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  • राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र

    राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र


    नई दिल्ली। लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया और अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे।

    सीतारमण का पलटवार: कांग्रेस ने भारत को बेचा
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत को बेचने का असली जिम्मेदार कांग्रेस है। उन्होंने याद दिलाया कि बाली में जाकर कांग्रेस ने सौदा किया था और किसानों के हक से समझौता किया। मोदी सरकार ने 2014 में विश्व व्यापार संगठन में जाकर इसे सुधारा।

    सीतारमण ने बजट पर सवाल उठाने वाले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के GST आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि बंगाल में पेट्रोल दिल्ली से 10रुपए ज्यादा महंगा है, जिसे कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासित राज्यों में आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां उद्योग नहीं टिकते।

    राहुल के अडाणी और अमेरिका केस वाले आरोप
    राहुल गांधी ने अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया और कहा कि यह मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल से सबूत पेश करने को कहा और संसद में विशेषाधिकार नोटिस देने की बात कही।

    सीतारमण ने संसद में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
    निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और MSME के लिए सहायक नीतियों पर है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाया गया है।

    ओवैसी ने तेल और विदेश नीति पर सवाल उठाया
    एआईएमआईएमके असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि किसी “गोरी चमड़ी वाले” को यह तय करने का अधिकार नहीं कि भारत किससे तेल खरीदे। उन्होंने ऑपरेशन इंसाफ, हाफिज सईद, मसूद अजहर और लखवी को भारत लाने की मांग भी की।

  • वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार

    वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार


    भोपाल । वंदे मातरम की अनिवार्यता को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।

    बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन्ना के सामने घुटने टेक दिए थे और मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। शर्मा ने कहा कि जिस दिन वंदे मातरम के जयघोष के साथ देश को आजादी मिली, उसी दिन इसे अनिवार्य कर देना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी और इसके कई अंश हटा दिए।

    मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वंदे मातरम को देश के लिए मंत्र बताते हुए कहा कि इसे बहुत पहले अनिवार्य हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश में कई सुधार कर रहे हैं और यह भी उसी दिशा में एक कदम है।

    वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम हमेशा से कार्यक्रमों का हिस्सा रहा है और यह आजादी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे, वे आज राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मदरसों के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि वहां भी वंदे मातरम गाया जाता है।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वंदे मातरम के सम्मान पर कभी आपत्ति नहीं रही, लेकिन कुछ शब्दों को लेकर पहले आपत्तियां थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन गाने या न गाने का प्रश्न व्यक्तिगत और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।

    केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यक्रमों सहित सभी सरकारी आयोजनों में वंदे मातरम अनिवार्य होगा। तिरंगा फहराने के अवसर पर भी इसे गाया जाएगा। निर्देशों में छह अंतरों वाला पूरा संस्करण शामिल करने, जन गण मन से पहले वंदे मातरम बजाने और सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। इन निर्देशों के बाद प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

  • महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश

    महिला से मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: पीसी शर्मा बोले आरोपी बीजेपी के, सच छुपाने की कोशिश


    भोपाल । मध्यप्रदेश के सीधी जिले में महिला के साथ मारपीट की घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मामले में झूठ फैला रही है और वास्तविक आरोपियों को कांग्रेसी बताकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

    श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। एक महिला को डंडों से पीटा जा रहा है और मौके पर मौजूद लोग ‘मारो-मारो’ के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें जबरन कांग्रेस से जोड़ा जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि ‘लाड़ली बहन’ और ‘लाड़ला भैया’ जैसी योजनाओं के दावे करने वाली सरकार में महिलाओं के साथ खुलेआम मारपीट हो रही है, जो बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए और जेल भेजा जाए।

    पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में बलात्कार, मारपीट और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि ऐसे अहंकारी और हिंसक नेता उसी पार्टी से जुड़े हुए हैं।

    नकल माफिया पर गंभीर आरोप

    पीसी शर्मा ने बोर्ड परीक्षाओं और नकल माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में वर्षों से संगठित रूप से नकल कराई जा रही है। हर साल पेपर लीक होते हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने ग्वालियर-चंबल, विंध्य और निमाड़ अंचल को नकल माफिया का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि इसका खामियाजा प्रदेश के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।

    निगम-मंडल नियुक्तियों पर सवाल
    उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में निगम और मंडल के पद भ्रष्टाचार की राजनीति के लिए भरे जाते हैं। बिना लेन-देन के कोई नियुक्ति नहीं होती। जिला प्रभारियों की नियुक्ति भी संभावित नुकसान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है। पार्टी के भीतर पदों को लेकर गुटबाजी और टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें असली कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।

    विजय शाह प्रकरण पर बयान
    विजय शाह मामले को लेकर पीसी शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायालय से बड़ी उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है और उन्हें विश्वास है कि न्याय होगा। उन्होंने कहा कि चार बार माफी मांगने के बावजूद विजय शाह को अपने पद से हाथ धोना ही पड़ेगा।

    संघ और जनसंख्या बयान पर प्रतिक्रिया

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख के तीन बच्चों वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, रोजगार के अवसर नहीं हैं और ऐसे समय में जनसंख्या बढ़ाने की बात करना चिंताजनक है। उन्होंने संघ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए इसे असंवेदनशील बताया।

    BLO और SIR को लेकर आरोप

    पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। जबरन नाम काटे और जोड़े जा रहे हैं। BLO पर दबाव बनाया जा रहा है और उनका वेतन भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे भाजपा की सुनियोजित साजिश करार दिया। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।

  • असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग

    असम के CM हिमंता के गोली चलाते वीडियो को कांग्रेस ने बताया नरसंहार का खुला आह्वान, कार्रवाई की मांग


    नई दिल्ली।
    भाजपा (BJP) की असम इकाई (Assam Unit) द्वारा एक्स पर पोस्ट वीडियो को कांग्रेस (Congress) ने नरसंहार का खुला आह्वान बताया है। कांग्रेस ने दावा किया कि इसमें ‘अल्पसंख्यकों की लक्षित हत्या’ दिखाई गई है, जो बेहद गंभीर है। साथ ही कहा कि न्यायपालिका को इसमें किसी भी तरह की नरमी बरते बिना कार्रवाई करनी चाहिए। अब हटाए जा चुके इस वीडियो में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) कथित तौर पर राइफल से दो लोगों पर निशाना साधकर गोली चलाते दिखाए गए थे। इनमें से एक व्यक्ति ने टोपी पहन रखी है, जबकि दूसरे की दाढ़ी है। वीडियो के कैप्शन में ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ लिखा गया था।

    कांग्रेस महासचिव ने क्या लिखा
    कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर एक पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने कहाकि भाजपा के एक आधिकारिक खाते से अल्पसंख्यकों की लक्षित और बहुत करीब से (पॉइंट ब्लैंक) हत्या दिखाने वाला वीडियो पोस्ट किया गया। यह नरसंहार का खुला आह्वान है-एक ऐसा सपना जिसे यह फासीवादी शासन दशकों से देखता रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि इसे सामान्य ‘ट्रोल’ सामग्री मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, बल्कि यह शीर्ष स्तर से फैलाया गया जहर है। इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से इसकी निंदा किये जाने या कोई कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन न्यायपालिका को जरूर कदम उठाना चाहिए और किसी तरह की नरमी नहीं बरतनी चाहिए।


    क्या अदालतें सो रही हैं

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री शर्मा को मुस्लिम पुरुषों पर गोली चलाते हुए दिखाने वाले वीडियो को केवल हटाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि यही असली भाजपा है। यह नफरत, जहर और हिंसा आपकी दी हुई है, मोदी। क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं? कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने भी एक्स पर कहाकि नरेन्द्र मोदी जी, आप ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं। लेकिन आपके नेता हिमंता बिस्वा सरमा का मुसलमानों को गोली मारते दिखाने वाला वीडियो भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक खाते से पोस्ट किया गया। उन्होंने कहाकि यह भारतीय संविधान पर हमला है। मुझे यह देखकर आश्चर्य होता है कि उच्चतम न्यायालय मूकदर्शक बना हुआ है। न्यायालय की चुप्पी और स्वतः संज्ञान न लेने से उसकी भूमिका पर सवाल उठते हैं।


    क्या बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी

    शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहाकि भाजपा की असम इकाई के एक्स अकाउंट पर ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ शीर्षक से नफरत और लक्षित हिंसा से भरा वीडियो पोस्ट किया। विरोध के बाद इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक कई लोग इसे डाउनलोड कर आगे फैला चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ‘बेशर्मी’ से नफरत फैलाने वाले और राजनीतिक रूप से लक्षित करने के इस सबसे घृणित रूप को नजरअंदाज करेगा जो भाजपा के सामने असल में असहाय और बेकार है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में कहाकि भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जो अल्पसंख्यकों की लक्षित, प्रत्यक्ष हत्या का महिमामंडन करता प्रतीत होता है।


    घृणित और परेशान करने वाला

    विपक्षी दल ने कहाकि यह बेहद घृणित और परेशान करने वाला है और इसे सामान्य ट्रोल सामग्री कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह सामूहिक हिंसा और नरसंहार का आह्वान है। इसमें कहा गया कि यह इस फासीवादी शासन के असली चेहरे का प्रतिबिंब है, जिसने दशकों से इस नफरत को पाला है और पिछले 11 वर्षों में इसे सामान्य बनाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, समाज में अशांति और जहर फैलाने के इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में कहाकि नरेन्द्र मोदी ने अपने नेताओं को नफरत फैलाने की खुली छूट दे रखी है। भाजपा की असम इकाई के आधिकारिक हैंडल से किया गया पोस्ट इसका सबूत है- जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ‘पॉइंट-ब्लैंक’ पर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है।

    इसमें आगे कहा गया है कि भाजपा सत्ता के लिए समाज में जहर घोल रही है, लोगों को हिंसा के लिए भड़का रही है। उसकी इस शर्मनाक करतूत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इससे पहले भी मोदी के लाडले हिमंता ने मुसलमानों के खिलाफ खुलेआम बयान देकर, उन्हें परेशान करने की बात कही थी। कांग्रेस ने कहाकि नफरत भाजपा के डीएनए में हैं। ऐसी विचारधारा देश के लिए जहर है, जिसे परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

  • कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू का तीखा हमला, राहुल गांधी पर की कड़ी टिप्पणी

    कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू का तीखा हमला, राहुल गांधी पर की कड़ी टिप्पणी


    चंडीगढ़।
    कांग्रेस पार्टी (Congress Party.) ने पूर्व क्रिकेटर और पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu.) को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस फैसले की जानकारी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने अमृतसर में मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu) पहले से ही पार्टी से निलंबित थीं और अब संगठन ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया है।

    भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले नवजोत कौर सिद्धू खुद सार्वजनिक मंच से कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर चुकी थीं। इसके बावजूद पार्टी ने संगठनात्मक नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर करने का निर्णय लिया।


    सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास

    पार्टी से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “पप्पू” तक कह दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी ने आखिरकार अपने नाम को सही साबित कर दिया है। उनके मुताबिक, राहुल खुद को अकेला ईमानदार और समझदार नेता मानते हैं, जबकि उन्हें जमीनी हकीकत की कोई समझ नहीं है।

    नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आसपास मौजूद लोग उन्हें वास्तविक स्थिति से दूर रखते हैं और फैसले होने से पहले ही टिकट बेचकर ऐश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी इमरजेंसी कॉल का जवाब देने में राहुल को छह महीने से ज्यादा लग जाते हैं, जिससे तब तक नुकसान हो चुका होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोगों को साथ जोड़ने से पहले राहुल को अपने तथाकथित समर्थकों से पूछना चाहिए कि क्या वे ईमानदारी से पंजाब के लिए काम करना चाहते हैं।


    राहुल गांधी पर आगे भी साधा निशाना

    अपनी पोस्ट में नवजोत कौर ने आगे कहा कि राहुल गांधी के पास न तो जमीनी सच्चाई सुनने का समय है और न ही इच्छाशक्ति, क्योंकि वे अपनी बनाई हुई दुनिया में रहना पसंद करते हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल के अधिकांश समर्थक नि:स्वार्थ सेवा के बजाय अपनी जेबें भरने में लगे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वे दोबारा सत्ता में नहीं लौटने वाले।

    उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल में हिम्मत है तो वे अपने समर्थकों से मौजूदा सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने को कहें और अपनी फाइलें खुलवाने के लिए भी तैयार रहें। नवजोत कौर ने राहुल को सलाह दी कि उन्हें सच बोलना और उसका सामना करना सीखना चाहिए, क्योंकि सच वही रहता है जो था और जो है।


    राजनीति और पंजाब पर टिप्पणी

    नवजोत कौर सिद्धू ने खुद को एक शुभचिंतक बताते हुए राहुल गांधी को ज्यादा संवेदनशील, व्यावहारिक और ग्रहणशील बनने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि राहुल के ज्यादातर कथित समर्थक भाजपा में जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न तो वे किसी से मिलने गई हैं और न ही कोई उनके पास आया है। उनके अनुसार, वे एक फाउंडेशन के माध्यम से काम कर सकती हैं, लेकिन उनका समय और ऊर्जा केवल पंजाब की भलाई के लिए समर्पित है।

    उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी में भ्रष्ट नेताओं को सम्मान मिलता है, तब ईमानदारी और सच्चाई की बातें बेमानी हो जाती हैं। अंत में उन्होंने राहुल गांधी को “गुड लक” कहते हुए राजनीति में अपना वजूद बचाने की नसीहत दी।


    बीजेपी को लेकर भी की टिप्पणी

    एक अन्य पोस्ट में नवजोत कौर सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी की तारीफ भी की। उन्होंने लिखा कि बीजेपी ने उनके टैलेंट को पहचाना और निष्पक्ष सर्वे के आधार पर उन्हें वर्ष 2012 में विधायक का टिकट दिया। उस समय वे अस्पताल में कार्यरत थीं और डॉक्टर होने के कारण उन्हें सीएपीएस हेल्थ की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी में उन्हें ईमानदारी और सच्चाई से काम करने की पूरी आजादी मिली और वे किसी भी विभाग में जाकर उसी दिन काम निपटाकर लौट सकती थीं।

  • भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप

    भारतीय लुटेरे बयान पर सियासत गरमाई: BJP ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर किया हमला, कांग्रेस पर इतिहास तोड़ने का आरोप


    नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इतिहास में जिन “विदेशी आक्रांताओं” को लाया जाता है, उन्हें असल में भारतीय लुटेरे माना जाना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में महमूद गजनवी और लोदी वंश जैसे आक्रमणकारियों का उदाहरण भी दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    BJP का कड़ा रुख
    बीजेपी ने इस बयान को देश की भावनाओं के खिलाफ करार दिया और इसे “बीमार मानसिकता” बताया।

    पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह वक्तव्य इतिहास और देश की स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला है।

    उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं को भारत की मिट्टी में जन्मा लुटेरा बताना देश की बदनामी का कारण बनता है और ऐसे बयान से भ्रम फैलता है।

    कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी
    बीजेपी के नेताओं ने सीधे कांग्रेस को निशाना बनाया।

    शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया कि कांग्रेस और उसके समर्थक उन आक्रांताओं की महिमा मंडित करते हैं जिन्होंने मंदिरों को नष्ट किया।

    प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और आक्रांताओं के कृत्यों को नजरअंदाज करती है। उन्होंने कांग्रेस को ‘आधुनिक मुस्लिम लीग’ भी कहा।

    BJP का तर्क: इतिहास तोड़ा जा रहा है
    BJP प्रवक्ता सुदांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुगल शासक बगदाद के खलीफा के नाम पर शासन करते थे, जैसे ब्रिटिश वायसराय ब्रिटिश राजाओं के प्रतिनिधि होते थे।
    उनका कहना है कि अंसारी का यह बयान देश की भावना के खिलाफ और भ्रम फैलाने वाला है।
    इस मामले ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान बढ़ा दिया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और यह विवाद अभी भी जारी है।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।

  • सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और टीएमसी को इतिहास पर घेरा..

    सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और टीएमसी को इतिहास पर घेरा..


    नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस तथा तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस के कारण अंग्रेजों का भारत पर कब्जा करने का सपना चकनाचूर हो गया

    सुधांशु त्रिवेदी ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष किया उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी भी कांग्रेस से निकली है आप भी कांग्रेस में थीं इतने सालों तक क्यों नहीं याद आया कि नेताजी को सम्मान और उचित स्थान मिलना चाहिए अगर टीएमसी के मन में नेताजी के प्रति सम्मान है तो उन्हें अपने नाम से कांग्रेस हटा देना चाहिए अन्यथा बंगाल की प्रबुद्ध जनता उन्हें जड़-मूल से खत्म कर देगीउन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सबसे सच्चा सम्मान दिया 2018 में आजाद हिंद की निर्वासित सरकार के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी जीवित सेनानियों को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल किया गया और उनका सम्मान किया गया किसी भी राजनीतिक दल ने इससे पहले ऐसा सम्मान नहीं दिया इंडिया गेट पर 1968 तक जॉर्ज पंचम की मूर्ति रही थी वहां नेताजी की मूर्ति पुनर्स्थापित की गई

    सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि भारत की स्वतंत्रता में कई लोगों ने योगदान दिया लेकिन सुभाष चंद्र बोस का योगदान अग्रणी और अविस्मरणीय है इसे भुलाने के अनेक कुत्सित प्रयास हुए हैं उन्होंने डॉ भीमराव अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि 1955 में दिए साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना की निष्ठा अंग्रेजों के प्रति बदल चुकी थी और नेताजी के नेतृत्व ने ब्रिटिश शासन की धारणा को तोड़ दिया

    त्रिवेदी ने 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत के बाद नेताजी द्वारा इसे ब्रिटिश सरकार पर दबाव बनाने का अवसर बताया और सवाल उठाया कि उस समय कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन पर दबाव क्यों नहीं बनाया उन्होंने कांग्रेस वर्किंग कमेटी के 14 जुलाई 1942 के रेजोल्यूशन का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नकारात्मक भाव को सहयोग और सकारात्मक में बदला जाएगा और कांग्रेस पूरी स्वेच्छा से ब्रिटिश फौजों के समर्थन के लिए तैयार थी यही कारण था कि कांग्रेस ने 1931 से 1947 तक 1942 को छोड़कर कोई आंदोलन नहीं किया

    सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि इतिहास में नेताजी के योगदान को सही रूप में प्रस्तुत करना और उनका सम्मान करना आवश्यक है यह केवल भारत के गौरव के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है

  • हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”

    हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”


    नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान मीडिया से बातचीत में सरमा ने दावा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले वे राहुल और प्रियंका की अंदरूनी लड़ाई के शिकार रहे।

    सरमा ने कहा, “गांधी परिवार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। हाल के राजनीतिक फैसलों से यह साफ दिखता है कि राहुल गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी केरल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करें।

    उन्हें असम में भेजा गया, इसका यही मतलब है।”

    उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस में राहुल गांधी अपने करीबी नेताओं और गुट के जरिए सत्ता बनाए रखना चाहते हैं, जबकि प्रियंका उस गुट का हिस्सा नहीं हैं। सरमा ने बताया, “मैं 22 साल तक कांग्रेस में रहा हूं, मुझे अंदर की पूरी जानकारी है। यही वजह है कि प्रियंका को केरल की बजाय असम में जिम्मेदारी दी गई।”

    हिमंत सरमा बीजेपी में शामिल होने के बाद से लगातार कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमलावर रहे हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। सियासी जानकार अब इस सवाल पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या वाकई राहुल और प्रियंका के बीच अंदरूनी मतभेद हैं, या यह विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

  • ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी

    ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी


    नई दिल्ली।
    भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच पिछले साल हुए तनाव को खत्म करने का श्रेय एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने लिया है। ट्रंप के इस ताजा दावे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप अब तक 70 बार इस तरह का दावा कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस पर कोई कड़ा रुख नहीं दिख रहा। वाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया की 8 अंतहीन लड़ाइयां रुकवाई हैं।

    भारत-पाक के संदर्भ में उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। आठ विमान मार गिराए गए थे। मेरी राय में दोनों देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता, तो करोड़ों लोग मारे जाते।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया और इजरायल-ईरान जैसे आठ बड़े संघर्षों को शांत कराया है।


    जयराम रमेश का तीखा हमला

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “कल से पहले यह संख्या 68 थी। लेकिन कल ही यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। एक बार व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के अपने शुरुआती बयान में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान। यही वह संख्या है, जितनी बार प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ और जिन्हें कई बार पीएम की जबरन झप्पी मिल चुकी है- ने यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकने के लिए वही जिम्मेदार थे।”

    नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत
    ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी मलाल जताया कि इन युद्धों को रुकवाने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकने से कम से कम 1.5 से 2 करोड़ लोगों की जान बची है, जो उनके लिए नोबेल से बड़ी बात है।

    गौरतलब है कि भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, 10 मई 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता के बाद दोनों देश पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रंप के बार-बार इस तरह के दावे करना भारतीय संप्रभुता और प्रधानमंत्री के दावों पर सवाल खड़ा करता है।