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  • रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला: केस दर्ज

    रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष ब्रह्मचारी पर जानलेवा हमला: केस दर्ज

    प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो मामला दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार तड़के ट्रेन में हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना रीवा एक्सप्रेस में उस समय हुई जब वह गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर सफर कर रहे थे।

    आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सुबह करीब 5 बजे सिराथू रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात हमलावर ने उनके चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर नाक काटने की कोशिश की। किसी तरह उन्होंने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर जान बचाई और जीआरपी कंट्रोल रूम को सूचना दी।

    प्रयागराज पहुंचते ही दर्ज हुआ मुकदमा

    ट्रेन के प्रयागराज जंक्शन पहुंचने के बाद ब्रह्मचारी ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और देर रात अज्ञात हमलावर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118-1 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

    हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में धारदार हथियार से गंभीर हमले की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार चोट खरोंच जैसी पाई गई और एक्स-रे व सीटी स्कैन में भी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले।

    CCTV में नहीं दिखा संदिग्ध

    जांच कर रही जीआरपी ने सिराथू से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध सामने नहीं आया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हमलावर को कैसे पता चला कि आशुतोष ब्रह्मचारी उसी ट्रेन से यात्रा कर रहे थे।

    ट्रेन स्टाफ से भी पूछताछ

    ट्रेन के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। ड्यूटी पर मौजूद सीआईटी मुस्ताक अहमद ने बताया कि सुबह करीब सवा पांच बजे अटेंडेंट ने उन्हें एसी कोच में एक यात्री पर हमले की सूचना दी थी।

    उन्होंने प्राथमिक उपचार की सलाह दी, लेकिन ब्रह्मचारी ने प्रयागराज पहुंचकर इलाज कराने की बात कही।

    ‘नाक काटने पर 21 लाख का इनाम’ का आरोप

    आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक मंच से उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी। उनके मुताबिक उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य लोगों के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जिसके कारण यह हमला कराया गया।

    उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने साजिश रचकर उन पर हमला करवाया, हालांकि इन आरोपों की पुलिस अभी जांच कर रही है।

    सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा

    इस बीच सोशल मीडिया पर स्वाति अघोरी नाम से बने एक अकाउंट द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक पोस्ट में लिखा गया कि हमला किया गया था, लेकिन आशुतोष ब्रह्मचारी बच गए।

    हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।

  • अस्पताल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे जूनियर NTR, झलक पाने के लिए बेकाबू हुए फैंस, जमकर तोड़फोड़

    अस्पताल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे जूनियर NTR, झलक पाने के लिए बेकाबू हुए फैंस, जमकर तोड़फोड़


    बेंगलुरु।
    साउथ के सुपरस्टार एक्टर जूनियर एनटीआर (South Superstar Actor Junior NTR) का एक अस्पताल का दौरा उस वक्त मुसीबत बन गया, जब उनके फैंस की भारी भीड़ ने वहां हंगामा खड़ा कर दिया। रविवार को एक्टर बेंगलुरु के निजी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (Super Specialty Hospital) के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। जूनियर एनटीआर की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में फैंस अस्पताल पहुंच गए, जिससे वहां भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए और बिल्डिंग के अंदर काफी तोड़फोड़ भी हुई। फैंस की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि एक वायरल वीडियो में भीड़ के धक्के से एक एस्केलेटर टूटता नजर आ रहा है। फैंस की इस दीवानगी और नए हॉस्पिटल में हुई तोड़फोड़ पर सोशल मीडिया यूजर्स का रिएक्शन भी देखने लायक है।


    बेकाबू भीड़ की वजह से हुई यह तोड़फोड़

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे फैंस की भारी भीड़ अस्पताल के अंदर घुस गई है। भीड़ का दबाव इतना ज्यादा था कि अस्पताल की एक एस्केलेटर पूरी तरह चकनाचूर हो गई। इस दौरान वहां मौजूद मरीजों और स्टाफ के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाकर्मी और बाउंसर्स भी भीड़ को रोकने में नाकाम साबित हुए और उन्हें रास्ता बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक बड़ी चुनौती सुपरस्टार की सेफ्टी इनश्योर करना भी था।


    पुलिस को करना पड़ा हल्का लाठी चार्ज

    जब हालात ऑर्गनाइजर्स और प्राइवेट सिक्योरिटी टीम के कंट्रोल से बाहर हो गई, तो पुलिस को दखल देना पड़ा। खबर है कि भीड़ को तितर-बितर करने और अस्पताल परिसर को खाली कराने के लिए पुलिस को हल्का लाठी चार्ज भी करना पड़ा। वीडियो क्लिप्स में एक फैन को एस्केलेटर टूटने के बाद उस पर गिरते देखा जा सकता है, जिसे पास खड़े शख्स ने किसी तरह उठाया। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की अराजकता देखकर हर कोई हैरान रह गया।


    सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

    इस घटना के वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों ने फैंस और मैनेजमेंट की जमकर क्लास लगाई। एक यूजर ने इसे ‘दुनिया का सबसे खराब फैंडम’ करार दिया, तो वहीं दूसरे ने सवाल उठाया कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने बिना सोचे-समझे इतने लोगों को अंदर आने ही क्यों दिया? कुछ लोगों ने जूनियर एनटीआर की भी आलोचना की और उनके फैंस से दूरी बनाए रखने के व्यवहार पर सवाल उठाए। वहीं, कई यूजर्स ने इस भीड़ को मेंटल बताते हुए कहा कि अस्पताल में ऐसा व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। वर्क फ्रंट की बात करें तो जूनियर एनटीआर को आखिरी बार फिल्म ‘वॉर 2’ में देखा गया था, जिससे उन्होंने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया।

  • लोकसभा अध्यक्ष बिरला के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में चर्चा…

    लोकसभा अध्यक्ष बिरला के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में चर्चा…


    नई दिल्ली।
    पूरे 39 वर्षों के बाद सोमवार को फिर संसद में लोकसभा अध्यक्ष (Lok Sabha Speaker) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। प्रस्ताव पर करीब दस घंटे तक चर्चा होने की उम्मीद है। बहस के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने पूरी तैयारी की है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने जहां सत्तापक्ष की तरफ से चर्चा में हिस्सा लेने वाली सदस्यों के साथ बैठक की, वहीं कांग्रेस (Congress) ने भी बैठक कर रणनीति पर चर्चा की है।

    संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होगी। लोकसभा में सबसे पहले शिलांग से सांसद डॉ. रिकी एजे सिंगकॉन को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन कुछ देर के लिए स्थगित हो सकता है। कार्यसूची में प्रस्ताव पर चर्चा को शामिल किया है, हालांकि सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं।

    सूत्रों का कहना है कि सत्तापक्ष पूरी मजबूती के साथ विपक्ष के आरोपों का खंडन करेगा। सरकार की ओर से भी उन घटनाओं का हवाला दिए जाने की संभावना है जिनमें विपक्षी नेताओं ने कथित तौर पर राष्ट्रपति, राज्यपालों, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक अधिकारियों के प्रति अनादर दिखाया है। वहीं, विपक्षी पार्टियां भी सरकार को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगी।


    TMC ने भी किया समर्थन

    संसदीय सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के 118 सांसदों ने प्रस्ताव के समर्थन में नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, पर नए घटनाक्रम में टीएमसी ने भी प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्णय लिया है। एनसीपी (शरद पवार) ने भी अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है, पर माना जा रहा है कि एनसीपी (एसपी) विपक्षी दलों के खिलाफ नहीं जाएगी।


    वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभावों को लेकर भी बढ़ सकता है गतिरोध

    लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभावों को लेकर भी गतिरोध बढ़ सकता है। कांग्रेस पहले ही विदेश नीति पर चर्चा की मांग कर चुकी है। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिका के रूस से तेल खरीदनों को लेकर बयानों पर भी विपक्ष सरकार को घेर सकता है।


    अब तक तीन बार आए प्रस्ताव

    लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तक तीन औपचारिक प्रस्ताव पेश किए गए हैं, पर कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। सबसे पहले 1954 में तत्कालीन अध्यक्ष जीवी मावलंकर के खिलाफ समाजवादी नेता विग्नेश्वर मिश्रा ने पेश किया, पर इस पर सदन में पर्याप्त समर्थन नहीं मिला और प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया है। इसके बाद 1966 में सरदार हुकुम सिंह के खिलाफ समाजवादी नेता मधु लिमये ने पेश किया। इस पर चर्चा हुई और प्रस्ताव गिर गया।

    तीसरी बार 1987 में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ के खिलाफ वामपंथी नेता सोमनाथ चटर्जी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इसको भी जरूरी बहुमत नहीं मिला और यह भी पारित नहीं हो सका। इसके बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने की बात हुई थी, पर बाद में विपक्ष ने नोटिस देने का फैसला छोड़ दिया था।


    बिरला नहीं रहेंगे सदन में मौजूद

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि जब तक उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता तब तक वे सदन में मौजूद नहीं रहेंगे।

  • एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी

    एयर इंडिया 10 मार्च से नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट के बीच टाटा की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया 10 से 18 मार्च तक नौ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। एयरलाइन का यह कदम मुश्किल हालात में कनेक्टिविटी बनाए रखने में सहायक होगा।

    एयर इंडिया ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयरलाइन 10 से 18 मार्च के बीच 9 रूट्स पर 78 एक्स्ट्रा फ्लाइट्स चलाएगी।

    कंपनी ने आगे लिखा, हम न्यूयॉर्क के जेएफके, लंदन के हीथ्रो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले के लिए एक्स्ट्रा कैपेसिटी लगा रहे हैं। एयर इंडिया इन मार्गो को जोड़ने वाले नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानों को संचालित करेगी। इससे यूरोप, अमेरिका, मालदीव और श्रीलंका के लिए 17,660 सीटें बढ़ेंगी, यात्रियों को विश्वसनीय विकल्प मिलेंगे।

    एयर इंडिया के मुताबिक पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात में कई रूट्स पर उड़ानों की उपलब्धता कम हो गई है। ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों के जरिए यात्रियों को ज्यादा विकल्प और सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत भरा होगा जो अमेरिका और यूरोप की यात्रा करना चाहते हैं।

  • रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा, महिला दिवस पर लॉन्च हुआ 'SHINE' फीचर, यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी

    रेलवे में महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा, महिला दिवस पर लॉन्च हुआ 'SHINE' फीचर, यौन उत्पीड़न की शिकायत अब सीधे ऑनलाइन दर्ज होगी



    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे ने अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब रेलवे में कार्यरत महिलाएं कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) की शिकायत सीधे HRMS (Human Resource Management System) एप्लिकेशन के माध्यम से दर्ज कर सकेंगी। इस नई पहल का नाम SHINE (Sexual Harassment Incident Notification for Empowerment) रखा गया है।

    रेल मंत्रालय ने इस पहल के जरिए शिकायत प्रक्रिया को अधिक गोपनीय (Confidential) और त्वरित बनाने का उद्देश्य रखा है। अब महिला कर्मचारी बिना किसी मध्यस्थ के सीधे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकती हैं, जो संबंधित नॉमिनेटेड कमेटी तक पहुंचेगी। यह सुविधा सिर्फ नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, स्टूडेंट्स और बाहरी विजिटर्स भी इसे इस्तेमाल कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जोनों में इंटरनल कंप्लेंट (IC) कमिटी और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नॉमिनेट करें, ताकि शिकायतों का समाधान समय पर हो। कर्मचारी इस मॉड्यूल तक Employee Self Service (ESS) के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।

    रेल मंत्रालय ने बताया कि SHINE मॉड्यूल की सबसे बड़ी खासियत इसकी केंद्रीकृत निगरानी और त्वरित एक्सेस है। इससे न केवल शिकायत दर्ज करने वाली महिला कर्मचारी की गोपनीयता सुनिश्चित होगी, बल्कि निवारण प्रक्रिया में तेजी भी आएगी।

    इस पहल के माध्यम से रेलवे महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित कार्यस्थल और डिजिटल शिकायत समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि SHINE मॉड्यूल आने वाले समय में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बनेगा।

    रेलवे में यह पहल ऐसे समय में आई है जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। महिला कर्मचारियों ने भी इस कदम को सराहा है और इसे कार्यस्थल को सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण बनाने वाला कदम बताया है।

  • पंजाब सरकार ने पेश किया 2.60 करोड़ का बजट, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये

    पंजाब सरकार ने पेश किया 2.60 करोड़ का बजट, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2,36,080 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है और इसे महिलाओं की शक्ति, उपलब्धियों और आकांक्षाओं को समर्पित दिन पर प्रस्तुत किया गया है। बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    पंजाब की अर्थव्यवस्था और जीएसडीपी का अनुमान

    वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था ने पिछले वर्ष में लचीलापन और संरचनात्मक स्थिरता दिखाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 28,91,487 करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में यह 9,80,635 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसकी वृद्धि दर लगभग 10 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसे बेहतर कृषि उत्पादकता, सेवा क्षेत्र की बढ़ती गतिविधियों और मजबूत औद्योगिक गति से समर्थन प्राप्त है।

    12,60,437 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित

    वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 12,60,437 करोड़ रुपये के बजट व्यय का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया गया। अनुमानित प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 4.08 प्रतिशत है। यह अनुमान जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और निरंतर आर्थिक विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    शिक्षा सुधार और निवेश

    वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में शिक्षा सुधार में विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का उन्नयन, आधारभूत शिक्षा को मजबूत करना और उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर जोर शामिल है। वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। सरकार ने लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में बुनियादी और उन्नत मानक सुनिश्चित किए हैं। इनमें से 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी है और 10,095 नए शौचालय बनाए गए हैं। एक लाख से अधिक डेस्क खरीदे गए हैं ताकि कोई बच्चा फर्श पर न बैठे। 8,286 सफाई कर्मचारी रोजाना सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं, 3,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी स्कूल परिसरों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं और 1,798 कैंपस मैनेजर प्रशासन में मदद कर रहे हैं। 6,200 कक्षाओं का नवनिर्माण किया गया और 4,700 कक्षाओं का जीर्णोद्धार किया गया। इस वर्ष स्कूल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सौंदर्यीकरण के लिए 690 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता

    बजट में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक घोषणा की गई है। पंजाब की सभी महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

    नशा नियंत्रण और सुरक्षा

    सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है। सीमा क्षेत्रों में 5,000 होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे और सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से होने वाली तस्करी रोकने के लिए अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही “ड्रग सेंसस” कराने की भी घोषणा की गई है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    आपातकालीन सेवाओं का सुधार

    मोहाली में आधुनिक डायल-112 मुख्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। आपातकालीन सेवा ‘112’ को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 758 चार-पहिया और 916 दो-पहिया आपातकालीन वाहन खरीदे जाएंगे। आपातकालीन कॉल पर प्रतिक्रिया समय को 30 मिनट से घटाकर लगभग आठ मिनट करने का लक्ष्य है। इसके लिए 125 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    खेल और युवाओं के लिए पहल

    युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए “खेड्दा पंजाब, बदलदा पंजाब” पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत गांवों में खेल मैदान बनाए जाएंगे और लगभग 3,000 इंडोर जिम स्थापित किए जाएंगे। खेल विभाग के लिए 979 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण

    प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा, जिसके लिए 778 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के लिए कुल 5,598 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 2,873 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि शहरी बुनियादी सेवाओं के सुधार के लिए 225 करोड़ रुपये और 347 ई-बसें खरीदी जाएंगी। सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना जारी रखेगी, जिसके लिए 7,614 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी और इसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 14,524 करोड़ रुपये और सामाजिक न्याय एवं कल्याण योजनाओं के लिए 9,340 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

  • झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

    झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार


    पाकुड़ झारखंड । झारखंड के पाकुड़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर छह दरिंदों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के प्रकाश में आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को दबोच लिया है जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।

    दुकान से सामान लेने गई थी पीड़िता हाईवा में किया अगवा

    जानकारी के अनुसार यह खौफनाक वारदात 17 फरवरी को घटित हुई थी। पीड़िता अपने गांव की एक दुकान से सामान लेने निकली थी तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे छह युवकों ने उसे जबरन एक हाईवा ट्रक में खींच लिया। आरोपी उसे किसी सुनसान स्थान पर ले गए जहाँ उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दहशत के कारण पीड़िता काफी समय तक चुप रही लेकिन अंततः 6 मार्च को उसने साहस जुटाकर थाने में आवेदन दिया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन गिरफ्तार हाईवा जब्त

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों दशरथ किस्कू सकल टुडू दोनों मालपहाड़ी निवासी और प्रधान मरांडी महेशपुर निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हाईवा ट्रक को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    फरार आरोपियों की तलाश तेज

    एसपी निधि द्विवेदी ने आश्वस्त किया है कि घटना में शामिल शेष तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच करा ली गई है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।

  • JDU में शामिल हुए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, कहा पापा ने जो 20 साल में किया उसे

    JDU में शामिल हुए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, कहा पापा ने जो 20 साल में किया उसे


    नई दिल्‍ली । बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब दिल्ली की ओर चल पड़े हैं तो वहीं उनके बेटे निशांत कुमार आखिरकार सक्रिय राजनीति का हिस्सा हो गए हैं। परिवारवाद से दूर रहने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने रविवार को जनता दल यूनाइटेड जॉइन कर ली है। पार्टी में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार पिता नीतीश से मिलने पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया।

    इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा, बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी जैसे बड़े नेता उपस्थित रहे। सदस्यता ग्रहण के दौरान निशांत कुमार ने सबका आभार व्यक्त किया।

    निशांत कुमार ने कहा, यहां पर मौजूद आप सभी लोगों का अभिनंदन करता हूं। आभार व्यक्त करता हूं। मैं जेडीयू कार्यालय आया हूं। यहां जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करने आया हूं। मैं एक सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी का ख्याल रखने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है, ये उनका निजी फैसला है। मैं इसको स्वीकार करता हूं। आदर करता हूं।

    पापा ने जो 20 साल में किया उसे

    निशांत ने कहा पार्टी ने और जनता ने जो विश्वास मुझ पर किया है मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। पार्टी कार्यकर्ता के हिसाब से मैं पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश करूंगा। पापा ने जो 20 साल में किया उसे जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता जी ने जो 20 साल में किया वो सबको याद रहेगा। पिता ने जो 20 साल में किया है उससे पूरे देशवासियों को गर्व है।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे। नीतीश कुमार के कभी करीबी रहे आरसीपी सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है, प्रिय निशांत आपको सक्रिय राजनीति में आने के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद।

    इस सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को लेकर काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यकर्ता निशांत कुमार जिंदाबाद का नारा लगाते नजर आए। बता दें कि इससे पहले निशांत कुमार ने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष के घर पर बीते शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ बैठक की थी। बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और पार्टी को कैसे अच्छे से आगे बढ़ाया जाए, इस पर चर्चा हुई थी।

  • 8 मार्च की कहानी: कैसे बन गया International Women’s Day महिलाओं के अधिकारों का प्रतीक

    8 मार्च की कहानी: कैसे बन गया International Women’s Day महिलाओं के अधिकारों का प्रतीक


    नई दिल्ली: दुनिया में हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, जो महिलाओं की उपलब्धियों और उनके अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष का सम्मान करने का दिन है। यह दिन सिर्फ उत्सव नहीं बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके योगदान को पहचानने का अवसर भी है। साल 2026 के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम ‘Give To Gain’ रखी गई है। इसका संदेश यह है कि जब हम महिलाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण, मेंटरशिप, न्याय, सुरक्षा और बराबर अवसर देते हैं, तो उसका लाभ पूरे समाज को मिलता है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास 20वीं सदी की शुरुआत से जुड़ा हुआ है। 1908 में कामकाजी महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिए बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। उनका उद्देश्य महिलाओं के लिए बेहतर कामकाजी माहौल और समान अधिकार सुनिश्चित करना था। धीरे-धीरे यह दिन दुनिया भर में महिलाओं के अधिकार, मतदान के अधिकार और समानता का प्रतीक बन गया।

    1911 में जर्मनी, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में रैलियां निकाली। ऑस्ट्रेलिया में 25 मार्च 1928 को महिलाओं ने समान काम के लिए समान वेतन, आठ घंटे का कार्यदिवस और बेरोजगारों के लिए बुनियादी वेतन की मांग करते हुए बड़े मार्च किए।

    शुरुआत में महिला दिवस अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता था। 1922 में सोवियत संघ के नेता व्लादिमीर लेनिन ने 8 मार्च को आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया। इसके बाद धीरे-धीरे यह दिन दुनिया के कई देशों में मान्यता प्राप्त कर गया। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी और तभी से 8 मार्च पूरी दुनिया में महिलाओं के अधिकारों और समानता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया।

    इस दिन समाज में महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक योगदान को पहचानने के साथ-साथ लैंगिक भेदभाव, कार्यस्थल पर असमानता, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और शिक्षा और अवसरों की कमी जैसे मुद्दों की ओर भी ध्यान दिलाया जाता है। सरकारें, संस्थाएं और समाज के लोग कार्यक्रम आयोजित करके महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करते हैं और उन्हें बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए जागरूकता फैलाते हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं को समान अवसर देना सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के विकास के लिए जरूरी है। जब महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलता है, तो समाज अधिक मजबूत और विकसित बनता है। 2026 की थीम ‘Give To Gain’ इस बात पर जोर देती है कि महिलाओं को समर्थन और संसाधन देने से पूरे समाज को लाभ होता है और समानता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
  • दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी

    दिल्ली को आपदा सरकार से मिली मुक्ति, अब तेजी से आगे बढ़ रहा विकास : प्रधानमंत्री मोदी


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार के कारण दिल्ली का विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा लेकिन पिछले एक वर्ष में राजधानी में विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया है और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।

    रविवार को बुराड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 33,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले दिल्ली जिस आपदा से मुक्त हुई उसकी अहमियत अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय की सरकार बाधा न बनती तो मेट्रो का चौथा चरण काफी पहले ही पूरा हो सकता था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन लाखों लोग बसों से सफर करते हैं इसलिए उन्हें बेहतर और आरामदायक परिवहन सुविधा देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चार हजार से अधिक बसें राजधानी में सेवा दे रही हैं जिनमें इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दस वर्षों तक पूर्व सरकार के समय विकास कार्य ठप पड़े रहे लेकिन अब उन्हें तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की सफाई के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार को लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं था और गरीबों की अनदेखी की गई। वहीं रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब हालात को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। पिछले एक वर्ष में बड़ी संख्या में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अब विकास का नया मॉडल दिखाई दे रहा है जहां काम शुरू हो चुका है और बहानों की जगह परिणाम पर ध्यान दिया जा रहा है।