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  • NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग

    NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग


    इंदौर । इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर 23 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी राजनीतिक दल या बड़े संगठन के बजाय आम लोगों का सहयोग मिल रहा है। धरना स्थल पर टेंट, गद्दे, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समाज के लोगों और छात्रों के सहयोग से संचालित की जा रही हैं। कई युवा अपनी रोज की कमाई का हिस्सा भी आंदोलन के लिए दे रहे हैं ताकि प्रदर्शन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने आंदोलन शुरू किया था तब उनके पास बैठने और बारिश से बचने तक की व्यवस्था नहीं थी। शुरुआती दिनों में बारिश से बचने के लिए उन्हें अपने बैठने वाले गद्दों को ही ओढ़ना पड़ा। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो कई सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक उनकी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद धरना स्थल पर टेंट, गद्दे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

    छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, रिक्त और बैकलॉग पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू हो तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी 23 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    धरना स्थल पर मौजूद पवन अहिरवार और अरुण बड़ोले ने बताया कि रोजाना टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 1500 रुपये खर्च होते हैं। यह राशि आम नागरिकों के स्वैच्छिक सहयोग से जुटाई जा रही है। इसके लिए धरना स्थल पर सहयोग पेटी भी रखी गई है, जिसमें लोग अपनी इच्छा से आर्थिक सहायता दे रहे हैं। कई छात्र स्वयं लोगों से संपर्क कर आंदोलन के लिए सहयोग की अपील भी कर रहे हैं।

    इस आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। पेशे से ड्राइवर दिनेश वास्कले ने बताया कि उनके छोटे बच्चे हैं और वे नहीं चाहते कि भविष्य में उन्हें भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का सामना करना पड़े। उन्होंने अपना जन्मदिन भी धरना स्थल पर मनाया और उस दिन सभी छात्रों के भोजन की व्यवस्था की। वहीं डिलीवरी बॉय चंदन मोवेल ने कहा कि वह अपनी कमाई का एक हिस्सा आंदोलन के लिए नियमित रूप से दे रहे हैं। इसी तरह कई अन्य युवाओं ने भी छात्रों के समर्थन में आर्थिक सहयोग दिया है।

    धरने में शामिल छात्रों के अनुसार रात के समय भी 15 से 20 छात्र लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहते हैं, जबकि सुबह और शाम करीब 100 छात्र आंदोलन में शामिल होते हैं। उनका आरोप है कि अब तक प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी मांगों पर चर्चा करने नहीं पहुंचा है।

    एलएलएम के छात्र अनिल विद्याराणा ने बताया कि विभिन्न छात्र संगठनों का भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। कई संगठन धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

  • MP में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: 6 साल में नहीं बना अस्पताल, कागजों में चलती रहीं 87 कर्मचारियों की पोस्टिंग

    MP में सरकारी व्यवस्था पर सवाल: 6 साल में नहीं बना अस्पताल, कागजों में चलती रहीं 87 कर्मचारियों की पोस्टिंग


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। खजराना क्षेत्र में छह वर्ष पहले 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन आज तक अस्पताल का भवन तैयार नहीं हो सका। इसके बावजूद अस्पताल के नाम पर 87 पद स्वीकृत हुए और वर्षों तक डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्तियां तथा तबादले होते रहे।

    जानकारी के अनुसार, 23 जून 2020 को खजराना में 100 बेड के सिविल अस्पताल की मंजूरी दी गई थी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों सहित कुल 87 पद स्वीकृत किए गए थे। हालांकि छह साल बीतने के बाद भी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित नहीं हो सकी और निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

    भवन नहीं बना, फिर भी होती रहीं पोस्टिंग
    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल का अस्तित्व केवल कागजों तक सीमित था, तब उसके नाम पर कर्मचारियों की पदस्थापना और तबादले कैसे किए जाते रहे। जानकारी के मुताबिक, 15 जून 2026 को भी एक लैब टेक्नीशियन की पदस्थापना सिविल अस्पताल, खजराना के नाम पर की गई।

    स्वास्थ्य विभाग ने बताई वजह
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में सरकारी जमीन उपलब्ध कराना आसान नहीं है। इसी कारण अस्पताल भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के लिए स्वीकृत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को फिलहाल शहर के संजीवनी क्लीनिकों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के लिए तैनात किया गया है।

    स्वास्थ्य मंत्री बोले- पोर्टल बंद किया गया
    उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि संबंधित स्थान पर पहले अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर (UPHC) था, जिसे बाद में सिविल अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया गया। लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण भवन का निर्माण नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि अस्पताल का नाम विभागीय पोर्टल पर दर्ज रहने की वजह से नियुक्तियों और तबादलों की प्रक्रिया जारी रही। अब ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संबंधित पोर्टल बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

    कांग्रेस ने उठाए सवाल
    इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इसे बड़ा प्रशासनिक घोटाला बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल का निर्माण हुए बिना कर्मचारियों की नियुक्तियां और तबादले होना गंभीर मामला है और कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।

    तीन लाख से अधिक आबादी प्रभावित
    फिलहाल इस अस्पताल के लिए स्वीकृत स्टाफ पीसी सेठी अस्पताल, हुकुमचंद अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दे रहा है। वहीं खजराना, मुसाखेड़ी, तेजाजी नगर, बिचौली हप्सी और आसपास के तीन लाख से अधिक लोगों को आज भी इलाज के लिए एमवाय अस्पताल, एमटीएच और जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यदि समय पर सिविल अस्पताल का निर्माण पूरा हो जाता, तो इन अस्पतालों पर मरीजों का दबाव काफी हद तक कम हो सकता था।

  • खजराना गणेश मंदिर में तेज़ी से विकास कार्य, डेढ़ फीट नीचे होगा सभामंडप, लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा होगी दोगुनी

    खजराना गणेश मंदिर में तेज़ी से विकास कार्य, डेढ़ फीट नीचे होगा सभामंडप, लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा होगी दोगुनी


    इंदौर । इंदौर का विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए बड़े बदलावों से गुजर रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर दर्शन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मंदिर परिसर में व्यापक विकास कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का उद्देश्य यह है कि भविष्य में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारु और व्यवस्थित बनी रहे।

    मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। अब गर्भगृह के बाहर स्थित सभामंडप को लगभग डेढ़ फीट नीचे किया जा रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ सामान्य श्रद्धालुओं को मिलेगा। अभी तक सभामंडप में विशेष पूजन, वीआईपी दर्शन या नवविवाहित दंपतियों के धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पीछे खड़े श्रद्धालुओं का दृश्य बाधित हो जाता था, जिससे भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती थी।

    मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार सभामंडप का स्तर नीचे किए जाने से लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को बिना किसी अवरोध के सीधे भगवान गणेश के दर्शन हो सकेंगे। इससे मंदिर में आने वाले प्रत्येक भक्त को बेहतर धार्मिक अनुभव मिलेगा और भीड़ प्रबंधन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

    मंदिर परिसर के लिए तैयार मास्टर प्लान के तहत केवल सभामंडप ही नहीं बल्कि कई अन्य विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं। आने वाले समय में यहां आधुनिक दर्शन हॉल का निर्माण भी किया जाएगा। इस हॉल के बनने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इससे त्योहारों और विशेष अवसरों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में भी आसानी होगी।

    सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के इंदौर स्थित खजराना गणेश मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन अभी से सभी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है। यही कारण है कि मंदिर की आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।

    खजराना गणेश मंदिर देशभर के प्रमुख गणेश मंदिरों में शामिल है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और बुधवार के दिन यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में किए जा रहे ये विकास कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन का मानना है कि इन सुधारों के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले से कहीं अधिक सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिलेगा।

  • ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    मध्य प्रदेश:  राजस्थान के दौसा जिले के पास ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में मध्य प्रदेश के पांच यात्री शामिल हैं, जो बस के भीतर ही आग की चपेट में आने से बाहर नहीं निकल सके। इसके अलावा दो अन्य यात्रियों ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें 13 की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। वहीं चार यात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

    बताया जा रहा है कि बस उत्तराखंड के ऋषिकेश से यात्रियों को लेकर इंदौर के लिए रवाना हुई थी। देर रात जब बस राजस्थान के दौसा क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग तेजी से पूरी बस में फैल गई और कुछ ही मिनटों में वाहन आग की लपटों से घिर गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगा दी। हालांकि कई यात्री समय रहते बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही सात यात्रियों की मृत्यु हो चुकी थी। मृतकों में पांच शव इतने अधिक झुलस चुके थे कि उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    अस्पताल में भर्ती घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। चिकित्सकीय टीम लगातार उनका उपचार कर रही है और गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित करने की भी तैयारी की है।

    हादसे के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर, बड़वाह, डबरा और अन्य क्षेत्रों के परिवारों में शोक और चिंता का माहौल है। कई परिजन अपने रिश्तेदारों की जानकारी लेने और उनकी पहचान के लिए राजस्थान रवाना हो चुके हैं। प्रशासन लगातार घायलों और मृतकों की पहचान संबंधी जानकारी परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

    इस बीच चार यात्रियों के लापता होने की सूचना ने राहत एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन बस के आसपास के क्षेत्र में उनकी तलाश कर रहे हैं। साथ ही अस्पतालों और अन्य संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि सभी यात्रियों का पता लगाया जा सके।

    घटना के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने आग लगने की वजह की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञ बस की स्थिति, इंजन, विद्युत प्रणाली और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के साथ घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

  • इंस्टाग्राम पर नाबालिग छात्राओं को जाल में फंसाने का आरोप, अश्लील चैट और वीडियो भेजकर बनाता था दबाव, POCSO के तहत मामला दर्ज

    इंस्टाग्राम पर नाबालिग छात्राओं को जाल में फंसाने का आरोप, अश्लील चैट और वीडियो भेजकर बनाता था दबाव, POCSO के तहत मामला दर्ज

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम के माध्यम से दो नाबालिग छात्राओं से कथित रूप से दोस्ती कर उन्हें अश्लील संदेश और वीडियो भेजने तथा मिलने के लिए दबाव बनाने के आरोप में एक 25 वर्षीय युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध POCSO एक्ट सहित विभिन्न प्रासंगिक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए दोनों छात्राओं से संपर्क स्थापित किया। पहले सामान्य बातचीत के माध्यम से विश्वास जीतने का प्रयास किया गया और बाद में कथित रूप से आपत्तिजनक चैट, अश्लील वीडियो और अनुचित संदेश भेजे जाने लगे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने छात्राओं पर व्यक्तिगत रूप से मिलने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी बनाया।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्राओं के परिजनों ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट की चैट देखी। बातचीत की सामग्री संदिग्ध लगने पर परिजनों ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले कुछ वर्षों से इंदौर में रह रहा था और पढ़ाई के सिलसिले में अलग-अलग स्थानों पर किराये के मकानों में रह चुका है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन की प्राथमिक पड़ताल में अन्य युवतियों से जुड़ी वीडियो चैट और तस्वीरें भी मिलने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इसी तरह की गतिविधियों का दायरा अन्य लोगों तक भी तो नहीं फैला हुआ था।

    जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल संचार के अन्य माध्यमों की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने कितने लोगों से संपर्क किया था और क्या उसने किसी अन्य नाबालिग को भी इसी प्रकार निशाना बनाने की कोशिश की थी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से संपर्क करते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। नाबालिगों को डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक करना और अभिभावकों द्वारा उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर संतुलित निगरानी रखना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है।

    साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच पुलिस भी लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है। किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल, आपत्तिजनक संदेश, ब्लैकमेल या दबाव बनाने जैसी स्थिति सामने आने पर तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज को भी मिलकर बच्चों को ऑनलाइन जोखिमों के प्रति जागरूक करना होगा। तकनीक का जिम्मेदारी के साथ उपयोग और समय पर सतर्कता ही इस प्रकार के साइबर अपराधों को रोकने में सबसे प्रभावी उपाय साबित हो सकती है।

  • सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश:  की आर्थिक राजधानी इंदौर में मंगलवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए इन हादसों में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मामलों में वाहन चालक घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

    पहला हादसा शहर के व्यस्त लवकुश चौराहे के समीप हुआ, जहां सड़क पार कर रही एक महिला को तेज रफ्तार आयशर वाहन ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला वाहन के नीचे आ गई और उसके ऊपर से पहिए गुजर गए। दुर्घटना के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस जांच में मृतक महिला की पहचान खरगोन निवासी रीना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज गति से आ रहे वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चालक की पहचान की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता जताई है।

    इसी दिन शहर के आजाद नगर क्षेत्र में तीन इमली के पास दूसरा गंभीर हादसा सामने आया। यहां स्कूटी से घर लौट रहे दो युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

    दुर्घटना में जीत नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों युवक पालदा क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे।

    जांच के दौरान पता चला कि दुर्घटना को अंजाम देने वाला वाहन घटनास्थल से भाग निकला। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाना शुरू कर दिया है। फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।

    लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे शहर में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और फरार चालकों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।

  • इंदौर की ज्वेलरी दुकान में दिनदहाड़े ठगी: ग्राहक बनकर आया युवक सोने की चेन और अंगूठियां लेकर बाइक से हुआ फरार

    इंदौर की ज्वेलरी दुकान में दिनदहाड़े ठगी: ग्राहक बनकर आया युवक सोने की चेन और अंगूठियां लेकर बाइक से हुआ फरार


    मध्य प्रदेश:
    के इंदौर शहर में एक ज्वेलरी दुकान पर हुई सुनियोजित ठगी और चोरी की वारदात ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में ग्राहक बनकर पहुंचे युवक ने बड़ी चतुराई से दुकान संचालक और स्टाफ को बातचीत में उलझाया तथा मौका मिलते ही करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

    घटना कनाड़िया रोड स्थित एक ज्वेलरी दुकान की है, जहां सोमवार को एक युवक ग्राहक बनकर पहुंचा। उसने खुद को खरीददार बताते हुए सोने की दो अंगूठियां और एक चेन देखने की इच्छा जताई। युवक ने काफी देर तक आभूषणों को देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की। उसने दुकानदार को भरोसा दिलाया कि वह यह सामान किसी को उपहार देने के लिए खरीदना चाहता है और भुगतान नकद करेगा। बातचीत के बाद उसने एटीएम से पैसे निकालकर आने की बात कही और वहां से चला गया।

    दुकान संचालक और स्टाफ को उस समय किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ क्योंकि युवक सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार कर रहा था। शाम के समय वह दोबारा दुकान पहुंचा और पहले पसंद किए गए आभूषणों को फिर से दिखाने की मांग की। उसने नकद भुगतान करने की बात दोहराई, जिसके बाद काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने उसे सोने की चेन और अंगूठियों का बॉक्स दिखाया।

    बताया जा रहा है कि युवक लगातार बातचीत कर माहौल को सामान्य बनाए हुए था। इसी दौरान उसने दुकान संचालक से आभूषणों का वजन कराने का अनुरोध किया। जैसे ही संचालक अपनी सीट से उठे और दूसरी ओर गए, आरोपी ने मौके का फायदा उठाया। उसने गहनों से भरा बॉक्स उठाया और तेजी से दुकान के बाहर निकल गया। जब तक दुकान का स्टाफ स्थिति को समझ पाता, वह बाहर खड़ी बाइक पर सवार होकर फरार हो चुका था।

    घटना के तुरंत बाद दुकान कर्मचारियों ने उसका पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी तेजी से मौके से निकल गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली।

    जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और टोपी पहन रखी थी। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि उसने वारदात से पहले दुकान की रेकी की थी और पूरी योजना के साथ वहां पहुंचा था। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी जिस बाइक से आया था, उसकी नंबर प्लेट हटाई गई थी, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो सके।

    पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के इलाकों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि उसके आने और जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।

    इस घटना ने शहर के व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस ने भी दुकानदारों से अपील की है कि महंगे सामान दिखाने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखें ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

  • तुअर दाल के कारोबार में मुनाफे का झांसा देकर 65 लाख की ठगी, स्टॉक के फोटो दिखाकर कारोबारी को फंसाया; दो पर केस दर्ज

    तुअर दाल के कारोबार में मुनाफे का झांसा देकर 65 लाख की ठगी, स्टॉक के फोटो दिखाकर कारोबारी को फंसाया; दो पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    की आर्थिक राजधानी इंदौर में व्यापारिक निवेश के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। तुअर दाल के कारोबार में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर एक कारोबारी से 65 लाख रुपए की राशि हासिल कर ली गई। आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो माल की आपूर्ति की गई और न ही निवेश की गई राशि लौटाई गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार भंवरकुआं थाना क्षेत्र निवासी कारोबारी गिरीश रामनानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी गुरुशांतलिंग कुंभार और सोमनाथ हलगोदे से कई वर्ष पहले हुई थी। दोनों व्यापारियों से पूर्व में भी विभिन्न स्थानों पर व्यापारिक लेन-देन हो चुका था। इसी पुराने परिचय और विश्वास का फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें नए व्यापारिक निवेश का प्रस्ताव दिया।

    शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने खुद को तुअर दाल के बड़े कारोबारी के रूप में प्रस्तुत किया और अपनी फर्म के माध्यम से व्यापार में निवेश करने पर आकर्षक मुनाफा मिलने का दावा किया। फरवरी 2026 में एक आरोपी इंदौर पहुंचा और कारोबारी से मुलाकात की। इस दौरान उसने मोबाइल फोन पर बड़े पैमाने पर तुअर दाल के स्टॉक की तस्वीरें और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े विवरण दिखाए। साथ ही निवेश करने पर कम समय में अच्छा लाभ मिलने का भरोसा भी दिलाया।

    व्यापारिक अवसर को लाभदायक मानते हुए गिरीश रामनानी ने निवेश का निर्णय लिया। शिकायत के अनुसार उन्होंने विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर कुल 65 लाख रुपए की व्यवस्था की। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में यह पूरी राशि आरोपियों द्वारा संचालित फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। लेन-देन के दौरान कारोबारी को भरोसा दिलाया गया था कि तय समय के भीतर माल की आपूर्ति कर दी जाएगी और व्यापारिक लाभ भी मिलेगा।

    फरियादी का आरोप है कि रकम जमा होने के बाद आरोपियों का व्यवहार बदलने लगा। निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद तुअर दाल की खेप नहीं भेजी गई। जब माल की आपूर्ति को लेकर लगातार संपर्क किया गया तो आरोपियों ने विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगना शुरू कर दिया। कई बार बातचीत के बावजूद न तो व्यापार पूरा हुआ और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई।

    समय बीतने के साथ कारोबारी को संदेह हुआ कि उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने अपने स्तर पर आरोपियों से संपर्क कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की और उपलब्ध दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी तथा अन्य साक्ष्य जांच एजेंसी को सौंपे।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए तथ्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया है। शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब धनराशि के लेन-देन, व्यापारिक दस्तावेजों और आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।

    यह मामला व्यापारिक निवेश के दौरान सतर्कता बरतने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति, फर्म और कारोबार की स्वतंत्र जांच करना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका तथा धनराशि के उपयोग से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड

    इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड


    इंदौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर योग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा, जहां हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर योग और प्राणायाम का भव्य प्रदर्शन किया। शहर के गोपुर चौराहे पर आयोजित इस विशाल योग कार्यक्रम में करीब 10 हजार से अधिक साधकों ने सामूहिक रूप से भ्रामरी प्राणायाम किया और इसे 3 मिनट से अधिक समय तक जारी रखते हुए एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

    इस भव्य आयोजन का संचालन नगर निगम इंदौर द्वारा चलाए जा रहे योगमित्र अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसमें शहरभर की योग संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप कार्यक्रम में स्वास्थ्य, संतुलन और दीर्घायु जीवन का संदेश दिया गया।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें Durgadas Uikey और Kailash Vijayvargiya प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी योगाभ्यास में भाग लेकर इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

    सुबह 6 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में पहले शहर की विभिन्न योग संस्थाओं ने आकर्षक और भक्तिमय योग प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कराया गया, जिसमें हजारों लोगों ने एक साथ विभिन्न योगासन किए।

    योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक राकेश चौधरी और इंदौर की बेटी तथा मिसेज इंडिया-2023 चेतना जोशी ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को भ्रामरी प्राणायाम और अन्य श्वसन तकनीकों का अभ्यास कराया। पूरे मैदान में एक साथ गूंजते “ॐ” और भ्रामरी की ध्वनि ने एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण तैयार कर दिया।

    कार्यक्रम में 70 से अधिक योग संस्थाएं और 150 से अधिक सामाजिक संगठन शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन के रूप में दिखाई दिया। हजारों लोगों की एकजुटता ने इंदौर को योग के क्षेत्र में एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बना दिया।

    इस अवसर पर योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ योग गुरुओं, योग खिलाड़ियों और योग प्रचारकों को ‘योग अलंकरण’ से सम्मानित भी किया गया। साथ ही योगमित्र अभियान की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया, जिससे अब शहर की सभी योगशालाओं और योग गतिविधियों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक रिकॉर्ड बना गया, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक चेतना का भी प्रतीक बन गया।