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  • भोपाल में मासूम से हैवानियत: 5 साल की बच्ची से रेप, 75 साल का पड़ोसी वकील गिरफ्तार, नाना बनकर किया भरोसे का कत्ल

    भोपाल में मासूम से हैवानियत: 5 साल की बच्ची से रेप, 75 साल का पड़ोसी वकील गिरफ्तार, नाना बनकर किया भरोसे का कत्ल



    भोपाल। भोपाल में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घिनौने अपराध को अंजाम देने वाला कोई अजनबी नहीं, बल्कि पड़ोस में रहने वाला 75 वर्षीय वकील निकला, जिसे बच्ची ‘नाना’ कहकर बुलाती थी।

    जानकारी के मुताबिक, पीड़िता के पिता डिफेंस ऑफिसर हैं और परिवार हबीबगंज इलाके में रहता है। आरोपी अपनी बेटी और नातिन के साथ रहता था। पीड़िता अक्सर उसकी नातिन के साथ खेलने जाती थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।

    घटना 3 मई की है
    घटना 3 मई की है, जब बच्ची खेलने के लिए आरोपी के घर गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहाने से एक कमरे में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। मासूम को उस समय कुछ समझ नहीं आया, लेकिन घर लौटने के बाद उसने अपनी मां से प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की।

    डॉक्टर ने दुष्कर्म की आशंका जताई
    मां ने जब जांच की तो खरोंच के निशान मिले, जिसके बाद बच्ची को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने दुष्कर्म की आशंका जताई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान बच्ची ने बताया कि ‘नाना’ ने उसके साथ गलत हरकत की।

    छेड़छाड़ की बात कबूल कर ली।
    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और रेप का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने छेड़छाड़ की बात कबूल कर ली। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    यह घटना एक बार फिर समाज को झकझोरती है कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि अपने आसपास के लोगों से भी खतरे में हो सकती है। ऐसे में अभिभावकों को और सतर्क रहने की जरूरत है।

  • एमपी में कल ‘हाईवे हल्ला’: आगरा-मुंबई NH पर कांग्रेस का चक्का जाम, 7 जगह ट्रैफिक थमेगा, किसानों के मुद्दों पर सियासी संग्राम

    एमपी में कल ‘हाईवे हल्ला’: आगरा-मुंबई NH पर कांग्रेस का चक्का जाम, 7 जगह ट्रैफिक थमेगा, किसानों के मुद्दों पर सियासी संग्राम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत एक बार फिर गर्माने वाली है। कांग्रेस ने कल आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर बड़े स्तर पर चक्का जाम करने का ऐलान किया है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।

    पार्टी के मुताबिक, किसानों की समस्याओं को लेकर यह विरोध प्रदर्शन राज्य के 7 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता हाईवे पर उतरकर आवाज बुलंद करेंगे और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करेंगे।

    बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में पार्टी के कई बड़े नेता भी शामिल होंगे, जिससे यह प्रदर्शन और ज्यादा प्रभावशाली बनने की संभावना है। कांग्रेस का आरोप है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा, साथ ही बिजली, पानी और कर्ज जैसी समस्याओं ने उन्हें परेशान कर रखा है।

    पार्टी का कहना है कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है, इसलिए सड़क पर उतरकर विरोध करना जरूरी हो गया है। दूसरी ओर प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है और ट्रैफिक डायवर्जन समेत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

    इस चक्का जाम का सीधा असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है, खासकर उन यात्रियों पर जो आगरा-मुंबई हाईवे से गुजरने वाले हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

    कुल मिलाकर, किसानों के मुद्दों को लेकर होने वाला यह प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला सकता है, जहां सड़क से लेकर सत्ता तक टकराव साफ नजर आएगा।

  • ₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा

    ₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में परीक्षा प्रणाली को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम परीक्षा के दौरान एक युवती को ‘सॉल्वर’ बनकर दूसरे छात्र की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी खुद JEE जैसी कठिन परीक्षा पास कर चुकी है और बीटेक की छात्रा है।

    जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 4 मई को सामने आया, जब सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के वाघ देवी भवन में बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एनएसयूआई नेता तरुण परिहार की शिकायत पर जांच की गई। जांच में सपना भदौरिया की जगह इंदौर निवासी युवती परीक्षा देती हुई मिली।

    पहले पूछताछ में युवती ने खुद को प्रिशा साहू बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने अपनी असली पहचान विशाखा माहेश्वरी बताई। वह उज्जैन के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है और अगले ही दिन उसका खुद का पेपर भी था।

    पूछताछ में सामने आया कि विशाखा अपनी एक दोस्त की बहन की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके लिए उसे ₹3000 दिए गए थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम दो किस्तों में दी गई—पहले ₹1000 और बाद में ₹2000।

    इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। असली परीक्षार्थी सपना भदौरिया ने विशाखा को भरोसा दिलाया था कि वह पहले भी तीन बार इसी तरह दूसरों से परीक्षा दिलवा चुकी है और कभी पकड़ी नहीं गई। इसी भरोसे में आकर विशाखा ने यह जोखिम उठाया।

    मामले की जानकारी मिलते ही कुलगुरु अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं माधव नगर पुलिस ने विशाखा माहेश्वरी, सपना भदौरिया और ऋषभ नामक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अब इस पूरे एग्जाम सॉल्वर रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसमें एक संगठित गिरोह शामिल हो सकता है, जो पैसे लेकर छात्रों की जगह परीक्षाएं दिलवाता है।

    यह घटना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे पढ़े-लिखे छात्र भी लालच में आकर गलत रास्ता चुन रहे हैं।

    कुल मिलाकर, उज्जैन का यह मामला शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते ऐसे रैकेट्स पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और भी गहरी हो सकती है।

  • एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, 38 हजार करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी

    एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, 38 हजार करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी


    नई दिल्ली। मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के व्यापार, उद्योग और बुनियादी विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे अहम फैसला राज्य में व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का रहा, जो राष्ट्रीय स्तर की तर्ज पर काम करेगा और जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे।

    कैबिनेट के फैसले के मुताबिक इस बोर्ड में 8 प्रमुख विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल किए जाएंगे। इतना ही नहीं, जिला स्तर पर भी इसी तरह की समितियां बनाई जाएंगी, जिनमें व्यापारियों के साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जगह दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का समाधान और राज्य में व्यापारिक माहौल को मजबूत करना है।

    बैठक के बाद मंत्री चेतन कश्यप ने जानकारी दी कि राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2442 करोड़ रुपए के “आत्मनिर्भरता मिशन” को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के विकास कार्यों के लिए 38,555 करोड़ रुपए के बड़े बजट को भी स्वीकृति मिली है। सरकार भोपाल के पास एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

    कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग (2026-2031) के तहत सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय भवनों के रखरखाव के लिए 32,405 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स और स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क जैसी आईटी योजनाओं को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

    महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए ‘मिशन वात्सल्य’ के बेहतर संचालन और नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 2,412 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 1,295 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई है।

    कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली चुनावी सफलता पर जनता का आभार भी जताया। साथ ही बताया कि अब तक राज्य में 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जिसका 6,520 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में 14.7 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

    इसके अलावा इंदौर में 9 से 13 जून तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन की भी जानकारी दी गई, जिसमें 26 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में कृषि और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

  • मुरैना कलेक्ट्रेट में आग: साइबर शाखा के कंप्यूटर और दस्तावेज जले, शॉर्ट सर्किट बना वजह

    मुरैना कलेक्ट्रेट में आग: साइबर शाखा के कंप्यूटर और दस्तावेज जले, शॉर्ट सर्किट बना वजह


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुरैना जिला कलेक्ट्रेट में देर रात आग लगने की घटना सामने आई, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कलेक्ट्रेट के नए भवन में स्थित वेब आईजी (इंटरनेट साइबर) शाखा में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क गई, जिससे वहां रखे कंप्यूटर, सीपीयू, मॉनिटर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात उस समय हुई जब इंटरनेट साइबर कक्ष में बिजली की सर्विस लाइन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी गिरते ही पास में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कागजातों ने आग पकड़ ली और कुछ ही देर में कमरे में धुआं भर गया।

    हालांकि, मौके पर मौजूद रात्रि स्टाफ और चौकीदारों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने तुरंत अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) का उपयोग कर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी, जिससे आग सीमित दायरे में ही काबू में आ गई। बाद में सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और पूरी तरह आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी रात में ही मौके पर पहुंचे। अश्वनी कुमार रावत ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि प्रारंभिक तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग सर्वर रूम के पास लगी थी, लेकिन समय रहते नियंत्रण पा लिया गया।

    प्रशासन ने इस घटना के बाद नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।

    फिलहाल, इस घटना से साइबर शाखा के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि जरूरी दस्तावेज और उपकरण नष्ट हो चुके हैं। प्रशासन जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी में जुट गया है।

  • सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बाबरी घाट पर नाव संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड नावों में यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल तक को नदी पार कराया जा रहा है।
    स्थानीय लोगों के अनुसार नावों में तय क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं, लेकिन न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति के लिए कोई गोताखोर तैनात हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
    हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं देखा गया है। नियमों के मुताबिक मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन बाबरी घाट पर ये सभी व्यवस्थाएं नदारद हैं।
    नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि ओवरलोड नावों में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
    स्थिति को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होंगे और नावों की नियमित तकनीकी जांच की जाएगी। केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
    एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है। बुधवार को राजधानी भोपाल में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि इसने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। हालांकि, अब मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब तक सबसे गर्म रहे खजुराहो में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना है। गुरुवार के लिए लू का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

    दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा।

    तापमान की बात करें तो बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव और रीवा में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और मंडला में तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल 43.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    भोपाल में इस तापमान के साथ एक पुराना रिकॉर्ड भी दोहराया गया। अप्रैल महीने में 2016 से 2025 के बीच सिर्फ 30 अप्रैल 2019 को ही तापमान 43.7 डिग्री तक पहुंचा था। इससे पहले अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री 29 अप्रैल 1996 को दर्ज किया गया था।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, क्योंकि इसी समय लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

    एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है।

    तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है।

    शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया।

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

  • भोपाल में कंपनी के नियम पर हंगामा, धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध से विवाद गहराया, FIR की मांग

    भोपाल में कंपनी के नियम पर हंगामा, धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध से विवाद गहराया, FIR की मांग


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक निजी कंपनी द्वारा कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों पर कथित प्रतिबंध लगाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एमपी नगर स्थित परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को लेकर हिंदू उत्सव समिति ने विरोध जताते हुए प्रशासन से FIR दर्ज करने की मांग की है।

    मामला तब सामने आया जब आरोप लगाया गया कि कंपनी ने एक नोटिस जारी कर कर्मचारियों को तिलक, अंगूठी, कड़ा, बाली, मंगलसूत्र और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीक पहनकर आने से मना किया है। इस निर्णय को लेकर कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

    हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने इस आदेश को धार्मिक आस्था और परंपराओं पर सीधा आघात बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रतिबंध किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह कर्मचारियों की धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। समिति ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।

    इसके साथ ही संगठन ने कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की भी अपील की है, जिससे विवाद और अधिक बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।

    वहीं दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह सर्कुलर उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ा हुआ है। उनका तर्क है कि कर्मचारियों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण या धातु सामग्री के कारण प्रोडक्ट रिजेक्ट होने की संभावना रहती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है।

    परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड एक पुरानी कंपनी है जो लकड़ी और रेशे आधारित सांचों के निर्माण के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1961 में हुई थी और यह एक गैर-सूचीबद्ध निजी इकाई के रूप में कार्यरत है।

    इस पूरे विवाद ने अब प्रशासन और सामाजिक संगठनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जहां एक तरफ इसे औद्योगिक नियमों से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर विरोध किया जा रहा है।

    फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

  • ट्रक हादसे के बाद लूट का नजारा, विदिशा में घायल की जगह बोतलें उठाने में लगे लोग

    ट्रक हादसे के बाद लूट का नजारा, विदिशा में घायल की जगह बोतलें उठाने में लगे लोग


    विदिशा । मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास एक कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में जहां चालक घायल हो गया, वहीं मौके पर मौजूद लोगों का व्यवहार बेहद संवेदनहीन दिखाई दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही ट्रक पलटा, उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक (माजा) की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इस दौरान मदद करने के बजाय वहां मौजूद लोग घायल चालक की सहायता करने के बजाय लूटपाट में जुट गए। देखते ही देखते सड़क पर बोतलें उठाने की होड़ मच गई और लोग उन्हें अपनी गाड़ियों में भरकर तेजी से भागने लगे।

    यह दृश्य इतना अव्यवस्थित था कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। कई लोग बोतलें उठाकर बाइक और अन्य वाहनों पर रखकर मौके से निकलते दिखाई दिए। इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे मदद की प्रतीक्षा करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी मदद नहीं की।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर लूटपाट रोकने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

    यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को तुरंत मानवता दिखाते हुए घायल की मदद करनी चाहिए, न कि किसी प्रकार की संपत्ति या सामान की लूट में शामिल होना चाहिए।

    स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही है और लोगों से अपील की है कि किसी भी सड़क दुर्घटना के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।
    विदिशा की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आपात स्थिति में भी यदि समाज का बड़ा हिस्सा मदद के बजाय लूट में लग जाए, तो मानवता की वास्तविक स्थिति क्या रह जाती है।