Author: bharati

  • फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    नई दिल्ली। फरवरी का महीना खूबसूरत होने के साथ-साथ त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी माना जाता है। इस समय दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडी हवाएं त्वचा को रूखापन, लाल दाने, पिंपल्स और धब्बों जैसी परेशानियों का सामना करने पर मजबूर कर सकती हैं। बदलते मौसम में त्वचा की नमी और पोषण बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में स्किन ड्राईनेस से बचने के लिए हाइड्रेशन, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

    मॉइस्चराइजिंग – नमी बनाए रखना है जरूरी

    फरवरी में त्वचा को हाइड्रेट रखना सबसे अहम है। सुबह और रात को सोने से पहले मॉइस्चराइजिंग करें। यह रूखापन और खुजली से बचाता है। चेहरे और हाथ-पैर की त्वचा पर खास ध्यान दें। हल्का और त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें, जिससे स्किन हमेशा कोमल और नरम बनी रहे।

    हाइड्रेटेड रहें – पानी पिएं, त्वचा चमकाएं

    सर्दियों में अक्सर हम पानी कम पीते हैं, जिससे त्वचा भी सूखने लगती है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखता है। इसके साथ ही ताजगी और ग्लो बनाए रखने में मदद मिलती है। हाइड्रेशन से त्वचा के अंदरूनी पोषण भी बना रहता है और चेहरे की बनावट बेहतर होती है।

    सनस्क्रीन – धूप से सुरक्षा

    फरवरी में धूप कम होती है, लेकिन सूरज की UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसलिए बाहर जाते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें। यह त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है, धब्बों और समय से पहले झुर्रियों को रोकता है।

    हल्के गर्म पानी से नहाएं

    बहुत गर्म पानी से नहाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है। हल्का गर्म पानी त्वचा को मुलायम बनाता है। नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है, जिससे नमी लॉक होकर त्वचा को स्वस्थ और तरोताजा रखता है।

    सही फेसवॉश का चुनाव

    चेहरा धोते समय ऐसा फेसवॉश चुनें जो नरम हो और त्वचा की नमी बनाए। यह स्किन को सूखने से बचाता है और पोषण प्रदान करता है। हल्के हाथों से मसाज करें और दिन में दो बार सफाई करें।

    फरवरी में त्वचा की देखभाल टिप्स:

    बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन लगाएं।

    दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।

    हल्का मॉइस्चराइजर और फेसवॉश इस्तेमाल करें।

    बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें।

  • Union Budget 2026: किस योजना में कितना पैसा खर्च होगा, बजट बनाते समय कैसे होता है तय; क्या होती है पूरी कैलकुलेशन?

    Union Budget 2026: किस योजना में कितना पैसा खर्च होगा, बजट बनाते समय कैसे होता है तय; क्या होती है पूरी कैलकुलेशन?

    नई दिल्ली। Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं. यह उनका लगातार नौंवा बजट होगा. यह ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता का सामना कर रही है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर सरकार यह कैसे तय करती है कि किस योजना में कितना पैसा जाएगा.

    बजट की तैयारी 6 महीने पहले शुरू होती है

    बजट बनाने की पूरी प्रक्रिया जनवरी में शुरू नहीं होती बल्कि यह सितंबर अक्टूबर के आसपास शुरू हो जाती है. इस पूरी प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों का विभाग सभी मंत्रालयों और विभागों को एक बजट सर्कुलर जारी करता है. हर मंत्रालय चल रही योजनाओं, प्रतिबद्ध देनदारियों और प्रस्तावित नई पहलों को कवर करते हुए विस्तृत व्यय अनुमान प्रस्तुत करता है. यह सभी अनुमान आगे की गणनाओं के लिए आधार डेटा बनाते हैं.

    चार मुख्य स्तंभ आवंटन तय करते हैं

    बजट आवंटन सिर्फ इस वजह से नहीं दिए जाते क्योंकि कोई मंत्रालय ज्यादा पैसे मांगता है. वित्त मंत्रालय चार प्रमुख तकनीकी मानदंडों का इस्तेमाल करके प्रस्तावों का मूल्यांकन करता है.

    पहला है पूंजी और राजस्व व्यय के बीच संतुलन. सरकार पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देती है. ऐसे इसलिए क्योंकि यह केवल वेतन या रखरखाव के लिए धन देने के बजाय लंबे समय की संपत्ति बनता है और विकास को बढ़ावा देता है. दूसरा है आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी अनुमान. सभी बजट संख्याएं जीडीपी के प्रतिशत के रूप में गणना की जाती है. इसमें वास्तविक विकास और इन्फ्लेशन दोनों शामिल है.

    तीसरा आता है राजकोषीय घाटे का लक्ष्य. सरकार कोई यह तय करना होता है कि वह अपनी आय से कितना अतिरिक्त खर्च कर सकती है. यह घाटा आमतौर पर जीडीपी के एक तय प्रतिशत पर सीमित होता है. चौथा कारक पिछला प्रदर्शन है. जिन योजनाओं ने अपने पिछले आवंटन का अच्छी तरह से इस्तेमाल कर लिया है और मापने योग्य परिणाम दिखाएं हैं उन्हें ज्यादा धन मिलने की संभावना ज्यादा होती है.

    असली बजट गणित

    एक बार जब कुल अपेक्षित राजस्व की गणना हो जाती है तो सरकार इसे 100 पैसे की तरह मानती है जिसे वितरित किया जाना चाहिए. एक बड़ा हिस्सा अनिवार्य एक्सपेंडिचर के रूप में लॉक कर दिया जाता है. अकेले ब्याज भुगतान कुल खर्च का लगभग 20% इस्तेमाल करता है. सेंट्रल टैक्स में राज्यों का हिस्सा लगभग 22% है और डिफेंस एक्सपेंडिचर लगभग 8%. सैलरी और पेंशन भी ज्यादातर नॉन नेगोशिएबल होते हैं. इन तय खर्चों का हिसाब लगाने के बाद ही सरकार तय करती है कि डेवलपमेंट स्कीम के लिए कितना पैसा बचा है.

    स्कीम की फंडिंग कैसे बांटी जाती है

    बचे हुए फंड को सेंट्रल सेक्टर स्कीम और केंद्रीय प्रायोजित स्कीम में बांटा जाता है. यहां खर्च अक्सर 60:40 या 50:50 के अनुपात में राज्यों के साथ शेयर किया जाता है. इंफ्रास्ट्रक्चर, वेलफेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और हेल्थ जैसे प्रायरिटी सेक्टर इस सीमित फाइनेंशियल दायरे में मुकाबला करते हैं.

    बजट को फाइनल करने से पहले वित्त मंत्रालय हर मंत्रालय के साथ मीटिंग करता है. यह अक्सर फाइनेंशियल लिमिट में रहने के लिए मांगों में कटौती करता है. फाइनल वर्जन को प्रधानमंत्री और केंद्रीय कैबिनेट मंजूरी देते हैं. इसके बाद बजट को संसद में अनुदान मांगों के रूप में पेश किया जाता है. यह पैसा तभी खर्च किया जा सकता है जब सांसद वोटिंग के जरिए से मंजूरी दे.

  • बैटल ऑफ गलवान का बॉक्स ऑफिस धमाका: एक्सपर्ट बोले- ₹300 करोड़ तो बस शुरुआत है, इन 5 वजहों से हिट होगी फिल्म!

    बैटल ऑफ गलवान का बॉक्स ऑफिस धमाका: एक्सपर्ट बोले- ₹300 करोड़ तो बस शुरुआत है, इन 5 वजहों से हिट होगी फिल्म!


    मुंबई। सलमान खान की मच-अवेटेड फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। टीजर में सलमान के लुक को लेकर हुए ट्रोल्स के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि फिल्म का हाल भी पिछली कुछ फिल्मों जैसा हो सकता है लेकिन ट्रेड विशेषज्ञों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रेड एनालिस्ट सुमित कादेल सहित कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस फिल्म को सिकंदर या किसी का भाई किसी की जान के चश्मे से देखना भारी भूल होगी। जानकारों की मानें तो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ₹300 करोड़ का आंकड़ा बेहद आसानी से पार कर सकती है।

    ट्रोल्स को नजरअंदाज कर विशेषज्ञों ने बताए हिट होने के 5 बड़े कारण

    रियल लाइफ हीरोज और देशप्रेम का जज्बा आजकल सिनेमाघरों में भारतीय सशस्त्र सेनाओं और असल जिंदगी के नायकों पर आधारित फिल्मों का जबरदस्त ट्रेंड है। धुरंधर और बॉर्डर-2 की अपार सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दर्शक पर्दे पर देशभक्ति के शौर्य को देखना पसंद कर रहे हैं।  हालिया इतिहास का कनेक्शन यह फिल्म दशकों पुराने इतिहास पर नहीं बल्कि गलवान घाटी में हुए उस हालिया भारत चीन संघर्ष पर आधारित है जिसकी यादें हर भारतीय के जेहन में ताजा हैं। चीनी सैनिकों को धूल चटाने वाली भारतीय जांबाजों की यह कहानी दर्शकों को सीधे तौर पर जोड़ेगी।

    एक्शन और क्लाइमेक्स की ताकत विशेषज्ञों के अनुसार फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका हाई-ऑक्टेन एक्शन और इमोशनल क्लाइमेक्स होगा। अगर फिल्म की कहानी और मेकिंग में दम हुआ तो सलमान का स्टारडम इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। कम बजट ज्यादा मुनाफा बड़े बजट की फिल्मों के मुकाबले बैटल ऑफ गलवान’ का बजट काफी नियंत्रित रखा गया है। ऐसे में यदि फिल्म ₹250-300 करोड़ का कलेक्शन भी करती है तो यह सुपरहिट की श्रेणी में खड़ी होगी।

    सलमान खान का मास अपील भले ही पिछले कुछ प्रोजेक्ट्स ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न किया हो, लेकिन मास सर्किट सिंगल स्क्रीन्स में सलमान खान का जलवा आज भी बरकरार है। गलवान जैसी विषय वस्तु उनके पुराने रफ एंड टफ अवतार को वापस ला सकती है। ट्रेड एक्सपर्ट सुमित कादेल ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा इसे हल्के में मत लो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फट भी सकती है। यानी अगर कंटेंट क्लिक कर गया तो यह फिल्म उम्मीद से कहीं बड़ा रिकॉर्ड बना सकती है। अब देखना यह है कि क्या सलमान खान धुरंधर जैसी सफलता को दोहरा पाएंगे?

  • Budget 2026: निर्मला सीतारमण के एक के बाद एक बड़े ऐलान, जानिए किस सेक्टर को मिला क्या?

    Budget 2026: निर्मला सीतारमण के एक के बाद एक बड़े ऐलान, जानिए किस सेक्टर को मिला क्या?


    नई दिल्ली । संसद के भीतर जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया, देश की अर्थव्यवस्था की दिशा पर सबकी नजरें टिक गईं। बजट 2026 में उन्होंने एक के बाद एक ऐसे ऐलान किए, जिनका असर सीधे आम आदमी से लेकर उद्योग, स्टार्टअप, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तक दिखने वाला है। कहीं मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार देने की बात हुई, तो कहीं शहरों को आर्थिक हब बनाने का रोडमैप सामने आया। आइए, बजट 2026 के बड़े ऐलानों पर नजर डालते हैं।
    बायोफॉर्मा शक्ति मिशन की शुरुआत: सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ बायोफॉर्मा शक्ति पहल शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका मकसद देश की बायोफार्मा क्षमताओं को नई मजबूती देना है।
    हाईटेक टूल रूम और माइनिंग कॉरिडोर: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि दो अत्याधुनिक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही केरल और तमिलनाडु में नए माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
    इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके तहत तकनीकी क्षमता बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए उद्योग के नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर खास फोकस रहेगा।
    चार राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज संपन्न राज्यों में समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि दुर्लभ मृदा खनिजों और स्थायी चुम्बकों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
    SME ग्रोथ फंड का ऐलान: छोटे और मझोले उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए बजट 2026 में 10,000 करोड़ रुपये का विशेष SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन होगा और चयनित मानदंडों पर खरे उतरने वाले MSME को प्रोत्साहन मिलेगा।

  • Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि की रात करें ये छोटा सा उपाय, करियर और बिजनेस में आ जाएगी तेजी

    Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि की रात करें ये छोटा सा उपाय, करियर और बिजनेस में आ जाएगी तेजी


    नई दिल्ली । फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह पावन पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना गया है। माना जाता है इसी पावन तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए महाशिवरात्रि को शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। यही नहीं साधक के जीवन से कष्ट, रोग, भय भी दूर होते हैं। महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से महिलाएं सुख-सौभाग्य और अखंड सुहाग की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करती हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी 2026 को रखा जाएगा। इस तिथि पर कई शुभ योग बने हुए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं नौकरी और व्यापार में तरक्की के लिए महाशिवरात्रि पर कौन से उपाय किए जा सकते हैं।

    व्यापार उन्नति के लिए विशेष उपाय
    महाशिवरात्रि पर धतूरे का उपाय करने से व्यापार में तरक्की के योग बनते हैं। इसके लिए महाशिवरात्रि की रात किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर एक धतूरा अर्पित करें। इसके बाद मंदिर के बाहर कम से कम 30 मिनट तक प्रतीक्षा करें और इस दौरान “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का जाप करते रहें।

    व्यापार उन्नति के लिए विशेष उपाय

    यदि आपके घर या व्यापार स्थान पर लक्ष्मी का वास नहीं हो रहा है, तो आधे घंटे बाद उस धतूरे को उठाकर लाल कपड़े में बांध लें। इसके बाद उसे अपनी दुकान या व्यवसाय स्थल पर सुरक्षित स्थान पर बांध दें। ऐसा करने से शिव कृपा प्राप्त होती है और व्यापार में लाभ के योग बनने लगते हैं।
    धतूरा उपाय करने का सही समय

    धतूरे का यह उपाय महाशिवरात्रि की रात ठीक 12 बजे करना श्रेष्ठ माना गया है। धतूरे को शिवलिंग पर 12 बजे से 12:30 बजे तक अर्पित रहने दें। इसके बाद उसे लाल कपड़े में बांधकर अपनी दुकान में रखें। आप इसे रात 12:30 बजे से सुबह 4 बजे तक कभी भी बांध सकते हैं। दरअसल, यह उपाय महाशिवरात्रि के अलावा मासिक शिवरात्रि पर भी किया जा सकता है।

    निशिता काल और सर्वार्थ सिद्धि योग

    इस साल महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। यह शक्तिशाली योग 12 घंटे से अधिक समय के लिए रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7 बजे से लेकर शाम 7:48 बजे तक रहने वाला है। यह अवधि महाकाल की उपासना और शिवलिंग जलाभिषेक के लिए फलदायी रहने वाली है। महाशिवरात्रि पर निशिता काल रात 11:52 बजे से लेकर रात 12:42 बजे तक रहेगा।

  • Post Office की MIS स्कीम में ₹2,00,000 जमा करें तो हर महीने कितना मिलेगा ब्याज- चेक करें डिटेल्स

    Post Office की MIS स्कीम में ₹2,00,000 जमा करें तो हर महीने कितना मिलेगा ब्याज- चेक करें डिटेल्स


    नई दिल्ली । देश का मिडल क्लास और लोअर क्लास आज भी पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं पर पूरा भरोसा करता है। पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में नागरिकों को न सिर्फ सुरक्षा मिलती है, बल्कि शानदार रिटर्न भी मिलता है। पोस्ट ऑफिस की तमाम बचत योजनाओं में मंथली इनकम स्कीम भी काफी पॉपुलर है। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेशकों को 5 साल तक हर महीने ब्याज के फिक्स पैसे मिलते रहते हैं। यहां हम जानेंगे कि पोस्ट ऑफिस की एमआईएस स्कीम में 2 लाख रुपये जमा करें तो हर महीने कितने रुपये का ब्याज मिलेगा।

    एमआईएस खाते पर मिल रहा है 7.4 प्रतिशत का ब्याज

    डाकघर की मंथली इनकम स्कीम यानी MIS पर 7.4 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है। इस स्कीम में सिर्फ एक बार ही पैसा जमा करना होता है और हर महीने आपको ब्याज मिलता रहता है। ये स्कीम 5 साल में मैच्यॉर होती है। इस स्कीम में कम से कम 1000 रुपये के साथ खाता खुलवाया जा सकता है। एमआईएस स्कीम के तहत सिंगल और जॉइंट, दोनों तरह के अकाउंट खुलवाए जा सकते हैं। सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। इस स्कीम के तहत जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 3 लोगों के नाम जोड़े जा सकते हैं।

    सिर्फ एक बार जमा करना होता है पैसा, हर महीने मिलता है ब्याज

    पोस्ट ऑफिस की एमआईएस स्कीम में सिर्फ एक बार पैसे जमा किए जाते हैं और इसके लिए आपको हर महीने ब्याज का भुगतान किया जाता है। ब्याज के ये पैसे सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। अगर आप पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम में 2 लाख रुपये का निवेश करते हैं तो आपको हर महीने 1233 रुपये का फिक्स ब्याज मिलेगा। 5 साल में खाता मैच्यॉर होने के बाद आपके निवेश के सारे पैसे आपके खाते में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं।

    डाकघर का बचत खाता होना जरूरी

    पोस्ट ऑफिस में एसआईएस खाता खुलवाने के लिए आपके पास पोस्ट ऑफिस का सेविंग्स अकाउंट होना जरूरी है। अगर पोस्ट ऑफिस में आपका कोई बचत खाता नहीं है तो आपको पहले बचत खाता खुलवाना होगा, जिसके बाद ही आप मंथली इनकम स्कीम में खाता खुलवा सकते हैं क्योंकि ब्याज के पैसे पोस्ट ऑफिस के बचत खाते में ही ट्रांसफर किए जाते हैं।

  • पाकिस्तानी PM शहबाज बोले- मित्र देशों से कर्जा मांगने के दौरान करना पड़ा अपमानजनक स्थिति का सामना

    पाकिस्तानी PM शहबाज बोले- मित्र देशों से कर्जा मांगने के दौरान करना पड़ा अपमानजनक स्थिति का सामना


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shahbaz Sharif) ने कहा कि मित्र देशों से कर्ज मांगने के दौरान अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि ऋण लेने की मजबूरी में पाकिस्तान को अपना सिर झुकाना पड़ा है। साथ ही आत्मसम्मान की कीमत पर समझौता करना पड़ा। इस्लामाबाद (Islamabad.) में शुक्रवार को देश के प्रख्यात व्यापारियों और निर्यातकों के सम्मान में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए शरीफ ने उस कठिन दौर को याद किया, जब पाकिस्तान को दिवालियापन के डर का सामना करना पड़ा था और कुछ लोग पाकिस्तान को तकनीकी रूप से विफल होने के कगार पर बता रहे थे।

    उन्होंने कहा कि जब हमने पदभार संभाला, तब आर्थिक स्थिति बेहद नाजुक थी और आम आदमी को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। प्रधानमंत्री ने 2023 में पेरिस में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रबंध निदेशक के साथ अपनी मुलाकात का जिक्र किया, जिसके बाद वैश्विक ऋणदाता ने एक आर्थिक कार्यक्रम को मंजूरी दी। इसके बाद देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद मिली। शरीफ ने कहा कि मित्र देशों ने मुश्किल समय में पाकिस्तान का पूरा समर्थन किया है और उन्होंने सेना प्रमुख एवं रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ मिलकर कई देशों के नेताओं से अरबों डॉलर के ऋण मांगने के लिए मुलाकात की।


    ऋण लेने के लिए इन देशों पर निर्भर

    पाकिस्तान अपने विदेशी मुद्रा भंडार और ऋण के प्रबंधन के लिए चीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर सहित कई देशों से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर अत्यधिक निर्भर है। ये देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ मिलकर नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को नियमित ऋण और पुनर्भुगतान प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने उद्योगों के लिए राहत उपायों की घोषणा की।


    मित्र देशों से काफी अनुरोध किया

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि मैं कैसे बताऊं कि हमने मित्र देशों से ऋण के लिए किस तरह अनुरोध किया? मित्र देशों ने हमें निराश नहीं किया, लेकिन जो ऋण मांगने जाता है, उसका सिर झुका रहता है। ऋण से दायित्व भी उत्पन्न होते हैं, जिन्हें पूरा करना होता है। उन्होंने कहा कि जब आप ऋण लेने जाते हैं तो आपको अपने आत्मसम्मान की कीमत चुकानी पड़ती है। आपको समझौता करना पड़ता है। कभी-कभी, अनुचित मांगें सामने आ सकती हैं और आपको उन्हें पूरा करना पड़ सकता है, भले ही उन्हें पूरा करने का कोई कारण न हो।

  • 48 घंटे… 14 शहर… 48 जगह धमाके… पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भारी हिंसा, 80 लोगों की मौत

    48 घंटे… 14 शहर… 48 जगह धमाके… पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भारी हिंसा, 80 लोगों की मौत


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के बलूचिस्तान प्रांत (Balochistan Province) में बीते 48 घंटों में भारी हिंसा और सैन्य संघर्ष की खबरें सामने आई हैं। प्रतिबंधित (Banned) बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (Balochistan Liberation Army- BLA) द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन हेरोफ’ (Operation Herof) के दूसरे चरण के तहत राज्य के 12 से अधिक शहरों में हमले किए गए, जिसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने व्यापक जवाबी कार्रवाई की है। शुक्रवार रात से शुरू हुई हिंसा ने बलूचिस्तान के क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन और नुश्की जैसे प्रमुख शहरों को अपनी चपेट में ले लिया है। BLA के उग्रवादियों ने पुलिस चौकियों, अर्धसैनिक बल के ठिकानों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया।

    पाकिस्तानी अधिकारियों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों में हुए संघर्ष में अब तक का सबसे बड़ा नुकसान दर्ज किया गया है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने पुष्टि की है कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में अब तक 70 उग्रवादियों को मार गिराया है। मंत्री मोहसिन नकवी ने पुष्टि की कि इस संघर्ष में 10 पुलिस और फ्रंटियर कोर (FC) के जवान शहीद हुए हैं। ग्वादर के पास उग्रवादियों ने एक ही परिवार के 5 सदस्यों की हत्या कर दी।

    BLA ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने 14 शहरों में 48 अलग-अलग स्थानों पर हमले किए हैं। प्रवक्ता जयंद बलोच ने दावा किया कि उन्होंने नुश्की में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है और 84 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने इन दावों को दुष्प्रचार बताकर खारिज कर दिया है। इस बार BLA ने ‘मजीद ब्रिगेड’ के आत्मघाती हमलावरों और महिला लड़ाकों का भी इस्तेमाल किया है।


    रेल और सड़क संपर्क ठप

    उग्रवादियों ने राज्य की जीवन रेखा मानी जाने वाली सड़कों और रेलवे को भारी नुकसान पहुंचाया है। नसीराबाद जिले में रेलवे ट्रैक पर लगाए गए विस्फोटकों को डिफ्यूज किया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल प्रांत में ट्रेन सेवाएं निलंबित हैं। कई स्थानों पर उग्रवादियों ने राजमार्गों को जाम कर दिया और वाहनों की तलाशी लेकर गैर-बलूच लोगों को निशाना बनाने की कोशिश की।


    बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा के पीछे का कारण

    एक स्वतंत्र थिंक टैंक (CRSS) की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में 34% की वृद्धि हुई है। बलूचिस्तान में यह गुस्सा मुख्य रूप से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) और संसाधनों के दोहन के खिलाफ है।

  • मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार

    मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार


    मंदसौर । जनता की सेहत से खिलवाड़ कर अपनी जेबें भरने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ मंदसौर पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सीतामऊ फाटक क्षेत्र के एक घर में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात दबिश देकर नकली घी बनाने के एक बड़े कारखाने का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद निवासी दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो केमिकल और सोयाबीन तेल के मिश्रण से ‘मौत का घी’ तैयार कर रहे थे।

    केमिकल से आती थी असली घी जैसी खुशबू पुलिस ने जब मौके पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर के भीतर बड़े-बड़े बर्तनों में सोयाबीन तेल को उबालकर उसमें घातक केमिकल मिलाया जा रहा था। इस विशेष केमिकल का उपयोग घी में असली खुशबू और दानेदार बनावट लाने के लिए किया जाता था, ताकि आम आदमी असली और नकली में फर्क न कर सके। पुलिस ने मौके से करीब 150 लीटर तैयार नकली घी, भारी मात्रा में सोयाबीन तेल, गैस चूल्हे, बड़े बर्तन और खुशबू फैलाने वाला केमिकल जब्त किया है।

    अहमदाबाद से सीखा ‘मिलावट का हुनर’ गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोपाल और संजय के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से अहमदाबाद के रहने वाले हैं और वहीं से नकली घी बनाने का यह काला हुनर सीखकर आए थे। आरोपी लंबे समय से मंदसौर में किराए का घर लेकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि वे इस नकली घी को सस्ते दामों पर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों और छोटे दुकानदारों को सप्लाई करते थे, जहाँ लोग कम कीमत के चक्कर में इसे खरीद लेते थे।

    सख्त धाराओं में केस दर्ज, सैंपल लैब भेजे राजस्व पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने बरामद घी के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला के लिए भेज दिया है। फूड सेफ्टी ऑफिसर का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद इसमें और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और खाद्य अपमिश्रण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने क्विंटल नकली घी बाजार में खपाया है।

  • मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के बंगले के बाहर फायरिंग… जांच में जुटी पुलिस, भारी सुरक्षाबल तैनात

    मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के बंगले के बाहर फायरिंग… जांच में जुटी पुलिस, भारी सुरक्षाबल तैनात


    मुम्बई।
    बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक (Famous Bollywood Producer-Director) रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के जुहू (Juhu) स्थित आवास के बाहर फायरिंग की खबर सामने आ रही है। इस खबर ने हर तरफ हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, उनके घर के बाहर चार राउंड फायरिंग (Four Rounds Firing) की गई है। फायरिंग की खबर सामने आते ही मुंबई पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल, पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ रोहित के घर के बाहर पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।


    अज्ञात हमलावरों ने की चार राउंड फायरिंग

    रोहित शेट्टी के करीबी ने बताया कि उनके घर के बाहर से एक अज्ञात शख्स ने गोलीबारी की और मौके से भाग निकला। मुंबई पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि रोहित शेट्टी के घर के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की। इसके बाद जुहू में रोहित शेट्टी के घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राहत की राहत की बात यह है कि इस गोलीबारी में अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है।


    इस घटना से फैंस परेशान

    बता दें कि फिलहाल अभी तक पता नहीं चला कि आखिरकार डायरेक्टर के घर के बाहर फायरिंग क्यों और किस वजह से की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने सेलिब्रिटीज की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर अपना ध्यान खींचा है। वहीं, दूसरी तरफ फैंस इस घटना से काफी परेशान हैं। वहीं, अभी तक रोहित शेट्टी या उनके परिवार की तरफ से इस पूरे मामले को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।