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  • MP: भैरूंदा में शिवानंद महाराज का बड़ा दावा- बोले- यहां से 'BJP का एक भी विधायक जीता तो मूंछ-मुंडी कटवा दूंगा

    MP: भैरूंदा में शिवानंद महाराज का बड़ा दावा- बोले- यहां से 'BJP का एक भी विधायक जीता तो मूंछ-मुंडी कटवा दूंगा


    सीहोर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore district) के भैरूंदा में आयोजित सातदेव महायज्ञ (Saatdev Mahayagna) के दौरान शिवानंद महाराज (Shivanand Maharaj) का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में महाराज ने बीजेपी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए बड़ा दावा किया है.

    वीडियो में शिवानंद महाराज कहते नजर आ रहे हैं कि पूरे जिले में अगर एक भी विधायक जीत गया तो वह अपनी मूंछ कटवा देंगे और यहां तक कि अपनी मुंडी भी कटवा लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि यहां से न कोई सांसद जीतेगा और न ही कोई विधायक. साथ ही उन्होंने दावा किया कि वह जिसे कहेंगे वही चुनाव जीतेगा और लाख कोशिश के बावजूद दूसरे उम्मीदवार जीत नहीं पाएंगे.

    शिवानंद महाराज का विवादित बयान

    अपने बयान में महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने उनके कार्यक्रम का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को भी कार्यक्रम में आने से रोक दिया गया था और उन्हें रोककर रखा गया. महाराज ने यह भी कहा कि उन्हें किसी की जरूरत नहीं है और 2028 में जीतकर दिखाने की चुनौती दी।


    बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    इस पूरे बयान के दौरान अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया जा रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया है. वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • MP: इंदौर में साइबर ठगी के चौकाने वाले आंकड़े, रोज 87 लोग शिकार बन गंवा रहे अपनी गाढ़ी कमाई

    MP: इंदौर में साइबर ठगी के चौकाने वाले आंकड़े, रोज 87 लोग शिकार बन गंवा रहे अपनी गाढ़ी कमाई


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) में साइबर ठगी (Cyber ​​fraud) के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। केवल मार्च (March) माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो क्राइम ब्रांच (Crime Branch.) के पास साइबर धोखाधड़ी की कुल 2600 शिकायतें (2600 Complaints) प्राप्त हुई हैं। इसके अनुसार शहर में हर दिन लगभग 87 लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। हालांकि पुलिस लगातार जागरूकता अभियान और साइबर पाठशाला के माध्यम से लोगों को सचेत कर रही है, लेकिन अपराधियों के नए-नए तरीके आम जनता पर भारी पड़ रहे हैं।

    शेयर ट्रेडिंग और अतिरिक्त आय का लालच फंसा रहा
    ठगी के इन मामलों में सबसे ज्यादा मामले शेयर ट्रेडिंग के नाम पर सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी अतिरिक्त आय का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए उकसाते हैं। हैरानी की बात यह है कि इन शिकार होने वालों में केवल कम पढ़े-लिखे लोग ही नहीं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, बड़े व्यापारी और बड़ी संख्या में घरेलू महिलाएं भी शामिल हैं। लालच के इसी चक्रव्यूह का फायदा उठाकर ठग लाखों रुपयों पर हाथ साफ कर रहे हैं।


    ठगी के नए तरीके आ रहे

    अपराधी अब केवल पुराने तरीकों तक सीमित नहीं हैं। अब बिजली कनेक्शन काटने, गैस कनेक्शन बंद होने या बैंक अधिकारी बनकर फोन करने के साथ-साथ एपीके (APK) फाइल का उपयोग किया जा रहा है। अपराधी पीड़ित को एक संदेहास्पद एपीके फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है। इसके बाद बिना किसी ओटीपी के खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। अक्सर पीड़ित को इस बात की भनक तब लगती है जब बैंक से पैसा कटने का मैसेज प्राप्त होता है।


    1930 पर तुरंत करें शिकायत

    राहत की बात यह है कि क्राइम ब्रांच अब त्वरित कार्रवाई कर रही है। यदि पीड़ित समय रहते पुलिस तक पहुंचता है, तो पैसों की वापसी संभव हो पा रही है। पिछले तीन महीनों में पुलिस ने ठगों के बैंक खाते ब्लॉक करवाकर लगभग पौने दो करोड़ रुपये रिफंड करवाए हैं। इसके अलावा, अब पीड़ितों के लिए ई-एफआईआर की व्यवस्था भी शुरू की गई है। नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करते ही ई-एफआईआर दर्ज हो जाती है, जिसे बाद में संबंधित थाने में असल कायमी के लिए भेजा जाता है। इस नई व्यवस्था के कारण पिछले दस दिनों में ही इंदौर के विभिन्न थानों में 50 से अधिक केस दर्ज किए जा चुके हैं।

  • मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी

    मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आयोजित कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दोनों कक्षाओं के परिणाम एक साथ घोषित करेंगे।

    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को बताया कि परिणाम के साथ दोनों कक्षाओं की मेरिट लिस्ट (टॉपर्स सूची) भी जारी की जाएगी। राज्य स्तर पर टॉप करने वाले मेधावी छात्रों को सरकार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। छात्रों को अपना परिणाम देखने के लिए केवल अपने रोल नंबर की आवश्यकता होगी। बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का कार्य पहले ही पूर्ण कर लिया है।

    उन्होंने बताया कि परिणाम जारी करने से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट “फुलप्रूफ” रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो।


    10वीं में 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल

    प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं में बैठे। परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज हुए।

    डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और मानसिक सहयोग दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि हर बच्चा अच्छा रिजल्ट चाहता है, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता। एक परीक्षा जीवन तय नहीं करती। बच्चों के तनाव में होने पर उनसे बात करें और उनका साथ दें।

    शिक्षा विभाग का उद्देश्य समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समय पर परिणाम आने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।

  • MP: मंडला में एक घर में 795 कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स बरामद… नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका

    MP: मंडला में एक घर में 795 कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स बरामद… नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका


    मंडला।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंडला (Mandla) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक घर से सैकड़ों की संख्या में कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स (Dogs Reproductive Organs) बरामद हुए हैं. इस पूरे मामले ने नसबंदी (Sterilization) के नाम पर बड़े घोटाले की आशंका को जन्म दे दिया है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    दरअसल, नगर पालिका मंडला (Municipality Mandla) ने कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया गया था, जिसमें प्रति नसबंदी 679 रुपये तय किए गए थे. जबलपुर की एक प्राइवेट एनजीओ ‘मां अंबे एंटरप्राइजेज’ को यह ठेका दिया गया था, लेकिन आरोप है कि एजेंसी ने शहर में एक भी कुत्ते की नसबंदी नहीं की।

    तय समय में काम शुरू न करने पर 2 अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया था. इसी बीच एक एनिमल एक्टिविस्ट निशा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि जिस कमरे में एनजीओ के लोग ठहरे थे, वहां संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं।

    शिकायत के बाद नगर पालिका, पुलिस, तहसीलदार और पशु चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. छापे के दौरान दो कंटेनरों में फॉर्मलीन में डूबे 795 कुत्तों के अंग बरामद किए गए, जिनमें 518 नर और 277 मादा कुत्तों के अंग शामिल हैं।

    शिकायतकर्ता निशा सिंह का आरोप है कि इन अंगों को बाहर से लाकर स्टॉक में रखा गया था, ताकि इन्हें दिखाकर नसबंदी के नाम पर फर्जी बिल पास कराए जा सकें।


    पशु चिकित्सकों ने भी जताई हैरानी

    पशु चिकित्सक सुमित पटेल ने बताया कि नसबंदी प्रक्रिया में नर कुत्तों के टेस्टिकल्स और मादा कुत्तों के ओवरी व यूट्रस निकाले जाते हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर अंगों का मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।


    नगर पालिका ने FIR के लिए दिया आवेदन

    इस मामले में मंडला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजेंद्र नाफड़े ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर निकला था. जबलपुर की एजेंसी ने इसका टेंडर भरा था. उनका टेंडर सैंक्शन भी हुआ था, लेकिन एजेंसी लने कोई काम नहीं किया. उनको दो-तीन नोटिस भी दिए गए थे, तो काम नहीं करने से 2 अप्रैल को उनका टेंडर निरस्त कर दिया गया था. इसकी सूचना भी उन्हें दे दी गई थी।

    7 अप्रैल को पशु प्रेमी ने शिकायत दर्ज कराई कि प्राइवेट कंपनी ने जहां रूम लिया था, वहां पर कुत्तों के कुछ संदेहास्पद अंग है. इस संबंध में कलेक्टर की ओर से जांच के निर्देश दिए गए थे, जिस पर तहसीलदार के मार्गदर्शन में नगर पालिका, कोतवाली थाने और वेटरनरी की टीम ने उस कमरे का निरीक्षण किया तो वहां कुछ अंग पाए गए।

    गजेंद्र नाफड़े ने बताया कि यह अंग कहां से ले गए, इसका क्या उद्देश्य था, यह तो जांच का विषय है. इस संबंध में हमने थाना प्रभारी को एफआईआर के लिए आवेदन दिया है. वो उसकी जांच कर रहे हैं और वह अंग कहां से आए थे. यह जांच के बाद ही पता चलेगा।

    सरकार अधिकारी के अनुसार, टेंडर के तहत एक नसबंदी के एवज में 679 रुपये की दर निर्धारित की गई थी. लेकिन एजेंसी ने कोई नसबंदी नहीं की. काम शुरू होने के पहले ही यह मामला सामने आ गया और इस मामले के सामने आने के पहले ही उनका ठेका निरस्त किया जा चुका था। नगर पालिका ने इस मामले में पुलिस को शिकायत सौंप दी है. मंडला एसपी का कहना है कि सभी पक्षों से पूछताछ और जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये अंग कहां से आए और इसके पीछे किसका खेल है?

  • MP: भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चौकाने वाला मामला… युवाओं को लगी खून लेने की लत

    MP: भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चौकाने वाला मामला… युवाओं को लगी खून लेने की लत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया (Government Hospital Hamidia) के मनोरोग विभाग में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने डॉक्टरों को भी सोच में डाल दिया है. यहां हमीदिया अस्पताल में पिछले एक साल में अब तक ऐसे 5 युवा इलाज के लिए पहुंचे हैं, जिन्हें ब्लड कंपोनेंट्स (Blood Components) लेने की आदत पड़ गई है. अब तक आपने शराब, सिगरेट और ड्रग्स जैसे नशों के बारे में सुना होगा. लेकिन यह मामला एक नए और खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करता है. जहां कुछ युवा खून के तत्वों को ही ताकत बढ़ाने का जरिया मान रहे हैं।

    डॉक्टरों के अनुसार, इन सभी युवाओं की उम्र 18 से 25 साल के बीच है और इन मामलों में एक समान पैटर्न देखने को मिला है. जैसे ही परिवार को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने युवाओं की गतिविधियों पर रोक लगा दी. कई दिनों तक समझाने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बाद युवक चिड़चिड़े और आक्रामक हो गए. हालत बिगड़ने पर परिवार उन्हें मनोरोग विशेषज्ञों के पास काउंसलिंग के लिए लेकर पहुंचे।

    डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में तीन मुख्य वजहें सामने आई हैं जिज्ञासा, गलत जानकारी और अवैध माध्यमों की उपलब्धता. बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो इस प्रवृत्ति को बढ़ा रहे हैं, जहां यह दावा किया जाता है कि प्लाज्मा या अन्य ब्लड कंपोनेंट्स लेने से ताकत बढ़ती है. तनाव कम होता है और शरीर में ऊर्जा आती है।

    हालांकि, विशेषज्ञ इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बिना किसी चिकित्सकीय जरूरत के ब्लड कंपोनेंट्स लेना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. इससे इंफेक्शन, एलर्जी, सूजन और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है यानी जिस फायदे की उम्मीद में यह कदम उठाया जा रहा है. वह सिर्फ एक भ्रम है, जबकि नुकसान बेहद गंभीर हो सकते हैं।


    विशेषज्ञों की चेतावनी

    हमीदिया अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. जय प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, युवा जिसे ताकत समझ रहे हैं, वह सिर्फ एक ‘हाइपोथेटिकल’ यानी काल्पनिक सुख है। इसके वास्तविक परिणाम बेहद खतरनाक हैं. इससे से गैंग्रीन का खतरा यानी गलत तरीके से इन्फ्यूजन लेने से अंग सड़ सकते हैं।

    इसके अलावा, डॉक्टर ने चेताया कि HIV और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है. वहीं, बिना डॉक्टरी सलाह के ब्लड कंपोनेंट लेना तत्काल ‘एनाफिलेक्टिक शॉक’ दे सकता है. यही नहीं, शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर सूजन और अंग भी फेल हो सकते हैं।

  • MP के वन विभाग की बड़ी उपलब्धि… वन विहार से उड़ा गिद्ध को पाकिस्तान में मिली नई जिंदगी

    MP के वन विभाग की बड़ी उपलब्धि… वन विहार से उड़ा गिद्ध को पाकिस्तान में मिली नई जिंदगी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के वन विभाग (Forest Department) ने वन्यजीव संरक्षण में टेक्नोलॉजी और इंटरनेशनल कॉर्डिनेशन (Technology and International Coordination in Conservation) का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है. 2 साल की एक मादा सिनेरेयस गिद्ध जिसे भोपाल वन विहार में इलाज के बाद रिहा किया गया था, अब पाकिस्तानी सहयोग के चलते सुरक्षित है।

    इस गिद्ध को इसी साल 22 जनवरी को शाजापुर के सुसनेर से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था. वन विहार नेशनल पार्क के वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर (VCBC) में इसका इलाज हुआ.

    इसे ‘फिट फॉर रिलीज’ घोषित करने के बाद माइक्रोचिप और GPS-GSM टेलीमेट्री डिवाइस से लैस किया गया. 25 मार्च को इसे रायसेन के हलाली डैम क्षेत्र में छोड़ा गया, जिससे इसकी रीयल-टाइम निगरानी संभव हो सकी. यह काम WWF-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) के सहयोग से किया गया।


    पाकिस्तान में रेस्क्यू

    रिहाई के बाद निगरानी में पाया गया कि यह मादा गिद्ध राजस्थान होते हुए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर 6 अप्रैल तक पाकिस्तान पहुंच गई. 7 अप्रैल को सिग्नल नहीं मिले तो WWF-इंडिया ने तत्परता दिखाते हुए WWF-पाकिस्तान से संपर्क किया. पाकिस्तान वन विभाग और WWF-पाकिस्तान के सहयोग से इस गिद्ध को खानेवाल जिले में स्थानीय निवासियों से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

    मादा गिद्ध 7 अप्रैल को खानेवाल और मुल्तान क्षेत्रों में आए भीषण ओलावृष्टि तूफान के कारण उड़ान भरने में असमर्थ हो गई और जमीन पर पाई गई। वन्यजीव अधिकारियों ने इसे रेस्क्यू कर प्राथमिक इलाज दिया. WWF-पाकिस्तान की देखरेख में इसे स्थानीय वल्चर कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट किया गया. गिद्ध को हल्की चोटें आई थीं और अब वह स्वस्थ हो रहा है।

    वन विहार, WWF-इंडिया के माध्यम से WWF-पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क में है और गिद्ध के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है. पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद इसे दोबारा प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।


    भोपाल की मादा गिद्ध को पाकिस्तान के खानेवाल जिले में मिली नई जिंदगी.

    इससे पहले, साल 2025 में एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान तक 4300 किमी की यात्रा कर वापस भारत लौटा था. 23 फरवरी 2026 को भी 5 गिद्धों का सफल पुनर्वास और टैगिंग की गई।

  • MP: शहडोल के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में लगी भीषण आग… बड़ा हादसा टला

    MP: शहडोल के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में लगी भीषण आग… बड़ा हादसा टला


    शहडोल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शहडोल (Shahdol) में ब्यौहारी रेलवे स्टेशन (Byawari Railway Station) पर खड़ी ट्रेन में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। ये आग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास साइडिंग में खड़ी ट्रैक मशीन की बोगी में लगी। देखते ही देखते स्टेशन पर हड़कंप मच गया। आग की खबर मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए आग को बुझाया और उसे दूसरी बोगियों तक फैलने से रोक लिया। अगर थोड़ी भी देर होती, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

    प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते आग को बुझा लिया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जान का नुकसान नहीं हुआ है। घटना रविवार दोपहर 3 बजे के करीब की बताई जा रही है। रेलवे के बड़े अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। फिलहाल स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन सावधानी के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

    राहत टीमों ने डेढ़ घंटे बाद करीब साढ़े 4 बजे आग पर काबू पा लिया। मिली जानकारी के अनुसार बोगी रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर चार कोच वाली एक ट्रैक मशीन खड़ी थी। दोपहर के वक्त इसके एक कोच नंबर ईसीओ 994129 में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिस वक्त आग लगी, बोगी के अंदर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

    थाना प्रभारी जिया उल हक और आरपीएफ चौकी प्रभारी गिरीश कुमार मिश्रा ने घटना का जायजा लिया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। उस वक्त ट्रैक स्टाफ काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था। पुलिस और रेलवे की टीम अब आग लगने की असली वजह पता लगाने में जुटी है।

  • MP: शाजापुर में बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर ऐंठे 33 लाख रुपये… महिला गिरफ्तार

    MP: शाजापुर में बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर ऐंठे 33 लाख रुपये… महिला गिरफ्तार


    शाजापुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शाजापुर जिले (Shajapur district) में ब्लैकमेलिंग (Blackmailing.) और अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग को ‘हनीट्रैप’ (‘Honeytrap) के जाल में फंसाकर वीडियो कॉल (Video call .) के जरिए ब्लैकमेलिंग कर उनसे अब तक 33 लाख रुपये ऐंठ लिए गए इसके बाद आरोपी अब 20 लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बघेल ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और पुलिस टीम भेजकर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया अन्य आरोपी फिलहाल फरार है जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

    शाजापुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुजुर्ग को वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है,यंहा वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी पार्वती और उसके साथियों राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी ने बुजुर्ग को डराना शुरू किया ओर उन्होंने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए तो वे वीडियो वायरल कर देंगे और उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसा देंगे ओर उनसे 33 लाख रुपये ले लिए,बुजुर्ग रमेशचंद्र ने बदनामी और जेल जाने के डर से शुरुआत में 5 हजार रुपये दिए। लेकिन आरोपियों का लालच बढ़ता गया और उन्होंने किस्तों में 5 लाख, 7 लाख आदि कुल 33 लाख रुपये की वसूली कर ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने बुजुर्ग से कई शपथ पत्रों पर भी जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपियों ने दबाव कम नहीं किया।


    जान से मारने की दी धमकी

    वे अब रमेशचंद्र से 12 अप्रैल 2026 तक 20 लाख रुपए की और मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने और समाज में जलील करने की धमकी दी जा रही थी। आखिरकार परेशान होकर पीड़ित ने कोतवाली थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है।

    फरियादी रमेशचंद्र ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम साल 2023 में शुरू हुआ था। उनकी मुलाकात शिव मंदिर भरड़ में पार्वती बैरागी नाम की महिला से हुई थी। पार्वती ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई और धीरे-धीरे मोबाइल पर बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी महिला ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और उसकी रिकॉर्डिंग कर ली।

    थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।

  • एमपी में बढ़ने लगी गर्मी, तापमान 4 डिग्री तक उछला, रतलाम में पारा 40 पार

    एमपी में बढ़ने लगी गर्मी, तापमान 4 डिग्री तक उछला, रतलाम में पारा 40 पार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अब गर्मी ने पूरी तरह असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगी है जबकि दोपहर में तपिश और ज्यादा बढ़ रही है। इसी कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है वहीं कुछ शहरों में यह बढ़त 5 से 6 डिग्री तक पहुंच गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। शनिवार को इन क्षेत्रों में तेज गर्मी रही और रविवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने के संकेत हैं। शनिवार को उज्जैन रतलाम और नर्मदापुरम सहित 18 शहरों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। रतलाम में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा नर्मदापुरम में 39.4 डिग्री धार में 39.2 खरगोन में 39 गुना में 38 शाजापुर में 37.7 रायसेन और सागर में 37.6 छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला दतिया और श्योपुर में 37.4 खजुराहो में 37.2 और दमोह टीकमगढ़ व बैतूल में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा जहां तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 37.6 भोपाल में 36.8 जबलपुर में 36.6 और ग्वालियर में 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल को एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा लेकिन इसके कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं कोई चेहरे को ढककर बाहर निकल रहा है तो कोई ठंडे पेय गन्ने का रस और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है।

    गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर में तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

    गौरतलब है कि इस साल अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज अलग रहा। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश में कई जगह आंधी बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 15 से अधिक जिलों में ओले गिरे जबकि करीब 45 जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई मुख्य महीने हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है।

  • MP: समर्थन मूल्य पर अब तक 7103 किसानों से हुई 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी

    MP: समर्थन मूल्य पर अब तक 7103 किसानों से हुई 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं के उपार्जन का कार्य जारी है। प्रदेश में अभी तक 7103 किसानों से 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है।

    यह जानकारी प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 75 हजार 475 किसानों द्वारा 7 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।