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  • डेडलाइन से पहले सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 5 लाख का इनामी नक्सली मुठभेड़ में ढेर

    डेडलाइन से पहले सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 5 लाख का इनामी नक्सली मुठभेड़ में ढेर


    रायपुर
    । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली को मार गिराया है। यह कार्रवाई देश से नक्सलवाद खत्म करने की तय समयसीमा 31 मार्च से दो दिन पहले हुई, जिसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार रविवार को सुकमा के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र की एक पहाड़ी पर यह मुठभेड़ हुई। यहां जिला पुलिस की विशेष इकाई डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना हुआ और दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई।

    मुठभेड़ थमने के बाद घटनास्थल से एक नक्सली का शव और हथियार बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मारा गया नक्सली मुचाकी कैलाश था, जो माओवादियों की प्लाटून नंबर 31 में सेक्शन कमांडर के पद पर सक्रिय था। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।

    पुलिस के मुताबिक कैलाश कई गंभीर घटनाओं में शामिल रहा था, जिनमें हत्या, आईईडी लगाने और सुरक्षाबलों पर हमले शामिल हैं।

    बस्तर रेंज के आईजी ने कहा कि माओवादी कैडरों के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर अब अंतिम चरण में है। उन्होंने अपील की कि नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और शांतिपूर्ण जीवन अपनाएं।

    पुलिस के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 27 माओवादी मारे जा चुके हैं। वहीं पिछले वर्ष राज्य में कुल 285 माओवादी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए थे।

  • देर रात खाना: सबसे बड़ी गलती? आयुर्वेद के अनुसार सही समय पर खाना क्यों जरूरी

    देर रात खाना: सबसे बड़ी गलती? आयुर्वेद के अनुसार सही समय पर खाना क्यों जरूरी


    नई दिल्ली। आज की आधुनिक जीवनशैली में सही समय पर भोजन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। काम का दबाव, सोशल एक्टिविटी और व्यस्त दिनचर्या के कारण कई लोग रात के समय भोजन करने पर मजबूर हो जाते हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार देर रात खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। आयुर्वेद में बताया गया है कि भोजन का समय सूर्य की स्थिति के अनुसार होना चाहिए। दिन में सूर्य की रोशनी के समय हमारी पाचन अग्नि सबसे सक्रिय होती है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और शरीर को पोषण मिलता है। वहीं रात में पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है और देर रात खाना पचने के बजाय शरीर में कई समस्याएं पैदा करता है।

    पाचन और नींद पर असर

    रात के समय खाना खाने से पेट में भारीपन, सुस्ती, आलस, गैस और अपच जैसी समस्याएं होती हैं। शरीर अपने रिपेयर और रिस्टोर मोड में होता है, लेकिन भोजन खाने के बाद ऊर्जा का बड़ा हिस्सा खाने को पचाने में लग जाता है। इसका असर नींद की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। देर रात भोजन करने वालों को अक्सर नींद ठीक से नहीं आती और सुबह शरीर सुस्त महसूस करता है। आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर में टॉक्सिन बनने का मुख्य कारण बनता है, जिससे पूरे दिन एनर्जी की कमी और कमजोरी महसूस होती है।

    शरीर में टॉक्सिन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

    रात में भोजन पचाने के बजाय शरीर में जमकर टॉक्सिन (अम) बनने लगते हैं। ये टॉक्सिन आंतों में जमा होकर पेट की सफाई और सामान्य पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक देर रात खाना खाने से पाचन तंत्र कमजोर, कब्ज और गैस की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा का चक्र भी बिगड़ता है, जिससे दिनभर सुस्ती और थकान बनी रहती है।

    सही समय और भोजन का तरीका

    अगर आप अपने शरीर और पाचन को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आयुर्वेद के अनुसार सूर्यास्त के बाद रात का भोजन 7–8 बजे तक कर लेना चाहिए। भोजन हल्का और कम चिपचिपा होना चाहिए ताकि पेट पर दबाव न पड़े। खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें, सुबह सैर करें या वज्रासन जैसी मुद्रा में कुछ देर बैठें। इससे भोजन सही तरीके से पचेगा और शरीर को आराम भी मिलेगा।

    आयुर्वेद की सलाह: संतुलित और प्राकृतिक

    आयुर्वेद में यह भी कहा गया है कि दिन का भोजन सूर्य की रोशनी में करना सबसे उचित है। इससे शरीर की पाचन अग्नि सक्रिय रहती है और पोषण सही तरीके से होता है। देर रात भोजन करने से ना सिर्फ पाचन प्रभावित होता है, बल्कि ऊर्जा, मानसिक स्थिति और नींद भी बिगड़ती है। सही समय पर हल्का और संतुलित भोजन ही स्वस्थ जीवन का आधार है।

    देर रात खाना न केवल पाचन को प्रभावित करता है, बल्कि शरीर में टॉक्सिन बनता है, नींद बिगड़ती है और सुबह की ऊर्जा कम महसूस होती है। आयुर्वेद के अनुसार सूर्यास्त से पहले हल्का भोजन, खाने के बाद टहलना या वज्रासन करना और तैलीय भोजन से परहेज करना स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की कुंजी है।

  • अशोक खरात मामले में कांग्रेस नेता ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    अशोक खरात मामले में कांग्रेस नेता ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप


    मुंबई।
     कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अशोक खरात मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर इस मामले का खुलासा हुआ तो सरकार पर बड़ा असर पड़ सकता है। मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने दावा किया कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात (Swayambhu Baba Ashok Kharat) को बड़े लोगों को बचाने के लिए बलि का बकरा बनाया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सबूतों को नष्ट करने की कोशिश हो सकती है और खरात को नुकसान पहुंचने का खतरा भी है, जिससे ‘एपस्टीन जैसा मामला’ सामने आ सकता है।

    39 विधायकों के संपर्क का दावा
    वडेट्टीवार ने कहाकि खरात को कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए, साथ ही उन लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने कथित तौर पर उसकी मदद की। उन्होंने मंत्री दीपक केसरकर के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें 39 विधायकों के खरात से संपर्क में होने की बात कही गई थी। उन्होंने मांग की कि इन सभी विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं और केसरकर से जुड़े नाम सार्वजनिक करने को कहा। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश हो रही है और इसमें शामिल सभी लोगों, चाहे वे विधायक हों या मंत्री, की गहन जांच होनी चाहिए।

    पीएम मोदी पर भी निशाना

    इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश की समस्याओं की अनदेखी कर चुनावी राजनीति पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के बीच आवश्यक वस्तुओं, जैसे एलपीजी सिलेंडर, के लिए लंबी कतारों का जिक्र करते हुए सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए।

    बढ़ गई पुलिस हिरासत
    इस बीच महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात की पुलिस हिरासत रविवार को एक अप्रैल तक बढ़ा दी। खरात को 18 मार्च को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब एक महिला ने उनपर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया। खरात नासिक जिले के मिरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख हैं और वर्षों से उनसे महाराष्ट्र के कई प्रमुख राजनेता मिलते रहे हैं। शहर के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में अब तक उनके खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें से आठ कथित यौन उत्पीड़न या शोषण और दो धोखाधड़ी से संबंधित हैं।

    100 से अधिक शिकायतें
    पुलिस ने शनिवार को बताया था कि खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) को पिछले कुछ दिनों में फोन पर 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें से अधिकतर महिलाओं की हैं। खरात को पिछली पुलिस हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद रविवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान, लोक अभियोजक शैलेंद्र बागडे ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की संपत्तियों की जांच अभी बाकी है।

    पानी की जांच अभी बाकी
    बागडे ने कहाकि कई महिलाएं अब भी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रही हैं और उस तथाकथित ‘पानी या तरल पदार्थ’ की जांच अभी बाकी है, जिसे खरात यौन शोषण से पहले पीड़ितों को बहलाने-फुसलाने के लिए देते थे। उन्होंने कहाकि आरोपी के मोबाइल फोन डेटा की जांच की जा चुकी है और ‘क्लोन रिपोर्ट’ प्राप्त हो गई है।

    राजनीतिक संपर्कों के इस्तेमाल की जांच
    अभियोजक ने अदालत को बताया कि इस बात की जांच की जाएगी कि क्या खरात ने अपने संपर्कों-विशेष रूप से राजनीतिक नेताओं-के नाम फर्जी पहचान के साथ फोन में सेव किए थे और कई डिजिटल सबूतों की अभी जांच की जानी है। सरकारी वकील ने कहा कि विस्तृत पड़ताल के लिए तीन और दिन की हिरासत की जरूरत है। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील सचिन भाटे ने कहा कि एसआईटी वही दलीलें दे रही है जो पिछली सुनवाई के दौरान पुलिस हिरासत के लिए दी गई थीं। उन्होंने दावा किया कि जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस हिरासत बढ़ाने का कोई कारण नहीं है।

    दूसरी ओर, एक पीड़ित का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील एम वाई काले ने खरात की पुलिस हिरासत बढ़ाने की अभियोजक की मांग का समर्थन किया। दलीलें सुनने के बाद, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एम वी भराडे ने खरात की पुलिस हिरासत एक अप्रैल तक बढ़ा दी।

  • LPG संकट के बीच कनेक्शन सरेंडर करने के लिए सरकार ने लॉन्च किया MyPNG-D पोर्टल

    LPG संकट के बीच कनेक्शन सरेंडर करने के लिए सरकार ने लॉन्च किया MyPNG-D पोर्टल


    नई दिल्ली।  देश में जारी एलपीजी किल्लत के बीच भारत सरकार ने एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश कर दिया है जिसकी मदद से देश में सप्लाई संकट को मैनेज करने की कोशिश की जा रही है। 
    एलपीजी (LPG) को लेकर बनी स्थिति और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने के बीच सरकार ने MyPNG-D पोर्टल लॉन्च किया है। यह कदम उपभोक्ताओं को LPG से PNG में आसान ट्रांजिशन के लिए उठाया गया है।

    भारत में इस समय एलपीजी की ऊंची मांग और सीमित उपलब्धता के बीच संतुलन बिठाने के लिए केंद्र सरकार ने आदेश भी जारी किया कि जिन घरों के पास पीएनपी पाइपलाइन है उन घरों को तीन महीने के भीतर पीएनपी पर शिफ्ट होना होगा वर्ना उनकी एलपीजी सिलेंडर सप्लाई रोक दी जाएगी। इस आदेश की वजह से देश भर में कई घरों को पीएनजी पाइपलाइन कनेक्शन लेना होगा और अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।

    इसी काम के लिए हाल ही में सरकार की तरफ से MyPNG-D पोर्टल लॉन्च किया गया है जो एलपीजी सिलेंडर और कनेक्शन सरेंडर करने के लिए उपयुक्त है। इसकी मदद से कस्टमर्स गैस एजेंसी के दफ्तर जाए बिना अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर सकेंगे।

    अब चूंकि पीएनजी और एलपीजी कनेक्शन एक साथ नहीं चल सकते तो पीएनजी कनेक्शन मिलते ही ग्राहकों को एलपीजी कनेक्शन लौटाना होगा। सरकार ने जो नया पोर्टल लॉन्च किया है वो एलपीजी यूजर्स के लिए बेहद आसानी से कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया को को पूरा कर सकता है। mypngd.in के यूआरएल से इस पोर्टल तक पहुंचा जा सकता है। इस पोर्टल के जरिए कस्टमर्स बिना डीलर के पास जाए,अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या एलपीजी आईडी के जरिए सरेंडर प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

    आपके समय को बचाने के लिए और काम आसान बनाने के लिए ये पोर्टल लॉन्च किया गया है जिसपर आप अपने फोन नंबर या एलपीजी कनेक्शन की एलपीजी आईडी के जरिए अकाउंट बनाकर लॉगिन कर सकते हैं। इस पोर्टल की मदद से आप अपने एलपीजी कनेक्शन का स्टेटस भी जान सकते हैं। बताया जा रहा है कि इस पर Switch To PNG Connection पर क्लिक करने के बाद आपको इस ऑप्शन को चुनना होगा। इसके बाद अपने पुराने कनेक्शन के सरेंडर करने की प्रकिया पूरी करने के लिए इसी पोर्टल पर मौजूद डिजिटल फॉर्म भरना होगा। कहा जा रहा है कि इसके बाद गैस कंपनी आपसे कॉन्टेक्ट करेगी और सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपसे सिलेंडर कलेक्ट कर लिया जाएगा। 

  • सिर्फ कॉफी के इस्तेमाल से आपके बाल बनेंगे सिल्की और डैंड्रफ फ्री

    सिर्फ कॉफी के इस्तेमाल से आपके बाल बनेंगे सिल्की और डैंड्रफ फ्री


    नई दिल्ली  आज के समय में बालों का झड़ना और काफी मात्रा में डैंड्रफ होना आम बात हो गई है। आज कल के प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बालों का झड़ना, डैंड्रफ और रूखापन एक आम समस्या बन गई है। हम बार-बार तीन बार थ्री-थ्रेल प्लांट पर हजारों रुपए खर्च कर देते हैं, लेकिन नतीजा हमेशा अच्छा नहीं आता, इसलिए हम आपके लिए ऐसी ट्रिक लेकर आए हैं, जिससे आपके बाल काफी सुंदर और डैंड्रफ फ्री हो सकते हैं।

    फुलवाली का कमाल
    हमारे द्वारा बनाए गए किचन में हम पीने के लिए काफी अच्छे लगे हैं लेकिन हमें इसके बारे में बिल्कुल नहीं पता है कि हमारे बाल भी काफी अच्छे हो सकते हैं। बता दें, आप 2 सप्ताह में बालों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बालों में रेशमी, चमकीला और डैंड्रफ मुक्त बाल पा सकते हैं।

    फूलो के बड़े फायदे
    कैफीन मौजूद बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है, जिससे बाल घने हो जाते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्कैल्प को डिटॉक्स करते हैं और ब्लड सर्कोलेशन में सुधार लाते हैं। चॉकलेट बाल के क्यूटिकल्स का स्मूथ फॉर्मेशन होता है, जिससे बाल क्लिप देखने को मिलते हैं।

    सीरमी बालों के लिए लगे काफी दही और शहद
    हाय लाइब्रेरी को लॉक करता है और दही बालों को गहराई से कंडीशन करता है। आप 2 ऑर्गेनिक फिलोडी पाउडर, 1 मेट्रिक्स शहद, 2 मेट्रिक्स ताज़ा दही लें। तीनों को एक-एक करके एक-एक करके पेस्ट बनाएं। इसके बाद इसे आप अपने बालों पर पेस्ट की तरह लगाएं, थोड़ी देर बाद इसे हटा दें, इसके बाद इसे धूल दे दें, आपके बालों पर काफी शोभा हो जाएगी और साइन करने का प्रभाव पड़ेगा।

    डैंड्रफ के लिए नींबू कॉफी और तेल
    लेमोनियम डैंड्रफ ख़त्म हो जाता है और नारियल तेल स्कैल्प को पोषण देता है। आप 2 औषधीय पाउडर, 1 नारियल का तेल, कुछ बूँदें नींबू का रस लें। आप इसका विस्तृत चित्र गुनगुना कर लें ताकि यह स्कैल्प में अच्छे से समा जाए। मास्क लगाने से पहले बालों को अच्छा से गाढ़ा कर लें ताकि कोई पेट न रहे। ब्रश या सीरम की मदद से मास्क को स्कैल्प से लेकर बाल की पूरी लंबाई तक लंबाई तक। हल्के हाथों से 5 मिनट तक स्कैल्प की मसाज करें। इससे कैफीन प्रोटीन के अंदर तक मास्क को 30 से 45 मिनट तक रखा गया। अगर आप ऐसे दो स्थापत्य में तीन-चार बार के निशान हैं तो आपके बाल काफी अच्छे और घने बन जायेंगे

  • इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बढ़ा सहारा, चार्जिंग इकोसिस्टम को मिलेगा जोर-'लीफ' लॉन्च

    इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बढ़ा सहारा, चार्जिंग इकोसिस्टम को मिलेगा जोर-'लीफ' लॉन्च


    नई दिल्ली केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक असेंबल (ईवी) के इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए ‘लीफ’ (LEAF – लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलेरेशन फोरम) लॉन्च किया है। मंत्रालय उद्योग एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को इसकी घोषणा की। यह एक इंडस्ट्रीज़-नेतृत्व मंच वाला है, जहां लाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल (एलिवी) सेक्टर के सभी स्टेक होल्डर्स – व्हीकल निर्माता (ओईएम), रियोटेक्नोलॉजिस्ट, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी प्रदाता – एक साथ काम कर रहे हैं।

    मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह पहल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ाने और बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, कंज्यूमर सिस्टम और डिजिटल नेटवर्क सुनिश्चित करने में मदद करेगी। उनका कहना था कि यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण का मानक है और इससे सस्टेनेबल मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

    LEAF का मकसद और उद्देश्य:

    नेटवर्क के बीच बेहतर संतुलन (इंटरऑपरेबिलिटी) सुनिश्चित करना।
    सिस्टम के अवशेष और उपभोक्ता को समान अनुभव देना।
    सार्वजनिक निजीकरण का विस्तार करना।
    ‘लाइट इलेक्ट्रिक कंबाइंड रिजर्वेशन सिस्टम (LECCS)’ जैसे स्टेप स्ट्रेंथ जा रहे हैं, जिनमें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मंजूरी दे दी है। यह सिस्टम स्लो और फास्ट दोनों तरह के रिजर्वेशन को सपोर्ट करेगा।

    अब तक इसमें 20 से ज्यादा कंपनियों को शामिल किया गया है, जिसमें ऑटोमोबाइल निर्माता, मोटरसाइकल निर्माता, सप्लायर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर शामिल हैं। विशेषज्ञ का कहना है कि बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी और मजबूत सार्वजनिक आरक्षण नेटवर्क ही देश में ईवी एनोटेशन की साख बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

    लीफ (LEAF) फोरम के माध्यम से सरकार और औद्योगिक समूह भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देते हैं। यह कदम ईवी आरक्षण नेटवर्क की अनोखी और अनोखी अनुभव में अंतर जैसा झलक को दूर करने की दिशा में अहम साबित होगा।

  • एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी।

    सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।

  • लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को दी मंजूरी, दिवालियापन प्रक्रिया में तेज़ी

    लोकसभा ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को दी मंजूरी, दिवालियापन प्रक्रिया में तेज़ी


    नई दिल्ली। लोकसभा ने सोमवार को दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। यह कदम दिवालियापन प्रक्रिया में तेजी से लाने और कंपनियों के दिवालियापन मामलों के शीघ्र निपटान के उद्देश्य से उठाया गया है।

    विधि के अनुसार, किसी कंपनी के डिफॉल्ट साबित होने के बाद दिवालियापन के आवेदन को 14 दिनों के भीतर स्वीकार करने की अनिवार्य समय सीमा तय की गई है। इससे जुड़े मामलों में देरी कम होगी और समाधान प्रक्रिया तेज होगी।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि विधेयक में 12 संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं ताकि दिवालियापन समाधान तंत्र और मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि आईबीसी (IBC) प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण व्यापक दिवालियापन है, और इस संशोधन में दंड का प्रावधान भी शामिल है ताकि प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोका जा सके।

    विधि ने सदन में स्पष्ट किया कि दिवालियापन संहिता का उद्देश्य कभी भी केवल ऋण वसूली तंत्र के रूप में काम करना नहीं था। उनका कहना था कि IBC ने बैंकिंग क्षेत्र के स्वास्थ्य में सुधार किया है और कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाया है।

    मंत्री ने यह भी कहा कि दिवालियापन प्रक्रिया से बाहर आने वाली कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है, और यह ढांचा संकटग्रस्त हितधारकों का समाधान करने और समझौतों फर्मों को बचाने के लिए है, न कि सिर्फ बकाया राशि वसूलने के लिए। निर्मला वादे ने जोर देते हुए कहा, “IBC का उद्देश्य कंपनियों के उद्यम मूल्य को संरक्षित करना और वित्तीय संकट का समाधान करना है, न कि ऋण वसूली का साधन।”
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  • बड़ा टेक संकट! DeepSeek का सबसे लंबा डाउनटाइम, यूजर्स परेशान

    बड़ा टेक संकट! DeepSeek का सबसे लंबा डाउनटाइम, यूजर्स परेशान

     
    नई दिल्ली आउटेज ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म डाउनडिटेक्टर के अनुसार, रविवार शाम से ही उपभोक्ता ने समस्या की रिपोर्ट करना शुरू कर दिया था। इसके बाद डीपसीक एआई चैटबॉट के पेज स्टेटस ने रात 9:35 बजे पहली बार इस तकनीकी गड़बड़ी को स्वीकार किया। शुरुआत में कंपनी ने दावा किया था कि करीब दो घंटे में समस्या को ठीक कर लिया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से सर्विस में गड़बड़ी आ गई। आख़िरकार अगली सुबह करीब 10:33 बजे एवेन्यू प्लेटफ़ॉर्म पूरी तरह से बहाल हो गया।

    इस पूरी घटना की सबसे बड़ी बात यह रही कि इतने लंबे आउटटेज़ के बावजूद अब तक कंपनी की ओर से इसके निष्कर्षों पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। इस तरह के उपभोक्ता और टेक गैजेट्स के बीच कई तरह के आर्किटेक्चर मिल रहे हैं। खास बात यह है कि जनवरी 2025 में अपना आर1 मॉडल लॉन्च करने के बाद डीपसीक एआई चैटबॉट का एपटाइम रिकॉर्ड करीब 99 प्रतिशत बताया जा रहा है, ऐसे में यह इवेंट कंपनी की वेबसाइट पर भी भरोसेमंद सवाल कर रही है।

    जनवरी 2025 में लॉन्च होने के बाद डीपसीक एआई चैटबॉट ग्लोबल लेवल पर चर्चा में आया था। इसके एडवांस्ड आर्किटेक्चरल मॉडल्स ने टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी और सिलिकॉन वैली के कई बड़े उद्यमों के स्टॉक में गिरावट का आकलन किया गया था। उस समय यह भी कहा गया था कि होटल की वैश्विक दौड़ में अमेरिका की बढ़त को चुनौती मिल सकती है।

    हालाँकि, अभी भी डीपसीक एआई चैटबॉट का मुकाबला चैटजीपीटी, जेमिनी और क्लाउड जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से पूरी तरह से नहीं मिला है। इसी बीच अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक ने हाल ही में डीपासिक में कुछ चीनी कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    एंथ्रोपिक का दावा है कि उनके क्लाउड मॉडल के निर्माण के माध्यम से ‘डिस्टिलेशन’ तकनीक का अवैध उपयोग किया गया। इसके लिए हजारों की संख्या में निवेशकों का रिकॉर्ड बनाया गया और लाखों स्टॉक के जरिए डेटा इकट्ठा किया गया। कंपनी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के विकसित मॉडल मॉडलों में सुरक्षा संबंधी खामियां हो सकती हैं और इनका इस्तेमाल खतरनाक वस्तुओं जैसे साइबर हमले, निगरानी और गलत जानकारी के जरिए किया जा सकता है। इस पूरी घटना में एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया गया है कि रैपिड से हल्दी मसाला तकनीक के बीच सुरक्षा, मरम्मत और रखरखाव का महत्व है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव महावीर जयंती पर शोभायात्रा में हुए शामिल, मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव महावीर जयंती पर शोभायात्रा में हुए शामिल, मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को महावीर जयंती पर श्रमण मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के दिगंबर एवं श्वेतांबर जैन समाज द्वारा संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा का इतवारा पहुंचकर स्वागत कर यात्रा में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनि श्री 108 संभव सागर जी महाराज सहित अन्य मुनिगण को श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, दिगम्बर पंचायत कमेटी के अध्यक्ष पंकज जैन, सुपारी और श्वेताम्बर समाज के अध्यक्ष राजेश तांतेड़ उपस्थित थे।