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  • कटनी में कलेक्टोरेट गेट पर चक्काजाम, शराब दुकान हटाने की मांग

    कटनी में कलेक्टोरेट गेट पर चक्काजाम, शराब दुकान हटाने की मांग


    कटनी मध्य प्रदेश के कटनी जिले में घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अब बजरंग दल ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट के सामने चक्काजाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के ठीक सामने शराब दुकान का संचालन आस्था और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    कलेक्ट्रेट गेट पर चक्काजाम और जमकर नारेबाजी
    प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे और वहीं सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान माहौल काफी गर्म हो गया और कार्यकर्ताओं ने आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चक्काजाम के कारण कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर यातायात भी प्रभावित हुआ।

    हनुमान चालीसा पाठ कर जताया विरोध
    विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अनोखा तरीका अपनाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के पास बैनर लगाकर धरना दिया और वहीं बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक शराब दुकान को मंदिर के सामने से हटाने की कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

    पुलिस बल रहा तैनात, स्थिति पर रखी गई नजर
    प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही माधव नगर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन भारी भीड़ और चक्काजाम के कारण प्रशासनिक गतिविधियों पर असर देखने को मिला।

    प्रशासन से कार्रवाई की मांग पर अड़े कार्यकर्ता
    बजरंग दल की मुख्य मांग स्पष्ट है कि घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर के सामने चल रही शराब दुकान को तुरंत हटाया जाए। संगठन का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास इस तरह की दुकानों का संचालन समाज की भावनाओं को आहत करता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कोई निर्णय नहीं लेता, तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

    कटनी में हुआ यह प्रदर्शन अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर धार्मिक भावनाओं का मुद्दा है, तो दूसरी ओर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी। ऐसे में देखना होगा कि जिला प्रशासन इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्या मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाता है या नहीं।

  • दमोह में कलेक्टर ने वृद्धाश्रम पहुंचकर लिया आशीर्वाद, बुजुर्गों को बांटे फल

    दमोह में कलेक्टर ने वृद्धाश्रम पहुंचकर लिया आशीर्वाद, बुजुर्गों को बांटे फल


    दमोहदमोह के नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गुरुवार को पदभार संभालने के बाद वृद्धाश्रम का दौरा कर मानवीय पहल का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उन्हें फल वितरित किए।

    वृद्धों से मिलकर लिया आशीर्वाद

    कलेक्टर ने वृद्धाश्रम पहुंचकर सभी बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिससे वहां मौजूद बुजुर्ग भावुक और प्रसन्न नजर आए। उन्होंने प्रत्येक वृद्ध महिला और पुरुष से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की।

    समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश

    निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग ने पारिवारिक समस्या बताते हुए कहा कि उनकी बहू ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है। इस पर कलेक्टर ने तुरंत एसडीएम को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि वृद्धजनों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

    वृद्धाश्रम में सुविधाओं की ली जानकारी

    कलेक्टर ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली और यह जानने का प्रयास किया कि बुजुर्गों को किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से दी जा रही सुविधाओं का लाभ सभी को समय पर मिलना चाहिए।

    लगभग एक घंटे चला दौरा

    कलेक्टर करीब एक घंटे तक वृद्धाश्रम में रहे। इस दौरान एसडीएम सौरव गंधर्व और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। वर्तमान में वृद्धाश्रम में लगभग 30 बुजुर्ग रह रहे हैं, जिन्हें शासन और सामाजिक संस्थाओं की मदद से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    कलेक्टर का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं बल्कि एक संवेदनशील प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसने बुजुर्गों में भरोसा और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है।

  • टीकमगढ़ में अवैध नलकूप खनन पर बड़ी कार्रवाई, बोरिंग मशीन जब्त

    टीकमगढ़ में अवैध नलकूप खनन पर बड़ी कार्रवाई, बोरिंग मशीन जब्त


    नई दिल्ली। टीकमगढ़ में भू-जल संरक्षण नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बड़ागांव थाना क्षेत्र के हैदरपुर गांव में अवैध नलकूप खनन के खिलाफ एसडीएम संस्कृति लिटोरिया ने बुधवार देर रात छापेमारी कर बोरिंग मशीन जब्त कर ली।

    रात में चल रहा था अवैध खनन

    जानकारी के अनुसार, प्रशासन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गांव में रात के अंधेरे में बिना अनुमति के नलकूप खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंचीं, जहां मशीन से बोरिंग का काम चलता पाया गया। जब टीम ने खनन की अनुमति मांगी तो मौके पर मौजूद लोगों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बोरिंग मशीन को जब्त कर बड़ागांव थाना परिसर में रखवा दिया।

    जिले में पहले से लागू है प्रतिबंध

    गौरतलब है कि जिले में गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने नलकूप खनन पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है, जो 15 जून तक लागू रहेगा। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन कर अवैध खनन किए जाने पर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    एसडीएम संस्कृति लिटोरिया ने स्पष्ट कहा कि जल संकट को देखते हुए भू-जल संरक्षण बेहद जरूरी है। बिना अनुमति नलकूप खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही एसडीएम और पीएचई विभाग की अनुमति से खनन की अनुमति दी जा सकती है।

  • छतरपुर स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा युवक

    छतरपुर स्टेशन पर दर्दनाक हादसा, ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा युवक


    छतरपुर छतरपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब जम्मू से लौट रहे 19 वर्षीय युवक रामप्रसाद अहिरवार ट्रेन से उतरते समय प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस गया। यह घटना कुरुक्षेत्र ट्रेन के रुकने के दौरान करीब सुबह 6:30 से 7 बजे के बीच हुई, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई।

    ट्रेन से उतरते समय बिगड़ा संतुलन

    जानकारी के अनुसार, ग्राम पाली निवासी रामप्रसाद अहिरवार जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, नीचे उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह में जा गिरा। युवक अचानक फंस गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में हड़कंप मच गया।

    समय रहते रोकी गई ट्रेन, टला बड़ा हादसा

    घटना के तुरंत बाद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने शोर मचाकर लोको पायलट को सूचना दी। समय रहते ट्रेन को रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। अगर ट्रेन थोड़ा भी आगे बढ़ जाती तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    15–20 मिनट चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    घटना के बाद रेलवे कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। करीब 15 से 20 मिनट तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सब्बल और अन्य उपकरणों की मदद से प्लेटफॉर्म के किनारे का हिस्सा तोड़ा गया, जिसके बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं।

    गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती

    हादसे में रामप्रसाद को जांघ और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। तत्काल एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। ड्यूटी डॉक्टर के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उसे निगरानी में रखा गया है।

    रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों का कहना है कि कई स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होते, जिससे ऐसे हादसे होने का खतरा बना रहता है। वहीं रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है।

    यह घटना एक बार फिर ट्रेन से उतरते समय सावधानी बरतने की जरूरत और रेलवे सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करती है।

  • एमपी में सरकारी कर्मचारियों को राहत, DA बढ़कर 257% हुआ, एरियर भी मिलेगा किस्तों में

    एमपी में सरकारी कर्मचारियों को राहत, DA बढ़कर 257% हुआ, एरियर भी मिलेगा किस्तों में


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने छठवें वेतनमान के तहत वेतन पाने वाले शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते DA में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस निर्णय से कर्मचारियों की आय में इजाफा होगा और उन्हें लंबित एरियर का लाभ भी मिलेगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

    जनसंपर्क अधिकारी संतोष मिश्रा के अनुसार महंगाई भत्ता अब 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नई दर 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी जबकि इसका वास्तविक भुगतान 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर मई 2026 के वेतन के साथ किया जाएगा। इसके साथ ही 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि का एरियर कर्मचारियों को एकमुश्त नहीं बल्कि 6 समान किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 के बीच दिया जाएगा जिससे उन्हें चरणबद्ध आर्थिक लाभ मिलेगा।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अवधि में सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों अथवा उनके नामांकित परिजनों को एरियर की राशि एक साथ प्रदान की जाएगी। महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा जबकि इससे कम राशि को नजरअंदाज किया जाएगा। साथ ही इसे अन्य किसी उद्देश्य के लिए वेतन का हिस्सा नहीं माना जाएगा।

    प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों को भी फायदा

    सरकार ने उपक्रमों निगमों मंडलों और अनुदान प्राप्त संस्थाओं से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को भी इस बढ़ोतरी का लाभ देने का निर्णय लिया है। नई दरों के तहत पांचवें वेतनमान के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 323 प्रतिशत और चौथे वेतनमान के कर्मचारियों का 1465 प्रतिशत हो जाएगा।

    इन कर्मचारियों के लिए भी बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान 1 अप्रैल 2026 से मई 2026 वेतन के साथ शुरू होगा। वहीं 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक का एरियर 6 समान किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 के बीच दिया जाएगा। विशेष प्रावधान के तहत सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में एरियर की पूरी राशि एकमुश्त दी जाएगी ताकि उनके परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके।

  • पंडोखर धाम में Happu Singh की हास्य प्रस्तुति, ठहाकों से गूंजा परिसर

    पंडोखर धाम में Happu Singh की हास्य प्रस्तुति, ठहाकों से गूंजा परिसर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के पंडोखर धाम में बुधवार रात भक्ति और मनोरंजन का अनोखा संगम देखने को मिला। टीवी के लोकप्रिय हास्य कलाकार योगेश त्रिपाठी उर्फ ‘हप्पू सिंह’ के आगमन से पूरा धाम परिसर उत्साह और उमंग से भर गया। श्रद्धालुओं और प्रशंसकों की भारी भीड़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

    गुरुशरण महाराज से लिया आशीर्वाद

    धाम पहुंचने के बाद हप्पू सिंह ने पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक चर्चा में भी हिस्सा लिया और पंडोखर धाम की परंपराओं व धार्मिक माहौल की सराहना की।

    मंच पर आते ही गूंजे ठहाके

    जैसे ही योगेश त्रिपाठी मंच पर पहुंचे, पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। अपने खास अंदाज और चुटीले संवादों से उन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि पूरा परिसर ठहाकों से गूंजता रहा और लोग हंसी के इस माहौल में डूब गए।

    मेले जैसा नजर आया माहौल

    कार्यक्रम के दौरान धाम परिसर में मेले जैसा दृश्य देखने को मिला। दूर-दूर से आए श्रद्धालु और दर्शक इस खास पल का आनंद लेते नजर आए। कई लोग अपने पसंदीदा कलाकार के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाकर इन यादगार पलों को संजोते दिखे।

    देर रात तक चला कार्यक्रम

    हंसी और भक्ति से सराबोर यह आयोजन देर रात तक चलता रहा। उपस्थित लोगों ने न सिर्फ मनोरंजन का आनंद लिया, बल्कि आध्यात्मिक वातावरण का भी अनुभव किया।

  • गुना में छात्रा ने खाया जहर, 12वीं में फेल होने से थी तनाव में खौफनाक कदम, हालत स्थिर

    गुना में छात्रा ने खाया जहर, 12वीं में फेल होने से थी तनाव में खौफनाक कदम, हालत स्थिर


    गुना मध्यप्रदेश के गुना में परीक्षा परिणाम के बाद मानसिक तनाव का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र की आजाद कॉलोनी में रहने वाली 20 वर्षीय छात्रा ने 12वीं बोर्ड में फेल होने के बाद चूहामार दवा खाकर आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है और डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब स्थिर है।

    रिजल्ट के 6 घंटे बाद उठाया खतरनाक कदम

    जानकारी के अनुसार, छात्रा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा की छात्रा थी और शहर के महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल में पढ़ती थी। बुधवार को घोषित हुए बोर्ड परीक्षा परिणाम में वह अनुत्तीर्ण हो गई। परिजनों ने बताया कि रिजल्ट आने के करीब 6 घंटे बाद वह गहरे तनाव में चली गई और शाम करीब 5 बजे घर में रखी चूहामार दवा खा ली।

    समय पर अस्पताल पहुंचने से बची जान

    जहर खाने के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, तब परिजनों को इसकी जानकारी हुई। तुरंत उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।

    ‘बहुत मेहनत की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद जैसा नहीं आया’

    उपचार के दौरान छात्रा ने बताया कि यह उसका 12वीं का पहला प्रयास था और उसने काफी मेहनत की थी। अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन असफलता ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके कारण उसने यह कदम उठा लिया।

    प्रशासन और पुलिस की अपील

    प्रशासन और पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम फैसला नहीं होता। असफलता के बाद भी आगे कई मौके मिलते हैं। शिक्षा विभाग ने भी फेल छात्रों को दोबारा अवसर देने की बात कही है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

    बढ़ती मानसिक दबाव की समस्या

    यह घटना दिखाती है कि परीक्षा परिणाम के समय छात्रों पर मानसिक दबाव कितना अधिक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में परिवार और समाज को बच्चों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।

  • अशोकनगर में पेड़ से गिरकर व्यक्ति की दर्दनाक मौत, टहनियां काटते समय हुआ हादसा

    अशोकनगर में पेड़ से गिरकर व्यक्ति की दर्दनाक मौत, टहनियां काटते समय हुआ हादसा


    अशोकनगर मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में एक दर्दनाक हादसे में पेड़ से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना ईसागढ़ क्षेत्र के लहदपुर गांव की है, जहां 41 वर्षीय राजेश प्रजापति अपने घर के पास पेड़ पर चढ़कर लकड़ियां काट रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
    बेटे को नीचे उतारकर खुद चढ़े थे पेड़ पर

    जानकारी के अनुसार, शुरुआत में राजेश का बेटा पेड़ पर चढ़कर टहनियां काट रहा था। लेकिन किसी खतरे की आशंका के चलते राजेश ने उसे नीचे उतार दिया और खुद पेड़ पर चढ़ गए। वे करीब 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर टहनियां काट रहे थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया।

    सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

    पेड़ से गिरते ही राजेश के सिर में गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।

    घरेलू काम के दौरान हुआ हादसा

    परिजनों ने बताया कि राजेश घर के उपयोग के लिए लकड़ियां काट रहे थे। यह एक सामान्य घरेलू काम था, जो अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया।

    पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई

    पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है।

  • सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर-भोपाल मार्ग पर भीषण टक्कर, ट्रैवलर और कार चालक गंभीर घायल

    सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर-भोपाल मार्ग पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजपूत ढाबे के पास ट्रैवलर और स्विफ्ट कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में स्विफ्ट कार का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
    टक्कर इतनी भीषण, कार का अगला हिस्सा चकनाचूर
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार चालक को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भिजवाया।
    सड़क निर्माण की लापरवाही बनी हादसे की वजह
    ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुर्घटना के पीछे सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही मुख्य कारण है। सड़क का एक हिस्सा अधूरा पड़ा है, जिससे एक साइड काफी नीची हो गई है और वहां गिट्टियां बिखरी हुई हैं।
    ऐसी स्थिति में वाहन चालक खराब हिस्से से बचने के लिए पक्की और ऊंची सड़क पर ही चलना चाहते हैं। इसी कारण दोनों ओर से आने वाले वाहन एक ही लेन में आ जाते हैं, जिससे आमने-सामने टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
    लगातार हादसों से लोगों में आक्रोश
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके निर्माण कार्य की गति धीमी है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
    प्रशासन पर उठे सवाल
    इस घटना के बाद निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो यह मार्ग और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।
  • रायसेन में गैस सिलेंडर संकट, उपभोक्ताओं ने किया चक्काजाम

    रायसेन में गैस सिलेंडर संकट, उपभोक्ताओं ने किया चक्काजाम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रायसेन में गुरुवार सुबह गैस सिलेंडर की कमी को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सांची रोड स्थित गैस एजेंसी पर सिलेंडर नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।

    सड़क पर सिलेंडर रखकर प्रदर्शन

    गुस्साए लोगों ने रायसेन-विदिशा रोड पर गैस सिलेंडर रखकर जाम लगा दिया। करीब 10 से 12 मिनट तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। इससे राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    घंटों लाइन में लगे, फिर भी नहीं मिला सिलेंडर

    उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सुबह से ही एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े थे, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    घरों में शादी-ब्याह, बढ़ी परेशानी

    कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके घरों में शादी और अन्य कार्यक्रम हैं, ऐसे में गैस सिलेंडर न मिलने से उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर सिलेंडर न मिलने से रोजमर्रा का काम भी प्रभावित हो रहा है।

    एजेंसी ने बताया- ऊपर से नहीं आया स्टॉक

    गैस एजेंसी संचालक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें सप्लाई ही नहीं मिली है। एजेंसी और गोदाम दोनों जगह सिलेंडर खत्म हो चुके हैं, इसलिए वितरण नहीं किया जा सका।

    पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवाया गया। साथ ही एसडीएम ने जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।

    सप्लाई सिस्टम पर उठे सवाल

    इस घटना ने गैस वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर सप्लाई सुनिश्चित की जाए, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।