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  • बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी

    बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी


    बीना /सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में बीना शहर के झांसी फाटक ओवरब्रिज पर सड़क की बिगड़ती हालत ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ओवरब्रिज के निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरे में है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इस मामले में विधायक निर्मला सप्रे ने रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो वह और उनके पार्टी कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।

    मरम्मत कार्य नाममात्र ही हुआ

    स्थानीय लोगों और पार्षद बीडी रजक के अनुसार, ओवरब्रिज कई वर्षों के संघर्ष और दोनों विभागों की सहयोगी प्रक्रिया के बाद बना था। निर्माण पूरा होने के कुछ महीनों में ही सड़क पर गहरे गड्ढे पड़ने लगे। स्थानीय वाहन चालक कई बार दुर्घटनाओं का शिकार हुए। गड्ढों के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। पार्षद और नागरिकों ने कई बार धरना प्रदर्शन और शिकायत के माध्यम से मरम्मत की मांग की, लेकिन विभागीय कार्रवाई नाममात्र ही हुई। इससे लोगों में भारी आक्रोश है।

    विभागीय समन्वय की कमी का उदाहरण

    विधायक निर्मला सप्रे का कहना है कि उन्होंने कई अवसरों पर रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों से गड्ढों की समस्या के बारे में बात की, लेकिन दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। उनका कहना है कि “किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, जिसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो वह मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन करेंगे और जनता की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएंगे। विधायक ने बताया कि झांसी फाटक ओवरब्रिज का महत्व इसलिए भी है क्योंकि पहले रेलवे क्रॉसिंग की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा था। ओवरब्रिज बनने के बाद भी गड्ढों के कारण यही जोखिम कायम है। उन्होंने विभागों से अपील की कि तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाए और सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।

    स्थानीय लोगों की परेशानियां

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गड्ढों के कारण वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। छात्रों और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह सड़क रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे अधिक इस्तेमाल होती है। सड़क की खस्ता हालत ने लोगों में निराशा और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया है। पार्षद बीडी रजक ने भी कहा कि लंबे समय से विभागीय लापरवाही और अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि बिना विलंब किए मरम्मत कार्य पूरा किया जाए और जनता को राहत मिले। वर्तमान में यह मामला विभागीय समन्वय की कमी और जनप्रतिनिधियों की चेतावनी को गंभीरता से न लेने का उदाहरण बन गया है। विधायक निर्मला सप्रे का आंदोलन की चेतावनी देने का निर्णय इस बात का संकेत है कि स्थानीय लोग अब इंतजार करने को तैयार नहीं हैं।

  • MP Board Exam 2025-26: नकल पर नकेल कसने की पूरी तैयारी, प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग; मोबाइल एप से होगी हर कदम की निगरानी

    MP Board Exam 2025-26: नकल पर नकेल कसने की पूरी तैयारी, प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग; मोबाइल एप से होगी हर कदम की निगरानी

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    भोपाल । मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल MPBSE ने बोर्ड परीक्षाओं 2025-26 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार परीक्षा में नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    प्रश्न-पत्रों की होगी डबल पैकिंग

    एमपी बोर्ड ने नकल और पेपर लीक रोकने के लिए इस बार प्रश्न-पत्रों की डबल पैकिंग व्यवस्था लागू की है। प्रश्न-पत्रों को पहले सीलबंद पैकेट में रखा जाएगा और फिर इन्हें लोहे की पेटियों में सुरक्षित किया जाएगा। ये पेटियां पूरी तरह सील रहेंगी और परीक्षा वाले दिन ही सीधे परीक्षा केंद्र के एग्जाम हॉल में खोली जाएंगी। इससे पहले किसी भी स्तर पर प्रश्न-पत्र खोलने की अनुमति नहीं होगी।बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था से प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी और पेपर लीक की आशंका लगभग खत्म हो जाएगी।

    मोबाइल एप से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

    इस बार बोर्ड परीक्षा की निगरानी पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से की जाएगी। मंडल द्वारा विकसित विशेष मोबाइल एप के माध्यम से प्रश्न-पत्रों के हर बंडल की निगरानी की जाएगी। परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारियों और केंद्राध्यक्षों को यह एप अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। इस एप के जरिए प्रश्न-पत्र खोलने का समय प्रश्न-पत्र वितरण की जानकारी परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल तैयार होने की एंट्री मूल्यांकन केंद्र पर बंडल जमा करने की पुष्टि जैसी सभी जानकारियां रियल-टाइम में बोर्ड मुख्यालय तक पहुंचेंगी। साथ ही हर बंडल की लोकेशन ट्रैक की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    नकल पर सख्त कार्रवाई

    एमपी बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सामूहिक नकल की स्थिति में पूरे परीक्षा केंद्र की परीक्षा निरस्त की जा सकती है। इसके अलावा दोषी पाए जाने पर संबंधित छात्रों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। नियमों के अनुसार, गंभीर मामलों में तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

    10 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं

    एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। इस वर्ष प्रदेशभर से करीब 16 लाख विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और अनुशासन को लेकर जिला स्तर पर भी विशेष टीमें गठित की गई हैं।

    छात्रों से अपील

    बोर्ड ने छात्रों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हों। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

  • तलाक केस में बड़ा विवाद: महिला के वकील ने बदला पक्ष, कोर्ट में दी धमकी; मामला थाने तक पहुंचा

    तलाक केस में बड़ा विवाद: महिला के वकील ने बदला पक्ष, कोर्ट में दी धमकी; मामला थाने तक पहुंचा

    बैतूल । जिला न्यायालय परिसर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब तलाक के एक मामले को लेकर सीनियर अधिवक्ता अंशुल गर्ग और महिला पक्षकार रिया तिवारी के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़ते हुए खुले तौर पर धमकी तक पहुंच गया। महिला द्वारा जज के सामने ही अधिवक्ता को कोर्ट के बाहर देख लेने की धमकी दिए जाने के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।जानकारी के अनुसार, रिया तिवारी ने अपने पति पर प्रताड़ना और धोखे से शादी करने के आरोप लगाए थे। महिला की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था और वह बैतूल जेल में बंद था। इस मामले में शुरुआत में रिया की ओर से अधिवक्ता अंशुल गर्ग पैरवी कर रहे थे।

    केस बीच में छोड़ने पर भड़की महिला

    विवाद की जड़ उस समय बनी जब अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने महिला का केस बीच में छोड़ दिया और बाद में उसी महिला के पति की ओर से पैरवी करते हुए उसकी जमानत करवा दी। इस बात से आहत और नाराज रिया तिवारी ने अदालत में ही अधिवक्ता पर गंभीर आरोप लगाए और कथित तौर पर धमकी दे दी कोर्ट परिसर में हुए इस घटनाक्रम के बाद माहौल गरमा गया। अधिवक्ता अंशुल गर्ग और बार काउंसिल से जुड़े अन्य सदस्य कोतवाली थाना पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस एफआईआर दर्ज कर ही रही थी कि इसी दौरान महिला रिया तिवारी भी थाने पहुंच गई, जहां एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।

    पुलिस ने कराई सुलह की कोशिश

    कोतवाली थाना पुलिस को दोनों पक्षों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालात को देखते हुए पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश दी। हालांकि मामला पूरी तरह शांत होने में समय लगा।

    महिला पर मामला दर्ज

    रिया तिवारी का आरोप है कि अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने उसे धोखा दिया और अधिक पैसे लेकर पाला बदल लिया। उसका कहना है कि तलाक का केस छोड़कर पति को जमानत दिलाना नैतिक और पेशेवर रूप से गलत है। वहीं अधिवक्ता अंशुल गर्ग का कहना है कि वे किस पक्ष की पैरवी करेंगे, यह उनका कानूनी अधिकार है और इसके लिए उन्हें धमकाया या डराया नहीं जा सकता। कोतवाली थाना पुलिस ने महिला रिया तिवारी के खिलाफ धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

  • उज्जैन में अलग अंदाज में नजर आए सीएम डॉ. मोहन यादव: बैलगाड़ी चलाकर जीता जनता का दिल, शंख-खड़ताल बजाई, भजन गाकर लहराई धर्म ध्वजा

    उज्जैन में अलग अंदाज में नजर आए सीएम डॉ. मोहन यादव: बैलगाड़ी चलाकर जीता जनता का दिल, शंख-खड़ताल बजाई, भजन गाकर लहराई धर्म ध्वजा


    उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार सुबह उज्जैन में एक बिल्कुल अलग और अनोखे अंदाज में नजर आए। धर्म नगरी उज्जैन में आयोजित आनंद उत्सव राहगीरी कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सीएम ने न केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों को अपनाया, बल्कि अपनी सादगी और सहज व्यवहार से आमजन का दिल भी जीत लिया। मुख्यमंत्री का यह रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं। रविवार सुबह आयोजित आनंद उत्सव राहगीरी कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलन कर की। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खेलों, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामुदायिक मेलजोल को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए।

    बैलगाड़ी चलाकर दिखाया सादगी भरा अंदाज

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सबसे खास और चर्चित पल तब देखने को मिला, जब उन्होंने पारंपरिक बैलगाड़ी की लगाम खुद अपने हाथों में थाम ली। मुख्यमंत्री ने बैलगाड़ी की सवारी ही नहीं की, बल्कि स्वयं उसे आगे बढ़ाया। इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच जनता ने मुख्यमंत्री का उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य परंपरा और सादगी के संगम के रूप में देखा गया।

    शंख-खड़ताल बजाकर गाया भजन

    राहगीरी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने शंख और खड़ताल बजाई, धर्म ध्वजा लहराई और भजन गाकर भक्तिमय माहौल बना दिया। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर मौजूद कलाकारों और आमजन ने भी भजन में सुर मिलाया। पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।

    परेड की सलामी और सुरक्षा संदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहगीरी उत्सव से पहले पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त परेड की सलामी भी ली। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों के अनुशासन और सेवा भावना की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यातायात सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को स्वयं हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाया।

    बच्चों को उपहार, मंचों पर हुआ स्वागत

    राहगीरी उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार वितरित किए और उनसे संवाद भी किया। विभिन्न मंचों पर कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जहां मुख्यमंत्री का जगह-जगह स्वागत और सम्मान किया गया। आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार को बेहद सराहा।

    उज्जैन को मिलेंगी करोड़ों की सौगात

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पूरे दिन उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे धर्म नगरी उज्जैन को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य उज्जैन को धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक और विकास के केंद्र के रूप में और मजबूत करना है। कुल मिलाकर आनंद उत्सव राहगीरी में मुख्यमंत्री का यह अलग और सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सादगी, संस्कृति और संवेदनशीलता के इस संगम ने उज्जैनवासियों को एक यादगार सुबह का अनुभव दिया।

  • इंदौर में कार रेंटल धोखाधड़ी का खुलासा: आरोपी ने किराए पर लेकर गिरवी रखी 24 लग्जरी कारें, कीमत 3 करोड़

    इंदौर में कार रेंटल धोखाधड़ी का खुलासा: आरोपी ने किराए पर लेकर गिरवी रखी 24 लग्जरी कारें, कीमत 3 करोड़



    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में कार रेंटल के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने शातिर आरोपी संजय कालरा को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से करीब 3 करोड़ रुपये कीमत की 24 लग्जरी कारें जब्त की गई हैं। अब तक इस मामले में 40 से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस को और बड़े खुलासों की उम्मीद है।

    मामला तब सामने आया जब एक फरियादी ने शिकायत दी कि आरोपी ने उसकी कार किराए पर ली थी।

    शुरू में आरोपी नियमित रूप से किराया देता रहा, लेकिन कुछ महीने बाद अचानक भुगतान रोक दिया। जब फरियादी ने कार वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शिकायत दर्ज होने के बाद कई और पीड़ित सामने आए।

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी महंगी और लग्जरी गाड़ियां किराए पर लेकर उन्हें अलग-अलग जगहों पर गिरवी रखता और मोटी रकम वसूल करता था। आरोपी ने यह तरीका सिर्फ इंदौर में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी अपनाया।

    ऑडी, एक्सयूवी, थार जैसी कई महंगी कारें इस धोखाधड़ी का हिस्सा रही हैं।

    अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में संजय कालरा ने अब तक की गई ठगी स्वीकार की। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 24 लग्जरी कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है।

    डीसीपी आनंद कलादि के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अब तक 40 से अधिक शिकायतें मिली हैं। पुलिस की पूछताछ अभी जारी है और 16 और कारों की बरामदगी होने की संभावना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन शामिल था और गिरवी रखी गई कारों के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।

  • 25 जनवरी महाकाल भस्म आरती: चंद्र अर्पण और चंदन से हुआ दिव्य श्रृंगार, अलसुबह उमड़े श्रद्धालु, घर बैठे करें बाबा महाकाल के दर्शन

    25 जनवरी महाकाल भस्म आरती: चंद्र अर्पण और चंदन से हुआ दिव्य श्रृंगार, अलसुबह उमड़े श्रद्धालु, घर बैठे करें बाबा महाकाल के दर्शन


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार को अलसुबह भव्य और दिव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। तड़के ठीक 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही बाबा महाकाल के जयकारों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा। इस अवसर पर भगवान महाकाल का विशेष और मनोहारी श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

    मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों द्वारा विधि-विधान से गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। अभिषेक क्रम में दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से भगवान का अभिषेक संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार और वैदिक विधानों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

    अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। भगवान के मस्तक पर चंद्र अर्पित किया गया, वहीं चंदन से त्रिपुंड और त्रिनेत्र अंकित कर भांग से मनोहारी श्रृंगार रचा गया। श्रृंगार के इस अलौकिक स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम के जल का अर्पण किया गया और ध्यान मंत्रों के साथ भगवान का आवाहन किया गया।

    भस्म अर्पण की परंपरा के तहत कपूर आरती की गई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर विधि-विधान से भस्म रमाई गई। भस्म आरती के इस दुर्लभ दृश्य को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु अलसुबह ही मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। भस्म रमाने के बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्प अर्पित किए गए। फूलों और आभूषणों से भगवान का भव्य अलंकरण किया गया।

    भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन भी किए। परंपरा अनुसार श्रद्धालु नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते नजर आए। श्रद्धालुओं का मानना है कि नंदी के माध्यम से कही गई प्रार्थना सीधे बाबा महाकाल तक पहुंचती है और शीघ्र फलित होती है।

    पूरे भस्म आरती आयोजन के दौरान जय श्री महाकाल हर-हर महादेव और बाबा महाकाल की जय के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। अलसुबह की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। देश-विदेश से आए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

    जो श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर दर्शन नहीं कर सके, वे मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए लाइव दर्शन के माध्यम से घर बैठे बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सके। महाकाल की भस्म आरती न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारत की सबसे प्राचीन और अद्वितीय धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है।

  • MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट

    MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट



    भोपाल।  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर से बदलती मार दिखाई है। रविवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड और बढ़ गई और आम जीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर कम दृश्यता के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक के आसार हैं।

    विभाग के अनुसार, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी मजबूत है, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में पहले से ही बादल, हल्की बारिश और कोहरे का दौर जारी है।

    विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों की वजह से पिछले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।

    शनिवार को भी प्रदेश में मौसम ठंडा बना रहा। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से अधिक जिलों में तेज हवाओं ने ठंडक बढ़ाई। भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। वहीं, शनिवार देर शाम नरसिंहपुर के सालीचौका क्षेत्र में 20-25 मिनट तक तेज बारिश हुई।

    मौसम विभाग ने 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम तथा 28 जनवरी को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा और रायसेन में बारिश की संभावना जताई है।

    शनिवार की रात मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ में 7.4, नीमच के मरुखेड़ा में 7.9, कल्याणपुर में 8.2, पचमढ़ी में 8.2 और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल 12.5, इंदौर 12.2, ग्वालियर 13.3, उज्जैन 12.8 और जबलपुर 15.3 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहे।

    सर्द हवाओं और कोहरे की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन के तापमान में तेज गिरावट देखी गई। दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान केवल 18.6 डिग्री था। खजुराहो में तापमान 21.4 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि गुना 18.7, टीकमगढ़ 19, श्योपुर 19.4, ग्वालियर-धार 20, उज्जैन 21.5, रतलाम 21.2, इंदौर 22, नौगांव 22.5 और भोपाल 23.1 डिग्री सेल्सियस पर था। मौसम विभाग ने रविवार को भी दिन के तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।

  • शी जिनपिंग का बड़ा कदम: सेना में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, 200,000 अधिकारियों पर गिरी गाज

    शी जिनपिंग का बड़ा कदम: सेना में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, 200,000 अधिकारियों पर गिरी गाज


    नई दिल्ली । चीन के रक्षा मंत्रालय ने देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जनरल झांग योउशिया और जनरल लियू झेनली के खिलाफ जांच शुरू की गई है। झांग पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैंजो आमतौर पर भ्रष्टाचार मामलों में इस्तेमाल होती है।

    75 साल के झांगसेंट्रल मिलिट्री कमीशन CMC के उपाध्यक्ष और पोलितब्यूरो के सदस्य रहे हैं। CMC सीधे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नियंत्रण में काम करती है। झांग ने 1968 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी जॉइन की थी और वे वरिष्ठ अधिकारी थे जिनके पास असली युद्ध का अनुभव था। उन्हें तय उम्र से आगे पद पर बनाए रखना शी के भरोसे को दर्शाता था।

    पिछले साल अक्टूबर में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने सेना के 9 बड़े जनरलों को सस्पेंड किया था। विशेषज्ञ इसे दशकों में सेना का सबसे बड़ा सफाई अभियान मानते हैं। इसके बाद 200,000 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के लिए कार्रवाई की गई है।

    शी जिनपिंग ने बार-बार कहा है कि भ्रष्टाचार पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हालांकि आलोचक मानते हैं कि यह अभियान केवल सुधार के लिए नहींबल्कि सत्ता को मजबूत करने और विरोधियों को हटाने का जरिया भी है। इस कार्रवाई को सेना को अनुशासित और शी के प्रति वफादार बनाने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

  • राष्ट्रीय मतदाता दिवस और नर्मदा जयंती आज, उज्जैन को सीएम की करोड़ों की सौगात, महाकाल लोक में 488 होमगार्ड तैनात

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस और नर्मदा जयंती आज, उज्जैन को सीएम की करोड़ों की सौगात, महाकाल लोक में 488 होमगार्ड तैनात


    भोपाल । मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां पूरे प्रदेश में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर जीवनदायिनी मां नर्मदा का पावन जन्मोत्सव भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे और कई कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

    सीएम डॉ. मोहन यादव का उज्जैन दौरा

    तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10 बजे उज्जैन के हामुखेड़ी पहुंचेंगे। यहां वे विकलांग आवासीय विद्यालय में आयोजित हर क्षमता को उड़ान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात का श्रवण भी करेंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री फ़ाज़लपुरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचकर उसका लोकार्पण करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे हरिफाटक ब्रिज पहुंचकर रेलवे ओवरब्रिज के भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। दोपहर 3:05 बजे और 3:45 बजे वे दो अलग-अलग स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम 4:30 बजे एसजीएमएल अस्पताल, हासामपुरा पहुंचकर एक अन्य कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

    सिंहस्थ और महाकाल लोक को लेकर सुरक्षा तैयारी

    सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। महाकाल लोक और महाकाल मंदिर की सुरक्षा के लिए 488 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। ये जवान केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में ही अपनी सेवाएं देंगे। जवानों का वेतन महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा दिया जाएगा और उनकी ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जाएगी। इसके साथ ही ESB के माध्यम से मंदिर सुरक्षा के लिए भर्ती भी की जाएगी और इन जवानों का अन्यत्र ट्रांसफर नहीं हो सकेगा।

    लोकभवन तीन दिन आमजन के लिए खुला

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल स्थित लोकभवन आम नागरिकों के लिए खोला जा रहा है। आम लोग 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक लोकभवन का भ्रमण कर सकेंगे। 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक तथा 26 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोकभवन आमजनों के लिए खुला रहेगा। वाहन पार्किंग की सुविधा कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में उपलब्ध रहेगी।

    आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस

    आज प्रदेशभर में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के 71,930 मतदान केंद्रों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि रहेंगे। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट निर्वाचन कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, BLO मास्टर ट्रेनर्स और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 में योगदान देने वाले अधिकारियों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे।

    नर्मदा जयंती आज

    आज मध्यप्रदेश की आस्था की धुरी मां नर्मदा का जन्मोत्सव है। अमरकंटक, नर्मदापुरम, जबलपुर, ओंकारेश्वर, नरसिंहपुर, महेश्वर, बड़वानी, धार और भोपाल सहित कई शहरों में भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर विशेष पूजन-अर्चन और भंडारे का आयोजन किया गया है।

    डॉ. ए.के. द्विवेदी को राष्ट्रीय जिम्मेदारी

    इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने उन्हें शिलांग स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में तीन वर्षों के लिए सदस्य मनोनीत किया है।

  • मां नर्मदा प्रकटोत्सव: कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगी आस्था, बरमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़

    मां नर्मदा प्रकटोत्सव: कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगी आस्था, बरमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश में मां नर्मदा प्रकटोत्सव का पावन पर्व रविवार को पूरे श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई। नरसिंहपुर जिले के प्रसिद्ध और पवित्र बरमान घाट पर रविवार तड़के से ही नर्मदा भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
    नर्मदा जन्मोत्सव को लेकर बरमान घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शनिवार रात से ही शुरू हो गई थी। आधी रात के बाद से ही घाट पर भक्तों का सैलाब उमड़ने लगा। जैसे ही सुबह सूर्य की पहली किरण मां नर्मदा के जल पर पड़ी श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की। पूरा घाट नर्मदे हर के जयघोष से गूंज उठा।

    कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। ठंड से बचने के लिए लोग ऊनी कपड़ों में घाट पहुंचे लेकिन स्नान के समय आस्था ने ठंड पर जीत हासिल कर ली। श्रद्धालुओं का कहना था कि मां नर्मदा में स्नान मात्र से तन-मन दोनों पवित्र हो जाते हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरमान घाट का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने कठोर तपस्या की थी। यही कारण है कि नर्मदा प्रकटोत्सव के अवसर पर यहां स्नान और पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते आज लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां रेवा के दर्शन और पूजन के लिए बरमान घाट पहुंचे।

    घाट पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की आरती की, दीपदान किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल यात्रा कर यहां पहुंचे। भक्तों का कहना है कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं बल्कि जीवनदायिनी मां हैं जिनके दर्शन मात्र से मन को शांति मिलती है। प्रशासन की ओर से भी आयोजन को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा, वहीं गोताखोरों की टीम और स्वास्थ्य अमला भी घाट पर मौजूद रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।

    नर्मदा प्रकटोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई और कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। दोपहर तक घाट पर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, मां नर्मदा प्रकटोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आस्था के आगे ठंड, दूरी और कठिनाइयां कोई मायने नहीं रखतीं। मां नर्मदा के प्रति श्रद्धालुओं की भक्ति और विश्वास हर साल इसी तरह बरमान घाट पर उमड़ता रहता है।