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  • केन्द्र की नई पहल, संसद से लेकर विधानसभाओं में महिलाओं को जल्द 33% आरक्षण देने की तैयारी

    केन्द्र की नई पहल, संसद से लेकर विधानसभाओं में महिलाओं को जल्द 33% आरक्षण देने की तैयारी


    नई दिल्ली।
    संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण (33 Percent Reservation Women) देने को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) नई पहल की तैयारी में है। लंबे समय से चर्चा में रहे महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार अब ऐसा रास्ता तलाश रही है, जिससे इसका लाभ वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले ही लागू किया जा सके। इसके लिए कानून में संशोधन किया जा सकता है।

    वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (‘Women’s Empowerment Act’) के तहत महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। लेकिन इस कानून के अनुसार आरक्षण तभी लागू होना था जब अगली जनगणना पूरी हो जाए और उसके बाद नई परिसीमन प्रक्रिया लागू की जाए। चूंकि जनगणना और परिसीमन दोनों प्रक्रियाओं में काफी समय लग सकता है, इसलिए आशंका जताई जा रही थी कि महिलाओं को आरक्षण का वास्तविक लाभ मिलने में कई वर्ष लग सकते हैं।


    अनौपचारिक बातचीत शुरू

    सूत्रों का कहना है कि इस विषय पर विपक्षी दलों के साथ अनौपचारिक बातचीत भी शुरू कर दी गई है। सरकार का प्रयास है कि संसद में आवश्यक समर्थन जुटाकर महिला आरक्षण को जल्द लागू करने का रास्ता साफ किया जाए। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनती है, तो मौजूदा संसद सत्र में ही संविधान संशोधन विधेयक लाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


    वरिष्ठजनों को रेल किराये में छूट दें, संसद में मांग

    संसदीय समिति ने एक बार फिर वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में छूट देने की पुरजोर वकालत की है। समिति ने रेलवे के पहले से सभी यात्रियों को छूट देने से होने वाले घाटे के तर्क को दरकिनार करते हुए कहा कि उक्त मद की धनराशि को रेलवे विज्ञापन अथवा अन्य तरीके से पूरा कर सकता है।

    विदित हो कि वरिष्ठ नागरिक सहित अन्य रेल किराये में छूट से रेलवे को सालाना 2,000 करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान होता है। रेलवे संबंधी स्थायी समिति मंगलवार को संसद में पेश अपनी आठवीं रिपोर्ट में भारतीय रेलवे के सामाजिक दायित्व और वित्तीय अनुशासन के बीच तालमेल बिठाने की सलाह दी है। सांसद डा. सीएम रमेश की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत को फिर से शुरू किया जाता है, तो रेलवे पर सालाना लगभग 2,000 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

    समिति ने मंत्रालय को सुझाव दिया है कि इसे केवल स्लीपर और थर्ड एसी (एसी-3) जैसी श्रेणियों तक सीमित रखकर इस बोझ को कम किया जा सकता है, ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों को लाभ मिले और रेलवे की आर्थिक स्थिति भी न बिगड़े। वरिष्ठ नागरिक को रियायत देना केवल एक वित्तीय मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक कर्तव्य है। इसलिए मंत्रालय को मानवीय आधार पर रियायतें बहाल करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

  • Weather Update: राजस्थान में पारा 40°C पार, मध्य प्रदेश में 39°C; बिहार में बारिश का यलो अलर्ट, पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी की संभावना

    Weather Update: राजस्थान में पारा 40°C पार, मध्य प्रदेश में 39°C; बिहार में बारिश का यलो अलर्ट, पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी की संभावना


    नई दिल्ली। 11 मार्च 2026 मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत कई राज्यों में दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश में भी पारा 39°C तक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है।

    राजस्थान में 40°C पार पहुंचा तापमान
    राजस्थान में गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के बाड़मेर में सबसे अधिक 40.6°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने तेज गर्मी के साथ कुछ इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के करीब 19 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।

    मध्य प्रदेश में भी बढ़ी गर्मी
    मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। ग्वालियर-चंबल संभाग में तापमान सामान्य से 6°C ज्यादा दर्ज किया गया। मंगलवार को धार में सबसे अधिक 39°C तापमान रहा, जबकि राज्य के कई शहरों में तापमान 34°C से अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि 15 मार्च के बाद गर्मी और तेज हो सकती है।

    बिहार में बारिश का यलो अलर्ट
    बिहार में मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें गोपालगंज, बेगूसराय और नालंदा समेत कई जिले शामिल हैं। मंगलवार को सबसे ज्यादा तापमान सुपौल में 32.1°C दर्ज किया गया, जबकि राजधानी पटना में तापमान 32°C रहा।

    पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
    उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम विभाग ने बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार को अधिकतम तापमान 31°C दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में यहां तापमान 35°C तक पहुंच सकता है।

    क्यों बढ़ रही है इतनी जल्दी गर्मी?
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक असामान्य गर्मी के पीछे कई कारण हैं। फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) कम सक्रिय रहे, जिससे बादल और बारिश कम हुई। इसके कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं और सतह तेजी से गर्म हो रही है।

    इसके अलावा पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इस स्थिति में हवा नीचे की ओर दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं चलती रहती हैं। यही कारण तापमान बढ़ने का मुख्य कारण बन रहा है।

    कब घोषित होती है हीटवेव?
    मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानों में तापमान 40°C या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य तापमान से 4 से 6°C ज्यादा दर्ज होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। इस दौरान लोगों को लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

    जून में अलनीनो का असर संभव
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल ला-नीना कमजोर हो रहा है और अगले तीन महीने एनसो न्यूट्रल स्थिति रह सकती है। अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA के अनुसार जून की शुरुआत में अलनीनो सक्रिय हो सकता है। इसी समय भारत में मानसून भी आता है।
    अलनीनो की स्थिति बनने पर न सिर्फ गर्मी बढ़ती है, बल्कि मानसून भी कमजोर हो सकता है।

    अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
    12 मार्च: हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।

    13 मार्च: केरल और आंध्र प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि कुछ तटीय इलाकों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    निष्कर्ष:
    देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी : हरदीप सिंह पुरी

    भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी : हरदीप सिंह पुरी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों (पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी) की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

    केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में ये भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वैश्विक तनाव के बावजूद निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हरदीप सिंह पुरी ने भरोसा दिलाया कि भारत में घरेलू कंज्यूमर्स के लिए एनर्जी की कोई कमी नहीं है और घबराने की कोई बात नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का ऊर्जा आयात अलग-अलग सोर्स और रास्तों से लगातार हो रहा है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह पक्का करने के लिए कई कदम उठाए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को सीएनजी और पीएनजी की 100 फीसदी सप्लाई हो, और पश्चिम एशिया के मौजदा हालात के बावजूद दूसरी इंडस्ट्रीज़ को उनकी सप्लाई का 70 से 80 फीसदी मिलता रहे। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि सरकार देश के घरेलू उपभोक्तओं को सस्ती एनर्जी की बिना रुकावट सप्लाई पक्का करने के लिए कमिटेड है।

    हरदीप सिंह पुरी ने जारी बयान में कहा कि आज मीडिया के लोगों के साथ इनफॉर्मल बातचीत में हमने इस बात पर चर्चा की कि भारत में एनर्जी का इंपोर्ट अलग-अलग सोर्स और रास्तों से लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू कंज्यूमर्स के लिए कोई कमी नहीं है और घबराने की कोई बात नहीं है।

  • एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, हवाई यात्रा होगी महंगी

    एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट पर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, हवाई यात्रा होगी महंगी


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में तेजी आने पर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार 12 मार्च से लागू करेंगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ईंधन अधिभार को बढ़ाया जाएगा। इससे हवाई यात्रा महंगी हो जाएगी।

    कंपनी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। एयरलाइन ने कहा कि 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर ईंधन अधिभार बढ़ाया जाएगा।


    जानें कितना लगेगा सरचार्ज

    एयरलाइन की ओर से जारी बयान के अनुसार 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के हर टिकट पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। ये शुल्क सार्क देशों की उड़ानों पर भी लागू होगा। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी सरचार्ज बढ़ाया गया है। पश्चिम एशिया के लिए उड़ानों पर 10 डॉलर का फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा। वहीं, अफ्रीका के लिए यह शुल्क 30 डॉलर से बढ़ाकर 90 डॉलर कर दिया गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए यह 20 डॉलर बढ़ाकर 60 डॉलर कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी बदलाव 12 मार्च से लागू होंगे। सिंगापुर के लिए उड़ानों पर भी अब फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा, जबकि अभी तक इस रूट पर ऐसा कोई शुल्क नहीं था।

  • पीएम सूर्य घर योजना को मिली रफ्तार: देश में 25 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित

    पीएम सूर्य घर योजना को मिली रफ्तार: देश में 25 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित

    नई दिल्ली । देश में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत 5 मार्च 2026 तक देशभर में 25 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इस तरह यह योजना देश में सौर ऊर्जा के विस्तार और हरित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनती जा रही है।

    राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने बताया कि राष्ट्रीय पोर्टल पर अब तक 63,26,125 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 25,02,217 घरों में सफलतापूर्वक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इससे साफ है कि लोग इस योजना के प्रति तेजी से रुचि दिखा रहे हैं और अपने घरों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

    सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत अब तक 14,585.29 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना पर 7,822.92 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस योजना के विस्तार पर लगातार निवेश बढ़ा रही है ताकि अधिक से अधिक घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाई जा सके।

    दरअसल प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को वर्ष 2024 में शुरू किया गया था। यह एक डिमांड-ड्रिवन योजना है यानी इसमें वही उपभोक्ता शामिल होते हैं जो स्वयं आवेदन करते हैं। देश के ऐसे सभी घरेलू उपभोक्ता जिनके पास स्थानीय बिजली वितरण कंपनी यानी डिस्कॉम से जुड़ा बिजली कनेक्शन है वे राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है साथ ही पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना भी है।

    सरकार का अनुमान है कि यदि देश में एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो जाते हैं तो इससे लगभग 1000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली का उत्पादन संभव हो सकेगा। इतना ही नहीं इन सोलर सिस्टम का औसत जीवनकाल करीब 25 साल माना जाता है और इस अवधि में लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाई जा सकती है। इससे पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

    सरकार ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 के अंत तक इस योजना के क्रियान्वयन में गुजरात महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश केरल और राजस्थान जैसे राज्य सबसे आगे रहे हैं। इन राज्यों में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाए हैं।

    एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक देश में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 266.78 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। इसमें 258 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है जिसमें सौर पवन जैव ऊर्जा और जल विद्युत जैसी ऊर्जा शामिल हैं। इसके अलावा 8.78 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता भी देश के ऊर्जा उत्पादन में योगदान दे रही है।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को भी लागू किया जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन उपयोग और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाना है।

  • गोंदिया रेलवे ट्रैक अपग्रेड: 5 से 24 अप्रैल तक 3 जोड़ी ट्रेनें रद्द, यात्रियों को अलर्ट

    गोंदिया रेलवे ट्रैक अपग्रेड: 5 से 24 अप्रैल तक 3 जोड़ी ट्रेनें रद्द, यात्रियों को अलर्ट


    नई दिल्ली। गोंदिया, नागपुर मंडल – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने गोंदिया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 3 के वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक में बदलने के लिए बड़े अपग्रेडेशन का काम शुरू किया है। इसके चलते 5 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक लाइन नंबर 05 (अप मेनलाइन) पर 20 दिन का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है। रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर चेक करें।

    प्रभावित ट्रेनें और तारीखें
    कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस (18237) – कोरबा से 5 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक रद्द।

    अमृतसर–बिलासपुर एक्सप्रेस (18238) – अमृतसर से 7 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक रद्द।

    हजरत निजामुद्दीन–रायगढ़ एक्सप्रेस (12410) – निजामुद्दीन से 2, 4, 6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21, 22 अप्रैल को रद्द।

    रायगढ़–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (12409) – रायगढ़ से 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23, 24 अप्रैल को रद्द।

    विशाखापत्तनम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (12807) – विशाखापत्तनम से 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22, 23 अप्रैल को रद्द।

    हजरत निजामुद्दीन–विशाखापत्तनम एक्सप्रेस (12808) – 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24, 25 अप्रैल को रद्द।

    क्या है अपग्रेड का काम?
    रेलवे के अनुसार, गोंदिया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 3 के वॉशेबल एप्रन को हटाकर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में बदला जा रहा है। यह कदम ट्रेन संचालन को और सुरक्षित और तेज बनाने के लिए लिया गया है। अपग्रेड के दौरान ट्रैक ब्लॉक होने के कारण कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें अलग-अलग तिथियों पर रद्द रहेंगी।

    यात्रियों के लिए जरूरी सूचना
    रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति ऑनलाइन या स्टेशन पर चेक करें। विशेषकर कोरबा, अमृतसर, रायगढ़ और विशाखापत्तनम जाने वाले यात्री अपनी योजना में बदलाव कर लें।

    यह अपग्रेडेशन रेलवे की सुरक्षा और सुविधा के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर और निर्बाध सेवा मिलेगी।

    कीवर्ड: गोंदिया, रेलवे ट्रैक अपग्रेड, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, प्लेटफॉर्म 3, बैलेस्टेड ट्रैक, ट्रैफिक ब्लॉक, कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस, अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस, विशाखापत्तनम एक्सप्रेस, ट्रेन रद्द, अप्रैल 2026

  • सुप्रीम कोर्ट ने कोविड वैक्सीन साइड इफेक्ट्स के लिए मुआवजा देने का दिया आदेश: नो-फॉल्ट पॉलिसी लागू, एक्सपर्ट पैनल की जरूरत नहीं

    सुप्रीम कोर्ट ने कोविड वैक्सीन साइड इफेक्ट्स के लिए मुआवजा देने का दिया आदेश: नो-फॉल्ट पॉलिसी लागू, एक्सपर्ट पैनल की जरूरत नहीं

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोविड वैक्सीनेशन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश दिया कि वैक्सीनेशन से किसी भी व्यक्ति को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाए। इसके लिए सरकार नो-फॉल्ट कम्पनसेशन पॉलिसी बनाए।

    नो-फॉल्ट कम्पनसेशन पॉलिसी का मतलब
    इस नीति के तहत अगर किसी व्यक्ति को वैक्सीन या दवा से नुकसान होता है, तो उसे मुआवजा मिल सकता है, चाहे इसमें किसी की गलती साबित हो या न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साइड इफेक्ट्स की मॉनिटरिंग के लिए मौजूदा सिस्टम ही जारी रहेगा, अलग से एक्सपर्ट पैनल बनाने की जरूरत नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें
    साइड इफेक्ट्स के आंकड़े सार्वजनिक होंगे – वैक्सीन से जुड़े मामलों का डेटा समय-समय पर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराया जाएगा।

    सरकार की गलती साबित नहीं होती – मुआवजा नीति लागू होने का मतलब यह नहीं कि सरकार या कोई अन्य अथॉरिटी अपनी गलती मान रही है।

    याचिकाएं और पृष्ठभूमि
    यह आदेश रचना गंगू और वेणुगोपालन गोविंदन द्वारा 2021 में दायर याचिकाओं पर आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी बेटियों की मौत कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के कारण हुई थी।

    करुण्या गोविंदन मामला: जुलाई 2021 में कोवीशील्ड वैक्सीन लगने के महीने भर बाद करुण्या की मौत हुई। राष्ट्रीय समिति ने मामले की जांच की, लेकिन पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण वैक्सीन को सीधे मौत का कारण नहीं माना गया।

    8 साल की रितिका मामला: मई 2021 में पहली डोज के 7 दिन बाद तेज बुखार और ब्रेन ब्लड क्लोटिंग के कारण मौत। परिवार ने RTI के जरिए पता लगाया कि मौत का कारण थ्रोम्बोसिस विथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम था।

    ICMR और NCDC की स्टडी
    जुलाई 2025 में ICMR और NCDC ने स्टडी जारी की, जिसमें बताया गया कि 18-45 साल के लोगों में अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है। स्टडी में यह भी कहा गया कि गंभीर साइड इफेक्ट के मामले बहुत दुर्लभ (rare) हैं।

    अन्य संभावित कारणों में जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद बीमारियां और कोविड के बाद के कॉम्प्लिकेशन शामिल हैं।

    भारत में विकसित कोविड वैक्सीन
    कोवैक्सिन – भारत बायोटेक ने ICMR के सहयोग से विकसित की।

    कोवीशील्ड – सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से बनाई।

    सुप्रीम कोर्ट का संदेश
    सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वैक्सीनेशन सुरक्षित और जरूरी है, और सरकार की जिम्मेदारी है कि साइड इफेक्ट्स के लिए उचित मुआवजा नीति लागू करे। जनता को इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नो-फॉल्ट नीति से प्रभावित लोगों को राहत मिलेगी।

  • लोकसभा में विपक्ष ने पेश किया स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: बहस में गरमाए सांसद, राहुल गांधी की बोलने की स्वतंत्रता पर उठे सवाल

    लोकसभा में विपक्ष ने पेश किया स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: बहस में गरमाए सांसद, राहुल गांधी की बोलने की स्वतंत्रता पर उठे सवाल



    नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसमें 50 से अधिक सांसदों ने समर्थन दिया। प्रस्ताव पर अब 10 घंटे तक बहस होगी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्पीकर सदन में पक्षपात कर रहे हैं और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बार-बार बोलने से रोका गया।

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि बजट सत्र में 20 बार राहुल गांधी को बोलने से रोका गया और बार-बार रूलिंग बुक दिखाकर उन्हें रोकने की कोशिश की गई। गोगोई ने स्पीकर पर महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया।

    वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब में कहा कि विपक्ष के आरोप असत्य हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जब सदन में बोलने आते हैं, कई बार विदेश यात्रा के कारण अनुपस्थित रहते हैं। रिजिजू ने यह भी कहा कि स्पीकर का नेतृत्व देश के लिए गर्व की बात है और उन्हें हटाने की आवश्यकता नहीं।

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी सदन में बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार सच बोलते हैं और यही सत्तापक्ष को पसंद नहीं आता। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि अमेरिका-इजरायल जैसी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर संवेदनशीलता दिखाएं।

    डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति पर विवाद
    अविश्वास प्रस्ताव के दौरान डिप्टी स्पीकर न नियुक्त किए जाने का मुद्दा भी गर्माया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सदन में डिप्टी स्पीकर की कमी संवैधानिक वैक्यूम पैदा करती है। उन्होंने बताया कि पिछली लोकसभाओं में यह पद विपक्ष को दिया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे खाली रखा।

    स्पीकर की गैर-मौजूदगी में लोकसभा की अध्यक्षता जगदंबिका पाल ने की, जिन्होंने कहा कि प्रस्ताव की बहस 10 घंटे तक चलेगी और इस दौरान कार्यवाही उनके अधीन होगी। उन्होंने विपक्ष से कहा कि प्रस्ताव से जुड़े विषयों पर ही बहस हो।

    सदन में राजनीतिक टकराव
    बहस के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। गोगोई ने कहा कि स्पीकर ने राहुल गांधी को बार-बार बोलने से रोका, जबकि भाजपा सांसदों को बिना रोक स्पीकर की अनुमति के बोलने दिया गया। इसके जवाब में रिजिजू ने कहा कि सदन में नियमों के अनुसार कार्यवाही चलाना स्पीकर का अधिकार है।

    संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी बताया कि स्पीकर ने 18वीं लोकसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों को पर्याप्त सवाल पूछने और अपनी बात रखने के अवसर दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर का पद लोकतंत्र की गरिमा को सुरक्षित रखने वाला है और इसे हटाने की कोई आवश्यकता नहीं।

    नव भारत शैली निष्कर्ष
    लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव केवल एक राजनीतिक मोशन नहीं, बल्कि संसद में नियम और लोकतंत्र की मर्यादा को लेकर चल रही बहस है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी टकराव से यह स्पष्ट होता है कि लोकतंत्र में हर सदस्य की आवाज सुनी जानी चाहिए। अब बहस के 10 घंटे पूरे होने के बाद स्पीकर पद को लेकर सदन का निर्णय सामने आएगा।

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    ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव, लोकसभा बहस, राहुल गांधी बोलने से रोके, डिप्टी स्पीकर नियुक्ति, कांग्रेस सांसद गोगोई, किरेन रिजिजू जवाब, प्रियंका गांधी प्रतिक्रिया, 18वीं लोकसभा, स्पीकर पक्षपात आरोप, जगदंबिका पाल अध्यक्षता, संसद नियम उल्लंघन, NDA सरकार बहुमत, संसद कार्यवाही, अविश्वास प्रस्ताव चर्चा, लोकसभा स्पीकर हटाने की मांग, राजनीतिक विवाद, संसद लोकतंत्र, सत्र बहस, पीएम मोदी मार्गदर्शन, संसदीय कार्य मंत्री, संसद अविश्वास प्रस्ताव लाइव, विपक्ष सरकार टकराव, संसद में नेता प्रतिपक्ष का अधिकार

  • CBSE का स्पष्ट बयान: 12वीं गणित का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित

    CBSE का स्पष्ट बयान: 12वीं गणित का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित


    नई दिल्ली। कक्षा 12 के गणित प्रश्नपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और संदेह के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट की। बोर्ड ने कहा कि 9 मार्च को आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब छात्रों और अभिभावकों ने देखा कि प्रश्नपत्र पर मौजूद एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब वीडियो से जुड़ने लगा। इससे प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया में अफवाहें फैल गईं।

    सीबीएसई ने अपने बयान में कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं और क्यूआर कोड सुरक्षा उपायों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संभावित सुरक्षा उल्लंघनों की स्थिति में प्रश्नपत्र की सत्यता को प्रमाणित करना है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इस क्यूआर कोड से जुड़े संदेह के कारण ही छात्रों और अभिभावकों में भ्रम उत्पन्न हुआ था, जबकि प्रश्नपत्र की वास्तविकता में कोई कमी नहीं है।

    बोर्ड ने यह भी कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में किसी भी तरह की सेंध नहीं लगी है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने पूरी गंभीरता से इस घटना की समीक्षा की है और भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    9 मार्च को आयोजित परीक्षा के दौरान वितरित किए गए सभी प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी है और प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है। बोर्ड ने यह भी बताया कि भविष्य में क्यूआर कोड से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इससे छात्रों को यह भरोसा मिलेगा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और निष्पक्ष है।

    इस मामले में बोर्ड का संदेश स्पष्ट है: किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया में फैल रही झूठी जानकारी पर ध्यान न दें। प्रश्नपत्र असली हैं, सुरक्षा सुनिश्चित है और परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से जारी रहेगी। सीबीएसई ने आश्वासन दिया कि तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी किसी भी समस्या से निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे पूरी प्रक्रिया में विश्वास रखें और अफवाहों में घबराएँ नहीं।

  • कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

    कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू


    नई दिल्ली । देश भर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप हो गई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर की गई स्ट्राइक के बाद हॉर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है जिससे भारत को गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कतर जो भारत की LNG की सबसे बड़ी सप्लाई करता है ने प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% LNG कतर से ही आयात करता है इसलिए देश में घरेलू और कॉमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है।

    दिल्ली मध्य प्रदेश महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी है। इससे कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है। मुंबई में 20% होटल रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं और होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो अगले दो दिनों में आधे से अधिक होटल बंद हो सकते हैं। भोपाल में शादी और सीजन के बीच 2 000 से अधिक होटल रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित हैं।

    केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और आपूर्ति नियंत्रण के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई चार कैटेगरी में बांटी जाएगी घरेलू रसोई और CNG को पूरी आपूर्ति मिलेगी खाद कारखानों को लगभग 70% बड़े उद्योगों और चाय फैक्ट्रियों को लगभग 80% और छोटे होटल रेस्टोरेंट और कारखानों को भी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 5 दिन बाद भी सिलेंडर डिलीवर नहीं हो रहे हैं। मुंबई पुणे और नागपुर में सप्लाई कटौती के कारण रेस्टोरेंट और शवदाह गृह बंद हुए हैं। राजस्थान में होटल मैरिज गार्डन और रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। कर्नाटक में भी होटल बंद होने की आशंका के कारण बुजुर्ग छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच कदम उठाए हैं हाई लेवल कमेटी बनाना आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना LPG बुकिंग नियम बदलना 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य करना और LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश देना। इंडियन ऑयल के के.एम. ठाकुर ने कहा है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक सप्लाई का भी इंतजाम कर रही है रूस और अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की संभावना है।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बंदी और कतर में LNG उत्पादन ठप होना मुख्य कारण हैं। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल और 54% LNG इसी मार्ग से मंगाता है। सप्लाई संकट के बीच घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ाकर 913 रुपए कर दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर 19 किग्रा का 1883 रुपए में मिल रहा है। इससे होटल रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय संचालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।