ट्रंप का चीन दौरा रहा बेनतीजा! जिनपिंग के सामने ईरान, ताइवान और व्यापार पर नहीं बनी कोई सहमति


नई दिल्ली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बहुचर्चित चीन यात्रा इस बार किसी बड़े नतीजे के बिना खत्म हो गई। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद ईरान, ताइवान और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया।

दोनों नेताओं ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार इस दौरे से कोई बड़ा कूटनीतिक या आर्थिक ऐलान नहीं हुआ। ट्रंप लगभग 40 घंटे से ज्यादा बीजिंग में रहे और कई बैठकों में शामिल हुए, फिर भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक मतभेद जस के तस बने रहे।

सबसे बड़ा मुद्दा ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य रहा, जहां ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य तनाव को लेकर अमेरिका और चीन की स्थिति अलग-अलग दिखाई दी। अमेरिकी पक्ष ने दावा किया कि दोनों देश ऊर्जा प्रवाह को लेकर सहमत हैं, लेकिन चीन की ओर से इस पर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता सामने नहीं आई।

ताइवान को लेकर स्थिति और भी सख्त नजर आई, जहां शी जिनपिंग ने इसे चीन की “रेड लाइन” बताते हुए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को अस्वीकार्य करार दिया। इस बयान को अमेरिका के लिए एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

व्यापार और आर्थिक सहयोग के मोर्चे पर भी कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। उम्मीद थी कि चीन बड़ी मात्रा में अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों की खरीद बढ़ाने का ऐलान करेगा, लेकिन ऐसा कोई महत्वपूर्ण निर्णय सामने नहीं आया।

कुल मिलाकर इस दौरे को विशेषज्ञों ने “बिना ठोस नतीजे वाली कूटनीतिक मुलाकात” बताया है, जहां दोनों देशों ने रिश्तों में सुधार की बात जरूर कही, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा।