MPSC छात्र की आत्महत्या के बाद अभिजीत दीपके परिवार से मिलेंगे, कर्ज और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके MPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र के परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। छात्र ने पुणे में खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को शक है कि कर्ज से परेशान होकर यह कदम उठाया गया है। मृतक की पहचान प्रथमेश देशमुख के रूप में हुई है।

दीपके ने गुरुवार को पोस्ट किया, ‘मैं MPSC के एक छात्र प्रथमेश देशमुख के शोकाकुल परिवार से मिलने जा रहा हूं, जिन्होंने कल आत्महत्या कर ली थी।’ खबर है कि सीजेपी पदाधिकारी सौरभ दास भी नोएडा पहुंच रहे हैं, जहां वह प्रशासन की तरफ से 5 लाख का नोटिस पाने वाले छात्र अक्षत से मुलाकात करेंगे।

पुलिस उपायुक्त कृषिकेश रावले ने बताया कि मृतक प्रथमेश देशमुख एमपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए पुणे के नवी पेठ इलाके में किराये के मकान में रह रहा था। उन्होंने बताया कि वह सुबह कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया, जिसके बाद कुछ निवासियों ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि आत्महत्या का सही समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

सुसाइड नोट मिला

पुलिस ने जानकारी दी है, ‘देशमुख कथित रूप से आर्थिक दबाव में था और उसे कई लोगों के करीब ढाई लाख रुपये लौटाने थे। उसका परिवार भी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा था। उसने एक नोट छोड़ा है, जिसमें लोगों से लिए कर्ज और लौटाई जा चुकी रकम के बारे में जानकारियां दी गईं हैं।’

बताया गया कि दो पन्नों के इस नोट में 8-19 लोगों के नाम लिखे हैं। पुलिस यह पता लगाने के लिए उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है कि उसने पैसे क्यों उधार लिए थे और मामले की जांच जारी है।

छत्रपति संभाजीनगर में हो रहा है प्रदर्शन

मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर में MPSC में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। खास बात है कि यह दीपके का गृहनगर भी है। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आयोग में शीर्ष पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जाए। इससे पहले सोमवार को पुणे में भी प्रदर्शन हुआ था और देशमुख ने पुणे में ही आत्महत्या की है।

इसके अलावा प्रदर्शनकारी पूर्व में हुई परीक्षाओं पर भी सवाल उठा रहे हैं और जांच की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद हुई परीक्षाओं को लेकर भी संदेह है। एक छात्र ने कहा था, ‘हमें पता होना चाहिए कि आखिर क्या हो रहा है। मैं चार साल से पढ़ाई कर रहा हूं और परीक्षाएं दे रहा हूं। आज पैसे वाले लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।’