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  • मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर उज्जैन में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, चुनाव आयोग का पुतला जलाने पर पुलिस से हुई नोकझोंक

    मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर उज्जैन में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, चुनाव आयोग का पुतला जलाने पर पुलिस से हुई नोकझोंक


    मध्य प्रदेश। उज्जैन में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में गुरुवार शाम युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के टावर चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई और प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन कर विरोध जताया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बन गई।

    जानकारी के अनुसार युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अर्पित यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शाम करीब सात बजे टावर चौक पर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए तथा नामांकन निरस्तीकरण के फैसले पर नाराजगी व्यक्त की। विरोध प्रदर्शन के तहत कार्यकर्ताओं ने टावर चौक क्षेत्र में रैली निकालते हुए दो चक्कर लगाए और इसके बाद पुतला दहन की तैयारी की।

    मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही प्रदर्शनकारी पुतले को दहन के लिए आगे बढ़ाने लगे, पुलिस ने उसे रोकने और अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच पुतला छीनने को लेकर छीना-झपटी की स्थिति बन गई।

    बताया गया कि पुलिस पुतले का एक हिस्सा अपने कब्जे में लेने में सफल रही, लेकिन उससे पहले पुतला आंशिक रूप से जल चुका था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के एक अधिकारी की तस्वीर लगे कागज को प्रतीकात्मक रूप से जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। घटना के दौरान कुछ समय के लिए टावर चौक पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी बनी रही, हालांकि पुलिस ने हालात को नियंत्रित कर लिया।

    युवा कांग्रेस अध्यक्ष अर्पित यादव ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। उनका दावा है कि कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन को निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतंत्र और संवैधानिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

    हालांकि नामांकन निरस्तीकरण को लेकर अंतिम निर्णय और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की प्रक्रिया अलग से जारी है। मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, लेकिन इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

  • उज्जैन में मटन दुकानों को लेकर फिर गरमाई राजनीति: हिंदू संगठनों ने महापौर को दी चुनौती, बोले- हटीं दुकानें तो दूध से कराएंगे स्नान

    उज्जैन में मटन दुकानों को लेकर फिर गरमाई राजनीति: हिंदू संगठनों ने महापौर को दी चुनौती, बोले- हटीं दुकानें तो दूध से कराएंगे स्नान


    मध्य प्रदेश। उज्जैन में मांस-मटन और मछली की दुकानों को नगर निगम सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। धार्मिक नगरी के स्वरूप और महाकाल मंदिर क्षेत्र की गरिमा का हवाला देते हुए लंबे समय से इस मांग को उठाया जा रहा है। हाल ही में इस विषय ने तब नया मोड़ ले लिया जब नगर निगम की एमआईसी बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जबकि पहले इसके लिए घोषणा की जा चुकी थी।

    दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद उज्जैन नगर निगम सीमा से शराब की दुकानों को बाहर किए जाने की कार्रवाई पहले ही हो चुकी है। इसके बाद विभिन्न सामाजिक और हिंदू संगठनों की ओर से शहर में संचालित मांस-मटन और मछली की दुकानों को भी नगर सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की मांग लगातार उठाई जा रही है। इसी क्रम में उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल ने कुछ समय पहले घोषणा की थी कि इस विषय पर एमआईसी बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।

    शहर में यह माना जा रहा था कि प्रस्ताव पारित होने के बाद दुकानों को नगर निगम सीमा से बाहर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि हाल ही में आयोजित एमआईसी बैठक में यह प्रस्ताव प्रस्तुत ही नहीं किया गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि प्रस्ताव नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा को भेजा गया था, लेकिन बैठक के एजेंडे में इसे शामिल नहीं किया गया। इसके कारण इस विषय पर कोई निर्णय नहीं हो सका।

    एमआईसी बैठक में प्रस्ताव नहीं आने के बाद हिंदू जागरण मंच समेत कई हिंदूवादी संगठनों ने नाराजगी व्यक्त की है। संगठन के पदाधिकारियों अर्जुन भदौरिया और रितेश माहेश्वरी ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी शहर में मटन दुकानों को हटाने के दावे किए गए थे, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले भी नगर निगम परिषद में इस मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया गया था और महाकाल मंदिर मार्ग से मांस की दुकानों को हटाने की बात कही गई थी, लेकिन स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।

    अर्जुन भदौरिया ने दावा किया कि उन्हें इस बार भी दुकानों के स्थानांतरण को लेकर भरोसा नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि महापौर अपने दावे के अनुरूप शहर से मांस-मटन की दुकानों को हटाने में सफल होते हैं तो हिंदूवादी संगठन उनका दूध से स्नान कर सम्मान करेंगे। यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

    जानकारी के अनुसार महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग और उससे जुड़े कई प्रमुख क्षेत्रों में वर्तमान में मांस-मटन की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें हरिफाटक, बेगमबाग, मालीपुरा, तोपखाना, सब्जी मंडी, छत्री चौक, पटनी बाजार, महाकाल मार्ग, तेलीवाड़ा और खारकुआं जैसे इलाके शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि पूरे शहर में 150 से अधिक मांस, मटन और मछली की दुकानें संचालित हो रही हैं।

    फिलहाल इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है, लेकिन प्रस्ताव को लेकर शुरू हुआ विवाद यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में उज्जैन की स्थानीय राजनीति में यह मुद्दा और अधिक प्रमुखता से उभर सकता है।

  • महाकाल की सवारी के हाथी श्यामू पर विवाद गहराया, ब्लड टेस्ट रोका गया: मालिक ने जांच टीम का किया विरोध, डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता

    महाकाल की सवारी के हाथी श्यामू पर विवाद गहराया, ब्लड टेस्ट रोका गया: मालिक ने जांच टीम का किया विरोध, डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता


    मध्‍य प्रदेश । उज्जैन में भगवान महाकाल की भव्य सवारी में वर्षों से शामिल रहे हाथी श्यामू को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को पन्ना टाइगर रिजर्व, इंदौर और उज्जैन की संयुक्त पशु चिकित्सकीय टीम हाथी के स्वास्थ्य परीक्षण और ब्लड सैंपल लेने के लिए पहुंची थी, लेकिन हाथी के मालिक और परिजनों के विरोध के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। इस दौरान काफी देर तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद टीम को बिना ब्लड सैंपल लिए ही वापस लौटना पड़ा और केवल मल एवं मूत्र के नमूने एकत्र किए गए।

    जानकारी के अनुसार, यह टीम इंदौर चिड़ियाघर प्रभारी उत्तम यादव, उज्जैन के पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन और पन्ना टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता के नेतृत्व में साईनाथ कॉलोनी स्थित हाथी श्यामू के स्थान पर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य हाथी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का वैज्ञानिक परीक्षण करना था, लेकिन जैसे ही ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की गई, हाथी के मालिक सरमन गिरी और उनके परिवार ने इसका विरोध कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि लंबे समय तक बहस और असहमति की स्थिति बनी रही, जिसके चलते टीम को बिना रक्त नमूना लिए लौटना पड़ा।

    पशु चिकित्सकों के अनुसार हाथी श्यामू की हालत सामान्य नहीं है। डॉक्टरों ने बताया कि हाथी के पैरों में गंभीर समस्या देखी गई है और उसके पैर धीरे-धीरे मुड़ने लगे हैं, जिससे उसकी चलने की क्षमता प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में हाथी कभी भी गिर सकता है, जो उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि सही स्थिति जानने के लिए ब्लड टेस्ट बेहद जरूरी है, लेकिन मालिक के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका।

    वहीं दूसरी ओर हाथी के मालिक सरमन गिरी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है और वर्षों से महाकाल की सवारी में नियमित रूप से शामिल होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हाथी वास्तव में बीमार होता तो वह 2016 से लगातार सवारी का हिस्सा नहीं बन पाता। सरमन गिरी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग हाथी को यहां से हटाकर वनतारा या किसी अन्य संस्थान में भेजना चाहते हैं, इसलिए उसे जानबूझकर बीमार बताया जा रहा है।

    मालिक ने यह भी दावा किया कि हाथी के सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और वह 2006 से उसके स्वामी हैं। उन्होंने जांच टीम पर अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप लगाया और ब्लड सैंपल लेने का विरोध किया। इसी बीच मौके पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा और जांच प्रक्रिया अधूरी रह गई।

    गौरतलब है कि हाथी श्यामू के स्वास्थ्य को लेकर सितंबर 2025 से विवाद लगातार जारी है। इससे पहले भी वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम कई बार उसकी जांच और स्थानांतरण के प्रयास कर चुकी है, लेकिन हर बार मालिक के विरोध के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

    फिलहाल, अब सभी की नजर मल और मूत्र के सैंपल की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाथी श्यामू वास्तव में किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या नहीं। यह मामला अब धार्मिक आस्था और पशु स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच बहस का बड़ा विषय बन गया है।

  • उज्जैन में ‘पति-पत्नी और वो’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: रेस्टोरेंट में महिला मित्र के साथ दिखते ही जमकर मारपीट, वीडियो वायरल

    उज्जैन में ‘पति-पत्नी और वो’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: रेस्टोरेंट में महिला मित्र के साथ दिखते ही जमकर मारपीट, वीडियो वायरल


    मध्‍य प्रदेश । उज्जैन शहर में बुधवार शाम एक पारिवारिक विवाद ने अचानक सड़क पर बवाल का रूप ले लिया, जब पति, पत्नी और ‘वो’ के बीच हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा लोगों की भीड़ के सामने हिंसक झड़प में बदल गया। घटना कोयला फाटक क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मधुर तिवारी अपनी महिला सहकर्मी के साथ एक रेस्टोरेंट में पहुंचे थे।

    जानकारी के अनुसार, इसी दौरान उनकी पत्नी वंदना, साली अतिप्रिया, ससुर और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि महिला मित्र के साथ पति को देखकर परिवार भड़क गया और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इस दौरान सड़क पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पत्नी, साली और अन्य परिजन पति मधुर तिवारी और उनकी महिला सहकर्मी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। दोनों खुद को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन भीड़ के बीच मामला और बढ़ जाता है।

    पत्नी पक्ष का आरोप है कि पति का उनकी महिला सहकर्मी के साथ अवैध संबंध है और दोनों लंबे समय से संपर्क में थे। साली अतिप्रिया ने दावा किया कि दोनों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद यह विवाद हुआ। वहीं पत्नी वंदना ने आरोप लगाया कि पति और महिला सहकर्मी लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं।

    दूसरी ओर, पति मधुर तिवारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार पहले से ही विवादों में है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी, साली और ससुर के हस्तक्षेप के कारण उनका वैवाहिक जीवन टूट चुका है। मधुर ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान उनकी महिला सहकर्मी के साथ मारपीट की गई और उनका पीछा किया गया।

    मधुर ने आगे आरोप लगाया कि उनके घर से सोना गायब है, जिसमें ससुर का हाथ होने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मारपीट के दौरान उनकी महिला सहकर्मी की गाड़ी की चाबी भी निकाल ली गई और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया।

    फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस के सामने भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। घटना से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

  • उज्जैन के ईदगाह क्षेत्र में वाहनों पर फिर हमला, एक रात में 6 कारों समेत कई गाड़ियों के कांच फूटे

    उज्जैन के ईदगाह क्षेत्र में वाहनों पर फिर हमला, एक रात में 6 कारों समेत कई गाड़ियों के कांच फूटे


    मध्यप्रदेश। उज्जैन के ईदगाह क्षेत्र में खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने स्थानीय रहवासियों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार देर रात अज्ञात लोगों ने क्षेत्र में खड़ी छह कारों और एक मैजिक वाहन को निशाना बनाते हुए उनके कांच फोड़ दिए। घटना के बाद इलाके में भय और नाराजगी का माहौल है। प्रभावित लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले करीब एक महीने से वाहन मालिक लगातार ऐसी वारदातों का सामना कर रहे हैं।

    स्थानीय रहवासी आशीष अटोदिया के अनुसार मंगलवार रात करीब 10 बजे जब वे घर से बाहर निकले और अपनी गाड़ी की स्थिति देखी, तो उसमें तोड़फोड़ पाई गई। आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों की जांच करने पर पता चला कि कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है। इनमें स्विफ्ट डिजायर, वैगनआर, क्विड और सोनेट जैसी कारें शामिल हैं। कुछ वाहनों के साइड ग्लास तो कुछ के पीछे के कांच तोड़े गए हैं। घटना से वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता सताने लगी है।

    रहवासियों के मुताबिक एक दिन पहले भी एक मैजिक वाहन पर ईंट फेंककर हमला किया गया था। क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि ईदगाह के पास लगभग 20 से 25 परिवार अपनी गाड़ियां नियमित रूप से खड़ी करते हैं। इनमें से करीब 10 से 12 वाहनों को अलग-अलग दिनों में नुकसान पहुंचाया जा चुका है। इससे पहले एक ऑल्टो कार और एक मैजिक वाहन भी तोड़फोड़ की घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। पिछले दो-तीन दिनों में इस तरह की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

    स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि कुछ लोग क्षेत्र में वाहनों के खड़े होने का विरोध कर रहे हैं। रहवासियों का दावा है कि पहले भी कुछ व्यक्तियों द्वारा यहां वाहन पार्क नहीं करने की बात कही गई थी। हालांकि तोड़फोड़ की घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और उनकी मंशा क्या है, इसका अभी तक कोई स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। रहवासियों के अनुसार जिन स्थानों पर वाहन खड़े किए जाते हैं, वे कैमरों के ब्लाइंड स्पॉट में आते हैं। इसी वजह से फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड नहीं हो पाई हैं। लोगों का मानना है कि यदि कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए या उनका एंगल बदला जाए तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

    स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इससे पहले भी एक वाहन मालिक द्वारा पुलिस में शिकायत की गई थी, लेकिन आरोपियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली। अब एक साथ कई वाहनों को नुकसान पहुंचने के बाद क्षेत्र के रहवासी सामूहिक रूप से चिमनगंज मंडी थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही पुलिस से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने और दोषियों की जल्द पहचान कर कार्रवाई करने की मांग भी की जा रही है।

    रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो लोगों में असुरक्षा की भावना और बढ़ सकती है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना

    मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना


    मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन के साथ देश की प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।

    महाकाल मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, बाल योगी उमेश नाथ, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम के दौरान भगवान महाकाल का विधि-विधान से पूजन किया गया। साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों के तहत 108 जाप का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक समरसता और विकास की निरंतरता के लिए प्रार्थना की।

    भाजपा के मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है। इस अवसर को उपलब्धियों और जनसेवा के संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित विशेष पूजा का उद्देश्य देश के विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करना है।

    उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना के विस्तार, डिजिटल सेवाओं के विकास, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में कार्य किए गए हैं। इन्हीं उपलब्धियों के उपलक्ष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महाकाल के दरबार में आकर आभार व्यक्त किया और राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की।

    धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में कार्यकर्ताओं ने भगवान महाकाल के जयकारे लगाए और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण अवसरों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह धार्मिक आयोजन किया।

    कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की उन्नति, समाज के कल्याण और नागरिकों के सुख-समृद्धि की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

  • सोमवार भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, चंदन-आभूषण से सजा राजा स्वरूप

    सोमवार भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, चंदन-आभूषण से सजा राजा स्वरूप


    मध्‍य प्रदेश। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देव प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन शुरू किया।

    इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर तथा फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। जटाधारी भगवान महाकाल को चंदन तिलक, भांग, त्रिपुंड और आभूषण अर्पित कर उन्हें राजा स्वरूप में भव्य रूप से श्रृंगारित किया गया।

    भस्म आरती की शुरुआत पारंपरिक प्रथम घंटा बजाकर की गई, जिसके बाद मंत्रोच्चार के बीच हरिओम का जल अर्पित किया गया और कपूर आरती की गई। पूरे वातावरण में “हर हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे।

    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढककर विधिवत भस्म रमाई गई। इसके बाद भगवान महाकाल को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब की खुशबू से पूरा मंदिर परिसर महक उठा।

    भक्तों ने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रही।

    महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जो इस आरती को और भी विशेष बना देता है।

  • महाकालेश्वर मंदिर का श्रावण महोत्सव 2026, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की होगी प्रस्तुति

    महाकालेश्वर मंदिर का श्रावण महोत्सव 2026, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की होगी प्रस्तुति


    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आगामी 30 जुलाई से 21वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन शुरू होने जा रहा है। धार्मिक आस्था और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े इस प्रतिष्ठित महोत्सव में देशभर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह महोत्सव वर्ष 2004 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रावण और भाद्रपद माह में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें संगीत, नृत्य और कला की विविध विधाओं का संगम देखने को मिलेगा।

    मंदिर समिति के अनुसार महोत्सव का आयोजन 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान श्रावण और भाद्रपद माह के प्रत्येक शनिवार को विशेष सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी। इन कार्यक्रमों में देश के विभिन्न राज्यों से कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा, जो अपनी कला से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

    महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मंच देने वाला एक बड़ा सांस्कृतिक उत्सव माना जाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं। उज्जैन की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को और भव्य बनाने वाला यह महोत्सव इस बार भी देशभर के कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

  • उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप

    उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। यह घटना उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

    जानकारी के अनुसार घटना शाम लगभग 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित रफ्तार से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए। अचानक हुए हमले से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई। इसके बावजूद अचानक कांच टूटने की आवाजों से कई यात्री घबरा गए और कुछ देर के लिए कोचों में भय का माहौल बना रहा। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। ट्रेन को रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ी और यह अपने तय समय पर आगे रवाना हो गई।

    घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उप निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित कोचों की जांच की और यात्रियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक ट्रेन के आने से पहले ट्रैक के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ट्रेन पास आई, वे पथराव कर मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में इसे अचानक किया गया हमला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।

    इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ट्रैक के आसपास निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

  • उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ

    उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ


    उज्जैन । उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इलेक्ट्रिक साइकिल की सौगात दी। यह ई-साइकिलें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व निधि के तहत एक कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी क्योंकि इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल पर होने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में ई-साइकिल एक बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनकर सामने आई है, जो कामकाज को सरल और सुलभ बनाएगी।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आई बहनों को यह ई-साइकिल उनके फील्ड वर्क में काफी मदद करेगी। उन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में देश ने सुशासन और विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में यह गति और तेज होगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि वे बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी तरह देश की सेवा करते रहें और देश को आगे बढ़ाते रहें। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।