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  • मोहम्मद रफी की आवाज का ऐसा जादू, बिना इंटरनेट के 26 भाषाओं में गूंजे गीत और बनी विश्व पहचान

    मोहम्मद रफी की आवाज का ऐसा जादू, बिना इंटरनेट के 26 भाषाओं में गूंजे गीत और बनी विश्व पहचान

    नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत के महानतम पार्श्वगायकों में शामिल मोहम्मद रफी की आवाज का जादू आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में कायम है। जिस दौर में न इंटरनेट था, न सोशल मीडिया और न ही डिजिटल प्लेटफॉर्म, उस समय रफी साहब की आवाज सीमाओं को पार करते हुए दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी थी। 1940 के दशक में अपने गायन सफर की शुरुआत करने वाले मोहम्मद रफी ने कई दशकों तक भारतीय सिनेमा को अपनी सुरीली आवाज से समृद्ध किया और हर तरह के गीतों को अपनी गायकी से यादगार बना दिया।

    मोहम्मद रफी की खासियत यह थी कि वह हर भावना को अपनी आवाज में पूरी गहराई के साथ उतार देते थे। रोमांटिक गीतों से लेकर दर्द भरे नगमों, भजनों, कव्वालियों और देशभक्ति गीतों तक उन्होंने अपनी गायकी की अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज में ऐसी मिठास और भावनात्मक प्रभाव था कि हर उम्र के श्रोता उनसे जुड़ जाते थे। यही वजह है कि कई दशक गुजर जाने के बाद भी उनके गीतों की लोकप्रियता कम नहीं हुई है।

    रफी साहब की गायकी केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने करियर में करीब 26 भाषाओं में गीत रिकॉर्ड किए। इनमें हिंदी, उर्दू, पंजाबी, बंगाली, मराठी, गुजराती, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओड़िया जैसी भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी, फारसी, स्पेनिश, डच और क्रियोल जैसी विदेशी भाषाएं भी शामिल थीं। यह उपलब्धि उस समय और भी बड़ी मानी जाती है, जब तकनीक और संचार के साधन आज की तरह विकसित नहीं थे।

    उनकी विदेशी भाषाओं में रिकॉर्ड की गई कुछ प्रस्तुतियां हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों की धुनों पर आधारित थीं। फिल्म ‘गुमनाम’ के चर्चित गीत ‘हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं’ की धुन पर उन्होंने अंग्रेजी गीत भी रिकॉर्ड किया था। इसी तरह फिल्म ‘सूरज’ के सदाबहार गीत ‘बहारों फूल बरसाओ’ की धुन पर भी उन्होंने अंग्रेजी में गीत गाया था। यह दिखाता है कि उनकी आवाज की पहुंच केवल भारतीय श्रोताओं तक नहीं थी।

    मोहम्मद रफी से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि उन्होंने फिल्मों के अलावा विज्ञापनों के लिए भी अपनी आवाज दी थी। 1950 के दशक में उन्होंने बर्मा शेल ऑयल कंपनी के लिए एक जिंगल रिकॉर्ड किया था, जिसका इस्तेमाल रेडियो विज्ञापन के रूप में किया जाता था। उस समय रेडियो ही लोगों तक पहुंचने का सबसे बड़ा माध्यम था और रफी साहब की आवाज ने उस विज्ञापन को भी खास बना दिया था।

    इसके अलावा उन्होंने कुछ सरकारी अभियानों और अन्य विशेष परियोजनाओं के लिए भी अपनी आवाज का योगदान दिया। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी पहचान हमेशा भारतीय फिल्मों के उन हजारों गीतों से रही, जो आज भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।

    मोहम्मद रफी केवल एक गायक नहीं थे, बल्कि भारतीय संगीत की ऐसी विरासत हैं, जिसने भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पार किया। उनकी आवाज में मौजूद भावनाओं और सुरों की गहराई ने उन्हें दुनिया भर में सम्मान दिलाया। आज भी उनकी गायकी नई पीढ़ी को प्रेरित करती है और उनके गीत भारतीय संगीत इतिहास की अमूल्य धरोहर बने हुए हैं।

  • कोयला माफिया और अपराध की कहानी ने रचा इतिहास, गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 के कलाकारों को मिली नई पहचान

    कोयला माफिया और अपराध की कहानी ने रचा इतिहास, गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 के कलाकारों को मिली नई पहचान

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो रिलीज के लंबे समय बाद भी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखती हैं। अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है, जिसने अपराध, राजनीति और कोयला माफिया की पृष्ठभूमि पर बनी कहानी से हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। करीब 14 साल बाद भी यह फिल्म अपने किरदारों, संवादों और अनोखे अंदाज के कारण दर्शकों के बीच चर्चा में बनी हुई है।

    फिल्म का सबसे चर्चित किरदार फैजल खान रहा, जिसे अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाया था। यह किरदार उनके करियर का ऐसा मोड़ साबित हुआ जिसने उन्हें एक प्रतिभाशाली कलाकार से आगे बढ़ाकर देश के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल कर दिया। फैजल खान की शांत लेकिन प्रभावशाली शैली, उनकी नजरों का आत्मविश्वास और संवाद बोलने का अलग अंदाज दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।

    गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 की खासियत यह थी कि फिल्म ने अपराध की दुनिया को केवल हिंसा के रूप में नहीं दिखाया, बल्कि उसके पीछे की सामाजिक परिस्थितियों, पारिवारिक संघर्षों और सत्ता की राजनीति को भी सामने रखा। कोयला खदानों, स्थानीय वर्चस्व और पीढ़ियों से चले आ रहे संघर्षों की कहानी ने फिल्म को आम अपराध आधारित फिल्मों से अलग पहचान दी।

    नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फैजल खान के किरदार में जिस तरह की सहजता दिखाई, उसने अभिनय की नई मिसाल पेश की। उनके चेहरे के भाव, संवादों के बीच ठहराव और छोटे-छोटे हावभाव ने किरदार को बेहद वास्तविक बना दिया। फिल्म में उनका अभिनय इतना प्रभावशाली रहा कि फैजल खान आज भी हिंदी सिनेमा के यादगार किरदारों में गिना जाता है।

    इस फिल्म ने न सिर्फ नवाजुद्दीन सिद्दीकी को नई पहचान दी, बल्कि इसमें काम करने वाले कई कलाकारों के करियर को भी मजबूती मिली। फिल्म की कहानी, निर्देशन, अभिनय और प्रस्तुति की खूब प्रशंसा हुई। गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने फिल्मफेयर समेत कई पुरस्कारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और इसे आधुनिक भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल किया गया।

    फिल्म की सफलता के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता साबित की। उन्होंने द लंचबॉक्स, बदलापुर, मंटो, सीरियस मेन जैसी फिल्मों और कई वेब सीरीज में अपनी अलग छाप छोड़ी। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उन्होंने खुद को किसी एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं रखा और हर भूमिका में नई ऊर्जा दिखाई।

    एक ऐसे दौर में जब हिंदी सिनेमा में बड़े सितारों और भव्य प्रस्तुतियों का दबदबा था, गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने साबित किया कि मजबूत कहानी और दमदार अभिनय भी दर्शकों को आकर्षित कर सकते हैं। फिल्म ने छोटे शहरों की कहानियों और स्थानीय किरदारों को मुख्यधारा में जगह दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    14 साल बाद भी गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 का प्रभाव कम नहीं हुआ है। फैजल खान का किरदार आज भी सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच चर्चा में रहता है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी की यह भूमिका उनके अभिनय सफर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।

    भारतीय सिनेमा में ऐसी फिल्में कम बनती हैं जो समय बीतने के बाद भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखें। गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने न केवल अपराध और समाज की जटिलताओं को दिखाया, बल्कि यह भी साबित किया कि एक मजबूत किरदार किसी कलाकार के पूरे करियर की दिशा बदल सकता है।

  • प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन

    प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन


    नई दिल्ली ।
    दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद उनके जीवन से जुड़े कई पुराने किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक किस्सा अभिनेता सलमान खान के साथ उनकी गहरी दोस्ती का है। प्रदीप रावत ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि संघर्ष के दिनों में वह करीब छह महीने तक सलमान खान के घर रहे थे। उस दौरान दोनों के बीच बेहद मजबूत दोस्ती थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए खुद ही सलमान से दूरी बना ली थी।

    प्रदीप रावत ने बताया था कि उनकी और सलमान खान की दोस्ती फिल्म ‘बागी’ के दौरान शुरू हुई थी। शुरुआती मुलाकातों के बाद दोनों के बीच अच्छा तालमेल बन गया। दोनों को फिटनेस का शौक था और अक्सर साथ समय बिताते थे। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि सलमान खान उन्हें अपने घर से वापस जाने ही नहीं देते थे। वह वहीं रहते, खाना खाते, व्यायाम करते और कई बार साथ में सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते थे।

    उन्होंने बताया था कि उस दौर में सलमान खान ने उनका हर तरह से साथ दिया। बड़े आयोजनों में जाने के लिए यदि उनके पास उपयुक्त कपड़े नहीं होते थे तो उनकी भी व्यवस्था कराई जाती थी। प्रदीप रावत के अनुसार, सलमान खान हमेशा अपने दोस्तों का पूरा ध्यान रखते थे और जरूरत के समय बिना किसी संकोच के मदद करते थे। उन्होंने सलमान को बड़े दिल वाला और अपने लोगों का ख्याल रखने वाला इंसान बताया था।

    हालांकि कुछ समय बाद प्रदीप रावत ने महसूस किया कि वह इस आरामदायक जीवनशैली के अभ्यस्त होते जा रहे हैं। उन्हें लगा कि यदि वह इसी माहौल में लंबे समय तक रहे तो अपने व्यक्तिगत संघर्ष और करियर की दिशा से भटक सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने खुद को सलमान के करीब रहने वाले दायरे से अलग करने का फैसला किया और अपने अभिनय करियर पर पूरा ध्यान देना शुरू किया।

    कई वर्षों तक दोनों के बीच मुलाकात नहीं हुई। बाद में एक दिन सड़क पर अचानक दोनों आमने-सामने आ गए। प्रदीप रावत ने बताया था कि सलमान खान ने उन्हें देखते ही अपनी गाड़ी रोक दी और उनसे गले मिलकर पूछा कि वह इतने वर्षों से कहां थे। इस मुलाकात ने दोनों की पुरानी दोस्ती की यादें फिर ताजा कर दीं। प्रदीप के अनुसार, सलमान उनसे नाराज जरूर थे कि उन्होंने बिना बताए दूरी बना ली थी, लेकिन उनके व्यवहार में अपनापन पहले जैसा ही था।

    प्रदीप रावत ने अपने संघर्ष के दिनों का एक और प्रसंग साझा करते हुए बताया था कि जब वह बैंक में नौकरी करते थे, तब सलमान खान उनसे मिलने वहां भी पहुंच जाते थे और उनके काम खत्म होने तक बैठकर इंतजार करते थे। उन्होंने यह भी बताया था कि बाद में एक फिल्म के हिंदी संस्करण के लिए उन्होंने निर्देशक को सलमान खान के बजाय आमिर खान का नाम सुझाया था। उनके अनुसार, यह फैसला पूरी तरह पेशेवर सोच के आधार पर लिया गया था और इसका उनकी निजी दोस्ती से कोई संबंध नहीं था। आज प्रदीप रावत के निधन के बाद उनकी और सलमान खान की यह दोस्ती तथा उससे जुड़ी यादें एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

  • डिस्को किंग बप्पी लहरी की मौत का सच, अस्पताल से घर लौटने के बाद कैसे बिगड़ी तबीयत और क्या है स्लीप एपनिया

    डिस्को किंग बप्पी लहरी की मौत का सच, अस्पताल से घर लौटने के बाद कैसे बिगड़ी तबीयत और क्या है स्लीप एपनिया


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में डिस्को संगीत को नई पहचान देने वाले मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लहरी आज भी अपने सदाबहार गीतों की वजह से लोगों के दिलों में जिंदा हैं। वर्ष 2022 में उनका निधन संगीत प्रेमियों के लिए बड़ा झटका था। अस्पताल से घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और फिर उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाना पड़ा जहां डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनकी मौत के बाद ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया नाम की बीमारी एक बार फिर चर्चा में आई।

    बप्पी लहरी का जन्म 27 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ था। संगीत उन्हें विरासत में मिला था। बचपन से ही उन्होंने तबला बजाना सीख लिया और युवावस्था में संगीत की दुनिया में कदम रखा। सत्तर और अस्सी के दशक में उन्होंने बॉलीवुड को डिस्को संगीत का नया दौर दिया। डिस्को डांसर, शराबी, डांस डांस और नमक हलाल जैसी फिल्मों के गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

    अपने जीवन के अंतिम वर्षों में बप्पी लहरी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनका वजन अधिक था और इसी वजह से उन्हें ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या थी। इसके अलावा उन्हें सीने में संक्रमण भी हो गया था जिसके कारण जनवरी 2022 में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। करीब तीन सप्ताह तक इलाज चलने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और 14 फरवरी 2022 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    घर लौटने के बाद उन्होंने लंबे समय बाद परिवार के साथ समय बिताया। अगले दिन 15 फरवरी को दिनभर परिवार उनके साथ रहा। रात में उन्होंने परिवार के साथ भोजन किया लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें गंभीर हृदय संबंधी जटिलता हुई है। तमाम कोशिशों के बावजूद रात लगभग 11 बजकर 44 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी पहले से मौजूद ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं उनकी स्थिति को गंभीर बनाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल थीं।

    ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और सांस लेने का रास्ता बार बार बंद होने लगता है। इससे व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए रुक सकती है और फिर दोबारा शुरू होती है। पूरी रात यह प्रक्रिया कई बार दोहराई जा सकती है जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। लगातार खर्राटे आना, नींद के दौरान सांस रुकना, सुबह सिरदर्द होना, दिनभर थकान महसूस होना और अत्यधिक नींद आना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा, मोटी गर्दन, बढ़ती उम्र और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इस बीमारी का जोखिम बढ़ा सकती हैं। समय पर इलाज न होने पर हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, स्ट्रोक, अनियमित धड़कन और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक तेज खर्राटे, सांस रुकने या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

    बप्पी लहरी ने अपने संगीत से भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत दिए। उनकी जिंदगी यह भी याद दिलाती है कि गंभीर बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • रिलीज से पहले 'रामायण पार्ट 2' को लेकर बड़ा खुलासा, रणबीर बोले दूसरे भाग में बढ़ेगा हनुमान का दमदार रोल

    रिलीज से पहले 'रामायण पार्ट 2' को लेकर बड़ा खुलासा, रणबीर बोले दूसरे भाग में बढ़ेगा हनुमान का दमदार रोल


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। दो भागों में बनाई जा रही इस मेगा बजट फिल्म को लेकर अभिनेता रणबीर कपूर ने बड़ा अपडेट साझा किया है। उन्होंने बताया कि पहले भाग की रिलीज से पहले ही दूसरे भाग की लगभग आधी शूटिंग पूरी की जा चुकी है। इस खुलासे के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    रणबीर कपूर ने कहा कि फिल्म के दोनों भागों की तैयारी काफी पहले से योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। इसी वजह से पहले भाग के निर्माण के साथ-साथ दूसरे भाग की शूटिंग भी लगातार आगे बढ़ाई गई। उनका मानना है कि इससे फिल्म के दोनों भागों के बीच निरंतरता बनी रहेगी और दर्शकों को कहानी का बेहतर अनुभव मिलेगा।

    अभिनेता ने फिल्म में हनुमान के किरदार को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सनी देओल इस भूमिका में नजर आएंगे और दूसरे भाग में उनके किरदार का दायरा पहले भाग की तुलना में कहीं अधिक बड़ा होगा। पहले भाग में उनकी उपस्थिति सीमित रहेगी, जबकि दूसरे भाग में कहानी आगे बढ़ने के साथ हनुमान का किरदार अधिक प्रभावशाली रूप में दिखाई देगा।

    रणबीर कपूर ने यह भी कहा कि रामायण जैसी महान गाथा को केवल दो भागों में समेटना आसान नहीं है। उनके अनुसार इस महाकाव्य में इतने व्यापक प्रसंग और पात्र हैं कि इसे कई भागों में भी प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक और लेखन टीम की सराहना करते हुए कहा कि इतनी विशाल कथा को संतुलित रूप में प्रस्तुत करना बड़ी चुनौती रही है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म बनाते समय मूल कथा और उसके मूल भाव से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। पूरी टीम ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि कहानी की धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक गरिमा बनी रहे। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम केवल एक पौराणिक पात्र नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के लिए आदर्श, मर्यादा और जीवन मूल्यों के प्रतीक हैं।

    फिल्म में भगवान श्रीराम की भूमिका रणबीर कपूर निभा रहे हैं, जबकि माता सीता के किरदार में साई पल्लवी नजर आएंगी। रावण की भूमिका में अभिनेता यश दिखाई देंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान के किरदार में दर्शकों के सामने आएंगे। फिल्म की स्टार कास्ट और भव्य निर्माण इसे भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल कर रहा है।

    बताया जा रहा है कि फिल्म का निर्माण अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने पर तैयार किए गए सेट्स के साथ किया जा रहा है। निर्माताओं का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और रामायण की कथा को वैश्विक स्तर पर भव्य रूप में प्रस्तुत करना है। इसी कारण फिल्म के तकनीकी और दृश्य पक्ष पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    फिल्म का कुल बजट भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े बजट वाली परियोजनाओं में गिना जा रहा है। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेगी। अब पहले भाग की रिलीज से पहले दूसरे भाग की आधी शूटिंग पूरी होने की जानकारी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

  • जब महिलाओं की कहानियों ने रचा इतिहास, इन 6 फिल्मों ने कमाई के मामले में बनाए नए रिकॉर्ड

    जब महिलाओं की कहानियों ने रचा इतिहास, इन 6 फिल्मों ने कमाई के मामले में बनाए नए रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक यह धारणा रही कि बड़ी कमाई सिर्फ हीरो केंद्रित फिल्में ही कर सकती हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में महिला केंद्रित फिल्मों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। दमदार कहानी मजबूत अभिनय और भावनात्मक जुड़ाव के दम पर कई ऐसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की जिनकी पूरी कहानी महिला किरदारों के इर्दगिर्द घूमती है। इन फिल्मों ने न केवल दर्शकों का दिल जीता बल्कि कमाई के मामले में भी नए रिकॉर्ड बनाए।

    इस सूची में सबसे ऊपर साल 2017 में रिलीज हुई सीक्रेट सुपरस्टार का नाम आता है। आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म की कहानी एक ऐसी किशोरी की है जो गायिका बनने का सपना देखती है लेकिन पारिवारिक बंदिशों के कारण अपनी पहचान छिपाकर सोशल मीडिया के जरिए दुनिया तक पहुंचती है। बेहद सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 966 करोड़ रुपये का कारोबार कर सभी को चौंका दिया और महिला केंद्रित फिल्मों की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल हो गई।

    दूसरे स्थान पर स्त्री 2 है जिसने साल 2024 में रिलीज होकर बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन किया। हॉरर कॉमेडी शैली की इस फिल्म में श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। महिला शक्ति और मनोरंजन के अनोखे मिश्रण वाली इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 874 करोड़ रुपये का कारोबार किया और साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में जगह बनाई।

    संजय लीला भंसाली की भव्य फिल्म पद्मावत भी इस सूची में शामिल है। रानी पद्मावती के साहस और सम्मान की कहानी पर आधारित इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने मुख्य भूमिका निभाई थी। शानदार विजुअल्स और दमदार अभिनय से सजी इस फिल्म ने वैश्विक स्तर पर लगभग 572 करोड़ रुपये की कमाई की और दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल किया।

    विवादों के बावजूद द केरल स्टोरी ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म की कहानी और विषय को लेकर खूब बहस हुई लेकिन दर्शकों की दिलचस्पी ने इसे बड़ी सफलता दिलाई। इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 303 करोड़ रुपये का कारोबार किया और कम बजट की सबसे सफल फिल्मों में अपना नाम दर्ज कराया।

    कंगना रनौत और आर माधवन की तनु वेड्स मनु रिटर्न्स ने भी महिला केंद्रित फिल्मों की सफलता को नई ऊंचाई दी। कंगना ने फिल्म में दोहरी भूमिका निभाकर दर्शकों और समीक्षकों दोनों की तारीफ बटोरी। रोमांस और कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म ने वैश्विक स्तर पर 252 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की और सुपरहिट साबित हुई।

    आलिया भट्ट अभिनीत गंगूबाई काठियावाड़ी भी इस सूची की अहम फिल्म है। एक साधारण लड़की से प्रभावशाली महिला बनने की कहानी को संजय लीला भंसाली ने बड़े पर्दे पर शानदार अंदाज में पेश किया। आलिया के अभिनय को खूब सराहा गया और फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 211.5 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

    इन फिल्मों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि दर्शक अब केवल बड़े सितारों या एक्शन पर आधारित फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। मजबूत कहानी दमदार महिला किरदार और प्रभावशाली अभिनय वाली फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बना सकती हैं। यही वजह है कि बॉलीवुड में महिला केंद्रित फिल्मों का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में भी ऐसी कई कहानियां बड़े पर्दे पर देखने को मिल सकती हैं।

  • भाई सोहेल का हौसला बढ़ाते हुए छलका सलमान का दर्द, जेल के संघर्ष और कठिन जिंदगी का किया खुलासा

    भाई सोहेल का हौसला बढ़ाते हुए छलका सलमान का दर्द, जेल के संघर्ष और कठिन जिंदगी का किया खुलासा


    नई दिल्ली । रियलिटी शो अलायंस के नए एपिसोड में सलमान खान ने बतौर मेहमान पहुंचकर अपने भाई सोहेल खान का हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर में से एक यानी जेल में बिताए दिनों को याद किया। सलमान ने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों ने उन्हें जिंदगी की असली सीख दी और संघर्ष के समय इंसान को मजबूत बने रहना चाहिए। उनकी बातें सुनकर शो में मौजूद सभी कंटेस्टेंट भावुक हो गए।

    शो के प्रोमो में दिखाई देता है कि सोहेल खान सलमान से कहते हैं कि वह घर के माहौल में घबरा गए थे। इसके जवाब में सलमान ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई साल पहले जब वह जेल गए थे तब वहां की परिस्थितियां बेहद कठिन थीं। उन्होंने बताया कि छोटे से परिसर में 50 से 70 लोग एक साथ रहते थे और सभी के लिए सिर्फ एक ही बाथरूम था। भारतीय शैली के शौचालय की स्थिति बेहद खराब रहती थी और साफ सफाई की भी भारी कमी थी। सलमान ने कहा कि उन दिनों की याद आज भी उनके जेहन में ताजा है और वही अनुभव उन्हें हर कठिन परिस्थिति में संयम बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

    सलमान ने अपने भाई से कहा कि किसी भी मुश्किल समय में घबराने के बजाय धैर्य रखना सबसे जरूरी होता है। उन्होंने समझाया कि जीवन में आने वाली परेशानियां हमेशा नहीं रहतीं बल्कि इंसान को पहले से ज्यादा मजबूत बनाकर आगे बढ़ना सिखाती हैं। उनकी बातों से साफ झलक रहा था कि वह सोहेल को मानसिक रूप से मजबूत रहने का संदेश देना चाहते थे।

    प्रोमो में सलमान खान ने घर के अन्य प्रतियोगियों से भी खुलकर बातचीत की। उन्होंने बाली और वंशज के साथ हल्के फुल्के अंदाज में बातचीत कर माहौल को खुशनुमा बनाया। एक मौके पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में उम्र को लेकर टिप्पणी की जिससे घर के सदस्य हंस पड़े। वहीं मिनी माथुर से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पति और फिल्म निर्देशक कबीर खान का भी जिक्र किया। सलमान ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब उन्हें समझ में आया कि कबीर खान उनसे क्यों डरते हैं। इस मजाकिया बातचीत पर सभी प्रतियोगी ठहाके लगाते नजर आए।

    शो के दौरान सलमान ने सोहेल खान की निजी जिंदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोहेल हमेशा परिवार की जिम्मेदारियां निभाने की कोशिश करते रहे हैं और उन्होंने रिश्तों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। सलमान की यह बात सुनकर माहौल कुछ देर के लिए भावुक हो गया। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी रिश्ते में प्रयास और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है।

    अलायंस के इस एपिसोड का प्रोमो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी सलमान खान की खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने उनके संघर्ष के दिनों को याद करने की ईमानदारी की सराहना की है तो कई दर्शकों ने भाई के प्रति उनके समर्थन और भावनात्मक अंदाज की तारीफ की। सलमान का मानना है कि कठिन अनुभव इंसान को टूटने नहीं बल्कि और अधिक मजबूत बनने का मौका देते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अपने जीवन के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए सोहेल और बाकी प्रतियोगियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।

  • रश्मिका मंदाना को एक्शन सीन पड़ा भारी, गंभीर चोट के बाद मुश्किल हुआ चलना-फिरना

    रश्मिका मंदाना को एक्शन सीन पड़ा भारी, गंभीर चोट के बाद मुश्किल हुआ चलना-फिरना


    नई दिल्ली । साउथ और बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना इन दिनों गंभीर चोट के कारण आराम करने को मजबूर हैं। अपनी आगामी एक्शन फिल्म मायसा की शूटिंग के दौरान उन्हें ऐसी चोट लगी जिसने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी तक प्रभावित कर दी। लंबे समय तक सोशल मीडिया से दूर रहने के बाद रश्मिका ने खुद अपनी हेल्थ अपडेट साझा करते हुए बताया कि इस हादसे के बाद उनके लिए सामान्य रूप से चलना फिरना भी आसान नहीं रह गया है। अभिनेत्री ने कहा कि यह उनके करियर की सबसे कठिन और दर्दनाक चोटों में से एक है।

    रश्मिका ने बताया कि फिल्म के डांस और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान उनकी दाहिनी हिप का एक टेंडन अपनी जगह से अलग हो गया। हिप के दोनों तरफ चार चार टेंडन होते हैं जो शरीर के इस हिस्से को पैरों से जोड़ते हैं। इनमें से एक टेंडन के अलग हो जाने के कारण उन्हें पैर उठाने और सामान्य तरीके से चलने में परेशानी हो रही है। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें पूरी तरह आराम करने के लिए कहा गया है ताकि टेंडन दोबारा सही तरीके से जुड़ सके।

    अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में स्वीकार किया कि शुरुआत में वह अपनी चोट के बारे में किसी को बताना नहीं चाहती थीं लेकिन अब जब यह बात सामने आ ही गई है तो उन्होंने अपने प्रशंसकों को पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने लिखा कि यह पिछले कुछ समय में उनकी तीसरी बड़ी चोट है और अब उन्हें महसूस हो रहा है कि लगातार काम के दबाव में उन्होंने अपने शरीर को जरूरत से ज्यादा थका दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब वह अपने शरीर का पहले से ज्यादा ध्यान रखेंगी।

    रश्मिका ने यह भी कहा कि भगवान ने शायद उन्हें जबरदस्ती आराम करने का मौका दिया है क्योंकि वह खुद कभी काम से ब्रेक लेने के बारे में सोचती ही नहीं थीं। हालांकि दर्द जरूर है लेकिन वह मानसिक रूप से मजबूत हैं और जल्द स्वस्थ होकर वापसी करने का पूरा प्रयास कर रही हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों को भरोसा दिलाया कि वह सकारात्मक सोच के साथ रिकवरी पर ध्यान दे रही हैं।

    आराम के इन दिनों में रश्मिका अपना समय किताबें पढ़ने और पजल्स सुलझाने में बिता रही हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं बिना वर्कआउट के उनका वजन न बढ़ जाए। उन्होंने बताया कि वह रोजाना व्यायाम और दौड़ लगाकर खुद को फिट रखती थीं लेकिन अब कुछ समय तक यह सब संभव नहीं होगा। ऐसे में उन्हें सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि मीठा खाने की उनकी आदत और बढ़ सकती है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो रश्मिका हाल ही में फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आई थीं। अब उनके प्रशंसक उनकी आगामी फिल्म रणबाली का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसमें वह विजय देवरकोंडा के साथ दिखाई देंगी। शादी के बाद दोनों पहली बार किसी फिल्म में साथ नजर आएंगे जिससे दर्शकों में इस फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है। फिलहाल रश्मिका का पूरा ध्यान अपनी सेहत पर है और उनके चाहने वाले जल्द स्वस्थ होकर पर्दे पर वापसी की दुआ कर रहे हैं।

  • उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा की सीक्रेट शादी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार का दावा, बॉलीवुड में मची हलचल

    उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा की सीक्रेट शादी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार का दावा, बॉलीवुड में मची हलचल

    नई दिल्ली । हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले चर्चित फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा और लोकप्रिय अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। 90 के दशक में दोनों के रिश्तों और डेटिंग को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ती रही हैं, लेकिन हाल ही में एक वरिष्ठ फिल्म पत्रकार के दावे ने इस पुराने मामले को फिर से तरोताजा कर दिया है।

    एक टॉक शो के दौरान वरिष्ठ पत्रकार ने दावा किया कि राम गोपाल वर्मा और उर्मिला मातोंडकर ने एक समय गुप्त रूप से विवाह रचा लिया था। उनके अनुसार, उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी दक्षिण भारतीय फिल्मों के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी के माध्यम से मिली थी। पत्रकार ने बताया कि चिरंजीवी ने उनसे बातचीत के दौरान आंध्र प्रदेश के एक मंदिर में हुई इस गुप्त शादी का जिक्र किया था और इस बात की पुष्टि के लिए प्रमाण भी साझा किए थे।

    पत्रकार के मुताबिक, इस खबर की सच्चाई जानने के लिए उन्होंने उस दौरान अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर और निर्देशक राम गोपाल वर्मा दोनों से संपर्क किया था। हालांकि, उर्मिला ने इन बातों पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी, जबकि निर्देशक ने इस पूरे विषय पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। दोनों कलाकारों ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस प्रकार के दावों को स्वीकार नहीं किया।

    इसके अलावा, रिपोर्ट में दोनों के बीच दूरियां आने का कारण भी बताया गया है। कहा गया कि अभिनेत्री इस रिश्ते को कानूनी तौर पर आधिकारिक दर्जा देना चाहती थीं, जबकि निर्देशक इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी वैचारिक मतभेद के कारण दोनों ने आखिरकार अपने रास्ते अलग कर लिए और अपने-अपने पेशेवर करियर पर ध्यान केंद्रित किया।

    उर्मिला मातोंडकर और राम गोपाल वर्मा ने 90 के दशक में ‘रंगीला’, ‘सत्या’ और ‘कौन’ जैसी कई सुपरहिट और यादगार फिल्मों में एक साथ काम किया है। इन फिल्मों ने भारतीय सिनेमा में नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। सालों बाद सामने आए इस नए दावे ने एक बार फिर बी-टाउन के गलियारों में पुरानी यादों और चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

  • नीरज पांडे के निर्देशन में बनने वाली फिल्म में पांचवीं बार जुड़े अक्षय कुमार, आरडी बर्मन के किरदार में दिखेंगे फरहान

    नीरज पांडे के निर्देशन में बनने वाली फिल्म में पांचवीं बार जुड़े अक्षय कुमार, आरडी बर्मन के किरदार में दिखेंगे फरहान


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा जगत के मशहूर खिलाड़ी अभिनेता अक्षय कुमार और जाने-माने निर्देशक नीरज पांडे एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक साथ वापसी करने जा रहे हैं। दोनों दिग्गज कलाकारों की यह जोड़ी लगभग एक दशक बाद एक बेहद खास प्रोजेक्ट के लिए हाथ मिला रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बहुप्रतीक्षित फिल्म महान भारतीय संगीतकार आरडी बर्मन के जीवन पर आधारित एक संगीतमय बायोपिक होगी।

    इस महत्वाकांक्षी फिल्म में बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता और निर्देशक फरहान अख्तर, आरडी बर्मन की मुख्य भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। वहीं, अक्षय कुमार इस फिल्म में एक विशेष और महत्वपूर्ण अतिथि भूमिका (कैमियो) में दिखाई देंगे। यद्यपि फिल्म में अक्षय की भूमिका समय के हिसाब से छोटी होगी, लेकिन कहानी और पटकथा के मोड़ को देखते हुए उनके चरित्र का विशेष महत्व बताया जा रहा है।

    अक्षय कुमार और नीरज पांडे की जोड़ी ने इससे पहले कई सफल और चर्चित फिल्मों में एक साथ काम किया है। यही कारण है कि निर्देशक के केवल एक प्रस्ताव पर ही अभिनेता ने इस विशेष भूमिका को स्वीकार कर लिया। इस बायोपिक का निर्माण नीरज पांडे के साथ फरहान अख्तर की निर्माण संस्था मिलकर कर रही है। वर्तमान में फिल्म अपने प्री-प्रोडक्शन चरण में है और संगीत निर्माण पर जोर-शोर से काम चल रहा है, ताकि कालजयी संगीतमय धुनों को नए रूप में पेश किया जा सके।

    फिल्म की मुख्य फोटोग्राफी और शूटिंग आगामी सितंबर माह से शुरू होने की संभावना है। वहीं, अक्षय कुमार के काम की बात करें तो वे हाल ही में कई बड़े सिनेमा प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं। उनकी आगामी फिल्मों में हॉरर-कॉमेडी और एक्शन से भरपूर फिल्में शामिल हैं, जिनमें वे अपने पुराने सह-कलाकारों के साथ फिर से स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे।

    सिनेमा प्रेमियों के लिए यह खबर काफी उत्साहजनक है, क्योंकि नीरज पांडे और अक्षय कुमार के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए इस नई संगीतमय यात्रा से भी बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। आरडी बर्मन के दौर और उनके संगीतमय सफर को बड़े पर्दे पर देखना हिंदी फिल्म दर्शकों के लिए एक बेहद यादगार अनुभव साबित हो सकता है।