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  • एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल सहित रायसेन और सीहोर में रातभर बारिश का दौर जारी रहा। इसके अलावा राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

    उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। वहीं नीमच, मंदसौर और रतलाम में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है और इन जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    उमरिया में अच्छी बारिश के लिए हुआ भजन-कीर्तन
    उमरिया जिले में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण ग्रामीणों ने अच्छी बारिश की कामना के लिए धार्मिक आयोजन किया। मानपुर क्षेत्र के चिल्हारी स्थित पहाड़ी हनुमान मंदिर में ग्रामीणों ने लगातार 24 घंटे तक भजन-कीर्तन किया। जिले में अब तक 11.2 इंच बारिश दर्ज की गई है।

    रायसेन में बारिश से किसानों को मिली राहत
    रायसेन जिले में मानसून आने के बावजूद करीब 18 दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई थी। इससे बोवनी प्रभावित हो गई थी, धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और पौधे सूखने की स्थिति में पहुंच गए थे। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। खेतों में फिर से पानी भर गया, जबकि सांची रोड पर जलभराव के कारण जाम की स्थिति बन गई। आसपास की पहाड़ियों पर झरने भी बहने लगे हैं।

    सीहोर में 13 दिन बाद झमाझम बारिश
    सीहोर जिले में भी लंबे इंतजार के बाद बारिश लौटी। यहां करीब 13 दिन बाद रात 1 बजे से लगातार वर्षा हो रही है। पिछले 8 घंटे से जारी बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया है और किसानों को राहत पहुंचाई है।

  • शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी

    शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक किसान की खेत पर कीटनाशक पीने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद किसान घर से खेत गया था और वहीं उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ घंटे बाद परिजन जब खेत पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    यह घटना शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम भ्राम ताजपुर गौरी की है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मांगीलाल पिता रेवाराम मालवीय के रूप में हुई है। वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे मांगीलाल रोज की तरह घर से खेत के लिए निकले थे। दोपहर बाद जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो उनके भाई रमेश उन्हें देखने खेत पहुंचे। वहां मांगीलाल अचेत अवस्था में पड़े मिले।

    परिजन उन्हें तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में कुछ समय से छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के कारण मांगीलाल ने खेत पर पहुंचकर कीटनाशक पी लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही की जाएगी।

    घटना के बाद एक और समस्या सामने आई जिसने परिजनों की पीड़ा और बढ़ा दी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका का शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार शव वाहन में डीजल खत्म होने और तकनीकी खराबी के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा सका। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर किसान का शव गांव ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आवश्यक सेवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि शोकग्रस्त परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    शुजालपुर सिटी थाना के प्रधान आरक्षक निहाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी

    एमपी में आज दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट, 47 जिलों में हो सकती है हल्की बूंदाबांदी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश के करीब 90 प्रतिशत हिस्से में 23 जुलाई तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 4 से 5 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार को दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल और इंदौर सहित 47 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

    मौसम केंद्र भोपाल (IMD) के अनुसार, जुलाई में पिछले 12 दिनों से प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश नहीं हुई है। इसका असर प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    अब तक प्रदेश में 261.4 मिमी (10.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 311.8 मिमी (12.3 इंच) होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी वर्षा 10 प्रतिशत कम रही है।

    इन जिलों में बारिश का अलर्ट

    दमोह, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक, तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

    वहीं नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में बादल छाए रहने का अनुमान है, हालांकि इन जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि 16 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर

    सीहोर में तेज होगा मानसून का दौर, दो दिन भारी बारिश के आसार; किसानों के लिए राहत की खबर


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आगामी 48 घंटे जिले के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को जिले में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश के मध्य हिस्सों में मजबूत मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिसका असर सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा।

    जिला भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 19 जुलाई तक जिले में औसतन 14 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले कम है। पिछले साल 19 जुलाई तक जिले में 17.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसके बावजूद हाल के दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ने से मौसम सुहावना हुआ है और किसानों के चेहरों पर उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है।

    ब्लॉकवार वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो आष्टा जिले का सबसे अधिक बारिश वाला क्षेत्र बनकर सामने आया है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद जावर में 16.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। दूसरी ओर श्यामापुर क्षेत्र सबसे पीछे रहा, जहां केवल 7.7 इंच वर्षा हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के इस अंतर के कारण खेती और जल उपलब्धता पर भी अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, खुले मैदानों से दूर रहने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

    आगामी बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त वर्षा होने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होगी। साथ ही जिले के बांधों, तालाबों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ेगा, जिससे सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। संभावित भारी बारिश को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

  • देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक

    देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले युवक के शव की पहचान, जेब में मिली पर्ची से पहुंची पुलिस परिजनों तक


    देवास । देवास में रेलवे माल गोदाम के पास मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की शिनाख्त राजाराम नगर निवासी महेंद्र सिंह सिसोदिया के रूप में हुई। रविवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस मौत के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है।

    सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक, शव की तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक पर्ची बरामद हुई, जिस पर परिजनों का मोबाइल नंबर लिखा था। इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क किया और शव की पहचान कराई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह सिसोदिया 14 जुलाई को घर से निकले थे। इसके बाद वे नागदा क्षेत्र में अपने माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन चार दिन बाद उनका शव रेलवे माल गोदाम के पास मिला।

    घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को जहर की कुछ पुड़िया भी मिली हैं। इन्हें जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस आत्महत्या, दुर्घटना और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है।

  • एमपी में यूसीसी लागू करने की बड़ी तैयारी कैबिनेट से मिली मंजूरी अब विधानसभा में पेश होगा ऐतिहासिक विधेयक

    एमपी में यूसीसी लागू करने की बड़ी तैयारी कैबिनेट से मिली मंजूरी अब विधानसभा में पेश होगा ऐतिहासिक विधेयक


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में यूसीसी विधेयक 2026 के मसौदे को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। इसके साथ ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया ने औपचारिक रूप से नया चरण पार कर लिया है। अब इस विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में चर्चा और पारित कराने के लिए सदन के पटल पर रखा जाएगा।

    यदि विधानसभा से यह विधेयक पारित हो जाता है और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होती है तो मध्य प्रदेश उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समानता भारतीय संस्कृति और संविधान की मूल भावना का हिस्सा है और सरकार इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा जहां इस पर विस्तार से चर्चा होगी। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सदन की मंजूरी मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी। सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

    कैबिनेट बैठक भोपाल के समीप जगदीशपुर स्थित ऐतिहासिक चमन महल में आयोजित की गई जहां जनजातीय संस्कृति और विरासत को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। बैठक स्थल पर जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक लोक कलाओं की प्रस्तुति दी जबकि सभागार में जनजातीय वीर नायकों के चित्र लगाए गए थे। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इलेक्ट्रिक बसों से बैठक स्थल पहुंचे।

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल के गौरवशाली इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र राजा भोज परमार राजवंश और गोंड शासकों की समृद्ध विरासत का केंद्र रहा है। उन्होंने रानी कमलापति के साहस और त्याग को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने भोपाल के ऐतिहासिक विकास में विभिन्न शासकों और संस्कृतियों के योगदान का भी उल्लेख किया।

    देश में समान नागरिक संहिता को लेकर पहले भी कई राज्यों ने पहल की है। उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना जहां विधेयक पारित होने के बाद जनवरी 2025 से इसे लागू किया गया। इसके बाद गुजरात विधानसभा ने भी यूसीसी विधेयक पारित किया। वहीं असम विधानसभा ने भी समान नागरिक संहिता संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है हालांकि वहां कुछ अनुसूचित जनजातियों और पारंपरिक धार्मिक प्रथाओं को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। गोवा में लंबे समय से पुर्तगाली सिविल कोड के तहत समान नागरिक कानून की व्यवस्था लागू है।

    अब पूरे प्रदेश की निगाहें 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र पर टिकी हैं जहां यूसीसी विधेयक पर चर्चा होगी। सदन में पारित होने के बाद यह विधेयक आगे की संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरेगा। सरकार इसे समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है जबकि इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा होने की संभावना भी है।

  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज, छतरपुर-पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में हल्की बारिश के आसार

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज, छतरपुर-पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में हल्की बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में रविवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए छतरपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, जबलपुर, ग्वालियर सहित 34 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के आसपास सक्रिय चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) और एक टर्फ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। इसी सिस्टम के कारण शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। रविवार को भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।

    विभाग के अनुसार, छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है।

    इसके विपरीत भोपाल, राजगढ़, सीहोर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर और देवास में मौसम सामान्य और साफ रहने का पूर्वानुमान है।

    जुलाई में सामान्य से 15 फीसदी कम बारिश
    प्रदेश में पिछले नौ दिनों के दौरान किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसका असर मानसूनी आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। शनिवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    अब तक प्रदेश में 247 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 291 मिमी बारिश होती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो देवास प्रदेश का सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना हुआ है, जहां सामान्य से 102 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। यहां अब तक करीब 18 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा हरदा में 15 इंच, इंदौर और सीहोर में करीब 14 इंच, जबकि भोपाल में अब तक 13.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • MP Weather: भोपाल-इंदौर समेत 44 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-उमरिया में हैवी रेन की चेतावनी

    MP Weather: भोपाल-इंदौर समेत 44 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-उमरिया में हैवी रेन की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें डिंडौरी और उमरिया जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    भोपाल स्थित मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, 19 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में लगातार तेज बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।

    शुक्रवार को करीब नौ दिन बाद उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके साथ सक्रिय ट्रफ के कारण पर्याप्त नमी प्रदेश तक पहुंच रही है। जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, वैसे-वैसे बारिश की तीव्रता भी बढ़ती जाएगी। नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    इन जिलों में बारिश का पूर्वानुमान

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है।

    वहीं श्योपुर, गुना, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में धूप निकलने की संभावना भी जताई गई है।

    सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश

    प्रदेश में जुलाई के शुरुआती नौ दिनों के दौरान किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई। इसका असर कुल वर्षा के आंकड़ों पर भी पड़ा है। शुक्रवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।

    अब तक प्रदेश में 247 मिमी (9.7 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 291 मिमी (11.5 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से 5 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है।

  • MP: लगभग 10 वर्ष बाद जेल विभाग के 40 अधिकारियों को पदोन्नति

    MP: लगभग 10 वर्ष बाद जेल विभाग के 40 अधिकारियों को पदोन्नति


    भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति संबंधी निर्णय के अनुपालन में जेल विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को गति देते हुए लगभग 10 वर्ष बाद विभाग के 40 अधिकारियों के पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। शासन के निर्देशों के पालन में जेल मुख्यालय द्वारा सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत अधिकारियों को उप जेल अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है।

    जनसंपर्क अधिकारी राजेश दाहिमा ने शुक्रवार को बताया कि पदोन्नत अधिकारियों को उनके नवीन पद एवं दायित्व के अनुरूप पदस्थापित करने की प्रक्रिया जेल मुख्यालय द्वारा प्रारंभ कर दी गई है। पदोन्नति से अधिकारियों में उत्साह का संचार हुआ है तथा इससे जेल विभाग की प्रशासनिक कार्यक्षमता और कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी।

    जेल मुख्यालय में आयोजित समारोह में महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर ने पदोन्नत अधिकारियों को नई रैंक प्रदान की। समारोह के दौरान महानिदेशक जेल डॉ. वरुण कपूर द्वारा पदोन्नत अधिकारियों ज्योति तिवारी, हरीश आर्य, दिलीप नायक एवं राकेश कुमार मिहोरिया की वर्दी पर अशोक चिन्ह लगाकर उन्हें उप जेल अधीक्षक की नई रैंक प्रदान की गई।

    इस अवसर पर महानिदेशक जेल डॉ. वरुण कपूर ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पदोन्नति नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों के साथ-साथ विभाग की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी अधिकारी अपने नवीन दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन एवं समर्पण के साथ करेंगे तथा जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    समारोह में विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा, अतिरिक्त महानिरीक्षक संजय पांडे, उपमहानिरीक्षक मंशाराम पटेल, केंद्रीय जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट

    MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब नौ दिनों के अंतराल के बाद एक बार फिर भारी बारिश की संभावना बनी है। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने शुक्रवार को बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के 31 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) विकसित हो रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    प्रदेश में पिछले नौ दिनों से कहीं भी उल्लेखनीय भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। इसका असर मानसून के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। अब तक मध्य प्रदेश में 243.3 मिमी (9.6 इंच) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 281.3 मिमी (11.1 इंच) होना चाहिए था। यानी प्रदेश में अब तक 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    यदि क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से 2 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

    इन जिलों में बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, अनूपपुर और उमरिया में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    वहीं ग्वालियर, भोपाल, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में फिलहाल उमस और गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन वर्षा की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी दिनों में सक्रिय हो रही निम्न दाब प्रणाली की दिशा और तीव्रता तय करेगी कि मानसून कितनी तेजी से दोबारा सक्रिय होता है। यदि मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।