Category: Madhya Pradesh

  • शादी में जा रहे दंपति की बाइक अनियंत्रित होकर नहर में गिरी, बड़ा हादसा

    शादी में जा रहे दंपति की बाइक अनियंत्रित होकर नहर में गिरी, बड़ा हादसा


    नई दिल्ली। दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गढ़ी नहर के पास रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह में जा रहे एक दंपति की बाइक अचानक अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई, जिसमें 50 वर्षीय पति की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    शादी समारोह में शामिल होने निकले थे दंपति

    जानकारी के अनुसार, पिपरऊआ गांव निवासी चंद्रप्रकाश कुशवाहा (50) अपनी पत्नी पिस्ता देवी के साथ ग्राम गढ़ी में आयोजित विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। दोनों रात करीब 8 बजे बाइक से निकले थे। जैसे ही वे गढ़ी नहर के पास पहुंचे, बाइक अनियंत्रित होकर सीधे नहर में जा गिरी।

    राहगीरों ने बचाने की कोशिश की, अस्पताल पहुंचाया

    हादसे के बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत दोनों को नहर से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल दंपति को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रप्रकाश कुशवाहा को मृत घोषित कर दिया।

    पत्नी की हालत गंभीर, इलाज जारी

    हादसे में घायल पिस्ता देवी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

    पुलिस जांच में जुटी

    गोराघाट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर मर्ग कायम कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बाइक के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है।

  • गुना : नानाखेड़ी मंडी गेट पर स्कूटी बनी आग का गोला, वीडियो वायरल

    गुना : नानाखेड़ी मंडी गेट पर स्कूटी बनी आग का गोला, वीडियो वायरल


    नई दिल्ली। गुना जिले के नानाखेड़ी मंडी गेट पर सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक चलती पेट्रोल स्कूटी में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि स्कूटी चला रही महिला ने समय रहते वाहन रोककर नीचे उतरकर अपनी जान बचा ली, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    बाजार से लौटते वक्त अचानक उठी चिंगारी

    जानकारी के अनुसार, भगत सिंह कॉलोनी निवासी दिलीप रघुवंशी की पत्नी सुबह करीब 11:45 बजे बाजार से काम निपटाकर घर लौट रही थीं। जैसे ही वह नानाखेड़ी मंडी गेट के पास पहुंचीं, स्कूटी में अचानक चिंगारी उठी और देखते ही देखते आग भड़क गई।

    महिला ने दिखाई सूझबूझ, बची जान

    आग लगते ही महिला ने तुरंत स्कूटी रोककर उतरने में देरी नहीं की। उनकी इस सूझबूझ से वह सुरक्षित बच गईं। कुछ ही मिनटों में आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरी स्कूटी आग का गोला बन गई।

    लोगों ने पानी डाला, लेकिन आग नहीं बुझी

    घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की और पानी भी डाला, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। थोड़ी ही देर में पूरी स्कूटी जलकर खाक हो गई।

    फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

    सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक स्कूटी पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।

  • अशोकनगर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, बड़ा हादसा टला

    अशोकनगर में 30 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, बड़ा हादसा टला


    नई दिल्ली। अशोकनगर जिले के नई सराय थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम एक बड़ा हादसा हुआ, जब एक कार अनियंत्रित होकर लगभग 30 फीट गहरे सूखे कुएं में जा गिरी। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कार में सवार सभी लोगों की जान बचा ली गई और बड़ा हादसा टल गया।

    मोड़ पर अनियंत्रित हुई कार, कुएं में जा गिरी

    जानकारी के अनुसार, शिवपुरी के बड़ौदी निवासी सत्येंद्र बाथम के वाहन से वीरू कुशवाह अपने साथी और एक दुल्हन के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान अखाई घाट और घुरवार गांव के बीच मोड़ पर कार अचानक अनियंत्रित होकर सीधे कुएं में जा गिरी। घटना को एक राहगीर ने देख लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस ने रस्सी के सहारे किया रेस्क्यू ऑपरेशन

    सूचना मिलते ही नई सराय थाना प्रभारी मनीष सिंह गुर्जर पुलिस टीम और 112 वाहन के साथ मौके पर पहुंचे। बिना देर किए पुलिस ने रेस्क्यू शुरू किया। एक पुलिसकर्मी को रस्सी के सहारे कुएं में उतारा गया, जिसके बाद एक-एक कर महिला, चालक और अन्य यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    समय रहते बची जान, बड़ी अनहोनी टली

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो कुएं में फंसे लोगों की दम घुटने से जान जा सकती थी। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    वाहन निकालने का प्रयास जारी

    घटना के बाद देर रात तक करीब 12:15 बजे तक कुएं में गिरी कार को निकालने का प्रयास जारी रहा, हालांकि वाहन को बाहर नहीं निकाला जा सका।

  • सागर में बीएमसी पर गंभीर सवाल गर्भवती की मौत के बाद परिजनों का विरोध

    सागर में बीएमसी पर गंभीर सवाल गर्भवती की मौत के बाद परिजनों का विरोध


    सागर । सागर शहर में स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतका की पहचान तीस वर्षीय संध्या अहिरवार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार संध्या को सत्रह तारीख को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि भर्ती के बाद समय पर इलाज नहीं मिला और गंभीर लापरवाही की गई।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल में तैनात नर्सिंग स्टाफ ने इलाज के बदले पचास हजार रुपये की मांग की थी। उनका कहना है कि पैसे न देने की वजह से ऑपरेशन में देरी की गई और मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का दावा है कि अगर समय पर ऑपरेशन किया जाता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।

    सोमवार सुबह करीब पांच बजे संध्या की तबीयत अचानक अत्यंत गंभीर हो गई। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।

    घटना के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ता गया और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उनका कहना है कि यह केवल लापरवाही का मामला नहीं है बल्कि गंभीर भ्रष्टाचार और अमानवीय व्यवहार का भी संकेत देता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि गरीब मरीजों के साथ इलाज के नाम पर पैसों की मांग करना आम बात हो गई है और इस पर रोक लगनी चाहिए।

    अस्पताल परिसर में हुए हंगामे के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए गए लेकिन अब तक बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इससे लोगों में और अधिक नाराजगी देखी जा रही है।

    स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहेंगे तो आम जनता का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था से उठ जाएगा।

    फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है लेकिन परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। यह घटना एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीण और गरीब तबके के मरीजों के लिए बेहतर और पारदर्शी इलाज व्यवस्था की मांग तेज हो गई है।

  • मंदसौर में आज बिजली कटौती, कई इलाकों में घंटों बंद रहेगी सप्लाई

    मंदसौर में आज बिजली कटौती, कई इलाकों में घंटों बंद रहेगी सप्लाई


    नई दिल्ली। मंदसौर शहर में सोमवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने बताया कि 11 केवी लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण यह कटौती की जा रही है।

    सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी कटौती

    सहायक यंत्री के अनुसार, आज मालगोदाम क्षेत्र के अंतर्गत स्टेडियम फीडर पर काम किया जाएगा। इस वजह से सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। कुल चार घंटे तक कई इलाकों में बिजली बाधित रहेगी।

    इन इलाकों में प्रभावित होगी बिजली

    इस कटौती से शुक्ला कॉलोनी, पुलिस कॉलोनी, दशरथ नगर, मालगोदाम रोड, माथुर कॉलोनी, जैन कॉलोनी, सेठिया विहार, संजीत रोड, संजय गांधी उद्यान, भारत प्लाजा, जनपद पंचायत और बंटी चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

    विभाग ने दी जानकारी और अपील

    विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्य बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है। साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर समय में बदलाव किया जा सकता है।

  • रतलाम में DJ विवाद बना खून-खराबा, युवक की चाकू से हत्या

    रतलाम में DJ विवाद बना खून-खराबा, युवक की चाकू से हत्या


    नई दिल्ली। रतलाम जिले के ताल कस्बे में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय खूनखराबे में बदल गया जब डीजे पर गाली-गलौज का विरोध करने पर 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और तीन बारातें बिना शादी किए ही वापस लौट गईं।

    डीजे पर शुरू हुआ विवाद, महिलाओं के सामने गालियों से भड़का मामला

    जानकारी के अनुसार, भोई मोहल्ले में शंकरलाल भोई की तीन बेटियों की शादी का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें तीन अलग-अलग जगहों से बारातें आई थीं। तोरण और जुलूस के दौरान डीजे ऑपरेटरों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई, जिसके चलते माइक पर ही अपशब्द और गालियां दी जाने लगीं। इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    ‘महिलाओं के सामने गाली मत दो’ कहना बना जानलेवा

    मोहल्ले के युवक दिलीप (22) ने जब डीजे ऑपरेटरों को महिलाओं और परिवार के सामने गाली देने से रोका, तो विवाद और बढ़ गया। बहस के दौरान डीजे संचालकों और कुछ बारातियों ने मिलकर दिलीप और उसके साथियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने दिलीप के पेट में चाकू घोंप दिया।

    अस्पताल ले जाते समय मौत, परिवार में मचा कोहराम

    गंभीर रूप से घायल दिलीप को पहले जावरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे रतलाम रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं और पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया।

    आरोपी डीजे ऑपरेटर मंदसौर का, दो हिरासत में

    पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी डीजे ऑपरेटर माखन कुमावत मंदसौर का रहने वाला है। उसे हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।

    तीन बारातें बिना शादी लौटीं, इलाके में तनाव

    घटना के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तीनों बारातें बिना विवाह संपन्न हुए वापस लौट गईं। इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    परिवार में गम का माहौल, शादी के बाद भी नहीं बचे दिन

    मृतक दिलीप की शादी मात्र डेढ़ महीने पहले हुई थी। परिवार पर अचानक आई इस त्रासदी से मातम पसरा हुआ है। परिजन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • शादी सम्मेलन जा रहा परिवार हादसे का शिकार, इंदौर-पचोर मार्ग पर दुर्घटना

    शादी सम्मेलन जा रहा परिवार हादसे का शिकार, इंदौर-पचोर मार्ग पर दुर्घटना


    नई दिल्ली। देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब इंदौर से एक परिवार शादी सम्मेलन में शामिल होने के लिए पचोर जा रहा था।

    मक्सी रोड पर टायर फटने से पलटी कार

    घटना सुबह करीब 8:30 बजे बरखेड़ा फाटा के पास हुई। जानकारी के अनुसार, कार अचानक अनियंत्रित हो गई और पलट गई। बताया जा रहा है कि वाहन का टायर फटने से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।

    महिला की मौके पर मौत, परिवार के कई सदस्य घायल

    इस हादसे में इंदौर निवासी निर्मला (पत्नी घनश्याम) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कृष्णा साहू (35), मंजू साहू (23), आर्यन साहू (6), आदर्श साहू (ढाई वर्ष) और कार चालक कृष्णा मुरारी सहित कुल छह लोग घायल हो गए।

    इंदौर से पचोर जा रहा था परिवार

    जानकारी के मुताबिक, यह परिवार इंदौर के नंदा नगर क्षेत्र से पचोर में आयोजित विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए निकला था। यात्रा के दौरान ही यह हादसा हो गया, जिससे खुशी का माहौल मातम में बदल गया।

    घायलों का इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी

    सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही टोंककला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • खंडवा में ‘डबल कुर्सी’ का खेल, पद महिला जनप्रतिनिधियों के और फैसले पति के हाथ

    खंडवा में ‘डबल कुर्सी’ का खेल, पद महिला जनप्रतिनिधियों के और फैसले पति के हाथ


    नई दिल्ली। खंडवा जिले में पंचायत से लेकर नगर निकाय और राजनीतिक पदों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही “डबल कुर्सी” संस्कृति भी चर्चा में आ गई है। स्थिति यह है कि 11 प्रमुख पदों पर महिलाएं निर्वाचित हैं, लेकिन कई जगहों पर प्रशासनिक और राजनीतिक फैसले उनके पति या परिजन पर्दे के पीछे से लेते नजर आ रहे हैं।

    दफ्तरों में ‘डबल कुर्सी’ आधिकारिक और अनौपचारिक सत्ता साथ-साथ

    जिले के कई कार्यालयों में यह दृश्य आम हो गया है कि एक कुर्सी पर महिला जनप्रतिनिधि और दूसरी पर उनके पति बैठे दिखाई देते हैं। आरोप है कि वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में भी कई बार पति ही सक्रिय भूमिका निभाते हैं, जबकि महिला जनप्रतिनिधि औपचारिक रूप से पद संभाल रही होती हैं। इस प्रवृत्ति को स्थानीय स्तर पर “डबल कुर्सी कल्चर” कहा जा रहा है।

    विधायक से लेकर नगर निकाय तक पति निभा रहे ‘अतिरिक्त भूमिका’

    कई पदों पर महिलाओं के पति को अनौपचारिक रूप से ज्यादा सक्रिय माना जा रहा है। खंडवा विधायक कंचन तनवे के पति मुकेश तनवे को राजनीतिक हलकों में “सुपर विधायक” तक कहा जाता है। इसी तरह महापौर अमृता यादव के पति अमर यादव नगर निगम से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, हालांकि विवाद के बाद उनकी गतिविधियां सीमित हो गई हैं।

    नगर पंचायत और जनपदों में भी समान स्थिति

    जनपद पंचायत और नगर परिषदों में भी यही तस्वीर सामने आ रही है। खंडवा जनपद अध्यक्ष मीनाबाई सोलंकी, मूंदी नगर परिषद अध्यक्ष ज्योतिबाला राठौर, ओंकारेश्वर नगर परिषद अध्यक्ष मनीषा परिहार समेत कई स्थानों पर उनके पति या परिजन कार्यालयीन कामकाज में सक्रिय दिखाई देते हैं। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और वास्तविक नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    कहां महिलाएं खुद संभाल रही जिम्मेदारी

    हालांकि सभी जगह ऐसी स्थिति नहीं है। पंधाना विधायक छाया मोरे जैसी कुछ महिला जनप्रतिनिधि अपने निर्णय स्वयं लेती हैं, हालांकि कुछ मामलों में वे राजनीतिक सलाहकारों पर निर्भर रहती हैं।

    जिले में महिलाओं की मजबूत भागीदारी, लेकिन बहस जारी

    वर्तमान में जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, महापौर और कई नगर पंचायत अध्यक्ष सहित 11 अहम पदों पर महिलाएं काबिज हैं, जबकि 7 प्रमुख पद पुरुषों के पास हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को जहां एक ओर सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है, वहीं “डबल कुर्सी” कल्चर इसे लेकर नई बहस भी खड़ी कर रहा है कि क्या वास्तविक सत्ता महिलाओं के हाथ में है या फिर निर्णय कहीं और से नियंत्रित हो रहे हैं।

  • हरदा : बैग चोरी केस में पुलिस को बड़ी सफलता, कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी

    हरदा : बैग चोरी केस में पुलिस को बड़ी सफलता, कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी


    नई दिल्ली। हरदा में रविवार शाम बोहरा मस्जिद वाली गली में एक व्यापारी का लेदर बैग चोरी होने का मामला सामने आया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस वारदात में हैरानी की बात यह रही कि चोरी के लिए एक नाबालिग का भी इस्तेमाल किया गया।

    लोडिंग के दौरान पिकअप से गायब हुआ बैग

    जानकारी के अनुसार, हरसूद निवासी व्यापारी सौरभ सोनी (32) अपने काम के सिलसिले में हरदा आए थे। वे बोहरा मस्जिद के पास अपनी पिकअप गाड़ी में सामान लोड करवा रहे थे। इसी दौरान गाड़ी के केबिन का कांच खुला होने का फायदा उठाकर अज्ञात व्यक्ति उनका लेदर साइड बैग चुरा ले गया। बैग में जरूरी दस्तावेज, एक मोबाइल फोन और करीब 6 हजार रुपए नकद रखे थे।

    20 से ज्यादा CCTV खंगालकर पकड़े गए आरोपी

    पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 20 से अधिक स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद तेजी दिखाते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    नाबालिग का किया इस्तेमाल, चोरी का सामान बरामद

    पुलिस ने विष्णु और सजन सोलंकी (22) को गिरफ्तार किया है, जो आपस में दोस्त हैं। जांच में सामने आया कि चोरी की इस वारदात में एक नाबालिग का भी इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया बैग, मोबाइल और नकदी बरामद कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में शामिल रह चुका है।

    पुलिस की सतर्कता से जल्द खुला मामला

    इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच की वजह से आरोपियों को जल्दी पकड़ लिया गया, जिससे पीड़ित को राहत मिली।

  • महिला शक्ति बनाम राजनीति ,मध्य प्रदेश में टिकट वितरण और भागीदारी, का पूरा लेखा जोखा


    भोपाल । भोपाल मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण और राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित न होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताया है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष के रवैये से उसकी महिला विरोधी सोच उजागर होती है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात बताया है। इसी मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में सियासत तेज हो गई है।

    लोकसभा 2024 के चुनाव में मध्य प्रदेश की सभी उनतीस सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने कब्जा किया। भाजपा ने इन सीटों पर छह महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया और सभी छह महिलाओं ने जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस ने उनतीस में से केवल एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा जो रीवा से नीलम अभय मिश्रा थीं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

    राज्यसभा में मध्य प्रदेश की ग्यारह सीटों में से आठ पर भारतीय जनता पार्टी और तीन पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व है। भाजपा के आठ राज्यसभा सांसदों में तीन महिलाएं शामिल हैं। कांग्रेस के तीनों राज्यसभा सांसदों में एक भी महिला प्रतिनिधि नहीं है। यह आंकड़ा संसद के उच्च सदन में महिलाओं की भागीदारी की स्थिति को स्पष्ट करता है।

    विधानसभा चुनाव 2023 में मध्य प्रदेश की दो सौ तीस सीटों में भाजपा ने एक सौ तिरसठ सीटें जीतीं और कांग्रेस ने छियासठ सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट अन्य दल के खाते में गई। दोनों प्रमुख दलों ने कुल छप्पन महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा था जिनमें से सत्ताईस महिलाएं विधायक बनीं। भाजपा ने दो सौ तीस सीटों में से केवल सत्ताईस सीटों पर महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया जो लगभग ग्यारह प्रतिशत है। इनमें से इक्कीस महिलाएं जीतकर विधानसभा पहुंचीं। कांग्रेस ने उनतीस महिलाओं को टिकट दिया जो लगभग तेरह प्रतिशत है लेकिन केवल पांच महिलाएं विधायक बन सकीं।

    इसके विपरीत मध्य प्रदेश की पंचायत व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी काफी मजबूत दिखाई देती है। राज्य की कुल पंचायतों में लगभग दो लाख नब्बे हजार से अधिक महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं जो कुल प्रतिनिधियों का इक्यावन प्रतिशत से अधिक है। चौबीस जिला पंचायतों में महिलाएं अध्यक्ष के पद पर हैं। चार सौ चवालीस महिलाएं जिला पंचायत सदस्य हैं। एक सौ उनहत्तर महिलाएं जनपद अध्यक्ष हैं और तीन हजार चार सौ पच्चीस महिलाएं जनपद सदस्य के रूप में काम कर रही हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी मजबूत है लेकिन विधानसभा और संसद स्तर पर उनकी संख्या अभी भी अपेक्षाकृत कम है।

    समग्र रूप से देखा जाए तो मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत स्तर पर बेहतर स्थिति है लेकिन विधानसभा लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक दलों द्वारा महिलाओं को टिकट देने की दर अभी भी सीमित है। यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है और आने वाले चुनावों में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर दबाव और बढ़ने की संभावना है।