Author: bharati
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गिरावट के बीच निवेशकों के लिए शानदार मौका, जानिए आज किस स्टॉक पर रखें नजर
नई दिल्ली ।आज के व्यापारिक माहौल में एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच GIFT निफ्टी घरेलू बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। 6 जनवरी को निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 376.28 अंक गिरकर 85,063.34 पर और निफ्टी 50 71.60 अंक गिरकर 26,178.70 पर बंद हुआ। इस गिरावट के बीच निवेशकों को कुछ खास कंपनियों के स्टॉक्स पर नजर रखने का मौका मिल सकता है जिनमें कॉर्पोरेट गतिविधियों के कारण महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।आज अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाली कंपनियाँआज गैलेक्सी एग्रीको एक्सपोर्ट्स महेश डेवलपर्स प्रीमियर एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और सिद्धेश्वरी गारमेंट्स तिमाही नतीजे जारी करेंगी जिससे इन स्टॉक्स में हलचल संभव है।प्रमुख कंपनियों के नतीजे और अपडेट्स टाइटन कंपनी Q3 YoYटाइटन ने दिसंबर तिमाही में घरेलू कारोबार में 38% की वृद्धि की जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 79% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी ने 54 नए घरेलू और 2 नए अंतरराष्ट्रीय स्टोर खोले जिससे कुल स्टोर की संख्या 3433 हो गई। यह मजबूत प्रदर्शन कंपनी के शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।ज्युबिलेंट फूडवर्क्स Q3 YoYज्युबिलेंट फूडवर्क्स का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू 13.4% बढ़कर ₹2,438.7 करोड़ हो गया है। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 5% रही और कंपनी ने 75 नए स्टोर खोले जिससे कुल स्टोर की संख्या 2,396 हो गई। यह अच्छा प्रदर्शन निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।लोढ़ा डेवलपर्स Q3 YoYलोढ़ा डेवलपर्स की प्री-सेल्स में 25% की वृद्धि हुई लेकिन कलेक्शन में 17% की गिरावट आई। कंपनी ने ₹33,800 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू वाले पांच नए प्रोजेक्ट जोड़े हैं जो स्टॉक की दिशा पर असर डाल सकते हैं।यस बैंकयस बैंक को NSDL से अपने रिटेल डिवीजन के डीमैट अकाउंट्स को अपनी सब्सिडियरी यस सिक्योरिटीज इंडियाको ट्रांसफर करने की मंज़ूरी मिल गई है। यह कदम बैंक के भविष्य के लिए सकारात्मक हो सकता है।IRB इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्टIRB इंफ्रा ट्रस्ट ने ओडिशा में NHAI के प्रोजेक्ट के लिए सफलतापूर्वक बोली लगाई है। ट्रस्ट को 20 साल के रेवेन्यू-लिंक्ड कंसेशन अवधि के लिए ₹3087 करोड़ की अपफ्रंट बिड कंसेशन फीस देना होगा जो इसके लिए एक महत्वपूर्ण विकास हो सकता है।बायोकॉनबायोकॉन की सब्सिडियरी बायोकॉन बायोलॉजिक्स JP मॉर्गन हेल्थकेयर कॉन्फ्रेंस में नए ऑन्कोलॉजी बायोसिमिलर पेश करेगी जो कैंसर के इलाज के क्षेत्र में कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा।पिडिलाइट इंडस्ट्रीजपिडिलाइट इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी पिडिलाइट वेंचर्स ने Pepperfry में अपनी पूरी हिस्सेदारी 100% शेयर-स्वैप डील में ट्रांसफर कर दी है जिससे कंपनी के विकास की दिशा पर असर हो सकता है।ONGCONGC ने इरुसुमंडा क्षेत्र में लगी आग को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है जिससे कंपनी के संचालन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।फिनो पेमेंट्स बैंकफिनो पेमेंट्स बैंक ने नए कोर बैंकिंग सिस्टम को लागू करने की घोषणा की है। 8-10 जनवरी के बीच माइग्रेशन के दौरान बैंकिंग सेवाओं का निलंबन रहेगा जिसका असर बैंक के स्टॉक्स पर हो सकता है।रिलायंस इंडस्ट्रीजरिलायंस ने रूस से तेल आयात करने के दावों को खारिज किया है और इसे झूठा और मानहानिकारक बताया है। यह कंपनी के स्टॉक्स के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है खासकर जब बात विश्वव्यापी तेल आपूर्ति की हो। आज इन कंपनियों के परिणाम और घटनाओं के बीच निवेशक इन स्टॉक्स पर नजर रख सकते हैं। गिरावट के बीच यह कुछ स्टॉक्स अच्छे निवेश अवसर प्रदान कर सकते हैं। -

खंडवा के गांवों में फ्लोराइड से सैंकड़ों प्रभावित, बच्चों और युवाओं की सेहत पर संकट
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के किल्लौद ब्लॉक में पीने के पानी में फ्लोराइड की उच्च मात्रा के कारण इलाके के ग्रामीणों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। एक दर्जन से ज्यादा गांवों में लोग मजबूरी में दूषित पानी पी रहे हैं, जिससे बच्चों और युवाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उभरकर सामने आ रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कई बच्चों के दांत पीले पड़ गए हैं, युवाओं के हाथ ठीक से नहीं मुड़ पा रहे, और जोड़ों में दर्द, कमजोरी और इंफेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
पानी की जांच में कई गांवों में फ्लोराइड का स्तर 2.0 से 5.0 पीपीएम पाया गया, जबकि सुरक्षित सीमा 1.0 पीपीएम से कम मानी जाती है। अधिक फ्लोराइड के कारण क्षेत्र में डेंटल और स्केलेटल फ्लोरोसिस के लक्षण दिखाई देने लगे हैं।किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी में हालात और भी चिंताजनक हैं। यहां नल-जल योजना के तहत जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसमें भी फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। पूरे गांव में पीने का पानी केवल एक बोरवेल से सप्लाई होता है, जिससे लगभग 3 हजार लोग प्रभावित हैं।
ग्रामवासी शिवराज सिंह सिसोदिया ने कहा, बच्चों के दांत पीले हो रहे हैं, युवाओं के हाथों में दिक्कत है और लीवर इंफेक्शन जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। हमें सुरक्षित पीने का पानी चाहिए। इंदौर जैसी घटना हमारे गांव में न हो।मामला गंभीर होने पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की टीम ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। जिन हैंडपंप और ट्यूबवेल में फ्लोराइड का स्तर अधिक पाया गया, वहां लाल निशान लगाकर लोगों से पानी न पीने की चेतावनी दी गई।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि PHE द्वारा दूषित जल स्रोतों की पहचान कर लाल निशान लगाए गए हैं। ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाबों और वाटर टैंकों का निर्माण कर लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ चिह्नांकन किया गया, लेकिन न तो बोरवेल पूरी तरह बंद किए गए और न ही फिल्टर प्लांट या स्थायी शुद्ध पेयजल व्यवस्था शुरू की गई। लंबे समय से लोग फ्लोरोसिस और अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान कागजों तक ही सीमित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, बच्चों की दंत संरचना प्रभावित होती है और गंभीर मामलों में स्थायी अपंगता का खतरा भी बन सकता है।
खंडवा के यह हालात ग्रामीणों और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी हैं कि जल सुरक्षा और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित करना आवश्यक है।
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SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! क्या आधार अपडेट नहीं किया तो ब्लॉक हो जाएगा YONO ऐप?
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद अहम चेतावनी सामने आई है। अगर आप भी SBI के ग्राहक हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बहुत ज़रूरी है। इन दिनों SBI ग्राहकों के WhatsApp पर बैंक के नाम से एक संदिग्ध मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि अगर ग्राहक ने अपना आधार अपडेट नहीं किया, तो उसका SBI YONO मोबाइल ऐप ब्लॉक कर दिया जाएगा।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मैसेज के साथ एक APK फाइल भी भेजी जा रही है और ग्राहकों से इसे तुरंत इंस्टॉल करने को कहा जा रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह मैसेज पूरी तरह फर्जी है और इसका मकसद ग्राहकों की निजी जानकारी और बैंक डिटेल्स चुराना है।
जैसे ही कोई ग्राहक इस APK फाइल को डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का कंट्रोल साइबर ठगों के हाथ में जा सकता है। इसके बाद बैंक अकाउंट खाली होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
ध्यान रखें, SBI या कोई भी बैंक कभी WhatsApp पर APK फाइल भेजकर ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहता। अगर आपके पास ऐसा कोई मैसेज आए, तो उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी लिंक या फाइल पर क्लिक न करें।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत बैंक या साइबर हेल्पलाइन को दें। आपकी एक छोटी सी गलती भारी नुकसान में बदल सकती है।
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एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप
नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री डैजी शाह के घर के पास मंगलवार को आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में चुनावी प्रचार गतिविधियां चल रही थीं। डैजी शाह ने इस आगजनी के लिए एक राजनीतिक पार्टी के प्रचार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।डैजी शाह के अनुसार, उनके घर से सटी एक इमारत के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़े गए, जिनसे आग भड़क उठी। घटना के तुरंत बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलती हुई बिल्डिंग और आसपास अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। वीडियो में डैजी शाह गुस्से और चिंता के साथ यह कहते हुए नजर आती हैं कि ऐसी हरकतें बेहद खतरनाक हैं और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।वीडियो में डैजी शाह कहती हैं कि प्रचार के दौरान सड़क पर और रिहायशी इमारत के बेहद करीब पटाखे जलाए गए, जबकि यह इलाका पूरी तरह से रेसिडेंशियल है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के पटाखे फोड़ने की इजाजत आखिर किसने दी। अभिनेत्री ने बताया कि आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह उनके घर के बिल्कुल पास है और कुछ देर के लिए स्थिति काफी भयावह हो गई थी।
डैजी शाह ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही प्रचार में शामिल लोग मौके से भाग गए। उनके मुताबिक, करीब 200 लोगों का एक समूह वहां मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, सभी वहां से गायब हो गए और स्थिति को संभालने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एक राजनीतिक पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए नागरिक समझ और जिम्मेदारी की कमी का आरोप लगाया।अपने पोस्ट के कैप्शन में डैजी शाह ने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग कमेटी ने पहले ही प्रचार के लिए घर-घर जाकर कैंपेन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
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सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम
नई दिल्ली । अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने कांग्रेसआम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दुष्यंत गौतम ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा से पूरा भरोसा रहा है और अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितनी भी जोर से फैलाया जाएअंततः टिक नहीं पाता।दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए दुष्यंत गौतम ने कहा कि वे हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करते आए हैं। उन्होंने कहा“सत्यमेव जयते। अंत में सच की ही जीत होती है। आज अदालत के आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झूठ और दुष्प्रचार की एक सीमा होती है।उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। दुष्यंत गौतम ने कहा कि एक बेटी की निर्मम हत्या को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर छह महीने बाद एक नया नैरेटिव गढ़ा जाता हैकभी उनका नाम जोड़ा जाता हैतो कभी किसी और का। इससे न तो सच्चाई सामने आती है और न ही पीड़ित बेटी को न्याय मिलता है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेसआम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे थे।मेरी मानहानि की गईमेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और उस बेटी का बार-बार अपमान किया गया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो और पोस्ट डाली गईंवे पूरी तरह झूठी थीं और उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए, उन्होंने कहदुष्यंत गौतम ने स्पष्ट किया कि घटना के समय वे उत्तराखंड गए ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी लोकेशनकार्यक्रम और आधिकारिक रिकॉर्ड यह साफ दिखाते हैं कि उनके खिलाफ फैलाया गया प्रचार पूरी तरह झूठा और द्वेषपूर्ण था। इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक चुप रहना उचित समझाक्योंकि वे सत्य के साथ खड़े थे।
उन्होंने यह भी बताया कि लगातार आरोपों और सोशल मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।मैं विचलित भी हुआदुखी भी। मेरी छवि को नुकसान पहुंचा। लेकिन जब झूठ पूरे देश में फैलाया जाने लगा और पानी सिर के ऊपर चला गयातब मुझे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना पड़ा, उन्होंने कहा।इस बीचदिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम की मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया कि वे 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाएंजिनमें उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अंतरिम आदेश में दोनों दलों को भविष्य में भी ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से रोक दिया है।
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JNU नारेबाजी पर उमर खालिद के पिता का बड़ा हमला: बोले-विरोध अब अपराध बन गया, कन्हैया कुमार राजनीतिक दबाव में चुप
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हाल ही में हुई नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन को लेकर उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में अब विरोध करना अपराध बनता जा रहा है, जबकि गंभीर अपराधों के दोषियों को आसानी से जमानत मिल जाती है। उनका कहना है कि यह स्थिति लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए बेहद चिंताजनक है।सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उमर खालिद और शरजील इमाम को मिली जमानत के खिलाफ कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ नारे जरूर लगाए गए, लेकिन कोई आधिकारिक बयान या भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “यह विरोध न तो हिंसक था और न ही किसी कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाला, फिर भी एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट तैयार कर दी गई। यह दर्शाता है कि असहमति को दबाने का एक चलन बन चुका है।”उमर खालिद के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने के बावजूद उसे लंबे समय तक जेल में रखा गया।
उन्होंने कहा कि दंगों के समय उमर खालिद की मौजूदगी तक साबित नहीं हो पाई, इसके बावजूद उसे जमानत नहीं दी गई, जबकि उसी एफआईआर में नामजद कुछ अन्य आरोपियों को राहत मिल चुकी है। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।कासिम रसूल इलियास ने इस पूरे मामले में कन्हैया कुमार का जिक्र करते हुए भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार और उमर खालिद दोनों जेएनयू में सहपाठी रहे हैं और 2016 के मामले में दोनों को आरोपी बनाया गया था। इसके बावजूद कन्हैया कुमार इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कन्हैया कुमार अब एक राजनेता हैं और किसी राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं। पार्टी और राजनीति से जुड़े दबावों के कारण वे उमर खालिद के मुद्दे पर सवाल उठाने से पीछे हट रहे हैं। यह स्थिति अजीब जरूर है, लेकिन उनकी राजनीतिक मजबूरियां उनके पैरों में बेड़ियों की तरह हैं।”
सैयद कासिम का मानना है कि मौजूदा दौर में छात्रों और युवा वर्ग के लिए शांतिपूर्ण विरोध करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब देश में बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के आरोपी भी जमानत पा जाते हैं, तो केवल नारे लगाने या विरोध दर्ज कराने वालों को निशाना बनाना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।उन्होंने आगे कहा कि राजनीति और निजी स्वार्थों के चलते असल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। यदि राजनीतिक हस्तक्षेप न हो, तो उमर खालिद जैसे मामलों में निष्पक्ष और त्वरित न्याय संभव हो सकता है। उनके अनुसार, प्रशासन और न्यायपालिका को राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
सैयद कासिम रसूल इलियास ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति की आवाज़ को दबाना समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज, न्यायपालिका और संस्थाएं मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि छात्रों और नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे।इस बयान से साफ है कि उमर खालिद के परिवार के लिए न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनके पिता का मानना है कि न्याय और राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है, और यदि इस पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंच सकती है।
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राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी का आयोजन बालोद में 9 से 13 जनवरी तक होगी ऐतिहासिक मेगा इवेंट
नई दिल्ली । बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक होने वाला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी अब किसी भी शंका या विवाद से परे स्पष्ट रूप से निर्धारित हो चुका है। भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने पुष्टि की है कि यह आयोजन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बालोद के दुधली में होगा। इससे पहले इस आयोजन को लेकर कई अफवाहें और अटकलें चल रही थीं जिन पर अब विराम लग चुका है।14 000 प्रतिभागियों का मेगा इवेंट
यह जम्बूरी भारत स्काउट एवं गाइड नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित होने वाला देश का पहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी है जिसमें देश-विदेश से लगभग 14 000 प्रतिभागी भाग लेंगे। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ से लगभग 4 292 स्काउट और गाइड शामिल होंगे। इस जम्बूरी के माध्यम से न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को एक नई पहचान मिलेगी क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय सहभागिता भी देखने को मिलेगी।
तैयारियों में तेजी
राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से नियमों के अनुसार की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन भारत स्काउट एवं गाइड संगठन और स्वयंसेवकों की टीम मिलकर काम कर रही है। आयोजन स्थल की तैयारियां भी अपनी अंतिम रूपरेखा में हैं ताकि आने वाले 14 000 प्रतिभागियों के लिए सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।बालोद को मिलेगी नई पहचान
इंद्रजीत सिंह ने कहा इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश और विदेश में एक नई पहचान मिलेगी। हजारों रोवर-रेंजरों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा जिससे युवा शक्ति को नेतृत्व अनुशासन और सेवा भाव का अहम संदेश मिलेगा। यह आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है जो युवाओं को प्रेरित करने और उनके अंदर देशप्रेम और सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करने का एक बेहतरीन मंच साबित होगा।
युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसरपहला राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा जिससे उन्हें स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना – सेवा अनुशासन और देशप्रेम को और सशक्त बनाने का अवसर मिलेगा। बालोद में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरव का विषय है और यह न केवल राज्य के बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
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T20 World Cup 2026 ICC के फैसले के बाद बांग्लादेश को भारत में ही खेलने होंगे मैच BCB का बड़ा बयान
नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन को लेकर भारत और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच जो तनाव बना हुआ था वह अब लगभग समाप्त होता हुआ नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें उसने भारत में होने वाले अपने मैच किसी अन्य देश में कराने का अनुरोध किया था। ICC के इस सख्त रुख के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि बांग्लादेश की टीम को भारत में ही अपने सभी निर्धारित मुकाबले खेलने होंगे।ICC का सख्त रुख
ICC ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर बांग्लादेश टीम भारत आने से इनकार करती है तो उसे टूर्नामेंट के अंक गंवाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को यह आश्वासन भी दिया कि बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी और टूर्नामेंट के दौरान उसकी सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके बाद BCB ने आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने ICC की ओर से प्राप्त लिखित जवाब का उल्लेख किया। BCB ने बताया कि ICC ने बांग्लादेश की सुरक्षा संबंधित सभी चिंताओं का समाधान किया है और टीम को भारत में खेलने के लिए पूरी तरह से आश्वस्त किया है।
BCB का बयानBCB ने अपने बयान में कहा हमें ICC की ओर से लिखित जवाब प्राप्त हुआ है जिसमें हमारे सभी सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान किया गया है। ICC ने आश्वस्त किया है कि बांग्लादेश टीम को पूरी सुरक्षा दी जाएगी और हम बिना किसी परेशानी के भारत में अपने मुकाबले खेल सकेंगे। इसके साथ ही BCB ने यह भी बताया कि ICC ने टूर्नामेंट से जुड़े किसी भी सुझाव या इनपुट को गंभीरता से लेने का वादा किया है और इस पर काम करने को तैयार है। हालांकि ICC की ओर से इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
भारत में खेले जाएंगे अहम मुकाबलेटी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश टीम को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में तीन अहम मुकाबले खेलने हैं। बांग्लादेश का पहला मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा इसके बाद 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले होंगे। इसके अलावा बांग्लादेश को 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ भी मुकाबला खेलना है। इस टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबले होंगे और यह टीम की प्रगति के लिए एक अहम अवसर साबित हो सकता है।
आखिरकार स्थिति स्पष्टICC के फैसले और सुरक्षा के पुख्ता आश्वासन के बाद अब यह लगभग साफ हो चुका है कि बांग्लादेश टीम 2026 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप के अपने सभी मुकाबले भारत में ही खेलेगी। ICC का यह रुख टूर्नामेंट की तैयारियों को और मजबूती प्रदान करता है साथ ही यह संदेश भी देता है कि भारत में होने वाले इस मेगा इवेंट में सभी टीमों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
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जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी
नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री में जब भी मेहनत और संघर्ष से सफलता पाने वाले कलाकारों की बात होती है तो अभिनेता यश का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले यश का सफर आसान नहीं रहा। जेब में सिर्फ 300 रुपये और आंखों में बड़े सपने लेकर घर छोड़ने वाला यह युवक आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिना जाता है।अभिनेता यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के छोटे से गांव भुवनहल्ली में हुआ था। उनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनके पिता बीएमटीसी में बस चालक थे और माता एक गृहिणी थीं। परिवार साधारण था और माता-पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर सुरक्षित सरकारी नौकरी करे। लेकिन यश का मन बचपन से ही अभिनय की दुनिया में बस चुका था।स्कूल के दिनों में यश नाटकों और डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। मंच पर तालियों की गूंज उन्हें खास सुकून देती थी और यहीं से उनके भीतर अभिनेता बनने का सपना मजबूत होता गया। जब परिवार ने उनके इस सपने का विरोध किया तो यश ने एक कठिन लेकिन साहसी फैसला लिया। वह सिर्फ 300 रुपये लेकर घर से निकल पड़े और बेंगलुरु का रुख किया। उन्हें डर था कि अगर वापस लौटे तो फिर कभी अपने सपनों के पीछे नहीं भाग पाएंगे।
बेंगलुरु पहुंचकर यश ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्हें बड़े रोल नहीं मिले। वह बैकस्टेज काम करते रिप्लेसमेंट कलाकार बनते और छोटे-छोटे किरदार निभाते रहे। कई बार हालात इतने मुश्किल हुए कि गुजारा करना भी चुनौती बन गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यही संघर्ष उनके भविष्य की मजबूत नींव बना।साल 2008 में यश को कन्नड़ फिल्म मोगिना मनासु से सिनेमा में पहला बड़ा मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर भी मिला। इसके बाद राजधानी गजकेसरी मास्टरपीस जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया।
हालांकि यश की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ 2018 में आया जब केजीएफ चैप्टर 1 रिलीज हुई। फिल्म में रॉकी भाई का किरदार निभाकर उन्होंने पूरे देश में पहचान बना ली। इसके बाद केजीएफ चैप्टर 2 ने इतिहास रच दिया और 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।निजी जीवन में यश ने अपनी को-स्टार राधिका पंडित से 2016 में शादी की। दोनों ने मिलकर यशो मार्ग फाउंडेशन की शुरुआत की जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और जल संरक्षण के लिए काम करता है। आज यश सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं बल्कि संघर्ष आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल बन चुके हैं।
