तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर आमने-सामने आए दोनों गुट, कार्यक्रम की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामला

नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन के भीतर चल रहा विवाद अब 28 अगस्त को होने वाले स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर खुलकर सामने आ गया है। तृणमूल छात्र परिषद के दो गुटों ने मध्य कोलकाता के मेयो रोड स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी है। एक ही स्थान और एक ही दिन कार्यक्रम की मांग किए जाने से दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

तृणमूल छात्र परिषद का स्थापना दिवस हर वर्ष 28 अगस्त को मनाया जाता है। इस अवसर पर मेयो रोड पर रैली और सभा का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार पार्टी से जुड़े दो छात्र गुटों की अलग-अलग गतिविधियों के कारण स्थापना दिवस का कार्यक्रम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति के लिए अदालत का रुख किया जा चुका है। संबंधित याचिका पर सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध भी किया गया। इसके बाद दूसरे गुट ने भी इसी स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलने का हवाला देते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट भी 28 अगस्त को मेयो रोड पर कार्यक्रम आयोजित करना चाहता है। इस गुट की ओर से कोलकाता पुलिस से रैली की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया।

अदालत ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया और इसे अगले शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध किया है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी समर्थक गुट की याचिका पर पहले ही सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वजह से अब दोनों पक्षों की नजर अदालत के अगले रुख पर टिकी हुई है।

मामले का मुख्य प्रश्न यह है कि क्या दोनों गुटों को एक ही स्थान पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जा सकती है या फिर प्रशासन और अदालत की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था तय की जाएगी। एक ही दिन और एक ही स्थान पर दो कार्यक्रम होने की स्थिति में कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी विचार करना होगा।

मेयो रोड का स्थान तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में स्थान को लेकर दोनों पक्षों की दावेदारी ने संगठन के भीतर चल रहे मतभेद को और स्पष्ट कर दिया है। पहले से मौजूद राजनीतिक खींचतान के बीच छात्र संगठन का यह विवाद अब न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है।

फिलहाल अदालत के फैसले और प्रशासन की अनुमति पर आगे की तस्वीर निर्भर करेगी। दोनों गुट अपने-अपने कार्यक्रम को लेकर सक्रिय हैं, जबकि 28 अगस्त की तारीख नजदीक आने के साथ विवाद के समाधान को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि स्थापना दिवस का आयोजन किस व्यवस्था के तहत होगा और क्या दोनों पक्षों को अलग-अलग कार्यक्रम के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।