कचरा फेंकने के विवाद में महिला से मारपीट का आरोप FIR के बाद भी धमकाने का दावा लेकर SP ऑफिस पहुंची पीड़िता


शिवपुरी । शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में कचरा फेंकने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। 29 वर्षीय मोनिका खटीक ने प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव पर मारपीट करने और थाने के अंदर धमकाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार 2 अक्टूबर को पीड़िता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आवेदन देकर आरोपियों से अपनी तथा परिवार की जान को खतरा बताया। महिला ने सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

मोनिका खटीक संजय कॉलोनी के वार्ड क्रमांक 35 की निवासी है। उसने बताया कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर से कूड़ा-कचरा लेकर उसे डालने के लिए एकांत स्थान की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसके घर से तीन-चार मकान दूर रहने वाले प्रशांत यादव और उसके भाई निशांत यादव ने उसे रास्ते में रोक लिया। मोनिका का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

महिला के मुताबिक जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। मोनिका के चिल्लाने पर उसकी नानी आशा खटीक और मामी मंजू खटीक मौके पर पहुंचीं। दोनों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।

थाने में भी धमकाने का लगाया आरोप

मोनिका के अनुसार वह अपने भाई के साथ देर रात फिजिकल थाने पहुंची थी जहां उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के दौरान आरोपी और उनके कुछ सहयोगी भी थाने पहुंच गए। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे डराया धमकाया गया और जान से मारने के साथ झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

पीड़िता ने इस घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उसने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की बात भी कही है। उसका कहना है कि फुटेज से थाने के अंदर हुई घटना के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। हालांकि थाने में धमकी देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।

मोनिका का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसे उसके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार के लोग डरे हुए हैं और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन में महिला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उसने यह भी कहा कि भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ शिकायत की जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

फिलहाल मामला महिला की शिकायत और लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट और थाने में धमकी देने के आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और परिवार को सुरक्षा देने की अपील की है।