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  • महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि को फिर मिली जान से मारने की धमकी, पत्र में लिखा- ‘अब तेरी बारी’

    महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि को फिर मिली जान से मारने की धमकी, पत्र में लिखा- ‘अब तेरी बारी’

    उज्जैन उज्जैन में स्थित गंगाघाट श्री मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर एवं निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। धमकी एक पत्र के माध्यम से दी गई है, जिसमें उनके खिलाफ गंभीर और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी गई है। पत्र मिलने के बाद धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में चिंता का माहौल है, वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार यह पत्र सोमवार को गंगाघाट स्थित मौन तीर्थ पीठ पहुंचा था। मंगलवार को जब आश्रम में लिफाफा खोला गया तो उसके भीतर हाथ से लिखा हुआ एक पत्र मिला। पत्र में महामंडलेश्वर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। पत्र में यह भी दावा किया गया कि उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। पत्र में कुछ राजनीतिक नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए यह भी लिखा गया कि कोई उन्हें बचा नहीं पाएगा।

    बताया जा रहा है कि यह पत्र उत्तर प्रदेश के महू क्षेत्र से भेजा गया है। पत्र में धार्मिक भावनाओं से जुड़े आरोप लगाते हुए धमकी भरे शब्द लिखे गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी और सुरक्षा की मांग भी उठाई।

    महामंडलेश्वर ने बताया कि यह पहला अवसर नहीं है जब उन्हें इस प्रकार की धमकी मिली हो। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और धार्मिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्यों के कारण उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनका दावा है कि इससे पहले भी उन पर उज्जैन और बड़ौदा में हमले हो चुके हैं। बावजूद इसके अब तक उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

    गौरतलब है कि वर्ष 2023 और 2025 में भी उन्हें इसी प्रकार के धमकी भरे पत्र प्राप्त हुए थे। वर्ष 2025 में प्रयागराज से भेजे गए एक पत्र में भी उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। वहीं 2023 में अखाड़ा परिषद की बैठक के दौरान भी एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा धमकी भरा पत्र भेजा गया था। लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

    डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज का आश्रम पिछले कुछ वर्षों में कई धार्मिक अनुष्ठानों और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों के कारण चर्चा में रहा है। आश्रम में विभिन्न समुदायों से जुड़े कुछ लोगों द्वारा सनातन धर्म अपनाने और वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह करने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इन्हीं गतिविधियों को लेकर समय-समय पर विवाद और विरोध भी देखने को मिला है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पत्र किसने भेजा, उसका उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कोई संगठित साजिश है या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्र की लिखावट, डाक संबंधी जानकारी और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा सकती है।

    इस घटना के बाद धार्मिक संगठनों और संत समाज में भी चिंता व्यक्त की जा रही है। सभी की नजरें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही धमकी भेजने वाले व्यक्ति की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सोमवती अमावस्या पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिप्रा तट पर कुंभ जैसा नजारा

    सोमवती अमावस्या पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिप्रा तट पर कुंभ जैसा नजारा


    मध्यप्रदेश । धर्मनगरी उज्जैन में सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अधिकमास के अंतिम दिन पड़े इस विशेष पर्व ने धार्मिक महत्व को और बढ़ा दिया, जिसके चलते तड़के से ही श्रद्धालुओं का सैलाब शिप्रा नदी के घाटों पर उमड़ पड़ा। Ram Ghat, दत्त अखाड़ा घाट और सोमकुंड पर सुबह से ही स्नान, पूजन और दान-पुण्य का क्रम शुरू हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को कुंभ मेले जैसी भव्यता प्रदान कर दी।

    श्रद्धालुओं ने पवित्र शिप्रा नदी में स्नान कर अपने आराध्य देवों की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान, मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ का वातावरण दिनभर बना रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाया।

    धर्माचार्यों के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या का महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि यह अधिकमास के अंतिम दिन पड़ रही है। धार्मिक मान्यता है कि जब अमावस्या सोमवार के दिन आती है तो उसका पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ही अमृत सिद्धि योग और अन्य शुभ संयोगों ने इस दिन को और भी विशेष बना दिया है।

    धार्मिक विद्वानों के अनुसार इस दिन किए गए स्नान, जप, तप, दान और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए धार्मिक कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    सोमवती अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना से तर्पण और श्राद्ध कर्म भी किए। शिप्रा तट पर सुबह से ही पंडितों और श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितरों के निमित्त किए गए तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

    उधर, Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple सहित उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने परिवार और देश की खुशहाली की कामना की। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए थे।

    ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार दोपहर सूर्य का वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश भी एक विशेष परिवर्तन माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रह-नक्षत्रों के इस परिवर्तन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।

    धर्माचार्यों का कहना है कि अधिकमास में यदि कोई व्यक्ति दान-पुण्य, व्रत या विशेष धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाया हो तो सोमवती अमावस्या उसके लिए विशेष अवसर लेकर आती है। इस दिन श्रद्धा भाव से किए गए दान और सेवा कार्यों को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इसी कारण श्रद्धालुओं ने अन्नदान, वस्त्रदान और अन्य धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

    पूरे दिन उज्जैन की धार्मिक गलियों, मंदिरों और घाटों पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। शिप्रा तट पर उमड़ी भीड़ और भक्तिभाव से सराबोर वातावरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उज्जैन केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।

  • महाकाल की शरण में पहुंचे नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद महेश केवट, बोले- जीत बाबा के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम

    महाकाल की शरण में पहुंचे नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद महेश केवट, बोले- जीत बाबा के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम


    मध्यप्रदेश । नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद Mahesh Kevat सोमवार को उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में बाबा महाकाल के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद पहली बार महाकाल मंदिर पहुंचे केवट ने इसे अपने लिए आध्यात्मिक और भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    मंदिर पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दर्शन के दौरान महेश केवट ने नंदी हॉल में बैठकर ध्यान लगाया और परंपरा के अनुसार नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की।

    दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए महेश केवट ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा की सफलता को बाबा महाकाल का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के तीनों प्रत्याशियों की जीत संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मजबूत बनाने का कार्य किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम चुनावों में देखने को मिला।

    इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। केवट ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होना भाजपा की किसी रणनीति का परिणाम नहीं था, बल्कि कांग्रेस की अपनी प्रक्रियागत कमियों और लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार भ्रम और झूठ की राजनीति कर रही है तथा जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

    महेश केवट ने कहा कि न्यायिक और संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपनी आंतरिक कमजोरियों पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, बजाय इसके कि वह हर मुद्दे पर दूसरे दलों को जिम्मेदार ठहराए।

    लोकसभा चुनावों को लेकर भी उन्होंने भाजपा की जीत का भरोसा जताया। केवट ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है और आने वाले चुनावों में भी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता विकास, सुशासन और स्थिर नेतृत्व के पक्ष में खड़ी है।

    राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए महेश केवट ने कहा कि वे प्रदेश के विकास, गरीबों, किसानों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के हितों से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और मध्य प्रदेश के विकास को नई गति देने के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

    महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने देशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और प्रदेश निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ता रहे।

  • महाकाल मंदिर में भस्म आरती पासों की कथित दलाली पर बवाल, युवा कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

    महाकाल मंदिर में भस्म आरती पासों की कथित दलाली पर बवाल, युवा कांग्रेस ने किया प्रदर्शन


    मध्यप्रदेश । उज्जैन स्थित Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में भस्म आरती के वीआईपी और प्रोटोकॉल पासों की कथित दलाली को लेकर सोमवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए भस्म आरती की प्रोटोकॉल अनुमति व्यवस्था पर सवाल उठाए। संगठन ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं को मिलने वाले प्रवेश पासों की कथित रूप से खरीद-फरोख्त की जा रही है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

    प्रदर्शन का नेतृत्व महिदपुर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह डोडिया ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भस्म आरती के प्रवेश पास 2 से 3 हजार रुपए या उससे अधिक राशि में बेचे जा रहे हैं। उनका दावा है कि जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले प्रोटोकॉल पासों का दुरुपयोग कर उन्हें अन्य लोगों को बेचा जा रहा है। डोडिया ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं को निर्धारित शुल्क से कहीं अधिक राशि लेकर अनुमति दिलाने का लालच दिया जाता है, जिससे धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रोटोकॉल पास जारी किए जाते हैं और इसी व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन ने मांग की कि पूरे सिस्टम की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

    प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कलेक्टर सरिता लाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में मीडिया में सामने आई खबरों और शिकायतों के आधार पर जांच की मांग की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

    युवा कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वीआईपी और प्रोटोकॉल कोटे की संपूर्ण जांच, पासों की कथित खरीद-फरोख्त में शामिल एजेंटों और बिचौलियों की पहचान, दोषियों के खिलाफ एफआईआर, तथा पास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की मांग शामिल है। संगठन ने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में जारी विशेष श्रेणी के सभी पासों का ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

    ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि किसी जनप्रतिनिधि या प्रभावशाली व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र और शिकायत हेल्पलाइन शुरू करने की भी मांग की गई है।

    युवा कांग्रेस ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन का कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर जांच शुरू नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो महाकाल मंदिर के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

    गौरतलब है कि हाल के महीनों में भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर कथित ठगी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुछ मामलों में श्रद्धालुओं से पैसे लेने के आरोप में व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों से आए श्रद्धालुओं द्वारा शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। पुलिस ने उन मामलों में शिकायत के आधार पर जांच और कार्रवाई की थी। हालांकि प्रोटोकॉल पास व्यवस्था में किसी व्यापक अनियमितता के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और संबंधित मामलों की जांच अलग-अलग स्तर पर जारी है।

  • उज्जैन में आवारा कुत्ते का खौफनाक हमला, 3 साल की मासूम का चेहरा बुरी तरह नोचा; 55 टांके लगे

    उज्जैन में आवारा कुत्ते का खौफनाक हमला, 3 साल की मासूम का चेहरा बुरी तरह नोचा; 55 टांके लगे


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील के देलवाड़ी गांव में आवारा कुत्ते के हमले ने एक परिवार की खुशियां पलभर में चिंता में बदल दीं। घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची पर अचानक एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। हमले में बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है।

    परिजनों के अनुसार, माही (3) पिता कालू सिंह शनिवार सुबह घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव में घूम रहे एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि कुत्ते ने बच्ची के चेहरे को निशाना बनाते हुए आंख के नीचे, नाक, गाल, होंठ और मुंह के आसपास कई जगह काट लिया। हमले के दौरान बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया।

    हमले के बाद बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची के चेहरे की त्वचा कई जगह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और लगातार खून बह रहा था। घाव इतने गहरे थे कि उपचार के दौरान डॉक्टरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार चेहरे, आंख, नाक, होंठ और कान के आसपास गंभीर जख्म पाए गए। प्राथमिक उपचार के दौरान एंटी रेबीज वैक्सीन भी लगाई गई। डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे उच्च स्तरीय उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया।

    डॉक्टरों ने बताया कि हमले में बच्ची की आंख के पास भी गंभीर चोट आई है। इसी कारण नेत्र रोग विशेषज्ञ को बुलाकर विशेष जांच कराई गई। चिकित्सकों के अनुसार आंख के आसपास गहरा घाव होने के कारण दृष्टि प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि डॉक्टरों ने सर्जरी कर आंख को सुरक्षित रखने का प्रयास किया है।

    अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक निश्चेतना विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर बच्ची का उपचार किया। चेहरे पर आए गहरे घावों को भरने और अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के लिए करीब 55 टांके लगाए गए। डॉक्टरों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जितना उपचार संभव था, वह कर दिया गया है। अब आगे की सर्जरी और विशेषज्ञ इलाज इंदौर में किया जाएगा।

    इस घटना के बाद गांव में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और कई बार लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं और कुत्तों की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    फिलहाल बच्ची का इलाज इंदौर में जारी है और परिजन उसकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। डॉक्टर लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

  • सोमवार की भस्म आरती में जटाधारी स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, वैष्णव तिलक और दिव्य आभूषणों से हुआ राजाधिराज श्रृंगार

    सोमवार की भस्म आरती में जटाधारी स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, वैष्णव तिलक और दिव्य आभूषणों से हुआ राजाधिराज श्रृंगार


    मध्यप्रदेश । धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। प्रातः चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का विधि-विधान से पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर तथा विभिन्न फलों के रस से निर्मित पंचामृत अर्पित कर विशेष अभिषेक संपन्न हुआ।

    भस्म आरती की शुरुआत मंदिर परंपरा के अनुसार प्रथम घंटाल बजाने के साथ हुई। मंत्रोच्चार और वैदिक विधानों के बीच भगवान महाकाल का ध्यान कर उन्हें हरिओम जल अर्पित किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और बाबा महाकाल के मस्तक पर भांग, चंदन तथा त्रिपुंड अर्पित कर उनका दिव्य श्रृंगार आरंभ हुआ।

    सोमवार के विशेष अवसर पर भगवान महाकाल को जटाधारी स्वरूप में सजाया गया। उनके मस्तक पर चंदन और वैष्णव तिलक लगाया गया तथा उन्हें राजाधिराज स्वरूप में अलंकृत किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव का यह स्वरूप वैराग्य, शक्ति और लोककल्याण का प्रतीक माना जाता है। श्रृंगार के दौरान विविध आभूषणों और पूजन सामग्रियों का उपयोग कर बाबा महाकाल की अलौकिक छवि प्रस्तुत की गई।

    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। Maha Nirvani Akhada की ओर से परंपरानुसार भगवान महाकाल को भस्म समर्पित की गई। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं और यही भस्म आरती की सबसे विशेष और दिव्य परंपरा मानी जाती है।

    भस्म अर्पण के उपरांत भगवान महाकाल को शेषनाग स्वरूप रजत मुकुट, रजत मुंडमाला और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराई गईं। इसके साथ ही सुगंधित पुष्पों से निर्मित विशेष हार अर्पित किए गए। मोगरा और गुलाब के पुष्पों से सुसज्जित बाबा महाकाल का मनोहारी स्वरूप भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रृंगार के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया तथा आरती के माध्यम से समस्त श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

    भस्म आरती में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए। मंदिर परिसर पूरे समय हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंजता रहा। धार्मिक मान्यता है कि भोर बेला में बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

  • उज्जैन में शुरू हुआ मध्यप्रदेश का पहला साइंस सेंटर: एक महीने तक फ्री एंट्री, विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया से रूबरू हो रहे बच्चे

    उज्जैन में शुरू हुआ मध्यप्रदेश का पहला साइंस सेंटर: एक महीने तक फ्री एंट्री, विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया से रूबरू हो रहे बच्चे


    मध्यप्रदेश । धार्मिक और खगोलीय नगरी के रूप में पहचान रखने वाले उज्जैन को अब विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी एक नई पहचान मिली है। शहर में मध्यप्रदेश का पहला अत्याधुनिक साइंस सेंटर शुरू हो गया है, जो बच्चों, युवाओं, शोधार्थियों और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का अनूठा केंद्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अप्रैल माह में इस साइंस सेंटर का लोकार्पण किया था। अब इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है और विशेष बात यह है कि पहले एक महीने तक यहां प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।

    उज्जैन की समृद्ध खगोलीय परंपरा को ध्यान में रखते हुए साइंस सेंटर में एक अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी गैलरी विकसित की गई है। इस गैलरी में ग्रहों, तारों, आकाशगंगाओं, ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी जानकारियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक और आकर्षक मॉडलों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यहां आने वाले लोग न केवल अंतरिक्ष के रहस्यों को समझ रहे हैं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक विरासत और तकनीकी उपलब्धियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

    साइंस सेंटर की सबसे खास विशेषताओं में से एक इसकी साइंस फन गैलरी है। यहां लगाए गए इंटरएक्टिव मॉडल बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान के सिद्धांत समझने का अवसर देते हैं। गुरुत्वाकर्षण, ऊर्जा, गति, प्रकाश, ध्वनि और संतुलन जैसे विषयों को प्रयोगात्मक तरीके से समझाया गया है। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि बढ़ रही है।

    सेंटर परिसर में विकसित साइंस पार्क भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। खुले वातावरण में स्थापित वैज्ञानिक उपकरण और मॉडल बच्चों को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर देते हैं। यहां छात्र किताबों में पढ़े गए सिद्धांतों को वास्तविक रूप में देखकर समझ सकते हैं, जिससे उनकी अवधारणाएं और अधिक मजबूत होती हैं।

    साइंस सेंटर का आधुनिक प्लेनेटेरियम भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। अत्याधुनिक 3D-4K तकनीक से लैस यह प्लेनेटेरियम दर्शकों को अंतरिक्ष की रोमांचक यात्रा पर ले जाता है। यहां प्रदर्शित होने वाली फिल्में जैसे Voyager: The Never Ending Journey और Dawn of the Space Age अंतरिक्ष अनुसंधान, ग्रहों की दुनिया और मानव अंतरिक्ष अभियानों की रोचक जानकारी प्रदान करती हैं।

    साइंस सेंटर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। एक महीने की निशुल्क अवधि के बाद भी यहां आने वाले लोगों के लिए प्रवेश शुल्क किफायती रखा गया है। प्लेनेटेरियम शो के लिए सामान्य नागरिकों से 50 रुपए शुल्क लिया जाएगा, जबकि विद्यार्थियों को रियायती दरों पर सुविधा उपलब्ध होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह साइंस सेंटर प्रदेश में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। आने वाले समय में यह केंद्र विज्ञान शिक्षा, शोध और जागरूकता का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

  • MP: उज्जैन में महाकाल की सवारी से पहले हाई वॉल्टेज ड्रामा, हाथी' के ब्लड सैंपल देने से महावत का इनकार

    MP: उज्जैन में महाकाल की सवारी से पहले हाई वॉल्टेज ड्रामा, हाथी' के ब्लड सैंपल देने से महावत का इनकार


    उज्जैन।
    साल 2016 से बाबा महाकाल (Baba Mahakal) की सवारी में सेवा देने वाले हाथी को लेकर उज्जैन (Ujjain) में हाई वॉल्टेज ड्रामा (High-voltage drama) देखने को मिला. दरअसल डॉक्टर्स की एक टीम श्यामू हाथी (Shyamu Elephant) की जांच के लिए महावत के निवास पहुंची थी. टीम का मानना था कि श्यामू अब सवारी के लिए अनफिट है, लेकिन महावत का कहना था कि एक साजिश के तहत उसके हाथी को न सिर्फ सवारी से दूर किया जा रहा है, बल्कि उसे ‘वनतारा’ जू भेजने की तैयारी की जा रही है. महावत का कहना था कि उनका हाथी पूरी तरह से फिट है. उज्जैन का ये मामला गुरूवार को पूरे दिन सुर्खियों में रहा.

    दरअसल, डेढ़ माह बाद 30 जुलाई से पवित्र श्रावण मास शुरू होने वाला है, जिसमें विश्व विख्यात महाकाल बाबा की सवारी निकाली जाएगी. इस सवारी में हर वर्ष की तरह श्यामू हाथी भी शामिल होगा। हाथी मालिक के अनुसार, 2016 से 2025 तक हर सवारी में श्यामू शामिल रहा है और आगे भी चलेगा. लेकिन अब उसे अनफिट बताया जा रहा है।

    गुरुवार को पन्ना टाइगर रिजर्व के डॉ. संजय गुप्ता, इंदौर जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव और उज्जैन के पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन इंदौर रोड स्थित सांईधाम कॉलोनी पहुंचे. चिकित्सकों को हाथी के स्वास्थ्य की जांच के लिए ब्लड सैंपल लेना था, मगर महावत और उसके परिवार वाले इस बात के लिए तैयार नहीं थे.


    मालिक का बड़ा आरोप

    महावत का कहना था कि हाथी पूरी तरह से फिट है, एक साजिश के तहत उसे बीते 9 महीने से परेशान किया जा रहा है. ये लोग हाथी को अनफिट बताकर उसे वनतारा जू भेजने की तैयारी में लगे हैं, इस बात से वे बहुत परेशान हैं। हाथी की जांच को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक कहासुनी होती रही. अंत में डॉक्टर्स की टीम को पीछे हटना पड़ा. बाद में समझाइश पर महावत परिवार ने हाथी का मल-मूत्र डाक्टर्स को सौंपा, जिसके आधार पर टीम इस बात का पता लगाएगी कि श्यामू हाथी कितना फिट है.

    वैसे डाक्टर्स का कहना था कि हाथी के पैर अंदर की तरफ मुड़ने लगे हैं, जिससे वह ज्यादा चलने योग्य नहीं है, हो सकता है कहीं पर जानवर गिर जाए और हादसे की नौबत आ जाए. श्यामू हाथी को लेकर सिंतबर 2025 से विवाद चला आ रहा है. हालांकि, महाकाल मंदिर प्रशासन ने अभी तक ये स्पष्ट नहीं किया है कि सवारी में श्यामू शामिल होगा या नहीं।

    बता दें कि महाकाल सवारी के दौरान हाथी की पीठ पर बाबा महाकाल का एक विग्रह बैठाया जाता है, जिसे संभालने के लिए महावत के अलावा एक या दो पंडित भी हाथी पर सवार रहते हैं. भारी भीड़ के बीच हाथी भी पांच से छह किलामीटर का सफर तय करता है।

  • उज्जैन में मंदिर की दान पेटी पर चोरों का हाथ साफ: तीन साल से जमा राशि चोरी, जीर्णोद्धार के लिए रखे गए थे पैसे

    उज्जैन में मंदिर की दान पेटी पर चोरों का हाथ साफ: तीन साल से जमा राशि चोरी, जीर्णोद्धार के लिए रखे गए थे पैसे


    मध्य प्रदेश। धार्मिक नगरी उज्जैन में एक बार फिर चोरी की घटना ने लोगों को चिंतित कर दिया है। इस बार चोरों ने आस्था के केंद्र को निशाना बनाते हुए एक मंदिर की दान पेटी से नकदी चोरी कर ली। घटना चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र स्थित राज रॉयल एनक्लेव कॉलोनी के हिमानेश्वर महादेव मंदिर की है, जहां अज्ञात बदमाश दान पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी राशि लेकर फरार हो गए।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात बदमाश मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटी को निशाना बनाया। शुक्रवार सुबह जब कॉलोनी के निवासी नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने दान पेटी का टूटा हुआ ताला और मंदिर परिसर में बिखरा सामान देखा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही चिमनगंज मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    स्थानीय निवासी युवराज सिंह पवार ने बताया कि मंदिर की दान पेटी पिछले लगभग तीन वर्षों से नहीं खोली गई थी। उनका कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य के लिए दान राशि एकत्रित की जा रही थी। चूंकि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए दान पेटी को बंद रखा गया था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि उसमें पर्याप्त मात्रा में नकदी जमा हो चुकी थी।

    हालांकि दान पेटी में कितनी राशि मौजूद थी, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। पुलिस और मंदिर प्रबंधन इस संबंध में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। जांच के दौरान दान पेटी की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चोरी की गई रकम का अनुमान लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    घटना के बाद कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। रहवासियों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थल को निशाना बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

  • उज्जैन में नाली विवाद ने ली युवक की जान: खेत पर मारपीट के बाद मौत, परिजनों ने पड़ोसियों पर लगाया हत्या का आरोप

    उज्जैन में नाली विवाद ने ली युवक की जान: खेत पर मारपीट के बाद मौत, परिजनों ने पड़ोसियों पर लगाया हत्या का आरोप


    मध्य प्रदेश। उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बलेडी गांव में नाली विवाद को लेकर दो पड़ोसी पक्षों के बीच चल रहा तनाव एक युवक की मौत के साथ गंभीर घटना में बदल गया। मारपीट में घायल हुए 26 वर्षीय राहुल पिता कालू सिंह चौहान की उपचार से पहले ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    मृतक के परिजनों का आरोप है कि परिवार और पड़ोसी पक्ष के बीच लंबे समय से नाली को लेकर विवाद चला आ रहा था। इस विवाद को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झगड़े की घटनाएं हुई थीं, जिनकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। परिजनों का दावा है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते राहुल को निशाना बनाया गया।

    मृतक के भाई शिवाय चौहान के अनुसार घटना देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच की है। उनका कहना है कि राहुल अपने खेत पर मौजूद था, तभी पड़ोसी पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान राहुल को गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। परिवार ने भूरालाल, रोहित तथा अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।

    घटना की जानकारी मिलते ही इंगोरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

    इंगोरिया थाने के सब इंस्पेक्टर राजन तोमर ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना में राहुल चौहान गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों और चोटों की प्रकृति के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

    पुलिस के अनुसार मामले में कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी कर रही है। वहीं परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।

    गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसके आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाती हैं। इस मामले में भी पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मौत और आरोपों से जुड़े तथ्यों की अंतिम स्थिति सामने आएगी।