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  • ग्वालियर में जमीन विवाद पर फायरिंग, युवक को गोली मारकर बदमाश फरार

    ग्वालियर में जमीन विवाद पर फायरिंग, युवक को गोली मारकर बदमाश फरार


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब थाटीपुर थाना क्षेत्र के पीएमटी चौराहे पर एक युवक को बदमाशों ने घेरकर बेरहमी से पीट दिया और फिर उस पर गोलियां चला दीं। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। घायल युवक की पहचान रामवीर गुर्जर के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    बाइक सवार बदमाशों ने पहले पीटा, फिर की फायरिंग
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामवीर पीएमटी चौराहे के पास सड़क किनारे खड़ा था, तभी आधा दर्जन से अधिक बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने पहले उसे घेरकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और फिर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों के छर्रे लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि मारपीट में उसके सिर में भी गहरी चोट आई है। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

    जमीन विवाद से जुड़ा है मामला, पुरानी रंजिश की आशंका
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हमला जमीन विवाद से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि रामवीर गुर्जर का अपने पड़ोसी पिंटू उर्फ उदय गुर्जर से प्लॉट को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। करीब दो सप्ताह पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस को शक है कि पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।

    CCTV फुटेज से खुल सकते हैं राज
    घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिसमें हमले की पूरी घटना कैद हुई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग दौड़ते हुए आते हैं और सड़क किनारे खड़े युवक पर हमला कर देते हैं। इसके बाद मारपीट और फायरिंग की पुष्टि होती है।

    पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों की तलाश तेज
    थाटीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घायल युवक का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    ग्वालियर में दिनदहाड़े हुई यह वारदात एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जमीन विवाद ने हिंसक रूप लेकर आम लोगों में दहशत फैला दी है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपियों तक पहुंचती है।

  • इंदौर हादसा: प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग, इलाके में अफरा-तफरी

    इंदौर हादसा: प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग, इलाके में अफरा-तफरी

    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब धार रोड स्थित प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि फैक्ट्री से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई देने लगा।

    आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 7 दमकल गाड़ियों के साथ-साथ पोकलेन मशीन और फायर फाइटिंग रोबोट भी मंगाया गया है।

    4 घंटे से लगातार जंग, 35 टैंकर पानी का इस्तेमाल
    फायर ब्रिगेड की टीमें पिछले 4 घंटे से लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। अब तक लगभग 35 टैंकर पानी का उपयोग किया जा चुका है, लेकिन आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक दाना मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलती गई और स्थिति गंभीर हो गई। टीन शेड हटाकर और मलबा साफ कर आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आसपास का इलाका खाली, प्रशासन अलर्ट पर
    आग की भयावहता को देखते हुए एहतियातन आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया गया है ताकि किसी भी तरह की जनहानि से बचा जा सके। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सांवेर रोड स्थित एक अन्य फैक्ट्री में भी आग लगने की सूचना मिलने से प्रशासन और सतर्क हो गया है।

     पानी की कमी बनी बड़ी चुनौती
    RRCAT के डिप्टी फायर ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि इलाके में पानी के पर्याप्त स्रोत न होने से आग बुझाने में दिक्कत आ रही है। दूर-दूर से टैंकर बुलाकर दमकल वाहनों को बार-बार भरा जा रहा है, जिससे राहत कार्य धीमा पड़ रहा है। नगर निगम कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

     आग लगने का कारण: शॉर्ट सर्किट की आशंका
    फैक्ट्री संचालक के अनुसार प्रारंभिक जांच में डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पैनल) में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। प्लास्टिक सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैली और पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग के वास्तविक कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

     राहत की बात: कोई हताहत नहीं
    अच्छी बात यह है कि घटना के समय फैक्ट्री में मजदूर मौजूद नहीं थे, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। फैक्ट्री में आमतौर पर 30 से 35 लोग दिन और रात की शिफ्ट में काम करते हैं।

    इंदौर की यह भीषण आग एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि राहत की बात यह है कि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन फैक्ट्री को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • देवास ब्लास्ट केस में चौंकाने वाली बातें सामने आईं, सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी वजह

    देवास ब्लास्ट केस में चौंकाने वाली बातें सामने आईं, सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी वजह


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के देवास जिले में टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट को लेकर श्रम विभाग की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में हादसे की दो बड़ी संभावित वजहों का खुलासा हुआ है, साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन की गंभीर लापरवाहियां भी उजागर हुई हैं।

    श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बताया कि तकनीकी जांच के अनुसार हादसे के पीछे मैग्नीशियम पाउडर की केमिकल रिएक्शन मुख्य कारण हो सकती है। आशंका है कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान मैग्नीशियम पानी के संपर्क में आ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। दूसरी संभावना यह जताई गई है कि बारूद की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज बना और उससे ‘सेल्फ इग्निशन’ यानी स्वतः आग लग गई।

    गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे हुए इस विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया था। धमाके के बाद फैक्ट्री से लगातार पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं और कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

    जांच रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि फैक्ट्री का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था, लेकिन वहां पटाखा निर्माण शुरू कर दिया गया था। यानी जिस समय सुरक्षा व्यवस्था और ढांचे की टेस्टिंग होनी चाहिए थी, उस समय बारूद और विस्फोटक सामग्री के बीच मजदूरों से काम कराया जा रहा था।

    रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री प्रबंधन के पास जिला कलेक्टर द्वारा जारी विस्फोटक लाइसेंस तो था, लेकिन फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी पंजीकरण और अन्य वैधानिक मंजूरियां नहीं ली गई थीं। बिना सुरक्षा मानकों और पर्याप्त इंतजामों के इस खतरनाक यूनिट का संचालन किया जा रहा था।

    श्रम विभाग ने फैक्ट्री में कई गंभीर खामियां पाई हैं, जिनमें अग्निशमन व्यवस्था का अभाव, इमरजेंसी प्लान तैयार न करना, श्रमिकों की हाजिरी और रिकॉर्ड न रखना, तथा मजदूरों को केमिकल सुरक्षा संबंधी जानकारी न देना शामिल है।

    इन सभी मामलों में फैक्ट्री प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कई धाराओं के तहत 2 साल से लेकर 7 साल तक की सजा और लाखों रुपए के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हादसे को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और हादसे के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • देवास फैक्ट्री विस्फोट: साथियों ने कहा- बिलिंग रूम में आखिरी बार दिखे थे दोनों मजदूर

    देवास फैक्ट्री विस्फोट: साथियों ने कहा- बिलिंग रूम में आखिरी बार दिखे थे दोनों मजदूर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के देवास जिले में टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। हादसे में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, वहीं अब दो और मजदूरों के लापता होने की खबर सामने आने से परिजनों और साथी मजदूरों की चिंता बढ़ गई है।

    घायल मजदूरों का कहना है कि ब्लास्ट के बाद से उनके साथी राजू और बाबुल का कोई पता नहीं चल पाया है। दोनों बिहार के अरहरिया जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं और कुछ महीने पहले ही रोज़गार की तलाश में देवास आए थे।

    देवास जिला अस्पताल में भर्ती घायल मजदूर शशि कुमार ने बताया कि हादसे से पहले उनकी दोनों साथियों से खाना खाते समय बातचीत हुई थी। इसके बाद वे आखिरी बार फैक्ट्री के बिलिंग रूम के पास दिखाई दिए। धमाके के बाद से दोनों न तो अस्पतालों में मिले और न ही किसी से संपर्क हो पाया।

    साथी मजदूरों को आशंका है कि कहीं दोनों भी हादसे का शिकार तो नहीं हो गए। मजदूर लगातार प्रशासन से घटना स्थल पर जाकर तलाश करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अस्पतालों, आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों से संपर्क कर लिया, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला।

    इस दर्दनाक हादसे में अब तक जिन मजदूरों की मौत हुई है, उनमें बिहार के सुमित, धीरज, अमर और गुड्डू शामिल हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी सनी की भी जान गई है। मृतकों के शव देर रात परिजनों को सौंप दिए गए।

    वहीं हादसे में घायल कई मजदूरों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। देवास जिला अस्पताल में 11 लोग भर्ती हैं, जबकि गंभीर घायलों को निजी अस्पतालों में रेफर किया गया है।

    प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री पूरी तरह तैयार होने से पहले ही वहां पटाखा निर्माण शुरू कर दिया गया था। श्रम विभाग की रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि मैग्नीशियम पाउडर के पानी के संपर्क में आने या स्टैटिक चार्ज बनने से विस्फोट हुआ होगा।

    रिपोर्ट में सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी, फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी लाइसेंस का अभाव, अग्निशमन व्यवस्था में कमी और इमरजेंसी प्लान न होने जैसी गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। इन मामलों में फैक्ट्री प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

  • शाजापुर में गोदाम से 12 इलेक्ट्रिक पोल चोरी, ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत

    शाजापुर में गोदाम से 12 इलेक्ट्रिक पोल चोरी, ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के लालघाटी क्षेत्र में चोरी की एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां एक इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर के गोदाम से 12 लोहे के इलेक्ट्रिक पोल गायब हो गए। पीड़ित हेमकांत शर्मा, जो ग्वालियर के निवासी हैं और वर्तमान में शाजापुर में कार्यरत हैं, ने बताया कि उन्होंने ये सिल्वर रंग के लोहे के पोल निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के लिए गोदाम में सुरक्षित रखे थे।
    गुरुवार रात करीब 8 बजे तक सभी पोल मौजूद थे, लेकिन अगले दिन शुक्रवार सुबह 9:30 बजे जब वे गोदाम पहुंचे तो पूरा सामान गायब मिला। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में तलाश की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    कॉन्ट्रेक्टर ने आशंका जताई है कि यह चोरी किसी योजनाबद्ध तरीके से की गई है, क्योंकि पोल भारी और निर्माण कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामान थे। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित बिल और दस्तावेज इंजीनियर से लेकर जल्द पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज तथा संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है।

  • बंधक बनाकर पिटाई और फिरौती का आरोप, परिवार से मांगे 61 हजार रुपये

    बंधक बनाकर पिटाई और फिरौती का आरोप, परिवार से मांगे 61 हजार रुपये


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा के साथ अपहरण, मारपीट और लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पीड़ित का आरोप है कि 10 मई को भोपाल से लौटते समय उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत रोका गया और हथियारों के दम पर जंगल में ले जाया गया, जहां उनके साथ घंटों तक बेरहमी से मारपीट की गई।

    दीपक शर्मा के मुताबिक, रास्ते में एक परिचित महिला ने उनकी कार रुकवाई, जिसके बाद 7–8 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि बदमाश उन्हें जबरन जंगल की ओर ले गए और वहां मोबाइल, नकदी, घड़ी, अंगूठी और अन्य सामान छीन लिया।

    पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की। जब उन्होंने असमर्थता जताई तो बदमाशों ने उन्हें धमकाकर पत्नी, बेटी और परिचितों से पैसे मंगवाए। डर के माहौल में परिजनों ने करीब 61 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

    इतना ही नहीं, आरोप है कि बदमाशों ने उनसे चेक पर हस्ताक्षर भी करवाए और लगातार जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उनके कपड़े फाड़े गए और अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी भी दी गई।

    घटना के बाद किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर दीपक शर्मा राजगढ़ पहुंचे और अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीरो पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और केस को ब्यावरा थाने ट्रांसफर किया गया है।

    पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

  • सलकनपुर में सनसनी: रोज दंडवत कर दर्शन करने वाले साधु की संदिग्ध मौत

    सलकनपुर में सनसनी: रोज दंडवत कर दर्शन करने वाले साधु की संदिग्ध मौत


    नई दिल्ली । सीहोर जिले के प्रसिद्ध सलकनपुर देवी धाम के जंगल क्षेत्र में एक अज्ञात साधु का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। शव जंगल में लावारिस अवस्था में मिला था और उसे जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।

    सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पहचान न होने के कारण बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया।

    वर्षों से मंदिर क्षेत्र में रह रहे थे साधु
    स्थानीय लोगों के अनुसार यह साधु लंबे समय से सलकनपुर क्षेत्र में रह रहे थे। वे रोजाना मंदिर मार्ग पर दंडवत करते हुए माता के दर्शन करने जाते थे और दर्शन के बाद आसपास के लोगों से भोजन स्वीकार करते थे।

    व्यापारी दिलीप मालवीय ने बताया कि बाबा ने कभी भी अपने परिवार या मूल निवास के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। वे पूरी तरह भक्ति और तपस्या में लीन रहते थे।

    पुलिस जांच जारी
    जानकारी के अनुसार, कोरोना लॉकडाउन के बाद से साधु इसी तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। पुलिस अब उनकी पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

  • देवास में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मौत और घायलों से मचा हड़कंप

    देवास में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मौत और घायलों से मचा हड़कंप


    देवास (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में अब तक 3 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और फैक्ट्री परिसर मलबे में तब्दील हो गया।

    यह हादसा करीब सुबह 11:30 बजे हुआ, जब फैक्ट्री में मजदूर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। धमाके से फैक्ट्री की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास का इलाका दहशत में आ गया।

    हादसे में मृत मजदूरों की पहचान धीरज, सनी और सुमित के रूप में हुई है। घायलों में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई मजदूर शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

    कई घायलों का इलाज जारी, कुछ की हालत गंभी
    प्रशासन के अनुसार, घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। देवास जिला अस्पताल में 12 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 6 लोग अमलतास अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं 7 गंभीर घायलों को इंदौर रेफर किया गया है, जहां MY अस्पताल और चोइथराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

    केमिकल मिक्सिंग के दौरान हुआ विस्फोट
    मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, फैक्ट्री में दो केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान केमिकल की मात्रा में गड़बड़ी होने से अचानक जोरदार धमाका हो गया। उस समय करीब 15 से 20 मजदूर मौके पर मौजूद थे।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से कुछ मिनट पहले ही मजदूरों का लंच तैयार था, लेकिन उससे पहले ही धमाका हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई मजदूर झुलसी हालत में खुद बाहर निकलते दिखाई दिए।

    अवैध फैक्ट्री और सुरक्षा पर उठे सवा
    हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री के खिलाफ पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का दावा है कि यहां 400 से 500 मजदूर काम करते थे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। इस घटना के बाद फैक्ट्री को प्रशासन ने सील कर दिया है और मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया गया है।

    सीएम ने दिए जांच के आदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

    पहले भी हो चुका था हादसा
    स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी फैक्ट्री में मार्च 2026 में भी ब्लास्ट हुआ था। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया, जिससे एक बार फिर यह बड़ा हादसा हो गया।

    इलाके में दहशत का माहौ
    धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। फैक्ट्री परिसर में अब भी रुक-रुककर छोटे धमाकों जैसी आवाजें आ रही हैं, जिससे रेस्क्यू टीम को भी सावधानी बरतनी पड़ रही है।

  • अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 5 घायल, दंपती की हालत गंभीर

    अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 5 घायल, दंपती की हालत गंभीर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पांढुर्णा क्षेत्र के मोरडोगरी के पास सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल पांढुर्णा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

    दोनों बाइकों पर सवार थे अलग-अलग लोग
    जानकारी के अनुसार, पहली बाइक पर ग्राम नाडा सावनेर निवासी हुकुमचंद डहारे (45) अपनी पत्नी प्रगति डहारे (30) के साथ पांढुर्णा की ओर जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर अमोल बोरीवार (32), सविता बघारे (34) और तीन वर्षीय बालक चेतन बघारे सिवनी की ओर जा रहे थे। दोनों वाहन अलग-अलग दिशाओं से आ रहे थे, लेकिन मोरडोगरी के पास अचानक स्थिति बदल गई और बड़ा हादसा हो गया।

    अचानक ब्रेक और लापरवाही बनी हादसे की वजह
    घायलों के अनुसार, मोरडोगरी के पास अचानक ब्रेक लगाने के कारण दोनों बाइक अनियंत्रित हो गईं और आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और सभी को गंभीर चोटें आईं।
    हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत मदद की और घायलों को सड़क से हटाकर अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।

    दंपती की हालत गंभीर, नागपुर रेफर
    अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि हुकुमचंद डहारे और उनकी पत्नी प्रगति डहारे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए दोनों को नागपुर रेफर कर दिया गया है। अन्य तीन घायलों का इलाज पांढुर्णा सिविल अस्पताल में जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, यातायात प्रभावित
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि हादसा केवल अचानक ब्रेक की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क पर सावधानी और सुरक्षित ड्राइविंग की आवश्यकता को उजागर करता है। थोड़ी सी लापरवाही ने पांच लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया।
  • बारातियों से भरा मैजिक वाहन पलटा, एक ही परिवार के 15 लोग घायल, बस की लापरवाही से हुआ हादसा

    बारातियों से भरा मैजिक वाहन पलटा, एक ही परिवार के 15 लोग घायल, बस की लापरवाही से हुआ हादसा


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सौसर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। काजलवाणी और कुड़म गांव के बीच बारातियों से भरा एक मैजिक वाहन अचानक सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में एक ही परिवार के 15 सदस्य घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    यह सभी लोग सौसर के वार्ड क्रमांक 1 से भीमालगोंडी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। यात्रा के दौरान जैसे ही वाहन काजलवाणी और कुड़म के बीच पहुंचा, सामने से आ रही एक बस ने अचानक कट मार दिया। इसी दौरान मैजिक चालक ने वाहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे पलट गया।

    बस की लापरवाही से हुआ हादसा, चालक ने खोया नियंत्र
    प्रत्यक्षदर्शियों और मैजिक चालक भरत चवारे के अनुसार, बस ने अचानक दिशा बदलते हुए कट मारा, जिससे स्थिति असंतुलित हो गई। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारी संख्या में बैठे यात्रियों के कारण मैजिक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए पहुंचे। सभी घायलों को वाहन से बाहर निकाला गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभी
    सूचना मिलते ही सौसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सौसर सिविल अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दो गंभीर घायलों सूरज और सुरेश को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर कर दिया। अन्य 13 घायलों का इलाज सौसर सिविल अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई लोगों को हल्की से मध्यम चोटें आई हैं, लेकिन सभी को निगरानी में रखा गया है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, यातायात हुआ प्रभावि
    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की गंभीर अनदेखी की ओर इशारा करता है। एक छोटी सी लापरवाही ने खुशियों से भरे सफर को दर्दनाक हादसे में बदल दिया।