Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में बिजली के पोल से करंट लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत, महिला भी झुलसी

    भोपाल में बिजली के पोल से करंट लगने पर भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत, महिला भी झुलसी

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात बिजली के पोल में करंट उतरने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। दिव्यऋषि इलाके में शॉपिंग करने पहुंचे थे। सड़क पार करने के दौरान यह दुर्घटना हुई, जिसमें एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई।

    प्रत्यक्षदर्शी हेड कॉन्स्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, दिव्यऋषि सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए डिवाइडर पर चढ़े थे। सड़क पार करते समय उन्होंने सहारा लेने के लिए किनारे लगे बिजली के पोल को एक हाथ से पकड़ लिया। इसी दौरान पोल में करंट होने के कारण उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा।

    बताया गया कि दिव्यऋषि दूसरे हाथ से दीवार पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। बिजली का झटका लगते ही वह मौके पर गिर पड़े। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला भी करंट की चपेट में आ गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने दोनों को संभालने और मदद पहुंचाने की कोशिश की।

    हादसे के समय मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए। उन्हें सीपीआर दिया गया, ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद एमपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दिव्यऋषि की मौत के संबंध में मर्ग कायम किया है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए बिजली के पोल, उससे जुड़े बिजली कनेक्शन और आसपास चल रहे निर्माण कार्य की स्थिति की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित पोल मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के दौरान लगाया गया था। पोल के पास बिजली का तार खुला होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पोल में करंट किस वजह से पहुंचा और वहां बिजली के तार खुले होने की स्थिति क्यों बनी हुई थी।

    जांच में यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान लगाए गए पोल और उससे जुड़े बिजली के कनेक्शन की स्थिति क्या थी। फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। दुर्घटना में घायल महिला की स्थिति के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

    इस घटना में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की जान चली गई। सड़क पार करने के लिए पोल का सहारा लेने के दौरान हुए इस हादसे ने बिजली के पोल में करंट आने और खुले तारों से जुड़े सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के लिए किन परिस्थितियों की भूमिका रही।

  • असम जाने की तैयारी में थे अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका की रिहाई के बाद दौरा रद्द; मुंबई में जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

    असम जाने की तैयारी में थे अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका की रिहाई के बाद दौरा रद्द; मुंबई में जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

    नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संस्थापक आशुतोष रांका और उनके साथियों की असम पुलिस हिरासत से रिहाई के बाद अभिजीत दीपके ने असम का अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया है। दीपके ने पहले घोषणा की थी कि अगर रांका को रिहा नहीं किया गया तो वह सोमवार सुबह असम पहुंचेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार किया जा सकता है।

    रांका और उनके साथियों को रविवार को गुवाहाटी में पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई की जानकारी सामने आने के बाद दीपके ने कहा कि वह असल में अगले दिन पुलिस थाने में उनके साथ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए असम आने वाले थे।

    आशुतोष रांका ने रिहाई के बाद बताया कि पुलिस हिरासत का सिलसिला खत्म हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सोमवार को उसी स्थान से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जहां से पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर गई थी। दीपके की असम आने और प्रदर्शन में शामिल होने की बात पर रांका ने उन्हें जवाब देते हुए ‘सॉरी शक्तिमान’ भी कहा।

    रांका असम में स्कूलों की स्थिति से जुड़े मुद्दे को उठाने के लिए पहुंचे थे। उनका कहना था कि वह राज्य के स्कूलों की स्थिति लोगों के सामने लाना चाहते हैं। इसी दौरान उन्हें और उनके साथ आए 40 से अधिक कार्यकर्ताओं को एक बैठक से पहले हिरासत में लिया गया था।

    यह कार्रवाई गुवाहाटी के चौधरी टीला इलाके में विपक्षी दल असम जातीय परिषद के नेता कुंकी चौधरी के आवास पर होने वाली बैठक से पहले हुई। हिरासत में लिए गए लोगों को असम पुलिस की 10वीं बटालियन के मुख्यालय ले जाया गया था। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

    रांका ने इस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को लेकर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि वे अपने बच्चों के लिए बेहतर स्कूल और युवाओं के लिए रोजगार की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    इसी बीच मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी को एक और झटका लगा। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।

    प्रदर्शन के लिए 26 सितंबर को आवेदन दिया गया था। पुलिस की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि मौजूदा हाईकोर्ट आदेशों और महाराष्ट्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शिवाजी पार्क में सार्वजनिक सभा की अनुमति देने का अधिकार पुलिस विभाग के पास नहीं है।

    इसके बाद अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो गांधी जयंती के दिन यानी 2 अक्टूबर को मुंबई में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। इस तरह असम में रांका की हिरासत और रिहाई के बाद जहां दीपके का प्रस्तावित दौरा टल गया, वहीं मुंबई में उनका अगला आंदोलन चर्चा में आ गया है।

  • 7 लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स और सोशल मीडिया की पहचान, सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत से मचा हड़कंप

    7 लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स और सोशल मीडिया की पहचान, सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत से मचा हड़कंप

    मध्य प्रदेश : के सिंगरौली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मिस प्रिटी इंडिया 2024 की विजेता निधि तिवारी की मौत से हड़कंप मच गया है। 30 वर्षीय निधि अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर काफी लोकप्रिय थीं। फेसबुक पर उनके 9 लाख से ज्यादा और इंस्टाग्राम पर 7 लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए गए हैं। वह डांस रील्स और अन्य वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करती थीं।

    निधि मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली थीं और सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र के भूसा मोड़ इलाके में अपनी मां और छोटी बहन के साथ रहती थीं। रविवार सुबह उनके कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुलने के बाद परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

    बताया गया है कि घटना से एक रात पहले निधि ने परिवार के साथ खाना खाने से इनकार कर दिया था। रात करीब 9 से 10 बजे के बीच उन्होंने परिजनों से खुद को कुछ समय के लिए अकेला छोड़ने की बात कही थी। इसके बाद परिवार के लोग सोने चले गए। सुबह काफी देर तक कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे की जांच की। निधि के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही निधि के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

    मौत से पहले निधि की ओर से फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट साझा किए जाने की बात सामने आई है। पोस्ट में उन्होंने खुद से प्यार करने और खुद के भीतर अपनी पहचान तलाशने से जुड़ी बातें लिखी थीं। इस पोस्ट के सामने आने के बाद उनके जानने वाले और सोशल मीडिया से जुड़े लोग भी हैरान हैं।

    निधि सोशल मीडिया पर लंबे समय से सक्रिय थीं। वह गानों पर डांस रील्स बनाकर उन्हें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर साझा करती थीं। उनके वीडियो को बड़ी संख्या में लोग देखते और पसंद करते थे। स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी वह हिस्सा लेती थीं। सोशल मीडिया की लोकप्रियता के साथ उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बनाई थी।

    साल 2024 में निधि ने मिस प्रिटी इंडिया का खिताब जीता था। बताया गया है कि उनका सपना फिल्मों में अभिनेत्री के तौर पर काम करने का था। वह अपने सोशल मीडिया कंटेंट के जरिए लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रही थीं।

    निधि के पिता अशोक तिवारी करीब 15 साल से परिवार से अलग रह रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मौत से पहले निधि किन लोगों के संपर्क में थीं और उनकी आखिरी बातचीत किन लोगों से हुई थी।

    फिलहाल पुलिस मौत की वजह से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फोन कॉल, सोशल मीडिया गतिविधियों और परिवार के बयानों के आधार पर घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

  • शिवपुरी में एक काले कुत्ते का आतंक, 35 से ज्यादा लोगों को काटा, बच्चों समेत घायलों से भर गया जिला अस्पताल

    शिवपुरी में एक काले कुत्ते का आतंक, 35 से ज्यादा लोगों को काटा, बच्चों समेत घायलों से भर गया जिला अस्पताल

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी में एक आक्रामक काले कुत्ते ने कई इलाकों में दहशत फैला दी। एक ही कुत्ते ने 35 से ज्यादा लोगों को काटकर घायल कर दिया। घायलों में बच्चों समेत कई लोग शामिल हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉग बाइट के मरीजों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए।

    बताया गया कि कुत्ते ने अचानक राह चलते लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया था। मनियर, गुरुद्वारा चौराहा, लुहारपुरा और पुरानी शिवपुरी के राधा रमण मंदिर क्षेत्र में उसके हमलों की जानकारी सामने आई। अचानक हुए हमलों के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया और कई लोग जरूरी काम के लिए भी सतर्क होकर घरों से बाहर निकलते नजर आए।

    मनियर क्षेत्र में करीब पांच लोगों के कुत्ते के काटने की जानकारी सामने आई। घायलों में एक छह साल का बच्चा भी शामिल है। इसके अलावा गुना निवासी राजू, शांति नगर निवासी प्रमोद कुशवाह और मनियर निवासी हृदेश उपाध्याय के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।

    हृदेश उपाध्याय के भाई रूपेश उपाध्याय के मुताबिक, मनियर इलाके में कुत्ते ने अचानक कई लोगों को अपना शिकार बनाया। लगातार हो रहे हमलों के कारण लोगों में भय का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों को आशंका थी कि कुत्ता आगे भी किसी राहगीर पर हमला कर सकता है।

    कुत्ते के हमलों के बाद जिला अस्पताल में डॉग बाइट के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। रविवार सुबह तक अस्पताल में 35 नए मरीजों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा चुके थे। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी सिविल सर्जन को दी। कुछ घायलों ने जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी उपचार कराया।

    घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद नगर पालिका भी सक्रिय हो गई। नगर पालिका के सीएमओ यशवंत राठौड़ ने कुत्ते को पकड़ने के लिए टीम को मौके पर भेजा। डॉग स्क्वाड ने अलग-अलग इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। टीम ने उन स्थानों पर भी खोजबीन की, जहां कुत्ते के हमले की जानकारी मिली थी।

    काफी तलाश के बाद नगर पालिका की टीम ने आखिरकार काले रंग के कुत्ते को पकड़ लिया। कुत्ते के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली। लगातार हो रहे हमलों से परेशान लोगों को इसके बाद कुछ राहत मिली।

    एक ही कुत्ते के हमले में 35 से ज्यादा लोगों के घायल होने की घटना ने शहर में आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने ऐसे कुत्तों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

    फिलहाल हमलावर कुत्ते को नगर पालिका की टीम ने पकड़ लिया है। वहीं, कुत्ते के काटने से घायल लोगों का उपचार कराया जा रहा है और उन्हें रेबीज से बचाव के लिए जरूरी इंजेक्शन दिए गए हैं। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में लोग सतर्क नजर आ रहे हैं।

  • बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद तेज DJ और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर सवाल उठे हैं।

    बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद तेज DJ और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर सवाल उठे हैं।

    मध्य प्रदेश: के बैतूल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान 17 वर्षीय छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत के बाद तेज DJ की आवाज को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। घटना शुक्रवार रात जेएच कॉलेज परिसर की बताई गई है। छात्रा प्रतीक्षा वर्मा जुलूस के दौरान अपनी छोटी बहन के साथ कॉलेज पहुंची थी। इसी दौरान उसे चक्कर आया और वह बेहोश हो गई। बाद में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने तेज DJ की आवाज को उसकी तबीयत बिगड़ने की वजह बताया है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    तेज आवाज शरीर में तनाव की प्रतिक्रिया पैदा कर सकती है। अचानक बहुत अधिक शोर होने पर शरीर में एड्रिनेलिन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं। इसके चलते कुछ समय के लिए रक्तचाप और हृदय गति बढ़ सकती है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या धड़कन से जुड़ी समस्या है, उनके लिए अत्यधिक शोर और तनाव परेशानी बढ़ाने वाला हो सकता है।

    तेज आवाज और हैवी बेस से पैदा होने वाले कंपन का असर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। कुछ परिस्थितियों में तनाव और अचानक बढ़ा रक्तचाप हृदय की धड़कन को प्रभावित कर सकता है। हालांकि केवल DJ की तेज आवाज को सीधे हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का कारण मानना सही नहीं होगा। इसके लिए व्यक्ति की पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थिति और अन्य परिस्थितियों की भी जांच जरूरी होती है।

    बैतूल की घटना में सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रतीक्षा बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी और एसएससी जीडी की तैयारी भी कर रही थी। उसकी बहन वेदिका ने बताया कि कॉलेज परिसर में DJ काफी तेज बज रहा था। इसी दौरान प्रतीक्षा को चक्कर आया। उसे अलग बैठाया गया और बाद में जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर उसकी कैरोटिड पल्स नहीं मिली और ECG में फ्लैट लाइन दर्ज हुई। शुरुआती स्थिति कार्डियक अरेस्ट जैसी बताई गई।

    पुलिस के अनुसार, छात्रा के बचपन से ही दिल संबंधी समस्या होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में यह पहलू जांच के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस DJ साउंड सिस्टम की तकनीकी जांच भी करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आयोजन के दौरान ध्वनि का स्तर निर्धारित मानकों से अधिक था या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की चिकित्सकीय वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    तेज आवाज का जोखिम केवल पहले से हृदय रोग वाले लोगों तक सीमित नहीं माना जा सकता। लंबे समय तक अत्यधिक शोर तनाव, नींद और रक्तचाप पर असर डाल सकता है। भीड़, गर्मी, शारीरिक थकान और लगातार तेज आवाज जैसी परिस्थितियां किसी व्यक्ति की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

    ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए देश में निर्धारित नियम लागू हैं। खुले स्थानों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। आयोजन के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना जरूरी है। अस्पताल, स्कूल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास शोर को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

    DJ की आवाज कितनी तेज है, इसका अंदाजा लगाने के लिए डेसिबल मीटर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बड़े आयोजनों में ध्वनि स्तर की निगरानी से अत्यधिक शोर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए तेज DJ और भारी भीड़ से दूरी बनाए रखना अतिरिक्त सावधानी हो सकती है।

  • उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई से पहले पथराव, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, महिला थाना प्रभारी घायल हुईं

    उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई से पहले पथराव, पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, महिला थाना प्रभारी घायल हुईं


    मध्यप्रदेश: 
    के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विरोध कर रही भीड़ और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई। कुछ लोगों की ओर से पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

    शाही मस्जिद का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की योजना की जद में आ रहा है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी क्रम में प्रशासन की टीम शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी।

    कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। विरोध के दौरान टंकी चौराहे के आसपास स्थिति तनावपूर्ण हो गई। करीब 100 लोगों की भीड़ की ओर से मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने लोगों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

    स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कुछ लोगों की ओर से पथराव जारी रहने की जानकारी सामने आई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम को मौके पर स्थिति संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।

    पथराव की घटना में क्राइम ब्रांच की थाना प्रभारी पुष्पा पांचाल घायल हो गईं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

    शाही मस्जिद को लेकर पिछले कुछ समय से विरोध की स्थिति बनी हुई थी। सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का विरोध मुस्लिम समुदाय की ओर से किया जा रहा था। सोमवार को प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान यह विरोध पथराव तक पहुंच गया।

    स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि लोगों को घबराने या डरने की जरूरत नहीं है। किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

    प्रशासन और पुलिस की टीम ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी है। अधिकारियों की प्राथमिकता स्थिति को नियंत्रित रखना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और माहौल खराब करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।

    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी प्रक्रिया में शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने को लेकर विरोध सामने आया है। सोमवार को कार्रवाई के दौरान हुए पथराव और उसके बाद आंसू गैस के इस्तेमाल से इलाके में तनाव बढ़ गया। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए निगरानी की जा रही है।

  • MP में अब तक 37.7 इंच हुई बारिश, एक सप्ताह में हो सकती है मानसून की विदाई, कल से खिलेगी तेज धूप

    MP में अब तक 37.7 इंच हुई बारिश, एक सप्ताह में हो सकती है मानसून की विदाई, कल से खिलेगी तेज धूप


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। रविवार तक प्रदेश में औसतन 37.7 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य बारिश के कोटे का 95.8% है। अब महज 0.2% बारिश होने पर प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगरी में आ जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिन प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश की संभावना नहीं है और एक सप्ताह के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो सकती है।

    मंगलवार से कई हिस्सों में तेज धूप

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलने का अनुमान है। अगले तीन दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में धूप का असर देखने को मिल सकता है।

    पिछले 48 घंटे से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश करा रहा गहरा अवदाब अब कमजोर हो गया है। इसके असर से पूर्वी हिस्से में अति भारी और भारी बारिश का दौर चला था। बारिश के कारण कई नदियां उफान पर आ गईं और कई बांधों के गेट खोलने पड़े।

    रविवार से सिस्टम कमजोर पड़ना शुरू हुआ, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में रविवार को धूप-छांव वाला मौसम रहा। अब सिस्टम की सक्रियता कम होने के साथ ही कई जिलों में तीखी धूप निकलने की संभावना है।

    सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने से सिर्फ 0.2% दूर

    इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 37.7 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले 95.8% है। यानी प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगरी से सिर्फ 0.2% दूर है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है।

    हालांकि, इस बार पूरे प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 100% तक पहुंचने की संभावना कम बताई जा रही है।

    पूर्वी MP में औसत से 4% ज्यादा पानी

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में इस बार बारिश की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से करीब 4% ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से अधिक पानी गिर चुका है।

    इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2% से 20% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में कम बारिश

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश सामान्य से पीछे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    इन जिलों में मानसून के दौरान हुई बारिश सामान्य कोटे की तुलना में कम रही है। वहीं प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश ने सामान्य आंकड़े को पार कर लिया है।

    इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मानसून की सक्रियता अब लगातार कमजोर पड़ रही है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने तथा धूप का असर बढ़ने की संभावना है। इसी के साथ दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का सिलसिला भी शुरू हो सकता है। हालांकि, प्रदेश के सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी 0.2% बारिश की जरूरत है।

  • भोपाल के DB मॉल के सामने खंभे में दौड़ रहा था करंट, छूने से BJP युवा मोर्चा नेता की मौत

    भोपाल के DB मॉल के सामने खंभे में दौड़ रहा था करंट, छूने से BJP युवा मोर्चा नेता की मौत


    भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर में रविवार रात दर्दनाक हादसे में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से मौत हो गई। वे परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने पहुंचे थे। सड़क पार करते समय उन्होंने स्ट्रीट लाइट के खंभे को पकड़ लिया, जिसमें करंट दौड़ रहा था। हादसे में उनकी पत्नी भी करंट की चपेट में आईं, लेकिन उन्होंने खुद को बिजली के संपर्क से अलग कर लिया।

    सड़क पार करते समय खंभे को पकड़ा, लगा जोरदार झटका

    जानकारी के मुताबिक, दिव्यऋषि तिवारी रविवार रात परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने आए थे। परिवार का वाहन सड़क की दूसरी तरफ खड़ा था। खरीदारी के बाद परिवार के सदस्य सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान दिव्यऋषि ने सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे को पकड़ लिया।

    खंभे में पहले से करंट दौड़ रहा था। जैसे ही उन्होंने उसे हाथ लगाया, उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा। बताया जा रहा है कि खंभे से एक तार निकला हुआ था और इसी तार के कारण खंभे में करंट आने की बात सामने आई है।

    हादसे के दौरान उनकी पत्नी भी बिजली की चपेट में आ गईं। हालांकि, उन्होंने किसी तरह खुद को करंट के संपर्क से अलग कर लिया। दिव्यऋषि को ज्यादा करंट लगने से उनकी हालत गंभीर हो गई।

    ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर दिया CPR

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी तुरंत मदद के लिए पहुंचे। ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि तिवारी को मौके पर ही CPR देने की कोशिश की।

    इसके बाद उन्हें तत्काल नर्मदा अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें AIIMS ले जाने की सलाह दी। पुलिसकर्मी उन्हें लेकर AIIMS पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दिव्यऋषि तिवारी को मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिवार के साथ शॉपिंग के लिए निकले दिव्यऋषि की अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं।

    खंभे से निकला तार अलग कराया गया

    ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी ने बताया कि परिवार ने वाहन सड़क की दूसरी तरफ खड़ा किया था। सड़क पार करते समय खंभे से निकले तार के कारण पति-पत्नी करंट की चपेट में आए। पत्नी खुद को बिजली के संपर्क से अलग करने में कामयाब रहीं, लेकिन दिव्यऋषि को ज्यादा करंट लगा।

    पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में यह खंभा मेट्रो या PWD से जुड़ा बताया जा रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए खंभे से निकले तार को अलग करवा दिया, ताकि वहां दोबारा किसी व्यक्ति के करंट की चपेट में आने का खतरा न रहे।

    खुले तार और स्ट्रीट लाइट के खंभों की सुरक्षा पर सवाल

    हादसे के बाद सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों और खुले तारों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंभों की नियमित जांच और मेंटेनेंस किस तरह किया जा रहा है। खासकर ऐसे स्थानों पर, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना आते-जाते हैं, खुले तार या करंट का रिसाव गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

    जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि खंभे में करंट कैसे पहुंचा और उससे निकले खुले तार की स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार था।

    पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के साथ वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल कर रही है। खंभा किस विभाग के अधीन है और बिजली का संपर्क वहां तक कैसे पहुंचा, इन बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।

    जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसे के पीछे किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

  • बेटी के जन्मदिन पर पत्नी को बुलाया नहीं आई तो बढ़ा तनाव बच्ची से मिलने की कोशिश भी नाकाम रही युवक की मौत

    बेटी के जन्मदिन पर पत्नी को बुलाया नहीं आई तो बढ़ा तनाव बच्ची से मिलने की कोशिश भी नाकाम रही युवक की मौत


    भोपाल । भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के मामले ने परिवार और रिश्तों से जुड़े विवाद को सामने ला दिया है। 25 वर्षीय सावन पचौरी पिछले काफी समय से पारिवारिक तनाव से गुजर रहा था। परिजनों के मुताबिक उसकी पत्नी करीब दो साल से अलग रह रही थी। दोनों ने लगभग तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था लेकिन बेटी के जन्म के बाद उनके बीच विवाद बढ़ता गया और पत्नी अलग रहने लगी। सावन अपनी छोटी बेटी से मिलना चाहता था और परिवार के अनुसार बच्ची से दूरी उसके लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई थी।

    मामले के मुताबिक 22 सितंबर को सावन की बेटी का दूसरा जन्मदिन था। वह चाहता था कि बेटी का जन्मदिन परिवार के साथ मनाया जाए। इसी उम्मीद में उसने पत्नी से घर आने के लिए संपर्क किया था। परिजनों के अनुसार सावन ने पत्नी से केवल एक दिन के लिए घर आने और बच्ची का जन्मदिन मनाने के बाद वापस जाने की बात कही थी। हालांकि पत्नी घर नहीं आई। परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद सावन काफी परेशान रहने लगा था।

    बताया गया कि इसके बाद सावन अपनी बच्ची से मिलने की कोशिश कर रहा था लेकिन करीब दो दिन पहले उसे बच्ची से मिलने का मौका नहीं मिला। परिवार के अनुसार इस बात से उसका तनाव और बढ़ गया था। शुक्रवार शाम उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों को जब स्थिति की जानकारी हुई तो वे उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इलाज शुरू किया लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    रविवार को इलाज के दौरान सावन की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रारंभिक स्तर पर पारिवारिक विवाद और बच्ची से नहीं मिल पाने के कारण बने तनाव के पहलू की जांच कर रही है। साथ ही परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पत्नी से जुड़े घटनाक्रम को भी जांच में शामिल किया गया है।

    सावन 12 नंबर मल्टी के फ्लैट में परिवार के साथ रहता था और प्लास्टिक इंजीनियरिंग से जुड़े काम करता था। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। रविवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं को समझने का प्रयास कर रही है।

  • उज्जैन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नया कदम, CM मोहन यादव ने महाकाल लोक थाने का किया लोकार्पण

    उज्जैन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नया कदम, CM मोहन यादव ने महाकाल लोक थाने का किया लोकार्पण

    उज्जैन: में श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को बढ़ाने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को महाकाल लोक स्थित अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर से पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने शक्ति पथ से बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान वेदपाठी बटुकों ने वैदिक मंत्रों का वाचन किया और डमरू वादन भी हुआ।

    उज्जैन में शुरू की गई यह सेवा श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को शहर के प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जाएगी। पहले चरण में धार्मिक पर्यटन के लिए 10 इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन बसों के जरिए यात्रियों को एक ही निर्धारित मार्ग पर उज्जैन के कई प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में सार्वजनिक परिवहन की जरूरत को पूरा करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि करीब 21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें संचालित होती थीं, लेकिन बाद में सार्वजनिक बस सेवा बंद हो गई थी। अब इस कमी को दूर करने के लिए परिवहन व्यवस्था को दोबारा विस्तार दिया जा रहा है।

    नई व्यवस्था के तहत शहर के भीतर नगरीय बस सेवाओं के साथ दूसरे शहरों और राज्यों तक बस कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना भी बताई गई है। उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए 10 बसों से शुरुआत की गई है। आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के साथ यात्रियों को अन्य मार्गों पर भी सुविधा मिल सकती है। प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के जरिए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को बढ़ाया जा रहा है।

    उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित मार्ग मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होगा। यहां से बस महाकाल लोक पहुंचेगी। इसके बाद यात्रियों को हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव मंदिर और सिद्धवट मंदिर तक ले जाया जाएगा।

    इसके बाद मार्ग में अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता मंदिर, चिंतामण गणेश मंदिर, अष्ट विनायक मंदिर, शनि नवग्रह मंदिर, इस्कॉन मंदिर, बस स्टैंड और उज्जैन रेलवे स्टेशन शामिल होंगे। यात्रा पूरी होने के बाद बस दोबारा मेघदूत वन पार्किंग पहुंचकर निर्धारित चक्र पूरा करेगी।

    उज्जैन दर्शन सेवा के लिए यात्रियों को 200 रुपये शुल्क देना होगा। भुगतान के लिए यूपीआई की सुविधा उपलब्ध रहेगी। बसों को इलेक्ट्रिक तकनीक पर आधारित रखा गया है, जिससे इनके संचालन के दौरान सीधे तौर पर ईंधन आधारित उत्सर्जन नहीं होगा। इससे धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण-अनुकूल बनाने का प्रयास किया गया है।

    उज्जैन में पहले चरण में 10 ई-बसों से सेवा शुरू की गई है। शहर के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था की जा रही है और इनके लिए मक्सी रोड स्थित पुराने डिपो में चार्जिंग से जुड़ा बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ने के साथ शहर के अन्य निर्धारित मार्गों पर भी ई-बस सेवा का विस्तार किया जाना है।

    इस नई सेवा से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही बस रूट के जरिए कई प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा। वहीं स्थानीय नागरिकों के लिए भी शहर में सार्वजनिक परिवहन का एक आधुनिक माध्यम उपलब्ध होगा। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से धार्मिक पर्यटन और शहरी परिवहन व्यवस्था को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।