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  • मेट्रो काम को लेकर विधायक का विरोध, शाही कब्रिस्तान के नीचे रूट पर बोले बिना अनुमति नहीं चलेगा काम

    मेट्रो काम को लेकर विधायक का विरोध, शाही कब्रिस्तान के नीचे रूट पर बोले बिना अनुमति नहीं चलेगा काम


    भोपाल । भोपाल में मेट्रो के फेज 2 के रूट को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार देर रात भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान में मेट्रो की टीम पहुंची और बैरिकेड्स लगाने का काम शुरू किया तो उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील मौके पर पहुंच गए। कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट निकाले जाने को लेकर विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई और मेट्रो तथा पुलिस अधिकारियों से काम रोकने को कहा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सख्त लहजे में कहा कि बाहर निकलो वरना मैं बदतमीजी करने लगूंगा। विधायक के इस तेवर के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी हलचल देखने को मिली।

    बताया गया कि देर रात विधायक को जानकारी मिली कि मेट्रो कॉरपोरेशन की टीम कब्रिस्तान के पास बैरिकेड्स लगाने के लिए मशीनें और अन्य सामान लेकर पहुंची है। इसके बाद वह समाज के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब यह शाही कब्रिस्तान की संपत्ति है तो यहां काम शुरू करने से पहले अनुमति ली गई या नहीं। उन्होंने कहा कि पहले शाही औकाफ से अनुमति ली जानी चाहिए और उसके बाद ही किसी तरह का निर्माण कार्य किया जाना चाहिए।

    विधायक आतिफ अकील ने स्पष्ट कहा कि बिना वैधानिक अनुमति के कब्रिस्तान में किसी भी तरह का काम नहीं होना चाहिए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से मशीनें और सामान हटाने की मांग की। विधायक का कहना है कि इस कब्रिस्तान में उनके पूर्वजों की कब्रें हैं और यहां बड़ी संख्या में कब्रें मौजूद हैं। ऐसे में वह कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो लाइन निकाले जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस स्थान से मेट्रो रूट को हटाकर कोई दूसरा विकल्प तलाशा जाना चाहिए।

    दरअसल भोपाल में मेट्रो के ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है। अब फेज 2 में सुभाषनगर से करोंद तक मेट्रो रूट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पूरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 16.74 किलोमीटर बताई गई है। इसमें कुछ हिस्सा एलिवेटेड होगा जबकि पुराने शहर के महत्वपूर्ण हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड ले जाने की योजना है।

    फेज 2 के तहत करीब 5.38 किलोमीटर हिस्से में छह एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें पुल बोगदा ऐशबाग सिंधी कॉलोनी डीआईजी बंगला कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस हिस्से के निर्माण पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। वहीं लगभग 3.39 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड रखा गया है। इस हिस्से में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण पर करीब 890 करोड़ रुपये खर्च होने की योजना है।

    शाही कब्रिस्तान से जुड़े मेट्रो रूट को लेकर मामला पहले से ही विवाद में है। मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में भी इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है और दोनों पक्ष अपना पक्ष रख रहे हैं। ऐसे में विधायक की ताजा आपत्ति ने इस विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। विधायक का कहना है कि जब तक संबंधित संस्था से आवश्यक अनुमति नहीं मिलती तब तक कब्रिस्तान में कोई काम नहीं होना चाहिए।

    अब देखना होगा कि मेट्रो परियोजना और कब्रिस्तान से जुड़े पक्ष के बीच यह विवाद किस तरह सुलझता है। एक तरफ भोपाल में मेट्रो के फेज 2 को तेजी से पूरा करने की कोशिश चल रही है तो दूसरी तरफ शाही कब्रिस्तान से जुड़े रूट को लेकर आपत्ति लगातार सामने आ रही है। ऐसे में इस हिस्से में निर्माण कार्य आगे बढ़ाने से पहले अनुमति और रूट को लेकर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • जेट खरीदने पर 350 करोड़ खर्च, फिर रनवे और संचालन पर भी करोड़ों, जानिए MP सरकार के लिए कितनी महंगी है पूरी डील

    जेट खरीदने पर 350 करोड़ खर्च, फिर रनवे और संचालन पर भी करोड़ों, जानिए MP सरकार के लिए कितनी महंगी है पूरी डील


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार का नया बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 कनाडा से भारत पहुंचने की तैयारी में है। सरकार ने इसे मुख्यमंत्री राज्यपाल और दूसरे वीआईपी के इस्तेमाल के लिए खरीदा है। लेकिन करीब 350 करोड़ रुपये की कीमत वाला यह विमान आने के बाद तुरंत नियमित उड़ान भरने की स्थिति में नहीं होगा। इसे भारत में जरूरी औपचारिकताओं से गुजरना होगा और इसके संचालन के लिए प्रशिक्षित पायलटों से लेकर हैंगर और रखरखाव तक की व्यवस्था करनी होगी। सबसे अहम बात यह है कि यह जेट प्रदेश के हर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी पर उतर भी नहीं सकेगा।

    सरकार के अपने विमान की जरूरत उस समय ज्यादा महसूस हुई जब 6 मई 2021 को राज्य का बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-200जीटी ग्वालियर एयरबेस पर क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गया था। यह विमान करीब 65 करोड़ रुपये में खरीदा गया था लेकिन बीमा नहीं होने के कारण सरकार को नुकसान की भरपाई नहीं मिल सकी। अब इसे करीब 7 करोड़ रुपये की रिजर्व कीमत पर बेचने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद से मुख्यमंत्री और दूसरे वीआईपी के लिए सरकार को निजी विमान किराए पर लेने पड़ रहे हैं।

    विधानसभा में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच विमान और हेलिकॉप्टर किराए पर करीब 290 करोड़ रुपये खर्च हुए। 2025 में नवंबर तक ही यह खर्च 90 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया था। विमानन विभाग का तर्क है कि लगातार बढ़ रहे किराये के खर्च को कम करने के लिए अपना जेट खरीदना जरूरी है। हालांकि जेट खरीदने के बाद भी सरकार को इसके संचालन पर हर साल बड़ी रकम खर्च करनी होगी।

    चैलेंजर 3500 की खरीद को लेकर अलग अलग समय पर अलग कीमतें सामने आई हैं। वर्ष 2022 में सरकार करीब 120 करोड़ रुपये के जेट पर विचार कर रही थी। बाद में कीमत और डिलीवरी से जुड़े कारणों से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। मार्च 2024 में नए टेंडर में बॉम्बार्डियर और एम्ब्रेयर ने हिस्सा लिया। जुलाई 2024 में कैबिनेट ने बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 खरीदने की मंजूरी दी और उस समय कीमत करीब 233 करोड़ रुपये बताई गई। अब टैक्स ट्रांसपोर्ट और अन्य खर्च जोड़ने के बाद कुल अनुमान करीब 350 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

    सिर्फ खरीद कीमत ही पूरी तस्वीर नहीं है। विमान को चलाने में क्रू हैंगर बीमा मेंटेनेंस और ईंधन समेत कई खर्च होते हैं। अनुमान के मुताबिक 450 घंटे सालाना उड़ान पर इसका कुल खर्च करीब 30 से 33 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यानी प्रति उड़ान घंटे लागत किराए के विमान की तुलना में ज्यादा भी हो सकती है। हालांकि यदि किराए के विमान पर लगने वाला स्टैंडिंग चार्ज पूरी तरह समाप्त हो जाता है तो सरकार के कुल खर्च में कुछ राहत मिल सकती है।

    जेट के साथ सरकार ने एयरबस ACH160 हेलिकॉप्टर भी खरीदा है। हेलिकॉप्टर की कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई गई थी जबकि टैक्स और अन्य शुल्क जोड़ने पर खर्च करीब 225 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इस तरह जेट और हेलिकॉप्टर के बाद हवाई ढांचे को तैयार करने का खर्च भी सरकार के सामने है।

    चैलेंजर 3500 को चलाने के लिए सरकार को पायलटों की ट्रेनिंग और जरूरी प्रमाणन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विदेश में प्रशिक्षण लेने गए प्रदेश के दो पायलट पहली कोशिश में टेस्ट पास नहीं कर सके। फिलहाल उन्हें को पायलट का प्रमाणपत्र मिला है। इसलिए शुरुआत में बॉम्बार्डियर का एक प्रशिक्षित पायलट विमान उड़ाएगा। सरकारी पायलटों को उसके साथ निर्धारित उड़ान अनुभव पूरा करने के बाद स्वतंत्र रूप से जेट उड़ाने की अनुमति मिल सकेगी।

    सबसे बड़ी चुनौती रनवे को लेकर है। विभाग के आकलन के अनुसार जेट के लिए कम से कम करीब 1800 मीटर और बेहतर संचालन के लिए लगभग 2100 मीटर लंबा रनवे जरूरी माना जा रहा है। प्रदेश के सभी एयरपोर्ट और हवाई पट्टियां इस जरूरत को पूरा नहीं करतीं। मौजूदा आकलन के अनुसार करीब 10 स्थानों पर यह जेट उतर सकता है। इनमें भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर खजुराहो रीवा और दतिया के एयरपोर्ट के अलावा मंदसौर सिवनी और मंडला की हवाई पट्टियां शामिल हैं।

    सरकार कई अन्य हवाई पट्टियों के विस्तार की तैयारी भी कर रही है। इसके लिए जिलों से जमीन की जानकारी मांगी गई है। सरकारी जमीन मिलने पर एक पट्टी के विस्तार में करीब 10 से 15 करोड़ रुपये जबकि निजी जमीन अधिग्रहण की स्थिति में 30 से 40 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है। कुल मिलाकर हवाई पट्टियों के विस्तार पर करीब 300 से 400 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं।

    ऐसे में जेट हेलिकॉप्टर और रनवे विस्तार को जोड़कर पूरी योजना का अनुमानित खर्च करीब 875 से 975 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसमें हेलिपैड नेटवर्क का खर्च शामिल नहीं है। इसलिए सरकार के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि अपना जेट खरीदने से किराए का खर्च कितना बचेगा बल्कि यह भी है कि विमान को प्रभावी तरीके से चलाने के लिए अगले कई वर्षों में कितना अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। अंतिम फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार जेट का कितना नियमित इस्तेमाल करती है और मौजूदा किराये तथा स्टैंडिंग चार्ज में वास्तविक रूप से कितनी कमी आती है।

  • लाड़ली बहना के सवाल पर ठहाकों से गूंजा बुंदेली समागम, CM मोहन यादव बोले मुझे क्या पता था इतनी भारी मार पड़ेगी

    लाड़ली बहना के सवाल पर ठहाकों से गूंजा बुंदेली समागम, CM मोहन यादव बोले मुझे क्या पता था इतनी भारी मार पड़ेगी


    भोपाल । भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अलग अंदाज देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान बुंदेली कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने मुख्यमंत्री से कई सवाल पूछे। इसी दौरान छतरपुर की बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से महिलाओं और बेटियों को लेकर सवाल किया। इस पर मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया और लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें पता चला कि इस योजना की कितनी बड़ी जिम्मेदारी है।

    बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्होंने अपनी जिज्जियों यानी बहनों के लिए तो काफी कुछ किया है लेकिन उनकी बिन्नुओं यानी बेटियों के लिए वह क्या करना चाहते हैं। सवाल सुनकर मुख्यमंत्री ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि उन्हें क्या पता था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है। मुख्यमंत्री के इस जवाब के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंजने लगे।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी बहनों के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं है। उन्होंने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत में मिलने वाली एक हजार रुपए की राशि का जिक्र किया। साथ ही बताया कि अब यह सहायता बढ़कर डेढ़ हजार रुपए तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री ने बिन्नू रानी से मजाकिया अंदाज में कहा कि अभी वह लाड़ली बहना योजना के लिए छोटी हैं और जब बड़ी हो जाएंगी तो उन्हें भी इसका लाभ दिया जाएगा।

    बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री से बुंदेलखंड के विकास और युवाओं से जुड़े सवाल भी किए गए। एक युवा ने उनसे पूछा कि अगर बुंदेलखंड के युवाओं की कोई एक समस्या 24 घंटे में हल करनी हो तो वह क्या करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड जैसी बड़ी समस्या को 24 घंटे में हल करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के लोगों में क्षमता योग्यता और बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है। सरकार का काम उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर उपलब्ध कराना है।

    मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड से होने वाले पलायन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले रोजगार और पानी से जुड़ी समस्याओं के कारण क्षेत्र से पलायन की स्थिति बनती थी। अब सरकार सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर काम कर रही है। इसी क्रम में केन बेतवा जैसी बड़ी परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की उपलब्धता बढ़ने से क्षेत्र के कई सेक्टर में बदलाव आने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी के साथ बड़ी संख्या में बुंदेली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे संवाद किया और उनके सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम में बुंदेली संस्कृति और क्षेत्र की समस्याओं के साथ सरकार की योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई।

    लाड़ली बहना योजना की बात करें तो इसकी घोषणा 28 जनवरी 2023 को तत्कालीन शिवराज सरकार ने की थी। योजना का औपचारिक शुभारंभ 5 मार्च 2023 को हुआ था। शुरुआत में पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान था। जून 2023 में योजना की पहली किस्त जारी की गई थी।

    शुरुआती चरण में करीब एक करोड़ 25 लाख महिलाएं योजना के लिए पात्र थीं। पहली किस्त के दौरान एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को भुगतान किया गया था। इसके बाद समय के साथ योजना की मासिक सहायता राशि बढ़ाई गई। सितंबर 2026 में जारी 40वीं किस्त के दौरान करीब एक करोड़ 25 लाख महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई। मौजूदा समय में पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की सहायता राशि मिल रही है।

    बुंदेली समागम में मुख्यमंत्री की लाड़ली बहना पर की गई टिप्पणी भले ही मजाकिया अंदाज में रही हो लेकिन इसके जरिए उन्होंने योजना की जिम्मेदारी और महिलाओं के लिए सरकार की आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रियाओं और सवाल जवाब के बीच मुख्यमंत्री का यह अंदाज चर्चा का विषय बना रहा।

  • भोपाल के सरकारी स्कूल में छात्रों का हंगामा, टीचर पर पैसे मांगने और मारपीट के आरोप, कार्रवाई के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

    भोपाल के सरकारी स्कूल में छात्रों का हंगामा, टीचर पर पैसे मांगने और मारपीट के आरोप, कार्रवाई के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन


    नई दिल्ली। भोपाल के मिसरोद इलाके में सरकारी स्कूल की एक टीचर के खिलाफ छात्र छात्राओं का विरोध प्रदर्शन चर्चा में है। विद्यार्थियों ने टीचर पर गंभीर आरोप लगाते हुए करीब चार घंटे तक सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि उनसे पढ़ाई कराने के बजाय घर के काम कराए जाते हैं और ऐसा नहीं करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है। विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने जैसे आरोप भी लगाए हैं। मामला बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित टीचर का ट्रांसफर कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

    यह मामला मिसरोद स्थित नवीन हायर सेकंडरी स्कूल का है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं स्कूल के बाहर सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने हाथों में पोस्टर लेकर टीचर के खिलाफ नारे लगाए। सूचना मिलने पर मिसरोद थाने के प्रभारी विमलेश कुमार राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल के प्राचार्य के साथ मिलकर विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि आरोपी टीचर को स्कूल से हटाए जाने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त किया जाएगा।

    बताया गया कि 11वीं कक्षा के गणित और जीव विज्ञान विषय के विद्यार्थियों ने इससे पहले 3 अक्टूबर को प्राचार्य को लिखित शिकायत दी थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि यूपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं के दौरान उनसे बेंच लगाने सफाई करने और रोल नंबर लिखने जैसे काम कराए जाते हैं। विद्यार्थियों का यह भी कहना था कि कई बार उन्हें रविवार को भी स्कूल बुलाया जाता है। छात्रों ने कहा कि वे पढ़ाई करने के लिए स्कूल आते हैं और उनसे कर्मचारियों की तरह काम नहीं कराया जाना चाहिए।

    विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे मांगने का आरोप भी लगाया। शिकायत में दावा किया गया कि हर महीने प्रोजेक्ट के नाम पर 2500 रुपये मांगे जाते हैं। छात्रों के अनुसार पैसे नहीं देने पर पढ़ाई को लेकर दबाव बनाया जाता है। उनका आरोप है कि इसी तरह की स्थिति के कारण कुछ विद्यार्थियों ने विज्ञान विषय तक छोड़ दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि टीचर क्लास में पढ़ाने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहती हैं और सीनियर छात्रों के साथ मारपीट की जाती है।

    इस मामले में छात्रों ने टीचर से एक विद्यार्थी की कथित बातचीत का ऑडियो भी सुनाया। इसमें पास या फेल कराने अभिभावकों से बातचीत और पैसे खर्च होने जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया गया। हालांकि ऑडियो में आवाज किसकी है और बातचीत किस वास्तविक संदर्भ में हुई थी इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन आरोपों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    दूसरी ओर टीचर बबीता कुशवाह ने छात्रों के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वह वर्ष 1999 से अध्यापन कर रही हैं और उनके पास लंबे समय का शिक्षण अनुभव है। उन्होंने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए वह विद्यार्थियों के साथ सख्ती करती हैं लेकिन पैसे लेकर पास कराने या फेल करने का आरोप पूरी तरह गलत है।

    टीचर ने छात्रों से सफाई कराने के आरोप से भी इनकार किया। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को केवल अपना बैग साफ रखने के लिए कपड़ा रखने के लिए कहा जाता है। प्रैक्टिकल के दौरान इंस्ट्रूमेंट को व्यवस्थित करना और उनकी सफाई करना पढ़ाई की प्रक्रिया का हिस्सा है।

    मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य ने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायत के आधार पर बबीता कुशवाह का ट्रांसफर बागरोदा हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

    नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी और यहां करीब 37 लोगों का स्टाफ बताया गया है। बबीता कुशवाह वर्ष 2010 से इस स्कूल में पढ़ा रही थीं। फिलहाल ट्रांसफर और जांच की कार्रवाई के बाद छात्रों का प्रदर्शन खत्म हो गया है। अब पूरे मामले में विभागीय जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी क्योंकि छात्रों और टीचर की ओर से आरोपों को लेकर अलग अलग दावे सामने आए हैं।

  • बेटियों की सुरक्षा पर शिवराज का बड़ा बयान, पुरुषों और माता-पिता से आत्ममंथन की अपील, बोले ये नारा कभी सफल न हो

    बेटियों की सुरक्षा पर शिवराज का बड़ा बयान, पुरुषों और माता-पिता से आत्ममंथन की अपील, बोले ये नारा कभी सफल न हो


    भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बेटियों की सुरक्षा और समाज में महिलाओं के प्रति बदलते नजरिए को लेकर गंभीर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर चर्चित हो रहे एक कचौड़ी दो समोसा इन मर्दों का क्या भरोसा वाले नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी कि बेटियों को इस तरह की बात लिखने और कहने की जरूरत महसूस हुई। शिवराज ने कहा कि अगर बेटियां पुरुषों पर भरोसा नहीं कर पाएंगी तो समाज और देश आगे कैसे बढ़ेगा। उन्होंने पुरुषों बेटों और उनके माता पिता से इस विषय पर आत्ममंथन करने की अपील की।
    भोपाल में नवगति एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम में पहुंचे शिवराज ने कहा कि बेटियों का सम्मान और उनकी सुरक्षा सिर्फ उनके परिवार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। इसके लिए पूरे समाज को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के साथ गलत व्यवहार करने वाले कई बार कोई अनजान व्यक्ति नहीं होते बल्कि परिचित या आसपास के लोग भी हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि परिवार अपने बच्चों के संस्कार और व्यवहार को लेकर गंभीरता से सोचें।
    शिवराज ने कहा कि ऐसा माहौल बनना चाहिए जिसमें बेटियां बिना डर के आगे बढ़ सकें और पुरुषों पर भरोसा कर सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस नारे का आज जिक्र हो रहा है वह कभी सार्थक और सफल नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को मां और बेटियों को देवी के समान बताते हुए उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही।
    कार्यक्रम में शिवराज ने ड्राइवरों के बच्चों के लिए शुरू की गई छात्रवृत्ति योजना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ड्राइवर केवल वाहन चलाने वाला व्यक्ति नहीं है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ड्राइवर कई दिनों तक अपने परिवार से दूर रहकर देश के अलग अलग हिस्सों तक सामान पहुंचाते हैं। किसान की उपज को बाजार तक पहुंचाने से लेकर निर्माण सामग्री और जरूरी वस्तुओं की ढुलाई तक उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर देश और लोगों की जिंदगी को चलाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
    शिवराज ने छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली सहायता की जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा आठवीं से दसवीं तक 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सालाना चार हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह राशि 4500 रुपए होगी। वहीं 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि मेहनत से पढ़ाई कर अच्छे अंक हासिल करने वाले बच्चों की आगे भी मदद की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल छात्रवृत्ति देना ही उद्देश्य नहीं है बल्कि उन्हें आगे की पढ़ाई कौशल विकास प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जोड़ना भी जरूरी है। शिवराज ने अपने संसदीय क्षेत्र में चल रही मामा कोचिंग क्लास का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निशुल्क सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। ऑनलाइन शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी काम किया जा रहा है।
    कार्यक्रम के दौरान शिवराज ने भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम की जीत और एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के बेटे और बेटियां अलग अलग क्षेत्रों में भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।
    इसके बाद शिवराज सिंह चौहान विदिशा के सांची पहुंचे जहां उन्होंने मधुमेह पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि मधुमेह तेजी से बढ़ती चुनौती है और इससे निपटने के लिए उपचार के साथ रोकथाम जागरूकता और लगातार शोध पर जोर देना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता बताई। इस तरह एक ही दिन में शिवराज ने बेटियों की सुरक्षा से लेकर शिक्षा रोजगार खेल और स्वास्थ्य जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

  • भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा वसूली का आरोप ₹2 का टॉयलेट ₹10 में और दो लोगों से ₹40 लेने का दावा

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ज्यादा वसूली का आरोप ₹2 का टॉयलेट ₹10 में और दो लोगों से ₹40 लेने का दावा


    भोपाल । भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान पे एंड यूज टॉयलेट को लेकर यात्रियों की शिकायतों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। खास बात यह रही कि जिस समय स्टेशन परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम चल रहा था उसी दौरान भोपाल रेल मंडल के DRM पंकज त्यागी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि फ्री यूरिनल के लिए भी पैसे मांगे जा रहे हैं जबकि तय शुल्क से ज्यादा रकम लेकर टॉयलेट इस्तेमाल करने दिया जा रहा है। यात्रियों की ओर से मौके के वीडियो भी बनाए गए हैं जिनमें काउंटर पर शुल्क को लेकर बातचीत होती दिखाई दे रही है।

    रेलवे की निर्धारित दरों के अनुसार भोपाल स्टेशन पर यूरिनल की सुविधा नि:शुल्क बताई गई है। वहीं टॉयलेट के लिए 2 रुपए और टॉयलेट के साथ स्नान की सुविधा के लिए 5 रुपए शुल्क निर्धारित है। सामने आए वीडियो में एक यात्री काउंटर पर मौजूद कर्मचारी से शुल्क के बारे में पूछता नजर आता है। यात्री बोर्ड पर फ्री लिखा होने की बात कहता है और इसके बावजूद पैसे मांगे जाने पर सवाल करता है। वीडियो में कर्मचारी की ओर से रकम लेने की स्थिति दिखाई देती है।

    यात्री संतोष यादव ने आरोप लगाया कि वह स्टेशन के टॉयलेट का इस्तेमाल करने गए थे। वहां निर्धारित शुल्क 2 रुपए लिखा होने के बावजूद उनसे 10 रुपए मांगे गए और उन्होंने 10 रुपए दिए। इसी तरह यात्री गगन गौर ने दावा किया कि दो लोग टॉयलेट और स्नान के लिए गए थे और उनसे कुल 40 रुपए लिए गए। हालांकि इन यात्रियों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्टेशन प्रबंधन के रिकॉर्ड और संबंधित एजेंसी के जवाब से होना बाकी है।

    मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोप उस समय सामने आए जब स्टेशन परिसर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इससे पे एंड यूज सुविधा की निगरानी और निर्धारित दरों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर शुल्क तय है तो काउंटर पर उसी के अनुसार राशि ली जानी चाहिए और फ्री सुविधा के लिए किसी यात्री से पैसे नहीं मांगे जाने चाहिए।

    इस मामले में DRM पंकज त्यागी से भी पक्ष जानने की कोशिश की गई। उनसे फ्री यूरिनल के लिए पैसे मांगे जाने और निर्धारित शुल्क से अधिक रकम लेने की शिकायतों को लेकर सवाल किया गया लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया था। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रेलवे प्रशासन वीडियो और यात्रियों की शिकायतों के आधार पर क्या कार्रवाई करता है।

    मामला सिर्फ भोपाल रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं है। सामने आई जानकारी के अनुसार रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों को यूरिनल के लिए शुल्क देना पड़ रहा है। वहां पे एंड यूज व्यवस्था के तहत यूरिनल के लिए 5 रुपए टॉयलेट के लिए 10 रुपए और स्नान के लिए 15 रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। यह व्यवस्था भोपाल स्टेशन पर बताई गई निर्धारित दरों से अलग है।

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में शुल्क को लेकर स्पष्ट जानकारी और निर्धारित दरों का पालन यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। फिलहाल भोपाल स्टेशन पर सामने आए वीडियो और यात्रियों के आरोपों के बाद निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अब रेलवे प्रशासन की जांच और आधिकारिक जवाब से ही स्पष्ट होगा कि वास्तव में निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली हुई थी या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में गजब घटनाओं की भरमार, CMHO ऑफिस में पिल्लों का जन्म, विधायक के बाइक स्टंट से मचा हंगामा

    एमपी में गजब घटनाओं की भरमार, CMHO ऑफिस में पिल्लों का जन्म, विधायक के बाइक स्टंट से मचा हंगामा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में इन दिनों राजनीति प्रशासन और सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो चर्चा का विषय बन गई हैं। कहीं सरकारी स्वास्थ्य कार्यालय में आवारा कुतिया ने छह पिल्लों को जन्म दे दिया तो कहीं प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सांप के पहुंचने से लोगों में हड़कंप मच गया। इसी बीच कालापीपल के भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते हुए स्टंट करने का वीडियो सामने आया तो आगर जिले के सुसनेर में कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार का तहसीलदार को फोन पर फटकार लगाने का मामला भी सुर्खियों में आ गया। इन घटनाओं ने सरकारी व्यवस्थाओं से लेकर जनप्रतिनिधियों के आचरण तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    छतरपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी CMHO के कार्यालय में रविवार रात एक आवारा कुतिया पहुंच गई। बताया गया कि वह कार्यालय के एक खाली केबिन में अलमारियों और फाइलों के बीच चली गई और वहीं उसने छह पिल्लों को जन्म दे दिया। सोमवार सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो फाइलों के बीच पिल्लों को देखकर हैरान रह गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद कार्यालय की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो कलेक्टर ने CMHO को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

    इसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल में भी एक सांप के पहुंचने से अफरा तफरी मच गई। अस्पताल की न्यू ओपीडी में सांप काफी देर तक घूमता रहा। उसे देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बाद में काफी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा गया और अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। इससे पहले अस्पताल में चूहों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। अब सांप के पहुंचने की घटना ने अस्पताल की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

    उधर कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में वह कुछ समय के लिए दोनों हाथ छोड़कर बाइक चलाते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठे। विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कोई स्टंट नहीं किया था और यह उत्साह में हो गया। उन्होंने आगे ऐसी गलती नहीं करने की बात कही। खास बात यह है कि विधायक पहले लोगों को हेलमेट और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह देते नजर आए थे।

    आगर जिले के सुसनेर में कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार का तहसीलदार से फोन पर विवाद भी चर्चा में रहा। नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के दौरान विधायक ने बिना सूचना EVM बदले जाने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार से फोन पर नाराजगी जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि बाद में विधायक खुद पूछते सुनाई दिए कि फोन पर कौन था।

    इन घटनाओं के बीच प्रशासनिक गलियारों में संभावित IAS तबादलों की चर्चा भी तेज है। एक जिले के कलेक्टर द्वारा अपनी कुर्सी बचाने के लिए कथित तौर पर प्रभावशाली संपर्कों का सहारा लेने की चर्चा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में इन दिनों सरकारी व्यवस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से जुड़ी कई घटनाएं एक साथ सुर्खियों में हैं।

  • भोपाल के बाद पूरे MP में कांग्रेस का आंदोलन, जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय घेराव

    भोपाल के बाद पूरे MP में कांग्रेस का आंदोलन, जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय घेराव


    भोपाल । मध्यप्रदेश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन बुधवार को जिला स्तर तक पहुंचने जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे और कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करने की तैयारी है। पार्टी की ओर से यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद के बीच किया जा रहा है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। देश के दूसरे हिस्सों में भी कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है और उनके इस्तीफे की मांग सामने रख रही है।

    मध्यप्रदेश में इस आंदोलन की शुरुआत भोपाल से हो चुकी है। 28 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस ने भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया था। इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलावा विधायक पूर्व विधायक पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। उस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की की स्थिति भी बनी थी और कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए थे। अब कांग्रेस ने इसी आंदोलन को प्रदेश के अलग अलग जिलों तक ले जाने की रणनीति बनाई है। भोपाल के प्रदर्शन की रिपोर्ट भी सामने आई है जिसमें SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों और CEC के इस्तीफे की मांग का उल्लेख है।

    कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर गंभीर सवाल हैं। पार्टी इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। बुधवार को जिला मुख्यालयों पर होने वाले प्रदर्शनों में यही मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाने हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने अपने जिलों में एकत्र होकर कलेक्टर कार्यालयों की ओर मार्च करेंगे और वहां प्रदर्शन करेंगे।

    इस बीच चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR 2026 से जुड़ी मतदाता सेवाएं उपलब्ध हैं। आयोग की वेबसाइट पर अंतिम SIR मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा दी गई है। आयोग के अनुसार मतदाता अपने EPIC नंबर या मतदाता संबंधी विवरण के माध्यम से जानकारी देख सकते हैं।

    CEC ज्ञानेश कुमार फिलहाल भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।

    SIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है। दूसरी ओर इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच अलग अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में बुधवार को होने वाले जिला स्तरीय प्रदर्शनों पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी। कांग्रेस का आंदोलन कितना व्यापक रहता है और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के दौरान क्या स्थिति बनती है यह दिनभर की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहेगा।

  • भोपाल वालों के लिए जरूरी खबर, बिजली कटौती से लेकर बदले ट्रेन रूट तक जानें पूरा अपडेट

    भोपाल वालों के लिए जरूरी खबर, बिजली कटौती से लेकर बदले ट्रेन रूट तक जानें पूरा अपडेट


    भोपाल । भोपाल शहर में आज लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई अहम गतिविधियां देखने को मिलेंगी। बिजली सप्लाई से लेकर रेलवे यातायात और शहर में चल रहे कला संस्कृति से जुड़े आयोजनों तक कई ऐसे अपडेट हैं जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है। सबसे महत्वपूर्ण जानकारी बिजली कटौती को लेकर है। शहर के 100 से अधिक इलाकों में अलग अलग समय पर बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। कई क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बंद रहेगी जबकि कुछ इलाकों में कटौती का समय दोपहर तक सीमित रहेगा। ईरानी बस्ती भानपुर भानपुर चौराहा अटल नेहरू नगर गीता नगर लीलाधर कॉलोनी समता नगर और शिव नगर फेज 3 एवं 4 सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। इसी तरह जीवन धारा अस्पताल देव माता अस्पताल राजीव नगर बी और सी सेक्टर तथा आसपास के क्षेत्रों में भी इसी अवधि में बिजली बंद रहेगी।

    शहर के कई दूसरे हिस्सों में भी बिजली कटौती का असर दिखाई देगा। शक्ति नगर के विभिन्न सेक्टरों में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक सप्लाई प्रभावित रहेगी। अमलतास कॉलोनी सीआई कॉलोनी एन्क्लेव सागर होम्स चिनार वुड चुनाभट्टी और आसपास के इलाकों में भी दोपहर 2 बजे तक बिजली बंद रहेगी। वहीं कुछ क्षेत्रों में कटौती का समय दोपहर 3 बजे तक और कुछ जगहों पर शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इस वजह से जरूरी काम निपटाने वाले लोगों को अपने क्षेत्र में बिजली कटौती के समय की जानकारी पहले से रखनी होगी।

    रेलवे से जुड़ी खबर भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। दिवाली और छठ पूजा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मध्यप्रदेश से 10 राज्यों के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की गई है। इन सेवाओं से प्रदेश के करीब 30 स्टेशन जुड़ेंगे और राजस्थान उत्तरप्रदेश बिहार झारखंड महाराष्ट्र तेलंगाना आंध्रप्रदेश तमिलनाडु हरियाणा तथा दिल्ली की कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा जोधपुर और चेन्नई के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन के 9-9 ट्रिप चलाए जाएंगे जो भोपाल मंडल के गुना बीना भोपाल और इटारसी से होकर गुजरेंगे।

    दूसरी ओर रेलवे के कुछ कामों के चलते यात्रियों को बदलाव का सामना भी करना पड़ेगा। बीना और आगासौद में यार्ड रीमॉडलिंग के कारण भोपाल मंडल से गुजरने वाली 20 यात्री ट्रेनें अलग अलग तारीखों में प्रभावित रहेंगी। अक्टूबर में कसारा क्षेत्र में रेल लाइन के काम के कारण भोपाल होकर चलने वाली 23 ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव रहेगा। वहीं 26 सितंबर से मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ एक्सप्रेस भोपाल स्टेशन के बजाय निशातपुरा स्टेशन पर ठहरेंगी।

    शहर में कला और संस्कृति से जुड़े आयोजन भी जारी हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में 30 सितंबर तक पुस्तक प्रदर्शनी चल रही है। भारत भवन में रूपाभ चित्र प्रदर्शनी 4 अक्टूबर तक जारी रहेगी जबकि मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में भील चित्रकार बाबू ताहेड़ के चित्रों की प्रदर्शनी 30 सितंबर तक देखी जा सकती है। गौहर महल में 11 अक्टूबर तक स्टेट हैंडलूम एक्सपो आयोजित किया जा रहा है जहां देश के अलग अलग राज्यों के हाथकरघा उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    युवाओं और विद्यार्थियों के लिए भी जरूरी अपडेट है। विकसित भारत चुनौती प्रतियोगिता के पहले चरण के डिजिटल क्विज के लिए 30 सितंबर तक माय भारत पोर्टल पर पंजीयन किया जा सकता है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों को देश के 22 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिलाने की योजना के तहत प्रस्ताव भी 30 सितंबर तक मांगे गए हैं।

  • BJP नेता की मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी, हादसे वाले पोल पर लगाया त्रिपाल, 500 मीटर इलाके में खुले तारों का जाल

    BJP नेता की मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी, हादसे वाले पोल पर लगाया त्रिपाल, 500 मीटर इलाके में खुले तारों का जाल


    भोपाल । भोपाल के एमपी नगर इलाके में डीबी मॉल के सामने करंट लगने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार रात हुए इस हादसे में दिव्यऋषि सड़क पार करने के बाद डिवाइडर के पास पहुंचे और जैसे ही उन्होंने बिजली के पोल को छुआ उन्हें जोरदार करंट लगा और वह जमीन पर गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    इस हादसे के बाद सामने आई जानकारी ने चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक इसी स्थान पर पिछले कुछ दिनों के दौरान सात से ज्यादा लोगों को करंट लग चुका था। वहीं नगर निगम का कहना है कि उसे इस पोल से जुड़ी किसी शिकायत की जानकारी नहीं मिली थी। दोनों विभागों के दावों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर लोगों को पहले भी करंट के झटके लग रहे थे तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग तक क्यों नहीं पहुंची और अगर शिकायत हुई थी तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

    मॉल के एक कर्मचारी दिनेश ने बताया कि अगस्त में उन्हें भी इसी जगह करंट लगा था। उनका कहना है कि वह स्मार्ट पार्किंग में बाइक खड़ी करने के बाद इसी रास्ते से आते जाते थे। करंट लगने के बाद उन्होंने इस रास्ते का इस्तेमाल करना बंद कर दिया। हालांकि उन्होंने इस घटना की शिकायत पुलिस या नगर निगम में नहीं की थी। उनके मुताबिक आसपास से गुजरने वाले लोगों के बीच भी इस पोल को लेकर खतरे की चर्चा होती थी।

    प्रत्यक्षदर्शी ऑटो चालक आशीष कुर्मी के मुताबिक दिव्यऋषि सड़क पार करके डिवाइडर की तरफ पहुंचे थे। पोल को छूते ही उन्हें करंट लगा और वह गिर पड़े। पीछे से आ रही एक महिला ने मदद करने की कोशिश की तो उसे भी करंट का झटका लगा और वह पीछे हट गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर प्राथमिक मदद दी और दिव्यऋषि को अस्पताल पहुंचाया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

    हादसे के बाद संबंधित पोल को त्रिपाल से ढक दिया गया है। उसके आसपास बैरिकेडिंग की गई और चेतावनी वाले पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि इलाके में आवाजाही को देखते हुए केवल बैरिकेडिंग और चेतावनी पोस्टर से सुरक्षा को लेकर सवाल खत्म नहीं होते। बिजली की सप्लाई वायरिंग कनेक्शन और अर्थिंग की जांच करना भी जरूरी माना जा रहा है।

    ग्राउंड पड़ताल में हादसे वाली जगह से करीब 500 मीटर के दायरे में कई स्ट्रीट लाइट पोल पर खुले तार और कनेक्शन दिखाई दिए। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं दूसरे पोल भी लोगों के लिए खतरा तो नहीं बने हुए हैं। खराब इंसुलेशन खुले कनेक्शन अर्थिंग की समस्या या बारिश के पानी के संपर्क जैसी वजहों से बिजली का करंट फैलने का खतरा हो सकता है।

    इस मामले में एमपी नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा है कि इलेक्ट्रिकल टीम को शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश हैं। हालांकि उनका कहना है कि हादसे से पहले संबंधित पोल को लेकर निगम के पास कोई शिकायत नहीं आई थी। अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि पोल में करंट कैसे आया और पहले किसी स्तर पर इसकी जानकारी थी या नहीं।