IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप


नई दिल्ली । भारत की शानदार जीत के साथ इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का रोमांचक समापन हो गया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए आखिरी टी20 मुकाबले ने सीरीज की कहानी को पूरी तरह बयान कर दिया, जहां भारतीय बल्लेबाजों की तूफानी पारियों और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। ईशान किशन के शतक और कप्तान सूर्यकुमार यादव की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम संघर्ष करती दिखी और अंततः भारतीय गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए।

इस पूरी सीरीज में बल्लेबाजों का बोलबाला रहा, लेकिन सबसे चमकदार नाम रहा कप्तान सूर्यकुमार यादव का। सीरीज से पहले खराब फॉर्म की चर्चाओं से घिरे सूर्यकुमार ने बल्ले से जोरदार जवाब दिया और पांच मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। तीन अर्धशतकों के साथ उन्होंने न सिर्फ भारतीय पारी को मजबूती दी, बल्कि विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। भले ही उन्हें किसी मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड न मिला हो, लेकिन सर्वाधिक रन बनाकर उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया।

सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी पूरे रंग में नजर आए। आक्रामक अंदाज और बड़े शॉट्स के लिए पहचाने जाने वाले ईशान ने 215 रन बनाकर 200 रन का आंकड़ा पार किया। उनका शतक सीरीज का यादगार लम्हा रहा। वहीं युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी सभी को प्रभावित किया। 182 रन बनाकर वह तीसरे स्थान पर रहे और यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर लंबी रेस के घोड़े हैं। न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स 176 रन और डेरिल मिशेल 125 रन ने जिम्मेदारी निभाई और टॉप-5 बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।

गेंदबाजी की बात करें तो सीरीज का आखिरी मैच अर्शदीप सिंह के नाम रहा। निर्णायक मुकाबले में पांच विकेट झटककर उन्होंने मैच का रुख ही पलट दिया। कुल 8 विकेट के साथ अर्शदीप इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उनके अलावा न्यूजीलैंड के जेकब डफी ने 6 विकेट, जबकि मिचेल सेंटनर और ईश सोढ़ी ने 5-5 विकेट हासिल किए। सीमित मौके मिलने के बावजूद अक्षर पटेल ने भी अपनी उपयोगिता साबित की और अहम समय पर असरदार गेंदबाजी की।
कुल मिलाकर, यह सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही। बल्लेबाजी में गहराई, गेंदबाजी में धार और युवा खिलाड़ियों का उभरता प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए शुभ संकेत है।