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  • मां के साथ रूस गए बच्चे का पता लगाए सरकार, उसके भारतीय पिता से मिलाने का करे प्रयास: SC

    मां के साथ रूस गए बच्चे का पता लगाए सरकार, उसके भारतीय पिता से मिलाने का करे प्रयास: SC


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को केंद्र सरकार (Central Government) से उस नाबालिग बच्चे का पता लगाने और उसे उसके भारतीय पिता (Indian Father) से वर्चुअल माध्यम से मिलाने के प्रयास करने को कहा, जिसे उसकी मां रूस ले गई है। बच्चे की कस्टडी को लेकर रूसी महिला और उसके भारतीय पति के बीच अदालत में मुकदमा चल रहा है, इस बीच महिला बच्चे को अपने साथ लेकर मॉस्को चली गई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि महिला और उसके बेटे के ठिकाने को गुप्त रखा जा सकता है। फिलहाल उन्हें भारत वापस लाने का कोई प्रयास न किया जाए।

    पीठ ने कहा कि नाबालिग बच्चे को उसके पिता से आभासी रूप से मिलाने के लिए राजनयिक प्रयास जारी रखे जाने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने रूस स्थित भारतीय दूतावास से भी अपील किया कि अधिकारी सीमित उद्देश्य से महिला और बच्चे का पता लगाने के लिए वहां के अधिकारियों से इस मामले पर बात करें। केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को बताया कि भारत और रूस के विदेश सचिवों की बैठक और इंटरपोल के ब्लू कॉर्नर नोटिस सहित कई प्रयासों के बावजूद बच्चे का पता लगाने में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।


    आखिर क्या है पूरा मामला

    महिला वर्ष 2019 से भारत में रह रही थी और वह एक्स-1 वीजा पर भारत आई थी, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, अदालती कार्यवाही के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने समय-समय पर वीजा की अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया। पिछले साल 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया गया कि शायद रूसी महिला नाबालिग बेटे के साथ नेपाल सीमा के रास्ते देश छोड़कर चली गई है और संभवतः शारजाह के रास्ते अपने देश पहुंच गई है।

    सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को अस्वीकार्य बताया और अदालत की घोर अवमानना का मामला कहा। बच्चे के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी अलग रह रही पत्नी बच्चे की कस्टडी से जुड़े अदालती आदेश का पालन नहीं कर रही है। उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसे महिला और अपने बेटे के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने 22 मई, 2025 को निर्देश दिया कि बच्चे की स्पेशल कस्टडी सप्ताह में तीन दिन (सोमवार, मंगलवार और बुधवार) के लिए मां को दी जाए और शेष दिनों के लिए बच्चा अपने पिता की विशेष अभिरक्षा में रहे।

  • PM मोदी ने नेपाल चुनाव में जीत पर बालेंद्र शाह और पार्टी अध्यक्ष को फोन लगाकर दी बधाई

    PM मोदी ने नेपाल चुनाव में जीत पर बालेंद्र शाह और पार्टी अध्यक्ष को फोन लगाकर दी बधाई


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को नेपाल चुनाव (Nepal Elections) में जीत दर्ज करने वाले बालेन शाह (Balen Shah) और उनकी पार्टी अध्यक्ष रबी लामिछाने (Party Chairman Rabi Lamichhane) से फोन पर बात करके उन्हें बधाई दी। पीएम ने दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति और खुशहाली के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल के दोनों नेताओं के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि साझा प्रयासों से भारत-नेपाल संबंध आने वाले वर्षों में नयी ऊंचाइयों को छुएंगे।

    इस बातचीत के बारे में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने और आरएसपी के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह के साथ फोन पर सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई।” पीएम ने कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं को उनकी चुनावी जीत और नेपाल चुनाव में उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की शानदार सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “मैंने उनकी आगामी नयी सरकार के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं और दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति एवं कल्याण के लिए उनके साथ काम करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।”

    गौरतलब है कि जेन-जी प्रोटेस्ट के बाद नेपाल के यह पहले चुनाव थे। इस चुनाव में पुरानी पार्टियों को साइड लाइन करते हुए युवाओं ने नई नवेली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी और उसके युवा उम्मीदवार बालेंद्र शाह पर भरोसा जताया है। बालेंद्र ने झापा सीट से नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली को करारी शिकस्त दी है। नेपाल की जनता के बीच में वह काफी लोकप्रिय हैं। नागपुर से पढ़ाई करने वाले बालेंद्र नेपाल के नए पीएम बनने की रेस में सबसे आगे हैं।

    आपको बता दें, नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीट हैं। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं, जबकि 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से चुने जाते हैं। आम चुनाव में प्रत्यक्ष मतदान के तहत अब तक नेपाल की 165 सीट में से 161 सीट के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं। शेष चार सीट के नतीजे जल्द ही घोषित होने की उम्मीद है।

    आनुपातिक मतदान के तहत, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) को 40,49,604 वोट मिले। इसके बाद एनसी को 13,60,281, सीपीएन-यूएमएल को 11,50,679, एनसीपी को 5,91,940, श्रम संस्कृति पार्टी को 2,91,965, जनता समाजवादी पार्टी को 1,16,463 और राष्ट्रीय परिवर्तन पार्टी को 2,76,931 वोट मिले।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत 40 लाख से अधिक मतों के साथ, आरएसपी को कम से कम 40 अतिरिक्त सीट मिलने की उम्मीद है, जिससे 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में उसकी सीट संख्या लगभग 164 हो जाएगी, जो साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 138 सीट से कहीं अधिक है।

  • देश के 62 रेस्टोरेंट पर IT की रेड…. 408 करोड़ रुपये की बिक्री छुपाने का खुलासा

    देश के 62 रेस्टोरेंट पर IT की रेड…. 408 करोड़ रुपये की बिक्री छुपाने का खुलासा


    नई दिल्ली।
    आयकर विभाग (Income Tax Department) ने कर चोरी के शक में देशभर में कई प्रमुख रेस्टोरेंट (Restaurants) की तलाशी ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी -CBDT) ने बताया कि जांच के दौरान रेस्टोरेंट की ओर से 408 करोड़ की कम बिक्री बताए जाने का खुलासा हुआ। यह कार्रवाई हैदराबाद (Hyderabad ) स्थित प्रसिद्ध बिरयानी रेस्टोरेंट समूह (Famous Biryani Restaurant Group) से जुड़े 70 हजार करोड़ के कर चोरी मामले के सामने आने के बाद की गई। आयकर विभाग को संदेह है कि इन रेस्टोरेंट समूह ने वास्तविक बिक्री छिपाने और कर बचाने के लिए हेरफेर में बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।

    सीबीडीटी ने बताया, 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट का सर्वे किया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि करीब 408 करोड़ की बिक्री छिपाई गई है। साथ ही, इन नतीजों की जांच चल रही है। कर अधिकारियों के नवंबर 2025 में फूड एवं बेवरेज सेक्टर में जांच शुरू करने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई। जांच के दौरान, यह पाया गया कि कई रेस्टोरेंट असल बिक्री को छिपाने के लिए बल्क बिल डिलीट करने और दूसरे बदलाव करने में लगे हुए थे।

    रविवार से देशभर में रेस्टोरेंटों की तलाशी अभियान के बाद 63,000 आउटलेट को ईमेल और संदेश भेजे जा रहे हैं। इसमें उनसे 31 मार्च तक अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) अपडेट करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान तब शुरू हुआ जब हैदराबाद में विभाग की शाखा ने हाल ही में स्थानीय बिरयानी कंपनी का सर्वे किया जो बिलिंग सॉफ्टवेयर बनाती है। इसमें पाया कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट कथित तौर पर अपनी आय कम दिखाने के लिए सॉफ्टवेयर में हेरफेर कर रहे थे।

    अधिकारियों का अनुमान है कि अकेले हैदराबाद में मौजूद रेस्टोरेंट के लिए संदिग्ध कर चोरी हजारों करोड़ रुपये की हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह सर्वे और वेरिफिकेशन रविवार से कई शहरों में शुरू किया गया है और इसका मकसद यह पता लगाना है कि कर चोरी कितनी हो सकती है।


    एआई टूल्स से 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन खंगाले

    सीबीडीटी ने बयान में कहा कि एआई टूल्स के जरिये करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट के लेनदेन डाटा का एडवांस्ड एनालिसिस किया गया। इस डाटा की तुलना इन आउटलेट्स की ओर से बताए गए टर्नओवर से की गई, जिससे आय की बड़े पैमाने पर कम रिपोर्टिंग का पता चला। कुछ मामलों में, रिकॉर्ड की गई बिक्री वित्तीय खातों या कर फाइलिंग में पूरी तरह से दिखाई नहीं दी और कुछ लेनदेन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया।

    मीशो को आयकर विभाग से मिला 1,500 करोड़ का कर नोटिस
    ई-कॉमर्स कंपनी मीशो को आयकर विभाग से करीब 1,500 करोड़ रुपये की कर मांग का नोटिस मिला है। कंपनी ने इस नोटिस को चुनौती देने का फैसला किया है। मीशो ने शेयर बाजार को बताया कि उसे छह मार्च को वर्ष 2023-24 के लिए आयकर विभाग से नोटिस मिला। इसमें विभाग ने ब्याज सहित 14,99,73,82,840 (1,499.73 करोड़) रुपये की कर मांग रखी है। यह कर मांग नोटिस कंपनी की ओर से घोषित आय में कुछ बढ़ोतरी और समायोजन के आधार पर जारी किया गया है। मीशो ने बताया कि वह इस आदेश की समीक्षा कर रही है और उसमें की गई टिप्पणियों और समायोजनों से सहमत नहीं है। कंपनी का कहना है कि उसके पास इसे चुनौती देने के लिए पर्याप्त कानूनी एवं तथ्यात्मक आधार हैं और अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

  • संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार

    संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार


    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में ईरान और अमेरिकी-इजराइल संघर्ष को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और भारत पर असर पर चर्चा की मांग की।

    लोकसभा में स्थिति:
    विपक्ष ने “We want discussion” के नारे लगाए और विदेश नीति पर सवाल उठाए। चेयर के बार-बार निर्देश देने के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि विपक्ष प्रस्ताव लाने के नियम का पालन नहीं कर रहा और सदन का समय बेबुनियाद हंगामे में बर्बाद कर रहा है।

    राज्यसभा में हंगामा:
    विदेश मंत्री जयशंकर जब खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट पर संबोधन दे रहे थे, विपक्ष ने वॉक आउट किया। मंत्री ने बताया कि 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सक्रिय है।

    सरकार का पक्ष:
    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस बहस से भाग रही है और स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर नियमों का पालन किया गया। उन्होंने विपक्ष पर संसद के नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

    विपक्ष की प्रतिक्रिया:
    कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन और केसी वेणुगोपल ने कहा कि वे पश्चिम एशिया संकट, फ्यूल की बढ़ती कीमत और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा चाहते हैं। उनका आरोप है कि सरकार गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रही है।

    विदेश मंत्री का अपडेट:

    ईरान में स्थिति अस्थिर

    खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय नागरिक

    दो भारतीय नाविकों की मृत्यु, एक अभी लापता

    भारत शांति और बातचीत के पक्ष मेंलोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित। विपक्ष और सरकार के बीच बहस जारी है।

  • भारत ने समुद्र में पनडुब्बियों का अभेद्य किला तैयार किया, पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ाने की तैयारी

    भारत ने समुद्र में पनडुब्बियों का अभेद्य किला तैयार किया, पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ाने की तैयारी


    नई दिल्‍ली । भारत ने अपने समुद्री सुरक्षा तंत्र को अब तक के सबसे मजबूत रूप में बदल दिया है। अब देश के पश्चिमी और पूर्वी तट पर पनडुब्बियों का एक जाल बिछा हुआ है जो पाकिस्तान और चीन जैसी चुनौतियों को नापाक कदम उठाने से पहले ही रोक सकेगा। भारतीय नौसेना की यह शक्ति सिर्फ डराने के लिए नहीं बल्कि रणनीतिक और सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिए है।

     भारतीय नौसेना के बेड़े में लगभग 20-21 मारक पनडुब्बियां शामिल हैं। इनमें से 17 डीजल-पॉवर्ड अटैक पनडुब्बियां हैं जबकि कम से कम 2 न्यूक्लियर पॉवर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां सक्रिय हैं। इसके अलावा एक पनडुब्बी रूस से लीज पर ली गई है।

    सबसे महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि भारत अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन S-4 को अप्रैल या मई तक सेवा में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहली बार सामरिक बल कमान के तहत भारत के पास तीन परिचालन एसएसबीएन हो जाएंगे जो देश की परमाणु समुद्री क्षमताओं को और मजबूत करेंगे।

    भारतीय नौसेना की पनडुब्बियां पश्चिमी तट पर मुंबई और पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम के पास तैनात हैं। हाल ही में दो नए पनडुब्बी अड्डे बनाए गए हैं। पहला कारवार मुंबई से 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। दूसरा आईएनएस वर्षा पूर्वी तट पर काकीनाडा के पास है जहां भूमिगत पनडुब्बी ठिकाने बनाए गए हैं। इसे चीन के हालिया उन्नयन के जवाब में भारत की नौसैनिक परमाणु क्षमता बढ़ाने की बड़ी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

    भारत ने फरवरी 2015 में स्वदेशी 6 न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक सबमरींस को अपने बेड़े में शामिल करने की परियोजना को मंजूरी दी थी। ये पनडुब्बियां विशाखापत्तनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में बनाई जा रही हैं। हालांकि स्वदेशी न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक क्लास की पूरी क्षमता हासिल करना अभी लगभग एक दशक दूर का लक्ष्य है। अनुमान है कि इसकी पहली पनडुब्बी 2036 तक ही बेड़े में शामिल होगी।

    भारत के पश्चिमी तट पर अरब सागर है जिसकी सीमा पाकिस्तान से मिलती है। वहीं पूर्वी तट पर बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर हैं जहां चीन के जासूसी जहाज अक्सर गतिविधियां करते रहते हैं। भारतीय पनडुब्बियों का यह जाल दुश्मनों के लिए सिर्फ चेतावनी नहीं बल्कि वास्तविक सामरिक खतरा है। इसमें न्यूक्लियर पॉवर्ड और हमलावर पनडुब्बियां शामिल हैं जो समुद्र में किसी भी प्रकार की चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। इस प्रकार भारत ने समुद्र के भीतर एक अभेद्य किला तैयार कर लिया है जो न केवल देश की रक्षा करता है बल्कि दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन बनाए रखने में भी निर्णायक भूमिका निभाता है।

  • दिल्ली का सबसे महंगा रिटेल बाजार: खान मार्केट ने कायम रखा शीर्ष स्थान

    दिल्ली का सबसे महंगा रिटेल बाजार: खान मार्केट ने कायम रखा शीर्ष स्थान


    नई दिल्‍ली । दिल्ली में रिटेल मार्केट के मामले में खान मार्केट की रौनक बरकरार है। यदि आप सोच रहे हैं कि कनॉट प्लेस में दुकान खोलना सबसे महंगा है, तो आप गलत हैं। राजधानी के लुटियंस जोन में स्थित खान मार्केट आज भी देश का सबसे महंगा शॉपिंग हब बना हुआ है। सीमित जगह और बड़े बड़े ब्रांड्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने यहां किराए को लगातार ऊंचाई पर बनाए रखा है। अंतरराष्ट्रीय और प्रीमियम ब्रांड्स की मौजूदगी इसे हाई-एंड ग्राहकों के लिए खास बनाती है।

    कुशमैन एंड वेकफील्ड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, खान मार्केट में अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में दुकानों का मासिक किराया 1,700 से 1,800 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 8 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यहां की मांग अब स्टेटस सिंबल बन चुकी है। सीमित रिटेल स्पेस और बड़े ब्रांड्स की भारी भीड़ के कारण नई जगह पाना लगभग असंभव हो गया है। यही वजह है कि खान मार्केट लगातार देश के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित शॉपिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।

    कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में भी किराए में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब दुकानदारों को 1,150 से 1,250 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह किराया देना पड़ रहा है। वहीं, गुरुग्राम का गैलेरिया मार्केट सबसे अधिक 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अब कनॉट प्लेस के बराबर किराया दर्ज कर रहा है।

    उत्तर दिल्ली के छात्र और युवा केंद्रित बाजार कमला नगर में किराए में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब यहां किराया 480 से 510 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। नोएडा के सेक्टर-18 में भी किराया 8 प्रतिशत बढ़कर 200 से 220 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। दक्षिणी दिल्ली के प्रमुख बाजार साउथ एक्सटेंशन और लाजपत नगर  में 3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। करोल बाग  में दुकानों का मासिक किराया बढ़कर 395 से 415 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच पहुंच गया है।

    कुशमैन एंड वेकफील्ड के कार्यकारी प्रबंध निदेशक गौतम सराफ का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के रिटेल बाजारों में यह उछाल प्राइम लोकेशंस पर जगह की कमी और लगातार बढ़ती मांग का संकेत है। 2025 में दिल्ली-एनसीआर में करीब 22.5 लाख वर्ग फुट रिटेल स्पेस किराए पर लिया गया, जो 2019 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम लोकेशंस पर बढ़ती मांग के कारण आने वाले समय में भी किराए में बढ़ोतरी का रुझान जारी रह सकता है।

  • केजरीवाल सिसोदिया की फिर बढ़ी मुश्किलें, तुषार मेहता की दलीलों से दिल्ली शराब नीति केस में आया नया मोड़

    केजरीवाल सिसोदिया की फिर बढ़ी मुश्किलें, तुषार मेहता की दलीलों से दिल्ली शराब नीति केस में आया नया मोड़


    नई दिल्‍ली । दिल्ली शराब नीति मामले में नया मोड़ आया है। कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ED के हवाला एंगल से जुड़े मामले में फिलहाल आगे की सुनवाई नहीं होगी जब तक हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती। हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी होने तक ईडी से जुड़े मामले में अरविंद केजरीवाल मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों की आरोपमुक्ति फिलहाल प्रभावी नहीं मानी जाएगी। और सभी आरोपमुक्त आरोपियों को नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की गई है।

    अदालत ने इस मामले में निचली अदालत से आरोपमुक्त किए गए सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। वहीं अदालत ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश के एक हिस्से पर रोक लगाने की बात कही है जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की गई थी। उच्च न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि निचली अदालत के कुछ अवलोकन तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थे। हालांकि अदालत ने फिलहाल निचली अदालत के उस आदेश पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है जिसमें केजरीवाल सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया था। ऐसे में इस चरण में CBI को तत्काल राहत नहीं मिली है।

    उच्च न्यायालय ने कहा कि वह निचली अदालत को प्रवर्तन निदेशालय ईडी द्वारा धनशोधन मामले की जांच पर कार्यवाही को बाद की तारीख तक स्थगित करने का आदेश देगी। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा किए गए अनुरोध पर उच्च न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि वह सीबीआई अधिकारियों पर अधीनस्थ अदालत द्वारा की गई पूर्वग्रहपूर्ण टिप्पणियों के अमल पर रोक लगाएगी। मेहता ने अदालत से सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के लिए समय निर्धारित करके अंतिम निर्णय लेने का आग्रह किया। मेहता ने तर्क दिया कि आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और सिसोदिया को अरोप मुक्त करने का निचली अदालत का आदेश अनुचित था और आपराधिक कानून को ही उलट देता है।

    शराब नीति का मामला सबसे बड़े घोटालों में से एक

    तुषार मेहता ने उच्च न्यायालय से कहा कि शराब नीति मामला सबसे बड़े घोटालों में से एक था और भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण था। मेहता ने दावा किया कि निचली अदालत ने केजरीवाल सिसोदिया और अन्य के पक्ष में बिना सुनवाई के आरोप मुक्त करने का आदेश सुना दिया। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी ने शराब नीति में हेरफेर के लिए साजिश और रिश्वतखोरी को दर्शाने वाले विस्तृत सबूत जुटाए थे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सिसोदिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और सीबीआई के मामले के पक्ष में कई गवाह हैं।

    बता दें कि निचली अदालत ने 27 फरवरी को केजरीवाल सिसोदिया और 21 अन्य को आरोप मुक्त कर दिया और सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से विफल रहा और पूरी तरह से निराधार साबित हुआ। इस मामले में जिन 21 लोगों को क्लीन चिट दी गई है उनमें तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता भी शामिल हैं। सीबीआई आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार द्वारा अब रद्द की जा चुकी शराब नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है।

    हाईकोर्ट के फैसले पर आप का बयान

    दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर संजय सिंह ने कहा सबसे पहले तो उन्हें कोई स्टे नहीं मिला है जो सीबीआई के लिए एक झटका है। दूसरा हम अपने वकीलों से सभी जानकारी जुटाने के बाद आधिकारिक रूप से अपना पक्ष रखेंगे। उन्हें कोई स्टे नहीं मिला है। CBI कोर्ट का फैसला अभी भी बरकरार है और उस पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

  • बंगाल में पकड़े गए बांग्लादेश के दो आरोपी, युवा नेता हादी की हत्या में बताए जा रहे शामिल

    बंगाल में पकड़े गए बांग्लादेश के दो आरोपी, युवा नेता हादी की हत्या में बताए जा रहे शामिल


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सीमा के पास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर बांग्लादेश के युवा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शरिफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने का आरोप है।

    पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बोंगांव सीमा क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी भारत में छिपे हुए थे और मौका मिलते ही वापस बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे।

    गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई

    पुलिस को सूचना मिली थी कि बांग्लादेश में गंभीर अपराध करने के बाद दो लोग अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए हैं। इसके बाद STF ने बोंगांव इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया।

    7 और 8 मार्च की रात छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पर हत्या और वसूली जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

    मेघालय सीमा से भारत में घुसे

    जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे अलग-अलग जगहों पर घूमते रहे और अंत में पश्चिम बंगाल के बोंगांव इलाके में पहुंच गए।

    पुलिस को शक है कि वे कुछ समय तक सीमा के पास छिपे रहने के बाद फिर से बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे।

    ढाका में हुई थी गोली मारकर हत्या

    जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में शरिफ उस्मान हादी पर उस समय हमला किया गया था जब वह रिक्शा से यात्रा कर रहे थे। हमलावरों ने करीब से गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

    बेहतर इलाज के लिए 15 दिसंबर को उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

    हत्या के बाद ढाका में प्रदर्शन

    हादी की मौत के बाद ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की थी। उस समय मोहम्मद यूनुस ने इस घटना के बाद राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था।

    बताया जाता है कि हादी को फरवरी 2026 के राष्ट्रीय चुनाव में ढाका-8 सीट से संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था।

    आगे की जांच जारी

    पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और भारत में आने के बाद आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया।

  • ईरान के समर्थन पर सियासी घमासान: केरल CM के बयान से BJP नाराज

    ईरान के समर्थन पर सियासी घमासान: केरल CM के बयान से BJP नाराज


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा ईरान के समर्थन में दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है।

    भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री का बयान “तुष्टीकरण की राजनीति” से प्रेरित है।

    भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साधा निशाना

    राजधानी तिरुवनंतपुरम में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री विजयन के बयान की आलोचना की।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ईरान पर हुए हमलों की तो आलोचना कर रहे हैं, लेकिन ईरान द्वारा Gulf Cooperation Council के सदस्य देशों पर किए जा रहे हमलों पर चुप हैं।

    चंद्रशेखर ने कहा कि इन खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में मलयाली लोग रहते हैं, इसलिए राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा को भी ध्यान में रखना चाहिए।

    ‘केवल ईरान के बारे में ही क्यों बोल रहे हैं?’

    भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा,
    “आप सिर्फ ईरान के बारे में ही क्यों बोल रहे हैं? क्या यह आपकी तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा नहीं है? ईरान द्वारा किए गए हमलों की आप निंदा क्यों नहीं करते?”

    भाजपा का क्या है रुख?

    इस मुद्दे पर भाजपा के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा या केंद्र सरकार ईरान के खिलाफ नहीं है।

    उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता और किसी भी विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने ही ईरानी जहाज को कोच्चि बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति दी थी।

    विजयन ने क्या कहा था?

    दरअसल, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की आलोचना की थी। उनका कहना था कि इन हमलों का कोई उचित कारण नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ शक्तिशाली देश मिलकर वैश्विक शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या को अमानवीय और क्रूर बताया और भारत सरकार से इस पर विरोध दर्ज कराने की मांग की थी।

    मुख्यमंत्री के इसी बयान को लेकर अब केरल में सियासी विवाद तेज हो गया है। 

  • राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद: ममता बनर्जी का पलटवार, दिखाई पुरानी फोटो

    राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद: ममता बनर्जी का पलटवार, दिखाई पुरानी फोटो


    नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति के “अपमान” का आरोप लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरानी तस्वीर दिखाकर पलटवार किया।

    कोलकाता में धरना स्थल से ममता बनर्जी ने एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उसमें प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी बैठे हुए हैं, जबकि राष्ट्रपति उनके बगल में खड़ी दिखाई दे रही हैं।

    ‘राष्ट्रपति का अपमान हमारी संस्कृति नहीं’

    ममता बनर्जी ने उस तस्वीर को “सबूत” बताते हुए कहा,
    “इस तस्वीर में प्रधानमंत्री बैठे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हैं। हम ऐसा कभी नहीं करते। राष्ट्रपति का अपमान करने की संस्कृति भाजपा की है, हमारी नहीं।”

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति पद और भारत के संविधान का पूरा सम्मान करती है और इस मामले में राज्य सरकार को दोष नहीं दिया जाना चाहिए।

    राष्ट्रपति ने जताई थी नाराजगी

    दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंची थीं, जहां उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेना था। बताया गया कि वहां मुख्यमंत्री या किसी मंत्री के मौजूद न होने पर राष्ट्रपति ने नाराजगी जताई थी।

    उन्होंने सिलीगुड़ी के पास अपने कार्यक्रम स्थल में बदलाव को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया था।

    राज्य सरकार ने क्या कहा

    ममता बनर्जी ने सफाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी और निजी आयोजकों ने भी उनसे कोई समन्वय नहीं किया।

    उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम स्थल पर कथित अव्यवस्था—जैसे गंदगी और महिलाओं के लिए शौचालय की कमी—की जिम्मेदारी आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की है, क्योंकि कार्यक्रम उसी की जमीन पर आयोजित किया गया था।

    भाजपा का आरोप

    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि एक महिला आदिवासी नेता और देश की राष्ट्रपति का अपमान किया गया है।

    उन्होंने कहा कि राज्य की जागरूक जनता इस घटना को कभी माफ नहीं करेगी। प्रधानमंत्री ने यह बात दिल्ली में दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद कही।

    इस पूरे विवाद के बाद केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।