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  • यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विजेता एल्विश यादव की हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

    यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विजेता एल्विश यादव की हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।


    नई दिल्ली । यूट्यूबर और बिग बॉस OTT 2 के विजेता एल्विश यादव की हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। पोस्ट में ऐसा लग रहा था कि उन्होंने जिया शंकर से सगाई कर ली है, लेकिन अब फैंस ने इसका सच सामने ला दिया है।

    दरअसल, गुरुवार को एल्विश यादव ने जिया शंकर के साथ एक तस्वीर शेयर की, जिसमें दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए हैं और जिया की उंगली में बड़ी हीरे की अंगूठी दिखाई दे रही है। एल्विश ने इसे रोमांटिक कैप्शन के साथ पोस्ट किया और जिया को टैग किया। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।

    हालांकि, Reddit और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर फैंस ने स्पष्ट किया कि एल्विश और जिया की सगाई की यह अफवाह सही नहीं है। यह तस्वीर उनके नए रियलिटी शो “Engaged Season 2” के प्रमोशन का हिस्सा है, जिसे JioHotstar पर स्ट्रीम किया जाएगा। दोनों केवल अच्छे दोस्त हैं और तस्वीर केवल शो के प्रचार के लिए ली गई थी।

    Engaged: Roka Ya Dhokha
    यह डेटिंग रियलिटी शो है, जिसमें कंटेस्टेंट्स को विभिन्न रोमांचक और फ्लर्टी टास्क दिए जाते हैं, ताकि उनके रिश्तों की सच्चाई सामने आ सके। पहले सीजन को उर्फी जावेद और हर्ष गुजराल ने होस्ट किया था। अब दूसरा सीजन 14 फरवरी 2026 को रिलीज़ होगा।

    एल्विश और जिया की मुलाकात:
    दोनों की पहली मुलाकात बिग बॉस OTT 2 के सेट पर हुई थी। एल्विश वाइल्डकार्ड के रूप में शो में शामिल हुए थे, जबकि जिया शुरुआत में मौजूद थीं। शो के दौरान उनके बीच हुई विवादास्पद टास्क की घटना भी काफी चर्चा में रही।

    सगाई की अफवाहों का अंत:
    हाल ही में जिया के अभिषेक मल्हान से सगाई की अफवाहें भी सामने आई थीं, लेकिन उन्होंने इसे खारिज किया था। एल्विश और जिया की वायरल पोस्ट केवल टीवी शो और पब्लिसिटी का हिस्सा है।
    इस समय एल्विश यादव लाफ्टर शेफ्स सीजन 3 में भी नजर आ रहे हैं, जिसे भारती सिंह और शेफ हरपाल सिंह सोखी होस्ट कर रहे हैं। इस शो में कई जाने-माने कलाकार भी शामिल हैं।

  • नेपाल सरकार देशभर की 3 लाख बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाएगी

    नेपाल सरकार देशभर की 3 लाख बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाएगी

    काठमांडू। नेपाल सरकार ने देशभर की 3 लाख बालिकाओं को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के खिलाफ ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका देने का निर्णय लिया है। यह टीकाकरण आगामी रविवार से शुरू होगा।

    परिवार कल्याण महाशाखा के अंतर्गत टीकाकरण शाखा के प्रमुख डॉ. अभियान गौतम के अनुसार यह कार्यक्रम कक्षा 6 में अध्ययनरत और 10 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी बालिकाओं को लक्षित कर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले इसे अभियान के रूप में चलाया गया था, लेकिन अब इसे नियमित कार्यक्रम में शामिल किया गया है। 10 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और कक्षा 6 में पढ़ने वाली बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया जाएगा। डॉ. गौतम ने बताया कि विद्यालयों में ही टीकाकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे टीका वितरण प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावकारी होगी।

    सरकार ने गत वर्ष अभियान के रूप में कक्षा 6 से 10 तक की छात्राओं के साथ-साथ स्कूल न जाने वाली 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों सहित कुल 16 लाख किशोरियों को टीका लगाया था, जिनमें से 94 प्रतिशत ने टीका प्राप्त किया था। चिकित्सकों के अनुसार नेपाल में महिलाओं की मृत्यु के प्रमुख कारणों में गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर भी एक है। इस कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण माना जाता है।

    एचपीवी एक संक्रामक वायरस है, जो आसानी से फैलता है और मुख्य रूप से त्वचा के संपर्क से संक्रमण होता है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की 200 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से 12 प्रजातियां मानव शरीर में कैंसर का कारण बनती हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के मामले एचपीवी की 16 और 18 प्रजातियों से होते हैं। अनुमान के अनुसार हर वर्ष 2,169 महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर होता है, जिनमें से 1,313 महिलाओं की मृत्यु इसी बीमारी के कारण होती है।

    चिकित्सकों के मुताबिक गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर में योनि से दुर्गंधयुक्त या खून मिला स्राव, पेट दर्द, मासिक धर्म बंद हो जाने के बाद भी रक्तस्राव, तथा यौन संबंध के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में विवाह, कम उम्र में प्रसव, अधिक संतान होना, कम अंतराल में बार-बार प्रसव, असुरक्षित यौन संबंध, अधिक धूम्रपान और मद्यपान, तथा जननांगों की स्वच्छता पर ध्यान न देने से एचपीवी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एचपीवी टीका न केवल गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से, बल्कि एचपीवी से होने वाली अन्य बीमारियों से भी बचाव करता है। यह टीका गर्भाशय ग्रीवा, गुदद्वार, गले तथा जननांगों के कैंसर से भी सुरक्षा प्रदान करता है।

  • गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड मामला संसद में गूंजा, कांग्रेस ने की सोशल मीडिया को लेकर ठोस नीति बनाने की मांग

    गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड मामला संसद में गूंजा, कांग्रेस ने की सोशल मीडिया को लेकर ठोस नीति बनाने की मांग


    नई दिल्ली। कांग्रेस ने शुक्रवार को राज्यसभा में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई और केंद्र सरकार से इसके लिए ठोस और पारदर्शी नीति बनाने का आग्रह किया। सांसदों ने ऑनलाइन झूठ, अफवाह और धमकियों के फैलाव पर सवाल उठाए और इस पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

    कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने गाजियाबाद में हाल ही में तीन युवतियों की मौत का हवाला देते हुए कहा कि सोशल मीडिया आज सबसे प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोई भी बिना रोक-टोक सामग्री साझा कर सकता है, जिससे किसी की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।

    राजीव शुक्ला ने कहा, “एक बार पोस्ट वायरल हो जाए, तो झूठी जानकारी हटाना लगभग असंभव हो जाता है। न प्लेटफॉर्म जिम्मेदारी लेता है और न लेखक सामने आता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि गाजियाबाद की तीन लड़कियों की मानसिक स्थिति पर सोशल मीडिया की अफवाहों और कंटेंट का नकारात्मक असर पड़ा।

    सोशल मीडिया पर जवाबदेही की आवश्यकता:
    सांसद ने कहा कि जहां हथियार और जहर नियंत्रित करने वाले कड़े कानून हैं, वहीं सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों के लिए कोई स्पष्ट जवाबदेही नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि एक पारदर्शी सोशल मीडिया पॉलिसी बनाई जाए, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करे और गलत जानकारी फैलाने वालों को जिम्मेदार ठहराए।

    गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड:
    इस हफ्ते गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि वे कोरियन गेम्स और डिजिटल कंटेंट की आदत में थीं। इस घटना ने बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी।

    सरकार के मौजूदा नियम:
    हाल के वर्षों में सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट नियंत्रित करने के लिए कई नियम बनाए हैं, जैसे सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021। ये प्लेटफॉर्म्स के लिए शिकायत निवारण, ट्रेसबिलिटी अनुरोध, लोकल नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और समय सीमा में कंटेंट हटाने जैसी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हैं।

    फिर भी, पूरे ऑनलाइन स्पेस को रेगुलेट करने वाली व्यापक सोशल मीडिया पॉलिसी नहीं है। कांग्रेस ने इसे आवश्यक बताते हुए कहा कि झूठ, अफवाह और ऑनलाइन धमकियों के फैलाव को रोकने के लिए तुरंत ठोस नीति बनाना जरूरी है।

  • गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा बालाजी मोशन पिक्चर्स के साथ करेंगी बॉलीवुड डेब्यू

    गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा बालाजी मोशन पिक्चर्स के साथ करेंगी बॉलीवुड डेब्यू

    गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपने बेबाक अंदाज और हाजिरजवाबी के लिए अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। अब वह आधिकारिक तौर पर अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। लंबे समय तक परिवार और निजी जीवन को प्राथमिकता देने के बाद सुनीता ने एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी मोशन पिक्चर्स के साथ अपनी पहली हिंदी फिल्म साइन कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह इस फिल्म में एक अहम भूमिका निभाती नजर आएंगी।

    सूत्रों के अनुसार, 58 वर्षीय सुनीता इस अनटाइटल्ड फिल्म की करीब 20 दिनों तक शूटिंग करेंगी। हालांकि वह पहले भी टीवी शोज़, इवेंट्स और इंटरव्यू में दिखाई देती रही हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट उनके करियर की आधिकारिक बॉलीवुड शुरुआत माना जा रहा है। खास बात यह है कि सुनीता ने अब तक ग्लैमर इंडस्ट्री की चकाचौंध से दूरी बनाए रखी थी और कभी भी अपने पति की लोकप्रियता का सहारा लेकर फिल्मी करियर शुरू करने की कोशिश नहीं की।

    पिछले कुछ समय से सुनीता सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी से नई पहचान बना चुकी हैं। उनके पॉडकास्ट इंटरव्यू, सार्वजनिक कार्यक्रमों में बेबाक बयान और यूट्यूब चैनल ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई है। माना जा रहा है कि उनकी इसी लोकप्रियता को देखते हुए एकता कपूर ने उन्हें अपनी फिल्म का हिस्सा बनाया।

    वहीं हाल ही में गोविंदा भी अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर फैली अफवाहों को लेकर चर्चा में रहे। उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें एक साजिश बताया और कहा कि उनकी चुप्पी को गलत तरीके से लिया जा रहा था। अब सुनीता की फिल्मी पारी की शुरुआत के साथ यह स्टार कपल एक बार फिर सकारात्मक वजहों से खबरों में है।

  • दिशा पाटनी के साथ रिश्ते की खबर पर तलविंदर ने चुप्पी तोड़ी

    दिशा पाटनी के साथ रिश्ते की खबर पर तलविंदर ने चुप्पी तोड़ी

    बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी अक्सर अपनी फिल्मों से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में रहती हैं। टाइगर श्रॉफ के साथ उनके रिश्ते ने एक समय खूब सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। अब हाल के दिनों में दिशा का नाम पंजाबी गायक तलविंदर के साथ जोड़ा जा रहा है। दोनों के डेटिंग की खबरें सोशल मीडिया से लेकर एंटरटेनमेंट गलियारों तक छाई हुई हैं। इस बीच तलविंदर ने पहली बार इन चर्चाओं पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है।

    एक इंटरव्यू के दौरान तलविंदर ने दिशा के साथ अपने रिश्ते की अफवाहों पर बात करते हुए कहा कि (नुपुर सेनन और स्टेबिन बेन) से शादी पहले उनकी आपसी जान-पहचान बढ़ी थी, लेकिन अचानक सामने आई इन खबरों ने उन्हें भी हैरान कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव या अफवाहों के आगे झुकना नहीं चाहते और फिलहाल एक-दूसरे को समझने की कोशिश कर रहे हैं। गायक ने आगे जोड़ा, अगर लोग अफवाह फैलाना चाहते हैं, तो मैं इसे अफवाह ही रहने दूंगा।

    प्यार और रिश्तों पर अपने विचार शेयर करते हुए तलविंदर ने कहा, मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं, मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान ने फैंस की दिलचस्पी और बढ़ा दी है।

    गौरतलब है कि उदयपुर में नुपुर सैनन और स्टेबिन बेन की शादी के दौरान दिशा और तलविंदर को पहली बार साथ देखा गया था, जिसके बाद से दोनों के रिश्ते को लेकर कयासों का दौर जारी है।

  • पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: बेरोजगार युवाओं को मिलेंगे हर महीने 1500 रुपये

    पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: बेरोजगार युवाओं को मिलेंगे हर महीने 1500 रुपये


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए अहम घोषणा की है। राज्य सरकार 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘बांग्लार युवा साथी’ नामक योजना के तहत योग्य बेरोजगारों को आर्थिक सहायता देगी।

    इस योजना के तहत 21 से 41 साल की उम्र के योग्य युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा। यह लाभ अधिकतम पांच साल तक या जब तक उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिलता, तब तक जारी रहेगा। योजना का उद्देश्य उन युवाओं को वित्तीय मदद प्रदान करना है, जिन्होंने माध्यमिक या समकक्ष परीक्षा पास की है लेकिन अभी तक नौकरी नहीं पाई और किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले रहे। योजना 15 अगस्त 2026 से लागू होगी।

    बजट और वित्तीय आवंटन:
    राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार योजना में भी बढ़ोतरी की गई है। फरवरी से सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह दिया जाएगा। इस योजना के लिए कुल 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। ऐसे में राज्य सरकार बेरोजगारों और महिलाओं के कल्याण के लिए कुल लगभग 20,000 करोड़ रुपये का बजट तैयार कर रही है।

    कर्मचारियों के लिए राहत:
    सरकार ने कर्मचारियों के लिए भी राहत का ऐलान किया है। 1 अप्रैल से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) लागू होगा और सातवें वेतन आयोग के गठन की भी संभावना जताई गई है।विश्लेषकों के अनुसार, यह योजना और घोषणाएं युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक मदद हैं और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ममता सरकार का मास्टरस्ट्रोक मानी जा रही हैं।

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल

    भोपाल! राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है।

    विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री श्री मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास

    राज्यपाल श्री पटेल द्वारा प्रधानमंत्री श्री मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सुश्री आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सुश्री महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल श्री पटेल और प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव श्री मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

  • राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बन चुका है। मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। राज्य सरकार जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने तुअर से मंडी टैक्स हटाया है, इससे दाल मिल उद्योग को लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में दालों का विशेष महत्व है। मूंग और मसूर की दालों पर मुहावरे बन गए। दालों से हमें प्रोटीन मिलता है। यह गर्व का विषय है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएशन के ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मसूर और उड़द उत्पादन को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों सहित उद्यमियों को भी लाभ होगा, इंदौर में उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, यहां से रोड, रेल और हवाई हर तरह की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है। प्रदेश में एयरकार्गों के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिससे व्यापार व्यावसाय विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल मिल से संबंधित उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों, कृषकों, आदि के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक विशिष्ट छवि बनी है। भारत के बजट के आधार पर दुनिया अपनी नीतियां तय करती है। अब समय बदल चुका है। भारत सरकार पर किसी टैरिफ का असर नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें। हमारी सरकार जमीन, मशीन और टैक्स कम करने से लेकर सभी प्रकार से सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है। राज्य सरकार ने लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, दूसरे राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए। औद्योगिक विकास के लिए नई नीतियां लागू कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5500 करोड़ से अधिक राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उद्यमियों को भी अंतरित की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी और जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार उद्यमियों को श्रमिकों के वेतन में सहयोग के लिए 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगी। इसके लिये प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को फूड पार्क विकसित करने के लिए भी राज्य सरकार सभी सुविधाएं देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और लोक कल्याण से देशभर में ख्याति अर्जित की। उन्होंने मुगलकाल में ध्वस्त देवा स्थानों का जीर्णोद्धार करने का कार्य किया था।

    जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार औद्योगिक विकास और प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश को देश-विदेश से बड़ा औद्योगिक निवेश मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सशक्त हुई है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक इंदौर ने देश में दाल उद्योग का नेतृत्व किया है। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने का दाल उद्योग को बढ़ाया।

    तीन दिवसीय प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की तीन दिवसीय प्रदर्शनी ग्रीन एक्स का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में दाल मिलिंग, मसाला मशीनरी, फ्लोर मिल, राइस मिल सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इस प्रदर्शनी में कनाडा, तुर्की, ताइवान, स्पेन, ब्रिटेन, चीन, इंग्लैंड सहित भारत के विभिन्न शहरों से आई आधुनिक मशीनों का भी प्रदर्शन किया गया है।

    इस अवसर पर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, पूर्व महापौर श्री कृष्णमुरारी मोघे, श्री सुमित मिश्रा, श्री गौरव रणदीवे, ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल, सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल भी मौजूद थे।

    स्वामीनारायण मंदिर में किये दर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पहले स्वामीनारायण मंदिर पहुँचकर दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहें।

  • राजगढ़ पोस्ट ऑफिस घोटाला: जीरापुर उप डाकघर में खातों में हेरफेर कर करोड़ों की धोखाधड़ी

    राजगढ़ पोस्ट ऑफिस घोटाला: जीरापुर उप डाकघर में खातों में हेरफेर कर करोड़ों की धोखाधड़ी


    राजगढ़ के जीरापुर उप डाकघर में खाताधारकों के खातों में हेरफेर कर 1.23 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले पूर्व उप डाकघर मास्टर अशोक कुमार सोनी पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कस रहा है। ईडी ने भोपाल स्थित न्यायालय में अशोक कुमार सोनी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। न्यायालय ने आरोपी को पूर्व संज्ञान सुनवाई का नोटिस जारी किया।

    इससे पहले यह मामला सीबीआइ और एसीबी द्वारा दर्ज किया गया था। दिसंबर 2020 में सीबीआइ ने आरोपपत्र दाखिल कर लिया था। जांच में पता चला कि वर्ष 2016-17 के दौरान अशोक कुमार सोनी, जीरापुर उप डाकघर में उप डाकघर मास्टर के पद पर तैनात था।

    दिसंबर 2016 से मई 2017 के बीच उसने संचय पोस्ट साफ्टवेयर का उपयोग करके 138 डाक बचत बैंक खातों में पिछली तारीखों की फर्जी जमा प्रविष्टियां कीं। इसके जरिए उसने बिना किसी वास्तविक जमा के खातों की शेष राशि बढ़ा दी। इसके बाद फर्जी खाते और संचय पोस्ट से फिनाकल सिस्टम में स्थानांतरण करके उसने कुल 1,23,31,180 रुपये निकाल लिए।घोटाले का पता तब चला जब अशोक कुमार सोनी ने नवंबर और दिसंबर 2017 के दौरान 1,24,44,800 रुपये नकद जमा किए। इस धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर सीबीआइ ने केस दर्ज किया और बाद में मामला ईडी के पास पहुंचा।

    ईडी ने आरोप लगाया कि यह धोखाधड़ी और फर्जी प्रविष्टियों का मामला गंभीर है और आरोपी को न्यायालय में जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जांच में यह भी पता चला कि अशोक कुमार सोनी ने खाताधारकों की जानकारी का दुरुपयोग कर राशि का गबन किया।इस घोटाले के मामले में ईडी की कार्रवाई और कोर्ट में शिकायत दर्ज होने के बाद अब इस मामले पर न्यायिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। अधिकारियों का कहना है कि धोखाधड़ी की राशि की वापसी और आरोपी की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • "परीक्षा पे चर्चा": लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    "परीक्षा पे चर्चा": लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी


    भोपाल ! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र श्री आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    2018 से लगातार हो रहा आयोजन

    प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया गया।

    जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री श्री सिंह

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री श्री सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्‍मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं।

    शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्‍कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्‍ट जनों, वरिष्‍ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण श्री केके द्व‍िवेदी सहि‍त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्‍त संचालक श्री एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे।

    प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की गई थी।

    9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी देश के विभिन्‍न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्‍त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।