8 अगस्त को प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर होगी चर्चा

प्रयागराज। प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान तेज करने जा रही है। इसी क्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करेंगे।

यह अभियान कोटा से 17 जून को शुरू हुआ था, जबकि दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया गया। तीसरे चरण के तहत अब 8 अगस्त को प्रयागराज में कार्यक्रम होगा। पहले 9 अगस्त को दिल्ली में विशाल छात्र रैली प्रस्तावित थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्र संवाद कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
यह अभियान कोटा से 17 जून को शुरू हुआ था, जबकि दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया गया। तीसरे चरण के तहत अब 8 अगस्त को प्रयागराज में कार्यक्रम होगा। पहले 9 अगस्त को दिल्ली में विशाल छात्र रैली प्रस्तावित थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्र संवाद कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

कांग्रेस के प्रवक्ता हसीब अहमद ने बताया कि कार्यक्रम में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, छात्रवृत्ति, विश्वविद्यालयों का माहौल और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी समेत आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र भाग लेंगे।

तैयारियों में जुटी कांग्रेस
कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, शहर और जिला इकाइयों के पदाधिकारियों तथा स्थानीय नेताओं की बैठक होगी।

प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी ने बताया कि छात्र संवाद में प्रदेशभर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की भागीदारी रहेगी। वहीं कार्यक्रम के समन्वयक विवेकानंद पाठक के अनुसार, अब तक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए डेढ़ लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फुजैल हाशमी ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।