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  • पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा

    पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के स्तंभ रहे ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है। बुधवार को भोपाल में जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने लाला जी के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और उनके महान बलिदान को याद करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाला लाजपत राय एक ऐसे महानायक थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “श्रद्धेय लाला लाजपत राय जी का बलिदान और उनके द्वारा दिया गया नेतृत्व भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जिसने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े लाखों भारतीयों के भीतर आजादी की अलख जगाई और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

    स्वतंत्रता संग्राम के लाल को सलाम

    लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रसिद्ध ‘लाल-बाल-पाल’ लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल की तिकड़ी के प्रमुख सदस्य थे। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक सुधारों का भी मार्गदर्शक रहा है।

    सांयकाल की लाठी और ब्रिटिश साम्राज्य का पतन डॉ. यादव ने उन ऐतिहासिक क्षणों को भी याद किया जब साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाला जी ने अंग्रेजों की लाठियां खाते हुए कहा था कि मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की अंतिम कील साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके इन शब्दों ने भारतीय जनमानस में वह ऊर्जा भरी जिसने अंततः अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

    बलिदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता

    मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का आत्मनिर्भर भारत उन्हीं महान बलिदानियों के सपनों का भारत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लाला लाजपत राय जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। डॉ. यादव ने ट्वीट और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी चित्र साझा कर ‘पंजाब केसरी’ को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और यूरोपियन यूनियन बीच हुए ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते न्यू ट्रेड डील का पुरजोर स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया को जारी एक विशेष संदेश में इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह ‘न्यू ट्रेड डील’ न केवल देश के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि इसका सीधा और सकारात्मक लाभ राज्यों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा।

    आयात में कमी और निर्यात में आएगी क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समझौते की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए अपने आयात को नियंत्रित करना और स्वदेशी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। यूरोपियन यूनियन के साथ हुई यह डील इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय वस्तुओं की पहुंच सुगम होगी, जिससे देश के भीतर वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी और आम जनता के लिए उत्पाद सस्ते होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह डील हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था को वह मजबूती प्रदान करेगी, जिसकी कल्पना प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प में की गई है।

    विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी की ओर बढ़ते कदम वैश्विक कूटनीति और आर्थिक उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया के कई विकसित देशों में आर्थिक अस्थिरता का वातावरण बना हुआ है, तब प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने डेढ़ अरब की आबादी वाले भारत को एक सुरक्षित और विकासशील आर्थिक धुरी के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है और यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापारिक संबंधों का यह नया अध्याय इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्प्रेरक का कार्य करेगा।

    राज्यों के लिए विकास के नए द्वार मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस ट्रेड डील का लाभ केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और हस्तशिल्प क्षेत्रों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। निर्यात की नई संभावनाओं से राज्यों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय राजस्व में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘समृद्ध भारत’ की दिशा में एक निर्णायक प्रहार बताया।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की हर स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए ताकि मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    विशेषज्ञों की कमी होगी दूर डिप्टी सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट’ के रूप में सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 1377 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में से 500 विशेषज्ञों की सूची प्राप्त हो चुकी है, जिनकी नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा लाभ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगा। साथ ही, नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए हैं।

    कैंसर उपचार और बुनियादी ढांचे का विस्तार प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े, इसके लिए ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए।

    तीन नए मेडिकल कॉलेजों का आगाज उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बुधनी, छतरपुर और दमोह में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रस्तावित है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन के मापदंडों के अनुसार फर्नीचर उपकरण और शैक्षणिक मैनपावर की भर्ती का कार्य पूर्ति चरण में है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी निर्माण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीएम-डे केयर योजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए बजट उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

  • MP मॉर्निंग न्यूज़: मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक, 100% सैलरी का तोहफा और 60 हजार करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट

    MP मॉर्निंग न्यूज़: मोहन कैबिनेट की बड़ी बैठक, 100% सैलरी का तोहफा और 60 हजार करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट


    भोपाल । कैबिनेट बैठक और कर्मचारियों को सौगात आज शाम 4 बजे मंत्रालय में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। सबसे ज्यादा चर्चा सरकारी कर्मचारियों के 100% वेतन वाले प्रस्ताव पर है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार अब भर्ती के पहले साल से ही पूरा वेतन देने और प्रोबेशन पीरियड परिवीक्षा अवधि के पुराने नियमों को खत्म करने पर विचार कर रही है। यदि इस पर मुहर लगती है, तो हजारों नए कर्मचारियों का सालों का इंतजार खत्म होगा।

    बिजली सेक्टर में ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री आज 4000 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए एक बड़े एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। अनूपपुर जिले में नए पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिसमें करीब 60,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश होगा। इससे न केवल 2030-31 तक राज्य की बिजली मांग पूरी होगी, बल्कि लगभग 8000 लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसमें अडानी पावर और टोरेंट पावर जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स का रंगारंग शुभारंभ राजधानी भोपाल का टीटी नगर स्टेडियम आज शाम 630 बजे युवा ऊर्जा से सराबोर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का उद्घाटन करेंगे। समारोह में मशहूर गायक कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। 28 खेलों में प्रदेश भर के 1 लाख से अधिक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे, जो राज्य के खेल इतिहास में एक जनआंदोलन की तरह उभरा है।

    बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल आम जनता के लिए आज मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद आज बैंक खुलने थे, लेकिन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की हड़ताल के कारण ताले नहीं खुलेंगे। बैंक कर्मचारी 5-डे वर्किंग हर शनिवार छुट्टी की मांग पर अड़े हैं। प्रदेश की 7000 से अधिक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा, हालांकि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जारी रहेंगे।

    सियासी हलचल दिल्ली में कांग्रेस की मंथन संगठन को मजबूत करने के लिए एमपी कांग्रेस के दिग्गज जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने दिल्ली में आलाकमान के साथ बैठक की। निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाए और निष्क्रिय जिलाध्यक्षों पर गाज गिर सकती है।

  • भोपाल में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने फहराया तिरंगा: परेड की सलामी ली, संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

    भोपाल में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने फहराया तिरंगा: परेड की सलामी ली, संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन


    नई दिल्ली । 77वें गणतंत्र दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। परेड की सलामी लेने के साथ उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का भव्य नज़ारा देखने को मिला। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पूरा वातावरण तिरंगे की शान, देशभक्ति के गीतों और नागरिक गर्व से ओत-प्रोत नजर आया।

    परेड में कुल 23 प्लाटून ने अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। इसके साथ ही अश्वरोही दल, शौर्य दल और डॉग स्क्वाड की प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी प्रभावशाली बना दिया। सशस्त्र बलों और पुलिस टुकड़ियों की सधी हुई कदमताल ने उपस्थित जनसमूह को गर्व की अनुभूति कराई। राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण कर जवानों के उत्साह और अनुशासन की सराहना की।

    झंडा वंदन के पश्चात अपने संबोधन में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने प्रदेश और देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिन हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सुदृढ़ करने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है।

    राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान सभा के सभी सदस्यों और अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं महापुरुषों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता और सशक्त संविधान प्राप्त हुआ। बाबा साहेब के विचार सामाजिक न्याय, समता और बंधुत्व के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जो आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक हैं।

    उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मध्य प्रदेश को बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर प्रदेश निरंतर सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त, आत्मविश्वासी और सम्मानित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है और देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

    राज्यपाल ने किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी तैयारियां पहले से ही की जा रही हैं। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का बजट वर्ष 2002-03 में जहां 600 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य के तहत कृषि विकास का बहुआयामी मॉडल अपनाया गया है, जिसमें तकनीक, नवाचार, प्राकृतिक खेती, बाजार और डिजिटल पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।कुल मिलाकर, भोपाल में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह संविधान के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और विकास के संकल्प को दोहराने का सशक्त मंच बना, जिसने नागरिकों में देश के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।

  • रिंग रोड निर्माण में दर्दनाक हादसा: पुल पिलर की सेंट्रिंग गिरने से मजदूर की मौत, दो घायल

    रिंग रोड निर्माण में दर्दनाक हादसा: पुल पिलर की सेंट्रिंग गिरने से मजदूर की मौत, दो घायल


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार देर रात रिंग रोड निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यू भेड़ाघाट क्षेत्र के ललपुर गांव के पास निर्माणाधीन पुल के पिलर की सेंट्रिंग अचानक गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में पश्चिम बंगाल निवासी एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान शेख नैरुद्दीन के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात के समय पुल के पिलर पर सेंट्रिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से भारी ढांचा गिर पड़ा। सेंट्रिंग के नीचे काम कर रहे मजदूर संभल भी नहीं पाए और मलबे में दब गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई।

    हादसे में घायल हुए मजदूरों के नाम राहिल और राजेश्वर बताए जा रहे हैं। दोनों को हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों मजदूर फिलहाल निगरानी में हैं और उनका इलाज जारी है।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया और एहतियातन रिंग रोड पर चल रहा निर्माण कार्य तुरंत रोक दिया गया। प्रारंभिक जांच में सेंट्रिंग के गिरने की वजह तकनीकी खामी या लापरवाही मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

    बताया जा रहा है कि रिंग रोड पर यह पुल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बनवाया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण कार्य में नाबालिगों से भी काम कराया जा रहा था और मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जोखिम भरे कार्य में लगाया गया था। हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा साधनों की कमी के आरोप भी सामने आए हैं।

    इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है। मजदूरों की जान की कीमत पर तेजी से काम पूरा करने की प्रवृत्ति पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं मृतक मजदूर के परिजनों को सूचना दे दी गई है और मुआवजे की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। कुल मिलाकर यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

  • भोजशाला में 'मिशन शांति' सफल: 8 हजार जवानों की मुस्तैदी के बाद थिरके खाकी के कदम, वायरल हुआ जश्न का वीडियो

    भोजशाला में 'मिशन शांति' सफल: 8 हजार जवानों की मुस्तैदी के बाद थिरके खाकी के कदम, वायरल हुआ जश्न का वीडियो


    धार । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला परिसर में ‘वसंत पंचमी’ का महापर्व इस बार आपसी सौहार्द और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पिछले कई दिनों से बिना सोए दिन-रात तनावपूर्ण ड्यूटी कर रहे करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों ने जब शनिवार को राहत की सांस ली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी कर्तव्यनिष्ठा की अग्निपरीक्षा में पास होने के बाद पुलिस लाइन में आयोजित एक भोज के दौरान जवानों का मानवीय और खुशनुमा चेहरा सामने आया, जहां वे फिल्मी गानों पर जमकर थिरकते नजर आए।

    खाकी का तनावमुक्त अवतार: ड्यूटी के बाद ‘डांस’ का तड़का

    शुक्रवार को भोजशाला में पूजा और नमाज का संयोग एक ही दिन था, जिसे लेकर प्रशासन और पुलिस पर भारी दबाव था। स्थानीय पुलिस से लेकर केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 7,000 से 8,000 जवानों ने शहर के चप्पे-चप्पे पर पहरा दिया। लगातार फ्लैग मार्च और बिना ब्रेक के की गई ड्यूटी के बाद शनिवार को धार पुलिस लाइन में इन जवानों के लिए ‘विशेष भोज’ का आयोजन किया गया था।अनायास बना जश्न का माहौल: रक्षित निरीक्षक पुरुषोत्तम विश्नोई के अनुसार, विभाग की ओर से केवल भोजन की व्यवस्था थी, लेकिन ड्यूटी आवंटन के लिए लगे स्पीकर्स पर जैसे ही संगीत बजा, जवानों ने अपनी थकान मिटाने के लिए डांस करना शुरू कर दिया।सोशल मीडिया पर वायरल: वर्दी में जवानों के इस डांस का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मियों के इस तनावमुक्ति के तरीके और उनकी कड़ी मेहनत की जमकर सराहना कर रहे हैं।

    शांतिपूर्ण आयोजन: एक बड़ी उपलब्धि

    भोजशाला विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार की चुनौती बड़ी थी। पुलिस बल ने जिस धैर्य और अनुशासन के साथ हजारों की भीड़ को नियंत्रित किया, उसने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की एक मिसाल पेश की है। दिन-रात की कठिन ड्यूटी और फ्लैग मार्च के बाद जब जिम्मेदारी सफलतापूर्वक पूरी हुई, तो जवानों का यह उत्साह स्वाभाविक था। यह उनके मानसिक तनाव को कम करने की एक सकारात्मक पहल है। स्थानीय अधिकारी

    मानवीय पक्ष की प्रशंसा

    अक्सर पुलिस का सख्त चेहरा ही सामने आता है, लेकिन धार का यह वीडियो दिखाता है कि वर्दी के पीछे भी एक इंसान है, जिसे लंबी थकान के बाद मुस्कुराने और थिरकने का पूरा हक है। शहरवासियों ने भी पुलिस की इस भूमिका की प्रशंसा की है, क्योंकि उनकी सजगता के कारण ही शहर में शांति और भाईचारा बना रहा।

  • बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी

    बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी


    बीना /सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में बीना शहर के झांसी फाटक ओवरब्रिज पर सड़क की बिगड़ती हालत ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ओवरब्रिज के निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरे में है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इस मामले में विधायक निर्मला सप्रे ने रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो वह और उनके पार्टी कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।

    मरम्मत कार्य नाममात्र ही हुआ

    स्थानीय लोगों और पार्षद बीडी रजक के अनुसार, ओवरब्रिज कई वर्षों के संघर्ष और दोनों विभागों की सहयोगी प्रक्रिया के बाद बना था। निर्माण पूरा होने के कुछ महीनों में ही सड़क पर गहरे गड्ढे पड़ने लगे। स्थानीय वाहन चालक कई बार दुर्घटनाओं का शिकार हुए। गड्ढों के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। पार्षद और नागरिकों ने कई बार धरना प्रदर्शन और शिकायत के माध्यम से मरम्मत की मांग की, लेकिन विभागीय कार्रवाई नाममात्र ही हुई। इससे लोगों में भारी आक्रोश है।

    विभागीय समन्वय की कमी का उदाहरण

    विधायक निर्मला सप्रे का कहना है कि उन्होंने कई अवसरों पर रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों से गड्ढों की समस्या के बारे में बात की, लेकिन दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। उनका कहना है कि “किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, जिसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो वह मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन करेंगे और जनता की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएंगे। विधायक ने बताया कि झांसी फाटक ओवरब्रिज का महत्व इसलिए भी है क्योंकि पहले रेलवे क्रॉसिंग की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा था। ओवरब्रिज बनने के बाद भी गड्ढों के कारण यही जोखिम कायम है। उन्होंने विभागों से अपील की कि तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाए और सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।

    स्थानीय लोगों की परेशानियां

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गड्ढों के कारण वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। छात्रों और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह सड़क रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे अधिक इस्तेमाल होती है। सड़क की खस्ता हालत ने लोगों में निराशा और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया है। पार्षद बीडी रजक ने भी कहा कि लंबे समय से विभागीय लापरवाही और अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि बिना विलंब किए मरम्मत कार्य पूरा किया जाए और जनता को राहत मिले। वर्तमान में यह मामला विभागीय समन्वय की कमी और जनप्रतिनिधियों की चेतावनी को गंभीरता से न लेने का उदाहरण बन गया है। विधायक निर्मला सप्रे का आंदोलन की चेतावनी देने का निर्णय इस बात का संकेत है कि स्थानीय लोग अब इंतजार करने को तैयार नहीं हैं।

  • शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार

    शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार


    जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी को झकझोर देने वाले शाहजहांनाबाद मासूम बलात्कार और हत्याकांड मामले में न्याय की जीत हुई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी अतुल निहाले 30 को मिली फांसी की सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी के परिजनों द्वारा दायर की गई अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया।

    यह मामला न केवल अपनी संवेदनशीलता के लिए, बल्कि कानूनी इतिहास के लिए भी विशेष है। भोपाल की विशेष अदालत ने दोषी अतुल निहाले को अपहरण बलात्कार और हत्या, इन तीनों अलग-अलग धाराओं में ‘तिहरा मृत्युदंड सुनाया था। यानी उसे प्रत्येक जघन्य अपराध के लिए अलग से फांसी की सजा दी गई थी। भारतीय न्याय संहिता के लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है जहां किसी अपराधी को एक साथ तीन मृत्युदंड मिले हों।

    क्या थी दिल दहला देने वाली वह घटना

    घटना भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र की है, जहां एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। सघन तलाशी के बाद बच्ची का शव पड़ोस में रहने वाले मजदूर अतुल निहाले के घर में पानी की टंकी से बरामद हुआ था। जांच में यह बात सामने आई थी कि आरोपी ने बच्ची का अपहरण किया, उसके साथ हैवानियत की और पकड़े जाने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को छिपा दिया।

    हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में माना। न्यायालय ने कहा कि ऐसे जघन्य कृत्य समाज के लिए खतरा हैं और मासूमों की सुरक्षा के प्रति कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। आरोपी के परिजनों ने उसकी पृष्ठभूमि और कम उम्र का हवाला देकर सजा कम करने की गुहार लगाई थी जिसे अदालत ने अपराध की वीभत्सता को देखते हुए ठुकरा दिया। भोपाल पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस मामले में बेहद कम समय में वैज्ञानिक साक्ष्य और पुख्ता गवाह पेश किए थे, जिसकी बदौलत यह सजा बरकरार रह सकी। इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार और स्थानीय नागरिकों ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है

    भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को ग्वालियर दौरे के दौरान प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पटवारी ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि प्रदेश के जिलों में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि “हर कलेक्टर चोर है।” उन्होंने दावा किया कि यह केवल विपक्ष का आरोप नहीं है, बल्कि स्वयं मुख्य सचिव ने इसे स्वीकार किया है।

    जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव दोनों इस सच्चाई से वाकिफ हैं कि जिलों में बिना पैसे लिए कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा मुख्य सचिव ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह स्वीकार किया है कि कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता। यदि प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी यह मान रहा है तो मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

    पटवारी के आरोपों के मुख्य बिंदु

    भ्रष्टाचार की सीमा टूटी: पटवारी ने आरोप लगाया कि पहले सरकार पर ’50 प्रतिशत कमीशन’ के आरोप लगते थे, लेकिन अब भ्रष्टाचार ने संस्थागत स्वरूप ले लिया है और सभी सीमाएं तोड़ दी गई हैं। पैसे के दम पर पोस्टिंग उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि कलेक्टरों की नियुक्तियां योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि लेन-देन और बोली के आधार पर होती हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय CMO और PMO दोनों को है।

    नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग स्वतंत्र जांच की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि मध्यप्रदेश में जिला प्रशासन स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार की किसी केंद्रीय एजेंसी या स्वतंत्र समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए। सियासी भूचाल जीतू पटवारी का यह बयान मध्यप्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचाने वाला है। ग्वालियर-चंबल संभाग की बैठक लेने पहुंचे पटवारी ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस ‘भ्रष्टाचार’ को सबसे बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बनाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि जो भी अवैधानिक कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, कांग्रेस उसे जेल भिजवाकर ही दम लेगी।