Tag: Bollywood

  • पोस्टर ही बेच देता है फिल्म, जानिए दुनिया भर के मूवी पोस्टरों के पीछे छिपे 6 सीक्रेट फॉर्मूले

    पोस्टर ही बेच देता है फिल्म, जानिए दुनिया भर के मूवी पोस्टरों के पीछे छिपे 6 सीक्रेट फॉर्मूले


    नई दिल्ली। किसी भी फिल्म का पोस्टर उसकी पहली पहचान होता है। दर्शक फिल्म देखने जाए या नहीं इसका फैसला कई बार ट्रेलर से पहले पोस्टर ही कर देता है। यही वजह है कि आज फिल्म पोस्टर डिजाइनिंग अपने आप में एक अलग कला और विज्ञान बन चुकी है। आधुनिक तकनीक और एडवांस ग्राफिक्स के दौर में भले ही पोस्टर पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक नजर आते हों लेकिन हैरानी की बात यह है कि दुनिया भर में बनने वाले ज्यादातर फिल्म पोस्टर आज भी केवल छह मूल डिजाइन फॉर्मूलों पर आधारित होते हैं।

    एक समय था जब फिल्मी पोस्टर हाथों से बनाए जाते थे। कलाकार कैनवास पर पूरी फिल्म की झलक उकेरते थे और फिर उनमें रंग भरकर उन्हें जीवंत बनाया जाता था। उस दौर में एक पोस्टर तैयार करने में कई दिन लग जाते थे। समय बदला तो कंप्यूटर और डिजाइन सॉफ्टवेयर ने यह काम आसान बना दिया लेकिन पोस्टर बनाने के मूल सिद्धांत आज भी लगभग वही हैं।

    भारत के चर्चित पोस्टर डिजाइनर और मार्चिंग एंट्स एडवर्टाइजिंग के क्रिएटिव हेड राज खत्री के अनुसार दुनिया भर के फिल्म पोस्टरों को मुख्य रूप से छह श्रेणियों में बांटा जा सकता है। उन्होंने बाहुबली उरी द सर्जिकल स्ट्राइक अंधाधुन एमएस धोनी और धुरंधर जैसी फिल्मों के पोस्टर डिजाइन किए हैं।

    पहला और सबसे लोकप्रिय तरीका होता है फिल्म के मुख्य किरदार को पोस्टर का केंद्र बनाना। इसमें पूरी कहानी का प्रतिनिधित्व हीरो या मुख्य पात्र करता है। पोस्टर देखते ही दर्शक उस किरदार से जुड़ जाता है। बाहुबली और एमएस धोनी जैसी फिल्मों में इसी रणनीति का इस्तेमाल किया गया था।

    दूसरा तरीका फिल्म के किसी प्रतीक चिन्ह लोगो या आइकन के जरिए पूरी कहानी का संकेत देना होता है। इस तरह के पोस्टर में कलाकारों की बजाय किसी खास निशान या डिजाइन के जरिए फिल्म का विषय सामने रखा जाता है। कई बार सिर्फ एक प्रतीक ही पूरी फिल्म की पहचान बन जाता है।

    तीसरा तरीका शब्दों या संवादों को पोस्टर का सबसे बड़ा आकर्षण बनाना है। इसमें किसी दमदार डायलॉग किसी खास शब्द या किसी संख्या को इस तरह पेश किया जाता है कि वही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दे और फिल्म के प्रति दिलचस्पी पैदा कर दे।

    चौथा तरीका जिसे डिजाइन की भाषा में किचन सिंक कहा जाता है भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसमें फिल्म के लगभग सभी प्रमुख किरदारों को एक ही पोस्टर में दिखाया जाता है। साथ ही कहानी से जुड़े हथियार लोकेशन या अन्य महत्वपूर्ण तत्व भी शामिल कर दिए जाते हैं ताकि दर्शकों को पूरी फिल्म का व्यापक अंदाजा मिल सके।

    पांचवां तरीका पूरी तरह स्टार पावर पर आधारित होता है। इसमें कहानी या अन्य किरदारों की बजाय सिर्फ बड़े सितारे को सबसे प्रमुख स्थान दिया जाता है। पोस्टर का उद्देश्य केवल अभिनेता की लोकप्रियता के दम पर दर्शकों को सिनेमाघर तक लाना होता है। बड़े सुपरस्टार्स की फिल्मों में यह तरीका अक्सर देखने को मिलता है।

    छठा और अंतिम तरीका फिल्म के किसी यादगार दृश्य को पोस्टर में बदलना होता है। इसमें फिल्म के सबसे प्रभावशाली सीन को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि वही फिल्म की पहचान बन जाए और दर्शकों के मन में उत्सुकता पैदा करे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म का पोस्टर केवल प्रचार का माध्यम नहीं बल्कि पूरी मार्केटिंग रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। एक प्रभावशाली पोस्टर दर्शकों की जिज्ञासा बढ़ाता है सोशल मीडिया पर चर्चा पैदा करता है और कई बार फिल्म की सफलता की मजबूत नींव भी तैयार कर देता है। यही वजह है कि तकनीक बदलने के बावजूद दुनिया भर के पोस्टर डिजाइनर आज भी इन्हीं छह सिद्धांतों को आधार बनाकर नई फिल्मों के लिए आकर्षक और यादगार पोस्टर तैयार करते हैं।

  • सलमान खान का संजय दत्त के लिए खास पोस्ट, 'आई लव यू बाबा' लिख शेयर की इमोशनल फोटो

    सलमान खान का संजय दत्त के लिए खास पोस्ट, 'आई लव यू बाबा' लिख शेयर की इमोशनल फोटो


    नई दिल्ली।  बॉलीवुड में दोस्ती की कई मिसालें देखने को मिलती हैं, लेकिन सलमान खान और संजय दत्त की दोस्ती हमेशा सबसे खास रिश्तों में गिनी जाती है। दोनों सितारे वर्षों से एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी रहे हैं और कई मौकों पर एक-दूसरे के लिए खुलकर अपना सम्मान और स्नेह जाहिर करते रहे हैं। एक बार फिर यही गहरा रिश्ता उस समय चर्चा में आ गया, जब सलमान खान ने सोशल मीडिया पर संजय दत्त के साथ एक भावुक तस्वीर साझा करते हुए दिल छू लेने वाला संदेश लिखा।

    शुक्रवार देर रात साझा की गई इस तस्वीर में सलमान खान और संजय दत्त एक-दूसरे को गले लगाए नजर आ रहे हैं। तस्वीर में दोनों के चेहरे पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहे, लेकिन उनके बीच का अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव साफ महसूस किया जा सकता है। इस तस्वीर के साथ सलमान ने ऐसा संदेश लिखा जिसने उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया।

    सलमान खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि “बाबा हमेशा के लिए बाबा हैं। बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा हैं। हम सबके बाबा और अब अपने बच्चों के भी बाबा हैं। मेरे बड़े भाई संजय दत्त को अल्लाह, भगवान और जीसस हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।” सलमान के इस संदेश में दोस्ती के साथ-साथ सम्मान, अपनापन और दुआओं का भाव भी साफ नजर आया।

    सलमान और संजय दत्त की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। फैंस ने दोनों की दोस्ती की जमकर तारीफ की और कमेंट सेक्शन में उन्हें बॉलीवुड की सबसे मजबूत दोस्ती बताया। कई प्रशंसकों ने लिखा कि फिल्म इंडस्ट्री में बदलते रिश्तों के बीच सलमान और संजय की दोस्ती आज भी पहले जैसी मजबूत बनी हुई है। वहीं कुछ लोगों ने इसे “भाईचारे की सबसे खूबसूरत तस्वीर” करार दिया।

    इस तस्वीर में दोनों कलाकारों का सिंपल लुक भी लोगों को पसंद आया। सलमान खान टी-शर्ट और जींस में नजर आए, जबकि उन्होंने अपनी नई हेयरस्टाइल को कैप से ढक रखा था। दूसरी ओर संजय दत्त भी साधारण शर्ट और जींस में दिखाई दिए। बिना किसी दिखावे के दोनों की यह तस्वीर उनके रिश्ते की सादगी और मजबूती को बयां करती नजर आई।

    सलमान खान और संजय दत्त कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं और ऑफ स्क्रीन भी दोनों की अच्छी बॉन्डिंग रही है। दोनों कलाकार अक्सर एक-दूसरे के बारे में सम्मान से बात करते हैं और मुश्किल समय में भी एक-दूसरे के साथ खड़े दिखाई दिए हैं। यही वजह है कि उनकी दोस्ती को बॉलीवुड की सबसे चर्चित और मजबूत दोस्तियों में गिना जाता है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान जल्द ही अपनी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में वह एक आर्मी ऑफिसर की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में हैं। वहीं संजय दत्त भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं और लगातार अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभा रहे हैं।

    सलमान खान की यह पोस्ट सिर्फ एक तस्वीर नहीं बल्कि दो दिग्गज सितारों की वर्षों पुरानी दोस्ती, भरोसे और सम्मान का खूबसूरत उदाहरण बन गई है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और फैंस इसे बॉलीवुड की सबसे दिल छू लेने वाली तस्वीरों में से एक बता रहे हैं।

  • 'रामायण' का ट्रेलर बना ग्लोबल सेंसेशन, पाकिस्तानी यूट्यूबर्स बोले- साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर

    'रामायण' का ट्रेलर बना ग्लोबल सेंसेशन, पाकिस्तानी यूट्यूबर्स बोले- साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर साई पल्लवी और यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। भारत में दर्शकों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी इस ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है। कई पाकिस्तानी यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने फिल्म के ट्रेलर पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा की हैं और इसकी भव्यता विजुअल इफेक्ट्स तथा कलाकारों के अभिनय की खुलकर सराहना की है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई रिएक्शन वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं जिनमें फिल्म को बड़े पर्दे का शानदार अनुभव बताया जा रहा है।

    पाकिस्तान की चर्चित कंटेंट क्रिएटर माविया उमर फारूकी ने ट्रेलर देखने के बाद कहा कि फिल्म का हर दृश्य बेहद शानदार दिखाई देता है और इसे बनाने में बड़े स्तर पर मेहनत की गई है। उनके अनुसार विजुअल इफेक्ट्स अंतरराष्ट्रीय स्तर के नजर आते हैं और पूरी फिल्म का प्रस्तुतिकरण काफी भव्य महसूस होता है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेलर देखकर साफ लगता है कि निर्माताओं ने किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया है।

    माविया ने विशेष रूप से रणबीर कपूर और यश की स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की। उनके अनुसार दोनों कलाकार अपने किरदारों में प्रभावशाली दिखाई देते हैं और ट्रेलर का हर दृश्य दर्शकों को बांधे रखने में सफल रहता है। उन्होंने कैमरा वर्क बैकग्राउंड डिजाइन और एक्शन सीक्वेंस को भी फिल्म की बड़ी ताकत बताया। उनका मानना है कि बड़े पर्दे पर यह फिल्म दर्शकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो सकती है।

    एक अन्य पाकिस्तानी यूट्यूबर हसनात खान ने भी ट्रेलर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विशेष रूप से रावण के किरदार और उसके प्रस्तुतीकरण की सराहना की। उनके अनुसार फिल्म में दिखाए गए युद्ध दृश्य एक्शन और ग्राफिक्स बेहद प्रभावशाली हैं। ट्रेलर देखते समय उन्होंने कई बार इसकी भव्यता की प्रशंसा की और कहा कि फिल्म तकनीकी रूप से काफी मजबूत दिखाई देती है।

    रिएक्शन बाय सुलेमान नामक यूट्यूब चैनल ने भी फिल्म के ट्रेलर की तारीफ करते हुए कहा कि रणबीर कपूर और यश की स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ती है। उन्होंने साई पल्लवी के सीता रूप की भी सराहना की और कहा कि उनका शांत और गरिमामय व्यक्तित्व इस किरदार के अनुरूप दिखाई देता है। उनका अनुमान है कि फिल्म रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल कर सकती है।

    ईमान मोअज्जम एंटरटेनमेंट नाम के एक अन्य चैनल ने भी फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक स्पेशल इफेक्ट्स और पारंपरिक प्रस्तुति की प्रशंसा की। उनका कहना था कि पौराणिक कथा को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास आकर्षक लगता है और इससे नई पीढ़ी भी इस कहानी से जुड़ सकती है।

    हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आए ये रिएक्शन अलग अलग कंटेंट क्रिएटर्स की व्यक्तिगत राय हैं और इन्हें दर्शकों की व्यापक प्रतिक्रिया नहीं माना जा सकता। फिल्म की वास्तविक सफलता का आकलन इसकी रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से ही होगा।

    रामायण दिवाली 2026 के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। भव्य स्टारकास्ट आधुनिक तकनीक और पौराणिक कथा के संयोजन के कारण यह फिल्म पहले ही चर्चा का केंद्र बन चुकी है। अब सभी की नजर इसकी रिलीज और दर्शकों की अंतिम प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।

  • रामायणम् ट्रेलर में नहीं दिखे हनुमान, सनी देओल ने खुद बताई वजह, बोले- किरदार निभाने के लिए अभी बाकी है लंबा सफर

    रामायणम् ट्रेलर में नहीं दिखे हनुमान, सनी देओल ने खुद बताई वजह, बोले- किरदार निभाने के लिए अभी बाकी है लंबा सफर

    नई दिल्ली । बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायणम् का ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्साह बढ़ गया है। नितेश तिवारी के निर्देशन और नमित मल्होत्रा के निर्माण में बन रही इस फिल्म में भारतीय पौराणिक कथा को बड़े स्तर पर पेश करने की तैयारी की जा रही है। ट्रेलर में भगवान राम, माता सीता और रावण समेत कई प्रमुख किरदारों की झलक दिखाई गई, लेकिन राम भक्त हनुमान के किरदार में नजर आने वाले सनी देओल की अनुपस्थिति ने दर्शकों का ध्यान खींच लिया।

    ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर कई प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि आखिर हनुमान के महत्वपूर्ण किरदार को दिखाया क्यों नहीं गया। फिल्म में हनुमान की भूमिका सनी देओल निभा रहे हैं, लेकिन ट्रेलर के चार मिनट से ज्यादा लंबे वीडियो में उनकी कोई झलक नहीं दिखाई गई। हालांकि इसके पीछे की वजह खुद सनी देओल पहले ही बता चुके हैं।

    ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान सनी देओल ने हनुमान के किरदार को लेकर अपनी तैयारी और अनुभव के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अभी तक फिल्म के लिए बहुत कम काम किया है और इस किरदार के लिए अभी काफी लंबा सफर तय करना बाकी है। अभिनेता ने यह भी कहा था कि हनुमान जी का किरदार निभाना उनके लिए सम्मान की बात है और इसे निभाना आसान नहीं होगा।

    सनी देओल ने बताया था कि हनुमान का व्यक्तित्व बेहद खास है। वह एक साथ सरल, मासूम, शक्तिशाली और समर्पित चरित्र हैं। ऐसे किरदार को पर्दे पर सही तरीके से प्रस्तुत करना बड़ी जिम्मेदारी है। अभिनेता ने इस भूमिका के अवसर के लिए आभार भी जताया था और कहा था कि यह उनके करियर का एक अलग और यादगार अनुभव हो सकता है।

    रामायणम् के ट्रेलर में भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर, माता सीता के रूप में साई पल्लवी और रावण के रूप में यश दिखाई दिए। इसके अलावा अरुण गोविल, लारा दत्ता, रवि दुबे, रकुल प्रीत सिंह और विवेक ओबेरॉय जैसे कलाकारों की झलक भी देखने को मिली। ट्रेलर की शुरुआत रावण के प्रभावशाली किरदार से होती है, जिसमें उसकी शक्ति और साम्राज्य को दिखाया गया है।

    फिल्म की कहानी भारतीय महाकाव्य रामायण पर आधारित है, जिसे आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। फिल्म का संगीत एआर रहमान और हांस जिमर तैयार कर रहे हैं। रामायणम् को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला भाग दीपावली 2026 और दूसरा भाग दीपावली 2027 में दर्शकों के सामने आने की योजना है।

    4000 करोड़ रुपये के बड़े बजट वाली इस फिल्म को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। निर्माताओं की कोशिश है कि फिल्म के हर किरदार को प्रभावशाली तरीके से पेश किया जाए। यही वजह है कि हनुमान जैसे महत्वपूर्ण पात्र को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।

    सनी देओल की लोकप्रियता और उनके दमदार अभिनय को देखते हुए दर्शकों को अब फिल्म में उनके हनुमान रूप की पहली झलक का इंतजार है। हालांकि ट्रेलर में उनकी अनुपस्थिति ने उत्सुकता बढ़ा दी है और आने वाले समय में उनके किरदार को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • रणबीर कपूर की ‘रामायणम्’ में रावण की मां कैकसी बनीं शोभना, 56 साल की एक्ट्रेस का रजनीकांत से है खास कनेक्शन

    रणबीर कपूर की ‘रामायणम्’ में रावण की मां कैकसी बनीं शोभना, 56 साल की एक्ट्रेस का रजनीकांत से है खास कनेक्शन

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो चुकी निर्देशक नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म के ट्रेलर में भगवान श्रीराम, माता सीता, रावण और अन्य प्रमुख किरदारों की झलक देखने के बाद अब एक और किरदार ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह किरदार है रावण की मां कैकसी का, जिसे मशहूर अभिनेत्री शोभना निभा रही हैं।

    फिल्म में रावण का किरदार अभिनेता यश निभा रहे हैं, जबकि उनकी मां कैकसी के रूप में शोभना नजर आएंगी। खास बात यह है कि पर्दे पर मां-बेटे का रिश्ता निभाने वाले दोनों कलाकारों की वास्तविक उम्र में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। शोभना की उम्र 56 साल है, जबकि यश 40 साल के हैं। दोनों कलाकारों के बीच करीब 16 साल का अंतर है, लेकिन अपने अभिनय और लुक के जरिए शोभना ने कैकसी के किरदार को प्रभावशाली बना दिया है।

    रामायण की कथा में कैकसी राक्षस कुल से संबंध रखने वाली महत्वपूर्ण पात्र थीं। वह लंकापति रावण की माता थीं और कथा में उनका किरदार काफी अहम माना जाता है। ‘रामायणम्’ में इस भूमिका के लिए शोभना का चयन किया गया है, जिसकी झलक ट्रेलर में देखने के बाद दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।

    शोभना भारतीय सिनेमा की अनुभवी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्होंने मलयालम, तमिल, तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और अंग्रेजी फिल्मों में काम किया है। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए हैं और अपनी शानदार अभिनय क्षमता के लिए जानी जाती हैं।

    शोभना का सुपरस्टार रजनीकांत के साथ भी खास जुड़ाव रहा है। उन्होंने रजनीकांत के साथ साल 1989 में आई फिल्म ‘शिवा’ और 1991 में रिलीज हुई ‘थलापति’ में काम किया था। दोनों फिल्मों में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। इसके अलावा वह रजनीकांत की फिल्म ‘कोचादाइयां’ में भी नजर आ चुकी हैं।

    ‘रामायणम्’ को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बताया जा रहा है। फिल्म का बजट करीब 4000 करोड़ रुपये होने की चर्चा है। इस भव्य परियोजना में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। वहीं यश को रावण की भूमिका में प्रस्तुत किया गया है।

    फिल्म में अरुण गोविल राजा दशरथ, लारा दत्ता महारानी कैकई, शीबा चड्ढा मंथरा और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे। बड़े कलाकारों की मौजूदगी और विशाल स्तर पर तैयार किए जा रहे सेट के कारण यह फिल्म रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है।

    ‘रामायणम्’ को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। फिल्म का पहला भाग दीपावली 2026 के मौके पर रिलीज किया जाएगा, जबकि दूसरा भाग दीपावली 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। फिल्म की कहानी, कलाकारों के किरदार और भव्य प्रस्तुति को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • बॉलीवुड गलियारों के कथित सीक्रेट रिलेशनशिप पर नया खुलासा, इंटरव्यू के इंतजार के दौरान वैनिटी से बाहर निकली थीं अभिनेत्री।

    बॉलीवुड गलियारों के कथित सीक्रेट रिलेशनशिप पर नया खुलासा, इंटरव्यू के इंतजार के दौरान वैनिटी से बाहर निकली थीं अभिनेत्री।

    नई दिल्ली। बॉलीवुड उद्योग में सितारों के व्यक्तिगत जीवन और आपसी संबंधों को लेकर चर्चाएं अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। इसी क्रम में अभिनेता सनी देओल और अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया के कथित संबंधों को लेकर एक बार फिर नई चर्चा शुरू हो गई है। फिल्म उद्योग में दशकों से चल रही इन अफवाहों के बीच वरिष्ठ फिल्म पत्रकार ज्योति वेंकटेश ने एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए इस विषय पर बड़ा दावा किया है, जिससे सिनेमा जगत के गलियारों में पुरानी यादें और अटकलें फिर से ताजा हो गई हैं।

    वरिष्ठ पत्रकार ने एक हालिया साक्षात्कार में दावा किया कि फिल्म उद्योग में कई ऐसे संबंध होते हैं, जिनकी जानकारी लगभग सभी को होती है लेकिन उन पर सार्वजनिक रूप से कम ही बात की जाती है। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सालों पहले वह अभिनेता सनी देओल का साक्षात्कार लेने के लिए मुंबई स्थित प्रसिद्ध कमालिस्तान स्टूडियो पहुंचे थे। जब वे निर्धारित बातचीत के लिए अभिनेता की वैनिटी वैन की ओर बढ़े, तो वहां मौजूद निजी कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया और थोड़ा इंतजार करने का अनुरोध किया।

    पत्रकार के अनुसार, लगभग आधे घंटे के लंबे इंतजार के बाद अभिनेता स्वयं वैनिटी वैन से बाहर आए और विलंब के लिए शिष्टाचारपूर्वक खेद व्यक्त किया। हालांकि, साक्षात्कार शुरू होने से ठीक पहले जो दृश्य देखने को मिला, वह काफी चौंकाने वाला था। पत्रकार ने दावा किया कि उसी वैनिटी वैन का दरवाजा दोबारा खुला और उसमें से प्रसिद्ध अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया बाहर निकलीं। अभिनेत्री ने वहां मौजूद पत्रकार को देखकर औपचारिक अभिवादन किया और फिर वहां से चली गईं, जिसके बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

    इस पूरी घटना के बाद जब पत्रकार ने वैनिटी वैन के भीतर जाकर अभिनेता से मुलाकात की, तो माहौल को सहज बनाने का प्रयास किया गया। पत्रकार का कहना है कि अभिनेता ने इस मुलाकात को पूरी तरह व्यावसायिक बताते हुए स्पष्ट किया कि वे दोनों किसी आगामी प्रोजेक्ट की पटकथा पर चर्चा कर रहे थे। हालांकि, इस घटना के बाद से ही दोनों कलाकारों के बीच के समीकरणों को लेकर उद्योग के भीतर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे, जो समय-समय पर मीडिया की सुर्खियों का हिस्सा बनते रहे हैं।

    बॉलीवुड के इतिहास में ऐसे कई किस्से दर्ज हैं जो पर्दे के पीछे की कहानियों को सामने लाते हैं। दोनों कलाकारों ने हमेशा अपने निजी जीवन को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखने की कोशिश की है और इन दावों पर कभी सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, दशकों पुराने इस वाकये के सार्वजनिक मंच पर आने के बाद एक बार फिर मनोरंजन जगत में दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

  • 'टॉक्सिक' को लेकर कियारा आडवाणी का बड़ा बयान, बोलीं- यह किरदार मुझे पूरी तरह बदल गया

    'टॉक्सिक' को लेकर कियारा आडवाणी का बड़ा बयान, बोलीं- यह किरदार मुझे पूरी तरह बदल गया


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स में नजर आने वाली हैं। फिल्म के टीजर, पोस्टर और अब तक सामने आए प्रमोशनल मटेरियल में कियारा का पहले से बिल्कुल अलग और बोल्ड अंदाज देखने को मिला है। इसे उनके करियर की सबसे बोल्ड फिल्म माना जा रहा है। हालांकि अभिनेत्री का कहना है कि उन्होंने यह फिल्म बोल्ड दृश्यों की वजह से नहीं बल्कि अपने किरदार की गहराई और चुनौती के कारण स्वीकार की।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कियारा आडवाणी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी तो वह अपने किरदार से तुरंत जुड़ गईं। उनके मुताबिक इस भूमिका में एक कलाकार के लिए वह सब कुछ मौजूद था जिसकी तलाश हर अभिनेता करता है। उन्होंने कहा कि अब वह अपने करियर के ऐसे मुकाम पर हैं जहां उन्हें इस तरह के जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने का आत्मविश्वास है।

    कियारा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी महिला किरदार को केवल पारंपरिक सोच या तय दायरे में सीमित देखना पसंद नहीं करतीं। उनका मानना है कि महिलाएं बहुआयामी व्यक्तित्व रखती हैं और फिल्मों में भी उनके किरदार उतने ही मजबूत, वास्तविक और जटिल होने चाहिए। अभिनेत्री के अनुसार वह ऐसे किरदार चुनना चाहती हैं जो दर्शकों को कुछ नया देखने का अवसर दें और उनके अभिनय की नई परतें सामने लाएं।

    फिल्म के शुरुआती प्रोमो और गानों में यश और कियारा के बीच कई इंटीमेट और रोमांटिक दृश्य देखने को मिले हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। कुछ लोगों ने इन दृश्यों की सराहना की, जबकि कुछ ने इन्हें जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताया। हालांकि कियारा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनके लिए किसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहानी और किरदार होता है, न कि केवल उसका ग्लैमर या बोल्डनेस।

    इससे पहले अपने फर्स्ट लुक पोस्टर के साथ भी कियारा ने इस फिल्म को लेकर भावुक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि यह ऐसा किरदार है जिसने उनसे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत कुछ मांगा। महीनों की मेहनत के बाद तैयार हुआ यह रोल उनके करियर का अब तक का सबसे कठिन अनुभव रहा और दर्शकों से मिले प्यार ने उनकी मेहनत को सार्थक बना दिया।

    टॉक्सिक का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म की कहानी भी उन्होंने यश के साथ मिलकर लिखी है। इसकी शूटिंग अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा में एक साथ की गई है, जबकि इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम समेत कई भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।

    फिल्म का निर्माण केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले वेंकट के. नारायण और यश ने किया है। यश और कियारा आडवाणी के अलावा फिल्म में नयनतारा, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है।

  • सलमान खान की जिंदगी का हैरान करने वाला किस्सा, इलाज के दौरान भी नहीं टूटा जज्बा

    सलमान खान की जिंदगी का हैरान करने वाला किस्सा, इलाज के दौरान भी नहीं टूटा जज्बा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपनी फिटनेस दमदार पर्सनैलिटी और लंबे समय से बरकरार स्टारडम के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस चमक के पीछे कितनी मेहनत और त्याग छिपा होता है इसका एक दिलचस्प खुलासा उनके करीबी दोस्त और फिल्म निर्माता शैलेंद्र सिंह ने किया है। उन्होंने एक पुराने किस्से को साझा करते हुए बताया कि सलमान खान अपने बालों के उपचार के दौरान भी पूरी सहजता के साथ बिरयानी का आनंद ले रहे थे और मजाकिया अंदाज में बोले थे कि स्टार बनने की यही कीमत होती है।

    शैलेंद्र सिंह ने एक पॉडकास्ट में बताया कि वह एक दिन सलमान खान से मिलने उनके मुंबई स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट पहुंचे थे। उस समय सोमवार की नियमित पार्टी का माहौल था। सलमान डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना खा रहे थे और सामने लगे शीशे में खुद को देखते हुए दोस्तों से बातचीत कर रहे थे। शैलेंद्र के मुताबिक सलमान को खाना खाते समय शीशे में खुद को देखना पसंद है और उसी दौरान दोनों बातचीत में व्यस्त थे।

    इसी बीच अचानक एक व्यक्ति मेडिकल उपकरणों के साथ वहां पहुंचा। उसने बिना बातचीत में व्यवधान डाले अपने दस्ताने पहने और सलमान खान के सिर पर इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए। यह पूरा दृश्य देखकर शैलेंद्र कुछ पल के लिए हैरान रह गए क्योंकि सलमान बिना किसी परेशानी के आराम से बिरयानी खाते रहे और बातचीत भी जारी रखी।

    जब शैलेंद्र ने उनसे पूछा कि आखिर यह सब क्या हो रहा है तब सलमान ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि दोस्त स्टार बनने की यही कीमत है। उनके इस जवाब ने माहौल को हल्का बना दिया लेकिन साथ ही यह भी दिखाया कि अपने व्यक्तित्व और लुक्स को बनाए रखने के लिए कलाकार कितनी मेहनत करते हैं।

    बाद में शैलेंद्र को पता चला कि सलमान खान प्लेटलेट रिच प्लाज्मा यानी पीआरपी थेरेपी करवा रहे थे। इस उपचार में व्यक्ति के अपने ही रक्त से प्लेटलेट्स युक्त प्लाज्मा तैयार किया जाता है और उसे सिर की त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है ताकि बालों की जड़ों को मजबूती मिले और हेयर ग्रोथ बेहतर हो सके। आज यह थेरेपी हेयर लॉस की समस्या से जूझ रहे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है।

    शैलेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि उस समय उन्हें इस प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। बाद में उन्हें समझ आया कि यह सामान्य मेडिकल ट्रीटमेंट है और कई बड़े कलाकार भी इसका सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले होना स्वाभाविक है और ऐसे में कई अभिनेता अपनी पर्सनैलिटी को बनाए रखने के लिए इस तरह के उपचार करवाते हैं। उन्होंने अभिनेता ऋतिक रोशन का उदाहरण देते हुए कहा कि कई सितारे इस तरह की आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं।

    सलमान खान की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो वह जल्द ही अपनी नई फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फिल्म का शुरुआती नाम बैटल ऑफ गलवान रखा गया था लेकिन बाद में इसे बदलकर मातृभूमि कर दिया गया। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

  • लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    नई दिल्ली । 80 के दशक के प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता राज किरण के रहस्यमयी तरीके से गायब होने की खबर एक बार फिर चर्चा में है। 23 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सका है कि सौ से अधिक फिल्मों में काम कर चुके यह अभिनेता इस समय कहां हैं। वर्ष 1975 में 26 साल की उम्र में कागज की नाव फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने कर्ज और अर्थ जैसी यादगार फिल्मों में काम किया था। वर्ष 1980 में उनकी आठ फिल्में प्रदर्शित हुई थीं, जिससे वे उस दौर के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हो गए थे।

    वर्ष 1990 के दशक में काम न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण अभिनेता मानसिक तनाव का शिकार हो गए थे। पारिवारिक समस्याओं और वैवाहिक जीवन में तनाव के चलते उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। डिप्रेशन के कारण उन्होंने उस दौर में बन रही कई बड़ी फिल्मों की शूटिंग बीच में ही छोड़ दी थी। इसके बाद वे अमेरिका चले गए, जहां उनके टैक्सी चलाने और बाद में मुंबई के एक मेंटल अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अस्पताल से बाहर आने के बाद भी जब उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला, तो वे पुनः विदेश चले गए।

    वर्ष 2011 में जब दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर ने अमेरिका यात्रा के दौरान उनके भाई से संपर्क किया, तब यह बात सामने आई थी कि वे अटलांटा के एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। हालांकि, अभिनेता के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि वे खुद कई सालों से उनकी तलाश कर रहे हैं। वर्तमान में भी निजी जांचकर्ताओं और उद्योग से जुड़े लोगों द्वारा उनकी खोज जारी है, लेकिन अब तक उनका कोई आधिकारिक सुराग नहीं मिल पाया है। 80 के दशक का यह स्थापित कलाकार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में से एक बना हुआ है।

  • झरने वाले सीन से मिली पहचान, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है मंदाकिनी की जिंदगी और फिल्मी सफर

    झरने वाले सीन से मिली पहचान, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दिलचस्प है मंदाकिनी की जिंदगी और फिल्मी सफर

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री मंदाकिनी का नाम आज भी 1985 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के साथ सबसे पहले जुड़ता है। अपनी पहली बड़ी फिल्म से ही उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई और रातोंरात स्टार बन गईं। हालांकि, उनकी पहचान अक्सर फिल्म के चर्चित झरने वाले दृश्य तक सीमित कर दी जाती है, जबकि उनकी निजी जिंदगी और फिल्मी सफर कई दिलचस्प घटनाओं से भरा रहा है। 30 जुलाई को जन्मदिन के मौके पर उनके जीवन के कई ऐसे पहलू याद किए जाते हैं, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल किया।

    मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में यास्मीन जोसेफ के रूप में हुआ था। उनके पिता ब्रिटिश मूल के थे, जबकि उनकी मां मुस्लिम परिवार से थीं। फिल्मों में आने से पहले उनका नाम यास्मीन ही था। शुरुआती दौर में उन्हें एक फिल्म के लिए ‘माधुरी’ नाम से भी साइन किए जाने की चर्चा रही, लेकिन इसी बीच उनकी मुलाकात फिल्मकार राज कपूर से हुई। राज कपूर ने उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उनका नाम बदलकर ‘मंदाकिनी’ रख दिया, जो आगे चलकर उनकी स्थायी पहचान बन गया।

    राज कपूर ने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में मंदाकिनी को मुख्य भूमिका दी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और मंदाकिनी रातोंरात लोकप्रिय हो गईं। फिल्म के कुछ दृश्य उस समय काफी चर्चा में रहे और इन्हीं के कारण वह लंबे समय तक सुर्खियों में बनी रहीं। हालांकि, उनके अभिनय, स्क्रीन प्रेजेंस और सहज अभिव्यक्ति की भी खूब सराहना हुई। इस फिल्म के बाद उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में गिना जाने लगा।

    इसके बाद मंदाकिनी ने मिथुन चक्रवर्ती, संजय दत्त, गोविंदा, आदित्य पंचोली और अन्य कई बड़े सितारों के साथ फिल्मों में काम किया। ‘जीते हैं शान से’ का लोकप्रिय गीत ‘जूली जूली जॉनी का दिल तुमपे आया जूली’ आज भी उनके यादगार गीतों में गिना जाता है। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।

    अपने करियर के दौरान मंदाकिनी को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि कई बार फिल्मों के लिए चयन होने के बावजूद उन्हें अंतिम समय में बदल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में फिल्म उद्योग का माहौल महिलाओं के लिए आसान नहीं था और कई अवसर उनके हाथ से निकल गए। कुछ फिल्मों में उन्हें साइन किए जाने की चर्चाएं भी रहीं, लेकिन वे परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं।

    1996 में रिलीज हुई फिल्म ‘जोरदार’ के बाद मंदाकिनी ने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली। बाद में उन्होंने पूर्व बौद्ध भिक्षु डॉ. कग्युर टी. रिनपोछे ठाकुर से विवाह किया और पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता दी। लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहने के बावजूद आज भी मंदाकिनी का नाम हिंदी सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में लिया जाता है, जिन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई और दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।