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  • टीचर्स से लेकर स्टूडेंट्स तक..UGC के वो 4 नियम कौन से हैं जिनपर बवाल मचा हुआ है?

    टीचर्स से लेकर स्टूडेंट्स तक..UGC के वो 4 नियम कौन से हैं जिनपर बवाल मचा हुआ है?


    नई दिल्ली । देशभर में UGC के नए नियम को लेकर भारी विरोध देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर यूजीसी आरोलबैक तेजी से ट्रेंड करने लगा, जबकि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया और इसे भेदभाव बढ़ाने वाला बताया गया। इसी बीच, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस बदलाव का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया। इस पूरे विवाद के बीच सवाल उठता है कि UGC ने कौन से नियम बनाए हैं और आखिर क्यों टीचर्स, स्टूडेंट्स और आम लोग इसमें नाराज हैं।

    UGC का नया नियम क्या है

    UGC ने 13 जनवरी 2026 को नया नियम लागू किया, जिसका नाम है उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के विनियम 2026 । इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव और असमानता को रोकना बताया गया है। नए नियम के तहत सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों को इक्विटी सेंटर, इक्विटी स्क्वाड और इक्विटी कमेटी बनाने होंगे, साथ ही 24×7 हेल्पलाइन का प्रावधान भी होगा। अगर कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता, तो UGC उनकी मान्यता रद्द कर सकता है या फंड रोक सकता है। UGC का कहना है कि पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों और जनजातियों के खिलाफ शिकायतों में 2020 से 2025 के बीच 100% से अधिक वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा, रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए यह नियम बनाया गया है, ताकि उच्च शिक्षा में समानता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    क्यों मचा बवाल

    UGC के नए नियम के कुछ सेक्शन विशेष रूप से विवादित बने हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका PIL में कहा गया है कि Section 3C अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और व्यक्तिगत आज़ादी के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इसके अलावा, सामान्य वर्ग यानी सवर्ण समाज के छात्र और शिक्षक भी नाराज हैं। बरेली के मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इसे सामान्य वर्ग के छात्रों को स्वघोषित अपराधी बनाने जैसा बताया। छात्र और शिक्षक दोनों का कहना है कि नियम एकतरफा है, झूठी शिकायतों पर कार्रवाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, और सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है। यही कारण है कि देशभर में इस नियम को लेकर तीव्र विरोध और बहस चल रही है।

    UGC के 4 विवादित नियम / बदलाव ,इक्विटी समिति और इक्विटी स्क्वाड का गठन

    नए नियम के तहत हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में इक्विटी समिति और इक्विटी स्क्वाड बनाना अनिवार्य है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि इसमें सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व जरूरी नहीं है, जिससे निर्णयों में पक्षपात होने का डर है। साथ ही इक्विटी स्क्वाडको बहुत अधिकार दिए गए हैं, लेकिन ‘भेदभाव’ की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है, जिससे इसकी कार्यवाही और सीमाओं को लेकर शंका बनी हुई है।

    अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जातियों पर ध्यान
    नए नियम का मुख्य उद्देश्य एससी, एसटी और पिछड़ी जातियों के खिलाफ भेदभाव को रोकना है। हालांकि, सामान्य वर्ग के छात्र और शिक्षक इसे एकतरफा मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस नियम के तहत सवर्ण छात्रों को ‘संभावित अपराधी’ मानकर देखा जा सकता है, जिससे वास्तव में भेदभाव बढ़ने और माहौल में तनाव पैदा होने की संभावना है।

    सख्त कार्रवाई का अधिकार
    नए नियम के तहत, अगर कोई संस्थान के नियमों का पालन नहीं करता, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है या फंड रोक दिया जा सकता है। छात्र और शिक्षक मानते हैं कि यह कदम संस्थानों पर अत्यधिक दबाव डालता है और बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और संसाधन के इसे लागू करना मुश्किल और जटिल होगा।
    छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
    कई छात्र संगठन और शिक्षक संघ के नए नियम का विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जबकि बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर अपना विरोध जताया। छात्रों का कहना है कि नियम एकतरफा है, झूठी शिकायतों पर कोई रोक नहीं है, और सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं।

    UGC का पक्ष
    UGC का कहना है कि यह नियम उच्च शिक्षा में समान अवसर और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। आयोग के अनुसार, बिना निगरानी और संरचना के पिछड़ी जातियों के खिलाफ भेदभाव रोकना मुश्किल है। यह भी बताता है कि नियम धीरे-धीरे लागू किए जाएंगे और उद्देश्य केवल समान अवसर और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जबकि यह कदम शिक्षा प्रणाली में समानता और सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास है, नियम के कुछ सेक्शन विवादास्पद माने जा रहे हैं।

    सवर्ण छात्रों और शिक्षकों की चिंता और भविष्य की राह

    टीचर्स से लेकर स्टूडेंट्स तक सभी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि नया नियम सवर्ण छात्रों और शिक्षकों के अधिकारों के खिलाफ तो नहीं जा रहा। अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर हैं, जिससे तय होगा कि नियम में कोई संशोधन या बदलाव करता है या नहीं। फिलहाल, यह मामला शिक्षा जगत में सबसे बड़ा और गर्म चर्चा का विषय बन गया है, और भविष्य में इसके प्रभाव को लेकर बहस जारी रहने की संभावना है।

  • Gold Price Today: सोने की कीमतों में तेजी बरकरार! चांदी ने लगाई 21 000 रुपये की छलांग जानें आपके शहर का ताजा भाव

    Gold Price Today: सोने की कीमतों में तेजी बरकरार! चांदी ने लगाई 21 000 रुपये की छलांग जानें आपके शहर का ताजा भाव


    नई दिल्ली । आज सोने का भाव घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने की कीमतों में मंगलवार 27 जनवरी को तेजी देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 फरवरी 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1 58 674 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1 56 037 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था. 27 जनवरी की सुबह 9:55 बजे एमसीएक्स पर 5 फरवरी का एक्सपायरी वाला गोल्ड 1 58 310 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 2300 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स गोल्ड शुरुआती कारोबार में 1 59 820 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था.

    एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 3 56 661 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रहा था. जो कि पिछले दिन की बंद कीमत से लगभग 21 000 रुपये की तेजी दिखाता है. एमसीएक्स सिल्वर शुरुआती कारोबार में 3 59 800 रुपये के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में सोने और चांदी का ताजा भाव क्या है.

    आपके शहर में सोने का भाव गुड रिटर्न के अनुसार

    दिल्ली में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 62 100 रुपए
    22 कैरेट – 1 48 600 रुपए
    18 कैरेट – 1 21 610 रुपए

    मुंबई में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 61 950 रुपए
    22 कैरेट – 1 48 450 रुपए
    18 कैरेट – 1 21 460 रुपए

    चेन्नई में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 63 200 रुपए
    22 कैरेट – 1 49 600 रुपए
    18 कैरेट – 1 24 750 रुपए

    कोलकाता में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 61 950 रुपए
    22 कैरेट – 1 48 450 रुपए
    18 कैरेट – 1 21 460 रुपए

    अहमदाबाद में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 62 000 रुपए
    22 कैरेट – 1 48 500 रुपए
    18 कैरेट – 1 21 510 रुपए

    लखनऊ में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 62 100 रुपए
    22 कैरेट – 1 48 600 रुपए
    18 कैरेट – 1 21 610 रुपए

    पटना में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 62 000 रुपए
    22 कैरेट – 1 48 500 रुपए
    18 कैरेट – 1 21 510 रुपए

    हैदराबाद में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम

    24 कैरेट – 1 61 950 रुपए
    22 कैरेट – 1 48 450 रुपए
    18 कैरेट – 1 21 460 रुपए

    सोना-चांदी की कीमतों में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. आज इन बहुमूल्य धातुओं को खरीदने के लिए पहले से ज्यादा पैसा खर्च करना होगा. अगर आज आप सोना-चांदी की खरीदारी का प्लान बना रहे हैं तो अपने शहर के ताजा भाव जरूर पता कर लेना चाहिए.

  • पारंपरिक अंदाज में सजी लिन लैशराम बेबी शॉवर में रणदीप हुड्डा संग दिखीं बेहद प्यारी

    पारंपरिक अंदाज में सजी लिन लैशराम बेबी शॉवर में रणदीप हुड्डा संग दिखीं बेहद प्यारी


    नई दिल्ली । गोल्डन साड़ी में मॉम-टू-बी लिन की खास चमक बेबी शॉवर की तस्वीरों में लिन लैशराम मॉम-टू-बी के रूप में अलग ही ग्लो में नजर आ रही हैं। उन्होंने ग्रे और गोल्डन साड़ी के साथ पिंक ब्लाउज पहना था जिसमें वह बेहद एलिगेंट और खूबसूरत दिखीं। लिन ने पति रणदीप हुड्डा और दोस्तों के साथ पोज़ देते हुए खुशी-खुशी अपना बेबी बंप फ्लॉन्ट किया। वहीं रणदीप हुड्डा ने इस मौके पर सिंपल और एलिगेंट सफेद कुर्ता-पजामा पहन रखा था।

    केले के पत्तों और गेंदे से सजी सजावट

    बेबी शॉवर की सजावट पूरी तरह ट्रेडिशनल थी। जगह को केले के पत्तों और गेंदे के फूलों से खूबसूरती से सजाया गया था। सजावट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। पूरे माहौल में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक अपनापन साफ झलक रहा था।

    प्रेग्नेंसी की खबर पर रणदीप का रिएक्शन

    इससे पहले एक इंटरव्यू में लिन लैशराम ने बताया था कि जब उन्होंने रणदीप हुड्डा को अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में बताया तो उनका रिएक्शन बेहद भावुक था।लिन ने कहा “वह पल बहुत खूबसूरत था। मैंने एक साथ उनमें खुशी घबराहट उत्साह और भावुकता देखी। उन्होंने यह भी बताया कि रणदीप इस पूरे सफर में काफी केयरिंग हैं चाहे डॉक्टर के पास जाना हो या बच्चे के लिए जरूरी चीज़ों की रिसर्च हर चीज़ में वह पूरी तरह शामिल रहते हैं।

    एनिवर्सरी पर किया था प्रेग्नेंसी का ऐलान

    लिन और रणदीप ने अपनी दूसरी शादी की सालगिरह पर फैंस को यह खुशखबरी दी थी। कपल ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था  दो साल का प्यार एडवेंचर और अब एक छोटा सा नन्हा मेहमान आने वाला है।इस पोस्ट के बाद से ही दोनों को फैंस और सेलेब्स की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

    सोशल मीडिया पर बरसीं शुभकामनाएं

    बेबी शॉवर की तस्वीरों के सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने कपल को ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। कोई लिन की खूबसूरती की तारीफ करता दिखा तो कोई रणदीप को परफेक्ट होने वाले पापा बता रहा है।

  • ट्रंप के खिलाफ मुस्लिम देशों के साथ आया चीन, 57 देशों से बोला- नहीं लौटने देंगे जंगल का कानून

    ट्रंप के खिलाफ मुस्लिम देशों के साथ आया चीन, 57 देशों से बोला- नहीं लौटने देंगे जंगल का कानून


    नई दिल्ली । मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका–ईरान के बीच तीखी बयानबाज़ी के बीच चीन ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। चीन के उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार 26 जनवरी को 57 देशों वाले इस्लामिक सहयोग संगठन के महासचिव के साथ बीजिंग में अहम बातचीत की है। चीनी विदेश मंत्रालय और सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक यह वार्ता ऐसे समय हुई है जब मिडिलईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और सैन्य टकराव की आशंकाएं बढ़ रही हैं।
    यह बैठक उस पृष्ठभूमि में हुई है जब एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने चेतावनी दी कि ईरान पर किसी भी हमले को पूर्ण युद्ध के रूप में देखा जाएगा। दरअसल एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान की ओर एक “आर्माडा यानी बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेजा है जो “एहतियात के तौर पर तैनात किया जा रहा है। ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों की हत्या या परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू करने के खिलाफ चेतावनी भी दी थी।

    ईरान में विरोध प्रदर्शन और मौतों का दावा

    इसी बीच क्षेत्र में मौजूद एक ईरानी अधिकारी ने रविवार को दावा किया कि आर्थिक कठिनाइयों के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 5 000 लोगों की मौत हो चुकी है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन इससे हालात की गंभीरता और बढ़ गई है।

    चीन का संदेश सुरक्षा साझेदारी और राजनीतिक समाधान
    इस तनातनी के बीच सोमवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस्लामिक सहयोग संगठन के महासचिव से बातचीत में मध्य पूर्व के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा साझेदारी के निर्माण और संवेदनशील मुद्दों के राजनीतिक समाधान पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार चीन का मानना है कि टकराव और सैन्य कार्रवाई के बजाय संवाद और सहयोग से ही क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है।

    दुनिया एक ‘जंगल के कानून’ की ओर बढ़ रही

    रिपोर्ट के मुताबिक वांग ने कहा चीन इस्लामी देशों के साथ मिलकर विकासशील देशों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा चीन दुनिया को जंगल के कानून की ओर लौटने से रोकने के लिए तैयार है।” चीनी विदेश मंत्री ने ये भी कहा है कि क्षेत्र के हॉटस्पॉट मुद्दों का राजनीतिक समाधान किया जाना चाहिए न कि सैन्य अभियान से। चीनी विदेश मंत्री के मुताबिक ट्रंप की नीतियों की वजह से दुनिया एक ‘जंगल के कानून’ की ओर बढ़ रही है जिसमें ट्रंप जब चाहे जिसपर चाहे टैरिफ लगा देते हैं।

    अमेरिकी सैन्य तैनाती जारी

    उधर अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि आने वाले दिनों में एक एयरक्राफ्ट कैरियर और कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर युद्धपोत मध्य पूर्व क्षेत्र में पहुंचने वाले हैं। विश्लेषकों के मुताबिक इस सैन्य तैनाती और कूटनीतिक गतिविधियों के बीच चीन की OIC से बातचीत यह संकेत देती है कि बीजिंग खुद को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति और संभावित मध्यस्थ के रूप में स्थापित करना चाहता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में चीन की यह पहल आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
  • वरुण धवन को मेट्रो में स्टंट करने पर पड़ी फटकार, ट्रोल बोले- करवा ली बेइज्जती? देखें क्या कर रहे थे

    वरुण धवन को मेट्रो में स्टंट करने पर पड़ी फटकार, ट्रोल बोले- करवा ली बेइज्जती? देखें क्या कर रहे थे


    नई दिल्ली । बॉर्डर 2 एक्टर वरुण धवन एक वीडियो के चलते कॉन्ट्रोवर्सी में फंस गए हैं। उन्होंने अपनी इंस्टा स्टोरी पर ये वीडियो शेयर किया था जिसमें वह मेट्रो में पुलअप्स करते दिख रहे थे। अब महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वरुण के इस वीडियो पर वॉर्निंग जारी की है। साथ ही वरुण धवन का नाम लेते हुए लिखा है कि मुंबई मेट्रो में ये सब ट्राई ना करें। यह भी चेतावनी दी है कि मेट्रो में ऐसे स्टंट्स करने पर सजा हो सकती है।

    मेट्रो से बॉर्डर 2 देखने जा रहे थे वरुण

    वरुण धवन की फिल्म बॉर्डर 2 बीती 23 जनवरी को रिलीज हुई है। प्रमोशन स्ट्रैटजी के तहत वरुण ने एक वीडियो बनाया जिसमें वह ट्रैफिक से बचने के लिए मेट्रो से फिल्म देखने जा रहे थे। वरुण ने अपने फैन्स से पूछा था कि गेस करें कि वह किस थिएटर जा रहे हैं। मेट्रो के अंदर वरुण लोगों से बातचीत कर रहे थे साथ ही पुलअप्स करते भी दिखे। अब Official mmmocl ने वीडियो पर वरुण को सख्त लहजे में चेताया है।

    डिसक्लेमर के साथ होना चाहिए था वीडियो

    महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वीडियो के साथ लिखा है, यह वीडियो डिसक्लेमर के साथ आना चाहिए जैसे कि आपकी फिल्मों में होता है। वरुण धवन- महा मुंबई मेट्रो में यह जरा भी ट्राई ना करें। हम समझते हैं कि मेट्रो में दोस्तों के साथ हैंगआउट करना बढ़िया है पर वो ग्रैब हैंडल्स लटकने के लिए नहीं हैं। इस तरह की हरकतें एक्ट 2002 के अंतर्गत सजा दिला सकते हैं। पैनल्टी के साथ अगर मामला गंभीर है तो जेल भी हो सकती है। इसलिए दोस्तों हैंग आउट कीजिए पर वहां मत लटकिये। महा मुंबई मेट्रो में जिम्मेदारी के साथ ट्रैवल कीजिए।

    लोगों ने उड़ाया वरुण का मजाक
    इस वीडियो पर कई तरह के कमेंट्स दिख रहे हैं। एक ने लिखा है, पब्लिक ट्रांसपोर्ट सम्मान के हकदार हैं, इसे हाइलाइट करने के लिए शुक्रिया। एक कमेंट है, यह जागरूकता बहुत जरूरी थी। बहुत अच्छे टीम। एक ने लिखा है, वरुण पर एक्शन लो। एक और ने लिखा है, वरुण की तरफ से अच्छा रिमाइंडर है। मेट्रो सेफ्टी जरूरी है। एक ने लिखा है, करवा ली बेइज्जती।

  • अमेरिका में बर्फीले तूफान में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान, 7 लोगों की मौत

    अमेरिका में बर्फीले तूफान में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान, 7 लोगों की मौत


    नई दिल्ली । अमेरिका में बर्फीले तूफान में एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में 7 लोगों की मौत हो गई है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक मेन के बांगोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बर्फीले तूफान में एक निजी व्यावसायिक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और चालक दल का एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया।

    रिपोर्ट के मुताबिक न्यू इंग्लैंड समेत अमेरिका का अधिकतर इलाका इस समय बर्फीले तूफान से जूझ रहा है। इसमें आठ लोगों को ले जा रहा बॉम्बार्डियर चैलेंजर 600 विमान रविवार रात को उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बोस्टन से लगभग 200 मील उत्तर में स्थित हवाई अड्डे को दुर्घटना के बाद बंद कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक विमान उड़ान भरने की कोशिश करते समय पलट गया और उसमें आग लग गई। यह रविवार शाम लगभग 7:45 बजे हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एनटीएसबी ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि विमान उड़ान भरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ और दुर्घटना के बाद उसमें आग लग गई, लेकिन जांचकर्ताओं के एक-दो दिन में पहुंचने के बाद ही वे कोई और बयान जारी करेंगे।

    बैंगोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ऑरलैंडो फ्लोरिडा वॉशिंगटन डी.सी. और शार्लट नॉर्थ कैरोलाइना जैसे शहरों के लिए सीधी उडानें उपलब्ध हैं। यह हवाई अड्डा बोस्टन से लगभग 200 मील 320 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। हादसे के कुछ ही देर बाद एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया और इसे कम से कम बुधवार दोपहर तक बंद रखा जाएगा। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब न्यू इंग्लैंड और देश के बड़े हिस्से भीषण शीतकालीन तूफान से जूझ रहे थे। सावेद्रा ने बताया कि रविवार को बैंगोर में लगातार बर्फबारी हो रही थी, हालांकि हादसे के समय के आसपास विमान उतर और उड़ान भर रहे थे।

  • Border 2 Collection: पांचवें दिन कितनी होगी बॉर्डर 2 की कमाई? देखें लाइव अपडेट्स

    Border 2 Collection: पांचवें दिन कितनी होगी बॉर्डर 2 की कमाई? देखें लाइव अपडेट्स


    नई दिल्ली ।बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 5 दिन 5 सनी देओल की वॉर ड्रामा फिल्म बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म ने चार दिनों में ही भारतीय बॉक्स ऑफिस से 177 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली है। वहीं वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस से 251 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। अब सबकी नजर पांचवें दिन के कलेक्शन पर है। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉन्ग वीकेंड के बाद अब लोग मंगलवार के दिन वापस अपने काम में लग गए हैं। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि आज 27 जनवरी फिल्म कितने करोड़ रुपये की कमाई करेगी।

    बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट दिन कलेक्शन

    डे 1 शुक्रवार 30 करोड़ रुपये
    डे 2 शनिवार 36.5 करोड़ रुपये
    डे 3 रविवार 54.5 करोड़ रुपये
    डे 4 सोमवार 59 करोड़ रुपये
    कुल कमाई 177 करोड़ रुपये
    पांचवें दिन का कलेक्शन
    फिल्म के शुरुआती चार दिन एक लॉन्ग वीकेंड शुक्रवार से सोमवार/26 जनवरी तक के दौरान बीते, जिसमें टिकट की कीमतें काफी ज्यादा होने के बावजूद दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। लेकिन आज मंगलवार से वर्किंग डे शुरू हो रहे हैं। इसके साथ ही टिकट की कीमत भी कम कर दी गई है। यही वजह है कि ट्रेड एनालिस्ट्स की नजरें फिल्म के आज के कलेक्शन पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सस्ती टिकट और वर्किंग डे के बीच फिल्म अपनी रफ्तार को कैसे बरकरार रखती है।

    लाइव अपडेट

    Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने मंगलवार के दिन

    सुबह 8 बजे तक – 0.05 करोड़ रुपये

    सुबह 9 बजे तक – 0.18 करोड़ रुपये

    सुबह 10 बजे तक – 0.41 करोड़ रुपये

    सुबह 11 बजे तक – 0.72 करोड़ रुपये

    दोपहर 12 बजे तक – 1.3 करोड़ रुपये

  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले नया विवाद, काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरेगी पाकिस्तानी टीम? जानिए ICC के नियम क्या


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही पाकिस्तान को लेकर सस्पेंस और विवाद दोनों बने हुए हैं. एक तरफ पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना अभी तक पूरी तरह कन्फर्म नहीं है, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के समर्थन में उसके संभावित कदमों ने आईसीसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में उतरता है तो वह बांग्लादेश के समर्थन में काली पट्टी बांधकर खेल सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसा करना ICC के नियमों के खिलाफ होगा और अगर हां, तो पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई हो सकती है.

    ICC के नियम क्या कहते हैं

    आईसीसी के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी या टीम बिना पूर्व अनुमति इंटरनेशनल मैच में काली पट्टी या किसी तरह का प्रतीक पहनती है, तो इसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2023 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को बिना अनुमति काली पट्टी पहनने पर आईसीसी की ओर से सख्त चेतावनी दी गई थी.

    पाकिस्तान पर क्या हो सकता है एक्शन

    अगर पाकिस्तान की टीम बिना अनुमति काली पट्टी पहनती है, तो पहली बार में आईसीसी फटकार या चेतावनी दे सकती है. इसे ‘अन्य उल्लंघन’ की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, अगर नियमों का दोबारा उल्लंघन हुआ तो खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर स्थिति में टीम पर और भी सख्त कार्रवाई संभव है.

    बांग्लादेश मुद्दे पर पाकिस्तान का खुला समर्थन

    दरअसल, सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. इस फैसले से पाकिस्तान नाखुश है और वह लगातार बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही अपनी टीम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि टूर्नामेंट में खेलने का अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.

    काली पट्टी पहनना क्यों बना चर्चा का विषय

    कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के दौरान काली पट्टी पहनकर उतर सकता है. आमतौर पर काली पट्टी विरोध या शोक का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे पहनना नियमों के खिलाफ माना जाता है. आईसीसी के क्लोथिंग और इक्विपमेंट नियम खिलाड़ियों को बिना अनुमति किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं देते.

  • डॉन ब्रैडमैन ने भारतीय खिलाड़ी को गिफ्ट की थी अपनी कैप, अब ऑक्शन में लगी इतने करोड़ की बोली

    डॉन ब्रैडमैन ने भारतीय खिलाड़ी को गिफ्ट की थी अपनी कैप, अब ऑक्शन में लगी इतने करोड़ की बोली


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन क्रिकेट के प्रशंसकों के बीच आज भी उनका जलवा कायम है। करीब 70 साल पहले क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह डॉन ब्रैडमैन ही थे। उनके आंकड़े बताते हैं कि उनका खेल कैसा रहा होगा। क्रिकेट छोड़ने के 7 दशक के बाद और इस दुनिया को अलविदा कहने के ढाई दशक के बाद भी उनकी लोकप्रियता काफी है। यही वजह है कि 1947-48 में भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान पहनी गई बैगी ग्रीनकैप सोमवार को गोल्ड कोस्ट ऑक्शन में 4.60 लाख डॉलर करीब 4 करोड़ 22 लाख रुपये में बिकी। ब्रैडमैन ने यह कैप उस सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ी श्रीरंगा वासुदेव सोहोनी को भेंट की थी। सोहोनी के परिवार ने इसे पिछले 75 वर्षों तक सहेज कर रखा था और इसे कभी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया।

    लॉयड्स ऑक्शंसद्वारा बेची गई इस बैगी ग्रीन पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का कोट ऑफ आर्म्सबना है और उसके नीचे 1947-48कढ़ा हुआ है। भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज 1947-48 ब्रैडमैन की आखिरी घरेलू टेस्ट सीरीज थी। इसके बाद उन्होंने 1948 में 99.94 के औसत के साथ क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्हें खेल के इतिहास का महानतम बल्लेबाज माना जाता है। भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में इस यह श्रृंखला के लिए अपना पहला टेस्ट दौरा किया था। लाला अमरनाथ की अगुआई में भारतीय टीम ने ब्रैडमैन के नेतृत्व वाली मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का पांच मैचों की श्रृंखला में सामना किया था। ऑस्ट्रेलिया ने श्रृंखला में 4-0 से जीत दर्ज की थी, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा।

    नीलामी के दौरान इस टोपी को हॉली ग्रेल ऑफ क्रिकेट क्रिकेट का बेशकीमती या दुर्लभ चीज करार देते हुए लॉयड्स ऑक्शनियर्स एंड वैल्यूअर्सके मुख्य परिचालन अधिकारी ली हेम्स ने कहा कि सोहोनी की अंतिम इच्छा थी कि यह कैप ऑस्ट्रेलिया के पास रहे। गार्जियनकी रिपोर्ट के अनुसार, हेम्स ने कहा, यह 75 वर्षों तक छिपाकर रखी गई थी, यानी तीन पीढ़ियों तक ताले में बंद रही। परिवार के सदस्यों को भी 16 वर्ष की उम्र के बाद सिर्फ पांच मिनट के लिए इसे देखने की अनुमति थी। लॉयड्स ऑक्शंसके एक प्रवक्ता ने बताया कि यह टोपी अब ऑस्ट्रेलिया में ही रहेगी और इसे किसी प्रमुख संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। टोपी के अंदर डी. जी. ब्रैडमैन और एस. डब्ल्यू. सोहोनी के नाम अंकित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नीलामी की बोली एक डॉलर से शुरू हुई और ऑस्ट्रेलिया, भारत और ब्रिटेन के खरीदारों की गहरी दिलचस्पी के बीच यह 4.60 लाख डॉलर में बिकीं।

    इसके मुताबिक, 75 वर्षों तक एक ही परिवार द्वारा सहेजी गई यह टोपी डॉन ब्रैडमैन के अजेय दौर और भारतीय टीम के साथ हुए यादगार आदान-प्रदान से जुड़ाव का प्रतीक है। मौजूदा समय में ब्रैडमैन की केवल 11 बैगी ग्रीनटोपी ज्ञात हैं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेटरों को हर श्रृंखला के लिए अलग टोपी दी जाती थी। ब्रैडमैन की 1928 की पहली बैगी ग्रीन 2020 में 4.50 लाख डॉलर में बिकी थी, जबकि 1948 के इंग्लैंड दौरे की कैप 2003 में 4.25 अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुई थी।
    ब्रैडमैन की एक धूप से फीकी और घिसी हुई बैगी ग्रीन2024 में 4,79,700 डॉलर में बिकी थी, जो उनकी पहनी गई किसी टोपी के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। बैगी ग्रीनके लिए सर्वकालिक रिकॉर्ड शेन वॉर्न की टोपी के नाम है, जो 2020 में ऑस्ट्रेलिया रेड क्रॉस बुशफायरराहत के लिए 10,07,500 डॉलर में बिकी थी।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की हर स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए ताकि मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    विशेषज्ञों की कमी होगी दूर डिप्टी सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट’ के रूप में सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 1377 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में से 500 विशेषज्ञों की सूची प्राप्त हो चुकी है, जिनकी नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा लाभ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगा। साथ ही, नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए हैं।

    कैंसर उपचार और बुनियादी ढांचे का विस्तार प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े, इसके लिए ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए।

    तीन नए मेडिकल कॉलेजों का आगाज उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बुधनी, छतरपुर और दमोह में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रस्तावित है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन के मापदंडों के अनुसार फर्नीचर उपकरण और शैक्षणिक मैनपावर की भर्ती का कार्य पूर्ति चरण में है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी निर्माण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीएम-डे केयर योजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए बजट उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।