Author: bharati

  • एमपी में 5 अप्रैल तक बदला रहेगा मौसम, आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट, फिर बढ़ेगी गर्मी

    एमपी में 5 अप्रैल तक बदला रहेगा मौसम, आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट, फिर बढ़ेगी गर्मी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। प्रदेश में सक्रिय मजबूत वेदर सिस्टम के कारण पिछले 72 घंटों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी है। बुधवार को राज्य के लगभग आधे हिस्से में मौसम में बदलाव देखने को मिला, जबकि गुरुवार को भोपाल और इंदौर सहित करीब 30 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास और शाजापुर में बारिश हो सकती है।

    हवा की रफ्तार भी तेज रहने वाली है। छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अनुमान है, जबकि अन्य जिलों में यह रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।

    बुधवार को भी कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि सीहोर में आंधी के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा।

    बारिश के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.6 डिग्री और रायसेन, दमोह व सागर में 38 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 38.4 डिग्री, भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री और उज्जैन में 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय हैं, जिसके चलते आंधी, बारिश और ओलों की स्थिति बनी हुई है। साथ ही प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती सिस्टम भी प्रभावी हैं।

    अप्रैल के पहले सप्ताह में मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिससे 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने के साथ गर्मी का दौर तेज हो जाएगा।

    महीने के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी, जबकि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दक्षिणी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं के चलते भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं।

  • 1984 दंगों के वकील एचएस फूलका ने थाना BHP का दामन… AAP से लड़ चुके हैं आम चुनाव

    1984 दंगों के वकील एचएस फूलका ने थाना BHP का दामन… AAP से लड़ चुके हैं आम चुनाव


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सीनियर वकील और आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के पूर्व नेता एच.एस. फूलका (H.S. Phoolka) अब भाजपा (BJP) में शामिल हो गए हैं। उनकी पहचान 1984 के सिख विरोधी दंगों के वकील के तौर पर रही है। वह लंबे समय तक इस मामले में केस लड़ते रहे हैं। उन्होंने 2019 के आम चुनाव में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पराजय हो गई थी। फूलका ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ली। इस मौके पर भाजपा की ओर से कई सिख चेहरे मौजूद थे। इनमें सीनियर नेता और मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल थे। इसके अलावा दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ इस मौके पर मौजूद थे।

    यही नहीं पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और प्रवक्ता अनिल बलूनी भी उपस्थित थे। फूलका को पार्टी में शामिल कराने के पीछे अगले साल होने वाले पंजाब चुनाव को देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि एक सिख चेहरा और वह भी दंगों के वकील रहे नेता को एंट्री देने से भाजपा को फायदा मिल सकता है। भाजपा बीते कई दशकों से राज्य में सिखों के बीच पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। अकाली दल के साथ सालों तक गठबंधन में रही भाजपा अब सूबे में अकेली है। ऐसे में हिंदू वोटरों की पार्टी का तमगा मिले रहने से ही भाजपा खुश नहीं होगी। इसीलिए वह चाहती है कि सिखों के बीच भी पैठ बने।

    उनका स्वागत करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने अपने इरादे भी स्पष्ट कर दिए और कहा कि इससे भाजपा को पंजाब में ताकत मिलेगी। उनका कहना था कि इससे पंजाब में संगठन भी मजबूत होगा। पहले भी भाजपा ने कई सिख चेहरों को एंट्री दी थी, लेकिन बहुत सफलता अब तक नहीं मिली है। इन नेताओं में कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू, रवनीत सिंह बिट्टू आदि प्रमुख हैं। हालांकि अब सिद्धू बाहर हैं। इस मौके पर फूलका ने भी बात की और कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की लीडरशिप में जिस तरह के हालात हैं। उनसे निपटने का दम सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी ही रखते हैं।

    रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ चुनाव लड़े थे फूलका
    फूलका ने कहा, ‘सिखों के मुद्दों पर पीएम मोदी ने निजी तौर पर रुचि दिखाई है। 1984 के दंगों को लेकर मेरे काम की उन्होंने सराहना की है।’ उन्होंने कहा कि भाजपा ने मदन लाल खुराना, सुषमा स्वराज और विजय कुमार मल्होत्रा जैसे नेताओं को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सिखों के मसले पर भाजपा ने काफी काम किया था। इसलिए अब मैं उसमें शामिल हो रहा हूं। फूलका ने 2019 का चुनाव लुधियाना से रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ लड़ा था और हार गए थे। अब रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं और केंद्र में मंत्री हैं।

  • विमान ईंधन के दाम बढ़ने के बाद हवाई यात्रा भी हुई महंगी… इंडिगो ₹10,000 तक लगाएगा फ्यूल चार्ज

    विमान ईंधन के दाम बढ़ने के बाद हवाई यात्रा भी हुई महंगी… इंडिगो ₹10,000 तक लगाएगा फ्यूल चार्ज


    नई दिल्ली।
    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Country’s Largest Airline Indigo) ने बुधवार को कहा कि वह विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि (Jet Fuel Prices Rise) के बाद 2 अप्रैल से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 275 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का संशोधित ईंधन शुल्क लगाना शुरू करेगी। ईंधन शुल्क में इस बढ़ोतरी से विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के हवाई किराए बढ़ने तय हैं। एयरलाइन की यह घोषणा उस दिन आई है, जब विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में संशोधन किया गया और सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों में 25 प्रतिशत की आंशिक बढ़ोतरी का फैसला किया।

    पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की कीमतों में आए उछाल के मद्देनजर एयरलाइन 14 मार्च से ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर 425 रुपये से 2,300 रुपये तक का ईंधन शुल्क वसूल रही है। घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के आधार पर संशोधित ईंधन शुल्क 275 रुपये से 950 रुपये के बीच होगा।


    कितनी बढ़ोतरी होगी?

    इंडिगो ने एक बयान में कहा कि इंडिगो ने अलग-अलग यात्रा दूरियों के हिसाब से अपने घरेलू ईंधन शुल्क को फिर से निर्धारित किया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में दूरी के आधार पर ईंधन शुल्क 900 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होगा।


    कब से होगी बढ़ोतरी?

    बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के लिए पिछले महीने में एटीएफ की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं, जिसके चलते इन मार्गों पर एयरलाइन की ऑपरेशनल कॉस्ट पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। ये संशोधित शुल्क 2 अप्रैल को रात 00:01 बजे से लागू होंगे।

    एयरलाइन कंपनियों ने बुधवार को कहा कि विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में आंशिक वृद्धि से घरेलू हवाई यात्रा की लागत को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच यह वृद्धि की गई है।

    स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि सरकार की जेट ईंधन की कीमतों में केवल आंशिक वृद्धि की अनुमति देने का निर्णय विमानन उद्योग के लिए एक बड़ी राहत है। उन्होंने बयान में यह भी कहा कि समय पर किये गये इस हस्तक्षेप से हाल के समय के सबसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक संकट में से एक से निपटने में एयरलाइंस को काफी मदद मिलेगी।

    नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय के परामर्श से घरेलू विमानन कंपनियों के लिए केवल 25 प्रतिशत यानी 15 रुपये प्रति लीटर की आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है।

    संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया क्षेत्र में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण एयरलाइंस पहले से ही हाई ऑपरेशनल कॉस्ट वहन कर रही हैं। इस स्थिति के कारण एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।

  • MP: CM मोहन यादव का किसानों के हित में बड़ा ऐलान… कंबाइन हार्वेस्टर को किया टोल मुक्त

    MP: CM मोहन यादव का किसानों के हित में बड़ा ऐलान… कंबाइन हार्वेस्टर को किया टोल मुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कंबाइन हार्वेस्टर (Combine Harvester) को टोल टैक्स से मुक्त (Toll Tax free) कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। फसल कटाई के लिए हार्वेस्टर एक जरूरी उपकरण है। टोल प्लाजा पर शुल्क न लगने से इनके परिवहन का खर्च कम होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधी मदद पहुंचाना है। सरकार के इस फैसले से कृषि कार्यों में सुगमता आएगी। यही नहीं मध्य प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कंबाइन हार्वेस्टर को नहीं देना होगा टोल
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए काम कर रही है और इसीलिए अब कंबाइन हार्वेस्टर को टोल टैक्स नहीं देना होगा। उन्होंने बताया कि फसल काटने के लिए यह मशीन बहुत जरूरी है और टोल में छूट मिलने से इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का खर्च कम हो जाएगा। इससे खेती की लागत घटेगी और सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।

    नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी
    एमपी के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सड़क विकास निगम की बैठक हुई जिसमें इंदौर-उज्जैन और उज्जैन-जावरा के बीच नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई। इन सड़कों को नॉन एक्सेस कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत बनाया जाएगा। बैठक में पश्चिमी भोपाल बायपास के नए रास्ते को भी मंजूरी दी गई और इसे बनाने की अनुमति दी गई। साथ ही साल भर के खर्चों और मैनेजमेंट से जुड़े दूसरे जरूरी विषयों पर भी चर्चा करके फैसले लिए गए।


    गेहूं खरीद में देरी पर भड़के किसान

    इस बीच राज्य में MSP पर गेहूं की सरकारी खरीद में देरी को लेकर किसान संगठनों ने बुधवार को गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार पर व्यवस्थाओं में लापरवाही का आरोप लगाया। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। एमपी सरकार ने निर्णय किया है कि वह गेहूं की खरीद के दौरान किसानों को 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी देगी।

    भारतीय किसान संघ के मालवा प्रांत के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि हर साल 15 मार्च के आसपास एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाती है पर इस साल इसकी तारीख लगातार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गलत दावा कर रही है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से प्लास्टिक की बोरियों की कमी हो गई है। इसी कारण गेहूं की खरीद टल रही है। सरकार की अव्यवस्थित नीतियों ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है।

  • MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल

    MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे की ओर पिछले एक हफ्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई (Remove Encroachment) चल रही है जिसके तहत 100 से अधिक मकान तोड़े जा चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान एक मूर्ति को कुएं में फेंकने का वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठनों ने रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर नगर निगम में हंगामा किया।


    अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े गए

    खंडवा के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे के काम के लिए बीते एक हफ्ते से लगातार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े जा चुके हैं जिससे प्रभावित परिवारों में बहुत गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रहने का दूसरा इंतजाम किए बिना की गई इस कार्रवाई से कई परिवार बेघर होने वाले हैं। आलम यह है कि इलाके में तनाव बना हुआ है।


    मूर्ति को कुएं में गिराए जाने का वीडियो वायरल

    लोग उस वक्त और भड़क गए जब बुधवार को रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक मूर्ति को कुएं में फेंकते हुए दिखाया गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और रेलवे अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


    दोहरे मापदंड का आरोप

    हिंदू जागरण मंच के नेता माधव झा ने रेलवे प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर मंदिरों को बिना किसी पूर्व अनुमति के तोड़ा जा रहा है, जबकि मजारों के मामले में नोटिस देकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर धार्मिक स्थलों को लेकर इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इस आरोप के बाद मौके पर माहौल और अधिक गरमा गया।


    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    रेलवे अधिकारियों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय तक तीखी बहस होती रही। मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बढ़ते तनाव को देखते हुए समझाइश का प्रयास किया गया। फिलहाल रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की संवेदनशील परिस्थितियों में अधिक सावधानी बरती जाएगी और धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    कांग्रेस का हंगामा, मुख्य द्वार पर लगाना पड़ा ताला
    रेलवे की अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर जनता में पहले से ही नाराजगी बनी हुई थी। इसी मुद्दे पर बुधवार को खंडवा नगर निगम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि नगर निगम के मुख्य द्वार पर स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए ताला तक लगाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई।


    महापौर ने दिया पुनर्वास का भरोसा

    आखिरकार खंडवा महापौर अमृता यादव ने प्रदर्शनकारियों और प्रभावित परिवारों को नई जगह पर जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। महापौर के इस आश्वासन के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और विवाद अस्थायी रूप से थम गया। हालांकि, प्रभावित परिवारों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि जब तक लिखित और ठोस पुनर्वास योजना सामने नहीं आती, उनका विरोध जारी रहेगा।

  • ईरान युद्ध के बीच ट्रंप की धमकी… 4 साल से जंग लड़ रहा ये छोटा सा देश बन सकता है बलि का बकरा!

    ईरान युद्ध के बीच ट्रंप की धमकी… 4 साल से जंग लड़ रहा ये छोटा सा देश बन सकता है बलि का बकरा!


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) नाटो (NATO) समूह के अन्य साथी देशों पर बुरी तरह भड़के हुए हैं। ईरान युद्ध (Iran War) के बीच नाटो देशों ने अमेरिका को एक के बाद एक झटके दिए हैं जिससे ट्रंप खिसियाए हुए हैं और यह धमकी भी दी है कि अमेरिका खुद को नाटो से अलग कर लेगा। इस बीच अब खबर है कि इन सब का खामियाजा एक छोटे से देश को भुगतना पड़ सकता है। यह देश है यूक्रेन। बीते 4 सालों से खुद रूस के साथ जंग लड़ रहा यूक्रेन अब ईरान युद्ध में बलि का बकरा बन सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोपीय देशों पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने की बात कर रहे हैं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन के लिए हथियारों की सप्लाई रोकने की धमकी दी है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप की इस धमकी का मकसद पश्चिमी देशों पर दबाव डालना है ताकि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के अमेरिका की मदद करें। विश्लेषकों के अनुसार, यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच नाटो सहयोगियों के लिए ट्रंप का यह बयान बेहद चिंता का विषय है।

    कई देशों ने दिया झटका
    ट्रंप की यह धमकी नाटो देशों से मिले झटके के बाद आई है। फ्रांस, स्पेन, इटली समेत कई देशों ने ट्रंप को करारा झटका देते हुए ट्रंप को अपने बेस इस्तेमाल करने देने से इनकार कर दिया है। वहीं कई पश्चिमी देशों ने ट्रंप के उस प्लान का हिस्सा बनने से भी इनकार दिया, जिसके तहत ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए एक गठबंधन बनाने का ऐलान किया था। यूरोपीय देशों ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया है कि यह उनकी लड़ाई नहीं है।

    बता दें कि ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से दुनिया के सबसे प्रमुख जलमार्ग में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है और ईरान यहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना रहा है, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके बाद अब ट्रंप इस रास्ते को खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।

    नाटो को बताया ‘कागजी शेर’
    इसके बाद से ट्रंप नाटो देशों पर लगातार हमलवार हैं। ट्रंप ने टेलीग्राफ को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि वह उस नाटो सदस्यता को समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने नाटो से संभावित अलगाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “हां, यह अब इस पर विचार किया जा रहा है। कभी भी नाटो से प्रभावित नहीं रहा। मुझे हमेशा पता था कि यह एक ‘पेपर टाइगर’ है, और (रूस के राष्ट्रपति) व्लादिमीर पुतिन भी यह जानते हैं।”

    लंबे समय से की है आलोचना
    गौरतलब है कि ट्रंप लंबे समय से नाटो की आलोचना करते रहे हैं और इसे अमेरिका पर अत्यधिक निर्भर बताते हुए कई बार इससे बाहर निकलने की चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि अमेरिकी कानून के तहत नाटो से बाहर निकलने या सदस्यता निलंबित करने के लिए वाइट हाउस को सीनेट की “सलाह और सहमति” प्राप्त करनी होती है, जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत आवश्यक है।

  • IPL 2026 पॉइंट्स टेबल: 5 टीमों ने जीत, 5 टीमों को हार, CSK की हार बनी RR के लिए वरदान


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का आगाज शानदार मुकाबलों के साथ हो चुका है। 10 में से 5 टीमों ने जीत का स्वाद चखा, जबकि बाकी 5 टीमों को हार का सामना करना पड़ा। पहले मैचों में हाई-स्कोरिंग और मध्यम स्कोर वाले मुकाबले दोनों देखने को मिले, जिससे नेट रन रेट में बड़ा फर्क आया है।

    राजस्थान की धमाकेदार शुरुआत
    राजस्थान रॉयल्स ने अपने पहले मैच में CSK को 8 विकेट से हराकर धमाका किया। CSK सिर्फ 127 रन ही बना सकी और राजस्थान के ओपनर्स ने 128 रन चेज कर मैच को आसानी से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद राजस्थान का नेट रन रेट +4.171 पहुंच गया है, जिससे टीम के पास टेबल टॉपर बने रहने का शानदार मौका है।

    RCB का हाई स्कोरिंग धमाल
    दूसरे नंबर पर RCB है, जिसने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हाई स्कोरिंग मुकाबला खेला। हैदराबाद ने 203 रन का लक्ष्य रखा, जिसे RCB ने विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल की दमदार पारियों के दम पर केवल 15.4 ओवर में पूरा कर लिया। RCB का नेट रन रेट +2.907 है और टीम का अगला प्रदर्शन अगले मैच पर निर्भर करेगा।

    दिल्ली ने मुंबई को पीछे छोड़ा
    दिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को मात देकर पॉइंट्स टेबल में नंबर-3 पर कब्जा जमाया। दिल्ली ने 141 रन का लक्ष्य आसानी से चेज किया। मुंबई इंडियंस ने भी KKR को शिकस्त दी थी, लेकिन दिल्ली का रन रेट +1.397 होने के कारण मुंबई (+0.687) के ऊपर रही।

    IPL 2026 की पॉइंट्स टेबल (पहले मैच के बाद)

    स्थान टीम मैच (M) जीत (W) हार (L) नेट रन रेट (NRR) पॉइंट्स (Pts)
    1 RR (राजस्थान रॉयल्स) 1 1 0 +4.171 2
    2 RCB (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) 1 1 0 +2.907 2
    3 DC (दिल्ली कैपिटल्स) 1 1 0 +1.397 2
    4 MI (मुंबई इंडियंस) 1 1 0 +0.687 2
    5 PBKS (पंजाब किंग्स) 1 1 0 +0.509 2
    6 GT (गुजरात टाइटंस) 1 0 1 -0.509 0
    7 KKR (कोलकाता नाइट राइडर्स) 1 0 1 -0.687 0
    8 LSG (लखनऊ सुपर जायंट्स) 1 0 1 -1.397 0
    9 SRH (सनराइजर्स हैदराबाद) 1 0 1 -2.907 0
    10 CSK (चेन्नई सुपर किंग्स) 1 0 1 -4.171 0

  • हॉलीवुड से बॉलीवुड तक रोशन सेठ: नेहरू का किरदार और वेब सीरीज़ में दमदार प्रदर्शन

    हॉलीवुड से बॉलीवुड तक रोशन सेठ: नेहरू का किरदार और वेब सीरीज़ में दमदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा पर राज करने के बाद अभिनेता वैश्विक पहचान बनाने के लिए हॉलीवुड जाते हैं लेकिन एक भारतीय-ब्रिटिश मूल के अभिनेता ने हॉलीवुड छोड़ भारत में अपनी पहचान बनाने का फैसला किया। हम बात कर रहे हैं जवाहर लाल नेहरू का किरदार निभाकर लोकप्रियता पाने वाले रोशन सेठ का।

    अभिनेता 2 अप्रैल को अपना 84वां जन्मदिन मनाएंगे। बिहार के पटना में जन्मे रोशन सेठ को नहीं पता था कि बड़े होकर वे हॉलीवुड और बॉलीवुड में पहचान बनाने वाले हैं। अभिनेता की मां एंग्लो-मुस्लिम थी जबकि पिता हिंदू थे। देश के विभाजन से पहले जन्मे रोशन सेठ के पिता पटना मेडिकल कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर थे और रोशन को भी उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजना चाहते थे। अभिनेता ने पहले अपनी शुरुआती पढ़ाई दून स्कूल से की और फिर सेंट स्टीफन कॉलेज में जाकर आगे की पढ़ाई की। साल 1965 में रोशन ने लंदन एकेडमी ऑफ म्यूजिक एंड ड्रामेटिक आर्ट में ट्रेनिंग ली और अपनी कला को निखारने का काम किया।

    वहीं विदेश में रहकर उन्होंने कई थिएटर किए और यहीं से उनकी अभिनय की नींव मजबूत हुई। हालांकि एक ही किरदार करते-करते अभिनेता थक चुके थे और यही कारण रहा कि साल 1970 के बाद उन्होंने यूके छोड़ भारत आने का फैसला लिया। वे भारत में पत्रकार बनने के लिए आए और कुछ साल इसी फील्ड में काम किया।

    साल 1980 में अभिनेता ने भारत में रहकर ‘गांधी’ फिल्म से कमबैक किया और इस फिल्म में जवाहर लाल नेहरू का किरदार निभाया। उनका अभिनय इतना नेचुरल था कि इसके लिए उन्हें बाफ्टा अवॉर्ड में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नॉमिनेट भी किया गया लेकिन वे अवॉर्ड लेने से चूक गए लेकिन फिल्म को ऑस्कर से नवाजा गया। ‘गांधी’ के बाद अभिनेता को हिंदी सिनेमा में पहचान मिली थी और उन्होंने बैक-टू-बैक कई फिल्मों में काम किया।

    साल 1998 में ‘भारत एक खोज’ में भी अभिनेता जवाहर लाल नेहरू के किरदार में दिखे। उन्होंने ‘इंडियाना जोंस एंड द टेम्पल ऑफ डूम,’ ‘माइ ब्यूटीफुल लॉन्डरेट और स्ट्रीट फाइटर जैसी विदेशी फिल्मों में भी काम किया, जिसके बाद वे सलमान खान की ‘एक था टाइगर,’ ‘गुरु,’ ‘मानसून वेडिंग,’ ‘सच: अ लॉन्ग जर्नी’, और ‘बॉम्बे बॉयेज़’ जैसी फिल्मों में काम किया। अभिनेता की साल 2021 में बिहाइंड हर आईज नाम की नेटफ्लिक्स की सीरीज में काम किया था, जिसमें वे एक मनोवैज्ञानिक डॉक्टर के किरदार में दिखे थे। इस सीरीज के बाद अभिनेता पर्दे से गायब हैं।

  • 2 अप्रैल का राशिफल: जानें कैसा रहेगा आपका दिन, क्या कहती है हनुमान जयंती पर ग्रहों की चाल

    2 अप्रैल का राशिफल: जानें कैसा रहेगा आपका दिन, क्या कहती है हनुमान जयंती पर ग्रहों की चाल

    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों का दैनिक राशिफल ग्रहों और नक्षत्रों की चाल पर आधारित होता है। आज 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती है, इस अवसर पर भगवान हनुमान की विशेष पूजा की जाती है। जानें इस दिन आपकी राशि के अनुसार दिन कैसा बीतेगा और किन क्षेत्रों में रहना चाहिए सतर्क।

    मेष
    मेष राशि वालों का दिन संतुलित रहेगा। काम में शुरुआत धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके पक्ष में होंगी। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें समय पर पूरा करना लाभदायक रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बेवजह खर्च से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा। छोटी बातों पर ध्यान न दें।

    वृषभ

    वृषभ राशि वालों का दिन शांत और स्थिर रहेगा। काम में स्थिरता रहेगी, लेकिन ध्यान भटक सकता है। कार्यस्थल पर किसी की बात से मन प्रभावित हो सकता है। पैसों का संतुलन बना रहेगा। परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    मिथुन
    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। काम पूरे होने से संतोष मिलेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत को सराहना मिल सकती है। धन संबंधी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ संवाद मन को हल्का करेगा।

    कर्क
    कर्क राशि वालों को काम में थोड़ा दबाव महसूस होगा। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन समय के साथ स्थिति सुधर जाएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    सिंह

    सिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छे संकेत दे रहा है। काम में सफलता मिलने की संभावना है। ऑफिस में आपके प्रयासों की प्रशंसा होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार दिखेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आत्मविश्वास बनाए रखें।

    तुला

    तुला राशि वालों के लिए दिन राहत भरा रहेगा। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। ऑफिस में सहयोगी माहौल मिलेगा। पैसों की स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। मन शांत रहेगा।

    धनु
    धनु राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों की स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। पुराने अधूरे काम पूरे करने का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    मकर
    मकर राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। समय का सही प्रबंधन आवश्यक है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन समझदारी से हल निकल सकता है।

    कुम्भ
    कुम्भ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। काम में सफलता मिल सकती है। ऑफिस में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

    कन्या

    कन्या राशि वालों को योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। काम उम्मीद के अनुसार नहीं हो सकता, जिससे मन थोड़ा परेशान रहेगा। ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखें। परिवार के साथ संवाद से स्थिति सुधरेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    वृश्चिक
    वृश्चिक राशि वालों को मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। काम में समय लग सकता है, लेकिन धैर्य रखें। आर्थिक मामलों में समझदारी जरूरी है। परिवार में किसी बात पर चर्चा हो सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

    मीन

    मीन राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम वाला रहेगा। कुछ काम पूरे होंगे, कुछ में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा। खुद को शांत रखें।