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  • आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का खुलासा, मैनेजर ने मांगी 75% मानदेय की रकम

    आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का खुलासा, मैनेजर ने मांगी 75% मानदेय की रकम


    नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां ब्लॉक मैनेजर पर महिला सखी से मानदेय के बदले 75% तक रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

    75% तक कमीशन मांगने का आरोप

    बनखेड़ी की एक महिला बैंक सखी ने आरोप लगाया कि ब्लॉक मैनेजर दुर्गेश अहिरवार ने उसके मानदेय भुगतान के बदले 75 फीसदी रकम मांगी। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने पर उसे काम से हटाने की धमकी भी दी गई।

     जांच में मिले सबूत

    शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने दो सदस्यीय टीम गठित की। जांच में प्राथमिक तौर पर रिश्वत मांगने के साक्ष्य मिले हैं। रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है और जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है।

    एक हफ्ते में दूसरा मामला

    यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले केसला में लोकायुक्त पुलिस ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

    इस कार्रवाई में:

    सहायक विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता
    क्लस्टर मैनेजर
    चपरासी
    को गिरफ्तार किया गया था।

    ऐसे बिछाया गया जाल

    ग्राम पाण्डुखेड़ी की महिला सुनैया बरकड़े से 25 हजार रुपए की मांग की गई थी, जो बाद में 20 हजार में तय हुई। महिला ने लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद टीम ने ट्रैप लगाकर तीनों को रिश्वत लेते पकड़ लिया।

    पूरे सिस्टम पर उठे सवाल

    लगातार सामने आ रहे मामलों से यह साफ है कि जिले में आजीविका मिशन के तहत मानदेय भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शक जताया जा रहा है कि कहीं फर्जी बिल बनाकर भी भुगतान तो नहीं किया जा रहा।

    प्रशासन सख्त

    सीईओ हिमांशु जैन ने साफ कहा है कि अगर और अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • चंबल पुल पर भीषण भिड़ंत, एग्जाम देने जा रहे युवक की मौत

    चंबल पुल पर भीषण भिड़ंत, एग्जाम देने जा रहे युवक की मौत


    कोटा राजस्थान के कोटा जिले में दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। चंबल नदी के पुल पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में घायल दूसरे युवक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा बुधवार सुबह हुआ था, जिसमें पहले ही एक युवक की मौके पर मौत हो चुकी थी।

    आमने-सामने भिड़ीं बाइक, तीन युवक गंभीर

    पुलिस के अनुसार, स्टेट हाईवे 120 पर सुबह करीब 7:30 बजे दो बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवक उछलकर करीब 10-12 फीट दूर पुल की रेलिंग से जा टकराए।

    मौके पर एक की मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम

    इस हादसे में कोटा खुर्द निवासी शिवम मीना की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल अक्षय मीना और भीमसिंह गुर्जर को इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया।
    इलाज के दौरान अक्षय मीना ने भी दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे युवक का इलाज जारी है।

     एग्जाम देने जा रहा था अक्षय

    मृतक अक्षय मीना इटावा के किशनवास गांव का रहने वाला था और वह टोंक में बीएड का पेपर देने जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया, जिससे उसका सपना अधूरा रह गया।

     पुलिस जांच में जुटी

    पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। दोनों वाहनों की टक्कर कैसे हुई, इसकी पड़ताल जारी है।

     हादसे की गंभीरता ने चौंकाया

    टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों युवक बाइक से उछलकर पुल की रेलिंग से जा टकराए। यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।

  • 132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर

    132 केवी टावर पर चढ़े युवक से मचा हड़कंप, पुलिस और बिजली विभाग मौके पर


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिले की सीमा पर बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक 132 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। ग्राम बटुरा के पास हुई इस घटना ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया और प्रशासन को तुरंत हरकत में आना पड़ा।
     35 मीटर ऊंचाई पर घंटों चला ड्रामा

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक करीब 25 से 35 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़ गया था। भीषण गर्मी के बावजूद वह टावर पर ऊपर-नीचे होता रहा। उसकी हरकतें बेहद खतरनाक थीं, जिससे नीचे खड़े लोगों की सांसें थम गईं।

     बिजली सप्लाई तुरंत की गई बंद

    घटना की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग ने तुरंत टावर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन की सप्लाई बंद कर दी। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो करंट लगने से बड़ा हादसा हो सकता था।

    पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर

    सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। टावर के नीचे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। रेस्क्यू टीम युवक को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी रही।

    मानसिक स्थिति पर उठे सवाल

    ग्रामीणों के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। वह बार-बार खतरनाक हरकतें कर रहा था और टावर के शीर्ष तक पहुंच गया था। इसी कारण उसे नीचे उतारना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहा।

     जांच जारी

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक कौन है और किन कारणों से उसने यह कदम उठाया। साथ ही उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें जारी रहीं।

  • रीवा में फर्जी रिपोर्ट का खुलासा, दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी गलती

    रीवा में फर्जी रिपोर्ट का खुलासा, दूसरी जांच में भी नहीं सुधरी गलती


    मध्य प्रदेश रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सरकारी रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पटवारी ने तालाब और खाली जमीन को भी गेहूं की फसल बता दिया। मामला सामने आते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    तालाब और खाली जमीन पर दिखा दी फसल

    त्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी ने करीब 3000 वर्ग फीट के तालाब और खाली पड़ी जमीन को गेहूं की फसल के रूप में दर्ज कर दिया। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब विभाग को शिकायत मिली और जांच शुरू की गई।

    मौके पर जाकर भी दी गलत रिपोर्ट

    जांच में यह बात सामने आई कि पटवारी ने मौके पर जाकर ही रिपोर्ट तैयार की थी, इसके बावजूद गलत जानकारी दर्ज की गई। इसे गंभीर लापरवाही और कदाचार माना गया। यही वजह रही कि प्रशासन ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाया।

    दोबारा जांच में भी नहीं सुधारी गलती

    शिकायत के बाद अधिकारियों ने दोबारा सत्यापन कराया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई सुधार नहीं किया। इससे यह साफ हो गया कि गड़बड़ी जानबूझकर की गई थी।

    फायदा होने से पहले ही पकड़ा गया मामला

    प्रशासन की सतर्कता के चलते यह फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया। अगर यह मामला आगे बढ़ता, तो सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक लाभ उठाया जा सकता था।

    कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

    जिले के कलेक्टर सोमवंशी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     नियमों के तहत निलंबन

    पटवारी पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय त्योंथर तहसील रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

     प्रशासन का सख्त संदेश

    इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि अब सरकारी रिकॉर्ड में किसी भी तरह की हेराफेरी पर तुरंत सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला

    सागर विधायक निवास की गौशाला में घुसा सांप, बोरीयों के बीच छिपा मिला


    सागर मध्य प्रदेश के सागर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधायक शैलेंद्र जैन के निवास स्थित गौशाला में अचानक एक सांप घुस आया। गौशाला में काम कर रहे कर्मचारियों ने जैसे ही सांप को देखा, वे घबरा गए और तुरंत बाहर निकलकर मदद के लिए कॉल किया।

    बोरियों के बीच छिपा बैठा था सांप

    घटना बुधवार की है, जब सांप गौशाला में रखी बोरियों के बीच छिपा हुआ मिला। कर्मचारियों को पहले लगा कि यह खतरनाक कोबरा है, जिससे दहशत और बढ़ गई। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर बबलू पवार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    ऐसे किया गया सुरक्षित रेस्क्यू

    स्नेक कैचर ने कर्मचारियों की मदद से धीरे-धीरे बोरियों को हटाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सावधानी बरती गई ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे।

    रेड स्नेक निकला, नहीं था खतरनाक

    रेस्क्यू के बाद पता चला कि यह सांप रेड स्नेक प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब ढाई फीट थी। यह जहरीला नहीं था, लेकिन अज्ञानता के कारण लोग इसे कोबरा समझकर डर गए थे।

    गर्मी से बचने आया था गौशाला

    विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों या गौशालाओं में घुस आते हैं। यही कारण है कि यह सांप भी ठंडक पाने के लिए वहां पहुंच गया।

    जंगल में छोड़ा जाएगा

    स्नेक कैचर ने बताया कि सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके।

  • स्वीमिंग के दौरान अचानक गिरे बिजनेसमैन, साइलेंट हार्ट अटैक से मौत की आशंका

    स्वीमिंग के दौरान अचानक गिरे बिजनेसमैन, साइलेंट हार्ट अटैक से मौत की आशंका


    भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक वरिष्ठ कारोबारी की स्वीमिंग करते समय संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में इसे ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

     स्वीमिंग के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

    यह घटना टीटी नगर क्षेत्र स्थित तरुण पुष्कर की है। जानकारी के मुताबिक, शाहपुरा की अमतलाश कॉलोनी निवासी 63 वर्षीय संजय त्यागी रोज की तरह बुधवार शाम भी स्वीमिंग के लिए पहुंचे थे।

    शाम करीब 6 बजे जब वह पूल में तैर रहे थे, तभी अचानक बेसुध होकर पानी में गिर पड़े। पूल में पानी की गहराई महज 4 फीट थी, जिससे डूबने की संभावना कम मानी जा रही है।

     CPR देने के बावजूद नहीं बच पाई जान

    घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद ट्रेनर और अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और CPR देकर सांसें वापस लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

     साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला साइलेंट हार्ट अटैक का लग रहा है। इस तरह के अटैक में अक्सर व्यक्ति को पहले कोई गंभीर लक्षण महसूस नहीं होते और अचानक स्थिति बिगड़ जाती है।

    फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि हार्ट अटैक की पुष्टि होती है, तो यह एक और उदाहरण होगा कि फिटनेस एक्टिविटी के दौरान भी स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

  • बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना पर बवाल, हटाने की अपील के विरोध में प्रदर्शन

    बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना पर बवाल, हटाने की अपील के विरोध में प्रदर्शन


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र स्थित छितीपुर गांव में एक खेल मैदान अब विवाद का केंद्र बन गया है। यहां शासकीय मैदान के बीच अचानक बिना प्रशासनिक अनुमति एक मूर्ति स्थापित किए जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया।

    खेल मैदान के बीच रखी गई मूर्ति, ग्रामीणों की भीड़ जुटी

    जानकारी के अनुसार, छितीपुर गांव का यह मैदान स्थानीय युवाओं के लिए क्रिकेट और अन्य खेल गतिविधियों का मुख्य केंद्र है। इसी मैदान के बीच अज्ञात लोगों द्वारा मूर्ति रख दी गई। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण खासतौर पर बहुजन समाज की महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और मूर्ति के समर्थन में जुट गईं।

    पुलिस की अपील ठुकराई, धरने पर बैठे ग्रामीण

    मौके पर पहुंची दिनारा थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि किसी भी सार्वजनिक या सरकारी जमीन पर मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होता है। साथ ही, मैदान के बीच मूर्ति होने से खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी।
    हालांकि, पुलिस की समझाइश का ग्रामीणों पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके विरोध में ग्रामीण मूर्ति के चारों ओर बैठकर धरने पर बैठ गए और हटाने से साफ इनकार कर दिया।

    तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन सतर्क

    घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क है।

    अधिकारियों को दी गई सूचना, निर्देश का इंतजार

    दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह ने बताया कि शासकीय भूमि पर अज्ञात लोगों द्वारा मूर्ति रखी गई है। मामले की सूचना अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को दे दी गई है और उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    छितीपुर गांव का यह मामला अब प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है। एक ओर नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर स्थानीय लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर टिकी हुई है।

  • डॉ. अंबेडकर जयंती पर बड़ा फैसला: उम्रकैद काट रहे 9 बंदी हुए रिहा

    डॉ. अंबेडकर जयंती पर बड़ा फैसला: उम्रकैद काट रहे 9 बंदी हुए रिहा


    नई दिल्ली। ग्वालियर की सेंट्रल जेल में अंबेडकर जयंती के अवसर पर एक अहम मानवीय निर्णय लिया गया। इस मौके पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे 9 बंदियों को रिहा किया गया, जिनमें एक महिला बंदी भी शामिल है। शासन द्वारा यह निर्णय उनके अच्छे आचरण और सुधारात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को देखते हुए लिया गया।

    14 साल से अधिक सजा काट चुके थे सभी बंदी
    रिहा किए गए सभी बंदी हत्या जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाए गए थे और 14 साल से अधिक समय तक जेल में सजा काट चुके थे। वे एक ही प्रकरण से जुड़े थे और लंबे समय से उनके व्यवहार और सुधार को लगातार परखा जा रहा था।

    शासन की मंजूरी के बाद पूरी हुई प्रक्रिया
    जेल प्रशासन ने इन बंदियों के नाम और आचरण से संबंधित रिपोर्ट शासन को भेजी थी। प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद उनकी रिहाई की औपचारिकताएं पूरी की गईं। जेल अधीक्षक विदित सरवईया के अनुसार, सभी बंदियों का आचरण संतोषजनक रहा, जिसके आधार पर उनकी शेष सजा माफ की गई।

    परिजनों से मिलकर भावुक हुए बंदी
    जेल से बाहर आते ही बंदियों ने अपने परिवारजनों से मुलाकात की। लंबे समय बाद मिलन के इस भावुक क्षण में कई बंदी और उनके परिजन भावुक नजर आए और एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी जताई।

    सम्मान के साथ दी गई विदाई
    रिहाई से पहले जेल प्रशासन द्वारा सभी बंदियों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जेल अधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    अब अन्य अवसरों पर भी मिल रही राहत
    पहले केवल गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर ही इस तरह की सजा माफी दी जाती थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से अंबेडकर जयंती और गांधी जयंती जैसे अवसरों पर भी यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे सुधार की दिशा में बंदियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।

    रिहा हुए बंदियों के नाम
    रिहा किए गए बंदियों में सुरेश उर्फ सज्जन, पंचम जाटव, आशीष शर्मा, जमुना अहिरवार, छोटे और छोटया माली, अजय तोमर, मोहर सिंह, महेंद्र सिंह और लीलाबाई शामिल हैं।

  • ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा टला: नाव पलटने से 10 श्रद्धालु डूबे, समय रहते सभी को बचाया गया

    ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा टला: नाव पलटने से 10 श्रद्धालु डूबे, समय रहते सभी को बचाया गया


    खंडवा । मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में शुक्रवार को नर्मदा नदी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। झारखंड से आए श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलट गई, जिससे उसमें सवार 10 लोग डूब गए। हालांकि, समय रहते रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें से दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    नौका विहार के दौरान हुआ हादसा

    जानकारी के मुताबिक, झारखंड के रांची से करीब 52 श्रद्धालुओं का समूह ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। दोपहर के समय सभी लोग अलग-अलग नावों में बैठकर नर्मदा नदी में नौका विहार कर रहे थे। इसी दौरान एक नाव में सवार 10 लोग ब्रह्मपुरी घाट से संगम घाट की ओर जा रहे थे।

    चट्टान से टकराने के बाद पलटी नाव

    नवीन घाट के पास नाव अचानक एक चट्टान से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि लकड़ी की नाव का एक हिस्सा टूट गया और उसमें पानी भरने लगा। कुछ ही पलों में नाव असंतुलित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग नदी में गिर गए।

    होमगार्ड की तत्परता से बची जानें

    घटना के समय मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आठ लोगों की हालत सामान्य है, जबकि दो श्रद्धालुओं ने ज्यादा पानी निगल लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।

    गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती

    दोनों गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सनावद भेजा गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनके फेफड़ों में पानी चला गया है, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

    पुलिस कर रही जांच
    खंडवा पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल लोगों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल घटना के कारणों की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • गुफानुमा खदानों का अंत शहडोल में अवैध कोयला माफिया पर बड़ी कार्रवाई

    गुफानुमा खदानों का अंत शहडोल में अवैध कोयला माफिया पर बड़ी कार्रवाई

    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है लंबे समय से जानलेवा खतरा बनी गुफानुमा सुरंगों पर आखिरकार बुलडोजर चला दिया गया यह कार्रवाई न सिर्फ अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए की गई बल्कि स्थानीय लोगों और मवेशियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी बेहद जरूरी मानी जा रही थी

    जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के बटुरा और टिकुरीटोला इलाकों में जमीन के नीचे बनाई गई ये खदानें किसी हादसे का इंतजार करती नजर आ रही थीं संकरी और गहरी सुरंगों के जरिए अवैध रूप से कोयला निकाला जा रहा था जो कभी भी धंस सकती थीं और बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थीं

    लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते खतरे को देखते हुए अमलाई पुलिस और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया मौके पर पहुंची टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से करीब पांच गुफानुमा सुरंगों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और उन्हें मिट्टी से पाटकर बंद कर दिया गया

    कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित किया गया और खुले गड्ढों को भी भर दिया गया ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को खत्म किया जा सके प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है

    बताया जा रहा है कि इन अवैध खदानों को पहले भी कई बार बंद कराया जा चुका है लेकिन खनन माफिया हर बार नए तरीके से सुरंगें खोदकर फिर से कोयला निकालना शुरू कर देते हैं यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए व्यापक कार्रवाई की है

    यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि अवैध खनन सिर्फ कानून का उल्लंघन ही नहीं बल्कि लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है ऐसे में जरूरी है कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके