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  • MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी

    MP से लेकर यूपी-बिहार और दिल्ली तक आज भारी बारिश के आसार…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में सितंबर महीना शुरू होने के साथ सुबह का नजारा शीत ऋतु के आगमन की आहट देने लगा है. हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) अभी कमजोर पड़ता नहीं दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

    कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और इंडो-गंगेटिक प्लेन में सक्रिय ट्रफ की वजह से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मॉनसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं. अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान है।


    दिल्ली-NCR में तेज हवा, बारिश का अलर्ट

    दिल्ली में 7 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. हरियाणा-चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी 7 सितंबर को बारिश की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है।


    यूपी में भी आंधी, तेज बारिश का अनुमान

    उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को पश्चिमी हिस्सों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. लखनऊ में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।


    उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का खतरा

    उत्तराखंड में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. इसके अलावा 10 से 12 सितंबर के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं. देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, हल्द्वानी, नैनीताल, रुद्रपुर, काशीपुर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मिट्टी के कटाव का खतरा बना हुआ है।


    मध्य भारत में भी बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मॉनसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. विदर्भ में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. भोपाल में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश

    बिहार में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

    झारखंड में 8 से 11 सितंबर के दौरान बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है. राज्य के कुछ इलाकों में पहले से बने बाढ़ जैसे हालात के बीच बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।


    महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना

    महाराष्ट्र में 7 से 12 सितंबर के दौरान कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है. कोंकण तट पर कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. मुंबई में 7 सितंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.


    पूर्वोत्तर राज्यों में भी मॉनसून सक्रिय

    पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून की गतिविधियां जारी रहेंगी. अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक बारिश का अनुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी इस दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 9-10 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।


    दक्षिण भारत में हल्की बारिश

    दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं. 7 से 12 सितंबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 7 से 10 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।


    मछुआरों के लिए भी चेतावनी

    मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. अरब सागर में 11 सितंबर तक सोमालिया और ओमान तट के आसपास के कुछ हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व श्रीलंका के पास समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।

  • MP: शाजापुर में बड़ा हादसा… NH-52 पर दुर्घटनाग्रस्त हुई यात्रियों से भरी बस, 29 घायल

    MP: शाजापुर में बड़ा हादसा… NH-52 पर दुर्घटनाग्रस्त हुई यात्रियों से भरी बस, 29 घायल


    शाजापुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शाजापुर जिले (Shajapur district) में रविवार तड़के हुए एक भीषण बस हादसे में 29 यात्री घायल हो गए। नेशनल हाईवे-52 ( नेशनल हाईवे-52 ) पर रविवार सुबह टूकराना जोड़ के पास यात्रियों से भरी एक बस (Bus) अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बस में सवार 29 यात्री घायल हो गए।

    ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यात्रियों से भी यह बस सारंगपुर की तरफ से आ रही थी और इंदौर की ओर जा रही थी। जैसे ही बस शाजापुर के टूकराना जोड़ के पास पहुंची, वह हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई।

    ​प्रशासनिक मदद और अस्पताल में भर्ती
    घटना की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवा 112 और 108 की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी 29 घायलों को एम्बुलेंस की मदद से तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से 2 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए निगरानी में रखा गया है।

    ​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के असल कारणों की जांच में जुटी है कि यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

  • MP में कंप्यूटर खरीदी घोटाला…. टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल, EOW ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच

    MP में कंप्यूटर खरीदी घोटाला…. टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल, EOW ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में सरकारी खरीद (Public Procurement) की ऑनलाइन प्रक्रिया GeM (Government e-Marketplace) पर सवाल खड़े उठाने वाला मामला सामने आया है. EOW को करीब 10.99 करोड़ रुपए की कंप्यूटर खरीदी की जांच में ऐसी जानकारियां मिली हैं, जिनसे टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर मिलीभगत की आशंका जताई गई है. जांच में टेंडर में शामिल चार कंपनियों के बीच कई ऐसी समानताएं सामने आईं, जो सामान्य तौर पर अलग-अलग प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बीच नहीं दिखतीं. EOW के मुताबिक, इन कंपनियों का संबंध एक ही व्यक्ति से पाया गया है।

    EOW DG उपेंद्र जैन के अनुसार, जांच में चारों कंपनियों के मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते में समानता मिली. इसके अलावा एक ही GST अकाउंट के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।

    जैन का मानना है कि अलग-अलग कंपनियों के नाम से टेंडर में भाग लेकर वास्तविक प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया गया हो सकता है. कंपनियों ने पात्रता साबित करने के लिए कंप्यूटर निर्माताओं के ऑथराइजेशन लेटर भी प्रस्तुत किए थे।

    मामले की जांच में कंप्यूटरों की सप्लाई को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं. EOW का दावा है कि कुछ पुराने कंप्यूटरों को नया बताकर सप्लाई किए जाने के साक्ष्य मिले हैं. जांच में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें 22 जुलाई 2024 को लगाए गए कंप्यूटरों को 23 सितंबर 2024 के टेंडर में नया उपकरण बताया गया. यानी जिस कंप्यूटर की स्थापना पहले ही हो चुकी थी, उसे करीब दो महीने बाद हुए टेंडर में नए उपकरण के तौर पर पेश किए जाने का आरोप है।

    स्पेसिफिकेशन भी बदले जाने का आरोप
    जांच के दौरान सप्लाई किए गए कंप्यूटरों के तकनीकी मानकों की भी पड़ताल की गई. इसमें निर्धारित स्पेसिफिकेशन और वास्तविक उपकरणों के बीच अंतर मिलने की बात सामने आई है. आरोप है कि कुछ कंप्यूटरों में स्थानीय स्तर पर खरीदे गए SSD और RAM लगाए गए, जो टेंडर में निर्धारित तकनीकी मानकों से मेल नहीं खाते थे।


    मल्टीनेशनल कंपनी के नाम पर फर्जी ऑथराइजेशन

    EOW जांच में एक और अहम बिंदु सामने आया. एक कंपनी ने टेंडर की पात्रता पूरी करने के लिए एक मल्टीनेशनल कंप्यूटर निर्माता कंपनी के नाम से कथित तौर पर ऑथराइजेशन लेटर जमा किया था. EOW के मुताबिक, इस दस्तावेज की सत्यता को लेकर भी जांच में गंभीर सवाल सामने आए हैं।


    UPS की कीमत ने भी चौंकाया

    कंप्यूटरों के अलावा UPS की खरीद में भी कीमत को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है. EOW के अनुसार, जिस UPS की प्रिंटेड कीमत 6,086 रुपए थी, उसे 11,247 रुपए में खरीदा गया। वहीं GeM पर उसी UPS की कीमत करीब 3,754 रुपए बताई गई थी. इतना ही नहीं, एक निर्माता ने EOW को बताया कि टेंडर में जिस मॉडल के UPS का उल्लेख था, उसकी सप्लाई ही नहीं की गई।


    चार लोगों पर FIR, कंपनियों पर कार्रवाई की सिफारिश

    जांच के आधार पर EOW ने मामले में चार लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है. साथ ही कथित अनियमितताओं से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश भी की गई है। अब जांच का बड़ा सवाल यही है कि 10.99 करोड़ रुपए की इस सरकारी खरीद में टेंडर प्रक्रिया किस तरह संचालित हुई, चार कंपनियों के बीच इतना गहरा कनेक्शन कैसे रहा और कथित तौर पर पुराने या अलग स्पेसिफिकेशन वाले उपकरणों की सप्लाई कैसे स्वीकार की गई?

  • MP: जबलपुर के गौरीघाट में इंजन फेल होने से नर्मदा नदी में डूबी होमगार्ड की मोटरबोट, सभी सुरक्षित

    MP: जबलपुर के गौरीघाट में इंजन फेल होने से नर्मदा नदी में डूबी होमगार्ड की मोटरबोट, सभी सुरक्षित


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भारी वर्षा (Heavy rainfall) से जबलपुर स्थित बरगी बांध के 13 जलद्वार खोले जाने से उफनती नर्मदा नदी (Surging Narmada River) के गौरीघाट में शुक्रवार शाम को होमगार्ड की पेट्रोलिंग मोटरबोट (Home Guard patrol motorboat) पलट गई। हादसे के समय मोटर बोट में क्षमता से अधिक बचाव दल के सदस्य सवार थे। नर्मदा में दल के सदस्य मोटरबोट से गश्त कर रहे थे, तभी तेज बहाव के कारण नाव अनियंत्रित होकर बहने लगी।

    कुछ होमगार्ड जवान तैरकर बाहर आए, जबकि बाकी को मौके पर मौजूद स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने अपनी नावों की मदद से सुरक्षित निकाला। पुलिस ने भी बचाव अभियान चलाकर जवानों को निकाला।

    सामने आया है कि मोटरबोट की क्षमता चार से पांच होती है, लेकिन उस पर चालक सहित 12 होमगार्ड जवान सवार थे। जो मोटरबोट पलटी, उसमें बैठने की व्यवस्था नहीं रहती है, फिर भी जवानों को उसमें बैठाकर तेज प्रवाह के बीच ले जाया गया।

    मझधार में इंजन खराब होने की बात सामने आई है। इससे गश्ती बोट की तकनीकी फिटनेस और जांच में लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि चालक को छोड़कर बाकी सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। बताया जा रहा है कि मोटरबोट श्रद्धालुओं की सुरक्षा और घाट पर निगरानी के लिए पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान बोट नदी में डूब गई। चालक की लापरवाही की बात भी कही जा रही है।

    होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने मामले की जांच कराने बात कही है। याद आया बरगी डैम हादसागौरीघाट में नाव पलटने की घटना ने जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे की याद दिला दी।

    30 अप्रैल की शाम बरगी डैम के क्रूज में सवार 32 में नौ लोगों की मौत हो गई थी। लापता लोगों की तीन दिन तक तलाश चलने के बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई थी। शेष को बचा लिया गया था। हादसे की जांच एकल सदस्यीय आयोग कर रहा है।

  • Janmashtami 2026: MP के इंदौर जिले का अनोखा मंदिर…. जहां विराजमान हैं मूछों वाले कृष्ण

    Janmashtami 2026: MP के इंदौर जिले का अनोखा मंदिर…. जहां विराजमान हैं मूछों वाले कृष्ण


    इंदौर।
    देशभर में आज भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) के जन्मोत्सव (Janmashtami 2026) की धूम मची हुई है. सभी मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई है और कान्हा के जन्म की तैयारियां चल रही हैं. लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर जिले (Indore district) के एक ऐसे अनोखे कृष्ण मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत….

    इंदौर जिले के सबसे आखिरी गांव गिरोता में भगवान श्रीकृष्ण का एक ऐसा मंदिर है, जहां कान्हा अपने सामान्य स्वरूप से बिल्कुल अलग मूंछों वाले कृष्ण के रूप में विराजमान हैं. ये मूंछें आन-बान-शान का प्रतीक मानी जाती हैं. मूंछें आत्मसम्मान और मर्यादा का भी प्रतीक मानी जाती हैं. इसी रूप में यहां भगवान श्रीकृष्ण विराजमान हैं. इतना ही नहीं, इस मंदिर को लेकर कई ऐसी मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं, जो इसे बेहद खास बनाती हैं।


    अनोखी प्रतिमा विराजमान

    गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की अनोखी प्रतिमा विराजमान है. भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा में मूंछें हैं. यही वजह है कि यहां कान्हा को ‘मूंछों वाले कृष्ण’ के नाम से जाना जाता है. गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित होने के कारण इस मंदिर को ‘चौराहे वाले बा के मंदिर’ के रूप में भी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।


    मंदिर से जुड़ी मान्यताएं

    इस मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं और कथाएं भी हैं. इसको लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पहले गांव में ज्यादातर घर लकड़ी के बने हुआ करते थे. इसी दौरान एक बार गांव में अचानक भीषण आग लग गई. आग की लपटों ने मंदिर के आसपास बने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मंदिर भी लकड़ी का होने के बावजूद आग से सुरक्षित रहा. बताया जाता है कि जब पुजारी ने आग की लपटों को बढ़ते देखा तो भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हिली. इसके बाद लोगों की आस्था इस मंदिर के प्रति और भी मजबूत हो गई।


    मंदिर की बनावट अलग

    इस मंदिर की बनावट भी इसे दूसरे मंदिरों से अलग दिखती है. मंदिर एक तरह से द्वार के आकार में बना हुआ है. यही वजह है कि गांव के लोग मंदिर के नीचे से होकर गुजरते हैं. स्थानीय मान्यता है कि मंदिर के नीचे से होकर गुजरने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद मिलता है और श्रद्धालुओं के मनोरथ एवं कार्य सिद्ध होते हैं।


    जन्माष्टमी पर आयोजन

    मंदिर के पुजारी का कहना है कि वैसे तो मंदिर में प्रतिदिन पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहता है, लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और एकादशी के मौके पर यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं. जन्माष्टमी पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता है।


    बारिश से जुड़ी मान्यता

    इस मंदिर से जुड़ी एक और बेहद खास मान्यता है. बताया जाता है कि जब आसपास के इलाकों में बारिश नहीं होती और लोग परेशान हो जाते हैं, तब मंदिर में विशेष रूप से डोल सजाया जाता है. श्रद्धालु इस डोल के आसपास कुछ दिनों तक फेरे लगाते हैं और ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ का संकीर्तन करते हैं. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है।

  • MP में फर्जी IAS बनकर रुतबा दिखाने वाली तृप्ति राजपूत का नया वीडियो वायरल, बोलीं-हमारी हरकतें देखकर…

    MP में फर्जी IAS बनकर रुतबा दिखाने वाली तृप्ति राजपूत का नया वीडियो वायरल, बोलीं-हमारी हरकतें देखकर…


    भोपाल। मध्य प्रदेश में फर्जी IAS बनकर रुतबा दिखाने के आरोपों में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़ा एक और वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में है। वायरल वीडियो में तृप्ति अपनी दो सहेलियों के साथ नजर आ रही है। तीनों खुद को IAS अफसर बताते हुए बातचीत और मस्ती करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि वीडियो को विधानसभा परिसर के बाहर का बताया जा रहा था, लेकिन अब इसकी लोकेशन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

    वीडियो में बोली- हमारी हरकतें देखकर कोई नहीं कह सकता कि हम IAS हैं
    वीडियो में तृप्ति सिंह राजपूत कहती सुनाई दे रही है- “हमारी हरकतों को देखकर कोई कल्पना नहीं कर सकता कि हम तीनों IAS अफसर हैं… हां, हम थोड़े बेवकूफ हैं, मगर धीरे-धीरे प्रोग्रेस हो रही है।” इसके बाद उसकी एक सहेली कहती है- “हम दोनों प्रोग्रेस पर हैं, लेकिन यह हमारी सीनियर हैं।” इस पर तृप्ति जवाब देती है- “मैं भी प्रोग्रेस पर हूं, लेकिन मैं इन्हीं की उम्र की हूं।”

    विधानसभा PRO ने परिसर का वीडियो होने से किया इनकार
    वीडियो सामने आने के बाद इसे मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर के बाहर का बताया गया। हालांकि, विधानसभा के PRO महावीर जैन ने वीडियो को मध्यप्रदेश विधानसभा का होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि विधानसभा भवन में इस तरह के लाल पत्थर नहीं लगे हैं। ऐसे में वीडियो विधानसभा परिसर का नहीं माना जा सकता। अब पुलिस वायरल वीडियो में दिखाई दे रही जगह और उसकी वास्तविकता की जांच कर रही है।

    फर्जी IAS बन नौकरी लगवाने का झांसा देने का आरोप
    तृप्ति सिंह राजपूत पर फर्जी IAS बनकर लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देने और कथित तौर पर पैसे लेने के आरोप हैं। चंदेरी पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तृप्ति सिंह और उसके भाई को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान भोपाल स्थित उसके घर से ‘भारत सरकार’ लिखी इनोवा कार, फर्जी दस्तावेज और कथित फर्जी CBI कार्ड सहित कई सामान मिलने की बात सामने आई थी।

    भोपाल में भी धोखाधड़ी की FIR
    तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल में भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की FIR दर्ज है। चंदेरी पुलिस भोपाल पहुंची थी और आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर जांच की गई थी। वहीं, वायरल वीडियो के संबंध में एडिशनल DCP अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि फर्जी IAS को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच चल रही है। वायरल वीडियो को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वीडियो कहां का है और उसमें दिखाई दे रही जगह की वास्तविकता क्या है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP में कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का नहीं रखेगा स्टॉक, आदेश जारी

    MP में कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का नहीं रखेगा स्टॉक, आदेश जारी


    भोपाल।मध्यप्रदेश में कोई भी डीलर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखेगा। साथ ही स्टॉक को 30 दिन से अधिक समय तक भंडारित भी नहीं करेगा। सभी डीलरों द्वारा भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टॉक की घोषणा को नियमित अद्यतन करना अनिवार्य होगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इस संबंध में जरूरी कार्यवाही के निर्देश सभी कलेक्टर को दिये गये हैं।

    सरकारी खाते पर या राज्य सरकार या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी प्राधिकारी द्वारा विशेष रूप से किसी डीलर के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरण के लिये स्टॉक के भंडारण पर यह सीमा लागू नहीं होगी।

    थोक उपभोक्ताओं के लिये स्टॉक रखने की सीमा

    कोई भी थोक उपभोक्ता, जो उत्पादन, उपभोग या उपयोग के लिये कच्चे माल के रूप में किसी भी प्रकार से प्रतिमाह 10 मीट्रिक टन चीनी का उपयोग या उपभोग करता है, वह 15 दिनों से अधिक की अवधि के लिये चीनी का स्टॉक नहीं करेगा। थोक उपभोक्ता से अभिप्राय है हलवाई, मिठाई विक्रेता, शीतल पेय निर्माता, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आदि, जिसने चालू माह को छोड़कर पिछले एक वर्ष के दौरान औसत मासिक खपत के रूप में न्यूनतम 100 मीट्रिक टन का उपयोग किया है।

    राज्य सरकार द्वारा इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

  • MP: भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा….छात्रों ने लगाए नारे, माइक छीनने की कोशिश

    MP: भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा….छात्रों ने लगाए नारे, माइक छीनने की कोशिश


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में सीजेपी (CJP) की बैठक के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब छात्रों और युवाओं का एक समूह बैठक में पहुंच गया. युवकों ने CJP के प्रतिनिधियों (Representatives) से स्कूलों के ऑडिट (School audits) और संगठन की गतिविधियों को लेकर सवाल किए. सवाल-जवाब के दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. इस दौरान माइक छीनने की कोशिश भी की गई. हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस गांधी भवन पहुंची और छात्रों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    दरअसल, शहर के गांधी भवन का यह मामला है. यहां CJP की बैठक के दौरान अचानक हंगामे की स्थिति बन गई. दरअसल, छात्रों और युवाओं का एक समूह बैठक के दौरान अंदर पहुंचा था. इनमें कुछ युवक काली टी-शर्ट पहने हुए थे। युवकों ने CJP के प्रतिनिधियों से स्कूलों के ऑडिट को लेकर सवाल पूछना शुरू किया।

    सवाल-जवाब के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. युवकों ने दिल्ली में हुए पिछले प्रदर्शनों और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। इसी दौरान कुछ युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. ‘यह दिल्ली नहीं, भोपाल है’, ‘कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए गए. मामला बढ़ने पर माइक छीनने की कोशिश भी हुई।

    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल गांधी भवन पहुंचा. पुलिस ने मौके पर मौजूद छात्रों और युवाओं को समझाइश दी. पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बैठक के दौरान युवकों की नारेबाजी और हंगामे का दृश्य दिखाई दे रहा है।

  • MP के 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को कल मिलेंगे 25-25 हजार रुपये

    MP के 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को कल मिलेंगे 25-25 हजार रुपये


    भोपाल। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों का आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि का अंतरण करेंगे। विद्यार्थियों को यह राशि 1 सितंबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर
    , भोपाल में आयोजित लैपटॉप क्रय के लिये राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रदान की जाएगी।

    प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें डिजिटल तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहले ही प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

    प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का संबल

    प्रदेश सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लैपटॉप के माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अपनी शिक्षा को और बेहतर बना सकेंगे।

  • नेपाल में फंसे MP के 7 लोगों में से अनूपपुर की दो बहनें सुरक्षित मिली…. 5 की तलाश जारी

    नेपाल में फंसे MP के 7 लोगों में से अनूपपुर की दो बहनें सुरक्षित मिली…. 5 की तलाश जारी


    भोपाल/विदिशा/अनूपपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के एक परिवार ने राहत की सांस ली जब बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित नेपाल (Nepal floods) में फंसी दो बहनों (Two sisters) का पता चल गया, जबकि राज्य के पांच अन्य परिवार शनिवार को भी अपने प्रियजनों की खबर का बेसब्री और बेचैनी से इंतजार करते रहे. मध्य प्रदेश के कम से कम सात लोग नेपाल में लापता हैं या फंसे हुए हैं, जिनमें अनूपपुर की बहनें पलक और पल्लवी मांझी और रायसेन के भाई विकास और हिमांशु राजपूत शामिल हैं।

    लापता लोगों में टोरंटो में रहने वाली इंजीनियर स्वाति बागरेचा भी शामिल हैं, जो ईशा फाउंडेशन की 77 सदस्यों वाली तीर्थयात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लापता हो गईं. इसके कारण विदिशा में उनके परिवार को लगातार चार दिनों तक बिना जवाब वाले फ़ोन कॉल्स का सामना करना पड़ा।

    अनूपपुर की पलक और पल्लवी मिलीं सुरक्षित, पोखरा में हैं दोनों बहनें
    परिवार ने बताया कि अनूपपुर जिले की रहने वाली और ग्वालियर में पढ़ाई व नौकरी करने वाली बहनें पलक और पल्लवी मांझी छुट्टी मनाने के दौरान इस आपदा में फंस गई थीं और दो दिनों तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया था. कोटमा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रत्नाम्बर शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को परिवार को खबर मिली कि दोनों बहनें पोखरा में सुरक्षित हैं और रविवार को उनके घर लौटने की उम्मीद है।

    रायसेन, देवास और इंदौर के 4 अन्य लोगों का भी सुराग नहीं
    परिवार ने बताया कि पता चलने के बाद उनके पिता ने भी उनसे फोन पर बात की. जहां मांझी परिवार ने उनके सुरक्षित मिलने का जश्न मनाया, वहीं पांच अन्य लापता लोगों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने राज्य की इमरजेंसी हेल्पलाइन से संपर्क किया है। रायसेन में, हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम करने वाले भाई विकास और हिमांशु राजपूत का परिवार उनकी जानकारी का इंतजार करते हुए परेशान रहा।

    देवास के शाहजहां अंसारी और इंदौर के शिबा प्रसाद मुखर्जी के रिश्तेदारों ने भी दिल्ली कंट्रोल रूम से संपर्क किया है, जिसे नेपाल में लापता या फंसे मध्य प्रदेश के लोगों की मदद के लिए बनाया गया था।

    कनाडा की इंजीनियर स्वाति बागरेचा 4 दिन से लापता
    विदिशा में 50 वर्षीय स्वाति बागरेचा का परिवार चार दिनों से बेचैनी और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, क्योंकि उनका मोबाइल फोन बजता तो है लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता. टोरंटो में रहने वाली इंजीनियर स्वाति, 8 अगस्त को ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यों वाले ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दिल्ली से निकली थीं. उनके भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया कि परिवार ने उनसे आखिरी बार 26 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे बात की थी, जब वह इमिग्रेशन की औपचारिकताओं के लिए नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर पहुंच गई थीं।

    उन्होंने बताया, “उनका मोबाइल अभी भी बज रहा है, लेकिन वह हमारी कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं. हम उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं.” परिवार के अनुसार, उनकी 14 साल की बेटी अनुष्का मुंबई में अपनी बड़ी बहन के साथ रुकी हुई थी। प्रशांत ने बताया कि लोकेशन लॉग से पता चला कि स्वाति का मोबाइल फोन चीनी बॉर्डर के पास कहीं एक्टिव था, लेकिन उसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था क्योंकि नंबर टोरंटो में रजिस्टर्ड था. उन्होंने कहा कि परिवार ने नेपाल में कनाडाई और भारतीय दूतावासों से संपर्क किया है और उन्हें खोजने में मदद मांगी है।

    परिवार ने बताया कि स्थानीय विधायक मुकेश टंडन के दखल के बाद, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी परिवार से बात की और स्वाति को खोजने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए।

    26 अगस्त को नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अचानक बाढ़ आ गई थी; बाढ़ का पानी बाद में त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों में बह गया और निचले इलाकों को प्रभावित किया। जो परिवार अभी भी इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए बिना जवाब वाली हर कॉल ने डर और इस उम्मीद को और गहरा कर दिया है कि उनके अपने सुरक्षित हैं और जल्द ही घर लौट आएंगे।