Tag: Indore

  • शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत

    शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत


    मध्य प्रदेश; मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बार फिर शराब के नशे में हुई हिंसक वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एरोड्रम थाना क्षेत्र की पंचवटी कॉलोनी में मंगलवार दोपहर शराब पीने के दौरान दो दोस्तों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोपी ने पहले शराब की बोतल से हमला किया और फिर पास में रखी पानी भरने की मोटर उठाकर दोस्त के सिर पर दे मारी। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान जितेन्द्र पुत्र फूलचंद मीणा के रूप में हुई है। वह एक निजी बैंक में कार्यरत था और पंचवटी कॉलोनी क्षेत्र में रहता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जितेन्द्र अपने दोस्त धर्मेंद्र पंवार के साथ बैठकर शराब पी रहा था। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में यह सामान्य बहस थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार विवाद बढ़ने पर धर्मेंद्र ने अपना आपा खो दिया। उसने पहले शराब की बोतल उठाकर जितेन्द्र पर हमला किया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने पास में रखी पानी भरने वाली मोटर को हथियार बना लिया। आरोपी ने मोटर से जितेन्द्र के सिर पर कई वार किए। सिर में गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    थाना प्रभारी वरेन्द्र कुशवाह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या का कारण आपसी विवाद है, जो शराब पीने के दौरान हुआ था। आरोपी धर्मेंद्र पंवार घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक जितेन्द्र का निजी जीवन भी काफी संघर्षपूर्ण रहा था। उसकी पत्नी करीब सात वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थी और वह अकेले रहकर नौकरी कर रहा था। परिवार और परिचितों के अनुसार वह शांत स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी अचानक हुई मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।

    यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि नशे की हालत में छोटे-छोटे विवाद भी किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।

  • मंदिर ट्रस्टी की बेरहमी से हत्या: शराब पीने से टोका तो चौकीदार ने डंडे से किए 31 वार, गुरुद्वारे में घुसकर भी नहीं छोड़ा

    मंदिर ट्रस्टी की बेरहमी से हत्या: शराब पीने से टोका तो चौकीदार ने डंडे से किए 31 वार, गुरुद्वारे में घुसकर भी नहीं छोड़ा


    इंदौर इंदौर शहर एक बार फिर सनसनीखेज हत्या की घटना से दहल उठा है। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में स्थित करीब 150 साल पुराने मंदिर के ट्रस्टी कैलाश मोदी (70) की मंदिर के चौकीदार ने बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि शराब पीने से रोकने और समझाइश देने पर चौकीदार मुकेश शर्मा इतना गुस्से में आ गया कि उसने बुजुर्ग ट्रस्टी पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जान बचाने के लिए भाग रहे कैलाश मोदी का आरोपी ने पीछा किया और गुरुद्वारे के अंदर घुसकर भी उन पर हमला जारी रखा। पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसने इलाके में दहशत फैला दी है।

    पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर परिसर में यह खूनी वारदात हुई। बताया जा रहा है कि मंदिर का चौकीदार मुकेश शर्मा लंबे समय से शराब का आदी है और अक्सर नशे की हालत में मंदिर परिसर में विवाद करता था। मंदिर ट्रस्टी कैलाश मोदी उसे कई बार समझा चुके थे और उसके व्यवहार को लेकर लोगों की शिकायतें भी सामने आती रही थीं।

    घटना वाले दिन भी मुकेश नशे की हालत में मंदिर पहुंचा था। जब कैलाश मोदी ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह भड़क गया। उसने पास में रखा डंडा उठा लिया और मोदी पर हमला करने दौड़ा। अपनी जान बचाने के लिए मोदी वहां से भागे, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। कुछ दूरी पर उन्हें पकड़कर डंडे से लगातार वार करना शुरू कर दिया।

    गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैलाश मोदी किसी तरह खुद को बचाते हुए पास स्थित गुरुद्वारे तक पहुंच गए। उन्होंने अंदर जाकर गेट बंद करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी ने गुरुद्वारे के भीतर उन्हें जमीन पर गिराकर सिर, हाथ और पैरों पर लगातार डंडे बरसाए। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने करीब 31 बार हमला किया, जिससे मोदी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले के बाद आरोपी उन्हें लहूलुहान अवस्था में छोड़कर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    गुरुद्वारे के वाइस प्रेसिडेंट दिलराज छाबड़ा ने बताया कि घटना के समय सुबह का सत्संग चल रहा था और लाउडस्पीकर की आवाज के कारण किसी को हमले की भनक नहीं लगी। उन्होंने बताया कि कैलाश मोदी लंबे समय से मंदिर की सेवा कर रहे थे और क्षेत्र में उनका सम्मान था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी मुकेश शर्मा के खिलाफ पहले भी शिकायतें की जा चुकी थीं। उसके व्यवहार और नशे की आदत को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने से यह दुखद घटना सामने आ गई।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच जारी है। वहीं कैलाश मोदी की हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

  • इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप: सीवरेज मिला पानी पीने से 10 लोग बीमार, निगम की जांच शुरू

    इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप: सीवरेज मिला पानी पीने से 10 लोग बीमार, निगम की जांच शुरू


    इंदौर  इंदौर शहर में एक बार फिर दूषित पेयजल की समस्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भागीरथपुरा क्षेत्र में सामने आए मामले के बाद अब वार्ड क्रमांक 16 के महावीर नगर में पीने के पानी में सीवरेज मिलने की शिकायत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दूषित पानी पीने से अब तक करीब 10 लोग बीमार पड़ चुके हैं। प्रभावित लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और अन्य पेट संबंधी समस्याओं के लक्षण देखे जा रहे हैं।

    स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उनके घरों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से भी की थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। लोगों का आरोप है कि यदि नगर निगम नियमित रूप से जल स्रोतों और पाइपलाइन की निगरानी करता तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने रहवासियों से चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली और पानी की सप्लाई व्यवस्था तथा बोरवेल की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान यह आशंका जताई जा रही है कि इलाके के एकमात्र बोरवेल में सीवरेज का पानी मिल जाने से पूरा जल स्रोत दूषित हो गया, जिसके कारण गंदा पानी सीधे घरों तक पहुंचा।

    क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि पानी से तेज दुर्गंध आ रही थी और उसका रंग भी सामान्य नहीं था। कई परिवारों ने पानी का उपयोग बंद कर दिया, जबकि कुछ लोग अनजाने में उसी पानी का सेवन करते रहे, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। बीमार लोगों का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

    नगर निगम ने पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही दूषित पानी के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी टीम को लगाया गया है।

    इस बीच नगर निगम के साथ-साथ एक एनजीओ की टीम भी मौके पर पहुंची है। टीम घर-घर जाकर जानकारी जुटा रही है कि कितने लोग बीमार हुए हैं और दूषित पानी का स्रोत कहां से आया। वहीं वार्ड की पार्षद सोनाली मुकेश धारकर भी मौके पर पहुंचीं और रहवासियों की समस्याएं सुनीं। जोनल अधिकारियों ने दावा किया है कि निगम की टीम लगातार काम कर रही है और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के मौसम में जल स्रोतों के दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नागरिकों को सावधानी बरतते हुए पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पीना चाहिए। फिलहाल महावीर नगर के लोग सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • खजराना गणेश मंदिर में गर्भगृह का गेट होगा चौड़ा, ट्रांसपेरेंट ग्लास कवर के पीछे विराजे भगवान गणेश

    खजराना गणेश मंदिर में गर्भगृह का गेट होगा चौड़ा, ट्रांसपेरेंट ग्लास कवर के पीछे विराजे भगवान गणेश


    मध्यप्रदेश । इंदौर का प्रसिद्ध Khajrana Ganesh Temple देशभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माना जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह के मुख्य प्रवेश द्वार के चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। इस दौरान भगवान गणेश की प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए विशेष स्टील और ट्रांसपेरेंट ग्लास से बने संरक्षित कवर में रखा गया है, जिससे निर्माण कार्य के दौरान धूल, मलबा या अन्य किसी प्रकार का प्रभाव प्रतिमा पर न पड़े।

    मंदिर प्रशासन के अनुसार यह कार्य खजराना गणेश मंदिर के मास्टर प्लान के तहत किया जा रहा है। गर्भगृह के प्रवेश द्वार की चौड़ाई बढ़ने से श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी और एक समय में अधिक संख्या में भक्त भगवान के दर्शन कर सकेंगे। वर्तमान में भीड़ के दौरान दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती है, जिसे सुधारने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

    निर्माण कार्य शुरू करने से पहले गर्भगृह के मुख्य द्वार और आसपास की दीवारों पर लगी लगभग 150 किलोग्राम चांदी को सावधानीपूर्वक हटाया गया था। मंदिर के पुजारी Ashok Bhatt के अनुसार निकाली गई चांदी को सुरक्षित रूप से ट्रेजरी में जमा कर दिया गया है। गेट चौड़ीकरण का काम पूरा होने के बाद इस चांदी को दोबारा उसी स्थान पर स्थापित किया जाएगा।

    पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले भवन की संरचनात्मक मजबूती की जांच कराई गई थी। इसके लिए SGSITS की विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट के आधार पर ही चौड़ीकरण कार्य को मंजूरी दी गई। अनुमान है कि इस कार्य को पूरा होने में एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है।

    मंदिर प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि निर्माण कार्य के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसी वजह से अधिकांश काम रात के समय किया जा रहा है, जबकि दिन में दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित की जा रही है।

    गर्भगृह के मुख्य द्वार के बाद मंदिर परिसर में स्थित सभा मंडप में भी बदलाव किए जाएंगे। मंदिर प्रशासन की योजना सभा मंडप को लगभग दो से ढाई फीट नीचे करने की है। वर्तमान में भीड़ बढ़ने पर पीछे खड़े श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती है। मंडप को नीचे करने से दूर खड़े भक्त भी आसानी से भगवान गणेश के दर्शन कर सकेंगे।

    इसके अलावा भविष्य में दर्शन हॉल के विकास कार्य भी किए जाएंगे। मंदिर प्रशासन का मानना है कि आगामी Simhastha और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु खजराना गणेश मंदिर पहुंच सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

  • इंदौर में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत, सड़क हादसे में ठेकेदार ने तोड़ा दम

    इंदौर में दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत, सड़क हादसे में ठेकेदार ने तोड़ा दम


    मध्यप्रदेश । इंदौर में रविवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। एक ओर तेजाजी नगर क्षेत्र में रहने वाले एक पेंटिंग ठेकेदार की सड़क दुर्घटना में जान चली गई, वहीं दूसरी ओर पलासिया इलाके में एक निजी बीमा कंपनी के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला तेजाजी नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार शक्करखेड़ी निवासी Pappu Kewat को गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पेंटिंग ठेकेदारी का काम करते थे और रविवार को एक निर्माण स्थल का निरीक्षण करने निपानिया क्षेत्र गए थे।

    परिजनों के मुताबिक, रविवार को अवकाश होने के कारण वह अपने काम से संबंधित एक स्थान देखने गए थे। वहां से लौटते समय किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद वे सड़क पर घायल अवस्था में पड़े रहे। बाद में राहगीरों की नजर उन पर पड़ी और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    परिवार के सदस्य अंकित ने बताया कि मृतक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। माता-पिता गांव में रहते हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    उधर, दूसरी घटना पलासिया क्षेत्र से सामने आई है, जहां एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, Ramchandra निवासी ओल्ड पलासिया को रविवार रात उनके परिचित एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम वह सामान्य रूप से घर पर थे। कुछ समय बाद वह बाथरूम गए और बाहर आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बताया गया कि उन्हें अचानक उल्टियां शुरू हो गईं। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार, मृतक एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत थे। उनका एक बेटा जबलपुर एयरपोर्ट पर नौकरी करता है, जबकि दूसरा बेटा इंदौर में रहता है। परिवार मूल रूप से छतरपुर का रहने वाला है।

    पलासिया पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    दोनों घटनाओं के बाद संबंधित थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच आगे बढ़ा दी है। एक मामले में सड़क हादसे के जिम्मेदार वाहन चालक की तलाश जारी है, जबकि दूसरे मामले में चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • काशवी और डॉ. अमन केस में जांच पर उठे सवाल, रिपोर्ट और बयानों के बाद भी कार्रवाई नहीं

    काशवी और डॉ. अमन केस में जांच पर उठे सवाल, रिपोर्ट और बयानों के बाद भी कार्रवाई नहीं


    मध्यप्रदेश । इंदौर में हाल ही में सामने आए दो संवेदनशील मामलों ने पुलिस और संबंधित विभागों की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर दो वर्षीय काशवी यादव की संदिग्ध मौत का मामला है, तो दूसरी ओर मेडिकल छात्र Aman Patel की आत्महत्या का प्रकरण। दोनों मामलों में परिजनों और संबंधित पक्षों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष या कार्रवाई सामने नहीं आई है।

    दो वर्षीय काशवी यादव की मौत के मामले में उसके माता-पिता निशा और नितिन यादव ने पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया है कि भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित एक निजी क्लिनिक में उपचार के दौरान लापरवाही हुई, जिसके कारण उनकी बेटी की हालत बिगड़ी। परिजनों के अनुसार, बच्ची को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद क्लिनिक ले जाया गया था, जहां उपचार के बाद उसकी तबीयत लगातार खराब होती गई। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अनुमति के बाद बच्ची के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया था। परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंपे जाने और प्रमुख बयानों के दर्ज होने के बाद भी जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। उनका सवाल है कि यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं मिली है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही, और यदि लापरवाही के संकेत हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

    इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि संबंधित क्लिनिक की कार्यप्रणाली, उपचार प्रक्रिया और चिकित्सा मानकों के पालन की जांच के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी बेटी वापस नहीं आ सकती, लेकिन यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

    इसी तरह मेडिकल छात्र Aman Patel की आत्महत्या का मामला भी चर्चा में बना हुआ है। 17 मई को उनका शव एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर में मिला था। जांच के दौरान पुलिस ने परिजनों, दोस्तों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि छात्र हाल के दिनों में मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। उन्होंने कुछ व्यक्तिगत और सामाजिक परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है।

    परिवार का कहना है कि घटना से पहले की बातचीत, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं। हालांकि पुलिस द्वारा जांच जारी होने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक किसी निष्कर्ष या आगे की कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे परिवार और परिचितों में असंतोष बढ़ रहा है।

    दोनों मामलों में पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और सभी उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा बयानों का परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही किसी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

    फिलहाल दोनों परिवार न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि समयबद्ध और पारदर्शी जांच ही इन मामलों की सच्चाई सामने ला सकती है तथा समाज में विश्वास कायम रख सकती है।

  • बेटे का शव देखते ही थम गई मां की सांसें, इंदौर में कुछ ही मिनटों के अंतराल में मां-बेटे की मौत

    बेटे का शव देखते ही थम गई मां की सांसें, इंदौर में कुछ ही मिनटों के अंतराल में मां-बेटे की मौत


    मध्यप्रदेश । इंदौर के भंडारी मिल मार्ग स्थित श्रीनाथ विहार अपार्टमेंट में घटित एक मार्मिक घटना ने पूरे शहर को भावुक कर दिया। 55 वर्षीय राजुल शर्मा के निधन के कुछ ही मिनट बाद उनकी 75 वर्षीय मां किरण शर्मा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। सोमवार को जब मां और बेटे की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर खुद को संभाल नहीं सके।

    परिजनों के अनुसार, राजुल शर्मा पेशे से कंप्यूटर डिजाइनर थे। रविवार को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। परिवार इस दुखद घटना से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही देर बाद एक और बड़ा सदमा सामने आ गया।

    परिवार के सदस्य राजेश शर्मा ने बताया कि राजुल और उनकी मां किरण शर्मा दोनों की पहले बायपास सर्जरी हो चुकी थी। परिवार के कई सदस्यों का भी हृदय संबंधी उपचार हो चुका है। उन्होंने कहा कि परिवार पर एक साथ आए इस दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

    जानकारी के अनुसार, राजुल शर्मा के निधन के समय उनकी मां किरण शर्मा अपनी बेटी के घर एरोड्रम रोड क्षेत्र में थीं। परिजन उन्हें अचानक सदमा न लगे, इसलिए उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। बाद में उन्हें धीरे-धीरे घर लाया गया। लेकिन जैसे ही वे फ्लैट में पहुंचीं और बेटे का पार्थिव शरीर देखा, उनका धैर्य टूट गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किरण शर्मा बेटे के शव के पास पहुंचीं, उसके सिर पर हाथ फेरा और फूट-फूटकर रोने लगीं। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचानक बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    कुछ ही घंटों के भीतर मां और बेटे के निधन की खबर पूरे परिवार और परिचितों के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई। सोमवार सुबह से ही रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचने लगे। जब दोनों की अर्थियां एक साथ सजाई गईं और अंतिम यात्रा निकली तो माहौल बेहद भावुक हो गया। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि मां और बेटे का रिश्ता कितना गहरा रहा होगा कि बेटे के जाने का दुख मां सहन ही नहीं कर सकीं।

    गहरे शोक के इस माहौल के बीच परिवार ने एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने इस दुखद घटना को मानवता के संदेश में बदल दिया। परिजनों ने मां और बेटे दोनों का नेत्रदान करने का फैसला किया। सामाजिक संस्था मुस्कान ग्रुप के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। परिवार का मानना है कि भले ही दोनों अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी चार जरूरतमंद लोगों के जीवन को नया उजाला देगी।

    इसी क्रम में शहर में अन्य परिवारों ने भी नेत्रदान की प्रेरणादायक पहल की है। धनवंती देवी लालवानी, सरदारनी नरेंद्र कौर और नंदलाल पुरणानी के निधन के बाद उनके परिजनों ने भी नेत्रदान कर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    राजुल और किरण शर्मा की यह कहानी जहां एक ओर मां-बेटे के अटूट प्रेम को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर नेत्रदान के माध्यम से मानवता और सेवा का संदेश भी देती है।

  • क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, इंदौर से चला नेटवर्क चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली तक फैला

    क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, इंदौर से चला नेटवर्क चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली तक फैला


    मध्यप्रदेश । इंदौर में क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपए की कथित ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका संचालन चंडीगढ़, बेंगलुरु, दिल्ली और अन्य शहरों तक फैला हुआ था। आरोप है कि गिरोह लोगों को कम समय में भारी मुनाफे और रकम दोगुनी होने का लालच देकर निवेश करवाता था, लेकिन बाद में न तो मुनाफा देता था और न ही मूल राशि लौटाता था।

    पुलिस के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी, अनिरुद्ध दलवी, मुकेश तायडे और जोसेफ सहित अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    क्राइम ब्रांच को जिया वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, गुरमीत कौर समेत कई लोगों ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने पर शुरुआत में 2 प्रतिशत तक रिटर्न और 100 दिनों में रकम दोगुनी होने का दावा किया था। इसी भरोसे में लोगों ने लाखों रुपए निवेश किए।

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी का प्रचार किया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी के नाम और विदेशी कारोबार के दावों का इस्तेमाल निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए किया गया। पुलिस के अनुसार, निवेशकों से प्राप्त राशि हरप्रीत कौर और कंपनी से जुड़े बैंक खातों में जमा करवाई गई थी। प्रारंभिक जांच में करीब ढाई करोड़ रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

    पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से एक किटी पार्टी के दौरान हुई थी। वहीं से उसे निवेश योजना की जानकारी दी गई। बाद में उसे भंवरकुआ क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में ले जाया गया, जहां अन्य आरोपियों ने कथित निवेश योजना प्रस्तुत की। इसके बाद शहर के एक बड़े होटल में सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया गया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, सेमिनार में महंगे उपहार, आकर्षक प्रस्तुतियां और बड़े मुनाफे के वादों के जरिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया।

    पीड़ितों का आरोप है कि मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने वेबसाइट अपडेट, तकनीकी समस्या और भुगतान प्रक्रिया में देरी जैसे कारण बताकर समय टालना शुरू कर दिया। बाद में ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से भी निवेशकों को आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।

    शिकायतकर्ताओं के अनुसार, लगातार दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने कथित तौर पर यह कह दिया कि कंपनी का कारोबार बंद हो चुका है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद कई आरोपियों ने फोन उठाना और संपर्क करना भी बंद कर दिया।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले की जांच जारी है। बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन, निवेश रिकॉर्ड और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित निवेश योजना से कुल कितने लोग प्रभावित हुए और ठगी की वास्तविक राशि कितनी है।

  • इंस्टाग्राम से बोतल मंगाना पड़ा भारी, रिफंड के झांसे में फंसी छात्रा से 2.99 लाख की साइबर ठगी

    इंस्टाग्राम से बोतल मंगाना पड़ा भारी, रिफंड के झांसे में फंसी छात्रा से 2.99 लाख की साइबर ठगी


    मध्यप्रदेश । इंदौर के खजराना क्षेत्र में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा ऑनलाइन ठगी और साइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार हो गई। आरोप है कि इंस्टाग्राम के माध्यम से किए गए एक ऑनलाइन ऑर्डर के बाद ठगों ने पहले रिफंड का झांसा देकर छात्रा को अपने जाल में फंसाया और फिर कथित अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे वसूले। इसके बाद उसके बैंक खाते से करीब 2 लाख 99 हजार रुपए की राशि भी निकाल ली गई।

    पुलिस के अनुसार, छात्रा वरीदा ने इस मामले की शिकायत खजराना थाने और साइबर क्राइम शाखा में दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि उसकी बहन अलीना ने 11 मई को इंस्टाग्राम पर संचालित एक पेज “सॉफ क्यूक इंडिया” से पानी की दो बोतलें ऑर्डर की थीं। इसके लिए ऑनलाइन भुगतान भी किया गया था।

    शिकायत के मुताबिक, ऑर्डर करने के कुछ समय बाद एक व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि ऑर्डर किसी कारणवश रद्द हो गया है और भुगतान की गई राशि वापस की जाएगी। इसके लिए उसने एक लिंक भेजी और रिफंड प्रक्रिया पूरी करने के लिए उस पर क्लिक करने को कहा। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान ठगों ने छात्रा की बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर ली।

    मामला यहीं नहीं रुका। छात्रा का आरोप है कि 20 मई को उसे एक अन्य कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उसके पास छात्रा की अश्लील तस्वीरें हैं और यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वे तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 30 हजार रुपए की मांग की। बदनामी के डर से छात्रा ने बताए गए यूपीआई खाते में राशि ट्रांसफर कर दी।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब 9 जून को छात्रा कॉलेज फीस जमा करने पहुंची। फीस भुगतान के दौरान उसे पता चला कि उसके बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं बची है। इसके बाद जब उसने बैंक से संपर्क कर खाते की जानकारी ली तो सामने आया कि खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 2.99 लाख रुपए निकाले जा चुके हैं।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर विशेषज्ञ भी ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच में जुटे हैं।

    पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान विक्रेता से खरीदारी करते समय सावधानी बरतें। किसी भी रिफंड लिंक, संदिग्ध कॉल या ओटीपी साझा करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

  • खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप

    खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब बंगाली चौराहे के पास स्थित एक शराब दुकान के समीप संचालित कथित अवैध अहाते का वीडियो बनाने पहुंचीं कुछ महिलाओं और दुकान से जुड़े लोगों के बीच विवाद हो गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और एक महिला का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    जानकारी के अनुसार, बंगाली चौराहे के समीप स्थित किशकिंधा अपार्टमेंट में करीब 24 परिवार निवास करते हैं। रहवासियों का आरोप है कि शराब दुकान के पास अवैध रूप से अहाता संचालित किया जा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में आए दिन शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    शनिवार रात अपार्टमेंट में रहने वाली कुछ महिलाएं कथित अवैध अहाते की स्थिति का वीडियो बनाने पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि वे क्षेत्र में हो रही समस्याओं को रिकॉर्ड कर प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और विवाद की स्थिति बन गई।

    रहवासियों का आरोप है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान दुकान के कर्मचारियों ने कविता रोकड़े नामक महिला का मोबाइल छीन लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। महिलाओं ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में पहले भी शराबियों के जमावड़े के कारण असामाजिक गतिविधियों और महिलाओं से अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसकी शिकायत प्रशासन को कई बार की जा चुकी है।

    दूसरी ओर, मामले की सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और तत्काल किसी बड़े विवाद को बढ़ने से रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    रहवासियों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। उनका आरोप है कि शराब दुकान के आसपास कथित अवैध अहाते और अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे यातायात और आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने तथा कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग भी की है।

    मामले ने एक बार फिर शहर में शराब दुकानों के आसपास सुरक्षा, अतिक्रमण और स्थानीय नागरिकों की परेशानियों को लेकर बहस छेड़ दी है। अब क्षेत्र के लोग प्रशासनिक कार्रवाई और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।