Author: bharati

  • आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।

    आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।

    मेष राशि :- मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। पुराने मित्र से मिलन होगा। शुभांक-3-6-9

    वृष राशि :- समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। स्वविवेक से कार्य करें। समय का लाभ लें। शुभांक-4-7-9

    मिथुन राशि :– हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंगे। साथ ही आगे के लिए रास्ता भी बन जाएगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। जीवन साथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-4-6-8

    कर्क राशि :- कहीं रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। कार्यक्षेत्र में आगे बढऩे में रुकावट का एहसास होगा। विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना है। शुभकार्यों में अड़चनें व परिवार के बुुजुर्ग-जनों से मतभेद रहेगा। शुभांक-1-5-7

    सिंह राशि :- मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश सफल होगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढऩे के आसार रहेंगे। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम को प्राथमिकता से करें। शुभांक-1-3-5

    कन्या राशि :– अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। कारोबारी काम में बाधा उभरने से मानसिक अशांति बनी रहेगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। शुभांक-4-6-8

    तुला राशि :- अपने काम पर नजर रखिए। स्वास्थ्य लाभ में समय और धन व्यय होगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। शुभांक-2-4-6

    वृश्चिक राशि :- पर-प्रपंच में ना पड़कर अपनेे काम पर ध्यान दीजिए। कल का परिश्रम आज लाभ देगा। आलस्य का त्याग करें। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। शुभांक-4-6-8

    धनु राशि :– कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। यात्रा से लाभ। शुभांक-3-5-6

    मकर राशि :- आत्मविश्वास बढ़ेगा। पारिवारिक विवाद टालें। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। निष्ठा से किया गया कार्य पराक्रम व आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होगा। संतान-स्त्री पक्ष से लाभ होगा। शुभांक-3-4-6

    कुंभ राशि :– खान-पान में सावधानी रखें। व्यापार में प्रगति होगी। अपने अधीनस्त लोगों से कम सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। आय के योग बनेंगे। यात्रा का योग है। शुभांक-3-5-6

    मीन राशि :– जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। आलस्य का त्याग करें। पुरुषार्थ का सहारा लें। कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। शुभांक-3-5-6

  • भारत में टेस्ला को नहीं मिला अपेक्षित रिस्पॉन्स, 2025 में सिर्फ 225 कारों की बिक्री..

    भारत में टेस्ला को नहीं मिला अपेक्षित रिस्पॉन्स, 2025 में सिर्फ 225 कारों की बिक्री..


    नई दिल्ली। दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति की अगुआ मानी जाने वाली अमेरिकी कार कंपनी टेस्ला को भारत में अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। इंडस्ट्री डेटा के अनुसार वर्ष 2025 में टेस्ला ने भारतीय बाजार में केवल 225 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की जो कंपनी की वैश्विक पहचान और भारत में तेजी से बढ़ते ईवी बाजार को देखते हुए बेहद कम मानी जा रही है।

    फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन FADA के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2025 में टेस्ला की 64 कारें बिकीं अक्टूबर में यह आंकड़ा 40 यूनिट्स रहा नवंबर में 48 यूनिट्स और दिसंबर में 73 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। साल के अंतिम महीने में थोड़ी बढ़त जरूर देखने को मिली लेकिन कुल मिलाकर आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय ग्राहक टेस्ला से अभी दूरी बनाए हुए हैं।

    टेस्ला ने भारत में अपने सफर की शुरुआत मुंबई में शोरूम खोलकर की थी। इसके बाद कंपनी ने गुरुग्राम मुंबई और दिल्ली में एक्सपीरियंस सेंटर्स भी शुरू किए जहां ग्राहकों को वाहन देखने टेस्ट ड्राइव और चार्जिंग सुविधाओं की जानकारी दी जाती है। कंपनी के पास फिलहाल भारत में करीब 12 सुपरचार्जर और 10 डेस्टिनेशन चार्जर मौजूद हैं लेकिन यह नेटवर्क अभी बड़े पैमाने पर ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा।

    वर्तमान में टेस्ला भारत में केवल एक मॉडल – मॉडल वाई – की बिक्री कर रही है। यह रियरव्हीलड्राइव RWD इलेक्ट्रिक एसयूवी है। इसके स्टैंडर्ड RWD वेरिएंट की एक्सशोरूम कीमत 59.89 लाख रुपये है जबकि लॉन्ग रेंज RWD वेरिएंट की कीमत 67.89 लाख रुपये रखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह से निर्मित वाहनों CBU पर लगने वाले भारी आयात शुल्क के कारण टेस्ला की कीमतें भारतीय बाजार में काफी ज्यादा हो गई हैं जिससे संभावित ग्राहक पीछे हट रहे हैं।

    हालांकि तकनीकी रूप से टेस्ला मॉडल वाई एक दमदार इलेक्ट्रिक वाहन है। कंपनी के अनुसार इसका स्टैंडर्ड वेरिएंट एक बार चार्ज करने पर करीब 500 किलोमीटर की रेंज देता है जबकि लॉन्ग रेंज वेरिएंट 622 किलोमीटर तक चल सकता है। स्टैंडर्ड मॉडल 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार महज 5.9 सेकंड में पकड़ लेता है जबकि लॉन्ग रेंज वेरिएंट 5.6 सेकंड में यह गति हासिल कर लेता है। दोनों मॉडलों की अधिकतम रफ्तार 201 किमी प्रति घंटे बताई गई है। फास्ट चार्जिंग के जरिए सिर्फ 15 मिनट में 238 से 267 किलोमीटर तक की अतिरिक्त रेंज मिलने का दावा भी किया जाता है।

    दिलचस्प बात यह है कि जहां टेस्ला को भारत में संघर्ष करना पड़ रहा है वहीं देश का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 2025 में कुल वाहन पंजीकरण में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 8 प्रतिशत तक पहुंच गई है और कुल ईवी बिक्री 23 लाख यूनिट्स का आंकड़ा पार कर चुकी है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टेस्ला भारत में स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग या किफायती मॉडल लाती है तो भविष्य में उसकी स्थिति बेहतर हो सकती है।

  • CREDIT CARD अभी-अभी लिया है तो बुद्धिमानी से इस्तेमाल की ये बातें तुरंत जान लें, चक्रव्यूह में फंसने से बच जाएंगे

    CREDIT CARD अभी-अभी लिया है तो बुद्धिमानी से इस्तेमाल की ये बातें तुरंत जान लें, चक्रव्यूह में फंसने से बच जाएंगे

    नई दिल्ली  क्रेडिट कार्ड अभी-अभी आपके हाथ में आया है और वो चमकदार प्लास्टिक का टुकड़ा आपको लग रहा है जैसे जादू की छड़ी, लेकिन सावधान! ये जादू की छड़ी नहीं, बल्कि एक दो धारी तलवार है। सही इस्तेमाल से ये आपकी फाइनेंशियल लाइफ को आसान बना सकता है, रिवॉर्ड्स, कैशबैक, क्रेडिट स्कोर मजबूत कर सकता है और इमरजेंसी में काम आ सकता है। लेकिन थोड़ी सी लापरवाही और आप चक्रव्यूह में फंस जाएंगे, जहां ब्याज की दरें 3-3.5% प्रति माह (यानी 36-42% सालाना), लेट फीस, पेनाल्टी और क्रेडिट स्कोर का भारी नुकसान आपको सालों तक परेशान कर सकता है। खासकर पहली बार क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए ये शुरुआती दौर सबसे खतरनाक और सबसे महत्वपूर्ण होता है। बैंक आपको कम लिमिट देता है, लेकिन आपकी हर हरकत पर नजर रखता है। इसलिए अभी से ही कुछ बुनियादी लेकिन गेम-चेंजिंग नियमों को अपनाएं, ताकि आप क्रेडिट कार्ड के फायदे उठा सकें और उसके जाल में न फंसें।
    क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल कैसे करें?
    बिल समय पर और पूरा चुकाना है सबसे जरूरी

    क्रेडिट कार्ड का बिल हमेशा तय तारीख से पहले और पूरा चुकाने की कोशिश करें। इससे न केवल आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर बना रहता है, बल्कि भारी ब्याज देने से भी बचाव होता है। अगर किसी कारणवश पूरा भुगतान संभव न हो, तो कम से कम न्यूनतम राशि से अधिक भुगतान जरूर करें, ताकि ब्याज का बोझ कम किया जा सके।

    बड़े खर्च को EMI में बदलना हो सकता है फायदेमंद
    क्रेडिट कार्ड से की गई बड़ी खरीदारी को EMI में बदलने का विकल्प चुनकर आप अपने खर्च को आसान किस्तों में बांट सकते हैं। इससे एकमुश्त भुगतान का दबाव कम होता है और कई बार यह सामान्य क्रेडिट कार्ड ब्याज से सस्ता भी पड़ता है।

    कैश निकालने से करें परहेज
    क्रेडिट कार्ड से नकद निकालना सबसे महंगे विकल्पों में से एक माना जाता है। कैश एडवांस पर पैसे निकालते ही ब्याज लगना शुरू हो जाता है और इसमें कोई ब्याज-मुक्त अवधि नहीं मिलती। साथ ही, अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ता है। इसलिए इस सुविधा का इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में ही करें।

    अपने खर्च पर लगातार रखें नजर
    क्रेडिट कार्ड के खर्च को कंट्रोल में रखने के लिए स्टेटमेंट और बैंक से आने वाले SMS या ई-मेल अलर्ट नियमित रूप से चेक करते रहें। इससे आपके खर्च की पूरी जानकारी बनी रहती है। इसके अलावा, समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करना भी जरूरी है, ताकि किसी तरह की गलती या गड़बड़ी समय रहते पकड़ी जा सके।

    एक साथ कई क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन न करें
    बार-बार या एक साथ कई क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि इससे हार्ड इंक्वायरी बढ़ती है। बेहतर है कि अपनी जरूरत और खर्च करने की आदतों के अनुसार ही सही कार्ड का चयन करें।

    रिवॉर्ड्स और बेनिफिट्स की जानकारी रखें
    हर क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और अन्य ऑफर्स अलग-अलग होते हैं। इनकी जानकारी रखकर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह आपकी बचत में इजाफा कर सकते हैं।

    सिर्फ भरोसेमंद जगहों पर ही कार्ड का इस्तेमाल करें
    क्रेडिट कार्ड से होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए हमेशा भरोसेमंद दुकानों, वेबसाइट्स और मर्चेंट्स पर ही भुगतान करें। इससे कार्ड के दुरुपयोग का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। समझदारी से किया गया क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल न केवल आपके रोजमर्रा के खर्च को आसान बनाता है, बल्कि भविष्य में लोन और अन्य वित्तीय जरूरतों के लिए भी आपको मजबूत स्थिति में रखता है।

  • फिल्मों की भिड़ंत: रिपब्लिक डे 2026 पर बॉर्डर 2 और अन्य बड़ी फिल्में एक साथ करेंगी धमाल

    फिल्मों की भिड़ंत: रिपब्लिक डे 2026 पर बॉर्डर 2 और अन्य बड़ी फिल्में एक साथ करेंगी धमाल

    नई दिल्ली  रिपब्लिक डे 2026 (22-23 जनवरी) पर थिएटर्स में दर्शकों के लिए फिल्मी जंग देखने को मिलेगी। इस बार बॉलीवुड, साउथ और हॉलीवुड की कई नई फिल्में एक साथ बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली हैं। दर्शकों के लिए यह अवसर खास होगा क्योंकि वे एक ही समय में विभिन्न शैलियों और भाषाओं की फिल्मों का आनंद ले सकते हैं। इस रिपब्लिक डे पर बॉक्स ऑफिस पर विशेष उत्साह की संभावना है, क्योंकि फिल्मों की रिलीज डेट इतनी करीब है कि थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ देखने को मिल सकती है।

    सबसे चर्चित फिल्मों में सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ शामिल है। यह फिल्म 1997 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है और 23 जनवरी 2026 को बड़े पर्दे पर आएगी। इस बार सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। युद्ध और रोमांच से भरपूर यह फिल्म अपनी भावनात्मक कहानी और स्टार-कास्ट के दम पर बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने की तैयारी में है। फिल्म में युद्ध की भावनाओं के साथ देशभक्ति की झलक भी देखने को मिलेगी, जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने का काम करेगी।

    दूसरी प्रमुख रिलीज मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की ‘चठा पाचा – द रिंग ऑफ राउडीज’ है। यह एक्शन-कॉमेडी फिल्म 22 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है। अद्वैत नायर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अर्जुन अशोकन और रोशन मैथ्यू मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा विशक नायर, इशान शौकत और मामूटी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म हल्की-फुल्की कॉमेडी के साथ एक्शन का मज़ा देती है और मलयालम दर्शकों के लिए खास अनुभव साबित होगी।

    तमिल सिनेमा का नया ऐतिहासिक एक्शन-ड्रामा ‘द्रौपदी 2’ 23 जनवरी को रिलीज होगी। मोहन जी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रिचर्ड ऋषि और रक्षणा इंदुसन मुख्य भूमिका में हैं। इतिहास और साहस से भरी यह फिल्म दर्शकों को बड़े पर्दे पर रोमांचक अनुभव देने का वादा करती है। फिल्म की कहानी में युद्ध, रणनीति और व्यक्तिगत संघर्षों को दर्शाया गया है, जो इतिहास प्रेमियों और आम दर्शकों दोनों के लिए आकर्षक रहेगी।

    कन्नड़ सिनेमा की नई फिल्म ‘कल्ट’ भी रिपब्लिक डे पर रिलीज हो रही है। अनिल कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में जैद खान, रचित राम, मलाइका वासूपाल और रंगायना रघु प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म एक्शन और ड्रामा का मिश्रण है और कन्नड़ दर्शकों के लिए बड़ा आकर्षण साबित हो सकती है।

    हॉलीवुड की ओर देखें तो ‘मर्सी’ नामक साइंस-फिक्शन फिल्म 23 जनवरी को रिलीज हो रही है। तिमुर बेकमंबेटोव के निर्देशन में बनी इस फिल्म की पटकथा मार्को वैन बेले ने लिखी है। फिल्म में क्रिस प्रैट और रेबेका फर्ग्यूसन मुख्य भूमिका में हैं। भविष्य और विज्ञान पर आधारित यह फिल्म दर्शकों के लिए रोमांचक अनुभव का वादा करती है और हॉलीवुड के फैंस के बीच उत्सुकता पैदा कर रही है।

    साथ ही, अमेरिकी स्पोर्ट्स-कॉमेडी-ड्रामा ‘मार्टी सुप्रीम’ भी 23 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। जोश सफ्डी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में चालमेट लीड रोल में हैं, जबकि ग्वेनेथ पाल्ट्रो, ओडेसा एजियन, केविन ओ’लेरी और टायलर ओकोन्मा भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म हल्की-फुल्की कॉमेडी और स्पोर्ट्स ड्रामा का संयोजन है, जो दर्शकों को मनोरंजन के साथ प्रेरणा भी देगा।

    इस प्रकार, रिपब्लिक डे 2026 पर बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों के लिए एक साथ कई भाषाओं और शैलियों की फिल्में उपलब्ध होंगी। बॉलीवुड की एक्शन और ड्रामा, साउथ की ऐतिहासिक और कॉमेडी फिल्में, साथ ही हॉलीवुड की साइंस-फिक्शन और स्पोर्ट्स-कॉमेडी दर्शकों के लिए एक व्यापक और रोचक विकल्प पेश करती हैं। इस साल का रिपब्लिक डे फिल्म प्रेमियों के लिए खास रहेगा, क्योंकि वे अपनी पसंद की फिल्मों को चुनकर बड़े पर्दे पर उसका मज़ा ले सकेंगे।

    बॉक्स ऑफिस पर इस तरह का क्लैश दर्शकों और सिनेमाघरों दोनों के लिए उत्साह और चुनौती लेकर आता है। फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों की मार्केटिंग और स्टार-कास्ट के दम पर दर्शकों को आकर्षित करने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। यही कारण है कि रिपब्लिक डे 2026 थिएटर जाने वालों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हो सकता है।

  • उज्जैन प्रवास पर मुख्यमंत्री मोहन यादव बृहस्पति महादेव के दर्शन आमजन से संवाद और विकास कार्यों का लिया जायजा

    उज्जैन प्रवास पर मुख्यमंत्री मोहन यादव बृहस्पति महादेव के दर्शन आमजन से संवाद और विकास कार्यों का लिया जायजा


    उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को उज्जैन प्रवास के दौरान धार्मिक सामाजिक और विकास से जुड़े कार्यक्रमों में पूरी तरह सक्रिय नजर आए। महाकाल उत्सव के समापन के अगले ही दिन मुख्यमंत्री का यह दौरा आस्था, संवाद और विकास-तीनों आयामों को एक साथ समेटे रहा। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उन्होंने दिन की शुरुआत गोलामंडी क्षेत्र स्थित प्राचीन बृहस्पति महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन से की और प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ मंदिर पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से अभिषेक और आरती की गई। पूजा के बाद उन्होंने कहा कि बृहस्पति महादेव मंदिर से उनका पुराना और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। सार्वजनिक जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर वे यहां आशीर्वाद लेने आते रहे हैं। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद यह उनका पहला बृहस्पतिवार दर्शन था, जिसे उन्होंने अपने लिए विशेष और भावुक क्षण बताया।पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने उज्जैन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उज्जैन केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पूरी गंभीरता और योजना के साथ काम कर रही है। सड़क, पेयजल, स्वच्छता, यात्री सुविधाएं और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आने वाले वर्षों में उज्जैन वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत कर सके।

    धार्मिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री का अंदाज पूरी तरह बदला नजर आया, जब वे शहर के बीच एक साधारण सी चाय की दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने आम नागरिकों के साथ बैठकर चाय पी और अनौपचारिक बातचीत की। लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने शहर की समस्याएं, रोजमर्रा की जरूरतें और विकास से जुड़ी अपेक्षाएं रखीं। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ ध्यान से उनकी बातें सुनीं, बल्कि समाधान का भरोसा भी दिया। जब चाय का भुगतान करने की बारी आई और दुकानदार ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए स्वयं भुगतान किया। इस सरल व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।

    इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह भवन जी प्लस टू संरचना में तैयार किया जा रहा है और अप्रैल 2026 तक इसके पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और समय-सीमा की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और भवन तय समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए।मुख्यमंत्री का यह उज्जैन दौरा साफ संकेत देता है कि उनकी प्राथमिकताओं में आस्था जनता से सीधा संवाद और विकास कार्यों की निगरानी-तीनों समान रूप से शामिल हैं।

  • नेल कटर की एक आदत बना सकती है आपको मरीज, रोज़मर्रा की लापरवाही से बढ़ता संक्रमण का खतरा

    नेल कटर की एक आदत बना सकती है आपको मरीज, रोज़मर्रा की लापरवाही से बढ़ता संक्रमण का खतरा


    नई दिल्ली। नाखूनों से जुड़ी छोटी चूक कैसे बन जाती है बड़ी स्वास्थ्य समस्या  घर हो ऑफिस या फिर ब्यूटी पार्लर-नेल कटर एक ऐसी रोज़मर्रा की चीज है जिसे लोग अक्सर बिना सोचे-समझे एक-दूसरे के साथ साझा कर लेते हैं। देखने में यह आदत बेहद मामूली लगती है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यही लापरवाही नाखूनों और त्वचा से जुड़े गंभीर संक्रमण की वजह बन सकती है। कई बार लोग लंबे समय तक इलाज कराते रहते हैं जबकि समस्या की जड़ सिर्फ अस्वच्छ नेल कटर होती है।

    डॉक्टरों के अनुसार नाखून काटते समय त्वचा पर बहुत ही बारीक कट या खरोंच लग जाती है जो सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देती। जब कोई संक्रमित या पहले से इस्तेमाल किया गया नेल कटर दोबारा उपयोग में लाया जाता है तो उस पर मौजूद बैक्टीरिया और फंगस सीधे इन सूक्ष्म घावों के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। यही कारण है कि नाखूनों के फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक तेजी से फैलते हैं।स्वच्छता से जुड़ी कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि धातु से बने नेल कटर पर फंगस और बैक्टीरिया लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। खासतौर पर पैरों के नाखूनों में यह खतरा ज्यादा होता है क्योंकि जूते पहनने से वहां नमी बनी रहती है। यही नमी फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है। सैलून या पार्लर में बिना ठीक से स्टरलाइज़ किए गए औजार इस खतरे को और बढ़ा देते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि कुछ लोगों में यह जोखिम और भी ज्यादा होता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग बुजुर्ग छोटे बच्चे डायबिटीज से पीड़ित मरीज और वे लोग जो लंबे समय तक बंद जूते पहनते हैं-इन सभी में नाखूनों का संक्रमण जल्दी पनप सकता है। इसके अलावा जो लोग बार-बार मैनीक्योर या पेडीक्योर कराते हैं उन्हें भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।नाखूनों में संक्रमण के कुछ संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे नाखूनों का रंग पीला या काला पड़ना उनका असामान्य रूप से मोटा होना बार-बार टूटना नाखूनों के आसपास जलन या सूजन और कभी-कभी बदबू आना। ये लक्षण बताते हैं कि नाखूनों के भीतर संक्रमण पनप रहा है जिसका समय पर इलाज जरूरी है।

    डॉक्टरों का साफ कहना है कि बचाव ही इसका सबसे बेहतर इलाज है। हर व्यक्ति को अपना अलग नेल कटर इस्तेमाल करना चाहिए और उसे नियमित रूप से साफ व सूखा रखना चाहिए। नाखून बहुत गहराई तक काटने से बचें और हाथ-पैर लंबे समय तक गीले न रखें। सैलून में सेवाएं लेते समय यह जरूर देखें कि औजार ठीक से साफ और स्टरलाइज़ किए गए हों।अगर घरेलू देखभाल के बावजूद नाखूनों की स्थिति बिगड़ती जाए दर्द बढ़े या संक्रमण फैलता महसूस हो तो बिना देरी किए त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है और उपचार लंबा चल सकता है।

  • दिल्ली मेट्रो की नई पहल, स्टेशनों से मिलेगी बाइक टैक्सी और कैब सेवा, 'सारथी' ऐप से होगी बुकिंग

    दिल्ली मेट्रो की नई पहल, स्टेशनों से मिलेगी बाइक टैक्सी और कैब सेवा, 'सारथी' ऐप से होगी बुकिंग

    नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो अब सिर्फ सफर का साधन नहीं, बल्कि घर से गंतव्य तक की पूरी यात्रा का समाधान बनने जा रही है. यात्रियों की सुविधा और प्रदूषण कम करने के लक्ष्य के साथ दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवा शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत मेट्रो स्टेशनों से आगे की यात्रा अब और आसान, किफायती और डिजिटल होगी.

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन एनसीआर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रीढ़ बन चुकी है. रोजाना लाखों यात्री तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा का लाभ उठा रहे हैं. लेकिन मेट्रो स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक पहुंचना अब तक एक बड़ी चुनौती रहा है. इसी कमी को दूर करने के लिए DMRC ने संगठित लास्ट माइल सेवाओं को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की पहल की है.

    सहकार टैक्सी के साथ DMRC की साझेदारी
    DMRC ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. सहकार टैक्सी एक मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव संस्था है जो भारत टैक्सी नामक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म संचालित करती है. यह प्लेटफॉर्म भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की पहल है और पारदर्शी एवं न्यायसंगत सेवाओं को बढ़ावा देता है.

    बाइक टैक्सी, ऑटो और कैब की मिलेगी सुविधा
    इस साझेदारी के तहत मेट्रो यात्रियों को बाइक टैक्सी, ऑटो रिक्शा और कैब सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. यात्री दूरी, समय और किराये के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे. इससे अनऑर्गेनाइज्ड और असुरक्षित साधनों पर निर्भरता कम होगी.

    10 मेट्रो स्टेशनों से होगी शुरुआत
    DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने बताया कि, पहले चरण में यह लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवा 10 चिन्हित मेट्रो स्टेशनों से शुरू की जाएगी. पायलट प्रोजेक्ट के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर और बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर 31 जनवरी 2026 तक विशेष बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू होंगी. इस दौरान यात्रियों की प्रतिक्रिया और संचालन की व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा.

    भारत टैक्सी ऐप और सारथी ऐप होंगे इंटीग्रेट
    इस पहल की सबसे बड़ी खासियत डिजिटल इंटीग्रेशन है. भारत टैक्सी मोबाइल ऐप को DMRC के सारथी ऐप से जोड़ा जाएगा. इसके बाद यात्री एक ही प्लेटफॉर्म से मेट्रो और लास्ट माइल दोनों सेवाओं की प्लानिंग और बुकिंग कर सकेंगे. ऐप इंटीग्रेशन से यात्री उपलब्ध वाहनों की जानकारी, अनुमानित किराया और रियल टाइम ट्रैकिंग देख सकेंगे. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और इंतजार का समय घटेगा. यात्रा का अनुभव ज्यादा सहज और भरोसेमंद होगा.

    किराया रहेगा किफायती और नियंत्रित
    इस योजना के तहत किराये बाजार दरों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी रहेंगे. पीक ऑवर में मांग के अनुसार किराया बढ़ सकता है, लेकिन इसकी एक सीमा तय होगी. इसका उद्देश्य यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ न डालना है.
    यात्रियों को जागरूक करने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर साइनएज लगाए जाएंगे. इनमें बुकिंग प्रक्रिया, सेवा उपलब्धता और पिकअप पॉइंट की जानकारी होगी. इससे यात्रियों को फैसले लेने में आसानी होगी.

    यह पहल DMRC की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है. बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी से निजी वाहनों का इस्तेमाल घटेगा. इससे ट्रैफिक और वायु प्रदूषण दोनों में कमी आने की उम्मीद है.

    पैसेंजर सेंट्रिक और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की ओर कदम
    DMRC का यह प्रयास पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और आकर्षक बनाएगा. निजी वाहनों से मेट्रो की ओर यात्रियों का रुझान बढ़ेगा. यह योजना सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल इंडिया और सहकारी विकास जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती देगी.

  • सर्दियों में स्वाद और सेहत का संगम: घर पर बनाएं गरमागरम खसखस का हलवा..

    सर्दियों में स्वाद और सेहत का संगम: घर पर बनाएं गरमागरम खसखस का हलवा..


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही कुछ गरमागरम और मीठा खाने की इच्छा अपने आप बढ़ जाती है। ऐसे में अगर स्वाद के साथ सेहत भी मिले, तो वह डेज़र्ट और भी खास बन जाता है। खसखस का हलवा एक ऐसा ही पारंपरिक व्यंजन है, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि शरीर को भीतर से गर्म रखने और ताकत देने में भी मदद करता है। यह हलवा खासतौर पर उत्तर भारत और आयुर्वेदिक परंपराओं में सर्दियों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।

    आमतौर पर सर्दियों में गाजर का हलवा या मूंग दाल का हलवा ज्यादा बनाया जाता है, लेकिन खसखस से बना हलवा अपनी अलग खुशबू, मलाईदार टेक्सचर और पोषण गुणों के कारण खास पहचान रखता है। खसखस कैल्शियम, आयरन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर होता है, जो ठंड के मौसम में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा देता है। अच्छी बात यह है कि इसे घर पर बहुत ही आसान तरीके से तैयार किया जा सकता है।खसखस का हलवा बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। आधा कप खसखस, एक कप दूध, 3 से 4 टेबलस्पून देसी घी, आधा कप चीनी या गुड़, थोड़ी सी इलायची और पसंद के ड्राई फ्रूट्स से यह स्वादिष्ट हलवा तैयार हो जाता है। सबसे पहले खसखस को अच्छे से धोकर 3–4 घंटे या रातभर के लिए भिगो देना चाहिए। इससे खसखस नरम हो जाता है और पीसने में आसानी होती है। भीगने के बाद थोड़ा दूध डालकर इसे मिक्सर में बारीक पीस लें, ताकि पेस्ट एकदम स्मूद बन जाए।

    अब कड़ाही में देसी घी गर्म करें और उसमें पिसा हुआ खसखस डालें। मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए इसे भूनें। कुछ ही देर में इसमें से खुशबू आने लगेगी और घी अलग दिखाई देने लगेगा। इसके बाद इसमें दूध डालें और धीमी आंच पर पकाते रहें। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे, तब इसमें चीनी या गुड़ डालें और अच्छी तरह मिलाएं। आखिर में इलायची पाउडर और कटे हुए काजू, बादाम व किशमिश डालकर 2–3 मिनट तक और पकाएं। बस तैयार है गरमागरम खसखस का हलवा।

    सेहत के लिहाज से खसखस का हलवा सर्दियों में बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है, कमजोरी और थकान दूर करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है और पाचन तंत्र को बेहतर करता है। साथ ही यह तुरंत ऊर्जा देने वाला पौष्टिक डेज़र्ट भी है।अगर आप रिफाइंड चीनी से परहेज करते हैं, तो इस हलवे में गुड़ या खजूर का पेस्ट इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे हलवा और भी हेल्दी बन जाता है। सर्दियों में परिवार के साथ बैठकर खसखस के हलवे का आनंद लेना स्वाद और सेहत-दोनों का बेहतरीन संगम साबित हो सकता है।

  • पहली फिल्म से बने दिलों की धड़कन, फिर फ्लॉप्स ने रोकी रफ्तार, लेकिन इस फिल्म के बाद छा गए सिद्धार्थ मल्होत्रा

    पहली फिल्म से बने दिलों की धड़कन, फिर फ्लॉप्स ने रोकी रफ्तार, लेकिन इस फिल्म के बाद छा गए सिद्धार्थ मल्होत्रा

    नई दिल्ली बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से जबरदस्त पहचान बना ली, लेकिन इंडस्ट्री में टिके रहना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। कुछ कलाकार लगातार हिट्स देकर आगे बढ़ते हैं, तो कुछ को अपने करियर में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। आज हम बात कर रहे हैं ऐसे ही एक अभिनेता की, जिसने डेब्यू से ही लाखों दिलों की धड़कन बनकर एंट्री की, लेकिन इसके बाद लगातार फ्लॉप फिल्मों के चलते उनका करियर सवालों के घेरे में आ गया।

    यह अभिनेता कोई और नहीं बल्कि सिद्धार्थ मल्होत्रा हैं, जो आज 16 जनवरी को अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर जानते हैं उनके फिल्मी सफर, संघर्ष और दमदार कमबैक की कहानी।

    पर्दे के पीछे से कैमरे के सामने तक का सफर

    सिद्धार्थ मल्होत्रा ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म ‘माई नेम इज खान’ से की, जहां उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। कैमरे के पीछे रहकर सिनेमा की बारीकियां सीखने के बाद सिद्धार्थ ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया।

    साल 2012 उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जब करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से उन्होंने बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में एंट्री की। इस फिल्म से आलिया भट्ट और वरुण धवन ने भी अपने करियर की शुरुआत की थी। सिद्धार्थ का स्टाइल, लुक और स्क्रीन प्रेजेंस देखते ही देखते उन्हें यूथ आइकन बना गया।

    सफलता के बाद आया फ्लॉप फिल्मों का दौर

    ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के बाद सिद्धार्थ साल 2014 में रोमांटिक ड्रामा ‘हंसी तो फंसी’ में नजर आए। फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, लेकिन इसके गाने काफी लोकप्रिय हुए। इसके बाद आई ‘एक विलेन’, जिसने सिद्धार्थ के करियर को नई उड़ान दी और उन्हें इंडस्ट्री के भरोसेमंद अभिनेताओं की सूची में शामिल कर दिया।

    हालांकि इस सफलता के बाद उनका करियर फिर डगमगा गया। ‘ब्रदर्स’, ‘बार-बार देखो’, ‘ए जेंटलमैन’, ‘इत्तेफाक’, ‘अय्यारी’, ‘जबरिया जोड़ी’ और ‘मरजावां’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर निराश किया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के चलते सिद्धार्थ का करियर एक बार फिर संकट में नजर आने लगा।

    ‘शेरशाह’ बनकर बदली किस्मत

    लगातार असफलताओं के बाद साल 2020 में रिलीज हुई फिल्म ‘शेरशाह’ सिद्धार्थ मल्होत्रा के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने कारगिल युद्ध के नायक कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों और समीक्षकों से जबरदस्त सराहना मिली।

    ‘शेरशाह’ न सिर्फ उस साल की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्मों में शामिल रही, बल्कि इसने सिद्धार्थ को एक गंभीर और दमदार अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म में कियारा आडवाणी के साथ उनकी केमिस्ट्री को भी खूब पसंद किया गया।

    रील से रियल लाइफ तक का सफर

    ‘शेरशाह’ के दौरान सिद्धार्थ और कियारा की नजदीकियां बढ़ीं, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गईं। लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने साल 2023 में शादी कर अपने रिश्ते को नया नाम दिया।

    आज सिद्धार्थ मल्होत्रा न सिर्फ एक सफल अभिनेता हैं, बल्कि संघर्ष के बाद कमबैक करने वाले कलाकारों की सूची में भी उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।

  • अकाल तख्त में पेशी के बाद बोले सीएम भगवंत मान, कहा- मेरा मकसद टकराव नहीं है

    अकाल तख्त में पेशी के बाद बोले सीएम भगवंत मान, कहा- मेरा मकसद टकराव नहीं है

    नई दिल्ली अकाल तख्त के सामने पेश होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोपों को लेकर उन्होंने अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका अकाल तख्त से किसी भी तरह का टकराव नहीं है और वे सिख संस्थाओं का पूरा सम्मान करते हैं। सीएम मान ने बताया कि अब जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज की अगुवाई में पांच सिंह साहिबानों की बैठक होगी, जिसमें उनके जवाब पर विचार कर आगे का फैसला लिया जाएगा।

    फॉरेंसिक जांच के लिए तैयार: सीएम मान

    पेशी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिन वीडियो को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाए गए हैं। सीएम मान ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में अकाल तख्त के जत्थेदार को पूरी जानकारी दे दी है और कहा है कि वे हर तरह की फॉरेंसिक जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के कामकाज को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें उन्होंने जत्थेदार साहिब के समक्ष रखा है।

    “जो भी फैसला होगा, मंजूर होगा”

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि वे अकाल तख्त के साथ टकराव की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें पूरी तरह भ्रामक हैं और उनकी अकाल तख्त में पूर्ण आस्था है। सीएम मान ने दो टूक कहा कि तख्त की ओर से लिया गया हर फैसला उन्हें स्वीकार होगा।

    उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंजाब सरकार धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।