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  • 4800 ग्रेड पे और कैडर निर्माण की मांग पर अड़े CHO, 25 दिन से जारी प्रदर्शन, सरकार को विधानसभा घेराव की चेतावनी

    4800 ग्रेड पे और कैडर निर्माण की मांग पर अड़े CHO, 25 दिन से जारी प्रदर्शन, सरकार को विधानसभा घेराव की चेतावनी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों यानी सीएचओ का आंदोलन लगातार जारी है। नियमितीकरण वेतन विसंगति दूर करने और अलग कैडर बनाने समेत कई मांगों को लेकर प्रदेशभर के स्वास्थ्य अधिकारी इको गार्डन में धरना दे रहे हैं। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। सीएचओ प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेश के करीब 17 हजार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सामूहिक इस्तीफा देने का कदम उठा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।

    प्रदर्शनकारियों के मुताबिक उनका धरना 25वें दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रदेश के गांवों और ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे रहे हैं लेकिन वेतन और सेवा से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ है। सीएचओ संघ के प्रदेश सदस्य सनत सिंह ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में अलग कैडर का निर्माण हरियाणा की तर्ज पर 4800 ग्रेड पे और सातवें वेतनमान का लाभ शामिल है। इसके अलावा पीवीआई को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग भी उठाई जा रही है। उनका कहना है कि शासन और विभागीय अधिकारियों के साथ कई बार बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

    सीएचओ की अन्य मांगों में नियमितीकरण स्थानांतरण नीति लागू करना और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना भी शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार अपने अधिकार और सुविधाएं चाहते हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने के बावजूद उन्हें सेवा संबंधी लाभ और वेतनमान को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक महिला सीएचओ ने बताया कि वे 1956 की नियमावली के अनुसार व्यवस्था लागू करने कैडर निर्माण और वेतन विसंगति दूर करने की मांग कर रही हैं। उनके अनुसार दूसरे कैडरों के कर्मचारियों की तुलना में उन्हें लगभग पांच हजार रुपये कम वेतन मिलता है। उन्होंने पीवीआई को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग भी दोहराई।

    प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर करीब दस बार मंत्रियों के आवास पर जाकर अपनी बात रख चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि शर्मा ने कहा कि मांगों को लेकर संगठन पीछे हटने वाला नहीं है। जरूरत पड़ने पर एक से दो महीने तक भी धरना जारी रखा जाएगा। उनका कहना है कि वेतन और सेवा से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है ताकि स्वास्थ्य अधिकारी बिना परेशानी के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।

    धरने में शामिल बदायूं के प्रतीक कुमार और फिरोजाबाद के अमित नायक ने भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लगातार प्रदर्शन के बावजूद समाधान नहीं निकलने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। सीएचओ प्रतिनिधियों के अनुसार प्रदेश में करीब 17 हजार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी गांवों और ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में यदि आंदोलन लंबा खिंचता है तो स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमितीकरण कैडर निर्माण और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों पर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। सामूहिक इस्तीफे और विधानसभा घेराव की चेतावनी के बीच अब निगाहें सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।

  • भारत-पोलैंड के रिश्तों में नहीं हितों का टकराव, भरोसे और साझा मूल्यों से मजबूत होगी रणनीतिक साझेदारी: डोनाल्ड टस्क

    भारत-पोलैंड के रिश्तों में नहीं हितों का टकराव, भरोसे और साझा मूल्यों से मजबूत होगी रणनीतिक साझेदारी: डोनाल्ड टस्क


    नई दिल्ली ।
    भारत और पोलैंड के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भरोसे, साझा मूल्यों और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण आधार बताते हुए पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि दोनों देशों के हितों में कोई टकराव नहीं है। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भारत-पोलैंड मित्रता को स्वाभाविक और मजबूत साझेदारी बताया। टस्क ने कहा कि दोनों देशों के बीच भौगोलिक दूरी के अलावा ऐसा कोई बड़ा अंतर नहीं है, जो उनके संबंधों को आगे बढ़ाने में बाधा बने।

    डोनाल्ड टस्क ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत को सार्थक और महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने, अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करने और आने वाले वर्षों में सहयोग की प्राथमिकताएं तय करने पर चर्चा की। भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने का निर्णय अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान लिया गया था। टस्क के अनुसार, मौजूदा बातचीत में इस साझेदारी के शुरुआती परिणामों का आकलन किया गया और भविष्य के सहयोग की दिशा पर जोर दिया गया।

    पोलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल साझा हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भरोसे और समान विचारों पर भी आधारित हैं। उन्होंने विशेष रूप से अहिंसा के विचार का उल्लेख किया। टस्क ने बताया कि पोलैंड की ऐतिहासिक सॉलिडेरिटी क्रांति अहिंसा पर आधारित थी और भारत की परंपराओं तथा इतिहास ने उनके देश को प्रेरित किया है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक विभाजन पैदा करने वाले मुद्दों का अभाव भी आपसी संबंधों को सहज बनाने में मदद करता है।

    टस्क ने वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र कहने पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया अस्थिरता, अनिश्चितता और राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रही है। ऐसे समय में भारत की भूमिका उम्मीद की किरण जैसी है। उन्होंने भारत को एक शक्तिशाली देश बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मामलों में भारत की भूमिका को पोलैंड सम्मान और सराहना की दृष्टि से देखता है।

    दोनों देशों की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए पोलिश प्रधानमंत्री ने पिछले 35 वर्षों को तेज विकास और आर्थिक सफलता का महत्वपूर्ण दौर बताया। उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड की विकास यात्रा को दुनिया ध्यान से देखती है। टस्क ने जी20 के मंच पर भी दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड इन अंतरराष्ट्रीय बैठकों में एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं, जिससे दोनों देशों के साथ-साथ व्यापक वैश्विक समुदाय को भी लाभ होगा।

    अपने संबोधन में टस्क ने यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारतीय छात्रों की सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि रूस के हमले के बाद यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की देखभाल में पोलैंड की भूमिका दोनों देशों के बीच एकजुटता और दोस्ती का व्यावहारिक उदाहरण है। उन्होंने इस सहयोग को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि ऐसी मदद के लिए समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता जरूरी थी।

    टस्क ने ‘गुड महाराजा’ का भी उल्लेख किया, जो पोलैंड की सामूहिक स्मृति में सम्मान के साथ याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह संबंध केवल प्रतीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक सहायता और ऐतिहासिक अनुभवों से भी जुड़ा है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और पोलैंड भविष्य में भी एक-दूसरे का साथ देंगे और अपनी रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत करेंगे।

  • नवरात्रि में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की धूम, नोएडा में 11 हजार की व्रत थाली और मुंबई में रसगुल्लों का बड़ा ऑर्डर

    नवरात्रि में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की धूम, नोएडा में 11 हजार की व्रत थाली और मुंबई में रसगुल्लों का बड़ा ऑर्डर


    नई दिल्ली । नवरात्रि के दौरान देशभर में व्रत के व्यंजनों और पारंपरिक मिठाइयों की ऑनलाइन मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। दुर्गा अष्टमी, महा नवमी और दशहरे के आसपास त्योहार का उत्साह खाने-पीने के ऑर्डर में भी दिखाई दिया। इस दौरान लोगों ने साबूदाने से बने व्यंजनों, विशेष व्रत थालियों और मिठाइयों को प्राथमिकता दी। नवरात्रि के दौरान कुछ ग्राहकों के बड़े ऑर्डर भी चर्चा में रहे। नोएडा में एक ग्राहक ने 13 व्रत थालियों के लिए 11,072 रुपये खर्च किए, जबकि मुंबई में एक ग्राहक ने मिठाइयों और कॉफी रसगुल्ला तिरामिसु के लिए 9,870 रुपये का ऑर्डर दिया।

    17 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच व्रत के व्यंजनों में साबूदाने से बनी चीजें सबसे ज्यादा पसंद की गईं। इस अवधि में हर घंटे औसतन 1,794 साबूदाने के व्यंजन ग्राहकों तक पहुंचाए गए। इसके बाद नवरात्रि व्रत थालियों, सिंघाड़े से बनी चीजों और कुट्टू तथा राजगिरा से तैयार विशेष व्यंजनों की मांग रही। समा के चावल और मखाने से बने पकवान भी लोगों के पसंदीदा विकल्पों में शामिल रहे।

    नवरात्रि के दौरान केवल अलग-अलग व्यंजनों ही नहीं, बल्कि पूरे भोजन के कॉम्बो भी ग्राहकों को आकर्षित करते रहे। विशेष व्रत थालियों में सिंघाड़े की पूरी वाली थाली की मांग सबसे आगे रही। इसके अलावा राजगिरा की पूरी और आलू-हींग से तैयार तीन कोर्स वाली थाली भी खूब पसंद की गई। इस तरह की थालियों के ऑर्डर दिल्ली, बेंगलुरु, गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहरों से अधिक आए।

    शहरों के हिसाब से देखें तो मुंबई और बेंगलुरु में साबूदाना खिचड़ी की मांग सबसे ज्यादा रही। पुणे और जयपुर में भी इस व्यंजन को पसंद किया गया। व्रत के दौरान ऐसे भोजन की मांग बढ़ी, जिसे पारंपरिक स्वाद के साथ एक संपूर्ण भोजन के रूप में मंगाया जा सके। व्रत थालियों में अलग-अलग पकवानों के संयोजन ने ग्राहकों को कई विकल्प दिए।

    मिठाइयों की बात करें तो नवरात्रि के दौरान रसगुल्ला सबसे लोकप्रिय विकल्प बनकर सामने आया। 17 से 20 अक्टूबर के बीच देशभर में इसके हर घंटे औसतन 495 ऑर्डर मिले। दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में रसगुल्ले की मांग विशेष रूप से अधिक रही। कुल मिलाकर पारंपरिक मिठाइयों के ऑर्डर में पिछले वर्ष की तुलना में 36.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    रसगुल्ले के अलावा गुलाब जामुन, काजू कतली, जलेबी और रसमलाई भी त्योहार के दौरान खूब मंगाई गईं। बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में मिठाइयों की मांग अधिक रही। वहीं पटना, देहरादून, जोधपुर, गया और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी मिठाइयों के ऑर्डर में अच्छी गतिविधि देखने को मिली। छोटे शहरों में अगरतला, शिलांग, पलवल और भटिंडा में भी मिठाइयों की मांग उल्लेखनीय रही।

    इस अवधि के सबसे बड़े मिठाई ऑर्डरों में मुंबई के ग्राहक का 9,870 रुपये का ऑर्डर शामिल रहा। इसमें कई तरह की मिठाइयों के साथ कॉफी रसगुल्ला तिरामिसु भी मंगाया गया। यह मिठाई पारंपरिक भारतीय रसगुल्ले और इटली की प्रसिद्ध मिठाई तिरामिसु का फ्यूजन रूप है। त्योहार के दौरान इस तरह के नए स्वाद वाले विकल्प भी ग्राहकों के भोजन और मिठाई के चुनाव का हिस्सा बने।

    नवरात्रि के इन आंकड़ों से पता चलता है कि त्योहार के दौरान ग्राहकों की पसंद पारंपरिक व्रत के भोजन और मिठाइयों के इर्द-गिर्द रही। साबूदाने के व्यंजनों और व्रत थालियों की मांग के साथ रसगुल्ले सहित पारंपरिक मिठाइयों के ऑर्डर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • रामपुर जेल में एक घंटे तक अखिलेश-आजम की मुलाकात, भाजपा पर बरसे सपा प्रमुख, बोले- आजम के परिवार के साथ हुआ अन्याय

    रामपुर जेल में एक घंटे तक अखिलेश-आजम की मुलाकात, भाजपा पर बरसे सपा प्रमुख, बोले- आजम के परिवार के साथ हुआ अन्याय


    नई दिल्ली। रामपुर जेल में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक रिश्ता बताया। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि आजम खान उनके दिल से जुड़े हुए हैं और उनके साथ उनका जुड़ाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। इस मुलाकात को लेकर सियासी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने इस दौरान आजम खान के परिवार पर कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए।

    अखिलेश यादव गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा। यहां से वह कार के जरिए सीधे रामपुर जेल पहुंचे। उनके साथ आजम खान के बड़े बेटे अदीब भी कार में मौजूद थे लेकिन वह जेल के अंदर मुलाकात के लिए नहीं गए। जेल प्रशासन की व्यवस्था के बीच अखिलेश यादव और आजम खान की बातचीत करीब एक घंटे तक चली। जानकारी के मुताबिक अखिलेश यादव दोपहर करीब 1 बजकर 42 मिनट पर जेल के अंदर दाखिल हुए और 2 बजकर 51 मिनट के आसपास बाहर निकले। एक साल के भीतर अखिलेश यादव की आजम खान से यह तीसरी मुलाकात बताई जा रही है।

    जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान के परिवार ने जितना अन्याय झेला है वैसा किसी राजनीतिक परिवार के साथ नहीं हुआ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का पढ़ाई लिखाई और शिक्षा से कोई विशेष जुड़ाव नहीं है। जौहर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस विश्वविद्यालय के सपने को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत है। अखिलेश यादव के इस बयान को आजम खान के प्रति पार्टी के समर्थन और उनके परिवार के साथ खड़े रहने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

    आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पैन कार्ड से जुड़े मामले में रामपुर जेल में बंद हैं। इस मामले में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने दोनों को सात सात साल की सजा सुनाई थी। आजम खान ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है। ऐसे में उनकी कानूनी लड़ाई और परिवार से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार जारी हैं। अखिलेश यादव पहले भी आजम खान के समर्थन में बयान देते रहे हैं और अब जेल में मुलाकात के बाद उन्होंने एक बार फिर उनके प्रति भावनात्मक जुड़ाव जाहिर किया।

    मुलाकात के दौरान और उसके बाद अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी पहले दिन से चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत की बात कहती रही है और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी के आरोप भी लगाए। हालांकि ये आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान हैं और इनकी पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक प्रतिक्रियाओं को अलग से देखना जरूरी है।

    अखिलेश यादव के रामपुर पहुंचने पर जौहर विश्वविद्यालय के हेलीपैड के पास आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा उनके बड़े बेटे अदीब और अन्य समर्थक मौजूद रहे। सपा के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी उनका स्वागत किया। इस दौरान अदीब जेल के बाहर ही रहे। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव का बयान पार्टी और आजम खान के समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल इस मुलाकात का मुख्य संदेश आजम खान के प्रति अखिलेश यादव का भावनात्मक समर्थन रहा जबकि भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर उनके आरोपों ने राजनीतिक बहस को भी हवा दी है। 

  • यूपी के विकास प्राधिकरणों में रिश्वतखोरी के आरोपों से मचा हड़कंप, गोरखपुर में कर्मचारी निलंबित, लखनऊ में 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित

    यूपी के विकास प्राधिकरणों में रिश्वतखोरी के आरोपों से मचा हड़कंप, गोरखपुर में कर्मचारी निलंबित, लखनऊ में 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के विकास प्राधिकरणों में नक्शा पास कराने और निर्माण संबंधी कामों में रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने आरोपी लिपिक निर्मल सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वायरल ऑडियो और वीडियो में सामने आए आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। इन कार्रवाइयों के बाद अब जांच रिपोर्ट पर निगाहें टिकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण में लिपिक निर्मल सिंह के खिलाफ कार्रवाई 20 अक्टूबर को दैनिक भास्कर में स्टिंग ऑपरेशन प्रकाशित होने के बाद की गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि नक्शा पास कराने और निर्माण संबंधी कामों के लिए लोगों से पैसे मांगे जाते थे। मामले का संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने निर्मल सिंह को निलंबित कर दिया और आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। विशेष कार्याधिकारी संजीव कुमार दीक्षित को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी को तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आरोपों की समीक्षा होगी और नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आरोपी लिपिक को लेकर अलग से आरोपपत्र जारी करने की भी तैयारी है।

    निर्मल सिंह गोरखपुर विकास प्राधिकरण में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पर आया था और कर्मचारी संयुक्त परिषद का अध्यक्ष भी रह चुका है। उस पर आरोप है कि वह अधिकारियों से नजदीकी और संगठन में अपनी सक्रियता का इस्तेमाल कर नक्शा पास कराने अवैध निर्माण से जुड़े कामों और आवासीय योजनाओं में फ्लैट आवंटन के नाम पर लोगों से पैसे लेता था। इसके अलावा पत्रकारपुरम और वसुंधरा एन्क्लेव में करीबियों के नाम पर फ्लैट लेकर मुनाफे में बेचने के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    दूसरी ओर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी अपने अधिकारी और कर्मचारी से जुड़े वायरल ऑडियो वीडियो की जांच शुरू कर दी है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 21 अक्टूबर को पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी में प्रभारी अधिकारी अधिष्ठान ओएसडी आईटी देवांश त्रिवेदी अधिशासी अभियंता मनोज सागर और लेखाधिकारी विनोद श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। विनोद श्रीवास्तव को सदस्य संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी को सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है। जांच में जूनियर इंजीनियर राहुल प्रताप विश्वकर्मा और जोनल अधिकारी मान सिंह से जुड़े वायरल ऑडियो वीडियो की पड़ताल की जाएगी।

    दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने विकास प्राधिकरणों में कथित रिश्वतखोरी और निर्माण संबंधी अनियमितताओं की पड़ताल के लिए खुफिया कैमरे से बातचीत रिकॉर्ड की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि नक्शा और निर्माण संबंधी काम कराने के बदले पैसे मांगने की बातचीत सामने आई। इसके बाद यह सवाल उठा कि नियमों के तहत होने वाले सरकारी कामों के लिए आवेदकों से कथित तौर पर रकम क्यों मांगी जा रही है और ऐसी गतिविधियों पर विभागीय निगरानी कितनी प्रभावी है।

    अब दोनों प्राधिकरणों की जांच कमेटियों के सामने वायरल रिकॉर्डिंग की सत्यता और बातचीत की परिस्थितियों की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही यह पता लगाना होगा कि क्या किसी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगी गई और क्या इस मामले में अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं। फिलहाल गोरखपुर में निलंबन और लखनऊ में जांच की कार्रवाई की गई है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।

  • फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

    फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह


    नई दिल्ली ।
    फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों और कई शहरों में लगाए गए कर्फ्यू के बीच पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें फ्रांस में रह रहे भारतीयों और वहां यात्रा की योजना बना रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दूतावास ने नागरिकों से प्रदर्शन स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही, बदलते हालात पर नजर रखने के लिए स्थानीय समाचारों और फ्रांस सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लेते रहने को कहा गया है।

    दूतावास की सलाह के अनुसार, भारतीय नागरिकों को ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, जहां प्रदर्शन हो रहे हैं या बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और पुलिस के साथ झड़पों की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और परिस्थितियों के अनुसार अपनी आवाजाही तय करें।

    फ्रांस में स्थिति से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए नागरिक gouvernement.fr वेबसाइट देख सकते हैं। किसी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक पेरिस स्थित भारतीय दूतावास या मार्सिले स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। एडवाइजरी में बदलते हालात के बीच सूचनाओं की नियमित निगरानी और सतर्कता को महत्वपूर्ण बताया गया है।

    फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों का दायरा बढ़ने के बीच विभिन्न संगठनों ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। प्रमुख छात्र संघों और येलो वेस्ट आंदोलन ने शनिवार को रैलियां निकालने का आह्वान किया है। येलो वेस्ट आंदोलन इससे पहले वर्ष 2018 और 2019 में ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरोध में बड़े प्रदर्शन कर चुका है। उस समय आंदोलन का प्रभाव फ्रांस के कई हिस्सों में देखने को मिला था।

    इसके अलावा, ट्रेड यूनियनों ने महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के विरोध में 5 नवंबर को हड़ताल का ऐलान किया है। इससे आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों और जन आंदोलनों की गतिविधियां जारी रहने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, इन कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों की स्थिति स्थानीय निर्देशों पर निर्भर करेगी।

    प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद अधिकारियों ने कई शहरों में प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। 17 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कने के बाद पेरिस के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगाया गया। लिली, लियोन और नीस में भी स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लागू किए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि मार्सिले में सभाओं और प्रदर्शनों पर पाबंदियां लगाई गईं। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित इलाकों में व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।

    हिंसा के दौरान गिरफ्तारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबरें सामने आई हैं। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, सप्ताहांत में हुई घटनाओं के दौरान हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया और सैकड़ों पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना मिली। हालांकि, इन आंकड़ों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

    फ्रांस में मौजूदा आंदोलन की शुरुआत सितंबर के अंतिम दिनों में छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी बताई गई है। छात्रों ने स्कूलों की खराब स्थिति, संसाधनों की कमी और कक्षाओं में बढ़ती भीड़भाड़ के खिलाफ विरोध शुरू किया था। बाद में आंदोलन का दायरा बढ़ा और महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत तथा सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित चिंताएं भी इसमें शामिल हो गईं। विभिन्न स्थानों पर लूटपाट, आगजनी और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की घटनाएं सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    ऐसे हालात में भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास की एडवाइजरी महत्वपूर्ण है। फ्रांस में मौजूद भारतीयों और वहां जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों को स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेते रहने, संवेदनशील स्थानों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

  • शिवा शर्मा मौत मामले में श्रद्धा दुबे से पूछताछ तेज, कैश और मोबाइल को लेकर पुलिस के सवाल, रिमांड की तैयारी

    शिवा शर्मा मौत मामले में श्रद्धा दुबे से पूछताछ तेज, कैश और मोबाइल को लेकर पुलिस के सवाल, रिमांड की तैयारी


    लखनऊ । लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश एसटीएफ नागपुर से लखनऊ लेकर पहुंची है। गुरुवार सुबह हजरतगंज थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। इस दौरान श्रद्धा अपना चेहरा छिपाते हुए थाने के अंदर जाती दिखाई दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान वह कई सवालों पर चुप रही और बार बार यही कहती रही कि उससे नहीं बल्कि उसके वकील से बात की जाए। मामले में श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को भी लखनऊ लाया गया है। तीनों से अलग अलग कमरों में पूछताछ की जा रही है ताकि उनके बयानों का मिलान किया जा सके और घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों को मंगलवार को नागपुर के एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड मिलने पर एसटीएफ की टीम उन्हें सड़क मार्ग से लखनऊ लेकर आई। इस सफर में करीब 15 घंटे लगे। गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे तीनों को हजरतगंज थाने पहुंचाया गया। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधिकारी मामले की अलग अलग कड़ियों को जोड़ने और घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटे हैं।

    पूछताछ के दौरान पुलिस का मुख्य फोकस 9 अक्टूबर की शाम हुई घटना पर है। इसी दिन कारोबारी शिवा शर्मा की लखनऊ स्थित उस फ्लैट से गिरने के बाद मौत हो गई थी जहां श्रद्धा रहती थी। शिवा की मां ने श्रद्धा के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद से श्रद्धा फरार बताई जा रही थी। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन फ्लैट में क्या हुआ था वहां कौन कौन मौजूद था और घटना के बाद आरोपी कहां गए। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि श्रद्धा नेपाल कैसे पहुंची और वहां से लखनऊ लौटने से पहले किन लोगों के संपर्क में थी।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई है। पूछताछ में पुलिस ने नकदी के स्रोत को लेकर सवाल किए हैं। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना एटीएम और यूपीआई का इस्तेमाल किए पैसे कहां से आए। इसके साथ ही श्रद्धा के बैंक खातों की जांच की तैयारी की जा रही है ताकि लेनदेन और धन के स्रोत से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस तीनों के बयानों को मिलाकर यह समझने का प्रयास कर रही है कि घटना के बाद उनकी गतिविधियां क्या रहीं और क्या उनके बयान एक दूसरे से मेल खाते हैं।

    पूछताछ के बाद श्रद्धा का मेडिकल परीक्षण कराया जाना है और उसे अदालत में पेश करने की तैयारी की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगने की तैयारी में है ताकि मामले में आगे की पूछताछ की जा सके। कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। इस बीच श्रद्धा से जुड़े फ्लैटों के हाउस टैक्स निर्धारण में कथित गड़बड़ी का मामला भी सामने आया है। नगर निगम के मुताबिक संबंधित फ्लैट दूसरे लोगों के नाम दर्ज हैं और उनका नए सिरे से कर निर्धारण किया जाएगा। फिलहाल शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। घटना की पूरी परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

  • फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    फरीदाबाद में रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के घर तीन राउंड फायरिंग, बुलेट बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी में कैद

    नई दिल्ली । हरियाणा के फरीदाबाद में देर रात हरियाणा पुलिस के एक सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर के घर पर गोलीबारी की घटना सामने आई है। नगला एनक्लेव पार्ट-2 में बुलेट मोटरसाइकिल पर पहुंचे दो युवकों ने मकान को निशाना बनाकर तीन राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था। गोलीबारी से मकान का शीशा टूट गया और दीवार पर भी गोली लगने के निशान मिले हैं। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    फायरिंग का शिकार हुए सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर की पहचान सुरजीत बैंसला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वारदात के समय वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहे थे। देर रात एक पड़ोसी ने उन्हें जानकारी दी कि उनके मकान पर गोलियां चलाई गई हैं। सूचना मिलने के बाद उन्होंने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी, जिसमें दो युवकों की गतिविधियां दिखाई दीं।

    फुटेज के अनुसार, दोनों युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर मकान के पास पहुंचे थे। वहां रुकने के बाद उन्होंने पिस्तौल निकाली और घर की ओर गोलियां चलाईं। इसके बाद दोनों आरोपी उसी मोटरसाइकिल से घटनास्थल से भाग गए। बताया गया है कि वारदात के दौरान युवकों ने अपने चेहरे नहीं ढके हुए थे। ऐसे में पुलिस को उनकी पहचान करने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से मदद मिलने की उम्मीद है।

    गोलीबारी के दौरान एक गोली मकान के शीशे पर लगी, जिससे शीशा टूट गया। दूसरी गोली दीवार में जा लगी, जबकि तीसरी गोली हवा में चलाई गई। घटना के समय घर के भीतर परिवार के सदस्य मौजूद थे, लेकिन किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। देर रात हुई इस वारदात से मकान को नुकसान पहुंचा और परिवार को घटना की जानकारी पड़ोसी के माध्यम से मिली।

    सुरजीत बैंसला ने बताया कि वह फायरिंग करने वाले दोनों युवकों को नहीं पहचानते। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि आरोपियों ने उनके घर को निशाना क्यों बनाया। फिलहाल गोलीबारी के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना किसी पुरानी रंजिश, विवाद या किसी अन्य कारण से जुड़ी है या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले वारदात के उद्देश्य को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद सारण थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोनों संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। रिकॉर्डिंग में आरोपियों के मोटरसाइकिल से पहुंचने, पिस्तौल निकालने, गोलियां चलाने और फिर मौके से भागने की गतिविधियां दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    सारण थाना प्रभारी हुक्म सिंह के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस फायरिंग के कारणों का पता लगाने के साथ आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों को लेकर जांच जारी है।

  • गंगा के ऊपर चिनूक का कमाल, राफेल-सुखोई की गर्जना से गूंजा काशी का आसमान, 25 अक्टूबर को आएंगे पीएम मोदी

    गंगा के ऊपर चिनूक का कमाल, राफेल-सुखोई की गर्जना से गूंजा काशी का आसमान, 25 अक्टूबर को आएंगे पीएम मोदी


    वाराणसी । वाराणसी में गुरुवार को भारतीय वायुसेना के एयर शो विंग्स ओवर गंगा का भव्य आगाज हुआ। गंगा के किनारे नमो घाट पर आयोजित इस शानदार आयोजन में लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों के हैरतअंगेज करतब देखकर लोग रोमांचित हो उठे। आसमान में कभी तिरंगे की आकृति बनी तो कभी हेलिकॉप्टरों ने दिल बनाकर लोगों का ध्यान खींचा। गंगा के ऊपर फूलों की बारिश और राफेल तथा सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों की तेज रफ्तार ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित इस एयर शो में कुल 100 विमान शामिल हुए जिनमें 52 लड़ाकू विमान भी थे।

    गुरुवार सुबह करीब 11 बजकर 50 मिनट पर नमो घाट के ऊपर वायुसेना के सारंग हेलिकॉप्टरों ने शानदार हवाई प्रदर्शन किया। हेलिकॉप्टरों ने गंगा के ऊपर आसमान में दिल की आकृति बनाई तो घाट पर मौजूद लोग तालियां बजाने लगे। कई लोगों ने इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल फोन में कैद किया। इसी दौरान हेलिकॉप्टरों से मां गंगा के ऊपर फूलों की बारिश की गई। इस दृश्य ने धार्मिक आस्था और देशभक्ति का अनूठा संगम पेश किया। घाट पर मौजूद लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए और वायुसेना के प्रदर्शन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

    एयर शो का सबसे रोमांचक हिस्सा लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन रहा। राफेल और सुखोई ने आसमान में तेज गति से उड़ान भरते हुए शानदार करतब दिखाए। इन विमानों की गर्जना से गंगा का किनारा गूंज उठा। वहीं जगुआर मिराज 2000 तेजस और मिग-29 जैसे लड़ाकू विमानों ने तीर की नोक जैसी आकृति में उड़ान भरकर अपनी सटीकता और तालमेल का प्रदर्शन किया। भारतीय वायुसेना के एडवांस्ड जेट ट्रेनर विमान बीएई हॉक एमके 132 ने भी नमो घाट के ऊपर से उड़ान भरी। विमानों की गति और उनके करतब देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे।

    इस आयोजन में भारी परिवहन क्षमता वाले चिनूक हेलिकॉप्टर ने भी खास आकर्षण पैदा किया। चिनूक ने गंगा के पानी को छुआ और फिर तेजी से आसमान की ओर उड़ गया। इस दृश्य को देखकर घाट पर मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं। एयर शो में लड़ाकू विमानों के अलावा 15 परिवहन विमान 32 हेलिकॉप्टर और विंटेज विमान भी शामिल रहे। ये विमान देशभर के 12 एयरपोर्ट से उड़ान भरकर वाराणसी पहुंचे। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नमो घाट को वीवीआईपी मेहमानों के लिए आरक्षित रखा गया।

    भारतीय वायुसेना ने इस तीन दिवसीय आयोजन को विंग्स ओवर गंगा नाम दिया है। एयर शो 22 23 और 25 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है और अनुमान लगाया गया है कि करीब 20 लाख लोग इस ऐतिहासिक नजारे के साक्षी बन सकते हैं। 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी एयर शो में शामिल होने की संभावना है। काशी में हो रहा यह आयोजन भारतीय वायुसेना की ताकत तकनीकी क्षमता और कुशल पायलटों के शानदार तालमेल को प्रदर्शित करने के साथ ही लोगों के भीतर देशभक्ति और गर्व की भावना को भी मजबूत कर रहा है।

  • शिकायत करने थाने जा रहा था परिवार, रास्ते में घेरकर मां-बहन और भाई को पीटा, शिवपुरी में 7 लोगों पर FIR दर्ज

    शिकायत करने थाने जा रहा था परिवार, रास्ते में घेरकर मां-बहन और भाई को पीटा, शिवपुरी में 7 लोगों पर FIR दर्ज


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार के सदस्यों के साथ दो बार मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। खनियाधाना थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव में हुए इस घटनाक्रम में परिवार के पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि पहले पिता और ताऊ के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इसके बाद परिवार के लोग जब शिकायत करने थाने जा रहे थे तो रास्ते में उनकी मां बहन और भाई के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    शिकायतकर्ता सुनील लोधी उम्र 18 वर्ष के मुताबिक घटना 21 अक्टूबर की दोपहर करीब दो बजे की है। वह अपने ताऊ के बेटे अमित लोधी को इलाज के लिए शिवपुरी ले जा रहा था। इसी दौरान गांव में नीलेश लोधी के घर के सामने कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। सुनील का आरोप है कि आनंद लोधी जनकराम लोधी राजकुमार लोधी और करन लोधी ने पुरानी रंजिश को लेकर गाली गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।

    सुनील की शिकायत के अनुसार इस दौरान राजकुमार और करन ने उसके पिता रमेश लोधी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। वहीं आनंद और जनकराम ने उसके ताऊ हरभजन लोधी को निशाना बनाया। मारपीट में दोनों को सिर सहित शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद परिवार के लोग घायलों को लेकर आगे की कार्रवाई करने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी करने लगे।

    आरोप है कि परिवार के सदस्य जब पहली घटना की शिकायत करने थाने जा रहे थे तभी रास्ते में एक बार फिर विवाद हो गया। सुनील के मुताबिक प्रागीलाल लोधी रजभान लोधी और यशपाल लोधी ने उसकी मां सुमन ताई कुसमा बहन सोनम और भाई अभिषेक के साथ मारपीट की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चारों को जमीन पर पटककर लात-घूंसों से पीटा गया। अचानक हुए इस हमले से परिवार के सदस्य घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

    सुनील ने पुलिस को बताया कि बीच-बचाव के दौरान आरोपियों ने थाने में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। परिवार का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते उन्हें निशाना बनाया गया और शिकायत करने जाने के दौरान दोबारा हमला किया गया। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अब मामले में आरोपों की जांच की जा रही है और घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों घटनाओं में किसकी क्या भूमिका रही और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।

    बसंतपुर गांव की इस घटना में एक ही परिवार के सदस्यों के साथ दो बार मारपीट किए जाने के आरोप ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। फिलहाल घायलों का उपचार कराया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।