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  • इंदौर में आरोपियों के जुलूस पर उठे सवाल जेल गेट पर खुद खोले पट्टे वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच के घेरे में

    इंदौर में आरोपियों के जुलूस पर उठे सवाल जेल गेट पर खुद खोले पट्टे वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच के घेरे में


    नई दिल्ली । इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में आरोपियों का जुलूस निकालने की पुलिस कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में जेल गेट के बाहर आरोपी अपने हाथ और पैरों पर बंधे पट्टे खोलते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो में लगाए जा रहे दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी ने जांच के निर्देश दिए हैं।

    यह मामला मेडिकल दुकान के बाहर कार और बाइक की टक्कर के बाद हुए विवाद से जुड़ा है। घटना के बाद हीरानगर पुलिस ने एक नाबालिग सहित चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने शोभित साक्यवार निक्की अहिरवार ओम उर्फ देवाय और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को इलाके में उनका जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान आरोपियों के हाथ और पैरों पर पट्टे बांधे गए थे। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

    देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें जेल गेट के बाहर आरोपी अपने हाथ और पैरों से पट्टे खोलते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि पट्टे केवल दिखावे के लिए बांधे गए थे। हालांकि इन दावों की किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और न ही अब तक इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया गया है।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। मामले में एसीपी रूबीना मिजवानी ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और वीडियो की सत्यता तथा घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सार्वजनिक स्थानों पर आरोपियों के जुलूस निकालने जैसी कार्रवाइयों को लेकर पहले भी बहस होती रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति किस परिस्थिति में बनी और पुलिस की कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई या नहीं।

  • गेहूं उत्पादन के बाद अब भंडारण में भी एमपी का दम 35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

    गेहूं उत्पादन के बाद अब भंडारण में भी एमपी का दम 35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल


    नई दिल्ली । देश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के लिए पहचान बना चुका मध्य प्रदेश अब सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता के मामले में भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 34.94 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इस उपलब्धि के साथ मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है और पंजाब हरियाणा राजस्थान गुजरात तमिलनाडु तेलंगाना तथा ओडिशा जैसे कई बड़े कृषि राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

    राज्यसभा में उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में यह जानकारी सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 3493.80 हजार मीट्रिक टन यानी लगभग 34.94 लाख मीट्रिक टन सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। यह क्षमता प्रदेश में खरीदे गए गेहूं धान और अन्य खाद्यान्नों के सुरक्षित भंडारण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    केंद्र सरकार के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय खाद्य निगम राज्य एजेंसियों और अन्य व्यवस्थाओं को मिलाकर देशभर में कुल 55493.76 हजार मीट्रिक टन यानी लगभग 5.55 करोड़ मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें अकेले मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 6.3 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि देश के खाद्य सुरक्षा तंत्र में मध्य प्रदेश की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।

    भंडारण क्षमता के मामले में प्रदेश से आगे केवल उत्तर प्रदेश बिहार महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश का स्थान आता है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में गेहूं उत्पादन और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद में भी लगातार अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। अब पर्याप्त भंडारण क्षमता उपलब्ध होने से खरीदे गए अनाज के सुरक्षित संरक्षण और समय पर वितरण में भी आसानी होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक गोदामों और वैज्ञानिक भंडारण सुविधाओं के विस्तार से अनाज की बर्बादी कम होगी और किसानों से खरीदी गई उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी और जरूरत के समय विभिन्न राज्यों तक खाद्यान्न की आपूर्ति भी सुचारु रूप से की जा सकेगी।

    मध्य प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य के कृषि और खाद्य प्रबंधन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उत्पादन के साथ साथ भंडारण क्षमता में हुई यह बढ़ोतरी प्रदेश को देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का और अधिक मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

  • भगवान नहीं ओरछा के असली राजा हैं श्रीराम जानिए क्यों इस अनोखे मंदिर में हर दिन पुलिस देती है गार्ड ऑफ ऑनर

    भगवान नहीं ओरछा के असली राजा हैं श्रीराम जानिए क्यों इस अनोखे मंदिर में हर दिन पुलिस देती है गार्ड ऑफ ऑनर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित ऐतिहासिक नगरी ओरछा अपनी भव्य विरासत और धार्मिक आस्था के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां स्थित राम राजा सरकार मंदिर भारत का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां भगवान श्रीराम को केवल ईश्वर नहीं बल्कि ओरछा के वास्तविक राजा के रूप में पूजा जाता है। यही वजह है कि यहां आज भी मध्य प्रदेश पुलिस प्रतिदिन भगवान श्रीराम को गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान प्रदान करती है। यह अनूठी परंपरा सदियों से चली आ रही है और देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    राम राजा सरकार का मंदिर किसी पारंपरिक मंदिर की तरह नहीं बल्कि एक राजमहल जैसा दिखाई देता है। यहां भगवान श्रीराम राजा की तरह सिंहासन पर विराजमान रहते हैं। सुबह की मंगला आरती से लेकर रात्रि के शयन तक सभी धार्मिक अनुष्ठान राजशाही परंपरा के अनुसार संपन्न होते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भी भगवान के दर्शन किसी देवालय में नहीं बल्कि अपने राजा के दरबार में उपस्थित होने की भावना से करते हैं।

    इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा रोजाना होने वाला गार्ड ऑफ ऑनर है। मध्य प्रदेश पुलिस के जवान निर्धारित समय पर मंदिर परिसर में पहुंचकर शस्त्रों के साथ भगवान श्रीराम को सलामी देते हैं। यह सम्मान उसी प्रकार दिया जाता है जैसा किसी राष्ट्राध्यक्ष या राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति को दिया जाता है। इस अद्भुत परंपरा को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक मंदिर पहुंचते हैं।

    राम राजा सरकार मंदिर की स्थापना के पीछे एक प्रसिद्ध धार्मिक कथा भी जुड़ी हुई है। मान्यता के अनुसार ओरछा की महारानी कुंवरि गणेश भगवान श्रीराम की परम भक्त थीं। उन्होंने अयोध्या जाकर सरयू नदी के तट पर कठोर तपस्या की और भगवान श्रीराम से ओरछा चलने की प्रार्थना की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम बाल स्वरूप में उनके साथ ओरछा आने के लिए तैयार हो गए।

    कहा जाता है कि ओरछा आने से पहले भगवान श्रीराम ने महारानी के सामने दो शर्तें रखीं। पहली यह कि ओरछा में वे राजा के रूप में ही विराजमान रहेंगे और दूसरी यह कि जहां पहली बार उन्हें स्थापित किया जाएगा वहां से वे कभी दूसरी जगह नहीं जाएंगे। महारानी ने दोनों शर्तें स्वीकार कर लीं।

    ओरछा पहुंचने पर महारानी ने भगवान श्रीराम को सबसे पहले अपने राजमहल के रसोईघर में विराजमान कराया। भगवान श्रीराम वहीं स्थायी रूप से स्थापित हो गए और समय के साथ वही स्थान विश्व प्रसिद्ध राम राजा सरकार मंदिर बन गया। तभी से ओरछा में भगवान श्रीराम को राजा का दर्जा प्राप्त है और आज भी पूरा नगर उन्हें अपना वास्तविक शासक मानता है।

    राम राजा सरकार मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी अद्भुत प्रतीक है। यहां निभाई जाने वाली राजशाही परंपराएं और भगवान श्रीराम को दिया जाने वाला राजकीय सम्मान इस मंदिर को देश के अन्य सभी राम मंदिरों से अलग पहचान दिलाता है।

  • ऊर्जा विभाग का बड़ा फैसला 6500 संविदा अधिकारी और कर्मचारी बन सकेंगे नियमित एक बार मिलेगा सुनहरा मौका

    ऊर्जा विभाग का बड़ा फैसला 6500 संविदा अधिकारी और कर्मचारी बन सकेंगे नियमित एक बार मिलेगा सुनहरा मौका


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश सरकार ने बिजली कंपनियों में कार्यरत 6500 से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए नियमित नियुक्ति का रास्ता खोल दिया है। ऊर्जा विभाग ने संविदा कर्मचारियों के लिए नई नियुक्ति योजना लागू कर दी है जिसके तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित रिक्त पदों पर भर्ती का अवसर मिलेगा। इसके लिए अक्टूबर से पहले ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट परीक्षा के अंकों और संविदा सेवा के अनुभव के आधार पर दिए जाने वाले बोनस अंकों को जोड़कर तैयार की जाएगी।

    ऊर्जा विभाग ने इस योजना को संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना 2026 नाम दिया है। योजना का उद्देश्य लंबे समय से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित सेवा में आने का अवसर देना है। हाल ही में नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदाकर्मियों ने प्रदर्शन भी किया था जिसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।

    योजना का लाभ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी तथा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

    इस योजना के तहत लाइन अटेंडेंट टेस्टिंग अटेंडेंट जूनियर इंजीनियर असिस्टेंट इंजीनियर सहित अन्य समकक्ष पदों पर कार्यरत संविदा अधिकारी और कर्मचारी आवेदन कर सकेंगे। संबंधित बिजली कंपनियों के प्रबंध संचालकों को योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    योजना में आवेदन के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे जिन्होंने योजना की स्वीकृति तिथि तक संबंधित कंपनी में कम से कम दो वर्ष की संविदा सेवा पूरी कर ली हो। यदि किसी कर्मचारी की दो संविदा नियुक्तियों के बीच अंतराल रहा है तो उसे सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा लेकिन उस अवधि को अनुभव में नहीं जोड़ा जाएगा। पुनः नियुक्ति की स्थिति में भी वास्तविक सेवा अवधि के आधार पर अनुभव की गणना होगी। अनुभव प्रमाण पत्र कार्यपालन अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा।

    नियमित पदों पर चयन पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से होगा। केवल उन्हीं पदों पर भर्ती की जाएगी जिनके समकक्ष नियमित रिक्तियां उपलब्ध होंगी। परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ संविदा सेवा के अनुभव के आधार पर बोनस अंक जोड़े जाएंगे और इसी आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार होगी। इससे लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धा में अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी नियुक्तियां मध्य प्रदेश शासन के आरक्षण नियमों के अनुसार की जाएंगी। संविदा कर्मचारियों को आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक पात्र कर्मचारी इस अवसर का लाभ उठा सकें।

    यदि कोई संविदा कर्मचारी नियमित पद पर चयनित होता है तो उसे पहले अपने संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। इस प्रक्रिया में एक महीने की नोटिस अवधि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया है। त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद संविदा सेवा समाप्त मानी जाएगी और भविष्य में उसी सेवा के आधार पर वरिष्ठता पदोन्नति या अन्य किसी लाभ का दावा मान्य नहीं होगा।

    सरकार के इस फैसले को बिजली कंपनियों में वर्षों से संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब उनकी नजर अक्टूबर से पहले होने वाली परीक्षा पर रहेगी जो नियमित सरकारी सेवा का रास्ता तय करेगी।

  • चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्य प्रदेश  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। प्रदेश में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार के लिए उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 से 30 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की जा सकती है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक निम्न दबाव क्षेत्र और डिप्रेशन सक्रिय है जबकि पश्चिमी विक्षोभ भी जल्द प्रभाव दिखाएगा। इन सभी मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। रविवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई और अब इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा।

    भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर कटनी छिंदवाड़ा सिवनी नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच यानी 334.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 15.5 इंच यानी 395.2 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से केवल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है जबकि 41 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। निवाड़ी पूर्वी मध्य प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां औसत से अधिक वर्षा हुई है। दूसरी ओर भोपाल इंदौर सीहोर राजगढ़ देवास हरदा बुरहानपुर नीमच मंदसौर दमोह सिवनी आगर मालवा और भिंड जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से बेहतर रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि जून महीने में कमजोर मानसून के कारण बारिश का आंकड़ा काफी पीछे रह गया था। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी लेकिन पिछले कुछ दिनों तक बारिश कमजोर रहने से प्रदेश फिर औसत से नीचे पहुंच गया। अब सक्रिय मानसूनी सिस्टम से उम्मीद है कि बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई मध्य प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण बारिश वाला महीना होता है क्योंकि पूरे मानसून की लगभग 40 प्रतिशत वर्षा इसी महीने में होती है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश 37.3 इंच मानी जाती है जबकि भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालों से दूर रहने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

  • मप्र में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को मिला तीन अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार

    मप्र में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को मिला तीन अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार

    भोपाल, 24 जुलाई। मध्य प्रदेश शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह (बैच 1997) को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपते हुए बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, सुखबीर सिंह को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ आगामी आदेश तक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    आदेश के मुताबिक, सुखबीर सिंह वर्तमान में प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग के रूप में कार्यरत हैं। अब वे अपने मौजूदा दायित्वों के साथ इन तीन महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार भी संभालेंगे। यह व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेगी। वर्तमान में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह लोक निर्माण विभाग संभाल रहे हैं।
  • इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश

    इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश


    इंदौर। इंदौर के रीगल ब्रिज पर मंगलवार शाम हुए एक सड़क हादसे में 48 वर्षीय किसान की मौत हो गई। वह कोर्ट में पेशी पूरी करने के बाद पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान खुडेल क्षेत्र के काजी पलासिया निवासी इलियास पुत्र अब्दुल रज्जाक के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा मंगलवार शाम रीगल ब्रिज पर हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इलियास सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। कुछ समय तक घायल सड़क पर ही पड़े रहे। बाद में राहगीरों ने उन्हें देखा और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पता चला कि इलियास किसी न्यायिक मामले में पेशी के लिए इंदौर आए थे। अदालत का काम पूरा होने के बाद वह पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे ताकि अपने गांव लौट सकें। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

    परिजनों ने बताया कि इलियास खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा, छह बेटियां और पांच भाई हैं। उनकी असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

  • नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में छात्रों का प्रदर्शन, बारिश के बीच भी डटे रहे आंदोलनकारी

    नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में छात्रों का प्रदर्शन, बारिश के बीच भी डटे रहे आंदोलनकारी


    इंदौर। इंदौर में नीट पेपर लीक मामले और अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शहर के टंट्या भील चौराहे पर पिछले 22 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में हर दिन नए छात्र जुड़ रहे हैं। मंगलवार देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र चौराहे पर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में लगातार नारेबाजी करते रहे। आंदोलन स्थल पर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

    छात्रों का यह आंदोलन 30 जून से जारी है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

    मंगलवार को टंट्या भील चौराहे पर सुबह से ही छात्रों का जुटना शुरू हो गया था। शाम होते-होते बड़ी संख्या में युवा हाथों में तख्तियां लेकर धरना स्थल पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में नारेबाजी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन के दौरान राहगीर भी कुछ देर रुककर आंदोलन को देखते रहे और कई लोगों ने छात्रों का समर्थन भी किया।

    बारिश के बावजूद आंदोलन की रफ्तार कम नहीं हुई। खराब मौसम के बीच भी छात्र धरना स्थल पर डटे रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहे। आंदोलन के दौरान राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति भी दी गई, जिससे प्रदर्शनकारियों का उत्साह और बढ़ गया। इस अवसर पर अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने, भारत चौहान, राधिका सहित कई युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर आंदोलन को समर्थन दिया।

    अनशन पर बैठे प्रहलाद पाण्डेय ने कहा कि यह आंदोलन केवल कुछ मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और पारदर्शी व्यवस्था की आवाज भी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है और लगातार बढ़ रही छात्रों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि युवाओं में इस विषय को लेकर गंभीर चिंता है।

    इससे पहले आंदोलनकारी छात्र टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च भी निकाल चुके हैं। वहां कई घंटे तक प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने उनकी कुछ मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।

    टंट्या भील चौराहे पर लगातार बढ़ती छात्रों की मौजूदगी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक 27 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले उसे पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार पटेल नगर निवासी अभिषेक चौहान ने मंगलवार रात अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार के लोगों ने बताया कि रात में जब उसका बड़ा भाई खाना देने कमरे में पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर अभिषेक फंदे से लटका दिखाई दिया। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों का आरोप है कि अभिषेक की पत्नी साधना नामदेव ने उसके खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के सिलसिले में मंगलवार को पुलिस ने अभिषेक को एरोड्रम थाने बुलाकर पूछताछ की थी। परिवार का कहना है कि थाने से लौटने के बाद वह बेहद परेशान और शांत था। उसने किसी से ज्यादा बातचीत नहीं की और अपने कमरे में चला गया, जहां बाद में उसने यह कदम उठा लिया।

    परिवार के मुताबिक अभिषेक एयरपोर्ट पर टैक्सी चलाता था। इसी दौरान उसकी पहचान टैक्सी काउंटर पर काम करने वाली साधना से हुई थी। दोनों ने मई 2026 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच पारिवारिक मुद्दों को लेकर मतभेद शुरू हो गए थे।

    परिजनों का कहना है कि साधना चाहती थी कि अभिषेक संयुक्त परिवार से अलग होकर उसके मायके के पास किराए के मकान में रहे, जबकि अभिषेक अपने परिवार से अलग नहीं होना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

    वहीं, पत्नी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि अभिषेक उसे घुमाने के बहाने ले गया और उसके साथ मारपीट की। उसने दहेज प्रताड़ना के आरोप भी लगाए थे। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

    घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • शादी का वादा कर बनाया शारीरिक संबंध, फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करता रहा आरोपी गिरफ्तार

    शादी का वादा कर बनाया शारीरिक संबंध, फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करता रहा आरोपी गिरफ्तार


    इंदौर  इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म और बाद में आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक कथित शोषण करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    हीरानगर थाना पुलिस के अनुसार 27 वर्षीय युवती ने गौरी नगर निवासी हर्ष उर्फ राज चौहान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में युवती ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले दोनों की पहचान हुई थी। मोबाइल पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया।

    पीड़िता का आरोप है कि 7 मार्च 2023 को आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उसे अपने एक परिचित के घर भी ले गया, जहां भी उसके साथ संबंध बनाए गए। युवती का कहना है कि वह शादी के भरोसे आरोपी पर विश्वास करती रही।

    शिकायत के अनुसार जब युवती ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी का व्यवहार बदल गया। उसने कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी लगातार उसका शोषण करता रहा।

    युवती ने पुलिस को बताया कि इस वर्ष जनवरी में शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके दौरान आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद भी वह कथित रूप से फोन कर धमकियां देता रहा और मिलने के लिए दबाव बनाता रहा।

    लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर युवती ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिवार के साथ वह हीरानगर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की भी जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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    Indore, Crime, RapeCase, MadhyaPradesh, Police, Arrest, Hiranagar, CrimeNewsइंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म और बाद में आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक कथित शोषण करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    हीरानगर थाना पुलिस के अनुसार 27 वर्षीय युवती ने गौरी नगर निवासी हर्ष उर्फ राज चौहान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में युवती ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले दोनों की पहचान हुई थी। मोबाइल पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया।

    पीड़िता का आरोप है कि 7 मार्च 2023 को आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उसे अपने एक परिचित के घर भी ले गया, जहां भी उसके साथ संबंध बनाए गए। युवती का कहना है कि वह शादी के भरोसे आरोपी पर विश्वास करती रही।

    शिकायत के अनुसार जब युवती ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी का व्यवहार बदल गया। उसने कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी लगातार उसका शोषण करता रहा।

    युवती ने पुलिस को बताया कि इस वर्ष जनवरी में शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके दौरान आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद भी वह कथित रूप से फोन कर धमकियां देता रहा और मिलने के लिए दबाव बनाता रहा।

    लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर युवती ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिवार के साथ वह हीरानगर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की भी जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।