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  • राष्ट्रीय गीत के अपमान पर सियासी संग्राम तेज सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस से मांगा जवाब

    राष्ट्रीय गीत के अपमान पर सियासी संग्राम तेज सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस से मांगा जवाब


    इंदौर । इंदौर नगर निगम में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रदेश की सियासत में बड़ा मुद्दा बन गया है इस मामले में डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल एक व्यक्ति की सोच नहीं बल्कि पार्टी के चरित्र को उजागर करती हैं

    घटना उस समय की है जब इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देते हुए वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया उनके इस रुख का सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने विरोध किया लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है इसी चुप्पी को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा और कहा कि इस मुद्दे पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद पार्षद ने राष्ट्रीय गीत गाने से मना किया और यह कहते हुए पीछे हट गई कि वह इसे नहीं गाएंगी उन्होंने इसे बेशर्मी की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि यह कांग्रेस की विचारधारा और मानसिकता को दर्शाता है उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता भारत माता की जय बोलने से भी बचते हैं जो देशभक्ति की भावना के विपरीत है

    मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह ऐसे बयानों और आचरण का समर्थन करता है या नहीं यदि पार्टी इस मामले में कार्रवाई करने में असमर्थ है तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए

    उन्होंने आगे कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने प्राण न्योछावर किए ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं न केवल उन बलिदानों का अपमान हैं बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी समय समय पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों पर विवाद खड़ा करती रही है

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर बहस छेड़ दी है जहां एक ओर इसे देशभक्ति और एकता का प्रतीक माना जाता है वहीं दूसरी ओर कुछ वर्गों द्वारा इसे लेकर अलग विचार भी सामने आते रहे हैं फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं

  • MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल

    MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर में एलपीजी गैस कनेक्शन (LPG Gas Connection) लेने की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) ने नए गैस कनेक्शन के लिए उपयोग में आने वाले ऑनलाइन पोर्टल को एक महीने के लिए बंद कर दिया है। इसके चलते अब नागरिकों को नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु कम से कम एक माह तक इंतजार करना होगा।

    खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मोहनलाल मारू ने बताया कि विभागीय स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कारणों के चलते पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी। एक महीने बाद जब पोर्टल फिर से शुरू किया जाएगा, तब ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे।


    घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर

    अधिकारी मारू ने यह भी बताया कि जिन उपभोक्ताओं को तत्काल गैस की आवश्यकता है, उनके लिए विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की गंभीर असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक नियमित कनेक्शन देने की प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हो जाती।

    उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान यदि किसी नागरिक को गैस संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होती है, तो वे अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से सभी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को यथासंभव राहत मिल सके।


    यह एक अस्थायी व्यवस्था

    पोर्टल बंद होने से शहर के कई लोगों को अस्थायी रूप से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने की तैयारी में थे। हालांकि, विभाग का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और जल्द ही सभी सेवाएं फिर सामान्य कर दी जाएंगी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें, ताकि आगामी समय में गैस कनेक्शन की प्रक्रिया को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।

  • इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर तोड़फोड़, 4 छात्र गिरफ्तार

    इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर तोड़फोड़, 4 छात्र गिरफ्तार


    इंदौर । इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में एमएससी परीक्षा के दौरान छात्रों द्वारा हंगामा और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। परीक्षा के बीच कुछ छात्र अचानक लैब में घुस आए और जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे कॉलेज में अफरा-तफरी फैल गई। यह घटना बुधवार की है, जबकि इसका सीसीटीवी फुटेज गुरुवार को सामने आया।

    परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर किया हंगामा

    भंवरकुआ थाना पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 1 बजे लैब क्रमांक-1 में एमएससी प्रथम वर्ष की सीसीई परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान कुछ आरोपी छात्र अचानक लैब में घुस आए और वहां मौजूद छात्रों व स्टाफ के सामने हंगामा करने लगे। आरोपियों ने प्रयोगशाला के उपकरणों में तोड़फोड़ की, जिससे परीक्षा बाधित हो गई और छात्र-छात्राओं में डर का माहौल बन गया।

    CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

    घटना के बाद कॉलेज की प्राचार्या की शिकायत पर भंवरकुआ पुलिस ने विकेंद्र सिंह, लोकपाल, चमनदीप, अभय गुर्जर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

    चार छात्र गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को शांति भंग करने के आरोप में धारा 151 के तहत जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, घटना में शामिल अन्य छात्रों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    गिरफ्तार छात्रों के नाम

    विकेंद्र प्रताप सिंह (22) – एमएससी छात्र
    अभिषेक (23) – एमएससी छात्र
    अनुज दुबे (19) – बीएससी छात्र
    देवेश मंसारे (19) – बीएससी छात्र

  • केसरिया महल में सजे बाबा रणजीत, जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह आरती के बाद शुरू हुए दर्शन

    केसरिया महल में सजे बाबा रणजीत, जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह आरती के बाद शुरू हुए दर्शन


    इंदौर । इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर बाबा रणजीत को केसरिया महल की थीम में विराजमान किया गया है, जहां भक्तों के लिए दर्शन के द्वार खोल दिए गए हैं। मंदिर परिसर को केसरिया पर्दों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और रंगमय दिखाई दे रहा है।

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। गर्मी से राहत देने के लिए परिसर में कूलर, पानी और शरबत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण बड़ी पार्किंग से ही भक्तों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है, वहीं दर्शन के बाद प्रसाद वितरण की भी सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है।

    मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास के अनुसार, राम-हनुमान जन्मोत्सव के तहत मंदिर को केसरिया महल की थीम पर सजाया गया है। फूलों से सजे बंगले के साथ केसरिया पर्दों ने मंदिर की भव्यता को और बढ़ा दिया है। रात 10 बजे से महाभिषेक की शुरुआत हुई, जिसके बाद श्रृंगार का क्रम सुबह 3 बजे तक चला। सुबह 6 बजे जन्मोत्सव आरती के बाद भक्तों के लिए दर्शन प्रारंभ कर दिए गए।

    पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिग-जैग लाइन व्यवस्था बनाई गई है। करीब 40 कूलर और पानी की फुहार वाले पंखे लगाए गए हैं, वहीं जमीन पर कारपेट बिछाकर व्यवस्था को आरामदायक बनाया गया है। साथ ही तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं ताकि भक्त कार्यक्रमों को आसानी से देख सकें।

    भक्तों के लिए तीन स्थानों पर पानी और एक स्थान पर शरबत की व्यवस्था की गई है। दर्शन के बाद प्रसाद के रूप में फ्रूट सलाद, लस्सी और छाछ वितरित किए जाएंगे। 7 अप्रैल को लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं के लिए चलित भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।

    इसी क्रम में इंदौर के पितृ पर्वत पर भी हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर के महेश दलोदरा ने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजे मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक-पूजन होगा, जिसके बाद दाल-टिक्कड़ का भोग अर्पित किया जाएगा और फूलों से भगवान का श्रृंगार किया जाएगा। शाम 6 बजे आरती के साथ भव्य आतिशबाजी होगी और करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

  • एमएसपी पर गेहूं खरीद की तैयारी पूरी, इंदौर संभाग में 1 अप्रैल से शुरू, किसानों को मिलेगा बोनस का फायदा

    एमएसपी पर गेहूं खरीद की तैयारी पूरी, इंदौर संभाग में 1 अप्रैल से शुरू, किसानों को मिलेगा बोनस का फायदा

    मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग में किसानों के लिए राहत और उत्साह की खबर सामने आई है। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस बार गेहूं खरीद को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीकरण कराया है।

    इंदौर संभाग में इस बार कुल 1.91 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकारी खरीद व्यवस्था पर किसानों का भरोसा बढ़ा है। पूरे प्रदेश की बात करें तो करीब 19.04 लाख किसानों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जो राज्य में व्यापक स्तर पर होने वाली खरीदी को दर्शाता है।

    जिलावार आंकड़ों की बात करें तो इंदौर जिले में सबसे अधिक 71,713 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद धार में 44,466, खंडवा में 35,104, खरगोन में 27,557 और झाबुआ में 7,120 किसानों ने पंजीकरण कराया है। वहीं बड़वानी में 4,724, बुरहानपुर में 523 और अलीराजपुर में 476 किसानों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया है। इन आंकड़ों से साफ है कि पूरे संभाग में किसानों ने इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में भी 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू की जाएगी। जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 7 अप्रैल से प्रारंभ होगी। खरीद का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है और यह केवल सरकारी कार्यदिवसों में ही संचालित होगी, जिससे व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

    इस बार सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए गेहूं की एमएसपी के साथ प्रति क्विंटल ₹40 का बोनस देने का निर्णय लिया है। इस बोनस के बाद किसानों को गेहूं का कुल भाव ₹2,625 प्रति क्विंटल प्राप्त होगा। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खरीद केंद्रों पर तौल, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाने की दिशा में काम किया गया है।

     इस बार की गेहूं खरीद प्रक्रिया किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है। पंजीकरण में आई बढ़ोतरी और सरकार द्वारा दिए जा रहे बोनस ने किसानों की उम्मीदों को और मजबूत किया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि खरीद प्रक्रिया कितनी सुचारू और सफल रहती है।

  • भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई

    भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई


    मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहा विवाद एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में अब जैन समुदाय की एंट्री ने पूरे प्रकरण को और अधिक जटिल बना दिया है। इंदौर स्थित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक नई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

    इस नई याचिका में दावा किया गया है कि भोजशाला परिसर के भीतर प्राचीन जैन मंदिर और गुरुकुल के अवशेष मौजूद हैं। याचिकाकर्ता दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता सलेक चंद जैन हैं, जिन्होंने मांग की है कि जैन समुदाय को भी इस स्थान पर पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जाए। उनका कहना है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर इस स्थल का जैन धर्म से भी गहरा संबंध हो सकता है।

    यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई द्वारा संरक्षित है, और इसके धार्मिक स्वरूप को लेकर पहले से ही हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। अब जैन समुदाय के इस दावे के जुड़ने से मामला और अधिक संवेदनशील और बहुस्तरीय हो गया है।

    भोजशाला विवाद नया नहीं है। हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है और यहां पूजा-अर्चना के अधिकार की मांग करता है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है और अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा की बात करता है। यह स्थल 11वीं शताब्दी का बताया जाता है, जिसके ऐतिहासिक स्वरूप को लेकर विभिन्न मत मौजूद हैं। अब तक इस मामले से जुड़ी कई याचिकाएं पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित हैं।

    अब जैन समुदाय के दावे के बाद इस विवाद में एक और आयाम जुड़ गया है, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। अदालत के समक्ष अब तीन अलग-अलग पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की अहमियत और बढ़ गई है।

    हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए उनसे विस्तृत जवाब मांगा है। आने वाली सुनवाई में यह तय करने की कोशिश की जाएगी कि इस ऐतिहासिक स्थल का वास्तविक स्वरूप क्या है और किन-किन समुदायों को यहां धार्मिक गतिविधियां करने का अधिकार मिल सकता है।

    यह मामला केवल एक स्थल का विवाद नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा संवेदनशील विषय बन चुका है। अब सभी की नजरें 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है

  • राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर फार्मा अन्वेषण 2026 में दिखी नवाचार की दमदार झलक

    राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर फार्मा अन्वेषण 2026 में दिखी नवाचार की दमदार झलक

    इंदौर में सेज यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा फार्मा अन्वेषण 2026 का भव्य और सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुदान से 20 मार्च 2026 को संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने शिक्षा अनुसंधान और उद्योग के बीच समन्वय को एक नई दिशा प्रदान की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण आयोजन बना दिया।

    इस कार्यक्रम में चार सौ से अधिक विद्यार्थियों और लगभग दो सौ शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की भारी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को लेकर गहरी रुचि और उत्साह है। पूरे आयोजन में सीखने और सृजन की ऊर्जा का वातावरण बना रहा।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ मोंटू पटेल उपस्थित रहे। उनके साथ फाइनेंस चेयरमैन डॉ विभु साहनी। मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ संजय जैन। सेंट्रल मेंबर डॉ नीरज उपमन्यु। सेंट्रल मेंबर डॉ शैलेश जैन। तथा सेज यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ प्रशांत जैन की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।

    राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनोवेटिव प्रोडक्ट प्रस्तुतियाँ। रिसर्च पोस्टर प्रदर्शन। और पेटेंट आधारित प्रोजेक्ट्स ने छात्रों की प्रतिभा को उजागर करने का अवसर दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम करने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा और विशेषज्ञों के मुख्य वक्तव्यों ने सभी प्रतिभागियों को गहराई से सोचने और नए विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच संवाद सत्रों ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि तकनीकी हस्तांतरण कैसे किया जाता है और नियामक प्रक्रियाएँ किस प्रकार कार्य करती हैं। साथ ही कौशल विकास और उभरते करियर अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

    कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उद्घाटन सत्र में प्राप्त वर्चुअल संदेश रहा। जिसमें मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का संदेश शामिल था। इस संदेश ने विद्यार्थियों और आयोजकों का उत्साह और बढ़ा दिया।

    समापन समारोह में सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। उनके नवाचार और प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े सभी लोगों ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की। चांसलर इंजीनियर संजीव अग्रवाल ने भी इस आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया और इसे शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    फार्मा अन्वेषण 2026 ने यह सिद्ध किया कि यदि शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर कार्य करें तो नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति संभव है। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का मंच बना बल्कि फार्मेसी शिक्षा के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी साबित हुआ।

  • भोजशाला विवाद पर RSS का रुख साफ-“अदालत का हर फैसला मंजूर”

    भोजशाला विवाद पर RSS का रुख साफ-“अदालत का हर फैसला मंजूर”


    धार।
     मध्य प्रदेश के भोजशाला परिसर को लेकर जारी कानूनी विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने संतुलित रुख अपनाया है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अदालत का जो भी फैसला आएगा, उसे पूरी तरह स्वीकार किया जाएगा।

    संघ नेता ने क्या कहा
    मालवा प्रांत के प्रमुख प्रकाश शास्त्री ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस विवाद में संघ ने अलग से कोई पक्ष नहीं रखा है और सभी तथ्य पहले ही अदालत के सामने प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

    उन्होंने कहा, “मामला अभी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है। अदालत जो भी निर्णय देगी, हम उसे स्वीकार करेंगे।”

    ASI रिपोर्ट से बढ़ी चर्चा
    यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 2000 से अधिक पन्नों की सर्वे रिपोर्ट चर्चा में है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भोजशाला परिसर में मस्जिद से पहले परमारकालीन एक विशाल संरचना मौजूद थी और मौजूदा ढांचे में प्राचीन मंदिरों के अवशेषों का उपयोग किया गया।

    धार्मिक दावा और विवाद

    भोजशाला को हिंदू पक्ष देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता रहा है। इसी को लेकर लंबे समय से कानूनी और सामाजिक विवाद जारी है।


    संघ के इस बयान को विवाद के बीच संयमित और न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा जताने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी है।

  • इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में बंगाली चौराहा के पास बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। पुगलिया परिवार के मकान में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे छह लोग जिंदा जल गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    कैसे हुआ हादसा?

    पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर रात में इलेक्ट्रिक कार चार्ज की जा रही थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ और कार ने आग पकड़ ली। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के भीतर फैल गई। घर में लगभग दस से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। आग की चपेट में आते ही सिलेंडरों में विस्फोट शुरू हो गए। कम से कम चार सिलेंडर एक-के-बाद-एक फटने से तेज धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया और मकान का एक हिस्सा ढह गया।

    हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसके कारण कई सदस्य और रिश्तेदार मौजूद थे। अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बिजली कटने के कारण घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक भी काम नहीं कर पाए, जिससे लोग अंदर फंस गए।

    राहत और बचाव अभियान

    सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

    मृतक और घायल

    इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें मनोज जैन पुगलिया (65 वर्ष), सिमरन (30 वर्ष), विजय सेठिया (65 वर्ष), सुमन सेठिया (60 वर्ष), राशि (12 वर्ष) और छोटू सेठिया (22 वर्ष) शामिल हैं। घायलों में सौरभ (32 वर्ष), सुनीता (58 वर्ष) और सोमिल को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घर के बाहर चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ और आग घर में फैल गई। घर में कुछ ज्वलनशील रसायन भी रखे हुए थे। उन्होंने कहा, “इस घटना में छह लोगों की मौत हुई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे।”

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि दमकल और प्रशासन की टीमों ने बचाव अभियान चलाया। आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है, लेकिन बिल्डिंग की दो मंजिलों को खाली कर दिया गया है। तीसरी मंजिल की जांच अभी जारी है।

  • मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल

    मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्यक्रम जल्द शुरू होने जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से होगी जबकि शेष संभागों में यह 7 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष गेहूँ खरीदी पर किसानों को 40 रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। इसके साथ प्रदेश में गेहूँ की दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।

    इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु कुल 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष 15,44,000 से अधिक है। जिलेवार पंजीयन की बात करें तो इंदौर में 71,713 उज्जैन में 1,23,281 भोपाल में 37,129 और नर्मदापुर में 71,831 किसानों ने पंजीयन कराया है। अन्य जिलों में भी हजारों किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिससे इस वर्ष खरीदी की तैयारी मजबूत दिखाई दे रही है।

    मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और केंद्रों पर पहुंचकर अपने गेहूँ का पंजीयन और विक्रय सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में गेहूँ उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीदी के साथ ही रबी विपणन वर्ष का संचालन सुचारू रूप से होगा।