Author: bharati

  • ‘रामायण’ में राम के रोल के लिए रणबीर कपूर ही क्यों? नितेश तिवारी ने बताई खास वजह

    ‘रामायण’ में राम के रोल के लिए रणबीर कपूर ही क्यों? नितेश तिवारी ने बताई खास वजह


    नई दिल्ली।इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल Ramayan को लेकर फैंस का उत्साह चरम पर है। गुरुवार को Hanuman Jayanti के शुभ अवसर पर फिल्म का टीजर रिलीज होने जा रहा है, जिसे ‘राम’ नाम दिया गया है। इस खास मौके को और भी यादगार बनाने के लिए मेकर्स ने टीजर लॉन्च का प्लान किया है।

    क्यों चुने गए रणबीर कपूर ‘भगवान राम’ के लिए

    फिल्म के निर्देशक Nitesh Tiwari ने न्यूयॉर्क में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने राम के किरदार के लिए Ranbir Kapoor को ही क्यों चुना। उनके मुताबिक, भगवान राम का व्यक्तित्व बेहद शांत, संयमित और गहराई से भरा हुआ है।

    नितेश ने कहा कि राम कम बोलने वाले थे, लेकिन उनका प्रेम असीम था। उनका दर्द शब्दों में नहीं बल्कि एहसास में झलकता है। साथ ही, इस किरदार के लिए भावनात्मक गहराई के साथ-साथ मजबूत शारीरिक क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि रणबीर इस जटिल और चुनौतीपूर्ण भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त अभिनेता हैं।

    फिल्म में नहीं होगा कोई ‘मॉडर्न ट्विस्ट’

    Nitesh Tiwari ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस फिल्म में किसी तरह का आधुनिक बदलाव नहीं किया है। उनका मानना है कि रामायण की असली ताकत उसके मूल्यों में है, जो हर दौर में प्रासंगिक और सार्वभौमिक हैं।

    उन्होंने कहा कि आज की दुनिया इन मूल्यों से दूर होती जा रही है, और यह फिल्म दर्शकों को उन्हीं मूल सिद्धांतों की याद दिलाने का प्रयास है, जिससे समाज को बेहतर दिशा मिल सके।

    शानदार स्टारकास्ट से सजी है फिल्म

    इस मेगा बजट फिल्म में Ranbir Kapoor भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि Sai Pallavi माता सीता का किरदार निभा रही हैं। Ravi Dubey लक्ष्मण के रोल में होंगे और Sunny Deol हनुमान के रूप में दिखाई देंगे।

    वहीं, रावण का दमदार किरदार Yash निभाते नजर आएंगे। इसके अलावा Kajal Aggarwal, Rakul Preet Singh, Arun Govil और Lara Dutta भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं।

    दो पार्ट में रिलीज होगी ‘रामायण’

    फिल्म को दो भागों में बनाया गया है। पहला पार्ट इस साल दिवाली पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग Diwali 2027 पर सिनेमाघरों में आएगा। मेकर्स का लक्ष्य इस महाकाव्य को भव्य और विस्तृत रूप में पेश करना है।

    4000 करोड़ बजट के साथ बनेगी इतिहास

    फिल्म के प्रोड्यूसर Namit Malhotra ने खुलासा किया है कि दोनों पार्ट्स का कुल बजट करीब 4000 करोड़ रुपये है। इसी के साथ यह फिल्म भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फिल्म बनने जा रही है।

    क्यों खास है ‘रामायण’

    भव्य स्टारकास्ट, विशाल बजट और भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाती यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव देने का वादा करती है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

  • OTT पर 3 अप्रैल का धमाका: एक साथ 12 फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज

    OTT पर 3 अप्रैल का धमाका: एक साथ 12 फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज


    नई दिल्ली। अप्रैल की शुरुआत ही मनोरंजन के तगड़े डोज के साथ हो रही है। 3 अप्रैल को OTT प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों और वेब सीरीज की भरमार लगने वाली है। अगर आप वीकेंड पर घर बैठे बिंज-वॉच का प्लान बना रहे हैं, तो यह आपके लिए परफेक्ट मौका है। इस दिन कॉमेडी, क्राइम, थ्रिलर और ड्रामा से भरपूर कुल 12 नई रिलीज़ दर्शकों का इंतजार कर रही हैं। खास बात यह है कि ये सभी कंटेंट अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे Netflix, Amazon Prime Video, ZEE5 और Apple TV+ पर उपलब्ध होंगे।

    कॉमेडी और ड्रामा का डबल डोज

    टीवी के लोकप्रिय शो पर बनी फिल्म ‘भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन’ अब थिएटर के बाद OTT पर दस्तक दे रही है। यह फिल्म अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी और मजेदार किरदारों के कारण दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार है। वहीं, कोर्टरूम ड्रामा और हास्य का मिश्रण ‘मामला लीगल है सीजन 2’ भी वापसी कर रहा है, जिसमें नए केस और मजेदार ट्विस्ट देखने को मिलेंगे।

    क्राइम और थ्रिलर का बढ़ेगा रोमांच

    क्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए ‘वध 2’ बड़ी रिलीज मानी जा रही है। पहले पार्ट की सफलता के बाद इस फिल्म से भी काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा स्पेनिश सीरीज ‘गैंग्स ऑफ गैलिसिया सीजन 2’ और कोरियन एक्शन सीरीज ‘ब्लडहाउंड्स सीजन 2’ में अपराध की दुनिया और भी खतरनाक रूप में दिखाई जाएगी। सस्पेंस से भरपूर एक पत्रकार की कहानी भी नई थ्रिलर फिल्म में देखने को मिलेगी।

    इमोशन और इंस्पिरेशन का तड़का

    सितारे जमीन पर जैसी इमोशनल फिल्म अब OTT पर रिलीज हो रही है, जो रिश्तों और संवेदनाओं की गहराई को दर्शाती है। वहीं, ‘मां का सम’ जैसी अनोखी कहानी में एक बेटा अपनी मां के लिए परफेक्ट जीवनसाथी खोजने के लिए गणित का सहारा लेता है, जो इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाती है।

    इंटरनेशनल कंटेंट का भी जलवा

    विदेशी कंटेंट के शौकीनों के लिए भी यह दिन खास रहेगा। ‘हाई टाइड्स सीजन 3’ और ‘यॉर फ्रेंड्स एंड नेबर्स सीजन 2’ जैसे शोज़ अपने नए सीजन के साथ रिश्तों, रहस्यों और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल की परतें खोलेंगे।

    साउथ और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा का तड़का

    दक्षिण भारतीय फिल्मों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में ‘संप्रदायिनी सुप्पिनी सुद्दापूसनी’ और ‘वडम’ जैसी फिल्में भी रिलीज हो रही हैं, जो क्राइम, एक्शन और ग्रामीण जीवन की कहानियों को दर्शाती हैं।

    कहां देखें क्या? (OTT प्लेटफॉर्म्स)
    भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन – ZEE5
    वध 2 – Netflix
    सितारे जमीन पर – Sony LIV
    मामला लीगल है सीजन 2 – Netflix
    गैंग्स ऑफ गैलिसिया सीजन 2 – Netflix
    ब्लडहाउंड्स सीजन 2 – Netflix
    हाई टाइड्स सीजन 3 – Netflix
    यॉर फ्रेंड्स एंड नेबर्स सीजन 2 – Apple TV+
    मां का सम – Amazon Prime Video
    अन्य फिल्में – Netflix व Sun NXT
    क्यों खास है 3 अप्रैल का OTT लाइनअप?

    इस बार खास बात यह है कि हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। चाहे आप हंसी-मजाक पसंद करते हों, सस्पेंस में दिलचस्पी रखते हों या फिर इमोशनल कहानियों के शौकीन हों—यह दिन पूरी तरह एंटरटेनमेंट से भरपूर रहने वाला है।

  • मौत की सजा रद्द करने की अपील, निष्पक्ष ट्रायल की मांग; पूर्व पीएम शेख हसीना का बांग्लादेश ट्रिब्यूनल को पत्र

    मौत की सजा रद्द करने की अपील, निष्पक्ष ट्रायल की मांग; पूर्व पीएम शेख हसीना का बांग्लादेश ट्रिब्यूनल को पत्र

    ढाका। शेख हसीना ने बांग्लादेश की न्यायिक अथॉरिटीज से अपील करते हुए उनके खिलाफ सुनाई गई मौत की सजा को कानूनी रूप से निरस्त करने की मांग की है।
    उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि न्याय की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

    हसीना की इस मांग को उनके समर्थक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बता रहे हैं। यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। यह अपील ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के गठन को एक महीना हुआ है। वहीं, अवामी लीग के कुछ नेता भारत और यूरोप में शरण लिए हुए हैं और बांग्लादेश में पार्टी को दोबारा सक्रिय करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

    30 मार्च को लिखे गए पत्र में कुल पांच मांगें रखी गईं। इनमें प्रमुख मांग यह थी कि शेख हसीना के खिलाफ दिए गए फैसले और सजा को “तत्काल कानूनी रूप से अमान्य घोषित करते हुए रद्द किया जाए” तथा मृत्युदंड लागू करने की दिशा में कोई कदम न उठाया जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि आगे की सभी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय निष्पक्ष सुनवाई मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, जिसमें आरोपों की पूरी जानकारी, सबूतों का खुलासा, अपनी पसंद के वकील से बचाव का अवसर और स्वतंत्र न्यायाधिकरण के समक्ष सुनवाई शामिल हो।
    दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने 17 नवंबर को शेख हसीना को 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों पर कार्रवाई को मानवता के खिलाफ अपराध मानते हुए दोषी ठहराया था और उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। न्यायाधिकरण ने यह भी कहा था कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अवामी लीग कार्यकर्ताओं द्वारा नागरिकों के खिलाफ अपराध रोकने में विफल रहीं। इस मामले में उन्हें अलग से आजीवन कारावास की सजा भी दी गई थी।
  • ‘IPL के बाद टीम इंडिया में मौका मिलेगा’ – वैभव सूर्यवंशी पर पाकिस्तानी क्रिकेटर का बड़ा बयान

    ‘IPL के बाद टीम इंडिया में मौका मिलेगा’ – वैभव सूर्यवंशी पर पाकिस्तानी क्रिकेटर का बड़ा बयान


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जो कारनामा किया है, उसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है और अब उन्हें भविष्य का बड़ा स्टार माना जा रहा है।

    CSK के खिलाफ खेली तूफानी पारी
    हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ वैभव ने 17 गेंदों में 52 रन ठोककर मैच का रुख ही बदल दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस सीजन की सबसे तेज पारियों में शामिल है। उनकी इस पारी में 5 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर राजस्थान ने 128 रनों का लक्ष्य सिर्फ 12.1 ओवर में हासिल कर लिया। वैभव ने यशस्वी जायसवाल के साथ 75 रनों की तेज ओपनिंग साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    कामरान अकमल ने की बड़ी भविष्यवाणी
    पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने वैभव की जमकर तारीफ की है। उनका मानना है कि अगर युवा बल्लेबाज इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो उन्हें जल्द ही भारतीय टी20 टीम में मौका मिल सकता है। अकमल ने कहा कि इतने कम मैचों में वैभव ने खुद को साबित कर दिया है और उनकी गेम अवेयरनेस और मैच समझ उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व दिखती है।

    अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी दिखाया दम
    वैभव सूर्यवंशी पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने ICC Under-19 Cricket World Cup 2026 के फाइनल में 175 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। इससे साफ है कि वह बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता रखते हैं।

    चयन पर बंटी राय, लेकिन बढ़ती उम्मीदें
    वैभव के चयन को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ रही है। मोहम्मद कैफ और पीयूष चावला जैसे पूर्व खिलाड़ी उन्हें जल्द मौका देने के पक्ष में हैं। वहीं अंबति रायडू ने थोड़ा इंतजार करने की सलाह दी है, ताकि वह और अनुभव हासिल कर सकें।

    भविष्य का सितारा?
    लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर वैभव सूर्यवंशी अब भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े उभरते सितारों में शामिल हो चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, आत्मविश्वास और मैच फिनिश करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।

  • ‘रामायण’ में रणबीर कपूर निभा रहे ट्रिपल रोल, नितेश तिवारी की इस फिल्‍म का है बड़ा बजट, जाने पूरी बातें

    ‘रामायण’ में रणबीर कपूर निभा रहे ट्रिपल रोल, नितेश तिवारी की इस फिल्‍म का है बड़ा बजट, जाने पूरी बातें

    नई दिल्ली। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर ट्रिपल रोल निभा सकते हैं। वे राम के किरदार के अलावा भगवान विष्णु और महर्षि परशुराम की भूमिका में भी नजर आएंगे। खास बात यह है कि भगवान परशुराम के लुक में उन्हें पहचान पाना मुश्किल होगा। उनका यह ट्रिपल रोल भगवान विष्णु के अवतारों के संबंध को दर्शाने के लिए होगा।

    बड़ी स्टार कास्ट
    फिल्म में एक बड़ी स्टार कास्ट दिखाई देगी। रणबीर कपूर लीड रोल में राम का किरदार निभाएंगे, वहीं साई पल्लवी सीता की भूमिका में होंगी। सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। साउथ स्टार यश रावण की भूमिका निभाएंगे। राघव जुयाल मेघनाद के रूप में नजर आ सकते हैं, जबकि काजल अग्रवाल मंदोदरी और रकुल प्रीत सिंह सुर्पनखा के रोल में दिखाई दे सकती हैं। इसके अलावा भी फिल्म में कई बॉलीवुड और साउथ स्टार्स के कैमियो की संभावना है।

    भव्य सेट और हैवी बजट
    ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक मानी जा रही है, जिसका कुल बजट ₹4000 करोड़ से ज्यादा बताया गया है। अयोध्या और लंका के लिए विशाल सेट बनाए गए हैं। फिल्म के सिनेमैटिक अनुभव और हॉलीवुड लेवल के वीएफएक्स के लिए ऑस्कर विजेता कंपनी ‘डबल नेगेटिव’ (DNEG) काम कर रही है।

    म्यूजिक में दो दिग्गज
    रणबीर कपूर और साई पल्लवी की इस फिल्म के लिए ऑस्कर विजेता हंस जिमर और ए.आर. रहमान ने संगीत तैयार किया है। दोनों का साथ फिल्म की एक्साइटमेंट को और बढ़ा रहा है।

    एक्शन के लिए इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स
    फिल्म के एक्शन सीन्स के लिए हॉलीवुड के दिग्गज स्टंट एक्सपर्ट्स को चुना गया है। ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के स्टंट को-ऑर्डिनेटर टेरी नोटरी और ‘थॉर: लव एंड थंडर’ के स्टंट डायरेक्टर गाइ नॉरिस फिल्म में एक्शन को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • "मथुरा में भी बनेगा अयोध्या जैसा भव्य मंदिर" कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले गोविंद देव गिरी महाराज

    "मथुरा में भी बनेगा अयोध्या जैसा भव्य मंदिर" कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले गोविंद देव गिरी महाराज


    नई दिल्ली।
    अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद अब मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद सुर्खियों में है। स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने उम्मीद जताई कि अदालत में चल रहे मामले में हिंदू पक्ष की जीत होगी और मथुरा में भी अयोध्या की तरह भव्य कृष्ण मंदिर का निर्माण होगा।

    स्वामी जी की भूमिका और बयान
    स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष और श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के उपाध्यक्ष हैं, ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिस तरह राम मंदिर का सपना साकार हुआ, उसी तरह कृष्ण मंदिर भी बनेगा। महाराज इंदौर की सामाजिक संस्था ‘सार्थक’ द्वारा आयोजित ‘समर्पण के प्रतीक’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। इस दौरान उन्होंने देश की वर्तमान परिस्थितियों पर भी अपनी राय साझा की।

    अदालती प्रक्रिया पर विश्वास
    मथुरा विवाद पर महाराज ने कहा, “राम मंदिर बन गया है। कृष्ण मंदिर भी बनेगा। इसका निर्माण वैसा ही होगा जैसा पूरा देश चाहता है। मामला अदालत में है, और इसमें कोई कठिनाई नहीं है।”

    देश को बांटने की साजिश
    स्वामी जी ने कहा कि पिछले 150-200 सालों से भारत को खान-पान, जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदायों के आधार पर बांटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता आज भी इन साजिशों का सामना कर रही है।

    RSS की भूमिका की सराहना
    कार्यक्रम के दौरान महाराज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “अगर RSS न होता तो देश का भूगोल बदल गया होता और देश टुकड़ों में बंट गया होता। संघ ने देश की एकता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।”

    स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने लोगों को भरोसा दिलाया कि भगवान जल्द ही उनकी मनोकामनाएं पूरी करेंगे। उन्होंने अयोध्या के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण मिसाल है, मथुरा में भी वैसा ही भव्य मंदिर बनेगा।

  • SC ने अनावश्यक मुकदमेबाजी पर केंद्र सरकार को लगाई फटकार, ठोका 25 हजार जुर्माना

    SC ने अनावश्यक मुकदमेबाजी पर केंद्र सरकार को लगाई फटकार, ठोका 25 हजार जुर्माना


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) को अनावश्यक मुकदमेबाजी में पड़ने के लिए फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को उस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश केंद्र की उस याचिका पर दिया है जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab and Haryana High Court) द्वारा एक सीआईएसएफ अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने सजा को असंगत पाते हुए अधिकारी को बकाया वेतन देने का भी आदेश दिया।

    जस्टिस नागरत्ना ने कहा, “हमें समझ नहीं आ रहा कि भारत सरकार ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश को चुनौती क्यों दी है। हम बातें सुनते हैं कि मामले लंबित हैं। आखिर सबसे बड़ा मुकदमेबाज कौन है? हर्जाना लगाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “ऐसा क्यों नहीं हो सकता कि अगर उच्च न्यायालय ने इसे अनुचित पाया और सभी आदेशों को रद्द करते हुए राहत प्रदान की, तो हम उच्चतम न्यायालय न जाएं?” उन्होंने कहा कि अधिकारी ने चिकित्सा अवकाश लिया था, लेकिन उन्हें उनके परिवार में एक अप्रिय घटना से भी निपटना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा आयोजित एक हालिया सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि मामलों के लंबित रहने के लिए सरकार जिम्मेदार है। इस बयान का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि अदालत ने एससीबीए सम्मेलन को बहुत गंभीरता से लिया है।

    उन्होंने कहा, “यह सिर्फ किसी रिसॉर्ट में जाकर वापस आने की बात नहीं थी। हमने तैयारियां कीं, हमने पूरी जानकारी जुटाई। हमने बात की। महज इसलिये नहीं कि हम भूल जाएं।” सीआईएसएफ अधिकारी के खिलाफ दो आरोप लगाए गए थे – पहला 11 दिनों तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और दूसरा, एक महिला, जोकि एक सीआईएसएफ कांस्टेबल की बेटी थी, के साथ मिलकर मुंबई से भागने और अपने छोटे भाई के साथ उसकी शादी में शामिल होने की साजिश रचकर अनुशासनहीनता का कार्य करने का।


    स्वीकृत चिकित्सा अवकाश पर थे अधिकारी

    उच्च न्यायालय ने इस बात पर संज्ञान लिया कि 11 दिनों की अनुपस्थिति की अवधि के दौरान अधिकारी स्वीकृत चिकित्सा अवकाश पर थे। अदालत ने कहा, “प्रतिवादी-याचिकाकर्ता के भाई के साथ भाग जाने के दूसरे आरोप के संबंध में, यह रिकॉर्ड पर आया है कि महिला स्वयं अनुशासनात्मक कार्यवाही के दौरान उपस्थित हुई और उसने कहा कि उसे प्रतिवादी-याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है।”

    उच्च न्यायालय ने कहा, “यह बात निर्विवाद है कि याचिकाकर्ता के भाई ने संबंधित महिला से विवाह किया था। अतः यह पाया गया है कि वास्तव में याचिकाकर्ता की ओर से ऐसा कोई कदाचार नहीं हुआ था जिसके लिए उसे सेवा से हटाया जा सके।”

  • IPL में पहली बॉल पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप 5 गेंदबाज

    IPL में पहली बॉल पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप 5 गेंदबाज


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के 19वें सीजन के 5वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। लखनऊ को दिल्ली के खिलाफ लगातार 5वीं हार झेलनी पड़ी, लेकिन इस मैच की सबसे बड़ी चर्चा रही मोहम्मद शमी की बॉलिंग।

    पहली ही गेंद पर शमी ने मचाई धूम
    लखनऊ की ओर से खेलते हुए शमी ने जैसे ही अपनी पहली गेंद फेंकी, उन्होंने केएल राहुल का विकेट निकालकर दिल्ली को बड़ा झटका दिया। दिल्ली की टीम उस समय 26 रन पर 4 विकेट खो चुकी थी, लेकिन इसके बाद समीर रिजवी और ट्रिस्टन स्टब्स ने शतकीय साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई।

    शमी का अनोखा रिकॉर्ड
    मोहम्मद शमी अब आईपीएल के इतिहास में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले बॉलर्स में सबसे आगे हैं। उन्होंने इस खास उपलब्धि को 5वीं बार हासिल किया। इसके अलावा, इस लिस्ट में अन्य बॉलर्स जैसे प्रवीण कुमार, उमेश यादव, ट्रेंट बोल्ट, लसिथ मलिंगा, भुवनेश्वर कुमार, अशोक डिंडा और पैट कमिंस ने 3-3 विकेट लिए हैं।

    गेंदबाज पहली गेंद पर विकेट
    मोहम्मद शमी 5 विकेट
    प्रवीण कुमार 3 विकेट
    उमेश यादव 3 विकेट
    ट्रेंट बोल्ट 3 विकेट
    लसिथ मलिंगा 3 विकेट
    भुवनेश्वर कुमार 3 विकेट
    अशोक डिंडा 3 विकेट
    पैट कमिंस 3 विकेट

    शमी का ये रिकॉर्ड और भी खास क्यों है?
    शमी ने यह कारनामा दो टीमों के लिए डेब्यू करते हुए पहली गेंद पर विकेट निकालकर किया। दोनों बार उनका शिकार केएल राहुल ही रहे। पहले 2022 में शमी ने गुजरात टाइटंस के लिए LSG के राहुल को आउट किया, और अब LSG में रहते हुए राहुल को दिल्ली कैपिटल्स के लिए पहली ही गेंद पर चलता किया।

    मैच का संक्षिप्त हाल

    लखनऊ सुपर जायंट्स ने 141 रन बनाए और दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 4 विकेट खोकर 145 रन बनाकर जीत हासिल की।
    दिल्ली के लिए समीर रिजवी ने 47 बॉल में 70 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 4 छक्के शामिल थे। रिजवी और ट्रिस्टन स्टब्स की सेंचुरी पार्टनरशिप ने टीम को निर्णायक जीत दिलाई।
    शमी ने 4 ओवर में 28 रन देकर 1 विकेट लिया और 1 ओवर मेडन भी निकाला।

  • Census 2027 : पहली बार डिजिटल डेटा कैप्चर के साथ स्व-गणना की सुविधा, PM ने दर्ज किए अपने विवरण

    Census 2027 : पहली बार डिजिटल डेटा कैप्चर के साथ स्व-गणना की सुविधा, PM ने दर्ज किए अपने विवरण


    नई दिल्ली।
    विश्व के सबसे बड़े जनगणना अभियान (World’s Largest Census Campaign) ‘जनगणना-2027’ (Census 2027 first Phase) के प्रथम चरण की 1 अप्रैल से शुरुआत हो गई। इस चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना हो रही है। यह पूरी तरह डिजिटल डेटा कैप्चर (Digital Data Capture) के साथ स्व-गणना (Self-calculation) की सुविधा वाली भारत की पहली जनगणना है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपने आवास पर अपने अपने विवरण दर्ज किए। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए फॉर्म में विवरण दर्ज करने के फोटो भी साझा किए।

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर फोटो साझा करते हुए लिखा, “मैंने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है। आज जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत हो रही है, जो मकानों की सूची बनाने और आवास संबंधी कार्यों से जुड़ा है। यह पहली बार है जब जनगणना के लिए डेटा संग्रह डिजिटल माध्यमों से किया जा रहा है। यह भारत के लोगों को अपने घर-परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करने का अधिकार भी देता है। मैं भारत के लोगों से अपील करता हूँ कि वे अपने घर-परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करें और जनगणना की प्रक्रिया में भाग लें।”


    राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने भी लिया हिस्सा

    प्रधानमंत्री के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने भी जनगणना 2027 के लिए आज ‘स्व-गणना’ पहल में भाग लिया और अपने अपने आवास संबंधी जानकारी दर्ज की। बाद में मुर्मु ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने राष्ट्रपति भवन में जनगणना 2027 के लिए सरकार की ‘स्व-गणना’ पहल में भाग लिया। राष्ट्रपति ने गृह सचिव गोविंद मोहन, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पोर्टल पर अपने आवास का विवरण स्वयं दर्ज किया। उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी अपने आवास पर अपने अपने विवरण दर्ज किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए फॉर्म में विवरण दर्ज करने के फोटो भी साझा किए।


    आज से स्व-गणना प्रक्रिया 08 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में शुरू

    जनगणना की इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की। बता दें कि प्रारंभिक चरण में आज से स्व-गणना प्रक्रिया 08 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में शुरू की गई है, जिनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम और राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली नगरपालिका परिषद एवं दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र शामिल हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार पहले दिन इन स्थानों से लगभग 55,000 परिवारों ने पहले ही दिन इस सुविधा का लाभ उठाया।


    16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध

    स्व-गणना एक सुरक्षित और वेब आधारित सुविधा है, जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। पहली बार उत्तरदाताओं को प्रगणकों के आने से पहले अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन विवरण भरने का विकल्प उपलब्ध है। प्रगणक पिछली जनगणनाओं की तरह सभी आवंटित हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में घर-घर जाएंगे, जबकि उसके पूर्व स्व-गणना एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में काम करेगी। स्व-गणना में भाग लेने के लिए व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके एसई.सीईएनएसयूएस.जीओवी.इन पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं। सफलतापूर्वक फॉर्म सबमिट करने पर एक यूनीक सेल्फ-एनुमरेशन आईडी जनरेट हो जाती है, जिसे बाद में प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान उनसे पुष्टि करने के लिए साझा किया जाएगा।


    कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए

    मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के चरण के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इन महत्वपूर्ण संकेतकों को दर्ज करने के लिए जनवरी 2026 में प्रथम चरण के लिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं, जो साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण, नीति निर्धारण और लक्षित कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार प्रदान करते हैं।


    01 अप्रैल से 30 सितंबर तक मकान गणना

    मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का चरण 01 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 के बीच पूरे देश में संचालित किया जाएगा। इस छह माह की अवधि में प्रत्येक राज्य और संघ राज्य क्षेत्र, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकार द्वारा अधिसूचित 30 दिनों की अवधि में इस क्षेत्रीय कार्य को पूरा करेंगे। पहली बार, घर-घर सर्वेक्षण से पहले 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि स्व-गणना के लिए प्रदान की गई है, जिससे लोग प्रगणक के आने से पहले अपने विवरण डिजिटल रूप से स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

    जनगणना शासन के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है, जो अगले दशक के लिए भारत की विकास योजना का आधार प्रदान करती है। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाते हैं। जनगणना 2027 के लिए उपयोग किए जा रहे डिजिटल उपकरण उच्च स्तरीय डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत एन्क्रिप्शन और बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण से युक्त हैं।

  • West Asia तनाव पर भारत-अजरबैजान के बीच हुई अहम चर्चा, दोनों देशों ने जताई चिंता

    West Asia तनाव पर भारत-अजरबैजान के बीच हुई अहम चर्चा, दोनों देशों ने जताई चिंता


    वॉशिंगटन।
    पश्चिम एशिया (West Asia Conflict) में एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे संघर्ष में हालात अब विस्फोटक और बेकाबू हो चुके हैं। इस्राइल और अमेरिका (Israel and America) का ईरान (Iran) के साथ जारी भीषण टकराव अब अपने 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात ज्यादा खतरनाक रूप ले चुका है। मिसाइलों की बारिश और लगातार धमाकों ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। यह युद्ध अब सीमाओं को तोड़कर वैश्विक खतरा बन गया है, जहां हर पल विनाश और अनिश्चितता का साया गहराता जा रहा है।

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अजरबैजान (India and Azerbaijan) के बीच कूटनीतिक स्तर पर अहम बातचीत हुई है। अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेरामोव ने भारत के राजदूत अभय कुमार से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर चिंता जताई। खासतौर पर ईरान में जारी हालात और उसके असर को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इस दौरान भारतीय पक्ष ने ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में अजरबैजान द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

    पिछले कुछ हफ्तों में कई भारतीय नागरिक ईरान से निकलकर जमीनी रास्ते से अजरबैजान पहुंचे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब क्षेत्र में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। इस बैठक में भारत और अजरबैजान के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित संवाद से आपसी सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है।

    ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को भी अहम बताया गया। भारतीय कंपनी ONGC विदेश की अजरबैजान के तेल क्षेत्रों और पाइपलाइन प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी को द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया।


    तेहरान में US-इस्राइली हमले में ईरान के वरिष्ठ सलाहकार कमाल खराजी घायल

    ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार कमाल खराजी तेहरान में हुए अमेरिकी-इस्राइली हमले में घायल हो गए। यह जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को तेहरान के रिहायशी इलाकों पर हुए हमले में खराजी को चोटें आईं। हालांकि उनकी स्थिति कितनी गंभीर है, इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।


    इस्राइली हमलों से बेहाल बेरूत: 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर

    इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच जारी संघर्ष ने लेबनान की राजधानी बेरूत को मानवीय संकट के केंद्र में ला खड़ा किया है। लगातार हो रहे इस्राइली हमलों और निकासी आदेशों के कारण 10 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में पलायन कर चुके हैं। दक्षिण और पूर्वी लेबनान के गांव लगभग खाली हो चुके हैं, जबकि बेरूत अब शरण लेने वाले लोगों से भरता जा रहा है। शहर के समुद्री किनारों, पार्कों और सड़कों पर अस्थायी टेंट बस गए हैं। कई परिवार दुकानों, मस्जिदों और यहां तक कि अपनी कारों में रहने को मजबूर हैं।