Category: National

  • तकनीकी खराबी के कारण ईरानी युद्धपोत ‘आईआरआईएस लावान’ को कोच्चि में दी गई डॉकिंग की अनुमति

    तकनीकी खराबी के कारण ईरानी युद्धपोत ‘आईआरआईएस लावान’ को कोच्चि में दी गई डॉकिंग की अनुमति


    नई दिल्ली।
    भारत सरकार ने श्रीलंका के दक्षिण में हुए ‘आईआरआईएस डेना’ से जुड़े घटनाक्रम से कुछ दिन पहले ईरान ने अपने एक अन्य युद्धपोत आईआरआईएस लावान को भारत में शरण देने का अनुरोध किया था।

    भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, ईरान ने 28 फरवरी को भारत से संपर्क कर अपने नौसैनिक पोत आईआरआईएस लावान को कोच्चि बंदरगाह पर डॉकिंग की अनुमति देने का आग्रह किया था। उस समय यह पोत अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए क्षेत्र में मौजूद था, लेकिन इसमें तकनीकी खराबी आ जाने के कारण तत्काल डॉकिंग की आवश्यकता बताई गई थी। भारत सरकार ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति प्रदान कर दी। इसके बाद ईरानी युद्धपोत 4 मार्च को केरल के कोच्चि स्थित बंदरगाह पर पहुंचकर सुरक्षित रूप से डॉक हो गया।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जहाज के तकनीकी मुद्दों के समाधान तक उसके चालक दल के 183 सदस्यों को कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है। वहां उन्हें आवश्यक सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सूत्रों ने कहा कि यह कदम मानवीय आधार और समुद्री परंपराओं के अनुरूप उठाया गया है, जिसके तहत किसी भी जहाज को तकनीकी समस्या या आपात स्थिति में सुरक्षित बंदरगाह उपलब्ध कराना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग का हिस्सा माना जाता है।

    गौरतलब है कि यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में ईरानी नौसैनिक जहाज आईआरआईएस डेना से जुड़ी घटना को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि कोच्चि में आईआरआईएस लावान की डॉकिंग केवल तकनीकी समस्या के कारण की गई है और यह नियमित समुद्री सहायता की प्रक्रिया के तहत हुई है।

    सूत्रों ने यह भी बताया कि जहाज की मरम्मत और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद उसके आगे के कार्यक्रम के बारे में निर्णय लिया जाएगा।सूत्रों ने बताया कि ईरान ने 28 फरवरी 2026 को भारत से संपर्क कर अपने नौसैनिक पोत आईआरआईएस लावान को कोच्चि बंदरगाह पर डॉकिंग की अनुमति देने का आग्रह किया था। उस समय यह पोत अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए क्षेत्र में मौजूद था, लेकिन इसमें तकनीकी खराबी आ जाने के कारण तत्काल डॉकिंग की आवश्यकता बताई गई थी।

    भारत सरकार ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति प्रदान कर दी। इसके बाद ईरानी युद्धपोत 4 मार्च को केरल के कोच्चि स्थित बंदरगाह पर पहुंचकर सुरक्षित रूप से डॉक हो गया।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जहाज के तकनीकी मुद्दों के समाधान तक उसके चालक दल के 183 सदस्यों को कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है। वहां उन्हें आवश्यक सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सूत्रों ने कहा कि यह कदम मानवीय आधार और समुद्री परंपराओं के अनुरूप उठाया गया है, जिसके तहत किसी भी जहाज को तकनीकी समस्या या आपात स्थिति में सुरक्षित बंदरगाह उपलब्ध कराना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग का हिस्सा माना जाता है।

    गौरतलब है कि यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में ईरानी नौसैनिक जहाज आईआरआईएस डेना से जुड़ी घटना को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि कोच्चि में आईआरआईएस लावान की डॉकिंग केवल तकनीकी समस्या के कारण की गई है और यह नियमित समुद्री सहायता की प्रक्रिया के तहत हुई है। सूत्रों ने यह भी बताया कि जहाज की मरम्मत और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद उसके आगे के कार्यक्रम के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

  • भागलपुर में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 8,040 कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ अपराधी गिरफ्तार

    भागलपुर में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 8,040 कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ अपराधी गिरफ्तार


    नई दिल्ली । बिहार के भागलपुर जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इशाकचक थाना क्षेत्र में की गई, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर 8 हजार 40 पीस प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किए।

    इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक Shailendra Kumar Singh ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि इशाकचक थाना क्षेत्र के इस्लामनगर इलाके में एक व्यक्ति द्वारा बड़ी मात्रा में कोडिन युक्त कफ सिरप का अवैध रूप से संग्रह कर उसकी खरीद बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।

    उन्होंने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक नगर वन और डीआईयू डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट की संयुक्त टीम ने इस्लामनगर स्थित एक घर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान वहां से भारी मात्रा में कोडिन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया। मौके से एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद कफ सिरप का उपयोग नशे के रूप में किया जाता है और इसकी अवैध बिक्री लंबे समय से चल रही थी। पुलिस को संदेह है कि आरोपी इस सिरप की सप्लाई आसपास के क्षेत्रों में भी करता था।

    पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन कौन लोग शामिल हैं तथा यह नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप कहां से लाया गया था और इसे किन किन जगहों पर सप्लाई किया जाना था।

    पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि युवाओं को नशे से बचाने और अवैध दवा तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। पुलिस ने बरामद कफ सिरप को जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • क्या है छत्तीसगढ़ का ‘आवा पानी झोकी’ आंदोलन, किसानों की पहल से जल संरक्षण की नई मिसाल

    क्या है छत्तीसगढ़ का ‘आवा पानी झोकी’ आंदोलन, किसानों की पहल से जल संरक्षण की नई मिसाल

    रायपुर। छत्‍तीसगढ़ (Chhattisgarh) में जल संरक्षण को लेकर किसानों ने एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसे ‘आवा पानी झोकी’ नाम दिया गया है। इस आंदोलन के तहत किसान अपनी खेती की जमीन का करीब 5 प्रतिशत हिस्सा वर्षा जल संग्रह के लिए अलग रख रहे हैं, ताकि बारिश का पानी खेतों में ही संरक्षित किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और लंबे समय में जल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाना है।
    खेतों में बन रहे छोटे तालाब और गड्ढे
    Ministry of Jal Shakti के मुताबिक, इस अभियान में किसान स्वेच्छा से अपनी कृषि भूमि के एक हिस्से में छोटे रिचार्ज तालाब और सीढ़ीनुमा गड्ढे बनवा रहे हैं। इन संरचनाओं में बारिश का पानी जमा होता है और धीरे-धीरे जमीन में समाकर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।

    इस व्यवस्था से मानसून के दौरान गिरने वाली पानी की हर बूंद को खेतों में ही रोका और पुनः उपयोग किया जा रहा है।

    इलाके में दिखने लगे सकारात्मक परिणाम

    मंत्रालय ने इस प्रयोग को उल्लेखनीय बताया है। पहले जो बारिश का पानी बहकर निकल जाता था, अब वह मिट्टी और भूजल स्रोतों का पुनर्भरण कर रहा है। इससे मिट्टी के कटाव में कमी आई है और सूखे के समय फसलों में नमी भी बनी रहती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल साबित करता है कि सतत जल प्रबंधन के लिए भारी निवेश से ज्यादा सामूहिक भागीदारी जरूरी होती है।

    महिलाएं बनीं ‘नीर नायिका’, युवक ‘जल दूत’

    इस अभियान में ग्रामीण समुदाय की बड़ी भूमिका है। गांवों की महिलाएं ‘नीर नायिका’ बनकर घर-घर लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित कर रही हैं और पारंपरिक लोकगीतों के जरिए जागरूकता फैला रही हैं।

    वहीं युवाओं को ‘जल दूत’ कहा जा रहा है, जो नालियों का मानचित्रण करने, नहरों से गाद निकालने, नुक्कड़ नाटक और भित्ति चित्रों के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ने का काम कर रहे हैं।

    श्रमदान से तालाबों का पुनर्जीवन

    इस आंदोलन के दौरान सामूहिक श्रमदान से 440 से अधिक पारंपरिक तालाबों का पुनरुद्धार किया गया, जो अब प्राकृतिक जल पुनर्भरण के स्रोत बन गए हैं।

    इसके अलावा Pradhan Mantri Awas Yojana के 500 से ज्यादा लाभार्थियों ने भी अपने घरों के पास जल संरक्षण के गड्ढे बनवाए हैं।

    हजारों किसानों ने अपनाया 5% मॉडल

    जानकारी के अनुसार 1,260 से अधिक किसानों ने अपनी जमीन का 5 प्रतिशत हिस्सा जल पुनर्भरण के लिए अलग रखा है और पूरे Koriya District में 2,000 से ज्यादा सोख गड्ढे बनाए गए हैं।

    एक उदाहरण में ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से सिर्फ तीन घंटे में 660 सोख गड्ढे बना दिए, जो इस अभियान में लोगों की भागीदारी को दर्शाता है।

    भूजल स्तर में भी हुआ सुधार

    मंत्रालय के अनुसार इस पहल के परिणाम अब स्पष्ट दिखने लगे हैं। कई गांवों में भूजल स्तर 3 से 4 मीटर तक बढ़ गया है, जबकि 17 दूरस्थ जनजातीय बस्तियों में सूख चुके झरने फिर से बहने लगे हैं।

    मिट्टी में नमी बढ़ने से कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है और बेहतर आजीविका के कारण मौसमी पलायन में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई है।

  • शवयात्रा में मचा हड़कंप: मधुमक्खियों के हमले से भागे ग्रामीण, कई लोग घायल

    शवयात्रा में मचा हड़कंप: मधुमक्खियों के हमले से भागे ग्रामीण, कई लोग घायल


    उन्नाव। उत्‍तरप्रदेश के उन्‍नाव (Unnao) जिले में अंतिम संस्कार के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने शवयात्रा में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के डंक से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे और कुछ समय के लिए शव को वहीं छोड़ना पड़ा। इस घटना में करीब दो दर्जन ग्रामीण घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    घटना Ahimakheda village की है, जो Ajgain police station area के अंतर्गत आता है। यहां रहने वाले 65 वर्षीय सुंदर लाल का गुरुवार सुबह निधन हो गया था। परिजन और गांव के लोग उनका अंतिम संस्कार करने के लिए शव को गांव के बाहर स्थित खेत में ले गए थे।

    बताया गया कि खेत के पास एक बाग में पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता था। जैसे ही शवयात्रा वहां पहुंची, मधुमक्खियां अचानक भड़क गईं और लोगों पर हमला कर दिया। देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई। करीब 50-60 लोग शवयात्रा में शामिल थे, जो अपनी जान बचाने के लिए आसपास के सरसों और गेहूं के खेतों तथा झाड़ियों में छिप गए।

    मधुमक्खियों के हमले में लगभग दो दर्जन लोगों को डंक लग गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए Nawabganj Community Health Center ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इंजेक्शन और दवाइयां देकर उपचार किया।

    घटना में घायल ग्रामीणों ने बताया कि खेत के पास खिन्नी का एक पेड़ है, जिस पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था। जैसे ही लोग शव लेकर वहां पहुंचे, मधुमक्खियां अचानक झुंड बनाकर हमला करने लगीं।

    ग्रामीणों के अनुसार, सुंदर लाल करीब 15-20 दिन पहले रिश्तेदारी में गए थे, जहां गिरने से उनका पैर टूट गया था। इसके बाद से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई।

    मधुमक्खियों के शांत होने के बाद ग्रामीण दोबारा मौके पर पहुंचे और फिर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

  • पाकिस्तानी नागरिक सबा प्रकरण में नया मोड़: ‘नाजिया’ का वोटर कार्ड किसी और का

    पाकिस्तानी नागरिक सबा प्रकरण में नया मोड़: ‘नाजिया’ का वोटर कार्ड किसी और का


    मेरठ। उत्‍तरप्रदेश के मेरठ (Meerut) में कथित पाकिस्तानी नागरिक सबा की गिरफ्तारी और फर्जी दस्तावेजों के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। सबा के अधिवक्ता वीके शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि जिस वोटर कार्ड को आधार बनाकर सबा को जेल भेजा गया, वह असल में किसी दूसरी महिला का है और इस पूरे मामले में बड़ी गड़बड़ी हुई है।

    वोटर कार्ड को लेकर नया खुलासा
    अधिवक्ता वीके शर्मा ने मीडिया के सामने ‘नाजिया पत्नी फरहत’ नाम से जारी वोटर कार्ड पेश करते हुए बताया कि उस पर दर्ज ईपीआईसी (EPIC) नंबर TXL0674044 वही है, जिसे शिकायत में मुख्य आधार बनाया गया था।

    उनका कहना है कि यह वोटर कार्ड मेरठ के Sathla village की रहने वाली एक महिला का है, जिसका सबा से कोई संबंध नहीं है। जानकारी के मुताबिक वह महिला अपने परिवार और प्रोफेसर पति के साथ वहीं रह रही है।

    पुलिस पर बिना जांच गिरफ्तारी का आरोप

    वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना ठोस जांच और भौतिक सत्यापन के केवल एक शिकायत के आधार पर सबा को गिरफ्तार कर लिया। उनका कहना है कि अगर सही तरीके से जांच होती, तो यह साफ हो जाता कि जिस वोटर कार्ड का हवाला दिया जा रहा है, वह किसी अन्य महिला का है।

    33 साल से भारत में रहने का आरोप

    दरअसल यह मामला तब सामने आया जब रुकसाना खान पत्नी अयाज खान ने जिला प्रशासन और एसएसपी से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जली कोठी क्षेत्र में रहने वाली सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया पाकिस्तान की नागरिक है और वह पिछले करीब 33 वर्षों से बिना वैध नागरिकता के भारत में रह रही है।

    शिकायत में यह भी कहा गया था कि सबा का निकाह मेरठ के फरहत मसूद से हुआ था और वर्ष 1993 में उसने पाकिस्तान में बेटी को जन्म दिया था। बाद में वह पाकिस्तानी पासपोर्ट के जरिए भारत आई और यहीं बस गई। आरोप यह भी लगाया गया कि उसने फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर भारतीय दस्तावेज तैयार कराए।

    कोर्ट में होगी कानूनी लड़ाई

    इसी शिकायत के आधार पर 16 फरवरी को Delhi Gate Police Station Meerut में मामला दर्ज किया गया था और 17 फरवरी को सबा को जेल भेज दिया गया। अब बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि वे अदालत में इस मामले को मजबूती से उठाएंगे।

    उनका दावा है कि जिस वोटर कार्ड को सबा से जोड़ा जा रहा है, उसमें सठला गांव की महिला की फोटो है और कहीं भी सबा का उल्लेख नहीं है। ऐसे में वे गलत गिरफ्तारी और मानसिक उत्पीड़न के आरोप में पुलिस के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।

    इस नए खुलासे के बाद पूरे मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच राहत: भारत में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल डीजल के दाम, कनाडा-ऑस्ट्रेलिया से LPG आयात की तैयारी

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच राहत: भारत में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल डीजल के दाम, कनाडा-ऑस्ट्रेलिया से LPG आयात की तैयारी

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है लेकिन भारत सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे। छह दिन से जारी युद्ध के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 16 प्रतिशत बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है और ब्रेंट क्रूड लगभग 85.41 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है और घरेलू बाजार पर इसका तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।

    पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों पर तेजी से काम किया है। एलपीजी के मामले में भारत केवल कतर पर निर्भर नहीं है बल्कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों ने भी गैस की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है। सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर इन देशों से आयात बढ़ाकर किसी भी संभावित कमी को पूरा किया जा सकता है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भारत लगातार विभिन्न ऊर्जा उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं के संपर्क में है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

    दरअसल पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच कतर ने अस्थायी रूप से अपना गैस उत्पादन रोक दिया है जिसका असर वैश्विक आपूर्ति पर पड़ सकता है। वर्तमान में भारत लगभग 195 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस का आयात करता है जिसमें करीब 60 एमएमएससीएम यानी लगभग 30 प्रतिशत गैस कतर से आती है। सरकार का कहना है कि इस कमी को पूरा करने के लिए अन्य देशों से गैस आयात बढ़ाने की योजना तैयार है। यदि जरूरत पड़ी तो गैस कंपनियां उद्योगों को गैस आपूर्ति की प्राथमिकताओं में बदलाव कर सकती हैं लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीएनजी और सीएनजी जैसे घरेलू उपयोग वाले गैस उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। उद्योगों के पास वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध होते हैं इसलिए गैस की संभावित कमी की स्थिति में आपूर्ति का संतुलन बनाया जा सकता है। फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है जिससे आम उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत पड़े।

    ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि देश में फिलहाल करीब 50 दिनों के लिए तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसमें 25 दिनों के लिए कच्चे तेल का स्टॉक और लगभग 25 दिनों की जरूरत के हिसाब से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके अलावा भारत लगातार दूसरे देशों से भी तेल आपूर्ति को लेकर बातचीत कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

    ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की दी जा रही धमकी को लेकर भी सरकार ने कहा है कि इसका भारत पर सीमित असर पड़ेगा। भारत के कुल तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ही इस मार्ग से गुजरता है जबकि बाकी 60 प्रतिशत अन्य रास्तों से आता है। सरकार ने सुरक्षित मार्गों से आयात बढ़ाने की रणनीति भी तैयार कर ली है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध कुछ समय और चलता है तो कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं लेकिन संघर्ष थमते ही कीमतों में गिरावट की संभावना है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर्याप्त है। इस बीच भारत अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और ओपेक जैसे संगठनों के साथ भी आपूर्ति को लेकर लगातार बातचीत कर रहा है। साथ ही समुद्री परिवहन को सुरक्षित और सस्ता बनाए रखने के लिए अमेरिका की वित्तीय संस्था डीएफसी के साथ जहाजों के बीमा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा जारी है।

  • Elections : 10 राज्यों से राज्यसभा की 37 रिक्त सीटों के लिए 39 उम्मीदवार मैदान में…

    Elections : 10 राज्यों से राज्यसभा की 37 रिक्त सीटों के लिए 39 उम्मीदवार मैदान में…


    नई दिल्ली।
    देश के 10 राज्यों (10 States) से राज्यसभा (Rajya Sabha) की रिक्त 37 सीटों (37 Vacant Seats ) के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के 37 उम्मीदवारों ने गुरुवार को नामांकन दाखिल किए वहीं दो निर्दलीय उम्मीदवार ने भी अपनी नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी पेश की है। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि सीटों की संख्या के अनुरूप उम्मीदवारों के नामाकंन दाखिल होने से उनके निर्विरोध निर्वाचन तय माने जा रहे हैं।


    महाराष्ट्र

    महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं। भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने चार उम्मीदवारों रामदास अठावले, विनोद तावड़े, माया वाघमारे और रामराव वडकुटे को मैदान में उतारा तो वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की ओर से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और दिवंगत नेता अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने पार्टी प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को अपना एकमात्र उम्मीदवार घोषित किया है। दूसरी ओर विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन ने दिग्गज नेता शरद पवार को अपना उम्मीदवार बनाया है। स्वास्थ्य कारणों से पवार विधानसभा नहीं पहुंच सके, लेकिन अधिकारियों ने उनके आवास पर जाकर नामांकन की औपचारिकताएं पूरी कीं। चूंकि राज्य में उपलब्ध सीटों और उम्मीदवारों की कुल संख्या अब बराबर है, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और यह पूरी प्रक्रिया निर्विरोध संपन्न होगी।


    हरियाणा

    हरियाणा से दो सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। कांग्रेस ने इस चुनाव के लिए कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना प्रत्याशी बनाया है और यह उनका पहला चुनाव होगा। इस बीच निर्दलीय उम्मीदवार रोहतक के बोहर गांव निवासी सतीश नांदल ने भी तीसरे उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है।


    हिमाचल प्रदेश

    हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार अनुराग शर्मा ने नामांकन दाखिल किया है। 68 सदस्यीय हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के पास आरामदायक बहुमत होने के कारण राज्यसभा के लिए शर्मा का निर्वाचन औपचारिकता मात्र होने की उम्मीद है, जब तक कि कोई अप्रत्याशित मुकाबला सामने न आये।


    तमिलनाडु

    तमिलनाडु से राज्यसभा की छह सीटों के लिये नामांकन के अंतिम दिन सभी छह उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल कर दिए। इनमें सत्तारूढ़ दल के चार और विपक्ष के दो उम्मीदवार शामिल हैं। सत्तारूढ़ मोर्चे की ओर से एन. शिवा, प्रो. जे. कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन, क्रिस्टोफर तिलक और एल.के. सुदीश ने नामांकन दाखिल किया। वहीं विपक्षी गठबंधन की ओर से वर्तमान सांसद एम. थंबीदुरई और पीएमके नेता अम्बुमणि रामदास ने नामांकन दाखिल किया। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में संख्या बल के आधार पर द्रमुक चार और अन्नाद्रमुक दो सीटें आसानी से जीत सकती है, जिसके कारण सभी छह उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना है।


    पश्चिम बंगाल

    पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अभिनेता से नेता बने पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, अभिनेत्री कोयल मल्लिक, पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने अपने नामांकन दखिल किए है। भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया है।


    ओडिशा

    ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटों के लिए सत्तारूढ़ भाजपा ने मनमोहन सामल और वर्तमान राज्यसभा सदस्य सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि बीजू जनता दल (बीजद) ने संत्रुप्ता मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा दिलीप रे भाजपा के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। इन सभी उम्मीदवारों ने आज नामाकंन के अंतिम दिन अपने नामांकनपत्र दाखिल किए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार असली मुकाबला डॉ दत्तेश्वर होता और दिलीप रे के बीच माना जा रहा है। रे ने नामांकन दाखिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया तथा राज्यसभा चुनाव में जीत का विश्वास जताया


    असम

    असम में तीन राज्यसभा सीटों के लिए विपक्ष की ओर से सर्वसम्मति से उम्मीदवार खड़ा करने में विफल रहने के कारण आगामी चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से तीनों नामांकित उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। कैबिनेट मंत्री जोगेन महान, भाजपा के पूर्व विधायक तेराश गोवाला और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के प्रमुख प्रमोद बोरो ने उच्च सदन के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। विपक्ष के किसी भी उम्मीदवार के मैदान में नहीं उतरने के कारण राजग के उम्मीदवारों के लिए चुनाव अब महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है। उनकी निर्विरोध जीत से असम से राज्यसभा में राजग की मजबूत उपस्थिति एक बार फिर सुनिश्चित हो जाएगी।


    बिहार

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से पांच उम्मीदवारों ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिये नामांकन पत्र दाखिल किया। एनडीए की ओर से जनता दल यूनाईटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मौजूदा राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने नामांकन पत्र दाखिल किया।


    छत्तीसगढ़

    वहीं, छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की मौजूदा राज्यसभा सदस्य फूलो देवी नेताम ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं।

  • दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत नौ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल-उपराज्यपालों का बड़ा फेरबदल

    दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत नौ राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल-उपराज्यपालों का बड़ा फेरबदल

    नई दिल्ली)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, बिहार, नगालैंड, महाराष्ट्र और तेलंगाना में राज्यपालों एवं उपराज्यपालों के पदों पर व्यापक फेरबदल को मंजूरी दी है। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये सभी नियुक्तियां संबंधित पदों का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी।

    राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। इसके बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

    तमिलनाडु में राज्यपाल पद की जिम्मेदारी केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ तमिलनाडु के राज्यपाल के कार्यों का निर्वहन करेंगे।

    हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है। नागालैंड में नंदकिशोर यादव को राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है।

    हिमाचल प्रदेश में रिक्त हुए पद पर लद्दाख के उपराज्यपाल कविन्द्र गुप्ता को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। लद्दाख के नए उपराज्यपाल के रूप में दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की नियुक्ति की गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल पद पर वरिष्ठ राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को नियुक्त किया गया है।

  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेलगावी में श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर के राजगोपुरम और महाकुंभाभिषेकम समारोह का उद्घाटन किया

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेलगावी में श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर के राजगोपुरम और महाकुंभाभिषेकम समारोह का उद्घाटन किया

    नई दिल्ली :कर्नाटक के बेलगावी जिले के यदुर स्थित श्री वीरभद्रेश्वर मंदिर में राजगोपुरम, कलशारोहण और महाकुंभाभिषेकम समारोह का उद्घाटन उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में एकत्रित श्रद्धालुओं और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए हिंदू चेतना, भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार साझा किए।

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि हिंदू चेतना केवल रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की एक पद्धति है। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन और भारत की उस आध्यात्मिक दृष्टि पर बल दिया जो प्रकृति और प्रत्येक मनुष्य में दिव्यता के दर्शन करती है। उन्होंने वीर-शैव लिंगायत परंपरा के आध्यात्मिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित किया और बताया कि मठों और मंदिरों ने सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता के मूल्यों को पोषित करने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।

    उपराष्ट्रपति ने शिव योगी श्री कदासिद्धेश्वर स्वामीजी की प्रेरणा और आध्यात्मिक दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समय के साथ ओझल हो चुके इस पवित्र स्थल का पुनरुद्धार किया। उन्होंने अटूट विश्वास के साथ कहा कि सनातन धर्म समय द्वारा परीक्षा ली जा सकती है, लेकिन इसे कभी मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने श्री कदासिद्धेश्वर मठ के उत्तराधिकारियों के अथक प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने दैनिक पूजा-अर्चना, अनुष्ठान और जीर्णोद्धार कार्यों को लगातार बनाए रखा।

    उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रतिपादित “विकास भी, विरासत भी” के विजन को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत का विकास और उसकी विरासत साथ-साथ चलने चाहिए। उन्होंने बताया कि आज का भारत तकनीकी रूप से उन्नत, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है, जबकि अपनी सभ्यतागत मूल्यों और लोकाचार में उसकी जड़ें उतनी ही गहरी हैं।

    राजगोपुरम के उद्घाटन को उपराष्ट्रपति ने आस्था के पुनर्मूल्यांकन और परंपरा की निरंतरता के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों का पुनरुद्धार केवल वास्तुकला का विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता को पुनर्स्थापित करने का माध्यम है।

    इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, कर्नाटक सरकार के भारी एवं मध्यम उद्योग और अवसंरचना मंत्री श्री एम. बी. पाटिल, श्री श्रीशैल जगद्गुरु डॉ. चन्ना सिद्धराम पंडिताराध्य शिवाचार्य स्वामीजी, राज्यसभा सांसद श्री ईरन्ना कडाडी, धर्मगुरु और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी समारोह में शामिल हुए, जिन्होंने उद्घाटन और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पवित्र स्थल के महत्व को महसूस किया।

    उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में भारत की सनातन परंपरा, आध्यात्मिक दृष्टि और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पवित्र स्थलों और धार्मिक संस्थाओं का पुनरुद्धार समाज में आत्मविश्वास और चेतना को मजबूत करता है। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं और पीठाधीश्वरों को अपने अनुभव और मार्गदर्शन साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण में डूब गया, जिसमें राजगोपुरम का उद्घाटन और महाकुंभाभिषेकम विशेष आकर्षण रहे।

  • जूट बैग, सिलाई और हस्तशिल्प से महिलाओं का आत्मनिर्भर सफर, प्रधानमंत्री योजना कारगर

    जूट बैग, सिलाई और हस्तशिल्प से महिलाओं का आत्मनिर्भर सफर, प्रधानमंत्री योजना कारगर

    उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद चमोली में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिल रही है। भारत सरकार की ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ के तहत महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपना व्यवसाय चला रही हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाना है।

    चमोली में इस योजना के माध्यम से अब तक 200 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को जूट बैग निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने की विधिवत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से या व्यक्तिगत स्तर पर अपने व्यवसाय शुरू कर रही हैं। इससे न सिर्फ उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी इजाफा हुआ है।

    महिलाओं का कहना है कि इस योजना ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। अब वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में सक्रिय योगदान दे रही हैं। प्रशिक्षण से महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और नियमित आमदनी प्राप्त कर रही हैं। इसके साथ ही उन्हें उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है, ताकि उनका उत्पाद व्यापक बाजार में पहुंच सके।

    लाभार्थी सीमा नेगी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मुफ्त सिलाई सीखी और अब सिलाई मशीन से जूट बैग बना रही हैं। इसके अलावा वे महिलाओं के सूट और ब्लाउज सिलने का काम भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सरकार की यह पहल बहुत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं और किसी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।

    चमोली में इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से छोटे व्यवसाय स्थापित कर लिए हैं। जूट बैग और हस्तशिल्प उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे उन्हें नियमित आय मिल रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं अब अपने व्यवसाय को विकसित कर रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

    प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का यह कदम महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और उत्साह लेकर आया है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि समाज में उनके स्थान और सम्मान में भी वृद्धि हुई है। प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया है और उन्होंने इसे पूरी लगन से अपनाया है।

    चमोली में महिलाओं की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बन रही है। यह योजना न सिर्फ रोजगार सृजन कर रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में महिलाओं की भूमिका को मजबूत कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।