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  • मुरैना कलेक्ट्रेट में आग: साइबर शाखा के कंप्यूटर और दस्तावेज जले, शॉर्ट सर्किट बना वजह

    मुरैना कलेक्ट्रेट में आग: साइबर शाखा के कंप्यूटर और दस्तावेज जले, शॉर्ट सर्किट बना वजह


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुरैना जिला कलेक्ट्रेट में देर रात आग लगने की घटना सामने आई, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कलेक्ट्रेट के नए भवन में स्थित वेब आईजी (इंटरनेट साइबर) शाखा में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क गई, जिससे वहां रखे कंप्यूटर, सीपीयू, मॉनिटर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात उस समय हुई जब इंटरनेट साइबर कक्ष में बिजली की सर्विस लाइन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी गिरते ही पास में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कागजातों ने आग पकड़ ली और कुछ ही देर में कमरे में धुआं भर गया।

    हालांकि, मौके पर मौजूद रात्रि स्टाफ और चौकीदारों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने तुरंत अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) का उपयोग कर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी, जिससे आग सीमित दायरे में ही काबू में आ गई। बाद में सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और पूरी तरह आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी रात में ही मौके पर पहुंचे। अश्वनी कुमार रावत ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि प्रारंभिक तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग सर्वर रूम के पास लगी थी, लेकिन समय रहते नियंत्रण पा लिया गया।

    प्रशासन ने इस घटना के बाद नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।

    फिलहाल, इस घटना से साइबर शाखा के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि जरूरी दस्तावेज और उपकरण नष्ट हो चुके हैं। प्रशासन जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी में जुट गया है।

  • सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बाबरी घाट पर नाव संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड नावों में यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल तक को नदी पार कराया जा रहा है।
    स्थानीय लोगों के अनुसार नावों में तय क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं, लेकिन न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति के लिए कोई गोताखोर तैनात हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
    हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं देखा गया है। नियमों के मुताबिक मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन बाबरी घाट पर ये सभी व्यवस्थाएं नदारद हैं।
    नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि ओवरलोड नावों में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
    स्थिति को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होंगे और नावों की नियमित तकनीकी जांच की जाएगी। केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
    एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है। बुधवार को राजधानी भोपाल में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि इसने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। हालांकि, अब मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब तक सबसे गर्म रहे खजुराहो में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना है। गुरुवार के लिए लू का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

    दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा।

    तापमान की बात करें तो बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव और रीवा में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और मंडला में तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल 43.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    भोपाल में इस तापमान के साथ एक पुराना रिकॉर्ड भी दोहराया गया। अप्रैल महीने में 2016 से 2025 के बीच सिर्फ 30 अप्रैल 2019 को ही तापमान 43.7 डिग्री तक पहुंचा था। इससे पहले अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री 29 अप्रैल 1996 को दर्ज किया गया था।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, क्योंकि इसी समय लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

    एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है।

    तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है।

    शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया।

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

  • भोपाल में कंपनी के नियम पर हंगामा, धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध से विवाद गहराया, FIR की मांग

    भोपाल में कंपनी के नियम पर हंगामा, धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध से विवाद गहराया, FIR की मांग


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक निजी कंपनी द्वारा कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों पर कथित प्रतिबंध लगाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एमपी नगर स्थित परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को लेकर हिंदू उत्सव समिति ने विरोध जताते हुए प्रशासन से FIR दर्ज करने की मांग की है।

    मामला तब सामने आया जब आरोप लगाया गया कि कंपनी ने एक नोटिस जारी कर कर्मचारियों को तिलक, अंगूठी, कड़ा, बाली, मंगलसूत्र और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीक पहनकर आने से मना किया है। इस निर्णय को लेकर कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

    हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने इस आदेश को धार्मिक आस्था और परंपराओं पर सीधा आघात बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रतिबंध किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह कर्मचारियों की धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है। समिति ने इस मामले में कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।

    इसके साथ ही संगठन ने कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की भी अपील की है, जिससे विवाद और अधिक बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।

    वहीं दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह सर्कुलर उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ा हुआ है। उनका तर्क है कि कर्मचारियों द्वारा पहने जाने वाले आभूषण या धातु सामग्री के कारण प्रोडक्ट रिजेक्ट होने की संभावना रहती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है।

    परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड एक पुरानी कंपनी है जो लकड़ी और रेशे आधारित सांचों के निर्माण के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की स्थापना वर्ष 1961 में हुई थी और यह एक गैर-सूचीबद्ध निजी इकाई के रूप में कार्यरत है।

    इस पूरे विवाद ने अब प्रशासन और सामाजिक संगठनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जहां एक तरफ इसे औद्योगिक नियमों से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर विरोध किया जा रहा है।

    फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

  • ट्रक हादसे के बाद लूट का नजारा, विदिशा में घायल की जगह बोतलें उठाने में लगे लोग

    ट्रक हादसे के बाद लूट का नजारा, विदिशा में घायल की जगह बोतलें उठाने में लगे लोग


    विदिशा । मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास एक कोल्ड ड्रिंक से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में जहां चालक घायल हो गया, वहीं मौके पर मौजूद लोगों का व्यवहार बेहद संवेदनहीन दिखाई दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही ट्रक पलटा, उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक (माजा) की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इस दौरान मदद करने के बजाय वहां मौजूद लोग घायल चालक की सहायता करने के बजाय लूटपाट में जुट गए। देखते ही देखते सड़क पर बोतलें उठाने की होड़ मच गई और लोग उन्हें अपनी गाड़ियों में भरकर तेजी से भागने लगे।

    यह दृश्य इतना अव्यवस्थित था कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। कई लोग बोतलें उठाकर बाइक और अन्य वाहनों पर रखकर मौके से निकलते दिखाई दिए। इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे मदद की प्रतीक्षा करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी मदद नहीं की।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर लूटपाट रोकने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

    यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लोगों को तुरंत मानवता दिखाते हुए घायल की मदद करनी चाहिए, न कि किसी प्रकार की संपत्ति या सामान की लूट में शामिल होना चाहिए।

    स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच की बात कही है और लोगों से अपील की है कि किसी भी सड़क दुर्घटना के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।
    विदिशा की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आपात स्थिति में भी यदि समाज का बड़ा हिस्सा मदद के बजाय लूट में लग जाए, तो मानवता की वास्तविक स्थिति क्या रह जाती है।

  • 100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी

    100 कैमरे 22 लाख की रिकवरी ग्वालियर में पुलिस ने पेश की ईमानदारी की अनोखी कहानी


    ग्वालियर । ग्वालियर में पुलिस की ईमानदारी और तेज कार्यप्रणाली की एक सराहनीय मिसाल सामने आई है जहां मुरार बाजार में सड़क पर गिरे करीब 22 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने पुलिस ने न केवल बरामद किए बल्कि उन्हें सुरक्षित रूप से असली मालिक तक भी पहुंचा दिया यह पूरी घटना 20 अप्रैल की है जब आदित्यपुरम निवासी कृपाल सिंह गुर्जर अपनी बहन के साथ शादी की खरीदारी के लिए मुरार बाजार पहुंचे थे

    खरीदारी के दौरान कार से उतरते समय उनकी बहन के हाथ से गहनों से भरा बैग अनजाने में सड़क पर गिर गया इस बैग में एक सोने का हार और तीन अंगूठियां थीं जिनका कुल वजन लगभग 15 तोला बताया गया और कीमत करीब 22 लाख रुपये आंकी गई

    बैग खोने की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया जिसके बाद तुरंत मुरार थाना पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और बाजार क्षेत्र में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की

    लगातार जांच के दौरान फुटेज में दो महिलाएं सड़क से बैग उठाकर ले जाती हुई दिखाई दीं इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और रूट ट्रैकिंग के आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान की और उनके घर तक पहुंच बनाई

    जब पुलिस टीम चिन्हित स्थान पर पहुंची तो वहां रहने वाली दोनों महिलाएं जो रिश्ते में देवरानी और जेठानी बताई जा रही हैं उन्होंने गहनों से भरा बैग बिना किसी विवाद के पुलिस के सुपुर्द कर दिया महिलाओं ने बताया कि उन्होंने बैग खोला भी नहीं था क्योंकि उन्हें डर था कि मामला संदिग्ध हो सकता है

    पुलिस ने मौके पर बैग की जांच की तो सभी गहने सुरक्षित और ज्यों के त्यों पाए गए इसके बाद फरियादी परिवार को थाने बुलाकर पूरे गहने विधिवत रूप से वापस सौंप दिए गए अधिकारियों के अनुसार महिलाओं से पूछताछ भी की गई लेकिन उनकी नीयत में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई इसलिए उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई

    यह घटना न केवल ग्वालियर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है बल्कि आम नागरिकों की ईमानदारी का भी उदाहरण पेश करती है जिससे समाज में भरोसे और नैतिकता का संदेश मजबूत हुआ है

  • जबलपुर में दर्दनाक हादसा बरगी नहर में नहाते समय डूबी तीन लड़कियां सर्चिंग जारी

    जबलपुर में दर्दनाक हादसा बरगी नहर में नहाते समय डूबी तीन लड़कियां सर्चिंग जारी

    जबलपुर । जबलपुर से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है जहां बरगी नहर में नहाने गई तीन लड़कियां डूब गईं यह हादसा बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से तीनों लड़कियां तेज बहाव वाले पानी में बह गईं और देखते ही देखते गहराई में समा गईं जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई

    घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंच गया रेस्क्यू टीम ने तत्काल सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया लेकिन पानी का बहाव और गहराई राहत कार्य में बाधा बन रही थी

    स्थिति को देखते हुए बरगी बांध से नहर का पानी बंद कराया गया ताकि सर्चिंग ऑपरेशन को तेज किया जा सके और डूबे हुए लोगों की तलाश आसान हो सके मौके पर मौजूद बचाव दल लगातार नहर में खोजबीन कर रहा है लेकिन अभी तक तीनों लड़कियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है

    बताया जा रहा है कि डूबी हुई तीनों लड़कियां शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपने रिश्तेदार के घर आई हुई थीं और गुरुवार को नहाने के लिए बरगी नहर पहुंची थीं जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है

    घटना के बाद से ही परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं पूरे इलाके में मातम का माहौल है प्रशासन की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है एनडीआरएफ की टीम हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द लड़कियों का पता लगाया जा सके फिलहाल बरगी नहर क्षेत्र में सर्चिंग ऑपरेशन जारी है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है यह हादसा एक बार फिर जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर करता है

  • बुधवारी बाजार में अवैध पार्किंग पर सख्ती, 20 वाहनों के चालान कटे

    बुधवारी बाजार में अवैध पार्किंग पर सख्ती, 20 वाहनों के चालान कटे


    सिवनी सिवनी शहर के व्यस्त बुधवारी बाजार क्षेत्र में यातायात पुलिस ने अवैध पार्किंग और सड़क अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक वाहनों के चालान काटे गए। अभियान का नेतृत्व एएसआई शत्रुधन चौरिया ने किया। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित बनाना है।

    सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग पर कसा शिकंजा

    अभियान के दौरान पुलिस ने उन वाहन चालकों को मौके पर ही सख्त चेतावनी दी, जिन्होंने निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने के बजाय सड़क किनारे और मुख्य मार्ग पर वाहन खड़े कर रखे थे। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि आगे से नियमों का उल्लंघन करने पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    अतिक्रमण से सिकुड़ी सड़क, बढ़ा जाम का संकट

    बुधवारी बाजार से जुड़े नेहरू रोड और मॉडल रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले जहां सड़क की चौड़ाई लगभग 30 फीट थी, वहीं अब अवैध कब्जों और सड़क पर फैले सामान के कारण यह घटकर करीब 20 फीट रह गई है। इस वजह से क्षेत्र में आए दिन जाम की स्थिति बनती है और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    दुकानदारों को अंतिम चेतावनी, सामान जब्ती की चेतावनी

    कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उन दुकानदारों को भी चेतावनी दी जो अपनी दुकानों का सामान फुटपाथ और सड़क तक फैला कर व्यापार कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में नियमों का पालन नहीं किया गया तो सामान जब्त कर कड़ी जुर्माना कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि बाजार व्यवस्था को सुधारने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    स्थायी समाधान की मांग उठा रहे स्थानीय लोग

    स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका और पुलिस प्रशासन से अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त और नियमित अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अक्सर कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद ही दुकानदार फिर से सड़क पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है।

    सिवनी के बुधवारी बाजार में हुई यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि, स्थायी समाधान के लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच समन्वय और लगातार निगरानी बेहद जरूरी है।

  • छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11

    छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11


    छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में उमरानाला स्थित सिमरिया हनुमान मंदिर के पास हुआ भीषण सड़क हादसा अब और भी दुखद हो गया है। इस हादसे में घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उनके निधन के साथ ही इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है। राकेश भूरा मालवी नरसिंहपुर रोड खापाभाट वार्ड क्रमांक 10 के निवासी थे और हादसे के समय उसी बस में कंडक्टर के रूप में तैनात थे।

    सीएम की सभा से लौटते समय हुआ हादसा, बस पलटी

    यह दर्दनाक दुर्घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम (सभा) में शामिल होकर लोग बस से वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सिमरिया हनुमान मंदिर के पास सामने से आ रहे एक वाहन से बस की जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।

    मौके पर ही 10 लोगों की मौत, 30 से अधिक घायल

    हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर ही 10 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि 30 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत जिला अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।

    इलाज के दौरान कंडक्टर ने तोड़ा दम

    हादसे में गंभीर रूप से घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी को बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनके निधन के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

    प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इलाके में शोक और दहशत का माहौल

    इस भीषण हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। एक ओर जहां मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर घायलों के परिजन अस्पतालों के बाहर अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे हाल के वर्षों का सबसे भयावह सड़क हादसों में से एक बता रहे हैं।

    छिंदवाड़ा का यह सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की गंभीरता को उजागर करता है। अब प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि न सिर्फ पीड़ित परिवारों को सहायता मिले, बल्कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।