात के खावड़ा में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में जोड़ी गई है। 538 वर्ग किलोमीटर में फैले इस प्रोजेक्ट में अब तक 9.4 गीगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है और 2029 तक 30 गीगावाट का लक्ष्य है।

    बैटरी स्टोरेज और तकनीकी उन्नयन


    कंपनी ने खावड़ा में 1,376 मेगावाट-घंटे की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) क्षमता भी शुरू की है। यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन प्रोजेक्ट्स में से एक है और सिर्फ 8 महीनों में पूरा किया गया। इसके जरिए ग्रिड की स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग में मदद मिलती है।

    सोलर और पवन टेक्नोलॉजी का इनोवेशन

    एडवांस बाइफेशियल सोलर मॉड्यूल्स दोनों तरफ से सूरज की रोशनी लेकर बिजली बनाते हैं।
    सोलर ट्रैकर्स से उत्पादन अधिकतम किया जाता है।
    5.2 मेगावाट के पवन टर्बाइन दुनिया के सबसे शक्तिशाली ऑनशोर टर्बाइनों में शामिल हैं।
    पानी रहित रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम से सोलर पैनल की सफाई होती है, जिससे लगभग शून्य पानी की जरूरत पड़ती है और दक्षता बढ़ती है।

     अदाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026 में 5 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा जोड़कर भारत और दुनिया में रिकॉर्ड दर्ज किया। खावड़ा प्रोजेक्ट और बीईएसएस क्षमता के साथ कंपनी स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन कम करने के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन रही है, जबकि सोलर और पवन टेक्नोलॉजी में नवाचार से उत्पादन और दक्षता दोनों बढ़ रही है।
  • नए वित्तीय साल में नए नियम: 1 अप्रैल से आयकर और LPG में बदलाव, जानिए असर

    नए वित्तीय साल में नए नियम: 1 अप्रैल से आयकर और LPG में बदलाव, जानिए असर


    नई दिल्ली। भारत में 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही आम आदमी की आर्थिक जिंदगी में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। करीब 65 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो गया है, जिसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। इसके साथ ही जीएसटी व्यवस्था, बैंकिंग नियम, डिजिटल पेमेंट और रोजमर्रा के खर्चों से जुड़े कई अहम बदलाव भी लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।

    नए टैक्स सिस्टम के तहत अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे टैक्स कैलकुलेशन आसान हो जाएगा। सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को करमुक्त रखने का ऐलान किया है। साथ ही, टैक्स से जुड़े नियमों को सरल भाषा में पेश किया गया है ताकि आम लोगों को समझने में आसानी हो और अनुपालन बेहतर हो सके।

    आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी, जबकि अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त तय की गई है। जिन मामलों में ऑडिट जरूरी है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होगी।

    इसके अलावा, अब गिफ्ट और वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दी गई है, जो पहले 5,000 रुपए थी। बच्चों के शिक्षा और हॉस्टल भत्ते में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे परिवारों को राहत मिलेगी।

    हालांकि, इस बीच महंगाई का दबाव भी बढ़ता नजर आ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपए तक पहुंच गई है, जो पहले 1884.50 रुपए थी। इसका असर होटल और रेस्टोरेंट के खाने-पीने की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ना तय है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। एक्सपी100 पेट्रोल की कीमत अब 160 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 149 रुपए थी। इसी तरह कंपनी ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल (प्रीमियम डीजल) की कीमत भी बढ़ा दी है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 92.99 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 91.49 रुपए थी। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।

    पैन कार्ड से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब सिर्फ आधार के आधार पर पैन बनवाना संभव नहीं होगा और अतिरिक्त दस्तावेज देना जरूरी होगा। बड़े लेनदेन के लिए पैन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, क्रेडिट कार्ड से बड़े खर्च की जानकारी अब आयकर विभाग को दी जाएगी, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।

    मकान किराया भत्ता (एचआरए) के नियमों को भी कड़ा किया गया है। अब किराये की छूट पाने के लिए मकान मालिक का पैन और अन्य विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शहरों में शामिल कर लिया गया है, जिससे इन शहरों में रहने वालों को 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट मिलेगी।

    बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भी बदलाव हुए हैं। अब एटीएम से यूपीआई के जरिए नकद निकासी को भी फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट में गिना जाएगा। वहीं, सभी डिजिटल पेमेंट के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक लगेगी।

    यात्रियों के लिए रेलवे नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब कंफर्म टिकट पर रिफंड पाने के लिए ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा। वहीं, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध रहेगी।

    हाईवे पर सफर करने वालों के लिए फास्टैग महंगा हो गया है और टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान करना होगा, अन्यथा जुर्माना देना पड़ सकता है।

  • निवेशकों के लिए राहत: पुराने निवेश ट्रांसफर से होने वाली आय पर नहीं लगेगा जीएएआर

    निवेशकों के लिए राहत: पुराने निवेश ट्रांसफर से होने वाली आय पर नहीं लगेगा जीएएआर


    नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इनकम टैक्स नियमों में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2017 से पहले किए गए निवेश के ट्रांसफर से होने वाली आय पर जनरल एंटी-अवॉइडेंस रूल्स (जीएएआर) लागू नहीं होगा। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और निवेशकों को पुराने निवेशों (लेगेसी इन्वेस्टमेंट) पर भरोसा और स्पष्टता प्रदान करेगा।

    पीछे का घटनाक्रम और सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

    यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा मॉरीशस स्थित टाइगर ग्लोबल इंटरनेशनल के खिलाफ दिए गए फैसले के बाद आया है। कोर्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट से एग्जिट पर हुए मुनाफे पर आयकर विभाग के टैक्स लगाने के अधिकार को सही ठहराया था। इससे स्पष्ट हुआ कि पुराने निवेश और नए निवेश पर टैक्स नियमों की व्याख्या में अंतर हो सकता है, जिसे अब सीबीडीटी ने स्पष्टीकरण के जरिए दूर किया है।

    नए आयकर ढांचे में अन्य बदलाव

    नए वित्त वर्ष से लागू नए आयकर कानून ने 1961 के पुराने कानून की जगह ली है। इस कानून में अनुपालन, शब्दावली और टैक्स प्रणाली में कई बदलाव किए गए हैं।

    टैक्स ईयर का परिचय: अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ (एफवाई) और ‘असेसमेंट ईयर’ (एवाई) की जगह एक ही ‘टैक्स ईयर’ लागू होगा, जिससे रिटर्न फाइल करना आसान होगा और टैक्सपेयर्स के लिए स्पष्टता बढ़ेगी आईटीआर फाइलिंग समय-सीमा: सैलरी पाने वाले लोगों के लिए डेडलाइन 31 जुलाई रहेगी, जबकि सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल्स जैसे नॉन-ऑडिट मामलों में अब 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल किया जा सकेगा।

    एफएंडओ ट्रेडिंग शुल्क: यूनियन बजट में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाए जाने के कारण फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ) में ट्रेडिंग पर शुल्क बढ़ा दिया गया है।
    शेयर बायबैक टैक्स: अब कंपनियों के शेयर बायबैक पर टैक्स को ‘डिविडेंड’ की बजाय ‘कैपिटल गेन’ के रूप में लिया जाएगा, जिससे प्रमोटर्स और रिटेल निवेशकों दोनों पर असर पड़ेगा।

     सीबीडीटी ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2017 से पहले किए गए निवेश पर जीएएआर लागू नहीं होगा। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे और निवेशकों को पुराने निवेशों पर भरोसा देंगे। इसके साथ ही नए आयकर कानून में टैक्स ईयर, आईटीआर समय-सीमा, एफएंडओ शुल्क और शेयर बायबैक टैक्स जैसी महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं, जो टैक्स प्रणाली को अधिक स्पष्ट और आसान बनाएंगे।

  • UPI ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या फैल रही, बैंक तत्पर हैं समाधान के लिए

    UPI ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या फैल रही, बैंक तत्पर हैं समाधान के लिए

    नई दिल्ली। देशभर में बुधवार को डिजिटल भुगतान सेवाओं में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे कई यूजर्स यूपीआई के माध्यम से ट्रांजैक्शन पूरा नहीं कर पाए। डाउनडिटेक्टर के आंकड़ों के अनुसार दिन भर में शिकायतों में तेजी से वृद्धि हुई, जो व्यापक तकनीकी समस्या का संकेत देती है।

    सबसे ज्यादा प्रभावित बैंक और शहर

    सबसे ज्यादा समस्या भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में देखी गई, जहां 500 से अधिक आउटेज रिपोर्ट दर्ज की गई। यूको बैंक में करीब 40 शिकायतें सामने आईं। यह समस्या किसी एक शहर तक सीमित नहीं थी-नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, जयपुर और पुणे सहित कई शहरों से ट्रांजैक्शन फेल होने और पेमेंट एरर की रिपोर्ट मिली। एसबीआई के मामलों में कोलकाता, गुवाहाटी और चेन्नई से भी शिकायतें आईं।

    यूजर्स की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर हलचल

    कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने फेल ट्रांजैक्शन को लेकर नाराजगी जताई, जबकि कई ने यह समझने में कठिनाई जताई कि समस्या उनके बैंक में है या उनके फोन में। कई मामलों में ट्रांजैक्शन बीच में अटक गए और कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके यूपीआई ऐप्स ठीक से लोड ही नहीं हो रहे थे।

    बैंकों का समाधान और सलाह

    एसबीआई ने सोशल मीडिया पर बताया कि निर्धारित मेंटेनेंस का समय बढ़ाकर 1 अप्रैल दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। इस दौरान यूपीआई, आईएमपीएस, योनो, इंटरनेट बैंकिंग, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी कि वे यूपीआई लाइट, ईरुपी (सीबीडीसी) ऐप और एटीएम सेवाओं का इस्तेमाल करें। एसबीआई ने कहा,

    “हमें हुई असुविधा के लिए खेद है और आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।

    बाजार पर असर और शेयर प्रदर्शन

    उपभोक्ता असुविधा के बीच भी, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी रही। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के शेयरों में 3.94 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, और एनएसई पर बैंक के शेयर 1,018 रुपए पर बंद हुए। हालांकि पिछले एक महीने में इसके शेयर 14 प्रतिशत से अधिक गिर चुके हैं।

  • टीम इंडिया ने 28 साल का इंतजार खत्म कर इतिहास रचा, दूसरी बार बनी विश्व चैंपियन

    टीम इंडिया ने 28 साल का इंतजार खत्म कर इतिहास रचा, दूसरी बार बनी विश्व चैंपियन


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 2 अप्रैल का दिन हमेशा यादगार रहेगा। 2 अप्रैल 2011 को एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर अपना दूसरा वनडे विश्व कप जीता। इस जीत ने करोड़ों भारतीय क्रिकेट फैंस के 28 साल के इंतजार को समाप्त कर दिया और धोनी को भारतीय क्रिकेट का महानतम कप्तान साबित कर दिया।

    फाइनल में मैच का रोमांच और प्रमुख प्रदर्शन

    श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और महेला जयवर्धने की नाबाद 103 रन की पारी तथा कुमार संगाकारा के 48 रनों की मदद से 6 विकेट पर 274 रन बनाए। भारत ने 48.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 277 रन बनाकर मैच 6 विकेट से अपने नाम किया। गौतम गंभीर ने 97, धोनी ने नाबाद 91, विराट कोहली ने 35 और युवराज सिंह ने नाबाद 21 रन बनाए।

    खिलाड़ियों को मिले सम्मान

    इस फाइनल में शानदार खेल दिखाने वाले धोनी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं, टूर्नामेंट में 362 रन बनाने और 15 विकेट लेने वाले युवराज सिंह को प्लेयर ऑफ द सीरीज का सम्मान मिला। धोनी का विजयी छक्का भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया है।

    टीम इंडिया के विश्व कप सफर की झलक

    भारत ने पहला वनडे विश्व कप 1983 में कपिल देव की कप्तानी में जीता था। इसके बाद सौरव गांगुली की टीम 2003 में फाइनल तक पहुँची, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया। 2011 की जीत ने भारत को फिर से विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूती दिखाई। इसके बाद 2023 में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम को ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में हराकर खिताब का सपना रोक दिया। टीम इंडिया ने अब तक चार बार वनडे विश्व कप फाइनल खेला है और दो बार सफलता हासिल की है।

  • मंत्रालय में गूंजा वंदे मातरम और जन गण मन सामूहिक गायन से देशभक्ति का माहौल

    मंत्रालय में गूंजा वंदे मातरम और जन गण मन सामूहिक गायन से देशभक्ति का माहौल


    भोपाल । भोपाल स्थित मंत्रालय में अप्रैल माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत वातावरण में हुई सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों ने एक साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन का सामूहिक गायन किया इस दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति का उल्लासपूर्ण माहौल दिखाई दिया

    कार्यक्रम में पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुत की गई मधुर धुनों ने वातावरण को और भी भावपूर्ण बना दिया बैंड की स्वर लहरियों के साथ जब उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाया तो पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा

    इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा श्री अशोक बर्णवाल और श्री संजय कुमार शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनेक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे सभी ने पूरे उत्साह और गरिमा के साथ इस आयोजन में भाग लिया

    हर माह के पहले कार्य दिवस पर आयोजित होने वाला यह सामूहिक गायन कार्यक्रम न केवल देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करता है बल्कि शासकीय कार्यों के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी का भी संदेश देता है इस तरह के आयोजन कर्मचारियों में एकता अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैंकार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी सेवा ही प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च कर्तव्य है

  • भारतीय टीम जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलेगी 3 टी20 मैचों की रोमांचक सीरीज

    भारतीय टीम जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलेगी 3 टी20 मैचों की रोमांचक सीरीज


    नई दिल्ली। जिम्बाब्वे क्रिकेट ने बुधवार को घोषणा की कि टी20 विश्व कप 2026 के विजेता भारतीय क्रिकेट टीम जुलाई 2026 में तीन टी20 मैचों की द्विपक्षीय सीरीज खेलने जिम्बाब्वे का दौरा करेगी। यह सीरीज 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगी। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होंगे।

    सीरीज का महत्व और भारतीय टीम का सफर

    भारत, जो हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेल चुका है, जिम्बाब्वे दौरे पर अपने प्रदर्शन को जारी रखना चाहेगा। यह भारतीय टीम के लिए टी20 विश्व कप में मिली सफलता के बाद निरंतर उच्च स्तर पर प्रदर्शन का मौका है।

    जिम्बाब्वे की तैयारी और उम्मीदें

    जिम्बाब्वे क्रिकेट के प्रबंध निदेशक गिवमोर माकोनी ने कहा, “भारत के खिलाफ मैच हमेशा उत्साह और रोमांच पैदा करते हैं। यह हमारे खिलाड़ियों के लिए विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर खुद को परखने का शानदार अवसर है।” उन्होंने आगे कहा कि टी20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे के शानदार प्रदर्शन के बाद यह सीरीज खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मजबूती दिखाने और मोमेंटम बनाए रखने का प्लेटफॉर्म होगी।

    माकोनी ने यह भी बताया कि लंबे समय के बाद जिम्बाब्वे का भारत दौरा द्विपक्षीय सीरीज के लिए ऐतिहासिक है। “भारत दुनिया के क्रिकेट के सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन में से एक है, और यह दौरा हमारे खिलाड़ियों के लिए सम्मान का मौका है। हम प्रतिस्पर्धात्मक और उच्च-गुणवत्ता वाले क्रिकेट का इंतजार कर रहे हैं, और विश्वास है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध और मजबूत होंगे।”

    भविष्य की योजनाएँ और वनडे सीरीज

    बीसीसीआई ने पहले ही जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के भारत दौरे की घोषणा की थी, जिसमें तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। यह मार्च 2002 के बाद जिम्बाब्वे का भारत में पहला द्विपक्षीय वनडे दौरा होगा। तीनों वनडे मुकाबले कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में 3, 6 और 9 जनवरी को आयोजित होंगे।

  • डॉ कुंवर विजय शाह की अपील शिक्षा से ही बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य

    डॉ कुंवर विजय शाह की अपील शिक्षा से ही बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य


    भोपाल । मध्यप्रदेश में जनजातीय परिवारों की नई पीढ़ी को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है जनजातीय कार्य मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा से अधिक मूल्यवान कुछ भी नहीं है और यही उज्जवल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के शैक्षणिक विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है

    मंत्री ने कहा कि प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है अब न केवल शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है बल्कि स्कूलों की अधोसंरचना भी पहले से अधिक सुदृढ़ हुई है उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं और शासकीय योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे स्कूल जाने योग्य प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं

    जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं जहां लगभग 25 हजार विद्यार्थी आवासीय सुविधा के साथ अध्ययन कर रहे हैं इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर रहने और पढ़ने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं

    इसके साथ ही कक्षा 11 और 12 तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित हैं वर्ष 2024 25 में लगभग एक लाख बानवे हजार विद्यार्थियों को 348 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिससे उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन मिला है वहीं शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है और हजारों पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार होगा

    प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है इंदौर और भोपाल जैसे प्रमुख केंद्रों पर विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें

    स्कूली अधोसंरचना के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है बड़ी संख्या में आश्रम छात्रावास और विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं जहां लाखों विद्यार्थी निवास कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं इन संस्थानों में विद्यार्थियों को नि शुल्क आवास भोजन बिजली पानी और खेलकूद की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं

    सरकार ने उन विद्यार्थियों के लिए भी व्यवस्था की है जिन्हें छात्रावास में स्थान नहीं मिल पाता उनके लिए आवास भत्ता योजना लागू की गई है जिसके अंतर्गत विभिन्न शहरों और विकासखंड स्तर पर मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है इस योजना से बड़ी संख्या में छात्र लाभान्वित हो रहे हैं

    मंत्री डॉ शाह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधनों से युक्त विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक वातावरण में शिक्षा दी जा रही है साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है

    कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में जनजातीय शिक्षा को लेकर एक व्यापक और मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर छात्र अपने सपनों को साकार कर सके

  • सलीम दुर्रानी: अफगान मूल के एकमात्र भारतीय क्रिकेटर जिन्हें मिला अर्जुन पुरस्कार

    सलीम दुर्रानी: अफगान मूल के एकमात्र भारतीय क्रिकेटर जिन्हें मिला अर्जुन पुरस्कार


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं रहा है, लेकिन अगर आप किसी दूसरे देश से हों और वहां क्रिकेट प्रमुख खेल न हो, तो यह और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सलीम दुर्रानी की कहानी इस कठिन रास्ते को पार करने वाले खिलाड़ियों में अद्वितीय है।

    अफगानिस्तान से जामनगर तक का सफर

    सलीम दुर्रानी का जन्म 11 दिसंबर 1934 को खैबर दर्रा, अफगानिस्तान में हुआ। उनके पिता अब्दुल अजीज दुर्रानी पेशेवर क्रिकेटर थे। 1935 में कराची के दौरे पर अब्दुल अजीज की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से प्रभावित होकर नवानगर (आज का जामनगर) के जाम साहिब दिग्विजयसिंह रणजीतसिंह ने उन्हें सब-इंस्पेक्टर की नौकरी का ऑफर दिया। इसी अवसर पर दुर्रानी परिवार जामनगर में बस गया। सलीम केवल तीन साल के थे जब वह भारत आ गए। 1947 के बंटवारे के बाद उनके पिता पाकिस्तान चले गए, जबकि उनका परिवार जामनगर में रहा।

    ऑलराउंडर की भूमिका और टेस्ट करियर

    दुर्रानी एक ऑलराउंडर थे। वह धीमे बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज और बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। उनके छक्के मारने की क्षमता उन्हें खास बनाती थी। अफगानिस्तान में जन्मे और भारतीय टीम के लिए खेलते हुए, दुर्रानी 1960 में टेस्ट डेब्यू करने के बाद 1973 तक 29 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। उन्होंने 50 पारियों में 1 शतक और 7 अर्धशतक बनाकर 1202 रन बनाए और 75 विकेट लिए।

    महत्वपूर्ण जीतों में अहम भूमिका

    1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सीरीज जीत में दुर्रानी ने कोलकाता और चेन्नई में क्रमशः 8 और 10 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई। एक दशक बाद, 1970 में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की पहली जीत में भी उन्होंने क्लाइव लॉयड और गैरी सोबर्स जैसे दिग्गजों को आउट किया, जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ।

    अर्जुन पुरस्कार और जीवन सम्मान

    सलीम दुर्रानी पहले क्रिकेटर थे जिन्होंने अर्जुन पुरस्कार जीता। 2011 में उन्हें सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया, जो भारतीय क्रिकेट बोर्ड का सर्वोच्च पुरस्कार है।

    विदाई: 88 साल की उम्र में

    सलीम दुर्रानी ने 2 अप्रैल 2023 को 88 वर्ष की उम्र में कैंसर से अंतिम सांस ली। उनका क्रिकेट और भारतीय खेल जगत में योगदान आज भी याद किया जाता है।

  • समृद्धि और विकास का संतुलित खाका मध्यप्रदेश बजट 2026 27 में महिलाओं किसानों और गांवों पर बड़ा फोकस

    समृद्धि और विकास का संतुलित खाका मध्यप्रदेश बजट 2026 27 में महिलाओं किसानों और गांवों पर बड़ा फोकस


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 27 के बजट के माध्यम से समग्र और संतुलित विकास की स्पष्ट दिशा प्रस्तुत की है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार इस बजट को आर्थिक समृद्धि का रोडमैप माना जा रहा है जिसमें सामाजिक सुरक्षा महिला सशक्तिकरण कृषि विकास और आधारभूत संरचना को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है बल्कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव भी तैयार करता है

    सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लाड़ली बहना योजना के लिए 23883 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना और पोषण कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित किया गया है यह कदम महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पोषण और सशक्तिकरण को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी बजट में कई अहम प्रावधान किए गए हैं अटल कृषि ज्योति योजना के तहत किसानों को बिजली सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी राशि रखी गई है वहीं छोटे कृषि पंपों और घरेलू कनेक्शन के लिए मुफ्त बिजली की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किसानों को सीधी राहत देगा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और फसल बीमा योजना के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित कर किसानों की आय और सुरक्षा दोनों पर ध्यान दिया गया है

    ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना के विकास को गति देने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है वहीं ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के उन्नयन के लिए भी महत्वपूर्ण राशि का प्रावधान किया गया है शहरी क्षेत्रों में मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं जिससे यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी

    जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगा

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है प्राथमिक शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को सशक्त किया गया है

    प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी बड़ा बजट रखा गया है उज्जैन में आयोजित होने वाले इस महाकुंभ के लिए आधारभूत संरचना और व्यवस्थाओं को विकसित करने की दिशा में अभी से काम शुरू किया जा रहा है साथ ही वेदांत पीठ की स्थापना के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है

    रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बजट में पर्याप्त राशि निर्धारित की है विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है

    कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है और मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर तथा विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होता नजर आ रहा है