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  • इंदौर का 10वीं छात्र रुद्र उत्तराखंड से सुरक्षित बरामद, प्रेमानंद महाराज से मिलने निकला था

    इंदौर का 10वीं छात्र रुद्र उत्तराखंड से सुरक्षित बरामद, प्रेमानंद महाराज से मिलने निकला था

    नई दिल्ली।  खजराना क्षेत्र के 10वीं के छात्र रुद्र पांडेय को पुलिस ने चार दिन बाद उत्तराखंड के गुप्तकाशी से सुरक्षित बरामद कर लिया। छात्र घर छोड़ने से पहले पत्र लिख गया था, जिसमें उसने बताया कि वह संत प्रेमानंद महाराज से मिलने और “अपने असली परिवार” के पास जाने के लिए निकल पड़ा है।

    पुलिस के अनुसार, रुद्र 12 मार्च को घर से निकला था। उसने अपने पत्र में भावुक शब्दों में लिखा था: “मैं रुद्र पांडेय आ रहा हूं महाराज जी, आपके चरणों में। मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। मम्मी-पापा मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। आपके साथ मेरा जीवन पूरा हो गया, अब मैं चलता हूं।”

    छात्र ने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर संतों के प्रवचन और रील्स देखता था और उन्हीं से प्रभावित होकर आध्यात्मिक खोज में घर छोड़कर निकला। रुद्र ने अपने परिवार को पत्र में यह भी लिखा कि उसके जाने का कारण आध्यात्मिक मार्ग की तलाश है और वे उसे ढूंढने की कोशिश न करें।

    रुद्र ने घर से निकलते समय लगभग ₹500 अपने साथ लिए थे। उसने पत्र में लिखा था कि पैसे उसके दोस्त के पास हैं और बाद में माता-पिता को लौटवा दिए जाएंगे। बेटे के अचानक गायब होने और पत्र मिलने से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत खजराना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

    तलाश के दौरान पुलिस को शक था कि रुद्र वृंदावन की ओर गया होगा। इसी बीच, किशोर ने अपने पिता को फोन किया और आधार कार्ड की जरूरत बताई, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन पता चली। इसके बाद इंदौर पुलिस ने उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग पुलिस की मदद से उसे गुप्तकाशी क्षेत्र से बरामद किया।

    बरामदगी के बाद रुद्र को उसके माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किशोर पूरी तरह सुरक्षित है और अब उसे काउंसलिंग के माध्यम से समझाइश दी जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो किशोरों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। रुद्र के इस प्रकरण ने यह दिखाया कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की मानसिक स्थिति और डिजिटल आदतों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

  • इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच

    इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच



    नई दिल्ली। नेहरू स्टेडियम में रविवार को सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) सीजन-1 का आखिरी दिन रोमांचक होने वाला है। 12 मार्च से चल रहे इस क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन विशेष फ्रेंडली मैच के साथ होगा, जिसमें संतों और पेशेवर क्रिकेटरों के बीच खेल का आयोजन किया गया है। इस मैच का उद्देश्य न केवल खेल भावना का प्रदर्शन है, बल्कि खिलाड़ियों और संतों के बीच आध्यात्मिक और मानसिक सामंजस्य को भी बढ़ावा देना है।

    इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित संत उपस्थित रहेंगे, जिनमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, चिन्मयानंद बापूजी, पं. प्रदीप मिश्रा, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, देवकीनंदन ठाकुर महाराज, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज, संत त्रिलोचन दर्शनदास और अर्पित दास महाराज शामिल हैं। वहीं क्रिकेट जगत से प्रमुख खिलाड़ी जैसे सुरेश रैना, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, मोहित शर्मा और चेतन शर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

    फाइनल मुकाबले से पहले संतों और खिलाड़ियों के बीच वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह सत्र खिलाड़ियों को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

    एसपीएल में कुल आठ टीमों ने भाग लिया और सभी मैच टी-10 फॉर्मेट में खेले गए। लीग के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। शनिवार को मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 5 विकेट से हराया, जबकि उत्तराखंड ने दिल्ली को भी 5 विकेट से मात दी। तीसरे मैच में साउथ डीसीआर ने गुजरात को 25 रन से हराया और चौथे मुकाबले में महाराष्ट्र ने उत्तर प्रदेश को 23 रन से पराजित किया।

    आज चार महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच दोपहर 2 बजे शुरू होगा। इसके बाद शाम 4 बजे मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच दूसरा मुकाबला होगा। शाम 6 बजे संतों और खिलाड़ियों का वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला रात 8 बजे से होगा, जो इस सीजन का सर्वोच्च रोमांच प्रदान करेगा।

    एसपीएल के आयोजन में देवकीनंदन ठाकुर का मार्गदर्शन रहा। उन्होंने कहा कि यह लीग नई प्रतिभाओं को निखारने और संत समाज को खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने का अद्भुत मंच है। इस दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मौजूद रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही खेल और आध्यात्मिक मूल्य दोनों को बढ़ावा देती हैं।

    नेहरू स्टेडियम में खेल का माहौल उत्साहपूर्ण और अनुशासित है। खिलाड़ियों और संतों के बीच यह प्रतियोगिता दर्शकों के लिए खेल, मनोरंजन और आध्यात्मिक एकता का अनूठा संगम पेश करेगी। इस आयोजन से इंदौर का खेल और सांस्कृतिक माहौल भी समृद्ध होगा।

  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता

    इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता


    इंदौर इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार को आयोजित जन्मदिन समारोह में संयोगितागंज क्षेत्र के तीन बदमाश भी मौजूद रहे। वीडियो में देखा गया कि हेड कॉन्स्टेबल को बदमाशों ने माला पहनाई और उनके साथ फोटो खिंचवाए।

    वीडियो वायरल होते ही मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। शनिवार रात इंदौर पुलिस कमिश्नर की मंजूरी से हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार को निलंबित कर दिया गया। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने साफ किया कि किसी भी पुलिसकर्मी का आपराधिक तत्वों के साथ सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, जन्मदिन समारोह में अक्रात, विकास और आयुष नामक व्यक्ति भी शामिल थे। ये तीनों संयोगितागंज क्षेत्र से हैं और इनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अक्रात और आयुष के पिता दीनू निगरानीशुदा बदमाश बताए जाते हैं, जबकि विकास पर भी नशा और मारपीट के करीब 10 मामले दर्ज हैं।

    घटना ने पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल मचा दी है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग किसी भी प्रकार के अनैतिक और आपराधिक संबंधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनके अपराध रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा।

    परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में यह घटना नागरिकों के बीच चिंता का विषय बन गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें, ताकि विभाग अपराध और अनुशासनहीनता पर नजर रख सके।

    हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का निलंबन इस बात का संदेश है कि पुलिस विभाग में भी नैतिक और कानूनी मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आगामी जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या अन्य अधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही।

  • इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा

    इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा


    इंदौर।
    मालवा की सांस्कृतिक राजधानी इंदौर में आज रविवार को रंगों का सबसे बड़ा और भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। पारंपरिक गेर के साथ पूरा पश्चिम क्षेत्र रंगों से सराबोर हो जाएगा। लाखों लोग इस अनूठे रंगोत्सव में शामिल होकर गुलाल और रंगों की बौछारों का आनंद लेंगे।

    गेर के साथ ही शहर में फागयात्रा भी निकलेगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। आयोजकों ने इस भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम के दौरान हजारों किलो गुलाल उड़ाया जाएगा, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह रंगमय हो जाएगा।

    70 साल पुरानी परंपरा

    यह परंपरागत गेर राजवाड़ा से निकाली जाती है और इसका इतिहास करीब सात दशक पुराना है। शुरुआत में बड़े कड़ावों में रंग भरकर लोगों को भिगोने की परंपरा थी। समय के साथ यह आयोजन बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों से होते हुए डीजे और आधुनिक तकनीक तक पहुंच गया। अब गेर में रंग बरसाने के लिए विशेष मिसाइल तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे रंग और पानी करीब 200 फीट तक हवा में उछाला जाएगा।

    लाखों लोग बनेंगे रंगोत्सव के साक्षी

    पिछले तीन वर्षों से गेर में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 5 लाख से अधिक रही है। यही वजह है कि यह आयोजन देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में गिना जाने लगा है। इस बार भी लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल उड़ाने की तैयारी की गई है। राजवाड़ा और आसपास के 5 से 6 किलोमीटर क्षेत्र में रंग, गुलाल और पानी की बौछारें देखने को मिलेंगी।

    टेसू के फूलों से बने गुलाल से बनेगा तिरंगा

    इस आयोजन की खास बात यह है कि करीब 8 हजार किलो टेसू के फूलों से तैयार गुलाल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा, जो उत्सव का विशेष आकर्षण होगा।

    ढोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    गेर में बैंड, ढोल-ताशे, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी। गेर और फागयात्रा अपने-अपने तय मार्गों से निकलकर शहरवासियों को रंगों के इस महासागर में डुबो देंगी।

  • इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला

    इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला


    इंदौर इंदौर में पचकुइया मुक्तिधाम पर शनिवार को अस्थियों की अदला-बदली से हंगामा मच गया। मामला तब सामने आया जब एक ही नंबर (13) के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए। इसी कारण गलती से एक अन्य परिवार स्व. मदनलाल विश्वकर्मा की अस्थियों को अपने स्वजन समझकर ले गया। जब परिवार अस्थियां लेने पहुंचा, तब उन्हें यह पता चला कि अस्थियां उनके स्वजन की नहीं हैं।

    विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, 55 वर्षीय मदनलाल विश्वकर्मा का निधन कुछ दिनों पहले हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के लिए पंडित ने अस्थि संचय की तिथि रविवार तय की थी, लेकिन शनिवार को परिवार जब संग्रह के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद परिवार ने ड्यूटी पर मौजूद निगमकर्मी से जानकारी ली, लेकिन कर्मचारी नशे में होने के कारण मदद नहीं कर सके।

    घटना की तहकीकात में पता चला कि 13 नंबर के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए थे। इसी कारण चौबे परिवार, जिनके 65 वर्षीय स्व. सुनील चौबे का निधन 5 मार्च को हुआ था, ने गलती से विश्वकर्मा परिवार की अस्थियां ले ली। सुबह लगभग 8.30 बजे चौबे परिवार अस्थियों को संग्रह कर खेड़ी घाट के लिए रवाना हुआ, तभी उन्हें मुक्तिधाम से फोन आया कि उन्होंने गलत अस्थियां ले ली हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की अस्थियां तीन घंटे बाद सही ढंग से लौटाई गईं।

    विश्वकर्मा परिवार के नजदीकी मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुक्तिधाम में तैनात पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के कर्मचारी की लापरवाही से यह स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी से गलती हुई और उसने टोकन संख्या में गड़बड़ी कर दी।

    मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने खेद जताते हुए बताया कि गलती करने वाला कर्मचारी 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है और कोरोना महामारी के दौरान भी उसने अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवीय भूल थी और संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी गई है।

    इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डायल 100 भेजा और एडी. डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा कि यदि किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मुक्तिधाम संचालन में कर्मचारियों की सतर्कता और टोकन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता उजागर कर दी है।

  • DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित

    DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित


    इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की एक छात्रा पर अन्य छात्राओं विशेषकर जूनियर्स को कॉलेज लाइफ एंजॉय करने के बहाने बॉयफ्रेंड बनाने का मानसिक दबाव डालने का आरोप लगा है। पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्रा को निष्कासित कर दिया।

    शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपी छात्रा मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उनसे संपर्क करने या बॉयफ्रेंड बनाने के लिए उकसाती थी। वह बार-बार कहती थी कॉलेज लाइफ एंजॉय करो बॉयफ्रेंड बनाओ। जांच में छात्रा के मोबाइल और कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।

    हॉस्टल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है जो पूरे नेटवर्क और संभावित गतिविधियों की छानबीन कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि हैं।

    घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी छात्रा के समुदाय और संभावित जिहाद एजेंडा का भी जिक्र किया गया है हालांकि अभी आधिकारिक जांच जारी है। प्रशासन ने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • 3 साल की अनिका के लिए समय से दौड़: 13.5 किलो से पहले लगना है 9 करोड़ का इंजेक्शन, अब भी चाहिए 3.40 करोड़

    3 साल की अनिका के लिए समय से दौड़: 13.5 किलो से पहले लगना है 9 करोड़ का इंजेक्शन, अब भी चाहिए 3.40 करोड़


    इंदौर। तीन साल दो महीने की मासूम अनिका शर्मा इन दिनों जिंदगी की सबसे कठिन जंग लड़ रही है। वह दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप 2 से पीड़ित है। डॉक्टरों ने साफ कहा है कि उसे 9 करोड़ रुपए का विशेष इंजेक्शन 13.5 किलो वजन होने से पहले लगना जरूरी है। फिलहाल उसका वजन 10.5 किलो है। अगर वजन तय सीमा से ऊपर चला गया तो इलाज का यह आखिरी मौका भी हाथ से निकल सकता है।

    अनिका के माता पिता पिछले तीन महीनों से उसका वजन नियंत्रित रखने के लिए सख्त डाइट फॉलो करवा रहे हैं। मां सरिता शर्मा बताती हैं कि बच्ची को रोटी चावल या वजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ नहीं दिए जा रहे। उसे पपीता सीमित फ्रूट जूस चाय बिस्किट और मखाना बादाम अखरोट से बना हलवा दिया जाता है ताकि पेट भी भरे और वजन भी न बढ़े। कई बार अनिका सुबह से शाम तक भूखी रह जाती है क्योंकि वह रोज एक जैसा खाना खाकर परेशान हो चुकी है।

    इलाज के लिए जो इंजेक्शन लगना है वह अमेरिकी कंपनी बनाती है और बेहद महंगा है। दिल्ली स्थित AIIMS से मिले प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार इलाज के दो मापदंड थे पहला दो साल की उम्र से पहले इंजेक्शन लगना चाहिए था जो निकल चुका है; दूसरा 13.5 किलो वजन से पहले इंजेक्शन लगना अनिवार्य है। अब यही अंतिम उम्मीद बची है।

    परिवार नवंबर से क्राउड फंडिंग अभियान चला रहा है। अब तक 5 करोड़ 60 लाख रुपए जुटाए जा चुके हैं लेकिन 3 करोड़ 40 लाख रुपए अभी और चाहिए। अनिका के पिता प्रवीण शर्मा बताते हैं कि इंदौर के अलावा रतलाम बदनावर बड़नगर में कैंप लगाकर सहयोग मांगा गया है और अब खंडवा व उज्जैन में अभियान की तैयारी है। कई लोगों और हस्तियों ने भी वीडियो संदेश जारी कर मदद की अपील की है।

    बीमारी की गंभीरता समझाते हुए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. हेमंत जैन बताते हैं कि एसएमए एक दुर्लभ न्यूरो मस्क्यूलर जेनेटिक बीमारी है जिसमें रीढ़ की हड्डी की मोटर नर्व सेल्स धीरे धीरे नष्ट होने लगती हैं। दिमाग से मांसपेशियों तक सिग्नल नहीं पहुंच पाते जिससे बच्चा शरीर पर नियंत्रण खोने लगता है। समय के साथ बैठना चलना निगलना और सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।

    डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी की पहचान गर्भावस्था में भी संभव है। समय रहते इलाज मिल जाए तो स्थिति बेहतर हो सकती है लेकिन देरी होने पर नष्ट हुई कोशिकाएं दोबारा जीवित नहीं की जा सकतीं। इंजेक्शन केवल नई कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है।

    अनिका की मां कहती हैं अगर उसका वजन बढ़ गया तो हमारी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। परिवार को अब भी समाज से उम्मीद है कि शेष राशि जुटाकर मासूम की जिंदगी बचाई जा सके।

  • 315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट

    315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट


    इंदौर। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जीका के एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको की जिका द्वितीय योजना के तहत संचालित बिजली परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दो सदस्यीय दल में मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी और जीका के भारत प्रतिनिधि कुणाल गुप्ता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजनाओं के निर्माण कार्य गुणवत्ता उपयोगिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से समीक्षा की।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने पीथमपुर स्थित 400 केवी सबस्टेशन का दौरा किया जहां जीका की सहायता से 315 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अधिकारियों ने ट्रांसफॉर्मर की तकनीकी विशेषताओं और इसके संचालन से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही 132 केवी मंगल्या से दक्षिण जोन इंदौर ट्रांसमिशन लाइन का भी मूल्यांकन किया गया। यह लाइन राज्य के पहले 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन महालक्ष्मी के लिए लाइन इन लाइन आउट व्यवस्था के तहत विकसित की गई है जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    एमपी ट्रांसको के अधिकारियों ने बताया कि नए ट्रांसफॉर्मर और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां उद्योगों को वोल्टेज में उतार चढ़ाव और अनियमित सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ता था वहीं अब उन्हें चौबीसों घंटे निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल रही है। इससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुचारु हुई है और लागत में भी कमी आई है।

    मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी ने केवल आधिकारिक प्रस्तुतियों तक सीमित न रहते हुए जमीनी हकीकत जानने का निर्णय लिया। उन्होंने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न इकाइयों में काम कर रहे लोगों और उद्योग संचालकों से सीधे बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता विश्वसनीयता और परियोजना के वास्तविक प्रभाव को लेकर फीडबैक लिया ताकि मूल्यांकन व्यावहारिक आधार पर किया जा सके।

    पीथमपुर धार क्षेत्र में चार संयंत्र संचालित करने वाली अग्रणी पैकेजिंग कंपनी एसआरएफ लिमिटेड ने भी अपने अनुभव साझा किए। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि नए पावर ट्रांसफॉर्मर के संचालन के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह स्थिर हो गई है और उत्पादन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आ रही है। कंपनी के विधिक प्रमुख ने कहा कि बेहतर बिजली उपलब्धता के कारण अब वे 132 केवी स्तर पर अपना लोड लगभग 15 एमवीए तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं जिससे दो नई उत्पादन इकाइयों को समर्थन मिल सकेगा।

    इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित बिजली अवसंरचना परियोजनाएं न केवल तकनीकी रूप से सुदृढ़ हैं बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने निवेश और उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है जिससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिला है।

  • इंदौर में जहरीली गैस के रिसाव के बाद लोगों सांस लेने में हुई परेशानी, घरों से निकले बाहर

    इंदौर में जहरीली गैस के रिसाव के बाद लोगों सांस लेने में हुई परेशानी, घरों से निकले बाहर


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीली गैस के रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के असर से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए।

    बताया जा रहा है कि एक कबाड़ी की दुकान पर गैस से भरा सिलेंडर लाया गया था। कबाड़ी सिलेंडर को काट रहा था, उसी दौरान उसमें भरी गैस रिसने लगी। गैस फैलते ही आसपास के लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी होने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कबाड़ी को हिरासत में ले लिया। दमकल विभाग की टीम ने सिलेंडर को अपने कब्जे में लेकर मौके से हटाया। क्षेत्र में पानी का छिड़काव भी किया गया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक काबू में आए।

    जहरीली गैस रिसाव से सांस लेने में तकलीफ होने के बाद दो महिलाओं समेत पांच लोगों को एहतियातन अस्पताल भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर नहीं है। सीएमएचओ डॉक्टर माधव हसनी ने बताया कि पांचों की हालत ठीक है।

    डीसीपी आनंद कालादगी ने बताया कि ककतपुरा पुल के नीचे शहजाद नाम के एक कबाड़ी द्वारा सिलेंडर काटा जा रहा था। इसी दौरान उसमें से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलते ही आसपास मौजूद लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ है। सभी लोग सुरक्षित हैं। पुलिस ने कबाड़ी शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।