Tag: Indore

  • राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

    राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच


    मध्यप्रदेश । इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय हलचल मच गई जब एक युवक और युवती के साथ रहने की सूचना पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों को राऊ थाने लाया गया, जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार मामला कमला नगर क्षेत्र का है। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक, जिसकी पहचान सूफियान उर्फ सैफी अली निवासी सदर बाजार के रूप में बताई जा रही है, एक युवती के साथ किराए के मकान में रह रहा है। सूचना मिलने के बाद कुछ संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा दोनों को अपने साथ राऊ थाने ले गए।

    बताया गया है कि संबंधित मकान इकबाल खान का है, जहां युवक और युवती रह रहे थे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने युवक को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पहले बाणगंगा क्षेत्र में सैलून संचालित करता था। वहीं उसकी युवती से पहचान हुई थी। बाद में वह राऊ क्षेत्र के श्रमिक इलाके में सैलून का काम करने लगा और किराए के मकान में रहने लगा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मकान मालिक द्वारा किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    कुछ संगठन कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि युवक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था, लेकिन उसकी पहचान और भूमिका को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

    राऊ थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर के अनुसार मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पक्षों से जानकारी जुटा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। युवती और युवक दोनों के बयान लिए जा रहे हैं तथा उनके रहने की परिस्थितियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं

    इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं


    मध्यप्रदेश । इंदौरवासियों के लिए राहत और सुविधा भरी खबर है। अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, आवेदन जमा करने या विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम इंदौर शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों में तीन दिवसीय जनकल्याण कैंप आयोजित करने जा रहा है। ये कैंप 16 जून से 18 जून तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

    नगर निगम द्वारा आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करना है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र होने के बावजूद अब तक लाभ से वंचित हैं। कैंप के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण भी किया जाएगा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार विभिन्न विभागों के मैदानी अमले की सहायता से पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनका पंजीयन, आवेदन स्वीकृति और योजनाओं के लाभ वितरण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी। कैंप में विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन शिविरों के जरिए लोगों को योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होगा। इससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सकेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    इस प्रकार आयोजित होंगे कैंप
    अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे के अनुसार जनकल्याण कैंप चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे0-
    16 जून : जोन क्रमांक 1 से 8 तक के जोन कार्यालयों में
    17 जून : जोन क्रमांक 9 से 15 तक के जोन कार्यालयों में
    18 जून : जोन क्रमांक 16 से 22 तक के जोन कार्यालयों में

    कैंप के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आवेदन, पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, पात्रता जांच और सेवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं भी मौके पर ही पूरी की जाएंगी। इससे नागरिकों का समय और श्रम दोनों बचेंगे तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।

    नगर निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कैंपों के सफल संचालन और अधिकतम नागरिकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से बड़ी संख्या में जरूरतमंद नागरिक लाभान्वित होंगे और सरकारी योजनाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा।

  • इंदौर में टमाटर के दाम 80 रुपए किलो के पार: एमपी की फसल खत्म, नई आवक तक राहत के आसार नहीं

    इंदौर में टमाटर के दाम 80 रुपए किलो के पार: एमपी की फसल खत्म, नई आवक तक राहत के आसार नहीं


    मध्य प्रदेश। भीषण गर्मी का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। इंदौर में टमाटर की कीमतें खुदरा बाजार में 80 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच चुकी हैं और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश की स्थानीय फसल लगभग खत्म हो चुकी है, जबकि राजस्थान से आने वाली आवक भी तेजी से घट रही है। ऐसे में फिलहाल बाजार पूरी तरह महाराष्ट्र से आने वाले टमाटर पर निर्भर हो गया है।

    शहर की प्रमुख देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी, चोइथराम में टमाटर के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। मंडी में महाराष्ट्र के उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर 800 से 1000 रुपए प्रति कैरेट तक बिक रहे हैं। थोक बाजार में इनका भाव 50 से 60 रुपए प्रति किलो के बीच है, जबकि खुदरा बाजार में यही टमाटर 70 से 80 रुपए या उससे अधिक कीमत पर ग्राहकों को मिल रहा है।

    व्यापारियों के अनुसार टमाटर की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्र में फसल का लगभग समाप्त हो जाना है। भीषण गर्मी और नई फसल की बुवाई के कारण किसानों के पास बिक्री योग्य टमाटर नहीं बचा है। वर्तमान में प्रदेश में केवल कुछ इलाकों में सीमित मात्रा में उत्पादन हो रहा है।

    दूसरा बड़ा कारण राजस्थान से आने वाली सप्लाई में गिरावट है। कोटा और आसपास के क्षेत्रों से आने वाला टमाटर भी अब कम हो रहा है। व्यापारियों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में वहां से आने वाली आवक लगभग बंद हो सकती है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

    इसी बीच गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों से टमाटर की मांग बढ़ने के कारण भी कीमतों पर असर पड़ा है। मांग बढ़ने और आपूर्ति घटने के कारण बाजार में संतुलन बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। इसके अलावा मंडी नाका शुल्क में वृद्धि को भी कीमतों में बढ़ोतरी का एक कारण माना जा रहा है।

    फिलहाल इंदौर मंडी में महाराष्ट्र के नारायणगांव, सलगमनेर और कलवन क्षेत्रों से टमाटर की खेप पहुंच रही है। व्यापारियों का कहना है कि आगामी तीन महीनों तक स्थिति लगभग इसी प्रकार बनी रह सकती है। यदि मानसून के दौरान परिवहन और भंडारण में दिक्कतें बढ़ती हैं तो कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है। कुछ व्यापारियों का अनुमान है कि खुदरा बाजार में टमाटर का भाव 100 रुपए प्रति किलो तक भी पहुंच सकता है।

    टमाटर के साथ अन्य हरी सब्जियों के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शिमला मिर्च, गिलकी, हरी मिर्च और ग्वार फली जैसी सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। जो सब्जियां कुछ समय पहले 20 से 30 रुपए प्रति किलो बिक रही थीं, वे अब 40 से 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।

    व्यापारियों के अनुसार मालवा, निमाड़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे उत्पादक क्षेत्रों में गर्मी के कारण फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते मंडियों में बड़ी मात्रा में माल नहीं पहुंच रहा है और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल बाजार में आने और उत्पादन सामान्य होने के बाद ही उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिल सकेगी।

  • इंदौर में ड्राइवर ने फांसी लगाकर दी जान, वीडियो बनाकर प्रेमिका समेत 5 लोगों को ठहराया जिम्मेदार

    इंदौर में ड्राइवर ने फांसी लगाकर दी जान, वीडियो बनाकर प्रेमिका समेत 5 लोगों को ठहराया जिम्मेदार


    मध्य प्रदेश। इंदौर के नंदा नगर क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक ने यह कदम उठाने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसे उसने अपने भाई को भी भेजा। वीडियो में युवक ने अपनी प्रेमिका, उसकी बहन, भाई और अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    परदेशीपुरा थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 25 वर्षीय लविश लश्करी के रूप में हुई है। लविश मूल रूप से उज्जैन का निवासी था और इंदौर में किराये के मकान में रहकर ड्राइवर का काम करता था। गुरुवार को उसके द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    परिजनों के अनुसार लविश का खंडवा निवासी एक युवती के साथ करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। युवक द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दावा किया गया है कि वह लगभग डेढ़ वर्ष तक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहा था। वीडियो में उसने कहा कि कुछ समय पहले युवती के परिजनों को इस संबंध की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद वे युवती को अपने साथ ले गए और उसका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में रख लिया।

    मृतक ने वीडियो में यह भी कहा कि वह लंबे समय से युवती से संपर्क नहीं कर पा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार बताते हुए कई आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि वीडियो में किए गए दावों और आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

    इसी बीच शहर में आत्महत्या के दो अन्य मामले भी सामने आए हैं। द्वारकापुरी क्षेत्र के अहीरखेड़ी निवासी 28 वर्षीय करण बलाई ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार उसकी कुछ समय पहले शादी हुई थी, लेकिन पत्नी के अलग होकर चले जाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। गुरुवार शाम उसके पिता ने उसे कमरे में फंदे पर लटका हुआ पाया।

    वहीं आजाद नगर क्षेत्र में हम्माली का काम करने वाले 40 वर्षीय कन्हैया जायसवाल ने भी आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। कन्हैया के चार बच्चे हैं। घटना की जानकारी उस समय लगी जब देर रात उसकी पत्नी ने उसे फंदे पर लटका देखा।

    पुलिस तीनों मामलों में अलग-अलग जांच कर रही है और संबंधित परिस्थितियों तथा परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • MP: इंदौर में गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारी, 10 हजार ट्रेंच के साथ होगा महा-वृक्षारोपण

    MP: इंदौर में गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारी, 10 हजार ट्रेंच के साथ होगा महा-वृक्षारोपण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर संभाग (Indore Division) के महू क्षेत्र (Mhow region) में गंभीर नदी (Gambhir River) को नया जीवन देने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नदी के जलागम क्षेत्र को सुरक्षित करने और भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से भमती और रिछा पहाड़ियों के सीमांकन का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। इस अभियान को गति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया।


    पहाड़ियों का सीमांकन और विस्तृत कार्ययोजना पर मंथन

    निरीक्षण दल में शामिल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महू राकेश परमार, जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीराज दुबे और तहसीलदार महू विवेक सोनी ने भमती एवं रिछा पहाड़ी क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने गंभीर नदी के जलागम क्षेत्र में मिट्टी और जल संरक्षण के लिए बनाई गई प्रस्तावित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। योजना के तहत इस पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 हजार सतत कंटूर ट्रेंच (सीसीटी) का निर्माण किया जाना तय हुआ है।


    जल संवर्धन और वृक्षारोपण से बदलेगी तस्वीर

    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सतत कंटूर ट्रेंच के निर्माण के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। इस दोहरी रणनीति से वर्षा के जल को बहने से रोका जा सकेगा और वह अधिकतम मात्रा में जमीन के भीतर समाहित होगा। इस प्रक्रिया से न केवल क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि मिट्टी के कटाव पर भी प्रभावी रोक लगेगी। यह पूरा प्रयास गंभीर नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगा।


    मुख्यमंत्री के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रयास

    यह पूरा अभियान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) के जल संरक्षण संबंधी संकल्पों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भमती और रिछा पहाड़ियां गंभीर नदी के लिए मुख्य जल स्रोत (जलागम क्षेत्र) का कार्य करती हैं, इसलिए यहां किए जा रहे संरक्षण कार्य नदी के पुनर्जीवन में सबसे निर्णायक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाने की अपील
    जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू ने इस महत्वाकांक्षी अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रशासन की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस कार्य में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य आम जनता के सहयोग से गंभीर नदी को एक बार फिर से अविरल, निर्मल और जीवनदायिनी बनाना है।

  • इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एक 43 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान सोनू सिसौदिया के रूप में हुई है, जो ऋषि पैलेस कॉलोनी की निवासी थीं। परिजनों के अनुसार बुधवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात करीब 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अस्वस्थता से गुजर रही थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनके पति जगदीश सिसौदिया का लगभग आठ महीने पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित रहने लगी थी और परिवार उनकी देखभाल तथा उपचार करवा रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार महिला का इलाज चिकित्सकीय परामर्श के साथ कराया जा रहा था। इसके अतिरिक्त परिवार ने अन्य पारंपरिक और धार्मिक उपायों का भी सहारा लिया था। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    परिजनों के मुताबिक हाल ही में परिवार में एक नवजात शिशु का जन्म हुआ था। बच्चे को अस्पताल से घर लाए जाने के दौरान महिला असामान्य रूप से घबराई हुई दिखाई दीं। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाने और शांत करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उनकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की परिस्थितियों, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    इधर, शहर में दो अन्य संदिग्ध मौतों के मामले भी सामने आए हैं। तिलक नगर क्षेत्र के निवासी आकाश तायड़े को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं भंवरकुआं क्षेत्र के निवासी अजय की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। परिजनों ने प्राथमिक तौर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला

    इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित शिव शक्ति नगर के एक पॉश बंगले में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि घर में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसके चलते पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    घटना रिवाज गार्डन के पीछे स्थित बंगला नंबर 5 की है, जो रितेश राजेंद्र दुबे का बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज गर्मी के बीच AC में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और फिर अचानक ब्लास्ट हो गया। इसके बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई।

    आग लगते ही घर के अंदर मौजूद लोग और स्टाफ घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। कई लोग अंदर फंस गए, लेकिन समय रहते स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घर में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों ने करीब 8 हजार लीटर पानी की बौछार की और लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में बंगले के अंदर काफी सामान जलकर खाक हो गया।

    फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर AC में शॉर्ट सर्किट को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति की जांच

    रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति की जांच


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के विभिन्न ठिकानों पर बुधवार को छापामार कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन और प्रारंभिक जांच के बाद विशेष न्यायालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार रात से ही टीमों को अलर्ट कर दिया गया था और बुधवार सुबह विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।

    जांच एजेंसियों के अनुसार कार्रवाई के दौरान इंदौर स्थित आवासीय और व्यवसायिक परिसरों सहित अन्य संपत्तियों की जांच की गई। अधिकारियों ने दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और संपत्ति संबंधी अभिलेखों का परीक्षण शुरू किया है। लोकायुक्त का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों और आय के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।

    पूछताछ के दौरान संबंधित अधिकारी की ओर से वेतन के अतिरिक्त कुछ अन्य आय स्रोतों की जानकारी भी जांच दल को दी गई। इनमें परिवार द्वारा संचालित व्यवसाय, किराये से होने वाली आय तथा पत्नी की आय संबंधी विवरण शामिल बताए गए हैं। जांच एजेंसियां इन दावों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर रही हैं ताकि वास्तविक आय और अर्जित संपत्तियों के बीच संबंध स्थापित किया जा सके।

    कार्रवाई के दौरान एक बैंक लॉकर की भी जांच की गई, जहां से सोने के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    लोकायुक्त जांच में इंदौर स्थित व्यवसायिक भवन, आवासीय संपत्तियों, प्लॉट और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि होने संबंधी जानकारी भी सामने आई है। संबंधित दस्तावेजों की वैधता, खरीद के समय की परिस्थितियों तथा भुगतान के स्रोतों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां संपत्ति के बाजार मूल्य और घोषित आय के बीच अंतर का भी विश्लेषण कर रही हैं।

    लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार संबंधित अधिकारी लगभग तीन दशक की सेवा अवधि में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पदस्थ रहे हैं। जांच के दौरान उनके सेवाकाल, आय विवरण, संपत्ति घोषणाओं और वित्तीय अभिलेखों का भी परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों के सत्यापन और मूल्यांकन के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।

    लोकायुक्त ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांचाधीन है। जांच पूरी होने और सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही यह तय किया जाएगा कि आय और संपत्ति के बीच कितना अंतर है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई किस आधार पर की जाएगी। फिलहाल दस्तावेजी जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।

  • मानसून से पहले निगम का ‘ऑपरेशन डेंजर’ तेज: इंदौर में 100 से अधिक जर्जर इमारतें रडार पर, हादसे रोकने के लिए कार्रवाई शुरू

    मानसून से पहले निगम का ‘ऑपरेशन डेंजर’ तेज: इंदौर में 100 से अधिक जर्जर इमारतें रडार पर, हादसे रोकने के लिए कार्रवाई शुरू


    मध्‍य प्रदेश । मानसून के आगमन से पहले इंदौर नगर निगम ने शहरवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। बारिश के मौसम में पुराने और कमजोर ढांचों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी उद्देश्य से नगर निगम ने ‘ऑपरेशन डेंजर’ के तहत शहरभर में चिन्हित खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी है।

    नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जो अत्यधिक जर्जर स्थिति में हैं और बारिश के दौरान किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रारंभिक सर्वे में 100 से अधिक भवनों को जोखिमपूर्ण श्रेणी में रखा गया है। इन भवनों को नगर निगम की विशेष निगरानी सूची में शामिल किया गया है और संबंधित संपत्ति मालिकों को कानूनी नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

    नगर निगम के अपर आयुक्त प्रखर सिंह के मुताबिक, अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिन इमारतों की स्थिति अत्यंत खतरनाक पाई गई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कई स्थानों पर निगम की टीमें मौके पर पहुंचकर जर्जर संरचनाओं को हटाने और ध्वस्त करने का कार्य कर रही हैं ताकि किसी अप्रिय घटना की संभावना को पहले ही समाप्त किया जा सके।

    अभियान के तहत शहर के अलग-अलग जोन और वार्डों में निगम की टीमें सक्रिय हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से भवनों की स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने से पहले सभी गंभीर रूप से खतरनाक भवनों पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई भवन अत्यधिक जर्जर दिखाई देता है या उसकी स्थिति लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है, तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जानी चाहिए। इसके अलावा जिन मकान मालिकों के भवन कमजोर या क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, उन्हें भी समय रहते आवश्यक मरम्मत या अन्य सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी गई है।

    प्रशासन का मानना है कि नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन की सक्रियता मिलकर संभावित दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोक सकती है। इसी कारण निगम लगातार जागरूकता बढ़ाने के प्रयास भी कर रहा है ताकि लोग जोखिमपूर्ण भवनों के प्रति गंभीरता दिखाएं।

    जर्जर भवनों पर कार्रवाई के साथ-साथ नगर निगम ने मानसून से जुड़ी अन्य चुनौतियों से निपटने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, नालों की सफाई, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और कंट्रोल रूम की सक्रियता बढ़ाई गई है। निगम का दावा है कि बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें चौबीसों घंटे तैयार रहेंगी।

    नगर निगम का कहना है कि सुरक्षित और व्यवस्थित शहर उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी दिशा में मानसून पूर्व यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि बारिश के दौरान नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और संभावित हादसों को समय रहते रोका जा सके।

  • खजराना गणेश मंदिर का होगा भव्य कायाकल्प: दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर से लेकर नए सुविधा केंद्र तक, 30 करोड़ के मास्टर प्लान पर काम शुरू

    खजराना गणेश मंदिर का होगा भव्य कायाकल्प: दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर से लेकर नए सुविधा केंद्र तक, 30 करोड़ के मास्टर प्लान पर काम शुरू


    मध्‍य प्रदेश । देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र खजराना गणेश मंदिर का स्वरूप अब और अधिक भव्य तथा सुविधाजनक बनने जा रहा है। मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा तैयार किए गए व्यापक मास्टर प्लान के तहत पहले चरण के विकास कार्यों की शुरुआत होने वाली है। इस योजना का उद्देश्य मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार पहले चरण में गर्भगृह के प्रवेश द्वार की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इसके लिए द्वार पर लगी लगभग 150 किलोग्राम चांदी को पहले ही सुरक्षित रूप से हटाकर ट्रेजरी में जमा करा दिया गया है। इसके बाद संरचना की तकनीकी जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

    मंदिर के पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार मास्टर प्लान मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा जिला प्रशासन और नगर निगम के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 25 से 30 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जबकि पहले चरण के कार्यों पर 8 से 10 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। निर्माण कार्य के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी और दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अधिकांश कार्य रात के समय किए जाएंगे।

    मास्टर प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मंदिर के सामने स्थित सभा मंडप में बदलाव है। वर्तमान व्यवस्था में आगे खड़े श्रद्धालुओं के कारण पीछे मौजूद लोगों को भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभा मंडप को लगभग दो से ढाई फीट नीचे किया जाएगा। इससे लंबी कतार में खड़े श्रद्धालुओं को भी सीधे और सहज रूप से भगवान गणेश के दर्शन हो सकेंगे। साथ ही विशेष अवसरों पर आने वाले अतिथियों और नवविवाहित दंपतियों के लिए भी दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी।

    योजना के तहत मंदिर परिसर में दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर का निर्माण भी किया जाएगा। इस कॉरिडोर में व्यवस्थित रेलिंग और कतार प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था होगी, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त स्टेप दर्शन व्यवस्था भी विकसित की जाएगी ताकि किसी भी स्थान पर भीड़ का दबाव न बने और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो।

    मंदिर परिसर के समग्र विकास के लिए कई अन्य सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इनमें पार्किंग क्षेत्र का विस्तार, पार्किंग तक पहुंचने के लिए रोटरी निर्माण, नई गाड़ियों की पूजा के लिए अलग व्यवस्था, प्रसाद दुकानों के ऊपर शेड, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र तथा हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए वृक्षारोपण शामिल हैं।

    मंदिर परिसर में स्थित 33 छोटे मंदिरों में से कुछ मंदिरों को भी व्यवस्थित तरीके से पुनर्स्थापित किया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि कुछ मंदिरों में झुकाव की स्थिति देखी गई है, इसलिए उनकी संरचनात्मक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जाएगा। इसके अलावा वैदशाला और यज्ञशाला जैसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

    मंदिर प्रबंधन का मानना है कि खजराना गणेश मंदिर एक प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जिसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और बदलती जरूरतों को देखते हुए यह मास्टर प्लान भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके पूरा होने के बाद मंदिर परिसर न केवल अधिक सुव्यवस्थित होगा, बल्कि श्रद्धालुओं को भी पहले से बेहतर और सुविधाजनक दर्शन अनुभव प्राप्त होगा।