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  • एमपी में अगले चार दिन होगी हल्की बारिश, इंदौर समेत 27 जिलों में आज बूंदाबांदी का अलर्ट

    एमपी में अगले चार दिन होगी हल्की बारिश, इंदौर समेत 27 जिलों में आज बूंदाबांदी का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अगले चार दिनों तक लगभग ऐसा ही बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है, जबकि इंदौर सहित 27 जिलों में रविवार को हल्की बारिश और बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन संभाग में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को भिंड, दतिया, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खरगोन, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

    इसके विपरीत ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है।

    पिछले तीन दिनों से प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसके चलते अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में उमस का असर बना रहा।

    प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश
    इस वर्ष जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद सामान्य कोटे से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई अच्छी बारिश ने यह कमी पूरी कर दी और वर्षा सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हो गई थी।

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण यह बढ़त अब घटकर 8 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 9.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 8.7 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस आधार पर प्रदेश में अब तक सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक और सीजन के कुल कोटे की लगभग 25 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

  • MP Weather: तीन दिन हल्की बारिश के आसार, 14 जुलाई से फिर तेज बारिश की संभावना

    MP Weather: तीन दिन हल्की बारिश के आसार, 14 जुलाई से फिर तेज बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 11 से 13 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि इस दौरान कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि 14 जुलाई से कुछ जिलों में फिर से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणाली कमजोर पड़ रही है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक रिमझिम बारिश का सिलसिला बना रहेगा। शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी 55 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

    अगले सप्ताह सक्रिय होगा नया मौसम तंत्र
    मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से अगले सप्ताह प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और कुछ इलाकों में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    खरीफ फसलों के लिए राहतभरा संकेत
    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारी बारिश का सिलसिला थमना खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगा। लगातार तेज बारिश के कारण कई जिलों के खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिससे फसलों में गलन का खतरा बढ़ने लगा था। बारिश की तीव्रता कम होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    सामान्य से अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने के दौरान आंधी और बारिश का दौर बना रहा, लेकिन इसके बावजूद जून के अंत तक सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं जुलाई के पहले नौ दिनों में हुई अच्छी बारिश ने यह कमी पूरी कर दी है।

    आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 240 मिमी (करीब 9.5 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि सामान्य वर्षा 222.1 मिमी (करीब 8.8 इंच) मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 8 से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 24 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 30 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा वर्षा हो चुकी है।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी रफ्तार में है। प्रदेश में अब तक सीजन की 25 प्रतिशत यानी 9.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि पूरे जुलाई महीने बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे वर्षा का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई है। पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश होने का अनुमान है।

    11 जिलों में हुई बारिश, मंडला में सबसे अधिक पानी गिरा
    गुरुवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मंडला में करीब पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सिंगरौली में आधा इंच से अधिक और बालाघाट में लगभग आधा इंच पानी बरसा। बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।

    जुलाई के नौ दिनों में बदली तस्वीर
    जून महीने में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद प्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी। अब प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक कुल 234.4 मिमी (9.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 212.3 मिमी (8.3 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और प्रदेशभर में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं तेज तो कहीं रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हो गए।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भिंड जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिलों में भी भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।

    भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश होने का अनुमान है।

    कई जिलों में उफान पर रहे नदी-नाले
    बुधवार को लगातार हुई बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और तेज बहाव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ।

    मौसम विभाग के अनुसार दमोह में पौने दो इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच तथा खजुराहो और टीकमगढ़ में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खरगोन और बैतूल में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास और सीहोर में भी अच्छी बारिश हुई।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के कारण प्रदेशभर में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 28.5 डिग्री, उज्जैन 29.2 डिग्री, ग्वालियर 29.7 डिग्री और भोपाल 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान सीधी में 33.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    इस बार जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी है।

    अब तक मध्य प्रदेश में कुल 223.7 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 202.5 मिमी (8.1 इंच) वर्षा से 10 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अब भी सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में औसत से 30 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग

    NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग


    इंदौर । इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर 23 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी राजनीतिक दल या बड़े संगठन के बजाय आम लोगों का सहयोग मिल रहा है। धरना स्थल पर टेंट, गद्दे, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समाज के लोगों और छात्रों के सहयोग से संचालित की जा रही हैं। कई युवा अपनी रोज की कमाई का हिस्सा भी आंदोलन के लिए दे रहे हैं ताकि प्रदर्शन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने आंदोलन शुरू किया था तब उनके पास बैठने और बारिश से बचने तक की व्यवस्था नहीं थी। शुरुआती दिनों में बारिश से बचने के लिए उन्हें अपने बैठने वाले गद्दों को ही ओढ़ना पड़ा। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो कई सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक उनकी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद धरना स्थल पर टेंट, गद्दे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

    छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, रिक्त और बैकलॉग पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू हो तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी 23 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    धरना स्थल पर मौजूद पवन अहिरवार और अरुण बड़ोले ने बताया कि रोजाना टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 1500 रुपये खर्च होते हैं। यह राशि आम नागरिकों के स्वैच्छिक सहयोग से जुटाई जा रही है। इसके लिए धरना स्थल पर सहयोग पेटी भी रखी गई है, जिसमें लोग अपनी इच्छा से आर्थिक सहायता दे रहे हैं। कई छात्र स्वयं लोगों से संपर्क कर आंदोलन के लिए सहयोग की अपील भी कर रहे हैं।

    इस आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। पेशे से ड्राइवर दिनेश वास्कले ने बताया कि उनके छोटे बच्चे हैं और वे नहीं चाहते कि भविष्य में उन्हें भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का सामना करना पड़े। उन्होंने अपना जन्मदिन भी धरना स्थल पर मनाया और उस दिन सभी छात्रों के भोजन की व्यवस्था की। वहीं डिलीवरी बॉय चंदन मोवेल ने कहा कि वह अपनी कमाई का एक हिस्सा आंदोलन के लिए नियमित रूप से दे रहे हैं। इसी तरह कई अन्य युवाओं ने भी छात्रों के समर्थन में आर्थिक सहयोग दिया है।

    धरने में शामिल छात्रों के अनुसार रात के समय भी 15 से 20 छात्र लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहते हैं, जबकि सुबह और शाम करीब 100 छात्र आंदोलन में शामिल होते हैं। उनका आरोप है कि अब तक प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी मांगों पर चर्चा करने नहीं पहुंचा है।

    एलएलएम के छात्र अनिल विद्याराणा ने बताया कि विभिन्न छात्र संगठनों का भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। कई संगठन धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

  • बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

    बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी


    मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है और लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बीते चौबीस घंटे के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धार में सबसे अधिक करीब 2.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जबकि राजगढ़ रतलाम शिवपुरी टीकमगढ़ खरगोन भोपाल और उज्जैन सहित कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नदी नाले उफान पर आ गए हैं और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

    शाजापुर जिले में हालात ऐसे बन गए कि शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंचना पड़ा। वहीं रतलाम में सागोद रोड से ईश्वर नगर जाने वाले अंडरब्रिज में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को लंबा रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

    प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार सुबह से रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। कहीं पिछले 16 घंटे से लगातार मध्यम और तेज बारिश हो रही है तो कहीं सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के साथ लगातार फुहारें पड़ रही हैं। इस बारिश से जहां उमस और गर्मी से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में नदी नालों के उफान ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

    भोपाल के जलस्रोतों पर भी बारिश का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। कुलांस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे राजधानी के बड़े तालाब में पानी की आवक तेज हो गई है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई छोटे बड़े नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है और प्रशासन लोगों से अनावश्यक रूप से नदी नाले पार नहीं करने की अपील कर रहा है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर चौबीस घंटे के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है। श्योपुर शिवपुरी गुना अशोकनगर सागर और टीकमगढ़ जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जहां लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी नालों से दूर रहें जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

  • भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल 14.69 लाख के टैक्स घोटाले में आरोपी जेल पहुंचे लेकिन नौकरी बरकरार

    भोपाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल 14.69 लाख के टैक्स घोटाले में आरोपी जेल पहुंचे लेकिन नौकरी बरकरार


    भोपाल । भोपाल नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर वसूली से जुड़ा 14 लाख 69 हजार 798 रुपए का बड़ा घोटाला सामने आने के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को मार्च महीने में ही मिल गई थी लेकिन इसके बावजूद लगभग चार महीने तक कार्रवाई नहीं की गई और मामला फाइलों में दबा रहा। आखिरकार 5 जुलाई को एफआईआर दर्ज हुई जिसके बाद दोनों आरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। हालांकि अब तक नगर निगम ने उनकी सेवाएं समाप्त नहीं की हैं।

    जांच के अनुसार यह पूरा फर्जीवाड़ा नेशनल लोक अदालत के दौरान अंजाम दिया गया। 14 मार्च 2026 को वार्ड 33 के वार्ड प्रभारी रघुवीर तिवारी की यूजर आईडी का दुरुपयोग कर 106 फर्जी प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर रसीदें जारी की गईं। इन रसीदों में करीब 14.69 लाख रुपए टैक्स जमा होना दर्शाया गया जबकि बैंक खातों के मिलान में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई तो घोटाले की परतें खुलती चली गईं।

    जांच में सामने आया कि वार्ड 24 में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर शिराज उलहक और योजना शाखा में कार्यरत मोहम्मद समीर खान ने मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों संपत्ति मालिकों को आधे टैक्स में भुगतान कराने का लालच देते थे। इसके लिए उन्होंने वार्ड 24 की एक ऑपरेटर के माध्यम से वार्ड 33 के प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड हासिल किए और उसी का उपयोग कर फर्जी रसीदें जारी कर दीं। लोगों से वसूली गई रकम सरकारी खाते में जमा करने के बजाय खुद हड़प ली गई।

    इस घोटाले ने नगर निगम के ऑनलाइन टैक्स सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वार्ड की यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग दूसरे वार्ड में कर इतनी बड़ी संख्या में फर्जी रसीदें जारी होना तकनीकी व्यवस्था की बड़ी खामी को उजागर करता है। अब पूरे सिस्टम के तकनीकी ऑडिट और अन्य वार्डों के रिकॉर्ड की भी जांच की मांग उठने लगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसी तरह की अनियमितताएं अन्य स्थानों पर भी तो नहीं हुई हैं।

    इस मामले का सबसे बड़ा नुकसान उन नागरिकों को हुआ जिन्होंने आरोपियों को टैक्स की राशि देकर वैध समझकर रसीदें प्राप्त कर ली थीं। बाद में उनके खातों में वही टैक्स दोबारा बकाया दिखाया गया। यानी जिन्होंने भुगतान किया वही दोबारा निगम के रिकॉर्ड में बकायादार बन गए। इससे आम लोगों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    हालांकि दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं लेकिन अब तक नगर निगम ने उनसे गबन की गई राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू नहीं की है और न ही उनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं। अपर आयुक्त अंजू अरुण कुमार ने कहा है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नगर निगम दोषियों के खिलाफ कितनी तेजी और सख्ती से आगे की कार्रवाई करता है।

  • अपराधियों पर पुलिस की कड़ी नजर पुराने भोपाल में रातभर चला चेकिंग अभियान कई वाहनों की जांच

    अपराधियों पर पुलिस की कड़ी नजर पुराने भोपाल में रातभर चला चेकिंग अभियान कई वाहनों की जांच


    भोपाल  भोपाल के पुराने शहर में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से मंगलवार देर रात पुलिस ने व्यापक चेकिंग और सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान शहर के कई थाना क्षेत्रों में प्रमुख चौराहों बाजारों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेड्स लगाकर आने जाने वाले वाहनों की गहन जांच की गई। पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना अपराधियों में कानून का भय बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

    रातभर चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने बिना किसी ठोस कारण देर रात सड़कों पर घूम रहे लोगों से पूछताछ की। उनकी पहचान की पुष्टि की गई और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों पर विशेष नजर रखी गई। जरूरत पड़ने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की गई ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

    अभियान के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भी सघन जांच की गई। वाहन चालकों से ड्राइविंग लाइसेंस वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जिन लोगों ने यातायात नियमों का उल्लंघन किया उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने ओवरलोडिंग और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती दिखाई।

    सिर्फ वाहन जांच तक ही अभियान सीमित नहीं रहा बल्कि पुलिस टीमों ने पुराने भोपाल के संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त भी की। बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मौजूद लोगों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

    डीसीपी आयुष गुप्ता ने बताया कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में कानून का डर कायम रखने के लिए इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना भी है। इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए भी नियमित रूप से विशेष अभियान जारी रहेंगे।

    भोपाल पुलिस का मानना है कि लगातार निगरानी सघन चेकिंग और आम जनता के सहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसी रणनीति के तहत भविष्य में भी शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसे अभियान चलाए जाते रहेंगे ताकि राजधानी में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे और नागरिक सुरक्षित वातावरण में रह सकें।

  • मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड को लेकर बढ़ा विवाद गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के विरोध में तेज हुआ आंदोलन

    मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड को लेकर बढ़ा विवाद गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के विरोध में तेज हुआ आंदोलन


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इस फैसले का विरोध करते हुए अब सीधे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के मुख्य संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि वक्फ बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने से मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी को लेकर दोनों संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को पत्र भेजकर मौजूदा आदेश को वापस लेने और बोर्ड का नए सिरे से पुनर्गठन करने की मांग की गई है।

    शमशुल हसन ने कहा कि संगठन को वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल या अन्य मुस्लिम सदस्यों के कामकाज पर कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध केवल उन दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर है जिन्हें बोर्ड में शामिल किया गया है। उनका कहना है कि वक्फ इस्लाम से जुड़ी धार्मिक और सामाजिक संस्था है इसलिए इसके संचालन और प्रबंधन में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की ही भागीदारी होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि वर्तमान वक्फ बोर्ड को भंग कर समाज की भावनाओं के अनुरूप नए बोर्ड का गठन किया जाए। उनका विश्वास है कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोग इस विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में भी जनभावनाओं को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर पुनर्विचार किया गया है इसलिए इस मामले में भी सरकार सकारात्मक कदम उठा सकती है।

    इस मुद्दे पर शमशुल हसन ने उन उलेमाओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए जिन्होंने नए वक्फ बोर्ड और उसके अध्यक्ष का स्वागत किया है। उनका कहना है कि धार्मिक नेतृत्व को समाज की भावनाओं के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुरान और हदीस की शिक्षाओं से परिचित होने के बावजूद यदि कोई ऐसे फैसलों का समर्थन करता है तो इससे समाज में नाराजगी बढ़ती है। उन्होंने धार्मिक नेतृत्व से अपने रुख पर पुनर्विचार करने की अपील भी की।

    शमशुल हसन ने कहा कि इतिहास में मुस्लिम उलेमाओं ने समाज और धार्मिक संस्थाओं की रक्षा के लिए कई संघर्ष किए हैं। आज भी धार्मिक नेतृत्व की जिम्मेदारी केवल बयान देने तक सीमित नहीं है बल्कि समुदाय के अधिकारों और धार्मिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुद्दे पर चुप हैं या समर्थन कर रहे हैं उन्हें इतिहास से सीख लेते हुए समाज के हित में आवाज उठानी चाहिए।

    संगठन का दावा है कि केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में मुस्लिम समाज इस फैसले से असंतुष्ट है। उनका कहना है कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं बल्कि एक ऐसे निर्णय के विरोध में है जिसे समुदाय अपनी धार्मिक व्यवस्था में हस्तक्षेप के रूप में देख रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगा।

    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए पहली बार दो गैर मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया है। इसी फैसले के बाद विभिन्न मुस्लिम संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन देने का सिलसिला लगातार जारी है।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पन्ना, छतरपुर और खंडवा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को तेज बारिश के कारण कई सड़क मार्ग बंद हो गए, जबकि नदियां उफान पर रहीं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक वर्षा हो सकती है।

    बुधवार के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    इसके अलावा आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, भोपाल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर और सिंगरौली जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    कई जिलों में बारिश से बढ़ी परेशानी
    मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले। इंदौर के खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंस जाने से स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, खजुराहो में कई मार्ग बंद हो गए और पन्ना में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक पौने दो इंच बारिश छतरपुर के खजुराहो में हुई। धार में डेढ़ इंच से अधिक, राजगढ़ में सवा इंच, रतलाम और उज्जैन में पौन इंच, जबकि भोपाल, सागर और खरगोन में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    बारिश से तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है और दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 30.6 डिग्री, भोपाल 31 डिग्री, उज्जैन 31.5 डिग्री और ग्वालियर 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे अधिक तापमान श्योपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि मलाजखंड सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सिवनी, धार, नौगांव, दमोह, खंडवा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, खरगोन, टीकमगढ़ और सतना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    प्रदेश में जून महीने से ही आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 6 जुलाई तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 200.5 मिमी (करीब 8 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 191.3 मिमी (7.7 इंच) वर्षा की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।