क्यों बेहतर है प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित और पचने में आसान माना जाता है। जहां मांसाहारी प्रोटीन के साथ कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है वहीं प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता। यही वजह है कि यह दिल की सेहत के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से जहां कैल्शियम मिलता है वहीं बहुत से लोगों को लैक्टोज इन्टॉलरेंस की समस्या भी होती है जिससे गैस पेट दर्द और अपच जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके विपरीत बादाम तिल और हरी सब्जियां कैल्शियम के बेहतरीन प्लांट-बेस्ड स्रोत हैं।
फाइबर और एनर्जी का डबल फायदा
प्लांट-बेस्ड प्रोटीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके साथ शरीर को भरपूर फाइबर भी मिलता है। फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि ऐसे लोग जो पौधों से प्रोटीन लेते हैं उनमें मोटापा और हृदय रोग का खतरा कम देखा जाता है।
किन चीजों से लें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन?
आप अपनी रोज़मर्रा की डाइट में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं-
दालें मूंग मसूर अरहर
सोया टोफू और सोया चंक्स
राजमा चना और लोबिया
सूखे मेवे और सीड्स बादाम कद्दू के बीज सूरजमुखी के बीज
अंकुरित अनाज और साबुत अनाज
हरी पत्तेदार सब्जियां
कितना प्रोटीन है जरूरी?
आम तौर पर शरीर के वजन के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत तय की जाती है। यदि आपका वजन 50 किलोग्राम है तो रोजाना लगभग 50 ग्राम प्रोटीन लेना पर्याप्त माना जाता है। यह मात्रा आसानी से प्लांट-बेस्ड डाइट से पूरी की जा सकती है।
डाइट में शामिल करने के आसान तरीके
आप मूंग दाल को अंकुरित कर सलाद बना सकते हैं मूंग दाल या बेसन का चीला खा सकते हैं सब्जियों के साथ टोफू मिलाकर स्वादिष्ट भोजन बना सकते हैं या राजमा-बीन्स की टिक्की और कबाब ट्राय कर सकते हैं।कुल मिलाकर अगर आप बिना मांसाहार के भी मजबूत फिट और एनर्जेटिक रहना चाहते हैं तो प्लांट-बेस्ड प्रोटीन एक स्मार्ट और हेल्दी विकल्प है।
