Category: Madhya Pradesh

  • सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार

    सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई 15 करोड़ रुपए की सनसनीखेज बैंक डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में दिनदहाड़े पांच हथियारबंद बदमाश घुसे और करीब 10 किलो सोना व 20 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसे आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हालांकि लूट का पूरा माल अभी बरामद नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है जबकि अन्य आरोपी झारखंड और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की 10 विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    डकैती की घटना के पीछे सबसे बड़ी बात तीन गंभीर लापरवाहियां मानी जा रही हैं। पहली यह कि बैंक में शुरुआत से ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। वर्ष 2018 में खुली इस शाखा में कभी गार्ड नहीं रखा गया। बैंक प्रबंधन ने खर्च कम करने के नाम पर यह व्यवस्था खत्म कर दी थी। इससे बदमाशों को वारदात को अंजाम देने में आसानी मिली।

    दूसरी बड़ी चूक पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस मौके पर करीब 20 मिनट की देरी से पहुंची जबकि थाना बैंक से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। इस देरी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से फरार हो गए।

    तीसरी और अहम लापरवाही यह रही कि शहर के चेक पॉइंट्स को समय पर अलर्ट नहीं किया गया। सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों को बाइक से शहर से बाहर जाते हुए देखा गया लेकिन वे मस्जिद तिराहा और अंबेडकर चौक जैसे प्रमुख चेक पॉइंट पार कर गए और किसी ने उन्हें नहीं रोका। इसके बाद वे बीजपुर रोड होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर गए।

    घटना के बाद बैंक के सुरक्षा इंतजामों की पोल और भी खुली जब यह सामने आया कि बैंक में लगा अलार्म सिस्टम भी सिर्फ औपचारिकता भर था। अलार्म बजने पर भी कोई त्वरित मदद नहीं मिलती क्योंकि वह पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा नहीं है।

    इस बीच गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार को रेलवे स्टेशन पर शक के आधार पर पकड़ा गया। उसके पास से 15 लाख 20 हजार रुपए और 61 ग्राम सोना बरामद हुआ। पूछताछ में उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती के बाद उसने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली।

    पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने न केवल बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था बल्कि पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • रिश्तों पर भारी पड़ा पैसा: बड़वानी के पिछोड़ी में बेटे ने पिता के सिर में मारी गोली

    रिश्तों पर भारी पड़ा पैसा: बड़वानी के पिछोड़ी में बेटे ने पिता के सिर में मारी गोली

    बड़वानी । मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पिता-पुत्र के पवित्र रिश्ते को लहूलुहान कर दिया है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पिछोड़ी में एक कलयुगी बेटे ने महज चंद रुपयों के लालच और विवाद में अपने ही पिता के सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। जिस पिता ने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जमा-पूंजी दांव पर लगा दी उसी बेटे ने आवेश में आकर पिता की जीवनलीला समाप्त कर दी। सोमवार 20 अप्रैल की दोपहर हुई इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है।

    मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को सोमवार दोपहर फोन के जरिए सूचना मिली थी कि ग्राम पिछोड़ी में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया और शव का पंचनामा तैयार कर मामले की जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस को जो सच्चाई पता चली उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड की चश्मदीद गवाह कोई और नहीं बल्कि मृतक की पत्नी और आरोपी की मां गौरी बाई हैं।

    गौरी बाई ने रोते हुए पुलिस को बताया कि उनके 32 वर्षीय बेटे चंदन बडोले ने अपने 58 वर्षीय पिता जगन बडोले की हत्या की है। मां के अनुसार पिता और पुत्र के बीच पिछले कुछ समय से रुपयों के लेनदेन को लेकर तनाव चल रहा था। सोमवार को भी इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी। इसी बीच गुस्से में आपा खो चुके चंदन ने पास रखी पिस्तौल निकाली और सीधे अपने पिता के सिर पर गोली दाग दी। गोली लगते ही जगन बडोले लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

    शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच और मृतक की पत्नी के बयानों से यह स्पष्ट है कि विवाद की मुख्य वजह पैसा थी। मृतक जगन बडोले ने पहले भी अपने बेटे चंदन को वेल्डिंग की दुकान चलाने और अन्य जरूरतों के लिए दो लाख रुपये दिए थे। बावजूद इसके चंदन की मांगें कम नहीं हो रही थीं। वह लगातार और पैसों के लिए अपने पिता पर दबाव बना रहा था। सोमवार को जब पिता ने और पैसे देने से मना किया तो आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जहाँ की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी सिर पर गंभीर चोट और गोली लगने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है। थाना प्रभारी बिसेन ने बताया कि आरोपी चंदन बडोले वारदात को अंजाम देने के बाद से ही फरार है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब रिश्तों के बीच लालच की दीवार खड़ी होती है तो वहां केवल खून और पछतावा ही शेष बचता है।

  • महिला आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम, भोपाल में CM मोहन यादव का तीखा वार, हजारों बहनों ने निकाली पदयात्रा

    महिला आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम, भोपाल में CM मोहन यादव का तीखा वार, हजारों बहनों ने निकाली पदयात्रा

    भोपाल । भोपाल की सड़कों पर रविवार को महिला आक्रोश और राजनीतिक संदेशों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला जब ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों को कुचलने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ी तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बहनों की इच्छा और अधिकार के खिलाफ जाने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करना देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता महिलाओं के अधिकार की बात करते हैं वही अब उनके हक को कमजोर करने में लगे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं की आकांक्षाओं को दबाने का काम किया है।

    सीएम डॉ. यादव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारतीय समाज की परंपरा हमेशा से नारी शक्ति के सम्मान पर आधारित रही है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि समाज सुधारकों ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है और आज भी वही विचारधारा आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिना नारी शक्ति के किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है और सरकार हमेशा महिलाओं के साथ खड़ी है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हजारों महिलाओं का अभिवादन किया और कहा कि यह आक्रोश केवल विरोध नहीं बल्कि अपने अधिकारों के लिए उठी आवाज है जिसे पूरे देश तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रही हैं और यह देश की शक्ति का प्रतीक है।

    इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि महिला आरक्षण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि महिलाओं का अधिकार था जिसे जानबूझकर रोका गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका इस मामले में निराशाजनक रही है और यह कदम महिलाओं के सपनों पर चोट के समान है।

    कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कई जगहों पर नारों और गीतों के माध्यम से महिलाओं ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान राजधानी की सड़कों पर एक अलग ही माहौल देखने को मिला जहां सामाजिक और राजनीतिक चेतना का संगम नजर आया।

    मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार हर स्तर पर महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी इस दिशा में मजबूत कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा और अन्य मंचों पर महिलाओं के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। पूरा आयोजन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि महिलाओं की शक्ति और उनके अधिकारों की अभिव्यक्ति के रूप में सामने आया, जिसने भोपाल की सड़कों को जनआंदोलन के रंग में रंग दिया।

  • भोपाल और जबलपुर जेल में दो बंदियों ने फांसी लगाई सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    भोपाल और जबलपुर जेल में दो बंदियों ने फांसी लगाई सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की दो प्रमुख सेंट्रल जेलों में कैदियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने जेल प्रशासन की व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक घटना भोपाल केंद्रीय जेल की है और दूसरी जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल की है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    भोपाल सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुड्डू आदिवासी के रूप में हुई है जो रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र का रहने वाला था। वह वर्ष 2017 से जेल में बंद था और जेल परिसर की गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य कर रहा था। जानकारी के अनुसार उसने जेल परिसर में स्थित गौशाला क्षेत्र में पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में भेजा गया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

    दूसरी घटना जबलपुर केंद्रीय जेल की है जहां एक विचाराधीन बंदी ने अस्पताल वार्ड के शौचालय में तौलिये से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा के रूप में हुई है जो संजीवनी नगर क्षेत्र का निवासी था। उसे वर्ष 2024 में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल में बंद किया गया था। जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से शुगर और अन्य बीमारियों से भी पीड़ित था। घटना के समय वह जेल के अस्पताल खंड में भर्ती था और वहीं उसने यह कदम उठाया। जेल स्टाफ ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया लेकिन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

    घटना के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित थाने को सूचना दी और सिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। उप जेलर के अनुसार बंदी की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही थी लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सभी को चौंका दिया।

    दोनों मामलों में आत्महत्या के पीछे के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस और जेल प्रशासन सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिनमें मानसिक स्थिति स्वास्थ्य समस्याएं और जेल के भीतर की परिस्थितियां शामिल हैं। लगातार दो जेलों में ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर बहस शुरू हो गई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और नियमित काउंसलिंग की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • खेल का महाकुंभ उज्जैन में सम्पन्न, फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल में CM की बड़ी घोषणाएं

    खेल का महाकुंभ उज्जैन में सम्पन्न, फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल में CM की बड़ी घोषणाएं


    उज्जैन । उज्जैन शहर में आयोजित फिरोजिया ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। क्षीर सागर मैदान पर खेले गए इस फाइनल मैच में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों को अंत तक रोमांच से बांधे रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम में देर रात तक भारी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में मौजूद रहे, जिससे शहर में क्रिकेट और खेल के प्रति गहरा जुनून देखने को मिला। फाइनल मुकाबला 12 से 19 अप्रैल तक चली इस प्रतियोगिता का समापन था, जिसमें दोनों टीमों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर विजेता टीम के लिए 1 लाख रुपये और उपविजेता टीम के लिए 51 हजार रुपये की नगद राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हैं और उनमें अनुशासन तथा टीम भावना को मजबूत बनाते हैं।

    सीएम ने उज्जैन में खेल सुविधाओं के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि नानाखेड़ा स्टेडियम, माधव नगर मैदान और दशहरा मैदान का आधुनिकरण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षीरसागर मैदान को भी एक आधुनिक खेल स्टेडियम के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    यह प्रतियोगिता पिछले 21 वर्षों से आयोजित की जा रही है और इसका आयोजन सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा उनके स्वर्गीय पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में किया जाता है। इस बार आयोजन में महिला क्रिकेट मैच और मातृशक्ति सम्मान समारोह भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिससे कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम भी मिला।

    फाइनल मुकाबले के बाद पूरे आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। खिलाड़ियों के प्रदर्शन और दर्शकों की भारी भागीदारी ने यह साबित किया कि उज्जैन में खेल संस्कृति लगातार मजबूत हो रही है।

  • ग्वालियर GRP कांड: वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित

    ग्वालियर GRP कांड: वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित


    ग्वालियर । ग्वालियर शहर में रेलवे स्टेशन पर तैनात शासकीय रेलवे पुलिस GRP पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। अवैध वसूली और दो वेंडरों के साथ मारपीट के मामले में ब्रॉडगेज BG और नैरोगेज NG थानों में पदस्थ कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    पूरा मामला शनिवार देर रात का बताया जा रहा है। ग्वालियर की आर.के. कंपनी की किचन में काम करने वाले वेंडर अमित धाकरे और राघव सिंह बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस में ऑर्डर का खाना सप्लाई करने जा रहे थे। दोनों वेंडरों के पास IRCTC द्वारा जारी वैध पहचान पत्र भी मौजूद था। इसके बावजूद GRP कर्मियों द्वारा उन्हें रोके जाने और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

    पीड़ित वेंडरों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें रोका और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में दोनों वेंडरों को गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी रहा। घटना के बाद स्टेशन परिसर में भी कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।

    घटना की जानकारी जैसे ही सामने आई मामला ग्वालियर से लेकर भोपाल तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच दल तत्काल ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

    जांच के आधार पर GRP ब्रॉडगेज और नैरोगेज थानों में तैनात आरक्षक योगेश जाट मनोज जाट आशीष चौरसिया विकास सोलंकी नमन कुमार और निहाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई GRP पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा द्वारा की गई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कठोर कार्रवाई संभव है।

    वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर वेंडरों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर और निष्पक्ष जांच नहीं होती तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहेगी। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    यह पूरा मामला रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आम लोगों का कहना है कि यदि वैध पहचान पत्र होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं होती हैं तो सिस्टम में सुधार की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

  • युवक की पिटाई मामले में OBC नेता का SP को अल्टीमेटम, वीडियो हुआ वायरल

    युवक की पिटाई मामले में OBC नेता का SP को अल्टीमेटम, वीडियो हुआ वायरल


    टीकमगढ़। जिले के बुडेरा थाना क्षेत्र के लार गांव में जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान युवक से मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर ओबीसी महासभा ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन के जिला प्रभारी नीलेश यादव ने एसपी को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो महासभा स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होगी।

    जन्मदिन समारोह में डांस के दौरान बढ़ा विवाद

    जानकारी के अनुसार, लार गांव में गौतम परिवार के यहां जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें आर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम भी चल रहा था। इसी दौरान आरोप है कि डांस कर रही कलाकारों पर एक युवक द्वारा अश्लील टिप्पणी की गई। मामला बढ़ने पर वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    युवक की लाठी-डंडों से पिटाई का आरोप

    विवाद के बाद करीब 10 से 12 लोगों ने मिलकर रोहित लोधी नामक युवक के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। बताया जा रहा है कि रोहित ने डांस कर रही लड़कियों को बचाने का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    पुलिस को शिकायत, अब तक कार्रवाई नहीं

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष और डांस कर रही लड़कियों ने बुडेरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में रामकुमार गौतम, मुकेश गौतम, मनोज गौतम और बादल गौतम सहित अन्य लोगों पर छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    OBC महासभा ने दी सख्त चेतावनी

    मामले को लेकर ओबीसी महासभा के जिला प्रभारी नीलेश यादव ने एसपी से मुलाकात कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई और कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो महासभा स्वयं आरोपियों को पकड़कर सार्वजनिक जुलूस निकालने को मजबूर होगी। उनके इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है।

    पुलिस पर दबाव, जांच जारी

    महासभा के बयान के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • मुरैना में बाल विवाह पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, बारात के बीच पहुंची टीम

    मुरैना में बाल विवाह पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, बारात के बीच पहुंची टीम


    मुरैना। उत्तम पुरा के गोटे नगर स्थित गोविंद वाटिका मैरिज गार्डन में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक बाल विवाह प्रशासन की सतर्कता से रुक गया। बारात समय पर पहुंच चुकी थी, मेहमान खाना खा रहे थे और शादी की रस्में शुरू होने ही वाली थीं, तभी महिला बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। जांच में दुल्हन की उम्र 18 वर्ष से कम पाए जाने पर तत्काल विवाह प्रक्रिया रोक दी गई।

    बारात पहुंची, खाना चल रहा था, तभी पहुंची टीम

    जानकारी के अनुसार, यह विवाह उत्तम पुरा निवासी गर सिंह नरवरिया की पुत्री और कैलारस के कंचनपुरा (टिकतगढ़) निवासी रामबरन के पुत्र के बीच तय था। रविवार को कैलारस से बारात धूमधाम से गोटे नगर पहुंची थी। मैरिज गार्डन में बारातियों के स्वागत के साथ भोजन भी शुरू हो चुका था और माहौल पूरी तरह विवाह समारोह में बदल चुका था। लेकिन इसी बीच प्रशासन को सूचना मिली कि दुल्हन नाबालिग है, जिसके बाद तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया।

    दस्तावेज जांच में खुला मामला, तुरंत रोकी गई शादी

    महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर मधु आर्य के नेतृत्व में टीम और स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की। जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। इसके बाद टीम ने तत्काल विवाह रोकने का निर्णय लिया और पंचनामा तैयार किया। दुल्हन को समझाइश देकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

    प्रशासन की सख्ती से टला बड़ा विवाद

    अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाइश दी कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और यदि भविष्य में नियमों का उल्लंघन किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से एक संभावित अवैध विवाह टल गया, हालांकि विवाह रुकने से दोनों परिवारों में मायूसी छा गई।

    दूल्हे के पिता ने जताई नाराजगी, बोले- समाज में हुई बदनामी

    दूल्हे के पिता रामबरन ने कहा कि उन्हें लड़की की उम्र कम होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि अचानक शादी रुकने से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी अपमान महसूस हुआ है। उनका कहना था कि “हम बारात लेकर आए थे, लेकिन अब बिना दुल्हन के लौटना पड़ रहा है, जिससे समाज में हमारी जग हंसाई हुई है।”

    दुल्हन पक्ष ने माना निर्णय, उम्र पूरी होने के बाद होगी शादी

    दुल्हन के पिता गर सिंह ने प्रशासन के निर्णय को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी बेटी की उम्र अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन किया जाएगा और उम्र पूरी होने के बाद ही विवाह का नया मुहूर्त निकाला जाएगा।

    प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

    महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ ओ.पी. पांडेय ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानून के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार से विवाह की कोशिश की गई तो संबंधित पक्षों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीम को सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई, ताकि कानून का उल्लंघन न हो।

  • भिंड में दर्दनाक हादसा, गाय के सींग से बाइक सवार युवक की मौत

    भिंड में दर्दनाक हादसा, गाय के सींग से बाइक सवार युवक की मौत


    नई दिल्ली। भिंड जिले के मिहोना कस्बे में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाइक से जा रहा था, तभी सड़क किनारे खड़ी गाय से टकराने के बाद उसकी जान चली गई।

    अंधेरे में नहीं दिखी गाय, तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

    जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 5 निवासी संजय कुशवाहा (27) रविवार रात लहार में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। जब वह रिपुदमन स्कूल के पास पहुंचा, तो अंधेरे और तेज रफ्तार के कारण सड़क किनारे खड़ी गाय दिखाई नहीं दी और बाइक सीधे उससे टकरा गई।

    हादसे के बाद गाय के सींग पर जा गिरा युवक

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि संजय बाइक से उछलकर सीधे गाय के सींग पर गिर गया। सींग उसकी छाती में गहराई तक घुस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर तड़पने लगा।

    अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत

    राहगीरों ने घायल युवक को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मिहोना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रौन ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की

    पुलिस ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

  • सुप्रिया सुले ने की राहुल गांधी की खुलकर तारीफ, बोलीं ईमानदारी का ओलंपिक होता तो…

    सुप्रिया सुले ने की राहुल गांधी की खुलकर तारीफ, बोलीं ईमानदारी का ओलंपिक होता तो…


    नई दिल्ली। एनसीपी एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की खुलकर तारीफ की है। सोमवार 20 अप्रैल को उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को किसी भी जांच एजेंसी से डर नहीं लगता। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर ईमानदारी के लिए ओलंपिक में कोई पदक होता, तो राहुल गांधी निश्चित रूप से उसे जीतते।

    महिला आरक्षण पर उठाए सवाल

    महिला आरक्षण को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि हालिया विधेयक वास्तव में महिलाओं के आरक्षण का नहीं, बल्कि परिसीमन डिलिमिटेशन से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने दावा किया कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक पहले ही 2003 में पारित हो चुका है और इसे राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित भी किया जा चुका है।

    देवेंद्र फडणवीस पर साधा निशाना
    सुले ने देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे यह कहते हैं कि जनगणना के कारण 2029 तक महिला आरक्षण लागू होने में देरी हो रही है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि जनगणना प्रक्रिया को तेज करने से किसने रोका। उनके मुताबिक, समय पर जनगणना पूरी कर इसे लागू किया जा सकता था।

    आदिवासी लड़कियों के लापता होने पर जताई चिंता
    उन्होंने महाराष्ट्र में आदिवासी लड़कियों के लापता होने के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। सुले ने कहा कि सत्ताधारी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है।

    आईएएस अधिकारी के व्यवहार पर कार्रवाई की मांग

    सुप्रिया सुले ने MHADA के सीईओ संजीव जायसवाल से जुड़े एक कथित मामले का जिक्र करते हुए कहा कि गोरेगांव के मोतीलाल नगर में स्थानीय निवासियों को धमकाने के आरोप वाले वायरल वीडियो पर मुख्यमंत्री को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर ध्यान दिया होगा।