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  • इंदौर के प्रॉपर्टी कारोबारी की संदिग्ध मौत में जांच तेज, भोपाल की युवती हिरासत में, कई एंगल से पड़ताल जारी

    इंदौर के प्रॉपर्टी कारोबारी की संदिग्ध मौत में जांच तेज, भोपाल की युवती हिरासत में, कई एंगल से पड़ताल जारी

    मध्य प्रदेश के इंदौर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी की संदिग्ध मौत के मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस ने जांच के सिलसिले में भोपाल की एक युवती को हिरासत में लिया है और मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जांच के दौरान हनी ट्रैप की आशंका भी सामने आई है, हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष घोषित नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार, हिरासत में ली गई युवती का कारोबारी से करीबी संबंध होने की जानकारी जांच के दौरान सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां उनके बीच हुए आर्थिक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल संचार और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।

    जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आया है कि कारोबारी से बड़ी राशि, आभूषण और एक लग्जरी कार लिए जाने की बात सामने आई है। इन आरोपों की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस संबंधित दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय विवरणों का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की विस्तार से जांच की जाएगी।

    घटना वाले दिन कारोबारी एक होटल में ठहरे हुए थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होटल की ऊंचाई से गिरने के कारण उनकी मौत हुई थी। पुलिस इस मामले में दुर्घटना, आत्महत्या और किसी संभावित आपराधिक साजिश सहित सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, प्रवेश और निकास के विवरण तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    जांच के दौरान कारोबारी के परिवार से भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई है। पुलिस को एक मोबाइल फोन से कथित रूप से ऐसा वीडियो मिलने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता, उसके संदर्भ और उससे जुड़े सभी तथ्यों का तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही घटना के समय होटल में मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ कर घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के अलावा मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य फॉरेंसिक सामग्री का भी विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसियों का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि घटना से पहले और बाद में क्या परिस्थितियां बनीं तथा क्या किसी प्रकार का दबाव, विवाद या अन्य कारण इस मामले से जुड़े हुए थे।

    फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सकीय रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की जा रही है तथा किसी भी व्यक्ति की भूमिका केवल ठोस साक्ष्य मिलने के बाद ही निर्धारित की जाएगी।

  • बीटेक की फीस के लिए जोड़ी मेहनत की कमाई साइबर ठगों ने उड़ाई, हेल्पलाइन और कार्रवाई पर छात्र ने उठाए सवाल

    बीटेक की फीस के लिए जोड़ी मेहनत की कमाई साइबर ठगों ने उड़ाई, हेल्पलाइन और कार्रवाई पर छात्र ने उठाए सवाल


    मध्य प्रदेश के इंदौर में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक छात्र की उच्च शिक्षा की तैयारी को गंभीर झटका पहुंचाया है। बीटेक की फीस जमा करने के लिए महीनों तक मेहनत और ओवरटाइम कर बचाए गए 48 हजार रुपये कुछ ही मिनटों में साइबर अपराधियों ने बैंक खाते से निकाल लिए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से मदद की गुहार लगाई, लेकिन समय पर राहत नहीं मिलने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, अशोकनगर निवासी केशव सैन इंदौर में एक निजी कंपनी में हेल्पर के रूप में कार्य करते हैं। वह नौकरी के साथ-साथ बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और आगामी शैक्षणिक सत्र की फीस जमा करने के लिए लगातार अतिरिक्त समय तक काम कर पैसे बचा रहे थे। उनके अनुसार, खाते में जमा पूरी राशि उनकी शिक्षा और भविष्य की योजनाओं के लिए रखी गई थी।

    पीड़ित ने बताया कि अचानक उनके मोबाइल पर बैंक खाते से लगातार ऑनलाइन लेनदेन के संदेश आने लगे। कुछ ही मिनटों के भीतर खाते से कुल 48 हजार रुपये निकल गए। उनका दावा है कि राशि अमेज़न पे के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजैक्शन में स्थानांतरित की गई। जब तक वह स्थिति को समझ पाते, खाते की पूरी जमा पूंजी समाप्त हो चुकी थी।

    घटना के तुरंत बाद छात्र ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया। पीड़ित का आरोप है कि तत्काल लेनदेन रोकने या तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें नजदीकी पुलिस थाने जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वह इंदौर क्राइम ब्रांच पहुंचे, जहां भी उन्हें तत्काल समाधान नहीं मिलने का दावा किया गया। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

    पीड़ित का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर त्वरित कार्रवाई होती तो संभवतः राशि को रोका या रिकवर किया जा सकता था। अब फीस जमा करने की समयसीमा नजदीक होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द से जल्द राशि वापस दिलाने की मांग की है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद साइबर ठगी से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। बैंक लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित खातों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि रकम के प्रवाह का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

    साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे मामलों में किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिलते ही तुरंत बैंक, साइबर हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस को सूचित करना आवश्यक होता है। साथ ही अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल और अविश्वसनीय मोबाइल एप्लिकेशन से सावधानी बरतने की भी सलाह दी जाती है।

    यह मामला एक बार फिर साइबर सुरक्षा व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • कुछ सेकंड की जल्दबाजी बनी जानलेवा: इंदौर स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से ग्वालियर के युवक की मौत

    कुछ सेकंड की जल्दबाजी बनी जानलेवा: इंदौर स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से ग्वालियर के युवक की मौत


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में ग्वालियर निवासी युवक की जान चली गई। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

    रेलवे पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान ग्वालियर के सुनार मोहल्ला निवासी हर्ष गुप्ता के रूप में हुई है। वह व्यापारिक कार्य से इंदौर आया था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह ग्वालियर से आई ओवरनाइट एक्सप्रेस से इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर उतरा था।

    हर्ष को आगे रतलाम जाना था, जिसके लिए उसे प्लेटफॉर्म नंबर-1 से डेमू ट्रेन पकड़नी थी। प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान उसने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्टेशन स्टाफ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इंदौर में रहने वाले उसके रिश्तेदार भी रेलवे स्टेशन पहुंच गए, जबकि ग्वालियर में रहने वाले परिजनों को सूचना देकर इंदौर बुलाया गया है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हर्ष गुप्ता व्यापारिक काम से इंदौर आए थे और आगे रतलाम जाने की तैयारी में थे। रेलवे पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। कुछ क्षणों की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। यदि ट्रेन छूट जाए तो अगली ट्रेन का इंतजार करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

  • इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक: इंडियामार्ट से एसी गैस खरीदने और बेटे की गिरफ्तारी का झांसा देकर 1.72 लाख उड़ाए

    इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक: इंडियामार्ट से एसी गैस खरीदने और बेटे की गिरफ्तारी का झांसा देकर 1.72 लाख उड़ाए


    इंदौर । इंदौर में साइबर अपराधियों ने एक ही दिन में दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देकर दो लोगों से कुल 1.72 लाख रुपए की ठगी कर ली। एक मामले में इंडियामार्ट पर एसी गैस बेचने के नाम पर ऑटो पार्ट्स कारोबारी से 82 हजार रुपए हड़प लिए गए, जबकि दूसरे मामले में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को उसके बेटे की रेप केस में गिरफ्तारी का डर दिखाया गया और जमानत के नाम पर 90 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र का है। रानी बाग निवासी ऑटो पार्ट्स व्यापारी पवनदीप सिंह खनूजा ने एसी गैस खरीदने के लिए इंडियामार्ट पर सप्लायर का नंबर तलाशा। वहां उन्हें श्रुति इंटरप्राइजेज के नाम से कुलदीप अग्रवाल का मोबाइल नंबर मिला। बातचीत के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर एसी गैस के 220 टिन का इनवॉइस और फोटो भेजकर 82 हजार रुपए ऑनलाइन जमा कराने को कहा।

    व्यापारी ने भरोसा कर मुंबई स्थित बैंक खाते में भुगतान कर दिया। इसके बाद आरोपी ने गति इंटरप्राइजेज के नाम से एक बिल्टी भी भेजी, लेकिन काफी समय तक सामान नहीं पहुंचा। जांच करने पर पता चला कि भेजी गई बिल्टी एआई तकनीक से तैयार की गई फर्जी दस्तावेज थी। जब आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया, तब व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने बैंक में भुगतान रोकने का प्रयास किया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

    दूसरी घटना कनाड़िया थाना क्षेत्र की है। राज वर्मा के पास व्हाट्सएप कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उनके बेटे को रेप के आरोप में तीन अन्य युवकों के साथ गिरफ्तार किया गया है। ठग ने बेटे को जेल से बचाने के लिए तत्काल तीन लाख रुपए की मांग की और डर का माहौल बनाकर पैसे भेजने का दबाव बनाया।

    घबराए राज वर्मा ने अपने पास केवल 90 हजार रुपए होने की बात कही। इसके बाद ठगों ने बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करा ली। कुछ देर बाद जब उन्होंने अपने बेटे से संपर्क किया तो पता चला कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

    दोनों मामलों में साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर आरोपियों की पहचान में जुटी है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी के दौरान केवल सत्यापित विक्रेताओं से ही लेनदेन करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अग्रिम भुगतान न करें और यदि कोई पुलिस, सीबीआई या अन्य अधिकारी बनकर फोन पर गिरफ्तारी या जमानत के नाम पर पैसे मांगे तो पहले संबंधित व्यक्ति या स्थानीय पुलिस से पुष्टि जरूर करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन धोखाधड़ी की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

  • चारधाम से लौटते वक्त मौत ने घेरा: 'बस छूट जाती तो पत्नी आज जिंदा होती', दौसा हादसे के पीड़ित की भावुक कहानी

    चारधाम से लौटते वक्त मौत ने घेरा: 'बस छूट जाती तो पत्नी आज जिंदा होती', दौसा हादसे के पीड़ित की भावुक कहानी


    मध्यप्रदेश । चारधाम यात्रा पूरी कर खुशियों के साथ घर लौट रहे इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रप्रकाश (चंदू) गुप्ता ने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगा। 30 जून की रात राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस हादसे में उनकी पत्नी निर्मला गुप्ता की मौत हो गई। हादसे से कुछ घंटे पहले ही निर्मला ने मुस्कुराते हुए सोशल मीडिया पर ‘यात्रा पूरी’ लिखकर स्टेटस लगाया था। परिवार से बात हुई, भविष्य की योजनाएं बनीं, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरा परिवार बिखेर दिया।

    चंद्रप्रकाश गुप्ता बताते हैं कि उनकी पत्नी पिछले तीन वर्षों से दोबारा चारधाम यात्रा पर जाने की जिद कर रही थीं। पहले भी दोनों यात्रा कर चुके थे, लेकिन निर्मला का कहना था कि अब वहां काफी बदलाव हो चुके हैं और एक बार फिर दर्शन करना चाहती हैं। यात्रा की तैयारी पूरी थी और ट्रेन की कन्फर्म टिकट भी मिल चुकी थी, लेकिन सुविधा को देखते हुए बस से जाने का फैसला किया गया। आज उन्हें सबसे ज्यादा यही बात सालती है कि अगर उस दिन बस नहीं पकड़ी होती तो शायद उनकी पत्नी आज उनके साथ होती।

    हरिद्वार से लौटते समय बस पकड़ने के लिए दोनों ने काफी मशक्कत की। पहले गलत बस स्टैंड पहुंचे, फिर सामान उठाकर कई सौ मीटर पैदल चलना पड़ा। कई बार बस संचालक से संपर्क किया और आखिरकार इंदौर जाने वाली बस मिल गई। उस समय उन्हें लगा कि बस छूटने से बच गए, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही बस निर्मला की आखिरी यात्रा साबित होगी।

    बस में बैठने के बाद निर्मला बेहद खुश थीं। उन्होंने बच्चों से फोन पर बात की और सोशल मीडिया पर ‘यात्रा पूरी’ का स्टेटस लगाया। इंदौर लौटने के बाद विदिशा, वृंदावन, सांवरिया सेठ और कुलदेवी के दर्शन की भी योजना बना ली गई थी। परिवार के साथ आने वाले दिनों की बातें हो रही थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    रात करीब ढाई बजे तेज धमाके के साथ बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े और कुछ ही पलों में बस में अफरा-तफरी मच गई। चंद्रप्रकाश बताते हैं कि उनकी पत्नी खिड़की की तरफ सो रही थीं और उसी दिशा से ट्रेलर बस के अंदर तक घुस आया। उन्होंने कई बार पत्नी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

    उन्होंने किसी तरह पत्नी का फंसा हुआ पैर निकाला और उन्हें बाहर लाने की कोशिश की, लेकिन तभी किसी ने उन्हें जबरदस्ती बस से बाहर खींच लिया। कुछ ही क्षणों में बस आग की लपटों में घिर गई। वे दोबारा पत्नी को बचाने दौड़े, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि अंदर जाना असंभव हो गया। उनकी आंखों के सामने ड्राइवर भी स्टीयरिंग में फंसा रह गया और जिंदा जल गया।

    चंद्रप्रकाश कहते हैं कि हादसे के बाद के वे सात-आठ मिनट उनकी पूरी जिंदगी बदल देने वाले थे। मोबाइल, सामान और जीवनसाथी—सब कुछ एक साथ छिन गया। सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की रही कि आसपास मौजूद कई लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन मदद के लिए बहुत कम लोग आगे आए। आखिरकार एक युवक ने उन्हें अपना मोबाइल दिया, जिससे उन्होंने बेटे को फोन कर सिर्फ इतना कहा—”बहुत बड़ा हादसा हो गया है।”

    करीब 44 वर्षों तक साथ निभाने वाली निर्मला गुप्ता को याद करते हुए उनकी आंखें भर आती हैं। वे बताते हैं कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवार की हर जिम्मेदारी उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाई। तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने और जीवन में आगे बढ़ाने में उनका सबसे बड़ा योगदान था। सरल स्वभाव, सादगी और परिवार के प्रति समर्पण ही उनकी पहचान थी।

    आज चंद्रप्रकाश गुप्ता के लिए चारधाम यात्रा की यादें आस्था से ज्यादा एक ऐसे दर्द की कहानी बन चुकी हैं, जिसने कुछ ही मिनटों में उनका पूरा संसार बदल दिया। उनके शब्दों में, “हम घर लौट रहे थे… लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया।”

  • नाना पटवारी ने मानी पुरानी ड्रग्स की लत, बोले- रिहैब के बाद छोड़ा नशा; कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध

    नाना पटवारी ने मानी पुरानी ड्रग्स की लत, बोले- रिहैब के बाद छोड़ा नशा; कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। शुक्रवार को इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे करीब तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज उनका ड्रग तस्करी से कोई संबंध नहीं है और उनकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी है कि वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हैं।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने दावा किया कि ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आरोपियों से उनका कोई लेन-देन या संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वे अपनी कार की सर्विसिंग कराने गए थे, तभी पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उनके अनुसार थाने में उनसे केवल सामान्य पूछताछ की गई, लेकिन हिरासत में लेने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे दिन उन्हें अलग-अलग स्थानों पर घुमाया गया और देर रात बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

    नाना पटवारी ने कहा कि उनकी कार संजय कौशल उर्फ रॉनी के सर्विस सेंटर पर सर्विस होती है और वहीं काम करने वाले कुछ लोगों के बारे में पुलिस ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन की चर्चा हो रही है, वह उनकी नहीं बल्कि संजय कौशल की है और उसमें मिले किसी भी सामान से उनका कोई संबंध नहीं है।

    इस पूरे मामले को कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बना रही है। उनका कहना है कि नाना पटवारी का ड्रग तस्करी प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें केवल राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया।

    दूसरी ओर इंदौर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह जांच के आधार पर की गई। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक राजेंद्र नगर क्षेत्र से ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार दो आरोपियों इरफान खान उर्फ गोलू चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी ने पूछताछ के दौरान नाना पटवारी और मानव गंगवानी का नाम लिया था। इसी आधार पर दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि फिलहाल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    नाना पटवारी पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित लगभग दस आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आ चुकी है। वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। वहीं वर्ष 2025 में जमीन विवाद और 2018 में महिला से कथित अभद्रता के मामले में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। उनका नाम खुशी कूलवाल आत्महत्या मामले की जांच के दौरान भी सामने आया था, हालांकि उस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

    फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

  • खेती छोड़ बना ड्रग तस्कर, मंदसौर से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में करता था सप्लाई, 11 लाख का माल जब्त

    खेती छोड़ बना ड्रग तस्कर, मंदसौर से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में करता था सप्लाई, 11 लाख का माल जब्त


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के अभियान के तहत इंदौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खजराना थाना पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए 110 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11 लाख रुपए आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह मंदसौर से सस्ते दामों पर ब्राउन शुगर खरीदकर इंदौर में ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि बायपास स्थित वाघेला गार्डन के पास एक युवक बड़ी मात्रा में ब्राउन शुगर लेकर ग्राहकों की तलाश में घूम रहा है। सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 110 ग्राम ब्राउन शुगर और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय रामकिशन उर्फ रामनिवास गिरी निवासी ग्राम काटिया थाना सुवासरा जिला मंदसौर के रूप में हुई है। वह आठवीं तक पढ़ा है और खेती का काम करता था। पूछताछ में उसने बताया कि वह स्वयं भी नशे का आदी है। इसी लत और जल्दी पैसा कमाने की चाहत ने उसे नशे के कारोबार में धकेल दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह मंदसौर के कोटड़ी क्षेत्र से ब्राउन शुगर खरीदकर इंदौर लाता था और यहां अधिक कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।

    थाना प्रभारी मनोज सिंह सेंधव ने बताया कि आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य ब्राउन शुगर की सप्लाई चेन का पता लगाना और उन लोगों की पहचान करना है जो इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है ताकि उसके संपर्क में रहने वाले सप्लायरों और ग्राहकों तक पहुंचा जा सके।

    इंदौर पुलिस का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशे की खरीद-फरोख्त या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जनसहयोग और सख्त कार्रवाई के जरिए ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है और समाज को इस गंभीर खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • तिरुपति बालाजी की तर्ज पर होगा महोत्सव, वेंकटेश मंदिर में सात दिन तक होंगे धार्मिक आयोजन

    तिरुपति बालाजी की तर्ज पर होगा महोत्सव, वेंकटेश मंदिर में सात दिन तक होंगे धार्मिक आयोजन


    इंदौर । इंदौर के छत्रीबाग स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में 10 से 16 जुलाई तक श्रीब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक महोत्सव में भगवान वेंकटेश के विशेष पूजन, महाभिषेक, उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। महोत्सव का मुख्य आकर्षण 16 जुलाई को निकलने वाली भगवान वेंकटेश की गौरवशाली रजत रथयात्रा रहेगी, जो नगर भ्रमण करते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन देगी।

    इस वर्ष महोत्सव का आयोजन तिरुपति बालाजी मंदिर की परंपरा और वैभव की तर्ज पर किया जा रहा है। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जहां शंख, चक्र और तिलक की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी। आयोजन की शुरुआत 9 जुलाई की शाम विश्वकसेन पूजन और सुंदरकांड पाठ से होगी। दोपहर में श्री वेंकटेश महिला मंडल की ओर से सुंदरकांड का आयोजन भी किया जाएगा।

    10 जुलाई को ध्वजारोहण के साथ श्रीब्रह्मोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा। यह अनुष्ठान अनंतश्रीविभूषित श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा। इसके बाद प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।

    11 जुलाई को भगवती श्रीमहालक्ष्मी का महाभिषेक होगा और 500 दंपति सामूहिक कुमकुम अर्चना में भाग लेंगे। 12 जुलाई को भगवान श्री वेंकटेश का 108 रजत कलशों से महाभिषेक किया जाएगा तथा रात्रि में छत्रीबाग क्षेत्र में छोटी रथयात्रा निकाली जाएगी।

    13 जुलाई को वसंतोत्सव और तिरुपावड़ा उत्सव का आयोजन होगा। 14 जुलाई को भगवान वेंकटेश का कल्याण उत्सव और विवाहोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर बारात निकलेगी तथा विवाह की सभी पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी। रात्रि में परकाल स्वामी की लीला पर आधारित नाटिका का मंचन भी होगा।

    15 जुलाई को भगवान के पुष्प बंगला दर्शन होंगे। वृंदावन और इंदौर के कलाकार सुगंधित फूलों और विशेष सजावटी सामग्री से मनोहारी पुष्प बंगला तैयार करेंगे, जिसमें भगवान वेंकटेश के विशेष दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे।

    महोत्सव का समापन 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा के साथ होगा। भगवान वेंकटेश वर्ष में एक बार निकलने वाले रजत रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। रथयात्रा में दक्षिण भारतीय संस्कृति की झलक, पारंपरिक वाद्य यंत्र, धार्मिक झांकियां और भक्ति संगीत श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।

    पूरे महोत्सव के दौरान भगवान का प्रतिदिन विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भजन संध्या, धार्मिक प्रवचन और संतों का सान्निध्य भी श्रद्धालुओं को मिलेगा। आयोजन में स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी विद्याभास्कर महाराज, स्वामी रंगनाथाचार्य महाराज, स्वामी अनंताचार्यजी महाराज, स्वामी वेंकटेशप्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी दामोदराचार्यजी महाराज, संत इन्द्रेश महाराज, युवराज स्वामी माधवप्रपन्नाचार्य महाराज, गोवत्स राधाकृष्ण महाराज और पुण्डरीकाक्षाचार्य महाराज सहित अनेक संत शामिल होंगे।

  • तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

    तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 13 वर्षीय एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बुधवार दोपहर नगीन नगर इलाके में हुआ, जब बच्चा अपनी साइकिल से सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    पुलिस के अनुसार घायल बच्चे की पहचान हर्ष नामदेव के रूप में हुई है। घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। हादसे के बाद बाइक सवार दोनों युवक मौके से फरार नहीं हुए, बल्कि वहीं रुक गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और पुलिस को सूचना दी।

    एरोड्रम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि पुलिस ने घायल बच्चे और उसके पिता कुंदन नामदेव के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है, जिसमें हादसा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाइक चला रहे दोनों युवकों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सड़क हादसे के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना तेज रफ्तार, लापरवाही या यातायात नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बिना बैंड बाजा और बिना दिखावे की शादी पर्यावरण संरक्षण का देगा खास संदेश

    बिना बैंड बाजा और बिना दिखावे की शादी पर्यावरण संरक्षण का देगा खास संदेश

     
    इंदौर । शादियों में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची के दौर में इंदौर का एक परिवार समाज के सामने नई मिसाल पेश करने जा रहा है। शहर के व्यवसायी और समाजसेवी अक्षय जैन ने अपने पुत्र पार्थ जैन के 12 जुलाई को होने वाले विवाह समारोह को केवल पारिवारिक आयोजन तक सीमित रखने का फैसला किया है। इस विवाह की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें न बैंड बाजा होगा और न ही भव्य सजावट व दिखावे पर खर्च किया जाएगा। इसके बजाय पूरा आयोजन सादगी संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संपन्न होगा।

    जैन परिवार ने विवाह में शामिल होने वाले सभी मेहमानों से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार का उपहार लिफाफा या भेंट लेकर न आएं। परिवार का कहना है कि नवदंपती के लिए सबसे बड़ा उपहार बड़ों का आशीर्वाद और अपने लोगों का स्नेह ही है। इसलिए किसी भी तरह की भौतिक भेंट की आवश्यकता नहीं है।

    इसके साथ ही परिवार ने एक अनूठी अपील भी की है। सभी मेहमानों से कहा गया है कि वे नवदंपती को आशीर्वाद देने के लिए अपने घर आंगन खेत या आसपास किसी भी उपयुक्त स्थान पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल का संकल्प भी लें। उनका मानना है कि यदि हर शुभ अवसर को प्रकृति से जोड़ दिया जाए तो समाज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई जागरूकता पैदा होगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ तथा हराभरा वातावरण मिल सकेगा।

    अक्षय जैन का कहना है कि इस निर्णय के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय समय पर दिए गए सादगी मितव्ययता और पर्यावरण संरक्षण के संदेशों से प्रेरणा मिली है। उनका मानना है कि विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च के बजाय समाज और प्रकृति के हित में सकारात्मक पहल की जानी चाहिए ताकि ऐसे आयोजन दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकें।

    विवाह समारोह पूरी तरह जैन परंपराओं के अनुसार आयोजित किया जाएगा। सभी धार्मिक अनुष्ठान नवकार महामंत्र और मंगलाचरण के बीच संपन्न होंगे। जैन धर्म की परंपरा का पालन करते हुए किसी भी प्रकार का रात्रिकालीन कार्यक्रम नहीं रखा गया है। विवाह से जुड़ी सभी रस्में दिन के समय पूरी की जाएंगी। मेहमानों के लिए जमीकंद रहित सात्विक भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

    सामाजिक संगठनों और शहर के कई लोगों ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि आज जब शादियां अक्सर दिखावे और प्रतिस्पर्धा का माध्यम बनती जा रही हैं तब इस तरह का आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला प्रयास है। यदि अधिक से अधिक परिवार इस सोच को अपनाएं तो विवाह समारोह केवल खुशियों का अवसर ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी बन सकते हैं। इंदौर का यह विवाह सादगी संस्कार और हरियाली का संदेश देकर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनने जा रहा है।